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                <title>cyber police station - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>cyber police station RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>आरपीएससी के पोर्टल में एआई से सेंधमारी, साइबर थाना पुलिस ने 7 दिन में दौसा से दबोचा शातिर इंजीनियर</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं को हाईटेक तरीके से दूषित करने वाले एक बेहद शातिर और पढ़े-लिखे अपराधी को अजमेर की साइबर थाना पुलिस ने महज 7 दिन के भीतर दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी ने किसी सामान्य फजीर्वाड़े से नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग के दम पर राजस्थान सरकार के रिक्रूटमेंट पोर्टल में अवैध रूप से सेंधमारी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/rpsc-portal-breached-by-ai-cyber-police-station-caught-vicious/article-157515"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/arrestedd.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं को हाईटेक तरीके से दूषित करने वाले एक बेहद शातिर और पढ़े-लिखे अपराधी को अजमेर की साइबर थाना पुलिस ने महज 7 दिन के भीतर दबोच लिया है। गिरफ्तार आरोपी ने किसी सामान्य फजीर्वाड़े से नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग के दम पर राजस्थान सरकार के रिक्रूटमेंट पोर्टल में अवैध रूप से सेंधमारी की थी। उसने फर्जी एसएसओ आईडी बनाकर सहायक खनिज अभियंता भर्ती परीक्षा-2024 की विचारित सूची में शामिल शीर्ष 3 अभ्यर्थियों के आवेदन को ही ऑनलाइन प्रत्याहरित (विथड्रॉ) यानी डिलीट कर दिया। ऐसा करने के पीछे उसका मकसद खुद का नाम मेरिट लिस्ट में ऊपर लाकर चयन सुनिश्चित करना था।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी गांगडया ढाणी, छारेडा, नांगल राजावतान जिला दौसा हाल गांगडिया भवन, सैथल मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग 21 चौराहा जिला दौसा निवासी राहुल कुमार मीणा (27) पुत्र गुलाबराम मीणा है।</p>
<p>पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे दौसा से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 25 जून तक के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। अनुसंधान अधिकारी डीएसपी शमशेर खां आरोपी से गहनता से पूछताछ कर रहे हैं। घर के नजदीक आने की चाहत ने सरकारी नौकरी से धोया हाथ:पुलिस की शुरूआती जांच में जो सच सामने आया, वह हैरान करने वाला है। आरोपी राहुल कुमार मीणा कोई बेरोजगार युवक नहीं, बल्कि झारखंड में भारत सरकार के प्रतिष्ठित उपक्रम स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड में एक फुल-टाइम इंजीनियर के पद पर अच्छे वेतन पर कार्यरत था। चूंकि वह मूल रूप से राजस्थान के दौसा का रहने वाला था, इसलिए वह अपनी नौकरी छोड़कर घर के नजदीक आना चाहता था। उसने सहायक खनिज अभियंता भर्ती परीक्षा दी थी, लेकिन मेरिट में अपना नंबर ऊपर लाने के चक्कर में उसने इतना बड़ा साइबर क्राइम कर डाला। </p>
<p><strong>एआई और कोडिंग से ऐसे बाईपास किया ओटीआर का सुरक्षा घेरा</strong><br /><strong>शातिर दिमाग </strong>- पुलिस पूछताछ में आरोपी इंजीनियर राहुल मीणा ने कुबूल किया कि उसने रिक्रूटमेंट पोर्टल की सुरक्षा में सेंध लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का सहारा लिया था।</p>
<p><strong>बाईपास कोडिंग</strong>- उसने पोर्टल पर अनिवार्य वन टाइम रजिस्ट्रेशन के सुरक्षा कवच को बाईपास करने वाली एक विशेष फॉर्म विड्रॉल कोडिंग तैयार की। इसके बाद उसने आरपीएससी की साइट से सीधे उन 3 अभ्यर्थियों के फॉर्म विथड्रॉ कर दिए जो मेरिट में उसके आगे रोड़ा बने हुए थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 09:32:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गलत यूपीआई से हो गया है भुगतान, तो न हों परेशान, वापस रकम पाने के लिए पुलिस ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर</title>
                                    <description><![CDATA[शिकायत दर्ज करने के बाद अपने बैंक जाएं। वहां आपको एक खास फॉर्म भरना होगा, जिसमें आपको गलत लेनदेन से जुड़ी सारी जानकारी देनी होगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-wrong-upi-has-not-been-paid-the-police-issued/article-120746"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/88842roer.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। यदि आपसे गलत यूपीआई से किसी को भुगतान हो गया है तो परेशान मत होइए। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय ने हेल्पलाइन नम्बर 18001201740 जारी किया है। उस पर अपनी शिकायत तुंरत दर्ज कराए, जिससे आपके रुपए वापस मिल जाएंगे। महानिरीक्षक साइबर क्राइम शरत कविराज के निर्देशन में साइबर पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी है। एसपी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि अगर गलती से आपने किसी गलत खाते में ऑनलाइन भुगतान कर दिया है तो सबसे पहले तुरंत हेल्पलाइन नंबर 18001201740 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। यह नंबर विशेष रूप से ऐसे मामलों के लिए ही जारी किया गया है।</p>
<p>शिकायत दर्ज करने के बाद अपने बैंक जाएं। वहां आपको एक खास फॉर्म भरना होगा, जिसमें आपको गलत लेनदेन से जुड़ी सारी जानकारी देनी होगी। गलत पेमेंट होने पर आपके फोन पर जो मैसेज आता है, उसे डिलीट न करें। इस मैसेज का एक स्क्रीनशॉट लें और उसका प्रिंट आउट निकलवाकर बैंक में जमा करें।तीन दिन में शिकायत दर्ज कराना जरूरी एसपी शांतनु कुमार ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक दिशा <br />निर्देशों के अनुसार यदि गलती से गलत खाते में पैसे चले जाते हैं तो इसकी शिकायत भुगतान होने के तीन दिन के भीतर करनी अनिवार्य है। गलत यूपीआई पेमेंट के अलावा साइबर ठगी से बचने के लिए उन्होंने आमजन से अपील की है। बैंक खाता संख्या, कार्ड नंबर, सीवीवी, पिन, ओटीपी या इंटरनेट बैंकिंग का कोई भी विवरण कभी भी किसी के साथ साझा न करें। </p>
<p>याद रखें, बैंक या कोई भी विश्वसनीय संस्था आपसे ऐसी जानकारी फोन पर नहीं मांगती। किसी भी तरह की परेशानी या संदेह होने पर अपने नजदीकी पुलिस थाने की साइबर हेल्पडेस्क से संपर्क करें। आप पुलिस मुख्यालय की हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 या 9257510100 पर भी कॉल कर सकते हैं। अगर आपके साथ कोई भी साइबर धोखाधड़ी होती है तो इसकी सूचना साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें, या फिर साइबर क्राइम रिपोटिंर्ग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। आप सीधे अपने निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन में भी रिपोर्ट कर सकते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Jul 2025 11:22:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>डिजिटल अरेस्ट का नया जाल : 75 वर्षीय बुजुर्ग से 23.56 लाख रुपए की ठगी</title>
                                    <description><![CDATA[इस सुनियोजित जाल में फंसकर पीड़ित ने 26 मई, 2025 को कृष्णा सर्जिकल नाम के आईसीआईसीआई बैंक खाते में 23.56 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/digital-arrests-new-trap-of-rs-2356-lakhs-cheated-from/article-116308"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/cyber-crime.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। साइबर क्राइम पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक 75 वर्षीय बुजुर्ग से 23.56 लाख रुपए की ठगी करने वाले मुख्य खाताधारक सुरेश कुमार जाट उर्फ  सुरेंद्र निवासी अलसीसर झुंझुनूं हाल रोहणी नई दिल्ली को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। एसपी साइबर क्राइम शांतनु कुमार ने बताया कि पीड़ित ने 27 मई को जयपुर साइबर क्राइम पुलिस थाने में शिकायत दी कि 23 मई को उन्हें दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल आए थे। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन से संजय कुमार बताया। ठग ने पीड़ित को डराया कि उनके नाम से खरीदे गए एक मोबाइल नंबर का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और आपत्तिजनक संदेश भेजने के लिए किया गया है। उसे बताया गया कि उसके खाते में 2.80 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हो चुका है।</p>
<p>एसपी कुमार ने बताया कि ठगों ने मामले को और विश्वसनीय बनाने के लिए पीड़ित की बात सीबीआई के मुख्य जांच अधिकारी रोहित कुमार गुप्ता से करवाई। इस नकली अधिकारी ने भी वही बातें दोहराई और पीड़ित को एक वीडियो कॉल पर एक अदालत का दृश्य दिखाया, जिसमें एक न्यायाधीश डेस्क पर बैठकर आदेश देते हुए दिख रहे थे। न्यायाधीश ने कथित तौर पर आदेश दिया कि यदि पीड़ित जिनका नाम संतोष कुमार भार्गव बताया गया, राशि जमा नहीं करते हैं तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाए और उनके सभी खाते फ्रीज कर दिए जाएं।</p>
<p>इस सुनियोजित जाल में फंसकर पीड़ित ने 26 मई, 2025 को कृष्णा सर्जिकल नाम के आईसीआईसीआई बैंक खाते में 23.56 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने आईसीआईसीआई बैंक खाते की जांच में पता चला कि 26 मई को इस खाते में पीड़ित सहित विभिन्न व्यक्तियों से लगभग तीन करोड़ रुपए जमा हुए थे और उसी समय नेट बैंकिंग के माध्यम से अन्य खातों में स्थानांतरित कर दिए गए थे। यह जानकारी मिलते ही पुलिस ने तुरंत खाताधारक की पहचान कर ली और दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Jun 2025 10:05:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title> सऊदी अरब में नौकरी लगवाने के नाम पर एक लाख 38 हजार रुपये की ठगी</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में अलवर शहर के साइबर थाने में एक डॉक्टर से सऊदी अरब में नौकरी लगवाने के नाम पर एक लाख 38 हजार रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/fraud-of-rs-1-lakh-38-thousand-in-the-name/article-77116"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/ny-state-computer-and-cyber-crime-defense-attorney.jpg" alt=""></a><br /><p> अलवर । राजस्थान में अलवर शहर के साइबर थाने में एक डॉक्टर से सऊदी अरब में नौकरी लगवाने के नाम पर एक लाख 38 हजार रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है।जानकारी के अनुसार कोटा दादाबाड़ी के डॉक्टर अबरार अली से अलवर में रहते हुये सऊदी अरब के स्पेशिलिटी हॉस्पिटल रियाद में नौकरी लगाने का झांसा देकर एक लाख 38 हजार रुपये की ठगी हो गयी। अलवर के सानिया हॉस्पिटल में कार्यरत शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ अबरार अली  ने साइबर थाने में रिपोर्ट दी है।</p>
<p>गत नौ मार्च को उसके मोबाइल नंबर पर फोन आया और सऊदी अरब के स्पेशिलिटी हॉस्पिटल रियाद में नौकरी करने का ऑफर किया जिसके लिए 5500 रुपये यूपीआई के जरिये जमा कराकर इंटरव्यू देने की बात की गयी थी। उक्त राशि यूपीआई से भेज दी गई। इसके बाद इंटरव्यू की औपचारिकताएं पूरी की गयी। इसके उपरांत उक्त व्यक्ति द्वारा 13 मार्च से अलग-अलग बहाने कर रुपये मांगे गये। </p>
<p>डॉ अबरार ने पांच बार में कुल एक लाख 38 हजार 400 रुपये यूपीआई के जरिये भेजे। इसके बाद कई बार जॉब ऑफर लेटर मांगा गया। तब हर बार कहा गया कि दो-तीन दिन में आ जायेगा लेकिन नहीं आया। इसके बाद डॉ अबरार द्वारा पुलिस थाना साइबर को रिपोर्ट दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अलवर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 May 2024 15:37:35 +0530</pubDate>
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