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                <title>Center of Excellence - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>उत्तर प्रदेश बना ‘मेट्रो प्रदेश’: लखनऊ-कानपुर-आगरा में तेज़ विकास, विश्वस्तरीय और हरित परिवहन की ओर बड़ा कदम</title>
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                        <![CDATA[उत्तर प्रदेश 'मेट्रो प्रदेश' बनकर उभर रहा है। UPMRC के नेतृत्व में लखनऊ, कानपुर और आगरा में रिकॉर्ड समय में मेट्रो सेवाएं संचालित हैं। यह परियोजना न केवल शून्य कार्बन उत्सर्जन और सौर ऊर्जा से पर्यावरण की रक्षा कर रही है, बल्कि आधुनिक स्टेशनों के साथ अब फिल्म शूटिंग का भी पसंदीदा डेस्टिनेशन बन गई है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/uttar-pradesh-becomes-metro-state-rapid-development-in-lucknow-kanpur-agra-a/article-147128"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/uttar-pradesh-metro.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक मेट्रो परियोजनाओं वाले राज्य के रूप में तेजी से उभर रहा है और अब ‘मेट्रो प्रदेश’ बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लि. भारत सरकार और राज्य सरकार की संयुक्त भागीदारी वाला उपक्रम है, जो लखनऊ, कानपुर और आगरा में मेट्रो परियोजनाओं का सफल संचालन और निर्माण कर रहा है।</p>
<p><strong>लखनऊ मेट्रो: रिकॉर्ड और विश्वसनीयता की मिसाल</strong></p>
<p>लखनऊ मेट्रो ने बेहद कम समय में अपनी पहचान बनाई। 5 सितंबर 2017 को शुरू हुई सेवाएं आज 14.5 करोड़ से अधिक यात्रियों को सुविधा दे चुकी हैं। 23 किमी लंबे कॉरिडोर में एलिवेटेड और अंडरग्राउंड स्टेशन शामिल हैं। अब प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (चारबाग से वसंतकुंज) 11.165 किमी लंबा होगा, जिसमें 12 स्टेशन बनेंगे और यह पुराने शहर को बेहतर कनेक्टिविटी देगा।</p>
<p><strong>कानपुर मेट्रो: देश की सबसे तेज़ परियोजनाओं में शामिल</strong></p>
<p>कानपुर मेट्रो ने निर्माण की गति में नया रिकॉर्ड बनाया है। 30 मई 2025 को नरेंद्र मोदी द्वारा मोतीझील से कानपुर सेंट्रल तक विस्तार का उद्घाटन किया गया। अब IIT से कानपुर सेंट्रल तक 14 स्टेशन चालू हैं। कुल 32.4 किमी की परियोजना में दो कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें ‘मेक इन इंडिया’ के तहत ट्रेन निर्माण और IGBC प्लेटिनम ग्रीन रेटिंग जैसी उपलब्धियां शामिल हैं।</p>
<p><strong>आगरा मेट्रो: विरासत शहर में आधुनिक सफर</strong></p>
<p>आगरा मेट्रो ने भी रिकॉर्ड कायम किए हैं। 6 मार्च 2024 को ताज ईस्ट गेट से मनकामेश्वर तक सेवा शुरू हुई। मात्र 23 महीनों में अंडरग्राउंड सेक्शन तैयार करना बड़ी उपलब्धि है। 29.4 किमी लंबी इस परियोजना में दो कॉरिडोर शामिल हैं, जो शहर की कनेक्टिविटी को नया आयाम देंगे।</p>
<p><strong>तकनीक, प्रशिक्षण और उत्कृष्टता में आगे</strong></p>
<p>यूपीएमआरसी ने 2016 में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ट्रेनिंग’ की स्थापना की, जहां आधुनिक तकनीकों के साथ कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाता है। जर्मनी की डॉयचे बाहन जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को भी यहां प्रशिक्षण दिया गया है।</p>
<p><strong>पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी</strong></p>
<p>यूपी मेट्रो परियोजनाएं शून्य कार्बन उत्सर्जन, रीजेनरेटिव ब्रेकिंग और 100% एलईडी लाइटिंग जैसी तकनीकों से लैस हैं। लखनऊ में 3.3 मेगावाट सोलर प्लांट, कानपुर में 1 मेगावाट प्लांट और वर्षा जल संरक्षण जैसी पहलें इसे हरित परिवहन का उदाहरण बनाती हैं। पेड़ों के प्रत्यारोपण और हरित पट्टियों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।</p>
<p><strong>सुविधाएं और सामाजिक पहल भी खास</strong></p>
<p>मेट्रो स्टेशनों पर लॉकर, ईटिंग जोन, लाइब्रेरी, प्री-वेडिंग शूट, ‘सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स’ जैसी सुविधाएं यात्रियों को नया अनुभव दे रही हैं। साथ ही ‘शो योर टैलेंट’ और ‘ग्रो योर बिज़नेस’ जैसे कार्यक्रमों से कलाकारों और उद्यमियों को मंच मिल रहा है।</p>
<p><strong>फिल्म शूटिंग का नया डेस्टिनेशन</strong></p>
<p>अब यूपी मेट्रो केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि फिल्म और मनोरंजन जगत का भी पसंदीदा स्थान बनता जा रहा है। खासकर लखनऊ मेट्रो के आधुनिक स्टेशन, साफ-सुथरा वातावरण और आकर्षक इंटीरियर फिल्म निर्माताओं को खूब लुभा रहे हैं। यहां कई फिल्मों और प्रोजेक्ट्स की शूटिंग हो चुकी है, जिनमें “एक चतुर नार”, “पगलैट” और “निकम्मा” जैसी फिल्में शामिल हैं। कलाकार भी अपने प्रमोशन के लिए मेट्रो का उपयोग कर रहे हैं, जिससे यह स्थान ग्लैमर का नया केंद्र बन गया है।</p>
<p><strong>पुरस्कारों से मिली पहचान</strong></p>
<p>राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूपी मेट्रो को कई पुरस्कार मिल चुके हैं, जिनमें ऊर्जा संरक्षण, उत्कृष्ट सेवा और सुरक्षा के लिए सम्मान शामिल हैं।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 09:35:48 +0530</pubDate>
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                <title>प्रिंस लोटस वैली स्कूल बना सीकर का पहला केएएमपी- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस </title>
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                        <![CDATA[नॉलेज एंड अवेयनेस मैपिंग प्लेटफ़ॉर्म (केएएमपी), सीएसआईआर-एनआईएसीपीआर का उपक्रम है, जिसने एम/एस एनसीपीएल के साथ सेंटर ऑफ एजुकेशन के रूप में प्रिंस लोटस वैली स्कूल (पीएलवी), सीकर में विद्यार्थियों के लिए रोबोटिक्स और एआई लैब स्थापित किया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sikar/prince-lotus-valley-school-becomes-sikars-first-kamp-center-of/article-77010"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/prince.png" alt=""></a><br /><p>सीकर। सीकर में स्थित प्रिंस लोटस वैली स्कूल ने पहला केएएमपी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करके अपनी साख और बढ़ा ली है। नॉलेज एंड अवेयनेस मैपिंग प्लेटफ़ॉर्म (केएएमपी), सीएसआईआर-एनआईएसीपीआर का उपक्रम है, जिसने एम/एस एनसीपीएल के साथ सेंटर ऑफ एजुकेशन के रूप में प्रिंस लोटस वैली स्कूल (पीएलवी), सीकर में विद्यार्थियों के लिए रोबोटिक्स और एआई लैब स्थापित किया है।</p>
<p>कार्यक्रम का  आयोजन 6 मई को प्रिंस लोटस वैली स्कूल के प्रमुख प्रबंध निदेशक, राजेश ढिल्लों, प्रमुख प्रबंध निदेशक, रमाकांत स्वामी, प्रमुख, प्रिंस एनडीए अकादमी ब्रिगेडियर बी.बी.जानु (सेवानिवृत्त), प्राचार्य, पीएलवी, पूनम चथम, केएएमपी अधिकारी परियोजना निदेशक, आशीष कुमार मित्तल, अकादमिक और परिचालन निदेशक, अरिका माथुर, प्रमुख कैपेसिटी बिल्डिंग मोहित कुमार और स्टेट कॉर्डिनेटर, केएएमपी अनूप कुमार की मौजूदगी में हुआ।</p>
<p>इस अवसर पर आशीष कुमार मित्तल ने कहा कि यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) पर आधारित एक विशेष कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य "विकसित भारत" की अवधारणा को प्रोत्साहित करना है और विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा मानविकी जैसे क्षेत्रों में भारत को एक वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करना है।</p>
<p>केएएमपी- राष्ट्रीय वैज्ञानिक गुणता और योग्यता (एनएएसटीए) 2023 में 15 सौ से अधिक छात्रों ने भाग लिया। जो कि केएएमपी द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर का बड़ी प्रतियोगिता है। एनएएसटीए 2023 में कक्षा 5 से 12 तक के 7.5 लाख छात्रों ने भाग लिया। उनमें से निकिता को दसवीं कक्षा से राष्ट्रीय टॉपर खिताब दिया गया, जबकि वैष्णवी शर्मा को पांचवीं कक्षा और विवेक गुप्ता को दसवीं कक्षा से राज्य टॉपर का पुरस्कार दिया गया।</p>
<p><strong>केएएमपी के बारे में:</strong> सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विद्यार्थियों, शिक्षकों और देश भर में स्कूलों के बीच एक शिक्षा के नवीनतम और उन्नत तरीके विकसित करने के प्रति समर्पित है। इसलिए संस्थान द्वारा कोडिंग, एआई और रोबोटिक्स लैब, वैज्ञानिक भ्रमण, कार्यशालाएं, लाइव सेशन, ट्रेनिंग सत्र और प्रतियोगिताएं छात्रों के लिए आयोजित की जाती हैं। शिक्षकों के लिए भी विभिन्न पेशेवर (सीपीडी) कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसका उद्देश्य छात्रों के लिए ऐसा वातावरण बनाना है जहां उन्हें कुछ नया सीखने और शिक्षा में रुचि लेने के अवसर मिल सकें।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Mon, 06 May 2024 17:51:09 +0530</pubDate>
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