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                <title>Economic Reforms - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Economic Reforms RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नेपाल में नवनियुक्त प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह का ये होगा संभावित मंत्रिमंडल: सुधन गुरूंग को मिला गृह मंत्रालय तो वाग्ले को वित्त मंत्रालय, जानें किसको कौन सा मिला पद?</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री बालेन शाह के नए मंत्रिमंडल की रूपरेखा तैयार हो गई है। सूत्रों के अनुसार, स्वर्णिम वाग्ले को वित्त और सुधन गुरूंग को गृह मंत्रालय की अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। शिशिर खनाल विदेश मंत्री और सोबिता गौतम कानून मंत्री के रूप में युवा जोश और विशेषज्ञता का संगम पेश करेंगे। जल्द ही आधिकारिक घोषणा संभावित है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/this-will-be-the-possible-cabinet-of-the-newly-appointed/article-148115"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/balen-shah2.png" alt=""></a><br /><p>काठमांडू। नेपाल में नव नियुक्त प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के मंत्रियों के नाम लगभग तय कर लिए गए हैं। विभिन्न स्रोतों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नेताओं के बीच विभागों का बंटवारा भी किया जा चुका है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े सुधन गुरूंग को गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। श्री गुरूंग जेन-ज़ी आंदोलन के दौरान चर्चा में आए थे और गोरखा-दो पार्टी से निर्वाचित हुए हैं।</p>
<p>राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी) के उपाध्यक्ष स्वर्णिम वाग्ले को वित्त मंत्रालय दिए जाने की संभावना है। वाग्ले वित्तीय मामलों के विशेषज्ञ माने जाते हैं और तनहूं निर्वाचन क्षेत्र से दो बार प्रतिनिधि सभा के लिए चुने जा चुके हैं। इसी तरह, शिशिर खनाल को विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है। वह पार्टी के विदेश मामलों से जुड़े विभाग का नेतृत्व कर चुके हैं। खड़क राज पौडेल (गणेश) को संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय सौंपे जाने की संभावना है। वह लेखक भी हैं और कास्की निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित हुए हैं। महोत्तरी निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित दीपक साह को श्रम मंत्रालय मिलने की बात कही जा रही है।</p>
<p>काठमांडू-पांच निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित सस्मित पोखरेल को शिक्षा एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि विक्रम तिमिल्सिना को सूचना, संचार एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय का प्रभार मिलने की संभावना है। इसके अलावा प्रतिभा रावल (सामान्य प्रशासन),  बिराज भक्त श्रेष्ठ (ऊर्जा), गीता चौधरी (कृषि), सोबिता गौतम (कानून), सीता बादी (महिला एवं बाल विकास) और सुनील लामसाल (भौतिक अवसंरचना) को भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना जताई गई है। इन नियुक्तियों की आधिकारिक घोषणा अभी शेष है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 18:19:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>'सेवा तीर्थ' में पहली बार बैठा मोदी मंत्रिमंडल: नए कार्यालय को बताया देश के नवनिर्माण की प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति, भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का लिया संकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नवनिर्मित कार्यालय 'सेवा तीर्थ' में पहली केंद्रीय कैबिनेट बैठक आयोजित। 'सेवा संकल्प' प्रस्ताव पारित कर भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/modi-cabinet-sitting-in-seva-teerth-for-the-first-time/article-144463"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(2)13.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने फाल्गुन मास की शुक्ल अष्ठमी, मंगलवार को पहली बार यहां नवनिर्मित प्रधानमंत्री कार्यालय भवन सेवा तीर्थ में अपनी पहली बैठक में सेवा संकल्प प्रस्ताव पारित किया और इसे भारत की विकास यात्रा में एक नया आरंभ बताया।</p>
<p>इस प्रस्ताव में पिछले एक दशक की उपलब्धियों और सुधारों को गिनाते हुए संकल्प व्यक्त किया गया है कि यह सरकार सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाते हुए भारत को निकट भविष्य में विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए काम करेगी। प्रस्ताव में भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के प्रति मंत्रिमंडल की प्रतिबद्धता और समर्पण भी व्यक्त किया गया है।   </p>
<p>कैबिनेट द्वारा स्वीकृत सेवा संकल्प में कहा गया है, आज युगाब्द 5127, विक्रम संवत 2082, शक संवत् 1947, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष..अष्टमी के दिन...24 फरवरी, 2026 को, माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की अध्यक्षता में, नए प्रधानमंत्री कार्यालय सेवा तीर्थ में केंद्रीय मंत्रिमंडल की ऐतिहासिक प्रथम बैठक आयोजित हो रही है।</p>
<p>नए भवन को नये भारत के निर्माण की अभिव्यक्ति बताते हुए प्रस्ताव में कहा गया है, यह बैठक एवं यह भवन नए भारत के नवनिर्माण की एक प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति है। इस शुभारंभ के साथ ही हम उस भविष्य का स्वागत कर रहे हैं, जिसके निर्माण में सदियों का श्रम लगा है। आजादी के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक में इतने दशकों तक सरकारों ने विरासत को संभाला और भविष्य के सपने देखे। हमने एक ऐसे भारत के सपने देखे, जिसकी सोच स्वदेशी हो, स्वरूप आधुनिक हो, और सामथ्र्य अनंत हो। आज यह सेवातीर्थ उसी संकल्पना का वह मूर्तिमान अवतार है जो लोकतन्त्र की जननी के रूप में भारत के गौरव को बढ़ाएगा।</p>
<p>नए प्रधानमंत्री कार्यालय के स्थान के अंग्रेजों के राज के दौर के बैरक वाले इतिहास को याद करते हुए प्रस्ताव में कहा गया है, आज इस अवसर पर इस स्थान के इतिहास को भी स्मरण कर रहे हैं। सेवा तीर्थ उन अस्थायी बैरकों के स्थान पर बना है, जो ब्रिटिश काल के थे। उस स्थान पर राष्ट्र संचालन के सक्रिय संस्थान का निर्माण नये भारत के कायाकल्प का भी प्रतीक है।</p>
<p>प्रस्ताव में आगे कहा गया है, गुलामी के कालखंड से पहले भारत की पहचान एक ऐसे राष्ट्र के रूप में होती थी जो एक ओर अपनी भौतिक भव्यता के लिए भी जाना जाता था, और दूसरी ओर अपने मानवीय मूल्यों के लिए। सेवातीर्थ की संकल्पना इन दोनों ही आदर्शों से मिलकर बनी है। कर्तव्य, सेवा और समर्पण की त्रिवेणी से यह कार्यस्थल एक तीर्थ की भांति पवित्र हो, यह इसकी मूलभावना है।</p>
<p>इसमें कहा गया है, सेवा तीर्थ में हो रही इस पहली बैठक के साथ केंद्रीय मंत्रिमंडल यह संकल्प दोहराता है कि यहां लिया गया हर निर्णय 140 करोड़ देशवासियों के प्रति सेवा-भाव से प्रेरित होगा और राष्ट्र-निर्माण के व्यापक लक्ष्य से जुड़ा होगा। भारत के संविधान को सरकार की नैतिक प्रतिबद्धता बताते हुए प्रस्ताव में कहा गया है, हमारे लिए संवैधानिक मूल्य उस नैतिक प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति हैं, जो शासन को नागरिक की गरिमा, समानता और न्याय से जोड़ती है। सेवा तीर्थ की कार्य-संस्कृति इसी आत्मा से संचालित होगी, जहां हर नीति संविधान की मूल भावना के अनुरूप होगी और हर निर्णय देशवासियों की आकांक्षाओं के प्रति उत्तरदायी होगा।</p>
<p>केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यह संकल्प दोहराया, इस परिसर में लिया गया प्रत्येक निर्णय नागरिक देवो भव की भावना से प्रेरित होगा। यह स्थान सत्ता के प्रदर्शन का नहीं, प्रत्येक भारतवासी के सशक्तिकरण का केंद्र बनेगा। सेवा तीर्थ से संचालित शासन का हर प्रयास देश के अंतिम व्यक्ति के जीवन को सरल बनाने की भावना से जुड़ा रहेगा। हम ये दोहराते हैं कि हम अपनी परिकल्पना के मुताबिक शासन के उस  मॉडल को और मजबूती देंगे, जो पारदर्शी, उत्तरदायी और नागरिक की संवेदनाओं के प्रति सजग हो    </p>
<p>इसमें कहा गया है, सेवा तीर्थ उस गवर्नेंस इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता का उत्तर है, जो जड़ता की जगह गतिशीलता को, उदासीनता की जगह निष्ठा को और संदेह की जगह समाधान को बढ़ावा देता है। इसी सोच के साथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बीते वर्षों में लिये गये निर्णयों ने शासन के उद्देश्य को नयी स्पष्टता दी है। करोड़ों नागरिकों के जीवन में आये बदलाव ने शासन के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत किया है।</p>
<p>मोदी सरकार की एक दशक की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए प्रस्ताव में कहा गया है, बीते एक दशक में 25 करोड़ से अधिक नागरिकों को गरीबी से बाहर निकालकर देश ने असंभव समझे जाने वाले काम को संभव करके दिखाया है। ऐसे अनेक कीर्तिमानों के पीछे सरकार की दूरगामी सोच, व्यापक परिकल्पना और अथक परिश्रम रहा है। आयुष्मान भारत के माध्यम से करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा से जोडऩे का गौरव देश ने हासिल किया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत करीब 80 करोड़ नागरिकों तक खाद्य सुरक्षा पहुंचाकर भुखमरी के अभिशाप का अंत किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 12 करोड़ से अधिक शौचालयों के निर्माण से करोड़ों परिवारों और महिलाओं को गरिमापूर्ण जीवन मिला है। ये सभी आंकड़े शासन की उस दिशा का संकेत हैं जहां नीति का अंतिम उद्देश्य नागरिक का जीवन सरल बनाना रहा है। इसी तरह चार करोड़ से अधिक घरों के निर्माण से करोड़ों परिवारों को सिर पर छत और सुरक्षा मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के माध्यम से लगभग 16 करोड़ नागरिकों तक पीने के पानी की पहुंच बनी है। </p>
<p>प्रस्ताव में कहा गया है,केंद्रीय मंत्रिमंडल भारत की अर्थव्यवस्था में आये व्यापक परिवर्तनों को एक सतत सुधार-यात्रा के रूप में देखता है। मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस के मंत्र के साथ जीएसटी, डीबीटी और डिजिटल इंडिया जैसे सुधारों ने शासन को अधिक पारदर्शी, अधिक सक्षम और अधिक नागरिक-केंद्रित बनाया है। टैक्स मामलों में फेसलेस जांच की प्रक्रिया से ईमानदारी को बढ़ावा मिला है, और आम नागरिकों का भरोसा मजबूत हुआ है। इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत आज विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपना सशक्त स्थान बना चुका है। मंत्रिमंडल यह दृढ़ संकल्प लेता है कि सेवा तीर्थ की नई ऊर्जा और रिफॉर्म एक्सप्रेस की तीव्र गति से, हम निकट भविष्य में विश्व की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में भारत का स्थान सुनिश्चित करने का संकल्प पूरा करेंगे।</p>
<p>प्रस्ताव में कहा गया है, आज केंद्रीय मंत्रिमंडल स्वयं को विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प के प्रति पुन: समर्पित करता है। यह एक दीर्घकालिक राष्ट्रीय यात्रा है, जिसमें आज लिये गये निर्णय आने वाली पीढिय़ों के भविष्य का स्वरूप तय करेंगे। सेवा तीर्थ में हो रही यह पहली बैठक हमें यह स्मरण कराती है कि विकास का लक्ष्य जितना बड़ा है, उसके प्रति हमारी जिम्मेदारी उतनी ही गहरी होनी चाहिए।</p>
<p>नए प्रधानमंत्री कार्यालय के बारे में प्रस्ताव में कहा गया है, यह परिसर केवल एक आधुनिक कार्यस्थल नहीं है। यह शासन की नयी कार्य-संस्कृति का भी प्रतीक है। यहाँ की आधुनिक तकनीक और दक्ष कार्यप्रणाली के माध्यम से सरकार की कार्यक्षमता नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी। यहां से चलने वाली प्रत्येक फाइल, और यहां कार्य करने वाला प्रत्येक कर्मयोगी, इस भाव से प्रेरित होगा कि उसका कार्य देश के अंतिम व्यक्ति के जीवन को सरल बनाने से जुड़ा है। केंद्रीय मंत्रिमंडल यह संकल्प लेता है कि यह संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को प्रोत्साहित करेगा और सुधारों की उस निरंतर यात्रा को गति देगा, जिसे देश ने बीते वर्षों में अनुभव किया है। </p>
<p>सेवा संकल्प में कहा गया है, मंत्रिमंडल की यह पहली बैठक इस विश्वास को और सुदृढ़ करती है कि सही नीति, नेक नीयत और सही नेतृत्व से विकसित भारत के निर्माण का पथ निरंतर प्रकाशित होता रहेगा। सेवा तीर्थ से संचालित कार्य-संस्कृति भारत को एक समर्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाने का आधार बनेगी।</p>
<p>प्रस्ताव का समापन इस प्रतिबद्धता के साथ किया गया है केंद्रीय मंत्रिमंडल, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में, सेवा तीर्थ को संवेदनशील, उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित शासन का एक वैश्विक उदाहरण बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है। मंत्रिमंडल यह संकल्प लेता है कि 2047 तक भारत को एक समृद्ध, समर्थ और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की यात्रा में यह परिसर राष्ट्रीय आकांक्षाओं का सशक्त केंद्र बनेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 18:25:02 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>आम बजट में सशक्तिकरण और समावेशन की गूंज : तेज, सतत और समावेशी विकास का रोडमैप, गरीब-किसान-युवा तक पहुंचेगा विकास; तस्वीरों में देखें बजट</title>
                                    <description><![CDATA[आम बजट में सरकार ने रोजगार, एमएसएमई, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और सशक्तिकरण पर फोकस रखते हुए तेज, सतत और समावेशी विकास का रोडमैप पेश किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/echo-of-empowerment-and-inclusion-in-the-general-budget-roadmap/article-141595"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(1).png" alt=""></a><br /><p dir="ltr">नई दिल्ली। आम बजट के जरिए मोदी सरकार का केंद्रीय मंत्र “रिफॉर्म एक्सप्रेस” रहा, जिसके तहत रोजगार सृजन, एमएसएमई, सशक्तिकरण, मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को प्राथमिकता दी गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट प्रस्तुत करते हुए भारत को “तेज़, सतत और समावेशी विकास” की राह पर आगे ले जाने का स्पष्ट रोडमैप रखा। सीतारमण ने कहा कि सरकार का फोकस केवल विकास दर पर नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, क्षमता निर्माण और सभी वर्गों तक विकास के लाभ पहुंचाने पर है। यह बजट ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की निरंतरता को दर्शाता है, जिसमें 350 से अधिक संरचनात्मक सुधार पहले ही लागू किए जा चुके हैं। </p>
<p dir="ltr"><img alt="2Q=="></img></p>
<p class="MsoNormal">वित्त मंत्री ने बताया कि बजट तीन प्रमुख कर्तव्यों से प्रेरित है पहला, आर्थिक विकास को तेज और टिकाऊ बनाए रखना,  दूसरा, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा कर उनकी क्षमताओं का निर्माण करना और तीसरा, ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत के तहत सभी क्षेत्रों और समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करना।  सीतारमण ने कहा कि ‘रिफार्म एक्सप्रेस’ अपनी राह पर है और सरकार इस गति को बनाए रखेगी, सरकार का कर्तव्य यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, समुदाय और वर्ग को संसाधनों, सुविधाओं एवं अवसरों तक पहुंच प्राप्त हो, सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि वृद्धि का लाभ हर किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और युवा तक पहुंचे, जीएसटी, श्रम संहिता एवं गुणवत्ता नियंत्रण आदेश सहित कई सुधार 15 अगस्त से लागू किए जा चुके हैं। सरकार का कर्तव्य आर्थिक वृद्धि को गति देना और उसे बनाए रखना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना है, गरीब, वंचित और पिछड़े लोगों पर ध्यान देना सरकार का संकल्प है।</p>
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<p class="MsoNormal">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong>एमएसएमई को ‘चैंपियंस’ बनाने की पहल </strong></p>
<p dir="ltr">बजट में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों ( एमएसएमई ) को अर्थव्यवस्था का मजबूत इंजन बताते हुए उनके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने ‘चैंपियंस एमएसएमई’ पहल के तहत ₹10,000 करोड़ का एमएसएमई विकास फंड शुरू करने की घोषणा की है, जिससे संभावनाशील उद्यमों को इक्विटी सहायता मिलेगी। इसके अलावा, आत्मनिर्भर भारत निधि में ₹2,000 करोड़ का टॉप-अप देकर सूक्ष्म उद्यमों के लिए जोखिम पूंजी की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी। बजट में ट्रेड्स प्लेटफॉर्म को और मजबूत करने, सरकारी खरीद में एमएसएमई की हिस्सेदारी बढ़ाने तथा भुगतान प्रणाली को तेज और पारदर्शी बनाने के उपायों का भी ऐलान किया है। इससे एमएसएमई सेक्टर की नकदी स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। </p>
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<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश </strong></p>
<p dir="ltr">इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देने के लिए बजट में सरकारी पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव किया गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014-15 में यह आंकड़ा ₹2 लाख करोड़ था, जो अब कई गुना बढ़ चुका है। सरकार टियर-2 और टियर-3 शहरों को नए विकास केंद्र के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दे रही है। मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण और बायो-फार्मा सेक्टर में बड़े निवेश की घोषणा की गई है। सरकार ने अगले पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ के परिव्यय से बायो-फार्मा शक्ति कार्यक्रम शुरू करने का भी ऐलान किया। </p>
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<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> हर जिले में बनेगा एक गर्ल्स हॉस्टल </strong></p>
<p dir="ltr">बजट में गर्ल्स एजुकेशन को सपोर्ट करने के लिए हर जिले में एक लड़कियों का हॉस्टल बनाने की बात कही। वित्त मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा में, स्टीम संस्थानों में पढ़ाई के लंबे घंटे और लैब का काम लड़कियों स्टूडेंट्स के लिए कुछ चुनौतियां खड़ी करते हैं, ऐसे में हमारी योजना के जरिए, हर जिले में एक लड़कियों का हॉस्टल बनाया जाएगा ताकि इमर्सिव अनुभवों के जरिए एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी को बढ़ावा दिया जा सके।</p>
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<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> लखपति दीदी कार्यक्रम का होगा विस्तार </strong></p>
<p dir="ltr">सीतारमण ने कहा कि बजट में लखपति दीदी कार्यक्रम की सफलता को आगे बढ़ाया गया है। इसके तहत सरकार महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड आजीविका से एंटरप्राइज मालिक बनने में मदद करने की योजना बना रही है। साथ ही क्लस्टर-लेवल फेडरेशन के भीतर कम्युनिटी-ओन्ड रिटेल आउटलेट के तौर पर सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर मार्ट स्थापित किए जाएंगे, इन मार्ट को बेहतर और इनोवेटिव फाइनेंसिंग के ज़रिए सपोर्ट किया जाएगा, इससे महिलाएं एंटरप्रेन्योरशिप में अगला कदम उठा सकेंगी।</p>
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— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921818427027917?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव </strong></p>
<p dir="ltr">केंद्रीय बजट में प्रमुख शहरी और आर्थिक केंद्रों में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने के प्रस्ताव दिया गया।  बजट में मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु,</p>
<p dir="ltr"><strong>हैदराबाद-चेन्नई, वाराणसी-सिलीगुड़ी चेन्नई-बेंगलुरु और </strong></p>
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<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi"><a href="https://dainiknavajyoti.com/admin/post/post/">बजट 2026 </a><a href="https://t.co/WSZoMyBF2l">pic.twitter.com/WSZoMyBF2l</a></p>
— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921937838834133?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p dir="ltr"><strong>

</strong></p>
<p dir="ltr">दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने ऐलान किया गया। साथ ही पर्यावरण के अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने की बात कही गई है, ये कॉरिडोर ग्रोथ कनेक्टर के रूप में काम करेंगे, यात्रा का समय कम करेंगे, प्रदूषण कम करेंगे और क्षेत्रीय विकास में मदद करेंगे।</p>
<p class="MsoNormal"><strong> कैंसर और डायबिटीज की दवाएं होंगी सस्ती</strong></p>
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<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi"><a href="https://dainiknavajyoti.com/admin/post/post/">बजट 2026 </a><a href="https://t.co/hjZdm6uhmn">pic.twitter.com/hjZdm6uhmn</a></p>
— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921987705000192?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p class="MsoNormal"><strong>

</strong><strong><br /></strong></p>
<p dir="ltr">सीतारमण ने बजट भाषण में देश में बायो फार्मा सेक्टर के विकास से देश में कैंसर, डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती करने का ऐलान किया। सीतारमण ने घोषणा की कि 17 जरूरी दवाओं के आयात पर छूट (इंपोर्ट ड्यूटी में राहत) दी जाएगी, इस कदम से इन दवाओं की कीमतें कम होंगी और मरीजों को सीधा फायदा मिलेगा। इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा कैंसर और डायबिटीज के मरीजों को मिलेगा, इसके अलावा कुछ दुर्लभ और गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली एडवांस दवाएं भी इस लिस्ट में शामिल हैं, ये वे दवाएं हैं जिनका देश में सीमित उत्पादन होता है या जो पूरी तरह आयात पर निर्भर हैं। सीतारमण ने 10,000 करोड़ रुपये का एक एसएमई ग्रोथ फंड की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने भविष्य में नौकरियां पैदा करने और चुनिंदा मानदंडों के आधार पर उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए एक डेडिकेटेड 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। </p>
<p class="MsoNormal"><strong> डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाएगी सरकार </strong></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
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— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017919840254828962?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p class="MsoNormal"><strong>

</strong>सीतारमण ने भारत के लिए डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नवंबर 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के लिए एक योजना शुरू की गई थी, अब हम ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज समृद्ध राज्यों को डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में मदद करने का प्रस्ताव देते हैं। इसका मकसद भारत के घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बेस को मजबूत करना और ज़रूरी मिनरल्स के इंपोर्ट पर निर्भरता को कम करना है, अब दुर्लभ खनिज के क्षेत्र में भारत भी दुनिया से कदम से कदम मिलाकर चलेगा। केंद्र सरकार उन राज्यों को समर्थन देगी जहां रेयर अर्थ मेटल मौजूद हैं। वित्त मंत्री के अनुसार, इस स्कीम के तहत रेयर अर्थ मिनरल्स की माइनिंग, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, चीन के पास दुनिया का सबसे बड़ा रेयर अर्थ भंडार है, ऐसे में इस कदम से चीन की दादागिरी खत्म होगी।</p>
<p class="MsoNormal"><strong> खादी और हस्तशिल्प टेक्सटाइल होंगे मजबूत </strong></p>
<p dir="ltr">वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में खादी और हस्तशिल्प टेक्सटाइल को मजबूत करने के लिए योजना का प्रस्ताव दिया। उन्होंने बजट में टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और नेशनल हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट्स प्रोग्राम की घोषणा की, वही चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि खादी और हस्तशिल्प टेक्सटाइल को मजबूत करने के लिए योजना बनाई है, इसके तहत महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू की जाएगी, जो विशेष रूप से खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्रों के पुनरुद्धार पर केंद्रित है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने, ब्रांडिंग करने और वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए काम करेगी। वहीं 'टेक्सटाइल एक्सपेंशन एंड एम्प्लॉयमेंट स्कीम' के तहत पारंपरिक क्लस्टर्स को आधुनिक मशीनों, तकनीक और साझा परीक्षण केंद्रों से सुसज्जित किया जा रहा है। जबकि समर्थ 2.0 वस्त्र क्षेत्र में कौशल विकास के लिए 'समर्थ' योजना का उन्नत संस्करण पेश किया गया है, जो कारीगरों को आधुनिक तकनीक के अनुसार अपस्किलिंग और रीस्किलिंग प्रदान करेगा।</p>
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— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921381498003536?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> शहरों में नए इकनॉमिक जोन बनेंगे </strong></p>
<p dir="ltr">शहरों को विकास के इंजन के रूप में विकसित करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और घरेलू विनिर्माण को गति देने के लिए बजट में शहरों में नए इकनॉमिक जोन बनाने की घोषणा की गई। वहीं देश के विभिन्न राज्यों में 12 नए औद्योगिक शहर स्थापित किए जाएंगे, जो ग्रेटर नोएडा (यूपी) और धोलेरा (गुजरात) की तर्ज पर विकसित होंगे। इनमें से कुछ आंध्र प्रदेश और बिहार में आ रहे हैं।  वहीं क्षेत्रीय विकास योजना में एक मिलियन से अधिक आबादी वाले शहरों को 20-वर्षीय 'सिटी स्पेटियल एंड इकनॉमिक प्लान' तैयार करना होगा, जो हर पांच साल में अपडेट किया जाएगा।</p>
<p class="MsoNormal"><strong> किसानों को एआई की मिलेगी नई ताकत  </strong></p>
<p dir="ltr">कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने इस बार बजट में धुरंधर खेत खलिहान की सोच पर बड़ा दांव लगाया है। बहु भाषीय एआई टूल किसानों की उत्पादकता को बढ़ाएगा और विशिष्ट सलाह प्रदान करके किसानों को बेहतर निर्णय लेने और जोखिम को कम करने में मदद करेगा। सीतारमण ने घोषणा करते हुए साफ संकेत दिया कि चाहे तटवर्ती काजू नारियल किसान हों, पहाड़ी इलाकों के खुमानी अखरोट बादाम उत्पादक हों या औषधीय खेती करने वाले किसान, हर वर्ग के लिए लक्षित योजनाएं तैयार की गई हैं.</p>
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<p dir="ltr">

</p>
<p dir="ltr">बजट के अनुसार, भारत अब अपनी विशेष फसलों को वैश्विक बाज़ार में प्रीमियम ब्रांड के रूप में स्थापित करने पर काम करेगा, भारतीय काजू को ‘प्रीमियम ब्रांड' के रूप में स्थापित किया जाएगा, जिससे एक्सपोर्ट बढ़ेगा, पहाड़ी इलाकों में खुमानी, अखरोट और बादाम की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा, इन फसलों के लिए खास प्रोत्साहन योजनाएं लागू होंगी, ताकि कठिन भूगोल में भी किसान अधिक कमाई कर सकें, चंदन की खेती के लिए राज्यों और किसानों को विशेष सहायता, ताकि यह महंगी और मांग वाली फसल फिर से भारत की पहचान बन सके, वहीं उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की रणनीति बनाई गई है, इससे जड़ी-बूटी उगाने वाले किसानों की कमाई सीधे बढ़ेगी, क्योंकि निर्यात बाजार में इनकी मांग लगातार बढ़ रही है। </p>
<blockquote class="twitter-tweet">
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— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921818427027917?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> पांच नई यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स का निर्माण </strong></p>
<p dir="ltr">बजट में राज्यों की मदद करने का ऐलान किया है ताकि चुनौती आधारित योजना के तहत पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स बनाई जा सकें। ये टाउनशिप्स बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के पास होंगी, इन जोन में कई यूनिवर्सिटी, कॉलेज, रिसर्च इंस्टीट्यूट, स्किल सेंटर और रहने के लिए कॉम्प्लेक्स तैयार किए जाएंगे, इससे छात्रों को आधुनिक शिक्षा और रोजगार की बेहतर संभावनाएं मिलेंगी। बजट में ऐलान किया गया है कि एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी के क्षेत्र में छात्रों को इमर्सिव यानी अनुभव आधारित सीखने के मौके मिलें, इसके लिए चार टेलीस्कोप और प्लेनेटेरियम सुविधाओं को नया बनाया जाएगा या अपग्रेड किया जाएगा। इनमें शामिल हैं नेशनल लार्ज सोलर टेलीस्कोप, नेशनल लार्ज ऑप्टिकल इन्फ्रारेड टेलीस्कोप, हिमालयन चंद्रा टेलीस्कोप और कॉसमॉस- 2 प्लेनेटेरियम इन पहलों से न सिर्फ शोधकर्ताओं और छात्रों को मदद मिलेगी, बल्कि भारत वैज्ञानिक और तकनीकी उन्नति के रास्ते पर भी मजबूती से आगे बढ़ेगा।</p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/echo-of-empowerment-and-inclusion-in-the-general-budget-roadmap/article-141595</link>
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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 16:30:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बजट 2026-27 : आम बजट से विकसित भारत को मिलेगी नई ऊर्जा और गति, जानें बजट 2026 पर क्या क्या बोलें पीएम मोदी ?</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी ने बजट 2026-27 को विकसित भारत 2047 की मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा, यह सुधारों, युवाओं, महिला शक्ति और उच्च विकास को नई गति देगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/budget-2026-developed-india-will-get-new-energy-and-momentum/article-141584"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(4).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट को 2047 तक विकसित भारत की ओर हमारी उच्च उड़ान के लिए एक मजबूत आधार बताते हुए कहा कि भारत जिस सुधार की रफ्तार पर सवार है, उसे इस बजट से नई ऊर्जा और गति मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि यह बजट विश्वास आधारित शासन और मानव-केंद्रित आर्थिक ढांचे की परिकल्पना को दर्शाता है।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के एक ट्रस्टेड डेमोक्रेटिक पार्टनर और ट्रस्टेड क्वालिटी सप्लायर के रूप में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है,  हाल ही में जो बड़ी-बड़ी ट्रेड डील्स भारत ने की हैं, 'मदर ऑफ ऑल डील' का अधिकतम लाभ भारत के युवाओं को मिले, भारत के लघु और मध्यम उद्योग वालों को मिले, इस दिशा में बजट में बड़े-बड़े कदम उठाए गए हैं।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत जिस रिफाॅर्म एक्सप्रेस पर सवार है, इस बजट से उसे नई ऊर्जा, नई गति मिलेगी, जो पाथ ब्रेकिंग रिफॉर्म्स किए गए हैं, वो एस्पिरेशन से भरे हुए भारत के साहसिक, टैलेंटेड युवाओं को उड़ने के लिए खुला आसमान देते हैं। ये बजट भारत की वैश्विक भूमिका को नए सिरे से सशक्त करता है, भारत के 140 करोड़ नागरिक सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनकर ही संतुष्ट नहीं हैं, हम जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं, ये करोड़ों देशवासियों का संकल्प है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह एक विशिष्ट बजट है जो राजकोषीय घाटे को कम करने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने को प्राथमिकता देता है। साथ ही उच्च पूंजीगत व्यय को मजबूत आर्थिक विकास के साथ संतुलित करता है। उन्होंने कहा, 'आज का बजट ऐतिहासिक है, यह देश की महिला शक्ति के सशक्त सशक्तिकरण को दर्शाता है, महिला वित्त मंत्री के रूप में निर्मला जी ने लगातार नौवीं बार देश का बजट पेश करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है,  यह बजट अपार अवसरों का द्वार है, यह आज की आकांक्षाओं को वास्तविकता में बदलता है और भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव को मजबूत करता है।' पीएम मोदी ने कहा कि यह एक ऐसा यूनिक बजट है, जिसमें फिसकल डेफिसिट कम करने पर फोकस है, इसके साथ बजट में हाई कैपेक्स और हाई ग्रोथ का समन्वय है, यह देश की ग्लोबल भूमिका को नए सिरे सशक्त करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/budget-2026-developed-india-will-get-new-energy-and-momentum/article-141584</link>
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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 16:15:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>खड़गे-राहुल-प्रियंका समेत कई दिग्गजों ने दी डॉ मनमोहन सिंह को पहली पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की प्रथम पुण्यतिथि (26 दिसंबर) पर उन्हें नमन किया। खड़गे ने उन्हें 'परिवर्तनकारी नेता' बताते हुए देश को आर्थिक समृद्धि की राह दिखाने वाला दूरद्रष्टा बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/many-veterans-including-kharge-rahul-priyanka-paid-tribute-to-dr-manmohan-singh/article-137262"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/man-mohan-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे,पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी तथा पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को पहली पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने देश के आर्थिक विकास को जो दिशा दी वह भारत की समृद्धि का मजबूत आधार बन गया है।</p>
<p>खड़गे ने शुक्रवार को सोशल मीडिया एक्स पर डॉ सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की प्रथम पुण्यतिथि पर, हम भारत के राष्ट्र निर्माण में उनके अपार योगदान को श्रद्धापूर्वक याद करते हैं। एक परिवर्तनकारी नेता के रूप में, उन्होंने देश के आर्थिक पथ को नया रूप दिया और आर्थिक सुधारों के माध्यम से लाखों लोगों के लिए अवसरों का विस्तार किया तथा लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला। अपनी विनम्रता, सत्यनिष्ठा और बुद्धिमत्ता के लिए विख्यात डॉ सिंह ने गरिमा और करुणा के साथ देश का नेतृत्व किया, यह सुनिश्चित करते हुए कि प्रगति समावेशी बनी रहे और कल्याणकारी लाभ सब जरूरतमंदों तक पहुँचें।</p>
<p>उन्होंने कहा, डॉ मनमोहन सिंह का देश की सभी नागरिकों के लिए अधिकार-आधारित प्रतिमान इसी दृष्टिकोण का प्रमाण है। हमने उनके दृष्टिकोण के तहत एक मजबूत भारत का निर्माण किया। हम एक ऐसे राजनेता को हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिनकी ईमानदार सार्वजनिक सेवा और स्थायी सुधारों की विरासत पीढिय़ों को प्रेरित करती रहेगी। राहुल गांधी ने कहा, डॉ. मनमोहन सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। अपने दूरदर्शी नेतृत्व से उन्होंने भारत को आर्थिक रूप से सशक्त किया। देश के वंचितों और गरीबों के लिए उनके ऐतिहासिक प्रयासों और साहसिक निर्णयों ने भारत को विश्व मंच पर एक नई पहचान दिलाई। उनकी विनम्रता, कर्मठता और ईमानदारी हम सभी के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगी।</p>
<p>प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, पूर्व वित्त मंत्री एवं रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर डॉ मनमोहन सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन। डॉ सिंह समानता में विश्वास रखने वाले, दृढ़ निश्चयी, साहसी और गरिमापूर्ण व्यक्तित्व की मिसाल थे, जो सच्चे अर्थों में देश की प्रगति के लिए समर्पित रहे। उनकी सादगी, ईमानदारी और देश के प्रति उनका समर्पण सदैव हम सबको प्रेरणा देता रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Dec 2025 11:59:28 +0530</pubDate>
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                <title>आर्थिक सुधारों के 30 साल: मनमोहन सिंह ने दी चेतावनी, बोले- आने वाला समय 1991 के संकट से ज्यादा कठिन</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा है कि तीन दशक पहले देश के समक्ष जो आर्थिक संकट था उसके कारण शुरू हुई उदारीकरण की प्रक्रिया के बाद देश ने गौरवशाली आर्थिक प्रगति हासिल की लेकिन आने वाले वक्त में ज्यादा गंभीर स्थिति होने वाली है इसलिए यह वक्त आनंद और उल्लास का नहीं बल्कि सामने खड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए आत्मचिंतन का है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा है कि तीन दशक पहले देश के समक्ष जो आर्थिक संकट था उसके कारण शुरू हुई उदारीकरण की प्रक्रिया के बाद देश ने गौरवशाली आर्थिक प्रगति हासिल की लेकिन आने वाले वक्त में ज्यादा गंभीर स्थिति होने वाली है इसलिए यह वक्त आनंद और उल्लास का नहीं बल्कि सामने खड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए आत्मचिंतन का है। डॉ. सिंह ने देश में तीन दशक पहले शुरू किए गए आर्थिक सुधारों के 30 वर्ष पूरे होने की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि 30 साल पहले 1991 में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में देश ने अर्थव्यवस्था में सुधारों की महत्वपूर्ण शुरुआत कर नई आर्थिक नीति आरंभ की। उसके बाद की सरकारों ने लगातार देश को तीन खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था की तरफ ले जाने के लिए जो राह तैयार की गई उसका निरंतर अनुसरण किया है। <br /> <br /> <strong>कोरोना ने देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद किया</strong><br /> उन्होंने कहा कि लगातार आगे बढ़ रही हमारी अर्थव्यवस्था को कोविड-19 महामारी ने तबाह किया है और इससे हमारे करोड़ों देशवासियों को भारी नुकसान हुआ है। इसके कारण देश स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ गया है और असंख्य लोगों के समक्ष रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि इन आर्थिक सुधारों का सबसे बड़ा फायदा हुआ है कि इस अवधि में देश के लगभग 30 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का मौका मिला और करोड़ों युवाओं के लिए नौकरियों के नए अवसर मिले। दुनिया की कई प्रमुख कंपनियों ने भारत का रुख किया, जिसके कारण देश को आर्थिक प्रगति की राह पर रफ्तार मिली और देश कई क्षेत्रों में वैश्विक शक्ति के रूप में उभर कर सामने आया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jul 2021 17:32:55 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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