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                <title>fake NOC - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>फर्जी एनओसी से ऑर्गन ट्रांसप्लांट मामले में 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश</title>
                                    <description><![CDATA[एसआईटी ने कहा कि इन आरोपियों सहित अन्य आरोपियों से साक्ष्य इकट्ठा कर जांच करनी है। इसलिए उनके खिलाफ अनुसंधान लंबित रखा जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chargesheet-presented-against-12-accused-in-organ-transplant-case-through/article-85380"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/organ.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आर्गन ट्रांसप्लांट की फर्जी एनओसी से जुडेÞ मामले में एसीजेएम क्रम-8, जयपुर मेट्रो प्रथम कोर्ट में एसआईटी ने जवाहर सर्किल पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर में 12 आरोपियों नुरूल इस्लाम, मेंहदी हसन, मोहम्मद अहसनुल कोबीर, मोहम्मद आजाद हुसैन, गौरव सिंह, विनोद सिंह, गिर्राज शर्मा, सुखमय नंदी, सुमन जाना, भानू लववंशी, डॉ. संदीप गुप्ता और डॉ. जितेन्द्र गोस्वामी के खिलाफ चार्जशीट पेश की। </p>
<p><strong>इन धाराओं में लगाए आरोप</strong><br />पुलिस ने चार्जशीट में आरोपियों पर आईपीसी की धारा 420, 419, 467, 468, 471, 120 बी, मानव अंग प्रत्यारोपण की धारा 18,19, 20 370 (3) के आरोप लगाए हैं। चार्जशीट में कहा कि आरोपियों ने फर्जी तरीके से ऑर्गन ट्रांसप्लांट कराने वाले फर्जी दस्तावेज तैयार किए। उनके खिलाफ आईपीसी व मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम का अपराध प्रमाणित है। </p>
<p><strong>इनके खिलाफ जांच लंबित</strong><br />एसआईटी ने फरार आरोपी मुर्तजा अंसारी, आकाश, प्रशांत यादव, सुलेमान खान, राजकमल, मेंहदी हसन, ललित, फोर्टिस अस्पताल की दो डॉक्टर राजेश और ज्योति बंसल, कुशाग्र गोयल, रेनू विज व माला ऐरन व हॉस्पिटल के अन्य डॉक्टर्स व कर्मचारियों के खिलाफ जांच लंबित रखी है। एसआईटी ने कहा कि इन आरोपियों सहित अन्य आरोपियों से साक्ष्य इकट्ठा कर जांच करनी है। इसलिए उनके खिलाफ अनुसंधान लंबित रखा जा रहा है।</p>
<p><strong>आरोपियों ने चार्जशीट पर की आपत्ति</strong><br />आरोपियों की ओर से अधिवक्ता हेमंत नाहटा और अधिवक्ता विपुल शर्मा ने कोर्ट में चार्जशीट पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि कानूनी तौर पर ना तो पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज कर सकती है और ना ही चार्जशीट। कोर्ट ऐसी चार्जशीट पर प्रसंज्ञान भी नहीं ले सकता। पुलिस ने जानबूझकर एक परिवाद केस को एफआईआर में बदला है। जिन दस्तावेजों को फर्जी बताया जा रहा है वे सभी दस्तावेज बांग्लादेश में तैयार किए गए थे और वहां की सरकार ने इन्हें प्रमाणित माना था। वहीं समान मामले और समान आधार पर गुरुग्राम में भी एफआईआर दर्ज हो चुकी है ऐसे में यहां एफआईआर दर्ज करवाना गलत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jul 2024 12:48:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>1 साल में 945 ट्रांसप्लांट हुए, 269 मामले में मरीज और दानदाता रिश्तेदार नहीं, 171 विदेशियों के ऑर्गन लगे</title>
                                    <description><![CDATA[अवैध ट्रांसप्लांट का रिकॉर्ड नहीं मिला, 2020 से खेल चल रहा लेकिन दस्तावेज गायब मिले, कमेटी केवल एक साल के प्रत्यारोपण के कागजात एकत्रित कर पाई ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/945-transplants-took-place-in-1-year-in-269-cases/article-78153"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(12)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में फर्जी एनओसी से ऑर्गन ट्रांसप्लांट के मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग की गठित उच्चस्तरीय जांच कमेटी की रिपोर्ट बुधवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त इकबाल खान ने चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर को एसीएस शुभ्रा सिंह की मौजूदगी में सौंप दी। रिपोर्ट आने के बाद खींवसर, शुभ्रा सिंह और इकबाल खान ने एक साथ मीडिया से बातचीत करते हुए बताया है कि 2020 से कितने ऑर्गन ट्रांसप्लांट हुए, फर्जी एनओसी से चल रहे खेल के सारे रिकॉर्ड नहीं मिल पाए हैं। पुलिस ने स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ऑर्गेनाइजेशन यानी सोटो का ऑफिस सीज कर रखा था, दस्तावेज इधर-उधर थे। कितने अवैध ट्रांसप्लांट हुए, इसकी भी कोई रिकॉर्ड अनुसार जानकारी अभी नहीं जुटाई जा सकी है। इसके चलते कमेटी ने एक साल में हुए ऑर्गन ट्रांसप्लांट की रिपोर्ट तैयार की है। इसके अनुसार एक साल में अधिकृत 4 सरकारी और 11 प्राइवेट अस्पतालों में कुल 945 ऑर्गन ट्रांसप्लांट हुए। जिनमें से 82 सरकारी और 863 प्राइवेट अस्पतालों में हुए। इनमें भी 933 का ही रिकॉर्ड मिला है। 882 किडनी और 51 लीवर ट्रांसप्लांट किए गए। करीब 18 फीसदी यानी 171 विदेशियों के अंग लगाए गए, जिनमें 95 फीसदी बांग्लादेशी मरीज थे। शेष 5 फीसदी नेपाली और कम्बोडियन थे। अब यह रिकॉर्ड सरकार द्वारा गठित एसआईटी को दिया जाएगा। प्रदेश में अब थोहा एक्ट के तहत ऑर्गन ट्रांसप्लांट की नई एसओपी भी बनाई जाएगी। </p>
<p><strong>एसआईटी से जांच इसलिए </strong><br />चिकित्सा शिक्षा आयुक्त इकबाल खान ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग में केवल ऑर्गन ट्रांसप्लांट एक्ट के उल्लंघन पर सीधे कोर्ट में दोषियों पर कार्रवाई का नियम है, लेकिन प्रदेश में हुए मामलों में अंग खरीदे-बेचे गए, पैसों का भारी लेन-देन हुआ, गिरोह लिप्त रहे ऐसे में पुलिस के समुचित प्राधिकारी लगाया गया और जांच एसआईटी के जिम्मे दी गई है। </p>
<p><strong>किस प्राइवेट अस्पताल में कितने ट्रांसप्लांट हुए </strong><br />सबसे ज्यादा फोर्टिज में 103, ईएचसीसी में 34, मणिपाल हॉस्पिटल में 31, महात्मा गांधी अस्पताल में 2 लोगों के ट्रांसप्लांट हुए। इनमें से शक की सुई महात्मा गांधी अस्पताल के अलावा अन्य अस्पतालों पर टिकी है। <br />डॉ. बागड़ी भी निलंबित, डॉ. बगरहट्टा और डॉ.अचल को 16 सीसीए का नोटिस <br />एसएमएस अस्पताल के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र बागड़ी को भी निलंबित कर दिया गया है। वे ट्रांसप्लांट से जुड़ी राज्य प्राधिकार समिति के कोर्डिनेटर थे। बिना तारीख और समय के उनके मीटिंग्स नोटिस मिले हैं। डॉ. बगरहट्टा और डॉ. अचल शर्मा को बर्खास्तगी के बाद अब 16 सीसीए का नोटिस जारी कर आगामी सेवा नियमों में कार्रवाई होगी। </p>
<p><strong>पूर्व सरकार से चला खेल, राजस्थान को देशभर में शर्मिंन्दा होना पड़ा : खींवसर</strong><br />चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि 2020 से यह खेल चल रहा था, हमारी सरकार आने के बाद मामला उजागर हुआ। सीएम ने इस पर जीरो टालरेंस की नीति पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। राजस्थान को मामले में देशभर में शर्मिन्दा होना पड़ा है। तत्कालीन केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांशु पंत ने दो पत्र तब प्रदेश सरकार को लिखकर ऑर्गन ट्रांसप्लांट में अनियमितताओं पर अपनी बात कही थी। सोटों संचालन पर सवाल उठाए थे। लेकिन सोटों को हाईजैक कर मेडिकल कॉलेज से डॉ भंडारी आरयूएचएस ले गए। तीन की जगह दो ही कमेटियां कर दी गई। सोटो और कमेटियों की बैठकें नहीं होती थी। जो हुई उनकी मिनिट्स तक नहीं मिली। डॉ.बगरहट्टा और डॉ.अचल ने बिना उच्चस्तरीय परमिशन के मामले को एसीबी में दिया। दस दिन बाद एसीएस को बताया, यह गलत है। क्योंकि यह उनका व्यक्गित मामला नहीं था। ये दोनों भी कमेटियों के जिम्मेदार पद पर थे। लापरवाही उनकी भी थी, इसलिए कार्रवाई भी हुई। </p>
<p><strong>एसएमएस में भी हुए विदेशियों के प्रत्यारोपण</strong>  <br />एसएमएस अस्पताल में भी पिछले एक साल में आठ विदेशियों के ऑर्गन ट्रांसप्लांट होने की जानकारी आई है। हालांकि एसीएस शुभ्रा सिंह ने कहा कि यहां पैसों के लेन-देन या डॉक्टरों की संलिप्तता जैसी बात अभी सामने नहीं आई है लेकिन अभी जांच बाकी है, एसआईटी मामले में आगामी परतें खोलेंगी तो जो भी दोषी होगा, उन पर कार्रवाई होगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 May 2024 10:05:27 +0530</pubDate>
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                <title>फर्जी एनओसी से ऑर्गन ट्रांसप्लांट प्रकरणः आज या कल में मंत्री को सौपेंगे जांच रिपोर्ट, फिर शुरू होगा बड़ा एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में फर्जी एनओसी व ऑर्गन ट्रांसप्लांट ह्यूमन ऑर्गन एक्ट के खिलाफ ऑर्गन ट्रांसप्लांट के मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट लगभग तैयार हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/organ-transplant-case-due-to-fake-noc-investigation-report-will/article-77974"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/photo-size-(6).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में फर्जी एनओसी व ऑर्गन ट्रांसप्लांट ह्यूमन ऑर्गन एक्ट के खिलाफ ऑर्गन ट्रांसप्लांट के मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट लगभग तैयार हो गई है। जानकारी के अनुसार चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त इकबाल खान और समुचित प्राधिकारी डॉ. रश्मि इसे आजकल में कभी भी चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर को सौंपेंगे।</p>
<p>जानकारी के अनुसार रिपोर्ट में फर्जी एनओसी से हुए ऑर्गन ट्रांसप्लांट में हुई अनियमितताएं, उसकी मोनिटरिंग में रही कमियों, अस्पतालों को एनओसी देने में बरती गई लापरवाही, ऑर्गन ट्रांसप्लांट की एनओसी देने में पारदर्शिता लाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों, सुझावों इत्यादि को लेकर जांच कमेटी अपनी बात रखेगी।</p>
<p>जानकारी के अनुसार इसके बाद सरकार रिपोर्ट के आधार पर दोषियों और लापरवाह जिम्मेदारों पर बड़ा एक्शन लेने के मूड में है।</p>
<p>गौरतलब है कि अबतक फर्जी ऑर्गन ट्रांसप्लांट मामले में जिम्मेदों पर कार्रवाई कर दी गई है। जिसमें आरयूएचएस यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. सुधीर भंडारी ने अपना इस्तीफा दे दिया है। वहीं एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिसिंपल डॉ. राजीव बगरहट्टा व अस्पताल अधीक्षक डॉ. अचल शर्मा का पहले इस्तीफा लिया गया और बाद में उन्हें बखास्त कर दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 May 2024 18:02:45 +0530</pubDate>
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