<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/water-tankers/tag-45208" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>water tankers - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/45208/rss</link>
                <description>water tankers RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>डिमांड से 9 करोड़ लीटर पानी ज्यादा, फिर भी कोटा रह रहा प्यासा</title>
                                    <description><![CDATA[41 करोड़ लीटर रोज सप्लाई के बावजूद टैंकरों पर निर्भर लोग,प्रति व्यक्ति आवश्यकता से अधिक पानी कर रहा खर्च।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/90-million-liters-of-surplus-water%E2%80%94yet-kota-remains-thirsty/article-151824"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(3).jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा शहर में पानी की कमी नहीं है लेकिन प्रबंधन की खामी व लोगों की गलत आदतें प्यास बढ़ा रही है। हालात ये हैं कि शहर को जरूरत से करीब 20% ज्यादा पानी मिल रहा है, इसके बावजूद टेल क्षेत्रों में लोग आज भी टैंकरों के भरोसे जी रहे हैं। करोड़ों लीटर पानी रोजाना सप्लाई होने के बावजूद नलों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा। पेश है नवज्योति की ग्राउंड रिपोर्ट।</p>
<p><strong>32 करोड़ डिमांड सप्लाई 41 करोड़ लीटर पानी</strong></p>
<p>जलदाय विभाग के अनुसार, कोटा शहर की कुल आबादी करीब 20 लाख है। इनमें 16.50 लाख स्थानीय निवासी हैं और 3 से 4 लाख फ्लोटिंग यानी बाहरी लोग शामिल हैं। ऐसे में प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी प्रतिदिन डिमांड के हिसाब से बीस लाख आबादी को रोजाना 32 करोड़ लीटर पानी की आवश्यकता रहती है। जबकि, जलदाय विभाग के तीनों जलशोधन केंद्र अकेलगढ़, सकतपुरा व श्रीनाथपुरम से प्रतिदिन 410 एमएलडी यानी 41 करोड़ लीटर पानी की सप्लाई की जा रही है। यानी, डिमांड से 9 करोड़ लीटर पानी ज्यादा दिया जा रहा है। इसके शहरवासियों को टैंकरों से प्यास बुझानी पड़ रही है।</p>
<p><strong>प्रति व्यक्ति 135 लीटर जरूरत, खर्च हो रहा 170 से ज्यादा</strong></p>
<p>सरकारी नियमों के अनुसार, प्रति व्यक्ति को प्रतिदिन 135 लीटर पानी की जरूरत मानी गई है, लेकिन शहरवासी170 से 200 लीटर पानी खर्च कर रहे हैं। जिससे जल वितरण व्यवस्था गड़बड़ा रही है। वहीं, कई जगह पाइप लाइनों के लीकेज के कारण भी पानी व्यर्थ बह जाता है। नतीजन, कुल आबादी को डिमांड से 20% ज्यादा पानी मिलने के बावजूद अंतिम छोर तक पानी पहुंच ही नहीं पा रहा।</p>
<p><strong>आखिर क्यों मच रही हाय-तौबा</strong></p>
<p><strong>-असंतुलित जल वितरण : </strong>शहर के हेड क्षेत्रों में पर्याप्त दबाव से पानी मिल रहा है, जिससे दोहन बढ़ रहा लेकिन विभाग द्वारा अंकुश नहीं लगाया जा रहा। नतीजन, टेल क्षेत्रों तक पानी पहुंचते-पहुंचते सप्लाई कमजोर हो जाती है।<br /><strong>- एक ही प्लांट पर ज्यादा निर्भरता : </strong>अकेलगढ़ प्लांट पर शहर का बड़ा हिस्सा निर्भर है, जिससे वितरण में असमानता बढ़ रही है। जिसकी वजह से टैंकर चलाने पड़ रहे हैं।<br /><strong>- पाइपलाइन और प्रेशर मैनेजमेंट की कमी : </strong>अंतिम छोर तक पर्याप्त प्रेशर से पानी पहुंचे, इसकी कोई व्यवस्था नहीं है। जिससे कई इलाकों में सप्लाई अधूरी रह जाती है।<br /><strong>- टेल एरिया की उपेक्षा : </strong>आंवली, रोजड़ी, नयागांव, दौलतगंज, रानपुर, जगपुरा, बंधा धर्मपुरा जैसे इलाकों में पाइप लाइनों को अकेलगढ़ प्लांट से नहीं जोड़ा गया। नतीजन, नियमित सप्लाई के बजाय टैंकरों से पानी देना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>क्षेत्रवाइज फिल्टर प्लांट बने तो हो समाधान</strong></p>
<p>क्षेत्रवार फिल्टर प्लांट की जरूरत : जलदाय विभाग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक हर क्षेत्र में अलग-अलग जल शोधन केंद्र यानी फिल्टर प्लांट नहीं बनेंगे, तब तक समस्या बनी रहेगी।<br />अमृत 2.0 योजना बनेगी गेमचेंजर : अमृत 2.0 योजना के तहत उद्योग नगर क्षेत्र में शिवाजी पार्क के पास 100 एमएलडी का नया फिल्टर प्लांट प्रस्तावित है। जिसके बनने के बाद से डीसीएम, प्रेम नगर, रायपुरा, कंसुआ, गोविंद नगर सहित अन्य इलाकों को सीधी सप्लाई मिलेगी और अकेलगढ़ पर दबाव खत्म होगा।</p>
<p>हेड-टेल गैप खत्म करना होगा : शिवाजी पार्क के अलावा रानपुर में भी अमृत 2.0 योजना के तहत नया प्लांट बनना है। यहां 40 एमएलडी क्षमता का फिल्टर प्लांट प्रस्तावित है। जिसके बनने के बाद लखावा, रानपुर, देवनारायण कॉलोनी जैसे दूरस्थ क्षेत्रों को राहत मिलेगी। साथ ही पानी का समान वितरण संभव होगा और अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना आसान हो जाएगा।</p>
<p>टैंकर होंगे बंद, घरों तक सीधे पहुंचेगा पानी : अमृत 2.0 योजना में दो जगहों पर नए फिल्टर प्लांट बनने से शहर की बड़ी आबादी में जल वितरण के दबाव से अकेलगढ़ से मुक्त होगा और इसका फायदा आंवली, रोजड़ी, नयागांव, दौलतगंज, बंधा धर्मपुरा हाड़ौती कॉलोनी सहित अन्य इलाकों के बाशिंदों को मिलेगा। यहां टैंकरों से सप्लाई बंद होगी और सीधे अकेलगढ़ से पाइप लाइन के जरिए पानी मिल सकेगा।</p>
<p>शहर को डिमांड से करीब 20 प्रतिशत ज्यादा पानी सप्लाई किया जा रहा है। गर्मी में पानी की डिमांड बढ़ जाती है। टैंकर अधिकतर ऐसे इलाकों में चल रहे हैं जहां हमारी पाइप लाइन नहीं है लेकिन केडीए द्वारा आधारभूत सुविधाएं विकसित कर दी गई है। वहीं, आंवली, रोजड़ी क्षेत्रों में पाइप लाइन डालने का कार्य चल रहा है। मई के आखिरी सप्ताह तक सप्लाई पाइप लाइन से करने की पूरी कोशिश की जा रही है।</p>
<p><strong>-    दीपक कुमार झा, एसई जलदाय विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/90-million-liters-of-surplus-water%E2%80%94yet-kota-remains-thirsty/article-151824</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/90-million-liters-of-surplus-water%E2%80%94yet-kota-remains-thirsty/article-151824</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 14:28:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/111200-x-600-px%29-%283%29.jpg"                         length="111596"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>21 टैंकरों से छह इलाकों में 5.55 लाख लीटर पानी प्रतिदिन सप्लाई, फिर भी डिमांड से कम </title>
                                    <description><![CDATA[पार्षद बोले-डिमांड के अनुरूप नहीं मिल रहा पानी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/5-55-lakh-liters-of-water-is-supplied-daily-in-six-areas-through-21-tankers--still-less-than-the-demand/article-110425"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/257rtrer50.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। गर्मी के तेवर तीखे होने के साथ ही चंबल किनारे बसे इलाकों मे पानी के टैंकर दौड़ने लगे हैं। जल संकट से जूझ रहे 6 इलाकों में जलदाय विभाग की ओर से प्रतिदिन 5 लाख लीटर से ज्यादा पानी टैंकरों से सप्लाई किया जा रहा है। लेकिन, क्षेत्र की आबादी के हिसाब से पानी पर्याप्त नहीं है। लोग दिनभर पानी के लिए तेज धूप में भटक रहे हैं। कहीं टैंकरों के पीछे दौड़ते तो कहीं दूर दराज से नलकूपों से पानी जुटाने की मशक्कत करते नजर आ रहे हैं।  हालांकि, जल अधिकारियों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी के टैंकर बढ़ाए जाएंगे। </p>
<p><strong>कहां कितने टैंकरों से हो रही सप्लाई</strong><br />जलदाय विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, टेल क्षेत्र बरड़ा व क्रेशर बस्ती और सुभाष नगर में कुल 5 टैंकरों से दिनभर में 28 बार पानी की सप्लाई की जा रही है। प्रत्येक टैंकर 5 हजार लीटर क्षमता का है। ऐसे में इन इलाकों में एक दिन में कुल 1 लाख 40 हजार लीटर टैंकरों के माध्यम से सप्लाई किया जा रहा है। इसी तरह नयागांव, आंवली रोजड़ी इलाके में 16 टैंकरों से 83 बार पानी पहुंचाया जा रहा है, यानी 4 लाख 15 हजार लीटर शुद्ध पानी प्रतिदिन लोगों को उपलब्ध करवाया जा रहा है। </p>
<p><strong>जल संकट से जूझ रहे यह इलाके</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के एक दर्जन से  अधिक इलाके हर साल जल संकट से जूझते हैं। जिसमें नयागांव, आवंली, रोजड़ी, दौलतगंज, सुभाष नगर, बरड़ा व क्रेशर बस्ती, जगपुरा, रानपुर, बंधा धर्मपुरा, हाड़ौती कॉलोनी, देवनारायण आवासीय योजना, सैनिक कॉलोनी सहित कई क्षेत्र शामिल हैं। हालात यह हैं, नगर नगर के अस्तित्व में आने के बाद से अब तक इन इलाकों में पाइप लाइन नहीं बिछी है। हर वर्ष यहां पानी के लिए मारामारी मचती है। गर्मियों में लोगों की दिनचर्या पानी का जुगाड़ करने में बदल जाती है। </p>
<p><strong>आंख खुलते ही पानी की तलाश, टैंकर आते ही दौड़भाग</strong><br />आंवली, रोजड़ी व दौलतगंज के बाशिंदों का कहना है कि बूंद-बूंद पानी के लिए चिलचिलाती धूप में दौड़-भाग करनी पड़ती है। सुबह ही खाली चरे, बाल्टियां लेकर पानी के जुगाड़ के लिए निकलना पड़ता है। हालात यह है कि सुबह आंख खुलने ही पानी का जुगाड़ करने की चिंता सताने लगती है। 42 डिग्री के तापमान में भी कोसों दूर नलकूपों से पानी लाना पड़ता है। जलदाय विभाग हर साल पाइप लाइन बिछाकर नलों में पानी आने की बात कहता है लेकिन पिछले 6 साल से अब तक नल तो छोड़ा पाइप लाइन तक नहीं बिछी। जबकि, यह इलाके नगर निगम में आते हैं। इसके बावजूद इन क्षेत्रों का विकास तक नहीं हो पाया। </p>
<p>हमारे इलाके में जलदाय विभाग के टैंकर आते हैं लेकिन पानी का वितरण सही नहीं होने से जरूरतमंदों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। एक बार टैंकर आने के बाद दो घंटे तक टैंकर नहीं आता। पानी के लिए दिनभर टैंकर का इंतजार करना पड़ता है। घर के जरूरत के कार्य भी पूरे नहीं हो पाते। इंसान ही नहीं पशुओं के लिए भी पानी जुटाना मुश्किल हो गया है। इलाके में पाइप लाइन बिछाएं ताकि हमें नलों से पानी मिल सके। <br /><strong>- कैलाश, नरोत्तम गुर्जर, यादराम गुर्जर, आवंली रोजड़ी </strong></p>
<p>पानी का जुगाड़ करने में कई घंटे तो कभी पूरा दिन ही बीत जाता है। टैंकर आते ही लोगों का हुजूम उमड़ पड़ता है। चंद मिनटों में ही पांच हजार लीटर क्षमता का टैंकर खाली हो जाता है। खाना बनाने व पीने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। पानी का जुगाड़ करने के चक्कर में कई लोगों की मजदूरी तक छूट जाती है।  <br /><strong>- सूर्या कुमार, अशोक नागर, पवन सौलंकी, सुभाष नगर </strong></p>
<p>टैंकर तो आ रहे हैं लेकिन पानी पर्याप्त नहीं मिल रहा। अभी तीन टैंकर 35 बार पानी लेकर आता है लेकिन इलाका इतना बड़ा है कि एक गली में ही एक टैंकर खत्म हो जाता है फिर भी गली के पूरे बाशिंदों को पानी नहीं मिल पाता। मजबूरन निजी नलकूपों से मोल पानी भरकर लाना पड़ता है। परिवार में 6 सदस्य हैं, 300 लीटर ही पानी मिल पाता है, जो जरूरत के हिसाब से कम हैं।  <br /><strong>- शंभु दयाल गुर्जर, सुरेंद्र भील, नयागांव</strong></p>
<p><strong>पार्षद का कहना है</strong><br />आवंली रोजड़ी, रतकांकरा, दौलतगंज, नयागांव वाला इलाके में करीब 60 से 70 हजार की आबादी है। यहां पानी के लिए हर रोज संघर्ष करना पड़ता है। इलाके में जो टैंकर आ रहे हैं वो पर्याप्त नहीं है। लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा। मजबूरन उन्हें मोल खरीदना पड़ता है। महिलाएं पानी के लिए परेशान हो रहीं हैं। यह समस्या टैंकरों से खत्म होने वाली नहीं है। आबादी के लिहाज से यहां पानी की टंकी का निर्माण करवाकर पाइप लाइन बिछानी चाहिए ताकि बाशिंदों को सुचारू रूप से पानी मिल सके।<br /><strong>- धनराज गुर्जर, पार्षद वार्ड-29</strong></p>
<p>गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी की डिमांड बढ़ती जा रही है। लेकिन जलदाय विभाग द्वारा टैंकरों की संख्या नहीं बढ़ाई गई। 60 हजार की आबादी वाले इलाके में 5 टैंकरों से 35 बार पानी की सप्लाई हो रही है, जो बिलकुल भी र्प्याप्त नहीं है। विभाग को टैंकरों व ट्रिप की संख्या में बढ़ोतरी करनी चाहिए। लोग पानी के लिए दिनभर परेशान हो रहे हैं। <br /><strong>- सोनू भील, पार्षद वार्ड-7</strong></p>
<p>प्रभावित इलाकों में वास्तविक डिमांड के अनुरूप टैंकरों से नियमित पानी की सप्लाई की जा रही है। गर्मी बढ़ने के साथ ही टैंकरों व ट्रिप की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। लोगों से अपील है कि पानी का महत्व समझे और सद्पुयोग करें। पानी व्यर्थ बहाने से बचाए ताकि जरूरतमंद लोगों के घरों में पानी पहुंचा सकें। जलदाय विभाग पूरी क्षमता के साथ जल संकट से प्रभावित इलाकों में पानी पहुंचा रहा है।<br /><strong>- प्रकाशवीर नथानी, एक्सईएन जलदाय विभाग </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/5-55-lakh-liters-of-water-is-supplied-daily-in-six-areas-through-21-tankers--still-less-than-the-demand/article-110425</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/5-55-lakh-liters-of-water-is-supplied-daily-in-six-areas-through-21-tankers--still-less-than-the-demand/article-110425</guid>
                <pubDate>Fri, 11 Apr 2025 16:29:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-04/257rtrer50.png"                         length="496908"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वीकृत होने के बाद भी पानी के टैंकर नहीं पहुंच रहे</title>
                                    <description><![CDATA[बस्ती में नहीं है कोई पानी की व्यवस्था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/water-tankers-are-not-arriving-even-after-approval/article-76968"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/swiktuyti.png" alt=""></a><br /><p>कस्बाथाना। कस्बाथाना क्षेत्र के संदोकड़ा ग्राम पंचायत में लगातार ग्राम पंचायत की लापरवाही सामने आ रही है। जलदाय विभाग ने क्षेत्र में जल समस्या के लिए टैंकरों की व्यवस्था की है, लेकिन काछियान बस्ती में 2 टैंकर 10 हजार लीटर पानी व्यवस्था के लिए स्वीकृत है। उसके बावजूद भी यंहा टैंकर संचालित नहीं किए जा रहे। शनिवार को रजजू, नारायण सिंह, रामस्वरूप, डब्लू, मोहन, शिवराम, दिलिप, संतोष, माठू, माना, सत्तू, अशोक, कल्याण सहित दर्जनों ग्रामीणों ने इस पर रोष जताया। </p>
<p><strong>जलदाय कुओं में टैंकर डालने की मांग</strong><br />ग्रामीण गोपाल ओझा, अंकुश गर्ग, विकास ओझा, अंकित शर्मा शशांक दुबे, मयंक दुबे, दुर्गाशंकर ओझा, मनोज ओझा, कुंजन सोनी, हर्षित ओझा,  राहुल शर्मा, मोहसिन अली, सूरज बाथम सहित सैंकड़ों ग्रामीणों ने कस्बाथाना में टैंकरों से पानी को जलदाय विभाग के कुओं में डालने की मांग की है। जिससे रोजाना जल सप्लाई हो।</p>
<p><strong>यहां इतने टैंकर और पानी की मात्रा</strong><br />आदेश के अनुसार कस्बाथाना में 10 टैंकर, टांडा अहिरान में 10 हजार लीटर 2 टैंकर, मझोला 10 हजार लीटर 2 टैंकर, महुआखेडी 5 हजार लीटर 1 टैंकर, संदोकडा गांव में 15 हजार लीटर टैंकर 3, टांडा काछियान 10 हजार लीटर टैंकर 2 टैंकर की डालने के निर्देश है।</p>
<p>बस्ती में कोई पानी की व्यवस्था नहीं है। दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। ऐसे में जलदाय विभाग जल्द से जल्द टैंकर की व्यवस्था करें।<br /><strong>- रामदयाल, निवासी, काछियान बस्ती। </strong></p>
<p>दूर-दराज से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जिससे कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। <br /><strong>- बारेलाल, निवासी, काछियान बस्ती। </strong></p>
<p>आदेश के अनुसार टांडा काछियान की काछियान बस्ती में 2 टैंकर स्वीकृत हुए थे, लेकिन ग्राम सरपंच सचिव ने यंहा संचालित नहीं किए गए हैं। मौके पर जाकर काछियान बस्ती में खराब हैंडपंप सही करा दिए जाएंगे। जिससे कोई परेशानी ग्रामीणों को नहीं होगी।<br /><strong>-  गोपाल मीणा,  जेईएन, जलदाय विभाग शाहाबाद </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/water-tankers-are-not-arriving-even-after-approval/article-76968</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/water-tankers-are-not-arriving-even-after-approval/article-76968</guid>
                <pubDate>Mon, 06 May 2024 17:35:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/swiktuyti.png"                         length="652579"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        