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                <title>hoarding - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>जानलेवा होर्डिंग - मुंबई जैसा कोटा में ना हो जाए हादसा</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा में पहले भी छतों और सड़कों पर लगे होर्डिंग के गिरने से कई बार लोग घायल हो चुके हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/deadly-hoarding---an-accident-like-mumbai-should-not-happen-in-kota/article-78069"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/jaanleva-hoarding---mumbai-jesa-kota-me-na-ho-jaye-hadsa...kota-news-15-05-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। मुंबई के घाटकोपर इलाके में सोमवार को आई आंधी  से करीब 100 फुट ऊंचा होर्डिंग गिर गया। इतने ऊंचे होर्डिंग के गिरने से 80 से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ गए। जिनमें 14 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं अभी भी 70 से ज्यादा लोग घायल हैं। मुंबई निगम प्रशासन की लापरवाही की कीमत 14 लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। घटना के बाद पूरे देश में इस तरह के होर्डिंग को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। कोटा में भी कुछ इलाके ऐसे हैं जहां घनी आबादी के बीच अभी भी इस प्रकार के होर्डिंग मौजूद हैं। जो तेज हवा के बीच आसानी से गिर सकते हैं। </p>
<p><strong>तलवंडी चौराहे पर एक साथ 5 होर्डिंग</strong><br />शहर के कई व्यस्तम इलाकों में अभी भी ऐसे होर्डिंग बने हुए हैं, जिनके गिरने से जान माल का भारी नुकसान हो सकता है। नए कोटा में तलवंडी चौराहे पर नगर निगम के एक साथ पांच होर्डिंग लगे हुए हैं। ये सभी होर्डिंग एक ही क्रम में लगे हुए हैं। जहां एक होर्डिंग के गिरने पर दूसरे होर्डिंग का गिरना तय है। इसी तरह विज्ञान नगर मैन रोड पर भी कई निजी हॉस्पिटल और मॉल की छतों पर लौहे के होर्डिंग बने हुए हैं। जिनके तेज हवा में गिरने पर कोई भी राह चलता व्यक्ति घायल हो सकता है। इसी तरह घटोत्कच सर्किल और रंगबाड़ी स्थित विश्वकर्मा सर्किल पर भी ऐसे ही होर्डिंग मौजूद हैं। </p>
<p><strong>पहले भी गिर चुके हैं होर्डिंग</strong><br />कोटा में पहले भी छतों और सड़कों पर लगे होर्डिंग के गिरने से कई बार लोग घायल हो चुके हैं। साल 2018 में भी कोचिंग एरिया में होर्डिंग के गिरने से दो छात्र घायल हो गए थे। वहीं इसी तरह 2017 में भी प्रेमनगर में होर्डिंग गिरने से एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया था। ऐसे में इन होर्डिंग से जान का खतरा होने के बाद भी निगम प्रशासन इन पर कोई कारवाई नहीं कर रहा है। हालांकि साल 2019 में निगम ने शहर के अंदर निजी रूप से होर्डिंग लगाने या उनका इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी थी। बावजूद इसके अभी भी शहर में कई इलाकों में लोगों ने होर्डिंग लगाए हुए हैं। 20 होर्डिंग दक्षिण और 20 ही उत्तर के  निगम द्वारा साल 2019 में निजी रूप से होर्डिंग लगाने को बैन करने के बाद निगम ने सारे होर्डिंग अपने कब्जे में ले लिए और शहर में अभी होर्डिंग पर विज्ञापन लगाने और उसके इस्तेमाल के लिए निगम से अनुमति लेनी होती है। लेकिन कोटा के अधिकतर यूनिपोल जिन्हें होर्डिंग भी कहा जाता है, घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जहां से रोजाना लाखों लोगों का गुजरना होता है। साथ ही इनके आसपास किसी प्रकार के सुरक्षा के इंतजाम भी मौजूद नहीं है ऐसे में इनसे खतरा और बढ़ जाता है।</p>
<p><strong>लोगों का कहना है</strong><br />सड़क किनारे लगे इन होर्डिंग को निगम प्रशासन द्वारा सड़क से थोड़ा दूर करना चाहिए। क्योंकि इससे लोगों को जान माल का नुकसान हो सकता है। <br /><strong>- प्रवेश योगी, बोरखेड़ा</strong></p>
<p>निगम प्रशासन ने निजी तौर से होर्डिंग लगाने पर तो बैन लगा दिया लेकिन खुद के होर्डिंग आज भी मौजूद हैं। ऐसे में निगम प्रशासन को जहां भी घनी आबादी है वहां से तो इन्हें हटाना ही चाहिए।<br /><strong>- कुशल शर्मा, विज्ञान नगर</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />कोटा में होर्डिंग लगाना साल 2019 से ही निषेद्ध किया हुआ है, शहर के अंदर किसी तरह का निजी होर्डिंग लगाना अवैध है। जहां भी ऐसे होर्डिंग लगे हैं वो अवैध हैं, उन्हें हटाया जाएगा साथ ही जिन्होंने नियमों के विरूद्ध होर्डिंग लगाए हुए हैं, उन पर कारवाई की जाएगी।<br /><strong>- सरिता, आयुक्त, नगर निगम दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 May 2024 16:15:31 +0530</pubDate>
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