Editorial - Page 9
ओपिनियन

जी-7 में भारत

जी-7 में भारत इस साल के जून माह में ब्रिटेन में आयोजित जी-7 सम्मेलन में भारत को आमंत्रित सदस्य के बतौर आमंत्रित करना काफी महत्वपूर्ण है। भारत का महत्व इसलिए है कि भारत में एक सफल लोकतांत्रिक व्यवस्था है और इस व्यवस्था के चलते हमने प्रगति व विकास किया है। जी-7 ब्रिटेन, अमेरिका, जापान, कनाडा, फ्रांस, इटली व जर्मनी जैसे लोकतांत्रिक विकसित देशों का समूह है।
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जानिए राजकाज में क्या है खास?

जानिए राजकाज में क्या है खास? सूबे में हाथ वाले कुछ भाई लोग आठ महीनों से काफी उछलकूद कर रहे हैं। अब उनको नवें महीने का बेसब्री से इंतजार है। इंतजार इसलिए है कि अगले महीने उन्हें गुड़ या घूघरी मिलने का पूरा भरोसा है। सूबे की सबसे बड़ी पंचायत में भी इसके लिए उन्होंने मैसेज देने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
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जानिए राजकाज में क्या है खास?

जानिए राजकाज में क्या है खास? सूबे में इन दिनों अपर क्लास वाले लोगों की नजरें पूर्व दिशा की तरफ टिकी हैं। टिके भी क्यों नहीं, दोनों दलों में जो भी कुछ हो रहा है, उसी दिशा के पानी का कमाल है। हाथ वाले दल में सपोटरा और दौसा वाले मिनेश वंशज भाईसाहबों ने जब से दुबारा जुबान खोली है, तभी से अगुणी दिशा के ठाले बैठे पंडितों को भी काम मिल गया, सो उन्होंने भी कुंडलियां देखना शुरू कर दिया है।
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जानिए राजकाज में क्या है खास?

जानिए राजकाज में क्या है खास? आज हम बात करेंगे देवदर्शनों की। जब भी किसी पर आपदा आती है, तो अपने देवों के देवरे ढोकते हैं, वे न रात देखते और न ही दिन। कई देवों के घोड़ले तो रातीजगा कराने में भी कोई कसर नहीं छोड़ते। सूबे में चुनावी जंग तो पौने तीन साल बाद होगी, मगर नंबर वन की कुर्सी के लिए के भगवा वाले भाई लोगों में ऐसा कलह मचा है कि उनको भी देवदर्शनों की शरण लेनी पड़ रही है।
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जानिए राजकाज में क्या है खास?

जानिए राजकाज में क्या है खास? सूबे में इन दिनों दोनों दलों में अशांति है लेकिन दोनों बड़े बंगलों में पूर्ण शांति है। सिविल लाइन्स स्थित इन दोनों बंगलों में रहने वाले बड़े लोग भी चुपचाप तमाशा देख रहे हैं। हाथ वाले भाई लोगों में नौ महीनों से शांति की तलाश है, तो कमल वाले भाइयों में तीन महीने से अशांति है। दोनों तरफ काचे कलवों की कमी नहीं हैं।
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जानिए राजकाज में क्या है खास?

जानिए राजकाज में क्या है खास? सूबे में इन दिनों दोनों दलों में अशांति है लेकिन दोनों बड़े बंगलों में पूर्ण शांति है। सिविल लाइन्स स्थित इन दोनों बंगलों में रहने वाले बड़े लोग भी चुपचाप तमाशा देख रहे हैं। हाथ वाले भाई लोगों में नौ महीनों से शांति की तलाश है, तो कमल वाले भाइयों में तीन महीने से अशांति है। दोनों तरफ काचे कलवों की कमी नहीं हैं।
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