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                <title>Bureaucracy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: सीएम ममता का चुनाव आयोग पर तीखा हमला, राज्य के खिलाफ अभूतपूर्व हस्तक्षेप और पक्षपात का लगाया आरोप </title>
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                        <![CDATA[मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला करते हुए 50 से अधिक अधिकारियों के तबादले को 'अघोषित आपातकाल' करार दिया है। उन्होंने आयोग पर भाजपा के पक्ष में काम करने और संविधान के उल्लंघन का आरोप लगाया। ममता ने स्पष्ट किया कि बंगाल धमकियों के आगे नहीं झुकेगा और चुनावी शुचिता के लिए संघर्ष जारी रखेगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/west-bengal-assembly-elections-cm-mamatas-sharp-attack-on-the/article-147158"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/mamta-banerjee.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को चुनाव आयोग पर तीखा हमला करते हुए आगामी चुनावों से पहले राज्य के खिलाफ अभूतपूर्व हस्तक्षेप और पक्षपात का आरोप लगाया है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट संदेश में बनर्जी ने दावा किया है कि आयोग ने पश्चिम बंगाल को चुन-चुनकर निशाना बनाया है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और कई अन्य उच्च पदस्थ अधिकारियों सहित 50 से अधिक वरिष् अधिकारियों को चुनाव की औपचारिक अधिसूचना जारी होने से पहले ही मनमाने ढंग से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा, यह कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह उच्चतम स्तर का राजनीतिक हस्तक्षेप है। मुख्यमंत्री ने इन घटनाक्रमों को संस्थानों के बढ़ते राजनीतिकरण का हिस्सा बताया। बनर्जी ने कहा, जिन संस्थानों को निष्पक्ष रहना चाहिए, उनका व्यवस्थित राजनीतिकरण करना सीधे तौर पर संविधान पर हमला है। उन्होंने आगे कहा कि आयोग का यह आचरण स्पष्ट पक्षपात और राजनीतिक हितों के सामने आत्मसमर्पण को दर्शाता है। </p>
<p><strong>प्रशासनिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने का आरोप  </strong></p>
<p>उनकी यह टिप्पणी राज्य में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच आयी है, जहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस अक्सर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी पर पश्चिम बंगाल की प्रशासनिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने का आरोप लगाती रही है। बनर्जी ने मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर भी चिंता जतायी। उन्होंने इस प्रक्रिया को बेहद त्रुटिपूर्ण बताया और आरोप लगाया कि इससे जनता में घबराहट पैदा हुई है। उन्होंने दावा किया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना करते हुए अभी तक पूरक मतदाता सूची प्रकाशित नहीं की गयी है, जिससे नागरिक अनिश्चितता की स्थिति में हैं। </p>
<p><strong>उन्होंने सवाल किया, भाजपा इतनी बेताब क्यों है? </strong></p>
<p>बंगाल और यहां के लोगों को लगातार निशाना क्यों बनाया जा रहा है? बनर्जी ने पार्टी पर आरोप लगाया कि आजादी के दशकों बाद भी नागरिकों को कतारों में खड़े होने और अपनी नागरिकता साबित करने को मजबूर करने की कोशिश की जा रही है।</p>
<p><strong>चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में तैनाती</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने आयोग की कार्रवाइयों में विरोधाभासों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों को उनके पदों से हटाया गया था, उन्हें कुछ ही घंटों के भीतर फिर से चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में तैनात कर दिया गया। उन्होंने सिलीगुड़ी और बिधाननगर जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों का उदाहरण दिया, जहां वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को बिना किसी तत्काल विकल्प के पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिया गया। उनके अनुसार, इससे महत्वपूर्ण शहरी केंद्र प्रभावी रूप से बिना मुखिया के रह गये हैं। बनर्जी ने कहा, यह शासन नहीं है। यह अराजकता, भ्रम और घोर अक्षमता को सत्ता के रूप में पेश करने जैसा है। बनर्जी ने स्थिति को अघोषित आपातकाल और राष्ट्रपति शासन का अघोषित रूप करार दिया। </p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि यह जबरदस्ती और संस्थानों के दुरुपयोग के जरिए पश्चिम बंगाल पर नियंत्रण करने की सोची-समझी साजिश है। उन्होंने राज्य सरकार के अधिकारियों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ राज्य की सेवा करने के लिए निशाना बनाया जा रहा है। बंगाल कभी धमकियों के आगे नहीं झुका ममता ने जोर देकर कहा, बंगाल कभी धमकियों के आगे नहीं झुका है और न कभी झुकेगा। बंगाल लड़ेगा, बंगाल प्रतिरोध करेगा और अपनी धरती पर विभाजनकारी तथा विनाशकारी एजेंडा थोपने की हर कोशिश को निर्णायक रूप से शिकस्त देगा। चुनाव आयोग ने अभी तक इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। राज्य जैसे-जैसे अगले चुनावी चक्र की ओर बढ़ रहा है, इस विवाद ने पहले से ही गर्म राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। प्रशासनिक निष्पक्षता और चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े सवाल इस बहस के केंद्र में रहने की संभावना है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 10:59:55 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री निलंबित, शामली से संबद्ध</title>
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                        <![CDATA[बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित किया गया। सरकार ने उन्हें शामली डीएम कार्यालय से संबद्ध कर जांच के आदेश दिए।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/municipal-magistrate-alankar-agnihotri-associated-with-shamli-suspended-after-supporting/article-140922"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(2)5.png" alt=""></a><br /><p>बरेली। उत्तर प्रदेश में बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को सरकार ने अनुशासनहीनता के आरोप में सोमवार देर रात निलंबित कर दिया है। उन्हें जिलाधिकारी शामली कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया है, जबकि जांच अधिकारी कमिश्नर बरेली भूपेंद्र एस चौधरी बनाए गए हैं। उत्तर-प्रदेश शासन नियुक्ति अनुभाग 7 से जारी आदेश में कहा गया है कि अलंकार अग्निहोत्री ने प्रथम दृष्टया अनुशासनहीनता की है, जिसके चलते तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित किया गया है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि गणतंत्र दिवस पर बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा देकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया था। अपने तीखे और भावनात्मक वक्तव्य में उन्होंने न केवल तंत्र पर गंभीर आरोप लगाए, बल्कि ब्राह्मण समाज  कथित अपमान, प्रयागराज माघ मेला घटना और यूजीसी रेगुलेशंस 2026 को लेकर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला।</p>
<p>अपने इस्तीफे के साथ उन्होंने एक बेहद आक्रामक, भावनात्मक और चेतावनी भरा बयान जारी करते हुए कहा कि जब वे स्वयं पद छोड़ रहे हैं, तो यह उनके (ब्राह्मण) समाज के जनप्रतिनिधियों के लिए भी आत्ममंथन का समय है। उन्होंने खुले शब्दों में आह्वान किया कि ब्राह्मण समाज के जितने भी जनप्रतिनिधि केंद्र सरकार या राज्य सरकार में हैं, यदि उनमें थोड़ी भी शर्म और रीढ़ बची है, तो वे तुरंत अपने-अपने पदों से इस्तीफा दें और समाज के साथ खड़े हों। उन्होंने कहा कि समाज रहेगा, तभी पद रहेगा, समाज के बिना कोई भी व्यक्ति चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं रहेगा।</p>
<p>अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि इस समय सामान्य वर्ग केंद्र और राज्य सरकार से खुद को अलग मानने लगा है और हालात ऐसे बन चुके हैं कि दोनों ही जगह सरकार एक तरह से अल्पमत में दिखाई दे रही है, जिससे देश में अत्यंत भयावह परिस्थितियां उत्पन्न हो चुकी हैं।</p>]]>
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                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 12:06:51 +0530</pubDate>
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                <title>अफसर अब नहीं मंगवा सकेंगे महंगी चाय-कॉफी और कचौरी-समोसे </title>
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                        <![CDATA[खाद्य सामग्री की दरें भी तय हुई, वित्त विभाग ने जारी किए आदेश ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/now-officers-will-not-be-able-to-order-expensive-tea-coffee/article-91393"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/427rtrer-(1)7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान सरकार की ब्यूरोक्रेसी और विभागों की बैठकों में अब अधिकारी कचौरी-समोसे सहित दूसरे व्यंजनों का जायका नहीं ले सकेंगे। ना ही महंगी चाय-कॉफी-लस्सी मंगा सकेंगे। उनके चाय नाश्ते का मैन्यू तय कर दिया है। साथ ही उसकी मात्रा और कीमतें भी तय कर दी है। वित्त विभाग के शासन सचिव वित्त (बजट) देबाशीष पृष्टी ने मुख्यमंत्री कार्यालय, गवर्नर हाउस, सरकार के मंत्रियों, विधानसभा, मुख्य सचिव कार्यालय सहित सभी आईएएस अधिकारियों और विभागीय अफसरों को इसके आदेश की कॉपी भी भिजवा दी है। निर्देश दिए गए हैं कि खाद्य एवं पेय पदार्थों का कार्यालय परिसर में स्थित आपूर्तिकर्ता से तय दर या इससे कम दर पर खरीद की जा सकेगी। </p>
<p><strong>अनावश्यक खर्च पर लगाम को फैसला </strong><br />विभागों की बैठकों में सरकारी वित्तीय मद से चाय-नाश्तों पर मोटी राशि प्रदेशभर में खर्च हो रही थी। ऐसे में इस अनावश्यक फिजूलखर्ची को रोकने के लिए सरकार ने यह आदेश जारी किए हैं। </p>
<p><strong>10 की चाय, 15 की कॉफी, 13 की छाछ और 15 की लस्सी ही मिलेगी</strong> <br />बैठकों में अब 10 रुपए की 100 एमएल चाय, 15 रुपए की 100 एमएल कॉफी, 13 रुपए की 250 एमएल छाछ और 15 रुपए की 250 एमएल लस्सी प्रति नग या कप या पैकेट मंगाई जा सकेगी। इसका खर्च विभाग वहन करेगा। </p>
<p><strong>हैल्दी होगा नाश्ता : चना-मूंगफली-मखाने-डाइजेस्टिव बिस्किट मिलेंगे</strong><br />वित्त विभाग ने अधिकारियों का नाश्ता भी कम रेट में हैल्दी तय किया है। नाश्ते में रोस्टेड चना, मूंगफली, मखाने और मल्टीग्रेन डाइजेस्टिव बिस्किट ही मिलेंगे। कचौरी-समोसे नहीं मंगवाए जा सकेंगे। 100 ग्राम रोस्टेड चना के 18 रुपए, इतनी ही मूंगफली के 29 रुपए, 100 ग्राम रोस्टेड मखाने के 180 रुपए और प्रति पैकेट मल्टीग्रेन डाइजेस्टिव बिस्किट के 28 रुपए तय किए गए हैं। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Tue, 24 Sep 2024 10:09:58 +0530</pubDate>
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                <title>ब्यूरोक्रेसी में बड़ा बदलाव: 108 आईएएस अधिकारियों के तबादला, लिस्ट जारी</title>
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                        <![CDATA[सरकार ने ब्यूरोक्रेसी में बड़ा फेरबदल करते हुए 108 आईएएस अफसर के तबादले किए हैं। राज्य सरकार की ओर से तबादले की सूची जारी की गई है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-change-in-bureaucracy-transfer-list-of-108-ias-officers/article-89733"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/1rtrer-(1)7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान सरकार ने लंबे समय से लंबित आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है। सरकार ने ब्यूरोक्रेसी में बड़ा फेरबदल करते हुए 108 आईएएस अफसर के तबादले किए हैं। राज्य सरकार की ओर से तबादले की सूची जारी की गई है।</p>
<p><strong>सूची में इन अधिकारियों के नाम शामिल</strong></p>
<p>आईएएस शुभ्रा सिंह को राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम में अध्यक्ष, श्रेया गुहा को ग्रामीण विकास विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव ,भास्कर आत्माराम सावंत को जलदाय विभाग में प्रमुख शासन सचिव ,अश्विनी भगत को अल्पसंख्यक मामलात विभाग में प्रमुख शासन सचिव, राजेश कुमार यादव को स्वास्थ्य शासन विभाग में प्रमुख शासन सचिव, हेमंत कुमार गेरा को राजस्व मंडल अजमेर में अध्यक्ष ,गायत्री राठौर को चिकित्सा विभाग में प्रमुख शासन सचिव, वैभव गालरिया को नगरीय विकास विभाग में प्रमुख शासन सचिव, टी रविकांत को खान एवं पेट्रोलियम विभाग में प्रमुख शासन सचिव, सुधीर कुमार को खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग में प्रमुख शासन सचिव ,भवानी सिंह देथा को राजस्व मंडल में सदस्य ,विकास सीताराम जी भाले को राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण में अध्यक्ष, मंजू राजपाल को सहकारिता विभाग में शासन सचिव, नवीन जैन को वित्त विभाग में शासन सचिव, के के पाठक को कार्मिक विभाग में शासन सचिव, भानु प्रकाश अटरू को जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग में शासन सचिव ,डॉ नीरज के पवन को युवा मामले एवं खेल विभाग में शासन सचिव, रवि जैन को पर्यटन विभाग में शासन सचिव, डॉक्टर सुमित शर्मा को पशुपालन विभाग में शासन सचिव ,डॉ रवि कुमार सुरपुर को वित्त विभाग में शासन सचिव ,आयुषी मलिक को उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग में शासन सचिव,  जोगाराम को सामान्य प्रशासन विभाग में शासन सचिव, पी रमेश को देवस्थान विभाग में शासन सचिव, आरती डोगरा को जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड  में अध्यक्ष, आनंदी को जयपुर विकास प्राधिकरण का आयुक्त , शुचि त्यागी को परिवहन विभाग में शासन सचिव ,राजन विशाल को कृषि विभाग में शासन सचिव, अर्चना सिंह को सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग में शासन सचिव, महेंद्र सोनी को महिला एवं बाल विकास विभाग में शासन सचिव, विजय पाल सिंह को पर्यटन विभाग में आयुक्त ,शैली किसनानी को एचसीएम रिपा में अतिरिक्त महानिदेशक, सुषमा अरोड़ा को राजस्थान पर्यटन विकास निगम में प्रबंध निदेशक, रश्मि गुप्ता को जयपुर में संभागीय आयुक्त, कुमारपाल गौतम को स्थानीय निकाय विभाग में निदेशक, घनेंद्रभान चतुर्वेदी को राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग में सचिव, प्रकाश राजपुरोहित को वाणिज्य कर विभाग में आयुक्त, डॉ जितेंद्र कुमार सोनी को जयपुर जिला कलेक्टर, इंद्रजीत सिंह को राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं विनियोजन निगम रिको में प्रबंध निदेशक ,कन्हैया लाल स्वामी को गृह विभाग में विशेष शासन सचिव, हरदेश कुमार शर्मा को कौशल रोजगार में आयुक्त, नलिनी कठौतिया को राज्य निर्वाचन आयोग में सचिव ,राजेंद्र विजय को राजस्थान शहरी पेयजल एवं इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन में कार्यकारी निदेशक, नकाते शिवप्रसाद को आबकारी विभाग में आयुक्त ,भगवती प्रसाद कलाल को राजस्थान राज्य खान एवं खनिज निगम लिमिटेड में प्रबंध निदेशक, अनुपमा जोरवाल को आयोजना विभाग में विशेष शासन सचिव, हरिमोहन मीणा को डीग जिला कलेक्टर, आशीष गुप्ता को पंजीयन एवं मुद्रांक अजमेर में महान निरीक्षक ,प्रदीप के गावंडे को जालौर जिला कलेक्टर, रामावतार मीना को झुंझुनू जिला कलेक्टर, रश्मि शर्मा को हाउसिंग बोर्ड में कमिश्नर, मनीष अरोड़ा को राजस्थान फाउंडेशन में कमिश्नर ,पुष्पा सत्यनी को ईजीएस में जयपुर में आयुक्त ,पुखराज सेन को जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड में प्रबंध निदेशक, श्रुति भारद्वाज को राजस्थान सहकारिता डेयरी फेडरेशन लिमिटेड में प्रबंध निदेशक, मुकुल शर्मा को सीकर जिला कलेक्टर , चिन्मय गोपाल को कृषि एवं कृषि एवं पंचायती राज विभाग में आयुक्त, शुभम चौधरी को राजसमंद जिला कलेक्टर, भारती दीक्षित को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में मिशन निदेशक, सुरेश कुमार ओला को उद्यानकी में आयुक्त, कमर उल जमाल चौधरी को जलदाए विभाग में संयुक्त शासन सचिव, डॉ भंवरलाल को राजस्थान ऊर्जा विकास एवं आईटी सर्विसेज लिमिटेड में प्रबंध निदेशक, आशीष मोदी को चूरू जिला कलेक्टर ,पीयूष समरिया को जोधपुर उत्तर नगर निगम में आयुक्त ,डॉ अरुण गर्ग को भू प्रबंधन आयुक्त जयपुर, राजेंद्र कुमार वर्मा को स्टेट हेल्थ इंश्योरेंस एजेंसी में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी ,अल्पा चौधरी को सिरोही जिला कलेक्टर ,संचित विश्नोई को मत्स्य विभाग में निदेशक, हर्ष सावन सूखा को जन अभियोग निराकरण विभाग में निदेशक, बाबूलाल गोयल को राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग में सचिव, किशोर कुमार को खैरथल तिजारा कलेक्टर, बचनेश कुमार अग्रवाल को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में निदेशक ,डॉक्टर निशांत जैन को जयपुर जेडीए में सचिव ,लोक बंधु को अजमेर में कलेक्टर ,सौरभ स्वामी को उद्योग संवर्धन ब्यूरो में अतिरिक्त आयुक्त, पूजा कुमारी को गृह विभाग में संयुक्त शासन सचिव, हेमपुष्पा शर्मा को राज्य बीमा एवं प्रावधायी विभाग में निदेशक, ओमप्रकाश बैरवा को कॉलेज शिक्षा विभाग में आयुक्त, शाहीन अली खान को राजस्थान स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी में परियोजना निदेशक, आकाश तोमर को राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास  निगम में कार्यकारी निदेशक, अरुण कुमार हसीजा को आबकारी विभाग में अतिरिक्त आयुक्त ,मनीष गोयल को शिक्षा विभाग में संयुक्त शासन सचिव ,मातादीन मीणा को प्राच्य विद्या संस्थान जोधपुर में निदेशक, केसर लाल मीणा को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में अतिरिक्त निदेशक ,हिम्मत सिंह को विभागीय जांच में आयुक्त, पुरुषोत्तम शर्मा को राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम में प्रबंध निदेशक ,देवाराम सैनी को बीकानेर कृषि विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार, अजय असवाल को शांति एवं अहिंसा विभाग में निदेशक, टीना डाबी को बाड़मेर जिला कलेक्टर, डॉ मंजू को श्रीगंगानगर में कलेक्टर, आरती शुक्ला को अलवर में जिला कलेक्टर ,महेंद्र खडगावत को माध्यमिक शिक्षा विभाग बीकानेर में निदेशक, अपर्णा गुप्ता को बीकानेर नगर विकास न्यास में सचिव, अतुल प्रकाश को स्वच्छ भारत मिशन मेंनिर्देशक, शिल्पा सिंह को जोधपुर सरदार पटेल पुलिस विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार, मयंक मनीष को बीकानेर नगर निगम आयुक्त, प्रतिभा वर्मा को माड़ा जयपुर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रवि कुमार को उपखंड अधिकारी एवं उपखंड मजिस्ट्रेट जोधपुर, यश चौधरी को उद्योग विभाग में विशेषाधिकार, प्रीतम कुमार को उद्योग विभाग में विशेष अधिकारी, यथार्थ शेखर को उद्योग विभाग में विशेष अधिकारी ,अंशु प्रिया को उद्योग विभाग में विशेष अधिकारी, सक्षम गोयल को उद्योग विभाग में विशेषाधिकार, दिव्यांश सिंह को उद्योग विभाग में विशेष अधिकारी ,श्रद्धा भूमि को उद्योग विभाग में विशेष अधिकारी ,मोहित कसाडिया को उद्योग विभाग में विशेषाधिकार,  बी शुभम अशोक को उद्योग विभाग में विशेषाधिकार, सोनिका कुमारी को उद्योग विभाग में विशेष अधिकारी लगाया गया है।</p>
<p><strong>आनंद कुमार गृह और अखिल अरोड़ा वित्त विभाग में बरकरार रहे</strong><br />राजस्थान सरकार ने आईएएस अधिकारियों के बड़े स्तर पर तबादले किए हैं। प्रदेश के ब्यूरोक्रेसी के दो बड़े अफसरों को उनके परफॉर्मेंस के आधार पर पदों पर बरकरार रखा है। आनंद कुमार को होम डिपार्टमेंट और अखिल अरोड़ा को फाइनेंस डिपार्टमेंट में ही रखा गया है। दोनों अधिकारी पूर्व अशोक गहलोत सरकार के वक्त से ही इन पदों पर बरकरार है।</p>
<p><strong>96 विभागों के आईएएस अधिकारी और 13 जिला कलेक्टर बदले </strong><br />राजस्थान सरकार ने 108 आईएएस अधिकारियों के फेर बदल में 96 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं और 13 जिलों के कलेक्टरों को बदल गया है। जयपुर के जिला कलेक्टर पद पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक के पद पर लगे डॉक्टर जितेंद्र कुमार सोनी को और जयपुर विकास प्राधिकरण में आयुक्त पद पर खान विभाग में शासन सचिव के पद पर कार्य कर रही आनंदी को लगाया गया है।</p>
<p><strong>13 जिलों के जिला कलेक्टर बदले गए </strong><br />राजस्थान सरकार ने 108 आईएएस अधिकारियों के तबादलों में 13 जिलों के कलेक्टर भी बदल दिए हैं। जयपुर में डॉक्टर जितेंद्र कुमार सोनी, अजमेर में लोक बंधु, डीग में हरिमोहन मीणा, जालौर में प्रदीप गावंडे, झुंझुनू में राम अवतार मीणा, सीकर में मुकुल शर्मा, राजसमंद में शुभम चौधरी, चूरू में आशीष मोदी, सिरोही में अल्पा चौधरी, खैरथल तिजारा में किशोर कुमार, बाड़मेर में टीना डाबी, श्री गंगानगर में डॉक्टर मंजू और अलवर में आर्तिका शुक्ला को जिला कलेक्टर बनाया गया है।</p>
<div><strong>सचिवालय में भी बड़ा बदलाव, बड़े अफसर के तबादले हुए</strong></div>
<div>राजस्थान में आईएएस अधिकारियों की 108 अफसर की तबादला सूची में राजस्थान सरकार ने शासन सचिवालय में कार्य कर रहे बड़े आईएएस अधिकारियों के भी तबादले किए हैं। चिकित्सा विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह को राजस्थान रोडवेज में सीएमडी, पर्यटन विभाग में प्रमुख शासन सचिव के पद पर कार्य कर रही गायत्री राठौर को चिकित्सा विभाग में प्रमुख शासन सचिव, जलदाय विभाग में शासन सचिव के पद पर कार्य कर रहे समिति शर्मा को पशुपालन विभाग में शासन सचिव, वैभव गालरिया को यूडीएच विभाग में प्रमुख शासन सचिव, टी रविकांत को खान विभाग, भास्कर आत्माराम सावंत को जलदाए विभाग में, हेमंत कुमार गेरा को अजमेर राजस्व मंडल में अध्यक्ष, केके पाठक को वित्त विभाग से हटाकर कार्मिक विभाग में, केके पाठक को वित्त विभाग से हटाकर कार्मिक विभाग में, श्रेया गुहा को ग्रामीण विकास विभाग में, नवीन जैन को वित्त विभाग में, भानु प्रकाश अटरू को जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग में, रवि जैन को पर्यटन विभाग में, आयुषी मलिक को उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विभाग में, जोगाराम को सामान्य प्रशासन विभाग में लगाया गया है।</div>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Sep 2024 10:32:55 +0530</pubDate>
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                <title>जानिए राजकाज में क्या है खास</title>
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                        <![CDATA[सूबे की सबसे बड़ी पंचायत की आलीशान बिल्डिंग में एक कमरा है, जो सबसे न्यारा है। दूसरे माले पर बने पश्चिम मुखी इस कमरे का नंबर 209 है। सत्र के दौरान यह कमरा चर्चाओं में आए बिना नहीं रहता।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/know-what-is-special-in-governance/article-87523"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/rajkaj41.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>एक कमरा न्यारा</strong><br />सूबे की सबसे बड़ी पंचायत की आलीशान बिल्डिंग में एक कमरा है, जो सबसे न्यारा है। दूसरे माले पर बने पश्चिम मुखी इस कमरे का नंबर 209 है। सत्र के दौरान यह कमरा चर्चाओं में आए बिना नहीं रहता। कमरे में बैठने वाले साहब के भी हावभाव बदल जाते हैं, चूंकि उनका सीधा ताल्लुक नंबर वन से रहता है। इसकी शोभा बढ़ाने वाले साहब भी ब्रह्मा, विष्णु के साथ जुड़े तीसरे नाम वाले हैं। हमने भी इस न्यारे कमरे को लेकर सूंघासांघी की, तो पता चला है कि हर एमएलए को यहां हाजरी दिए बिना पार नहीं पड़ती, चूंकि कमरे में बैठने वाले साहब लोगों का सीधा दखल आवासों से लेकर बिल्डिंग में एंट्री के लिए एनओसी देने तक में रहता है।</p>
<p><strong>शनि की कृपा</strong><br />आजकल भगवा के साथ ही हाथ वालों की तरफ शनि की कृपा है, जिसने फिजा ही बदल दी। जब से शनि का उदय हुआ है, तब से दोनों खेमों में भूचाल थमसा नजर आ रहा है। अगले दो महीने में इसका असर साफ दिखने लगेगा। राज का काज करने वालों में लंच केबिनों में चर्चा है कि अब तक जो कुछ कर लिया वो तो ठीक है, मगर अब फूंक-फूंक कर कदम रखने में ही भलाई है। दो तारीख से शनि का जो उदय हुआ है, जो राज के लिए कारक होता है। ब्यूरोक्रेसी में जो अस्थिरता का माहौल है, वह उसी का असर है</p>
<p><strong>सूना-सूना सा ठिकाना</strong><br />इन दिनों एक ठिकाना सूना-सूना सा रहने लगा है। ठिकाना विपक्ष वालों का हो तो समझ में भी आए, लेकिन जब राज वालों का हो तो माथा तो ठनकता ही है। अब देखो ना सरदार पटेल मार्ग स्थित बंगला नंबर 51 में बने भगवा वालों के ठिकाने पर अब इतनी रौनक नहीं है, जो पहले हुआ करती थी। ठिकाने की इस दशा को लेकर यहां सालों से आ रहे बुजुर्ग भाई साहब ने भी पीड़ा जाहिर की। भाई साहब की पीड़ा है कि ठिकाने पर ठाले बैठे मेवाड़ से ताल्लुक रखने वाले छुटभैए नेता भी बाहर से आने वाले वर्कर्स को भी सीधे मुंह जवाब देने के बजाय टरकाने में अपनी शान समझते थे। सो वर्कर्स ने भी ठिकाने पर आने के बजाय पावर वाले नेताओं के घरों पर जाने में ही अपनी ज्यादा भलाई समझने लगे हैं।</p>
<p><strong>लालकिले के बाद अब लालचौक</strong><br />पिछले चार दिनों से दिल्ली के लालकिले के बजाय कश्मीर का लालचौक काफी चर्चा में है। सरदार पटेल मार्ग स्थित बंगला नंबर 51 में बने भगवा के ठिकाने के साथ ही इंदिरा गांधी भवन में बने पीसीसी के दफ्तर में भी इसकी चर्चा हुए बिना नहीं रहती। भारती भवन वाले भाई साहबों की नजरें भी लालचौक पर टिकी हैं। राज का काज करने वालों में भी चर्चा है कि अब दोनों राष्ट्रीय पर्वों पर लालकिले के बजाय लालचौक में झण्डारोहण करने के लिए जे एण्ड के में दो फाड़ करने के लिए दिल्ली दरबार वालों ने सोझ समझ कर पांच साल पहले जो गुगली फेंकी थी, उसका असर दिखने लगा है।</p>
<p><strong>कमाल सांगा बाबा का</strong><br />अटारी वाले भाई साहब अब कब क्या पेंतरा फेंक दें, पता नहीं चलता। हाथ वाले तो दूर की बात भगवा वाले भी नहीं समझ पा रहे कि आखिर माजरा क्या है। दोनों ओर के नेता इधर-उधर टोह लेने में भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे। इन दिनों साहब की बदली चाल-ढ़ाल को लेकर हाथ वालों के दफ्तर में भी चर्चा और बैठकों का दौर जारी है। पीसीसी आने वाले भाई साहबों के चेहरों पर भी चिंता की लकीरें साफ दिखाई देने लगी है। सुबह-शाम हाजरी भरने वाले साहबों की लाइन भी लंबी होने लगी है। भजनलाल जी भाई साहब की दिल्ली दरबार में बढ़ती साख से कइयों के आफरा आने लगा है। अब उनको कौन बताए कि यह सारा कमाल पूंछरी के बालाजी के साथ सांगानेर वाले सांगा का है।</p>
<p><strong>-एल एल शर्मा</strong><br /><strong> (यह लेखक के अपने विचार हैं) </strong></p>]]>
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                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Aug 2024 11:53:27 +0530</pubDate>
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                <title>भादरा में हुआ घटनाक्रम नौकरशाही के लिए काला धब्बा: जूली</title>
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                        <![CDATA[भादरा नगरपालिका अध्यक्ष उपचुनाव घटनाक्रम पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने नौकरशाही को भी आड़े हाथ लिया है।]]>
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                        <![CDATA[<br /><p>जयपुर। भादरा नगरपालिका अध्यक्ष उपचुनाव घटनाक्रम पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने नौकरशाही को भी आड़े हाथ लिया है।</p>
<p>जूली ने कहा है कि भादरा में जो कुछ हुआ वो सरकार से ज़्यादा नौकरशाही के लिए काला धब्बा है। हम कल ही ये अंदेशा जाहिर कर चुके थे कि भाजपा अपने राष्ट्रीय नेताओ के पदचिन्हों पर चलते हुए संविधान की हत्या करने का कुंठित प्रयास करेगी। आख़िर हमारे ऑफिसर एक अदद पोस्टिंग के लिए कितना गिरेंगे ? अच्छा होता ऐसे अधिकारी व्यापारी बन जाते।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Tue, 09 Jul 2024 20:28:33 +0530</pubDate>
                
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                <title>राजकाज</title>
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                        <![CDATA[बेगारी के नाम पर जब से खाकी वाले साहब लोगों पर गाज गिरी है, तब से राज का काज करने वालों में काफी चर्चाएं हैं। इन चर्चाओं के बाद झंडे के नीचे बैठने वाले साहब भी काफी चिंतित है। पीएचक्यू का एक खेमा तो इस सुलटाऊ राजनीति तक से जोड़कर देख रहा है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/rajkaj/article-19906"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/rajkaj.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बढ़ रही है सूची </strong><br />राज और काज करने वालों की बीच छत्तीस का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। जोधपुर वाले भाई साहब तो खाई पाटने की जुगत में हैं, लेकिन उनके नवरत्न कुछ समझना ही नहीं चाहते। काज करने वाले कायदे कानूनों की दुआई देकर सुशासन के नारे की याद दिलाते हैं। अब देखो ना प्रशासन शहरों के संग अभियान को सफल बनाने में जुटे साहब लोगों को ऊपर वालों ने आंख के इशारे से समझा दिया, लेकिन उनके समझ में नहीं आई। गुजरे जमाने में माथुर आयोग के चक्कर लगा चुके अफसरों से उम्मीद कर रहे हैं कि आंख बंद कर चिड़िया बिठा दें, चाहे दाल में काला ही क्यू ना हो। ऐसे में नवरत्नों से पिंड छुड़ाने वालों की सूची लंबी होती जा रही है।</p>
<p><br /><strong>चर्चा में साहब के लड्डू</strong><br />राजधानी के विकास का ठेका लेने वाले महकमें में इन दिनों लड्डूओं की बड़ी चर्चा है। चर्चा भी क्यों ना हो लड्डू और वो भी चौगुनी के। बदली होने पर साहब को इतनी खुशी हुई कि उन्होंने हर आने वालों का चौगुनी के लड्डूओं से मुंह मीठा कराया। काज करने वालों के पेट में यह बात हजम नहीं हो पाई और इसके पीछे का राज तलाशने में जुट गए। प्राधिकरण के कामों के तौर तरीकों की नस नस से वाकिफ बाबूओं को यह समझ में नहीं आया कि साहब इतने खुश क्यों है, वरना यहां से हर कोई मुंह लटका कर ही जाता है। हमने भी माथा लगाया तो पता चला कि हॉट सीट पर दो साल बैठने के बाद बेदाग होकर निकलने से साहब कुछ ज्यादा ही कुछ थे।</p>
<p><br /><strong>इंतजार मैसेज का</strong><br />बेगारी के नाम पर जब से खाकी वाले साहब लोगों पर गाज गिरी है, तब से राज का काज करने वालों में काफी चर्चाएं हैं। इन चर्चाओं के बाद झंडे के नीचे बैठने वाले साहब भी काफी चिंतित है। पीएचक्यू का एक खेमा तो इस सुलटाऊ राजनीति तक से जोड़कर देख रहा है। सचिवालय के लंच केबिनों में साहब लोग बतियाते हैं कि राज ने छोटी सी बात को लेकर मैसेज तो सही दिया, लेकिन काश ऐसा ही संदेश दोनों हाथों से लूटने वालों के लिए देते तो बल्ले-बल्ले में कोई कसर नहीं रहती। खान और भूमाफियाओं से हाथ से हाथ मिलाकर चलने वालों की सीएमओ तक पहुंची सूची घटने का नाम ही ले रही। और तो और रिटायर्ड साहबों के घरों पर सालों से बेगारी में लगे रंगरुटों का तो कोई धणी धौरी नहीं है। </p>
<p><br /><strong>फैसले का इंतजार</strong><br /> सूबे में भगवा वाले को अब जेपी साहब के फैसले का बेसब्री से इंतजार है। हाथ वालों की नजरें भी उधर ही टिकी है। इंतजार भी क्यों ना हो भगवा में भीतरखाने जो कुछ चल रहा है, वो खुलकर सामने आने लगा है। जब मैडम के श्रीमुख से चुनौतियां बहुत है का जुमला निकला, तो भाई लोगों ने भी अपने अपने हिसाब से मायने निकाल लिए। भगवा के दोनों खेमों के बीच उपजे विवाद के निपटारे के लिए नड्डा साहब जज की भूमिका निभा रहे हैं। सरदार पटेल मार्ग स्थित बंगला नंबर 51 में रवि को भी दिन भर चर्चा रही कि मैडम के मूड और जेपी के निर्णय से भगवा की भावी रणनीति तय होगी।</p>
<p><br /><strong>दबदबा नागपुर का</strong><br />भगवा में आमूलचूल परिवर्तन के संकेतों को लेकर कइयों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई देने लगी है। सरदार पटेल मार्ग पर स्थित बंगला नंबर 51 में आने वालों में चर्चा है कि पिछली बार से सबक लेते हुए इस बार किसी भी असंतुष्ट को निराश नहीं करेंगे। आथूणी और अगूणी के रूठे नेताओं की मान मनुहार कर उनके जनाधार के क्षेत्र में पहले सीटों का बंटवारा कर दिया जाएगा। आखिर में भगवा में नागपुर का दबदबा ही रंग जो जमाएगा।</p>
<p><br /><strong>एक जुमला यह भी</strong><br />ब्यूरोक्रेसी में इन दिनों एक जुमला जोरों पर है। हो भी क्यू ना मामला राज के मूड से जुड़ा है। जब से भाई साहब की नजरे फ्लैगशीप पर टिकी है, तब से ब्यूरोक्रेसी में स्टीम भी बढ़ा है। सत्ता के साथ संगठन वालों का मुंह खुलने से अमल का असर साफ दिखने लगा है।<br />एल. एल. शर्मा, पत्रकार</p>]]>
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                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Aug 2022 12:47:14 +0530</pubDate>
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                <title>ब्यूरोक्रेसी में बदलाव का सोमवार, पहले 29 आईएएस और फिर 16 आईपीएस बदले, टीना डाबी जैसलमेर की कलेक्टर</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[जयपुर। प्रदेश में सोमवार को ब्यूरोक्रेसी में भारी फेरबदल हुआ। पहले 29 आईएएस और फिर 16 आईपीएस के तबादले कर दिए गए है। पांच कलेक्टर बदलने के साथ ही तीन जिलों के एसपी बदले गए है। वहीं 4 आईएएस अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है, जबकि आर ए एस नारायण सिंह चारण को एपीओ किया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/monday-of-change-in-bureaucracy--first-29-ias-and-then-16-ips-changed--tina-dabi-jaisalmer-collector/article-13599"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/secretariat.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में सोमवार को ब्यूरोक्रेसी में भारी फेरबदल हुआ। पहले 29 आईएएस और फिर 16 आईपीएस के तबादले कर दिए गए है। पांच कलेक्टर बदलने के साथ ही तीन जिलों के एसपी बदले गए है। वहीं 4 आईएएस अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है, जबकि आर ए एस नारायण सिंह चारण को एपीओ किया है।<br /><br />कार्मिक विभाग की ओर से जारी सूची में प्रकाश राजपुरोहित को जयपुर जिला कलेक्टर बनाया गया है। वही विश्राम मीणा को नगर निगम हेरिटेज आयुक्त और स्मार्ट सिटी सीईओ बनाया गया है। अवधेश मीणा को जोधपुर विकास प्राधिकरण का आयुक्त बनाया गया है। टीना डाबी को जिला कलेक्टर और उनके पति प्रदीप गवांडे को प्रबंध निदेशक खान एवं खनिज निगम लिमिटेड बनाया गया है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी सूची में डॉ वीणा प्रधान को विभागीय जांच आयुक्त, कैलाश चंद मीणा को संभागीय आयुक्त जोधपुर, डॉ प्रतिभा सिंह को निदेशक पंचायती राज, विजय पाल सिंह को प्रबंध निदेशक राजस्थान पर्यटन विकास निगम, कुमारी रेणु जयपाल को आयुक्त महिला अधिकारिता विभाग जयपुर, रश्मि गुप्ता को निदेशक जल ग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग जयपुर, जितेंद्र कुमार सोनी को जिला कलेक्टर अलवर, विश्व मोहन शर्मा को संयुक्त शासन सचिव राजस्व विभाग जयपुर, नकाते शिवप्रसाद मदन को प्रबंधन निदेशक रीको, संदेश नायक को निदेशक स्वच्छ भारत मिशन जयपुर, अनिल कुमार अग्रवाल को जिला कलेक्टर, धौलपुर ओम प्रकाश कसेरा को आयुक्त निवेश संवर्धन ब्यूरो जयपुर, आशीष गुप्ता को आयुक्त doit, मनीषा अरोड़ा को अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक राजस्थान हथकरघा विकास निगम, डॉ इंद्रजीत यादव को जिला कलेक्टर डूंगरपुर, प्रताप सिंह को प्रबंध निदेशक राजस्थान राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम, डॉ अमित यादव को संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टेट हेल्थ इंश्योरेंस एजेंसी डॉ रविंद्र गोस्वामी को जिला कलेक्टर बूंदी, अर्तिका शुक्ला को सीईओ जिला परिषद अलवर, गौरव सैनी को सहायक मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टेट हेल्थ इंश्योरेंस एजेंसी, सुशील कुमार को आयुक्त नगर निगम अजमेर, देवेंद्र कुमार को संयुक्त शासन सचिव कार्मिक क- वन विभाग, श्रीनिधि पीटी को मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद भरतपुर और टी शुभमंगला को सीईओ जिला परिषद सिरोही बनाया गया है।<br /><br /><strong>इन आईपीएस के तबादले</strong><br />वहीं आईपीएस प्रसन्न कुमार खमेसरा को महा निरीक्षक पुलिस कोटा रेंज , गौरव श्रीवास्तव को महा निरीक्षक पुलिस भरतपुर रेंज , विकास कुमार को महा निरीक्षक पुलिस एटीएस जयपुर , कैलाश चंद विश्नोई को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पुलिस आयुक्तालय जयपुर , श्वेता धनकड़ पुलिस उपायुक्त जयपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन , प्रीति जैन को निदेशक इंटेलिजेंस ट्रेंनिंग अकैडमी जयपुर , प्रदीप मोहन शर्मा को कमांडेंट हाड़ी रानी बटालियन अजमेर , राजीव प्रचार को पुलिस आयुक्त पूर्व पुलिस आयुक्त जयपुर , पहलाद सिंह को पुलिस उपायुक्त यातायात जयपुर , अनिल कुमार को पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ , मृदुल कच्छावा को पुलिस अधीक्षक झुंझुनू , अमृता दोहुन पुलिस उपायुक्त जोधपुर शहर पूर्व पुलिस आयुक्तालय , वंदिता राणा को पुलिस उपायुक्त जयपुर शहर पश्चिम , राजकुमार चौधरी को कमांडेंट बटालियन आरएसी बीकानेर , संजीव नैन को पुलिस अधीक्षक दौसा , योगेश गोयल को पुलिस उपायुक्त जयपुर से दक्षिण  को लगाया गया है .</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Jul 2022 17:15:01 +0530</pubDate>
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                <title>ब्यूरोक्रेसी पर उठे सवालों पर बोले डोटासरा: कोई भी मामला उठाए, सरकार तुरन्त लेती है संज्ञान</title>
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                        <![CDATA[जयपुर। ब्यूरोक्रेसी को लेकर विधायकों की शिकायत पर पीसीसी चीफ डोटासरा ने कहा कि अगर विधायक शिकायत करते हैं तो संज्ञान लिया जाएगा। इससे पहले भी किया ऐसे मामलों में संज्ञान लेते रहे है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-dotasara-said-on-the-questions-raised-on-bureaucracy--any-matter-raised--the-government-immediately-takes-cognizance/article-10489"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/dotasra1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ब्यूरोक्रेसी को लेकर विधायकों की शिकायत पर पीसीसी चीफ डोटासरा ने कहा कि अगर विधायक शिकायत करते हैं तो संज्ञान लिया जाएगा। इससे पहले भी किया ऐसे मामलों में संज्ञान लेते रहे है। लोकतंत्र में सभी स्तंभों का अपना-अपना काम है। ब्यूरोक्रेसी और विधायिका एक-दूसरे की खिलाफ नहीं है। कमी-खामी बतानी चाहिए। ऐसे मामलों में तुरन्त संज्ञान लिया जाता है। गौरतलब है कि विधायक दिव्या मदेरणा, संयम लोढ़ा, गिर्राज मलिंगा, अमीन खान,धीरज गुर्जर, विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा, बलजीत यादव, हेमाराम चौधरी, पीआर मीणा , भरत सिंह कुंदनपुर  कई विधायक ब्यूरोक्रेसी के खिलाफ आवाज उठा चुके हैं।</p>
<p><br />राज्यसभा चुनाव को लेकर डोटासरा ने कहा कि बाड़ेबंदी की कांग्रेस को कोई जरूरत नहीं है हमारे यहां तो गुड गवर्नेंस है। हाल ही में 13 में से 12 निर्दलीय तो सीएम से मिले थे। बाड़ेबंदी की जरूरत तो बीजेपी को है, जहां इनके मुख्यमंत्री पद के कई के दावेदार बैठे हुए हैं। बीजेपी हमेशा से लोकतंत्र पर विश्वास नहीं करती है।</p>
<p><br />हॉर्स ट्रेडिंग में यकीन रखने वाली पार्टी है। यहीं कारण है कि बीजेपी दूसरी सीट पर उम्मीदवार उतार रही। बीजेपी की नीतियों से लोकतंत्र को खतरा है। यही कारण है कि कांग्रेस भारत जोड़ो अभियान चलाने जा रही,राजस्थान में कांग्रेस एकजुट है।<br />डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस चिंतन शिविर की घोषणा की पूरी पालना करेंगे । एक और 2 जून को घोषणाओं पर चर्चा होगी और उन्हें अमल में लाया जाएगा। अब हम कांग्रेस संगठन की मजबूती में जुटे है। उदयपुर चिंतन शिविर की घोषणा की पालना में राज्यों से आगे रहेगी।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 May 2022 15:02:52 +0530</pubDate>
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                <title>संस्कृति को निभाने वाली है ब्यूरोक्रेसी : गहलोत</title>
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                        <![CDATA[मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि संवेदनशील और पारदर्शी सरकार बनाने में राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी की अहम भूमिका है। यहां की ब्यूरोक्रेरसी बहुत व्यवहार कुशल है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-role-of-bureaucracy-in-forming-government--says-gehlot/article-8335"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/cm-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि संवेदनशील और पारदर्शी सरकार बनाने में राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी की अहम भूमिका है। यहां की ब्यूरोक्रेरसी बहुत व्यवहार कुशल है। संस्कार और संस्कृति को निभाने वाली है। इसलिए ब्यूरोक्रेसी की तारीफ भी होनी चाहिए। सभी अधिकारियों को श्रेय देता हूं जिनके अथक प्रयासों से बजट घोषणाएं धरातल पर उतरने लगी ह, मुझे विश्वास है कि प्रदेशवासियों को उनका लाभ मिलेगा। ओटीएस में लोक सेवा दिवस-2022 के समापन समारोह में गहलोत बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कई योजनाएं लागू की गई है, उनका लाभ प्रदेश की हर गांव-ढाणी तक पहुंचे, इसके लिए सभी अधिकारी प्रयास करें।  </p>
<p><strong>कई अधिकारियों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां</strong><br />मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा समारोह में दी गई सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की तारीफ  करते हुए कहा कि अभिनेता-अभिनेत्री और रंगमंच कलाकारों का सम्मान करता हूं, जो कि एक कलाकार के रूप में विभिन्न किरदार निभाते हैं। ऐसे कलाकारों का हर मंच पर सम्मान होना चाहिए। समारोह में प्रशासनिक अधिकारी डॉ. आर. वेंकटेश्वरन, डॉ. समित शर्मा, रवि जैन, रश्मि शर्मा सहित अन्य ने मंच से पुराने गीत गाकर तालियां बटोरी। मुख्य सचिव उषा शर्मा सहित भारतीय और राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी उपस्थित थे।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Apr 2022 11:02:32 +0530</pubDate>
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                <title>सुशासन देने में ब्यूरोक्रेसी का सकारात्मक सहयोग बेहद जरूरी : गहलोत</title>
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                        <![CDATA[मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि चाहे केन्द्र हो या राज्य सरकारें सुशासन देने के लिए ब्यूरोक्रेसी का सकारात्मक सहयोग जरूरी है। जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक सेवाओं के अधिकारी दोनों ही जनता के ट्रस्टी हैं। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/positive-cooperation-of-bureaucracy-important-in-give-governance--says-gehlot/article-7285"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/ashok-ji-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि चाहे केन्द्र हो या राज्य सरकारें सुशासन देने के लिए ब्यूरोक्रेसी का सकारात्मक सहयोग जरूरी है। जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक सेवाओं के अधिकारी दोनों ही जनता के ट्रस्टी हैं। ट्रस्टी के रूप में हमारी जिम्मेदारी है कि आमजन के हित में फैसलें लें और योजनाओं को प्रभावी रूप से आखिरी छोर पर बैठे गरीब तक पहुंचाएं। गहलोत आरएएस क्लब में राजस्थान प्रशाासनिक, पुलिस और लेखा सेवा के अधिकारियों के संयुक्त अधिवेशन में बोल रहे थे। कार्यक्रम में गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में मेरा हमेशा यही प्रयास रहा कि आमजन के हित में फैसले लिए जाएं। इस वर्ष के बजट में इसी उद्देश्य के साथ जन कल्याणकारी निर्णय लिए गए हैं। अगला बजट इससे भी शानदार आएगा। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी आमजन से जुड़े मुद्दों पर फीडबैक लें और उन्हें सुझाव के रूप में प्रस्तुत करें। वहीं आरएएस एसोसिएशन के नए अध्यक्ष के तौर पर गौरव बजाड़ को चुना गया है।</p>
<p><strong>केन्द्र को भी लागू करनी चाहिए पुरानी पेंशन</strong><br />मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि वर्ष 2022-23 के बजट में पुरानी पेंशन योजना लागू करने का फैसला मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर लिया गया है। अपने जीवन के 30-35 साल सरकार को देने वाले सरकारी अधिकारी-कर्मचारी को अपने बुढ़ापे में किसी तरह की चिंता नहीं रहे और उसे सामाजिक सुरक्षा मिले, यह सोचकर हमने ओपीएस को प्रदेश में लागू किया है। वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने भी पुरानी पेंशन लागू कर दी है। इसके अलावा चार-पांच राज्य सरकारों ने एनपीएस के रिव्यू के लिए कमेटी बनाई है। कर्मचारी हित में केन्द्र सरकार को भी पुरानी पेंशन योजना को लागू करना चाहिए।</p>
<p><strong>पहली बार आरएएस को कलेक्टर बनाया गया</strong><br />गहलोत ने कहा कि मेरे पिछले कार्यकाल में 17 साल से अटकी पड़ी आरएएस से आईएएस में प्रमोशन प्रक्रिया में आ रही अड़चनें दूर करते हुए पदोन्नति दी गई है। राज्य प्रशासनिक सेवाओं के अधिकारियों को सुपर टाइम स्केल और हायर सुपर टाइम स्केल मिले। राजस्व बोर्ड में आरएएस को सदस्य बनाया और जिलों में पहली बार आरएएस को कलेक्टर लगाया गया।</p>
<p><strong>नियमों का किया जाएगा सरलीकरण</strong><br />मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आरएएस, आरपीएस और लेखा सेवा के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर रखी गई मांगें हमारी सरकार ने पूरी की हैं। आगे भी उनकी उचित मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। राज्य प्रशासनिक सेवाओं में उच्चतर वेतन श्रृंखला में जो पद रिक्त हैं, उन्हें भरने के लिए नियमों का सरलीकरण किया जाएगा। उपखण्ड स्तर पर एसडीएम की भूमिका को प्रभावी बनाते हुए उनके कार्यालयों में रिक्त पड़े मंत्रालयिक कर्मचारियों के पद भरे जाएंगे।</p>
<p><strong>सीएम को हमेशा याद रखेंगे कर्मचारी</strong><br />पूर्व शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना लागू करने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कर्मचारी वर्ग हमेशा याद रखेगा। उन्होंने अधिकारियों को आह्वान किया कि वे बजट घोषणाओं को पूरा करने और इनका लाभ आमजन तक पहुंचाने में जी-जान से लग जाएं। मुख्य सचिव उषा शर्मा ने कहा कि वर्ष 2022-23 का बजट ऐतिहासिक बजट है, जिसमें सभी वर्गों का कल्याण होगा। बजट घोषणाओं को धरातल पर लाने के लिए उन्हें टीमवर्क के रूप में कार्य करना होगा। एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष गौरव बजाड़ ने भी कर्मचारी हित में लिए गए फैसलों के लिए आभार जताया। राजस्थान पुलिस सेवा परिषद् के अध्यक्ष रघुवीर सैनी एवं राज्य लेखा सेवा परिषद् के अध्यक्ष हृदयेश कुमार जुनेजा ने अपने-अपने कैडर को दी गई सौगातों एवं मांगों का विवरण प्रस्तुत किया। इससे पहले सीएम ने क्लब के स्पोटर्स एरिया, रेस्टोरेंट सहित विभिन्न सुविधाओं को देखा। <br /><br /></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Apr 2022 10:12:55 +0530</pubDate>
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                <title>राज काज में क्या है खास</title>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/what-is-special-in-raj-kaj/article-5613"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/rajkaj-copy.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>असर तारीफ का</strong><br />सूबे की सबसे बड़ी पंचायत में जोधपुर वाले अशोक ने सामने वाली मैडम की तारीफ क्या कर दी, कई बड़े नेताओं ने अपने-अपने हिसाब से मायने निकालने में कोई कमी नहीं छोड़ी। भगवा वाले कई भाई लोगों का तो हाजमा तक बिगड़ गया। अब इन भाई साहबों को कौन समझाए कि रणनीति बनाने में माहिर जादूगर जी ने तारीफ ऐसे वैसे ही थोड़े की है। राज का काज करने वालों में चर्चा है कि मैडम की तारीफ के लिए जादूगरजी को सही चौघड़िए का लम्बा इंतजार भी तो करना पड़ा। चूंकि भगवा वालों के बीच बनी खाई के बारे में भाई साहब से ज्यादा कोई ज्ञानी भी तो नहीं है।</p>
<p><strong>सिर्फ पांच ही एकजुट</strong><br />सूबे की सबसे बड़ी पंचायत की ना पक्ष लॉबी में गरमागरम बहस हुई। बहस भी छोटी नहीं, बल्कि एकजुटता को लेकर थी। बहस का मुद्दा था कि आजकल अपने ही नहीं हां पक्ष में भी दो से ज्यादा गुट है। एक गुट के भाई लोग तो दिल्ली दरबार की देहली तक धोक चुके हैं। बहस के बीच शाहपुरा वाले भाई साहब के कूदने से सबकी बोलती बंद हो गई। भाई साहब का तर्क था कि दोनों तरफ खेमेबाजी है, केवल हमारा ही गुट एक है। भाई लोगों ने तो कइयों को अलग करने के लिए खूब पसीने बहाए थे, पर पार नहीं पड़ी।</p>
<p><strong>शनि की कृपा</strong><br />दोनों तरफ शनि की कृपा है, जिसने फिजा ही बदल दी। जब से शनि का उदय हुआ है, तब से हाथ वालों के साथ भगवा वालों में भूचाल थम सा नजर आया रहा है। अगले दो महीने में इसका असर साफ दिखने लगेगा। राज का काज करने वालों में लंच केबिनो में चर्चा है कि अब तक जो कुछ कर लिया वो तो ठीक है, मगर अब फूंक-फूंक कर कदम रखने में ही भलाई है। पांच तारीख से शनि का जो उदय हुआ है, जो राज के लिए कारक होता है। ब्यूरोक्रेसी में जो अस्थिरता का माहौल है, वह उसी का असर है।</p>
<p><strong>तरीका ए मैसेज</strong><br /> सूबे में रह रह कर मैसेज देने में माहिर भाई साहब का कोई सानी नहीं है। उनकी इस दक्षता के तो दिल्ली वालों के साथ भगवा वाले भी कायल हैं। इन दिनों भाई साहब के एक खास मैसेज की इंदिरा गांधी भवन में काफी चर्चा है। पीसीसी के बाहर चाय की थड़ी पर गांधी टोपी वाले बुजुर्गवार बताते हैं कि साढ़े बारह साल पहले भी अपनी बिरादरी की लॉबी के बहाने भाई साहब से अकड़कर चलने वाले एक साहब को वफादारी दिखाने के लिए कई तरह के पापड़ तक बेलने पड़े थे। इस बार भी खुद को राज की कुर्सी के दावेदार को बताने वाले देवनारायण के वंशज को पूर्वी सूबे के उप चुनाव में जोझरू के पेड़ पर चढ़ा कर मैसेज भी दे दिया था कि हर गलती कीमत मांगती है। चूंकि भाई साहब हर नब्ज को टटोलने में तो माहिर हैं।</p>
<p><strong>बढ़ रही है सूची</strong> <br />राज और काज करने वालों की बीच छत्तीस का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। राज की कुर्सी तो खाई पाटने की जुगत में हैं, लेकिन उनके नवरत्न कुछ समझना ही नहीं चाहते। काज करने वाले कायदे कानूनों की दुहाई देकर सुशासन के नारे की याद दिलाते हैं। अब देखो ना नवरत्नों लिस्ट में शामिल होने के लिए जूझ चुके हाड़ौती वाले एक भाई साहब को ऊपर वालों ने आंख के इशारे से समझा दिया, लेकिन उनके समझ में नहीं आई। गुजरे जमाने में माथुर आयोग के चक्कर लगा चुके अफसरों से अभी भी उम्मीद कर रहे हैं कि आंख बंद कर चिड़िया बिठा दें, चाहे दूध फट ही क्यों ना जाए। ऐसे में नवरत्नों से पिण्ड छुड़ाने वालों की सूची लंबी होती जा रही है।</p>
<p><strong>एक जुमला यह भी</strong><br />ब्यूरोक्रेसी में इन दिनों एक जुमला जोरों पर है। हो भी क्यूं ना मामला राज के मूड से जुड़ा है। जब से मैडम की नजरेंं महिलाओं की योजनाओं पर टिकी हैं, तब से ब्यूरोक्रेसी में मनोबल भी बढ़ा है। सत्ता के साथ संगठन वालों का मुंह खुलने से अमल का असर साफ दिखने लगा है।</p>
<p><strong>(यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]>
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                <pubDate>Mon, 07 Mar 2022 12:05:39 +0530</pubDate>
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