<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/rajnath-singh/tag-4535" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Rajnath Singh - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/4535/rss</link>
                <description>Rajnath Singh RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारत-बेल्जियम रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमत, राजनाथ और थियो फ्रांकेन ने की द्विपक्षीय वार्ता</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रांकेन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर सहमति बनी। यह बैठक दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच हुई वार्ता के इतर आयोजित हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/rajnath-and-theo-franken-hold-bilateral-talks-agree-to-increase/article-164587"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/rajnath-singh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को यहां बेल्जियम के रक्षा एवं विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रांकेन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में दोनों पक्षों ने रक्षा और औद्योगिक सहयोग से जुड़े पूरे क्षेत्र की समीक्षा की और द्विपक्षीय संबंधों को और विस्तार देने पर सहमति जताई। बैठक के दौरान दोनों मंत्रियों ने रक्षा सहयोग संवाद, उच्चस्तरीय यात्राओं, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के जरिए भारत-बेल्जियम के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।</p>
<p>उन्होंने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग की आवश्यकता को माना। श्री सिंह और श्री फ्रांकेन ने दोहराया कि भारत और बेल्जियम के बीच साझेदारी साझा मूल्यों, आपसी विश्वास और सम्मान पर आधारित है। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के बीच यहां हुई बैठक के इतर आयोजित की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/rajnath-and-theo-franken-hold-bilateral-talks-agree-to-increase/article-164587</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/rajnath-and-theo-franken-hold-bilateral-talks-agree-to-increase/article-164587</guid>
                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 17:18:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-09/rajnath-singh1.png"                         length="1002599"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी ने की राजनाथ सिंह से मुलाकात, डिफेंस एक्सपो-2026 का दिया निमंत्रण</title>
                                    <description><![CDATA[तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर उन्हें 7-9 दिसंबर तक भारत फ्यूचर सिटी में आयोजित होने वाले 'इन्वेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट-2026' और 'डिफेंस एक्सपो-2026' के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान एरोबेटिक शो तथा रक्षा परियोजनाओं हेतु भूमि आवंटन पर भी चर्चा हुई।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/telangana-cm-revanth-reddy-met-rajnath-singh-and-gave-invitation/article-164486"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/rajnath-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर उन्हें सात से नौ दिसंबर तक भारत फ्यूचर सिटी में आयोजित होने वाले इन्वेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट-2026 में शामिल होने का न्योता दिया। रेड्डी ने रक्षा एक्सपो-2026 का उद्घाटन करने का भी आग्रह किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि एक्सपो में एयरोस्पेस, डिफेंस और स्पेस क्षेत्र के सम्मेलन, एयर शो, औद्योगिक प्रदर्शनी और अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन होगा। उन्होंने सूर्यकिरण और सारंग एरोबेटिक टीमों सहित भारतीय वायुसेना के विमानों की भागीदारी के लिए रक्षा मंत्रालय से सहयोग मांगा।</p>
<p>रेड्डी ने बताया कि आदिलाबाद एयरपोर्ट के लिए 750 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है और अतिरिक्त 750 एकड़ देने पर भी सहमति बनी है। वहीं, महबूबनगर के देवरकद्र में डीआरडीएल परियोजना के लिए 416.18 एकड़ भूमि मात्र एक रुपये वार्षिक लीज पर 33 वर्षों के लिए देने की जानकारी दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/telangana-cm-revanth-reddy-met-rajnath-singh-and-gave-invitation/article-164486</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/telangana-cm-revanth-reddy-met-rajnath-singh-and-gave-invitation/article-164486</guid>
                <pubDate>Wed, 02 Sep 2026 19:01:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-09/rajnath-singh.png"                         length="1284195"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>&quot;वंदे मातरम्&quot; को लेकर कांग्रेस पर Rajnath Singh का बड़ा निशाना, बोले- संविधान और देशभक्ति पर उठ रहे गंभीर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस द्वारा अपने कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' के केवल शुरुआती दो अंतरे गाने के निर्णय को असंवैधानिक और दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गीत का अनादर करना देश की निष्ठा और देशभक्ति पर सवाल उठाता है, जो भविष्य के लिए गंभीर राजनीतिक संकट पैदा कर सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rajnath-singhs-big-target-on-congress-regarding-vande-mataram-said/article-163524"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/rajnath-singh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के पूर्ण गायन के बजाय शुरूआत के दो अंतरे गाये जाने के निर्णय को असंवैधानिक, दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय करार देते हुए कहा है कि यह राजनैतिक दृष्टि से भविष्य में गंभीर संकट को पैदा करने वाला है।रक्षा मंत्री ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट में इस निर्णय पर प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि संसद से पारित कोई भी कानून हर व्यक्ति के लिए बाध्यकारी होता है। यदि कोई कानून को नहीं मानता है तो संविधान के प्रति उनकी निष्ठा संदेह के घेरे में आ जाती है और उनकी देशभक्ति पर सवालिया निशान है।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने कहा, "कांग्रेस द्वारा वंदे मातरम् का सम्मान करने से औपचारिक रूप से न केवल इंकार करना, बल्कि सीधे-सीधे विरोध करना, अत्यंत दुर्भाग्य जनक और संवैधानिक दृष्टि से बहुत गंभीर विषय है। भारत के संविधान के अनुसार, संसद देश की सर्वोच्च संस्था है और संसद से पारित कोई भी क़ानून हर व्यक्ति के लिये बाध्यकारी है। यदि कोई इसे मानने से मना करता है तो निश्चित रूप से संविधान के प्रति उनकी निष्ठा संदेह के घेरे में आ जाती है और यदि राष्ट्र गीत का सम्मान करने से कोई मना करता है, तो उसकी देशभक्ति पर भी सवालिया निशान लग जाता है।"</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस 1937 के जिस प्रस्ताव की बात करती है, वह कांग्रेस ने मुस्लिम लीग की कट्टरपंथी मांगों के आगे नतमस्तक होकर पारित किया था और उसका ख़ामियाज़ा भविष्य में देश को विभाजन के रूप में देखना पड़ा। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी तत्वों के आगे समझौता करना, हमेशा देश के लिए घातक साबित हुआ है और आज कांग्रेस जब कट्टरपंथी तत्वों के आगे उसी प्रकार समर्पण कर रही है, तो यह देश के भविष्य के लिए गंभीर खतरे के संकेत हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, "मैं मानता हूं कि कांग्रेस का यह निर्णय सवर्था असंवैधानिक और निंदनीय है साथ ही राजनैतिक दृष्टि से भविष्य में एक गंभीर संकट को पैदा करने वाला है। वंदे मातरम का विरोध करके कांग्रेस ने अपने नासमझी भरे खतरनाक इरादों को देश के सामने बता दिया है।" उल्लेखनीय है कि कांग्रेस कार्यसमिति की हाल ही में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि कांग्रेस अपने कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का पूर्ण गायन नहीं करेगी और पहले की तरह केवल शुरूआत के दो अंतरे ही गाये जायेंगे। सरकार ने मानसून सत्र में विधेयक पारित कर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को राष्ट्र गान के समान दर्जा देते हुए इसका अपमान करने वाले के लिए सजा तथा दंड का प्रावधान किया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/rajnath-singhs-big-target-on-congress-regarding-vande-mataram-said/article-163524</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/rajnath-singhs-big-target-on-congress-regarding-vande-mataram-said/article-163524</guid>
                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 15:44:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-08/rajnath-singh1.png"                         length="311563"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिंद-प्रशांत में चीन की चुनौती के बीच भारत-जापान का बड़ा कदम, रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा मजबूत करने पर सहमति बनी</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी के बीच नई दिल्ली में द्विपक्षीय रक्षा मंत्रिस्तरीय वार्ता हुई। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग पर समझौते पर हस्ताक्षर किए तथा मेक इन इंडिया के तहत रक्षा प्रौद्योगिकी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/amidst-chinas-challenge-in-the-indo-pacific-india-and-japan-agreed/article-163436"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/rajnath-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को यहां जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी के साथ रक्षा मंत्रिस्तरीय बैठक की जिसमें दोनों पक्षों ने मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए रक्षा सहयोग को प्रगाढ़ करने की प्रतिबद्धता जताई। रक्षा मंत्रालय ने बैठक के बाद जारी साझा प्रेस वक्तव्य में कहा कि दोनों मंत्रियों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा हालात पर आकलन साझा करने तथा नौवहन और हवाई उड़ान की स्वतंत्रता एवं सुरक्षा में बाधा डालने वाली एकतरफा कार्रवाइयों तथा बल या दबाव के जरिए यथास्थिति बदलने के प्रयासों का कड़ा विरोध किया है।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने बैठक के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा ," हिन्द प्रशांत की स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम। नयी दिल्ली में जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी के साथ सार्थक बैठक हुई। बैठक में हमने समुद्री सुरक्षा सहयोग मजबूत करने , मेक इन इंडिया पहल के तहत रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग बढ़ाने और सामरिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की।" साझा प्रेस वक्तव्य में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने हिन्द-प्रशांत में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए समुद्री सुरक्षा सहयोग को व्यावहारिक और प्रभावी तरीके से बढ़ाने पर सहमति जताई। उन्होंने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किये जिसमें समुद्री क्षेत्र से संबंधित जागरूकता, खोज एवं बचाव, मानवीय सहायता और आपदा राहत तथा भारतीय नौसेना और जापान मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स के बीच सहयोग मजबूत करना शामिल है।</p>
<p>दोनों मंत्रियों ने समुद्री संचार लाइनों की सुरक्षा के लिए नौसैनिक जहाजों की पारस्परिक यात्राओं, संयुक्त अभ्यास, सैन्यकर्मियों और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान तथा बंदरगाहों, रखरखाव और मरम्मत सुविधाओं के इस्तेमाल सहित लॉजिस्टिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों ने बारूदी सुरंग रोधी क्षमताओं में तालमेल बढ़ाने तथा जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की उत्पादन क्षमताओं का इस्तेमाल करते हुए नौसैनिक पोत निर्माण और डिजाइन में संयुक्त विकास की संभावनाएं तलाशने पर भी सहमति जताई।</p>
<p>भारत और जापान ने द्विपक्षीय सैन्य अभ्यासों को और जटिल तथा व्यापक बनाने, मानवरहित प्रणालियों को शामिल करने और अवसर मिलने पर कम समय के नोटिस पर संयुक्त अभ्यास करने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों ने इस साल होने वाले 'वीर गार्जियन 26' वायु अभ्यास का स्वागत किया, जिसमें पहली बार जापान के लड़ाकू विमान भारत आएंगे। उन्होंने हिन्द-प्रशांत के व्यापक दृष्टिकोण के साथ उच्चस्तरीय आदान-प्रदान, सैन्य अभ्यास और अन्य पहलों के जरिए सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। भारत, जापान और इंडोनेशिया के बीच इस साल फरवरी में हुए पहले त्रिपक्षीय नौसैनिक 'पासेक्स' अभ्यास का भी स्वागत किया गया।</p>
<p>दोनों पक्षों ने प्राकृतिक आपदाओं के समय साझेदार देशों को कर्मियों और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए इंडो-पैसिफिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के माध्यम से सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके साथ ही, इस वर्ष सितंबर में जापान के रक्षा मंत्रालय में होने वाले नेटवर्क के दूसरे टेबलटॉप अभ्यास का स्वागत किया। भारत और जापान ने रक्षा उपकरण एवं प्रौद्योगिकी सहयोग को आगे बढ़ाने, यूनिकॉर्न एकीकृत संचार एंटीना प्रणाली परियोजना को जल्द साकार करने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और जापान के एटीएलए के बीच उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान एवं विकास सहयोग बढ़ाने तथा रक्षा उद्योग मंच आयोजित करने पर भी सहमति जताई। दोनों मंत्रियों ने सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में समन्वय और क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए महानिदेशक/संयुक्त सचिव स्तर के कार्य समूह की स्थापना पर भी सहमति जताई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/amidst-chinas-challenge-in-the-indo-pacific-india-and-japan-agreed/article-163436</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/amidst-chinas-challenge-in-the-indo-pacific-india-and-japan-agreed/article-163436</guid>
                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 18:33:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-08/rajnath-singh.png"                         length="685591"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश को मिला पहला मिलिट्री मेडिसिन विभाग: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन, सेना की चिकित्सा क्षमता होगी मजबूत</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ के केंद्रीय कमान अस्पताल में 'डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री मेडिसिन' का वर्चुअल उद्घाटन किया। सैन्य चिकित्सा को समर्पित यह देश का पहला विशेष विभाग है, जो युद्धकालीन तैयारियों, उन्नत शोध और विषम परिस्थितियों में तैनात सैनिकों को बेहतर चिकित्सा एवं त्वरित देखभाल प्रदान करने पर केंद्रित रहेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-country-got-its-first-military-medicine-department-defense-minister/article-161359"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/rajnatha-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित केंद्रीय कमान अस्पताल में 'डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री मेडिसिन' का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। विशेष रूप से सैन्य चिकित्सा पर केंद्रित यह देश का पहला समर्पित शैक्षणिक और परिचालन विभाग है। रक्षा मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा कि इस पहल का उद्देश्य युद्धकालीन चिकित्सा तैयारियों तथा अनुसंधान को बढ़ावा देना, स्वदेशी सिद्धांतों का विकास करना और भविष्य के युद्धक्षेत्रों और मानवीय आपात स्थितियों के लिए विशेषज्ञता का सृजन करना है। चिकित्सा सेवा महानिदेशालय (सेना) के तत्वावधान में स्थापित यह विभाग सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं (एएफएमएस) की संचालन चिकित्सा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि आर्थिक और सामाजिक विकास राष्ट्र निर्माण के आवश्यक पहलू हैं, लेकिन किसी भी राष्ट्र की संप्रभुता और प्रगति का मूल आधार उसकी सेना की शक्ति और मनोबल में निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री मेडिसिन सैनिकों को उन्नत चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करके राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा और साथ ही सैनिकों को यह भरोसा दिलाएगा कि जरूरत पड़ने पर उन्हें देखभाल और सहायता मिलेगी।</p>
<p>यह विभाग सैन्य संबंधी आघात एवं क्षति नियंत्रण, युद्ध मनोचिकित्सा एवं दृढ़ता, पर्यावरण एवं परिचालन चिकित्सा, सैन्य चिकित्सा रसद, रासायनिक, जैविक, विकिरणीय, परमाणु एवं विस्फोटक (सीबीआरएनई) चिकित्सा प्रतिक्रिया, आपातकालीन चिकित्सा एवं गहन देखभाल, आपदा चिकित्सा एवं मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) के साथ-साथ अनुसंधान, लेखापरीक्षा एवं डेटा विश्लेषण जैसे प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह प्रौद्योगिकी-आधारित युद्धक्षेत्र चिकित्सा, सिमुलेशन-आधारित प्रशिक्षण, टेलीमेडिसिन, दीर्घकालिक फील्ड देखभाल और चिकित्सा निर्णय सहायता में नवाचार को भी बढ़ावा देगा।</p>
<p>इस विभाग का विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में शैक्षणिक कार्यक्रमों की स्थापना और इन्हें शुरू किये जाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके बाद एचएडीआर और सीबीआरएनई चिकित्सा में उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना की जाएगी और अंततः यह सैन्य चिकित्सा के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त केंद्र के रूप में विकसित होगा। सिंह ने सैन्य चिकित्सा के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिस प्रकार अंतरिक्ष चिकित्सा निम्न पृथ्वी कक्षा में पायलटों और अंतरिक्ष यात्रियों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करती है, उसी प्रकार सैन्य चिकित्सा युद्ध और युद्ध जैसी स्थितियों के दौरान मानव शरीर पर पड़ने वाले शारीरिक और मानसिक तनावों का अध्ययन करती है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक दुनिया के कुछ सबसे जटिल क्षेत्रों और कठोरतम जलवायु में तैनात हैं, जहां उन्हें विविध चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। यह नया विभाग इन परिचालन वातावरणों के अनुरूप चिकित्सा प्रोटोकॉल विकसित करेगा। रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ वर्तमान युग में सामूहिक विनाश के हथियारों का खतरा भी बना हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में यह विभाग अनुसंधान और विकास के केंद्र के रूप में कार्य करेगा और तेजी से हो रहे तकनीकी विकास से उत्पन्न होने वाले नए खतरों से निपटने में राष्ट्र को सक्षम बनाएगा।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने इस नए सैन्य चिकित्सा विभाग को राष्ट्र की सैन्य मानसिकता में क्रांतिकारी बदलाव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि हमें मिलकर इस विभाग को विश्व के सर्वश्रेष्ठ 'युद्धक्षेत्र चिकित्सा अनुसंधान केंद्र में बदलना होगा। कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, सेना उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्या सेनगुप्ता, सेना चिकित्सा कोर के महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन, एडजुटेंट जनरल लेफ्टिनेंट जनरल वीपीएस कौशिक और सेना चिकित्सा सेवा महानिदेशक एवं सेना चिकित्सा कोर के कर्नल कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल सीजी मुरलीधरन, रक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव मनीष त्रिपाठी, केंद्रीय कमान अस्पताल, लखनऊ के कमांडेंट मेजर जनरल आलोक भल्ला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-country-got-its-first-military-medicine-department-defense-minister/article-161359</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-country-got-its-first-military-medicine-department-defense-minister/article-161359</guid>
                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 18:39:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/rajnatha-singh.png"                         length="1072398"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में परित हुआ एंटी-पेपर लीक बिल, राहुल गांधी के भाषण को लेकर दोनों पक्षों के बीच घमासान</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में भारी हंगामे और सत्ता-विपक्ष की नोकझोंक के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित हो गया। राहुल गांधी के बयानों और असंसदीय शब्दों पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा जितेंद्र सिंह ने कड़ा ऐतराज जताया। सरकार ने स्पष्ट किया कि विधेयक में पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/a-bill-with-stringent-provisions-on-paper-leaks-passed-in/article-161332"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/parliament1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोक सभा में बुधवार को सत्ता-पक्ष और विपक्ष में तकरार एवं हंगामे के बीच पेपर लीक रोकने संबंधी लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विधेयक पर दो दिन में 10 घंटे से अधिक चली चर्चा में आज विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण के दौरान उनकी ओर से इस्तेमाल एक 'असंसदीय ' शब्द और गृहमंत्री अमित शाह के विरुद्ध आरोप को लेकर दोनों पक्षों में भारी तकरार हुई और सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। तीन बजे कार्यवाही पुन: शुरू होने पर प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने चर्चा का जवाब दिया और उसके बाद सदन ने ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी प्रदान की। मंत्री के जवाब के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य नारेबाजी करते रहे।</p>
<p>राहुल गांधी के भाषण के दौरान संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने गृहमंत्री के विरुद्ध श्री गांधी की टिप्पणियों पर आपत्ति उठाते हुए कहा कि ‘वह इसकी पुष्टि करें या इसके लिए माफी मांगे।’ इस बात पर सदन में शोर शराबे के बीच अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही पहले ढाई बजे तक और फिर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी। कार्यवाही शुरू होने पर विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए सिंह ने कहा कि विपक्ष के नेता ने जिस असंसदीय शब्द का इस्तेमाल किया है, क्या वह विद्यार्थियों के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि वह हैरान हैं कि विपक्ष के नेता को सार्वजनिक जीवन की बुनियादी प्रणाली की भी जानकारी नहीं हैं। सिंह के पास कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन विभाग की भी जिम्मेदारी है और उन्होंने ही इस विधेयक को सदन में पेश किया था।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलायी गयीं, और इसका आदेश गृह मंत्री ने दिया। उन्होंने कहा कि गोली चलायी ही नहीं गयी और उनके साथ बहुत ही संयमित कार्रवाई की गयी। कहीं भी प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश मजिस्ट्रेट देता है। गोली चलाने का आदेश कभी कोई मंत्री नहीं देता। इससे स्पष्ट है कि श्री गांधी में सार्वजनिक जीवन की जानकारियों का अभाव है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने यह भी कहा कि गृह मंत्री के काफिले में 30 गाड़ियां चलती हैं, यह भी गलत तथ्य है, गृह मंत्री के काफिले में इतनी गाड़ियां नहीं चलती। गृह मंत्री के विदेश जाने की बातें की गयीं, वह स्पष्ट करते हैं कि गृह मंत्री कभी विदेश गये ही नहीं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता का गैर जिम्मेदारी से बात कहना, शोभा नहीं देता।</p>
<p>डॉ ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पेपर लीक की घटना को बहुत गंभीरता से लिया है।" पेपर लीक होने की जानकारी मिलते ही केन्द्रीय जांच ब्यूरो से जांच के आदेश दिये गये। आरोपी पकड़े गये और वे जेल में हैं। यह विधेयक पेपर लीक को लेकर सरकार की गंभीरता और संवेदनशीलता को परिलक्षित करता है। इसमें आरोपियों के खिलाफ सजा और जुर्माने को बहुत बढ़ा दिया गया है। मंत्री के जवाब के बाद सदन ने विपक्ष की नारेबाजी के बीच विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। अध्यक्ष ने विधेयक पारित होने के बाद सदन की कार्यवाही गुरुवार को पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। मानसून सत्र का आज आठवां दिन था और इस दौरान यह पहला विधेयक था जो लोक सभा में पारित हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/a-bill-with-stringent-provisions-on-paper-leaks-passed-in/article-161332</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/a-bill-with-stringent-provisions-on-paper-leaks-passed-in/article-161332</guid>
                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 17:10:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/parliament1.png"                         length="1856715"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विकसित भारत के लिए राजनाथ सिंह का बड़ा आह्वान, उद्योगों से कहा- बनें इस राष्ट्रीय संकल्प के भागीदार</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विकसित भारत के निर्माण में क्षेत्रीय उद्योगों, नवाचार और आत्मनिर्भरता की अहम भूमिका बताई। उन्होंने कहा कि आर्थिक मजबूती, तकनीकी क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा देश की प्रगति के तीन प्रमुख स्तंभ हैं। गुजरात के उद्योगों और स्टार्टअप्स से राष्ट्रीय विकास, रक्षा विनिर्माण और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rajnath-singhs-big-call-for-developed-india-asked-industries-to/article-158508"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/rajnath-singh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विकसित भारत को आर्थिक रूप से समृद्ध, प्रौद्योगिकी में सक्षम और सामाजिक रूप से सशक्त देश का संकल्प बताते हुए क्षेत्रीय उद्योगों से इस यात्रा में भागीदार बनने का आह्वान किया है। सिंह ने मंगलवार को वडोदरा में वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान उद्योगपतियों, उद्यमियों, युवा नवोन्मेषकों और शिक्षाविदों को संबोधित करते हुए कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में क्षेत्रीय उद्योगों की भूमिका महत्वपूर्ण है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "विकसित भारत सिर्फ़ आर्थिक विकास का लक्ष्य नहीं है, बल्कि आर्थिक रूप से समृद्ध, तकनीकी रूप से सक्षम और सामाजिक रूप से सशक्त देश बनाने का संकल्प है और क्षेत्रीय उद्योगों को इस यात्रा में भागीदार बनना चाहिए जिससे क्षेत्रीय ताकतों को राष्ट्रीय क्षमताओं में, स्थानीय नवाचारों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में और औद्योगिक विकास को रणनीतिक ताकत में बदला जा सके। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल , केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह और गुजरात सरकार में महिला और बाल विकास मंत्री डॉ. मनीषा वकील भी मौजूद थीं।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि तेज़ी से बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए, भारत की आत्मनिर्भरता, तकनीकी क्षमता और सामूहिक संकल्प आने वाले दशकों में वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका तय करेगा। उन्होंने कहा, "इतिहास हमें सिखाता है कि महान देश तीन ज़रूरी स्तंभों पर खड़े होते हैं: आर्थिक ताकत, तकनीकी कौशल, और राष्ट्रीय सुरक्षा ।आर्थिक खुशहाली और टेक्नोलॉजी में तरक्की से देश की सुरक्षा मज़बूत होती है, जबकि सुरक्षित देश वह स्थिरता देता है जिससे उद्योग और नवाचार फलते-फूलते हैं।" उन्होंने सुरक्षित सीमा और मज़बूत अर्थव्यवस्था वाला देश बनाने के लिए बेहतर सहयोग की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा क्षेत्र का विकास सिर्फ़ हथियारों और प्रौद्योगिकी तक ही सीमित नहीं है, यह एक बड़े आर्थिक इकोसिस्टम को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि भारत तेज़ी से विनिर्माण और निर्यात में एक अहम देश के तौर पर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी प्लेटफॉर्म की सफलता, निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी, और नवोन्मेषकों तथा स्टार्ट-अप के जोश ने मिलकर देश में एक मज़बूत रक्षा इकोसिस्टम बनाने में योगदान दिया है। </p>
<p>रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भरता का मतलब अलग-थलग होना नहीं है, इसका मतलब है एक ऐसा देश जो अपने पैरों पर मज़बूती से खड़ा हो और दुनिया के साथ एक बराबर के साझीदार के तौर पर जुड़े। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को पाने में गुजरात की अहम भूमिका है क्योंकि राज्य के पास एक मजबूत औद्योगिक आधार, कुशल कार्यबल और उद्यमिता की भावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/rajnath-singhs-big-call-for-developed-india-asked-industries-to/article-158508</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/rajnath-singhs-big-call-for-developed-india-asked-industries-to/article-158508</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 17:21:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-03/rajnath-singh1.png"                         length="371649"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026 : राजनाथ सिंह ने कहा-बदला है वार फेयर का चेहरा, तकनीक के चलते हुये क्रांतिकारी बदलाव, साइबर स्पेस में भी लड़े जा रहे युद्ध</title>
                                    <description><![CDATA[प्रयागराज में नॉर्थ टेक सिम्पोजियम का उद्घाटन करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे रक्षा त्रिवेणी का संगम बताया। उन्होंने आधुनिक युद्ध में AI और ड्रोन की भूमिका को गेम चेंजर करार दिया। सिंह ने भारतीय सेना से चौकन्ना रहने और वैश्विक महाशक्ति बनने के लिए नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/north-tech-symposium-2026-rajnath-singh-said-the-face/article-152620"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rajnath-singh.png" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को संगम नगरी प्रयागराज में शुरु हुये नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026 को ज्ञान व शक्ति का महाकुंभ बताते हुये कहा कि यह वास्तव में रक्षा त्रिवेणी का संगम है। राजनाथ सिंह ने तीन दिवसीय कार्यक्रम का उदघाटन करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि हर काल खंड में वार फेयर का चेहरा बदला है,विश्व युद्ध के बाद नई तकनीक का समावेश होते हुए दुनिया ने देखा है। 21वीं सदी में टेक्नोलॉजी के नए युग का आगाज हुआ है। उन्होने कहा कि यह इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दौर है। आज साइबर स्पेस में भी युद्ध लड़े जा रहे हैं।</p>
<p>उन्होने कहा कि बीते 10-15 वर्षों में क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध पर उन्होने कहा कि दोनों के बीच पारंपरिक युद्ध शुरू हुआ, लेकिन अब यह युद्ध ड्रोन और सेंसर युद्ध के रूप में गेम चेंजर बनकर उभरा है। आज सब कुछ वैपनाइज किया जा सकता है। आपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि इससे भारतीय सेना का शौर्य याद आता है। ऑपरेशन सिंदूर में आकाश मिसाइल हुए नवीन तकनीक का प्रयोग किया गया था। रक्षा मंत्री ने भारतीय सेना से सक्रिय ही नहीं बल्कि चौकन्ना भी रहने का आह्वान करते हुये कहा कि तभी हम आने वाली चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि चिकित्सा और शिक्षा में नई टेक्नोलॉजी एक साल बाद भी लागू कर सकते हैं,लेकिन सेना में अगर हमने देरी की तो काफी पीछे हो जाएंगे,रक्षा मंत्री ने सेना से सरप्राइज एलिमेंट विकसित करने का आह्वान किया,सरप्राइज एलिमेंट ऐसा हो जिसे दुश्मन देश ने सोचा भी ना हो। उन्होने कहा कि आगे बढ़ने का एक ही मंत्र अनुकूलनशीलता है। सेना में इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जा रहा है, यूपी में डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस का निर्माण किया जा रहा है, यूपी में हाल में ही लोकार्पित गंगा एक्सप्रेसवे को भी डिफेंस सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण बताया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि रक्षा में शोध को बढ़ावा देने के लिए कई सहूलियन दी गई हैं। रक्षा मंत्री ने इंडस्ट्री और एकेडमिया से अपील की, कि वे डिफेंस कॉरिडोर की तरह नॉलेज कॉरिडोर का भी निर्माण करें। अंत में रक्षा मंत्री ने कहा कि सबके सामूहिक प्रयास से ही भारत विश्व पटल पर सैन्य ताकत के रूप में स्थापित होगा, सबके प्रयासों से ही भारत वैश्विक महाशक्ति बनेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चुनौतियों को अवसर में बदलने का भी आह्वान किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/north-tech-symposium-2026-rajnath-singh-said-the-face/article-152620</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/north-tech-symposium-2026-rajnath-singh-said-the-face/article-152620</guid>
                <pubDate>Mon, 04 May 2026 16:51:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/rajnath-singh.png"                         length="973288"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजनाथ सिंह का दो दिवसीय प्रयागराज दौरा आज : नॉर्थ टेक सिम्पोजियम का करेंगे उद्घाटन, तकनीक और भविष्य की जरूरतों पर होगी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज प्रयागराज में भारतीय सेना के सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। 4 मई को वे नॉर्थ टेक सिम्पोजियम का उद्घाटन करेंगे, जहाँ स्वदेशी ड्रोन और आधुनिक सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन होगा। आयोजन का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और नवाचार को बढ़ावा देना है। सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/rajnath-singhs-two-day-visit-to-prayagraj-will-inaugurate-north-tech/article-152520"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/rajnath-singh.png-3.png" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आएंगे। वह शाम को अरैल में भारतीय सेना की ओर से आयोजित कल्चरल इवेंट में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। चार मई को न्यू कैंट के कोबरा ऑडीटोरियम में आयोजित नॉर्थ टेक सिम्पोजियम का इनॉगरेशन करेंगे। यह आयोजन 4 से 6 मई तक सिम्पोजियम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य मंत्री (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) जीतेंद्र सिंह की उपस्थिति भी प्रस्तावित है। यह कार्यक्रम न्यू कैंट स्थित कोबरा ऑडिटोरियम के पास होगा। आयोजन हर दिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा।</p>
<p>इसमें सेना के वरिष्ठ अधिकारी, सरकारी अधिकारी, रक्षा विशेषज्ञ और उद्योग जगत से जुड़े लोग मौजूद रहेंगे।आधुनिक रक्षा उपकरणों का होगा प्रदर्शन सिम्पोजियम में सेना में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों और आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा। कई उपकरणों का लाइव डेमो भी दिखाया जाएगा। ताकि लोग समझ सकें कि ये तकनीकें कैसे काम करती हैं।</p>
<p>ड्रोन और सैन्य वाहनों पर रहेगा फोकस कार्यक्रम में ड्रोन, ऑल-टेरेन वाहन, सर्विलांस सिस्टम और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी तकनीकों को खास तौर पर दिखाया जाएगा। स्वदेशी यानी भारत में तैयार तकनीकों पर ज्यादा जोर रहेगा।इस आयोजन का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, स्टार्टअप्स, शिक्षण संस्थानों और सेना को एक मंच पर लाना है। यहां रक्षा तकनीक और भविष्य की जरूरतों को लेकर चर्चा भी होगी।कार्यक्रम के दौरान रक्षा नवाचार, सैन्य निर्माण और नई तकनीकों पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञ बताएंगे कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कैसे आगे बढ़ रहा है।</p>
<p>उधर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आगमन के मद्देनजर अरैल घाट पर कड़ा सुरक्षा पहरा लगाया गया है। यहां लोकल पुलिस के साथ ही मिलिट्री पुलिस के जवान भी तैनात किए गए हैं। उधर पुलिस की ओर से सुरक्षा के मद्देनजर अरैल घाट को नो फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया गया है। यह प्रतिबंध दो मई की शाम पांच बजे से शुरू हो गया हैं।और यह रविवार रात 12 बजे तक लागू रहेगा। इस दौरान अगर कोई ड्रोन उड़ाता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/rajnath-singhs-two-day-visit-to-prayagraj-will-inaugurate-north-tech/article-152520</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/rajnath-singhs-two-day-visit-to-prayagraj-will-inaugurate-north-tech/article-152520</guid>
                <pubDate>Sun, 03 May 2026 18:28:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-03/rajnath-singh.png-3.png"                         length="315084"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ देश की प्रतिबद्धता का दिया संदेश, भारत अब सिर्फ़ बयान जारी नहीं करता बल्कि आगे बढ़कर निर्णायक कार्रवाई भी करता है : राजनाथ सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने भारत की बदलती मानसिकता का वैश्विक संदेश दिया है। अब भारत कूटनीतिक बयानों के बजाय निर्णायक सैन्य कार्रवाई में विश्वास रखता है। रक्षा निर्यात में 62% की रिकॉर्ड वृद्धि और एआई (AI) आधारित युद्धक प्रणालियाँ नए और सशक्त भारत की पहचान बन चुकी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/operation-sindoor-gave-a-message-to-the-world-about-the/article-152209"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rajnath-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत अपने भूभाग पर आतंकवादी हमलों के बाद अब केवल कूटनीतिक बयान जारी करने की पुरानी मानसिकता तक सीमित नहीं है बल्कि आगे बढ़कर निर्णायक कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। राजनाथ सिंह ने गुरुवार को यहां एक राष्ट्रीय सुरक्षा शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने स्पष्ट रुख अपनाया है कि किसी भी परिस्थिति में आतंकवाद का कोई भी कृत्य सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, हवाई हमलों और ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ सरकार के दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया।</p>
<p>उन्होंने कहा, "आतंकवाद एक विकृत और विक्षिप्त मानसिकता से उत्पन्न होता है। यह मानवता पर एक काला धब्बा है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला नहीं है, यह मूल रूप से मानवता के मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है। यह एक बर्बर विचारधारा के खिलाफ संघर्ष है जो हर मानवीय मूल्य के सीधे विरोध में खड़ी है। हमने इस भारतीय दृष्टिकोण को देश के भीतर और विदेशों में स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया है।"</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि जब तक आतंकवाद मौजूद रहेगा, यह सामूहिक शांति, विकास और समृद्धि को चुनौती देता रहेगा। उन्होंने कहा, "आतंकवाद को धार्मिक रंग देकर या इसे नक्सलवाद जैसी हिंसक विचारधारा से जोड़कर उचित ठहराने के प्रयास किए जाते हैं। यह अत्यंत खतरनाक है और एक प्रकार से आतंकवादियों को आड़ प्रदान करता है ताकि वे धीरे-धीरे अपने लक्ष्य की ओर बढ़ सकें। आतंकवाद केवल राष्ट्र-विरोधी कृत्य नहीं है, इसके कई आयाम हैं—संचालनात्मक, वैचारिक और राजनीतिक। इससे तभी निपटा जा सकता है जब हम इन सभी आयामों पर काम करें।"</p>
<p>पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को लगातार समर्थन दिए जाने पर श्री सिंह ने कहा, "भारत और पाकिस्तान दोनों ने एक ही समय पर स्वतंत्रता प्राप्त की थी। हालांकि आज भारत को विश्व स्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के लिए जाना जाता है, जबकि पाकिस्तान को एक अलग प्रकार के आईटी यानी 'अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद' का केंद्र माना जाता है।" रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सशस्त्र बलों की एकजुटता और समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना ने एकजुट होकर और एकीकृत योजना के तहत कार्य किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि भारत की सैन्य शक्ति अब अलग-अलग हिस्सों में काम नहीं करती, बल्कि यह एक संयुक्त, एकीकृत और वैश्विक शक्ति के रूप में उभरी है।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को अपनी शर्तों पर और अपने चुने हुए समय पर अंजाम दिया, और इसे पूरी तरह अपनी शर्तों पर ही रोका। उन्होंने कहा, "इस अभियान के दौरान हमने अत्यंत सटीकता के साथ केवल उन लोगों को निशाना बनाया जिन्होंने हमारे खिलाफ हमला किया था। हमने अभियान इसलिए नहीं रोका कि हमारी क्षमताएं समाप्त हो गई थीं या कम हो गई थीं। हमने इसे पूरी तरह अपनी शर्तों पर समाप्त किया। हम लंबे समय तक संघर्ष जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार थे। हमारे पास आवश्यक अतिरिक्त क्षमता और अचानक संकट के समय अपनी क्षमताओं को तेजी से बढ़ाने की अंतर्निहित शक्ति है।"</p>
<p>रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत का सैन्य-औद्योगिक ढांचा लगातार यह साबित करता रहा है कि वह न केवल शांति काल की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार है, बल्कि युद्ध के समय तेज आपूर्ति और रसद की मांगों को भी पूरा करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि उस अवधि के दौरान भारत ने परमाणु हमले की धमकी या दबाव में आए बिना अपने निर्धारित उद्देश्यों को पूरा किया। उन्होंने कहा, "यह नई विश्व व्यवस्था है, यह नए वैश्विक युग का नया भारत है। यह वह भारत है जो आतंकवाद और उसे प्रायोजित करने वालों के बीच कोई अंतर नहीं करता। यह हमारे प्रधानमंत्री की स्पष्ट नीति है, जिसने बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत को रूपांतरित किया है।"</p>
<p>रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को प्रतिरोधक क्षमता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यद्यपि यह अभियान केवल 72 घंटों के भीतर समाप्त हो गया, लेकिन इसके पहले की तैयारी व्यापक और लंबी थी। उन्होंने बताया कि भारत की अतिरिक्त क्षमता, संसाधनों को तेजी से जुटाने की क्षमता, रणनीतिक भंडार और स्वदेशी रूप से विकसित हथियारों की सिद्ध विश्वसनीयता अब प्रतिरोधक नीति के अभिन्न अंग बन चुके हैं।राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के परिणामस्वरूप वैश्विक धारणा में उल्लेखनीय बदलाव और स्वदेशी हथियारों तथा रक्षा उत्पादों की विश्वसनीयता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा ,"कई देशों ने भारत से हथियार और रक्षा उपकरण खरीदने में गहरी रुचि दिखाई है। </p>
<p>आंकड़े स्वयं इसकी पुष्टि करते हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 62.66 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है। हम इन मानकों को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" जर्मनी की अपनी हाल की यात्रा पर रक्षा मंत्री ने कहा कि यूरोप की प्रमुख कंपनियां हमारे निजी रक्षा उद्योग और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के साथ सहयोग करने के लिए उत्सुक हैं, जो भारत की बढ़ती विश्वसनीयता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विश्व में भारत की मजबूत स्थिति केवल उसकी सैन्य शक्ति से ही नहीं, बल्कि प्रतिरोधक क्षमता स्थापित करने की योग्यता से भी सुदृढ़ हुई है।</p>
<p>प्रतिरोधक क्षमता के स्वरूप में तेजी से हो रहे बदलाव को रेखांकित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि साइबर क्षेत्र, अंतरिक्ष युद्ध और सूचना प्रौद्योगिकी इसके महत्वपूर्ण घटक बन गए हैं, और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) इस परिवर्तन के केंद्र में है। उन्होंने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उपयोग की गई ब्रह्मोस जैसी अत्याधुनिक मिसाइल प्रणालियों से लेकर विभिन्न निगरानी प्लेटफार्मों तक, एआई का व्यापक और प्रभावी उपयोग किया गया है। इससे हमारी सटीकता और प्रहार क्षमता में वृद्धि हुई है। जहां बड़ी कार्रवाइयों की जानकारी अक्सर सार्वजनिक हो जाती है, वहीं अनगिनत छोटे अभियान और प्रक्रियाएं पहले से सक्रिय होकर खतरों को उत्पन्न होने से पहले ही निष्प्रभावी कर देती हैं। ऐसे सभी मामलों में एआई का व्यापक उपयोग किया जाता है ।"</p>
<p>एआई के व्यावहारिक उपयोग पर जोर देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि यह आतंकवादियों का पता लगाने और निर्णायक प्रतिक्रिया देने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "एआई का एक अर्थ 'ऑगमेंटेड इन्फैंट्री' भी है। यह हमारे सैनिकों की क्षमताओं को काफी बढ़ा रहा है। आधुनिक युद्ध की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हम अपनी सेना को तकनीक-आधारित, एकीकृत युद्ध मशीन में बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इस उद्देश्य से सेना ने 'रुद्र' ब्रिगेड, 'भैरव' बटालियन, 'शक्तिबाण' तोपखाना रेजिमेंट और 'दिव्यास्त्र' बैटरियों जैसे चुस्त और आत्मनिर्भर युद्धक इकाइयों की स्थापना की है, जो आधुनिक मिश्रित खतरों का तुरंत और सशक्त जवाब देने में सक्षम हैं।"<br />हालांकि, श्री सिंह ने इस बात पर भी जोर दिया कि एआई को केवल सकारात्मक दृष्टिकोण से नहीं देखा जा सकता, क्योंकि डीपफेक, साइबर युद्ध और स्वायत्त हथियार प्रणालियां नए और गंभीर खतरे उत्पन्न कर रही हैं। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा डॉ. समीर वी. कामत और एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/operation-sindoor-gave-a-message-to-the-world-about-the/article-152209</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/operation-sindoor-gave-a-message-to-the-world-about-the/article-152209</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 14:43:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/rajnath-singh.png"                         length="525371"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से निपटने के लिए एकजुट मोर्चा समय की जरूरत: राजनाथ सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बिश्केक में एससीओ बैठक को संबोधित करते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारत के दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया। उन्होंने आतंकवाद के सुरक्षित ठिकानों को खत्म करने और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के प्रति भारत की 'जीरो टॉलरेंस' नीति अडिग है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/united-front-to-deal-with-terrorism-separatism-and-extremism-is/article-151941"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rajnath-singh-3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताते हुए आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद जैसी "बुराइयों" से निपटने के लिए आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों को समाप्त करने और किसी भी राजनीतिक अपवाद को अस्वीकार करते हुए एकजुट मोर्चा बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है। राजनाथ सिंह ने मंगलवार को किर्गिज़स्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत के उस दृढ़ संकल्प का प्रतीक है कि आतंकवाद के गढ़ अब न्यायोचित दंड से अछूते नहीं रहेंगे।</p>
<p>उन्होंने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद जैसी "बुराइयों" से निपटने के लिए सुरक्षित ठिकानों को समाप्त करने और किसी भी राजनीतिक अपवाद को अस्वीकार करते हुए एकजुट मोर्चा बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि देश द्वारा प्रायोजित सीमा-पार आतंकवाद, जो किसी राष्ट्र की संप्रभुता पर हमला करता है, उसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि दोहरे मापदंडों के लिए कोई स्थान नहीं है।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि एससीओ को उन लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने में हिचकिचाना नहीं चाहिए जो आतंकवादियों को सहायता, शरण और सुरक्षित ठिकाने प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा, "आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद का बिना किसी अपवाद के सामना करके, हम क्षेत्रीय सुरक्षा को एक चुनौती से शांति और समृद्धि के आधार स्तंभ में बदलते हैं।" आतंकवाद-रोधी प्रयासों को एससीओ का एक मूलभूत सिद्धांत बताते हुए, श्री सिंह ने कहा कि संगठन ने इस खतरे के खिलाफ साझा लड़ाई में ऐसे कृत्यों और विचारधाराओं की निंदा की है। उन्होंने पिछले वर्ष की तियानजिन घोषणा का उल्लेख किया, जिसने आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ और सामूहिक रुख को दर्शाया, और इसे आतंकवाद तथा उसके समर्थकों के प्रति उसकी शून्य-सहिष्णुता नीति का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, "सामूहिक विश्वसनीयता की वास्तविक परीक्षा निरंतरता में निहित है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवाद की कोई राष्ट्रीयता और कोई धर्म नहीं होता। देशों को आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ और सामूहिक रुख अपनाना चाहिए।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/united-front-to-deal-with-terrorism-separatism-and-extremism-is/article-151941</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/united-front-to-deal-with-terrorism-separatism-and-extremism-is/article-151941</guid>
                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 17:36:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/rajnath-singh-3.png"                         length="592112"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजनाथ सिंह ने जर्मनी को रक्षा उत्पादन क्षेत्र में सहयोग के विस्तार के लिए किया आमंत्रित : तकनीकी परिवर्तन ने स्थिति को बनाया जटिल, आज दुनिया नए सुरक्षा खतरों का कर रही सामना</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बर्लिन में जर्मनी के साथ रक्षा तकनीक के सह-निर्माण और नवाचार पर जोर दिया। उन्होंने "आत्मनिर्भर भारत" को वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के समाधान के रूप में पेश किया। पश्चिमी एशिया के तनाव और ऊर्जा सुरक्षा के बीच, दोनों देशों ने द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने का संकल्प लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rajnath-singh-invites-germany-to-expand-cooperation-in-defense-production/article-151268"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rajnath-singh-3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत और जर्मनी के बीच रक्षा प्रौद्योगिकी और साजो-सामान के संयुक्त विकास और निर्माण के महत्व पर बल दिया है। जर्मनी की तीन दिन की यात्रा पर गये राजनाथ सिंह ने कहा कि उनकी सरकार का “आत्मनिर्भर भारत" अभियान सह-निर्माण, सह-विकास और सह-नवाचार का निमंत्रण है। म्यूनिख होकर बर्लिन पहुंचे रक्षा मंत्री ने मंगलवार को जर्मनी के सांसदों को संबोधित करते हुए दोनों देशों के रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्रों के बीच सहयोग बढ़ाने की पुरजोर वकालत की। यात्रा के पहले दिन उन्होंने रक्षा एवं सुरक्षा संबंधी जर्मनी की संसद की स्थायी समिति को संबोधित करते हुए कहा कि आज दुनिया नए सुरक्षा खतरों का सामना कर रही है और तकनीकी परिवर्तन ने स्थिति को अत्यधिक जटिल बना दिया है। उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश के अनुकूल ढलने की तत्परता के साथ एक नए दृष्टिकोण की आवश्यकता है।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत रक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देख रहा है और जर्मन उद्योग के साथ साझेदारी बढ़ाने से दोनों देशों को महत्वपूर्ण लाभ मिल सकते हैं। राजनाथ सिंह ने कहा, “हम जर्मनी के अग्रणी औद्योगिक उद्यमों की स्थापित क्षमताओं को पहचानते हैं। साथ ही उन्नत और उभरती प्रौद्योगिकियों में प्रसिद्ध जर्मन मिटेलस्टैंड (लघु एवं मध्यम आकार की कंपनियों) के जोश और गतिशीलता की सराहना करते हैं। भारत में भी हमारे स्टार्टअप और उद्यमशील निजी कंपनियां तेजी से हमारे बड़े और स्थापित रक्षा उद्यमों की क्षमताओं को बढ़ा रही हैं और उनका पूरक बन रही हैं। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां भारत और जर्मनी स्वाभाविक रूप से एक-दूसरे के पूरक हैं और हमारी साझेदारी और भी गहरी हो सकती है।”</p>
<p>आधुनिक वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए राजना​थ सिंह ने समन्वित प्रतिक्रियाओं और भरोसेमंद रणनीतिक साझेदारियों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विशेष बल दिया है। यूरोपीय संघ के स्तर पर भी विचारों में स्पष्ट एकरूपता दिखाई देती है और यह भारत के साथ उसके बढ़ते जुड़ाव में परिलक्षित होती है, जिसमें भारत-यूरोपीय संघ रक्षा और रणनीतिक साझेदारी भी शामिल है।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने दोहराया कि भारत और जर्मनी न केवल रणनीतिक साझेदार हैं, बल्कि वर्तमान समय के वैश्विक विमर्श को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा, “हम स्थापित लोकतंत्र हैं जो साझा मूल्यों से बंधे हैं, और गतिशील अर्थव्यवस्थाएं हैं जो लचीलेपन, नवाचार और दृढ़ औद्योगिक भावना से संचालित हैं। सांसदों और समिति के सम्मानित सदस्यों के रूप में आपका मार्गदर्शन, राय और समर्थन हमारे रक्षा और रणनीतिक सहयोग के भविष्य को और मजबूत और समृद्ध बना सकता है।”</p>
<p>राजनाथ सिंह ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक अस्थिरता को अब क्षेत्रीय मामला नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि इसके परिणाम वैश्विक स्तर पर हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थानीय अशांति नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए दूरगामी प्रभावों वाले गंभीर घटनाक्रम है। साथ ही इससे होने वाली मानवीय क्षति को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “भारत जैसे विकासशील देश के लिए, जो अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के एक महत्वपूर्ण हिस्से के लिए पश्चिम एशियाई क्षेत्र पर निर्भर है, होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान कोई दूर की घटना नहीं है, बल्कि यह एक कड़वी सच्चाई है जिसका हमारी सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर सीधा प्रभाव पड़ता है।”</p>
<p>रक्षा मंत्री ने जर्मनी के सांसदों को बताया कि पश्चिम एशिया पर गठित मंत्रियों का समूह लगातार बदलती स्थिति का आकलन कर रहा है और इसके प्रभाव को कम करने के लिए समयोचित उपाय सुझा रहा है। उन्होंने कहा, “प्रमुख मंत्रालयों को एक साथ लाकर की गयी हमारी चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखना, मुद्रास्फीति के दबाव को नियंत्रित करना और नागरिकों के साथ-साथ उद्योगों को बाहरी व्यवधानों से बचाना है। यह वैश्विक संकटों का सामना शांति, दूरदर्शिता और प्रभावी संस्थागत समन्वय के साथ करने की भारत की क्षमता को दर्शाता है।”</p>
<p>जर्मनी के सांसद और सांसदीय समिति के अध्यक्ष थॉमस रोवेकैंप ने बैठक में श्री सिंह का स्वागत किया। इससे पहले, रक्षा मंत्री ने बर्लिन पहुंचने पर हम्बोल्ट विश्वविद्यालय परिसर में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर को पुष्पांजलि अर्पित की। रक्षा मंत्री के आगमन पर बर्लिन हवाई अड्डे पर उनका सैन्य सम्मान के साथ स्वागत किया गया। म्यूनिख से बर्लिन की उनकी यात्रा के दौरान लड़ाकू विमानों की सुरक्षा में उन्हें जर्मन वायु सेना के एक विशेष विमान में ले जाया गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/rajnath-singh-invites-germany-to-expand-cooperation-in-defense-production/article-151268</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/rajnath-singh-invites-germany-to-expand-cooperation-in-defense-production/article-151268</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 13:23:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/rajnath-singh-3.png"                         length="592112"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        