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                <title>Medical and Health Department - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Medical and Health Department RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>विधानसभा में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अनुदान मांगों पर बहस : बीजेपी विधायक कालीचरण सराफ ने दिए अहम सुझाव, कहा- डॉक्टरों की पहली पोस्टिंग गांवों में अनिवार्य हो</title>
                                    <description><![CDATA[विधानसभा में बुधवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अनुदान मांगों पर बहस की शुरुआत करते हुए बीजेपी विधायक कालीचरण सराफ ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई अहम सुझाव दिए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/debate-on-grant-demands-of-medical-and-health-department-in/article-143676"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/12200-x-600-px)-(10).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विधानसभा में बुधवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अनुदान मांगों पर बहस की शुरुआत करते हुए बीजेपी विधायक कालीचरण सराफ ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई अहम सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि नए नियुक्त डॉक्टरों की पहली पोस्टिंग कम से कम पांच साल के लिए दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में अनिवार्य की जानी चाहिए और इसके लिए उनसे 50 लाख रुपए का बॉन्ड भी भरवाया जाए। सराफ ने कहा कि प्रदेश में करीब 2500 सरकारी अस्पताल छोटे जिलों और गांवों में संचालित हैं, जहां 75 प्रतिशत मेडिकल स्टाफ के पद स्वीकृत हैं, लेकिन डॉक्टर, नर्सिंगकर्मी और पैरामेडिकल स्टाफ ग्रामीण क्षेत्रों में जाना नहीं चाहते।</p>
<p>राजनीतिक रसूख के कारण कई कर्मचारी शहरों में डेपुटेशन करवा लेते हैं, जिससे गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं और गरीब मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। उन्होंने सुझाव दिया कि शहरी भत्ता बंद कर ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत डॉक्टरों को विशेष ग्रामीण भत्ता दिया जाए। साथ ही गांवों में सेवा देने वाले डॉक्टरों के बच्चों को शहरों के अच्छे स्कूलों में प्रवेश की सुविधा भी सरकार उपलब्ध कराए। सराफ ने कहा कि प्रभावी ट्रांसफर पॉलिसी लाकर ही प्रदेशभर में संतुलित और मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 15:06:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, फफूंद लगे 2000 किलो से अधिक लड्डू और प्रसाद जब्त कर किया नष्ट</title>
                                    <description><![CDATA[ जिले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य चिकित्सा विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने आज बड़ी कार्रवाई की है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/major-action-by-medical-and-health-department-more-than-2000/article-91747"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/4427rtrer-(11)1.png" alt=""></a><br /><p>सवाई माधाेपुर। जिले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य चिकित्सा विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने आज बड़ी कार्रवाई की है। सीएमएचओ धर्मसिंह मीणा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम खाद्य सुरक्षा निरीक्षक वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में रणथंभौर स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर पहुंची और मन्दिर परिसर में स्थित प्रसाद की दुकानों एवं भंडार गृह तथा गोदामों पर कार्रवाई करते हुए करीब 2000 किलो से भी अधिक फफूंद लगे एवं खराब हो चुके बेसन के लड्डुओं को जब्त कर नष्ट करवाया। सवाई माधोपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम की ये अब तक कि सबसे बड़ी कार्रवाई है। </p>
<p>तिरुपति बालाजी मंदिर सहित देश भर के कई मंदिरों में प्रसाद को लेकर उठे मिलावट के विवाद के बाद राजस्थान सरकार मंदिरों में चढ़ाएं जाने वाले एवं श्रद्धालुओ को दिये जाने वाले प्रसाद को लेकर एक्शन में है। इसी कड़ी में सवाई माधोपुर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा आज लगातर दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी धर्मसिंह मीणा के निर्देश पर आज एक बार फिर खाद्य सुरक्षा टीम खाद्य निरीक्षण विरेंद्र सिंह के नेतृत्व में खाद्य निरीक्षक बाबूलाल तगाया , वेदप्रकाश पूर्वीय के साथ रणथंभौर स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर परिसर पंहुँची और मन्दिर में चढ़ाएं जाने वाले प्रसार को लेकर कार्रवाई शुरू की । इन दौरान टीम ने मंदिर परिसर में बनी दुकानों एवं प्रसाद भंडार गृह तथा दुकानों के सीज किये गए गोदामों से खराब हुवे एवं फफूंद लगे करीब दो हजार किलो से भी अधिक बेसन के लड्डू एवं कच्चा माल जब्त किया और नष्ट करवाया । खाद्य सुरक्षा निरीक्षक विरेंद्र सिंह में बताया कि टीम एक दिन पूर्व रणथंभौर स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर परिसर पंहुँची थी ,जहाँ तीन में करीब एक दर्जन दुकानों से 870 किलो फफूंद लगे बेसन के लड्डू जब्त कर नष्ट करवाये थे , साथ ही जो दुकानें एवं भंडार तथा गोदाम बंद मिले थे उन्हें टीम द्वारा सीज कर दिया गया था ,जिसके चलते आज एक बार फिर दूसरे दिन खाद्य सुरक्षा टीम रणथंभौर स्थित  त्रिनेत्र गणेश मन्दिर परिसर पंहुँची है और एक दिन पूर्व सीज किये गए गोदामों एवं भंडार गृह को खुलवाकर उनके रखे खराब व फफूंद लगे करीब दो हज़ार किलो से भी अधिक बेसन के लड्डू व बेसन के चूरे को नष्ट करवाया गया है ।</p>
<p><strong>इनका क्या कहना है</strong><br />गौरतलब है कि हर वर्ष की भाँति इसी माह में 6 , 7 और 8 सितंबर को रणथंभौर स्थित त्रिनेत्र गणेश का तीन दिवसीय लक्खी मेले का आयोजन हुवा था। तीन दिवसीय लक्खी मेले में हर वर्ष 8 से 10 लाख श्रद्धालु त्रिनेत्र गणेश के दर्शनों के लिए रणथंभौर पहुंचते है ,लेकिन इस बार क्षेत्र में हुई अत्यधित बारिश के चलते रास्ते बंद होने के कारण  मन्दिर परिसर में स्थित दुकानदारों के अनुमान के मुताबिक श्रद्धालु गणेश दर्शनों के लिए त्रिनेत्र गणेश मंदिर नही पहुँचे ,श्रद्धालुओं के मन्दिर में आने की संभावनाओं के मध्यनजर मन्दिर परिसर में स्थित  दुकानदारों द्वारा प्रसाद के लिए पहले ही अत्यधिक मात्रा में बेसन के लड्डुओं का प्रयास तैयार कर लिया गया, लेकिन आशा के अनुरूप श्रद्धालुओं के नही आने पर प्रसाद का विक्रय नही हुवा और दुकानदारों का प्रयास दुकान में धारा का धरा रह गया। वही क्षेत्र में हुई अत्यधिक बारिश के चलते रणथंभौर के रास्ते बंद होने और श्रद्धालुओं के दुकानदारों की आशा के अनुरूप मंदिर नही पहुंचने पर सैंकड़ो किलो बेसन के लड्डुओं का प्रसाद दुकानों में रखा रह गया और उस प्रयास में फफूंद लगने लगे गई। साथ ही बारिश के कारण त्रिनेत्र गणेश मंदिर में टूट फुट होने के चलते मन्दिर ट्रस्ट ने आगामी दो अक्टूबर तक मन्दिर को श्रद्धालुओ के लिए बंद कर दिया और मन्दिर में मरम्मत का काम शुरू कर दिया । ऐसे में दो अक्टूबर तक मन्दिर श्रद्धालुओं के लिए बंद करने से रहे सहे श्रद्धालुओ का भी मंदिर में आना बंद हो गया। ऐसे में मन्दिर परिसर की दुकानों और सैंकड़ो किलो बेसन के लड्डुओं का प्रसाद बना बनाया रखा का रखा रहा गया और मन्दिर बंद होने व अत्यधिक बारिश के कारण सैंकड़ो किलो बेसन के लड्डूओ के प्रसाद में फफूंद लग गई और वो पूरी तरह से खराब हो गया। जिसको खाद्य सुरक्षा की टीम द्वारा नष्ट करवाया गया।<br /><strong>-विरेन्द्र सिंह ,खाद्य निरीक्षक</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Sep 2024 17:44:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत में एमपॉक्स के क्लेड-1बी स्ट्रेन की पुष्टि, केरल में मिला मरीज</title>
                                    <description><![CDATA[ विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 14 अगस्त को मंकीपॉक्स को ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/clade-1b-strain-of-mpox-confirmed-in-india-%C2%A0/article-91391"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/mpox.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत में पहले एमपॉक्स वायरस के क्लेड 1बी स्ट्रेन की पुष्टि हुई है। जो देश में इस प्रकार का पहला मामला है। यह मामला केरल के मलप्पुरम जिले में पाया गया। जहां संयुक्त अरब अमीरात से लौटे 38 वर्षीय यात्री में इस वायरस का संक्रमण पाया गया। केरल के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मरीज संयुक्त अरब अमीरात से लौटने के बाद संक्रमण का शिकार हुआ। इससे पता चलता है कि विदेश से आने वाले यात्रियों की कड़ी निगरानी और जांच कितनी आवश्यक है। </p>
<p><strong>सजग हुए स्वास्थ्य अधिकारी </strong><br />एमपॉक्स क्लेड 1बी का यह मामला भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी है। केरल में इस मामले की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य अधिकारी अब इसके प्रसार को रोकने के लिए सक्रिय रूप से कदम उठा रहे हैं और सतर्कता बढ़ा दी गई है।</p>
<p><strong>केंद्र ने जारी की थी एडवाइजरी</strong><br />गत 9 सितंबर को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्रा ने मंकीपॉक्स को लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी की थी। चंद्रा ने कहा था कि मंकीपॉक्स के खतरे को रोकने के लिए सभी राज्यों को हेल्थ एक्शन लेना चाहिए। राज्यों को मंकीपॉक्स को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। इसके अलावा राज्यों को अपनी स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारियों की समीक्षा करनी चाहिए। सीनियर अधिकारियों को जिलों की स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेना चाहिए।</p>
<p><strong>डब्ल्यूएचओ ने घोषित किया हेल्थ इमरजेंसी </strong><br />विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 14 अगस्त को मंकीपॉक्स को ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया था। भारत ने 20 अगस्त को देश के सभी पोर्ट्स, एयरपोर्ट के साथ पाकिस्तान और बांग्लादेश से सटे बॉर्डर पर अलर्ट जारी किया था। यह दो साल में दूसरी बार है जब डब्ल्यूएचओ ने मंकीपॉक्स को लेकर हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक, मंकीपॉक्स की शुरुआत अफ्रीकी देश कांगो से हुई थी। अफ्रीका के दस देश इसकी गंभीर चपेट में हैं। इसके बाद यह दुनिया के बाकी देशों में फैला।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Sep 2024 10:30:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बारिश थमी, मौसमी बीमारियों का खतरा : मलेरिया-डेंगू, स्क्रब टायफस जैसी बीमारियां होने लगी हावी</title>
                                    <description><![CDATA[चिकित्सा विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस साल एक जनवरी 2024 से अब तक डेंगू के 2802 पॉजीटिव मरीज मिले चुके हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rain-stopped-threat-of-seasonal-diseases-diseases-like-malaria-dengue/article-90704"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/2rtrer13.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में इन दिनों मानसून का सीजन है, हालांकि कुछ दिनों से मानसून थम गया है और धूप खिली हुई है। ऐसे में अब मौसम में फिर से गर्मी का असर बढ़ गया है। ऐसे में बारिश के बाद मौसमी बीमारियों आमजन पर हावी हो जाती हैं और डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल बुखार जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा अब बढ़ गया है। बार-बार बदल रहे मौसम के चलते लोग काफी संख्या में मौसमी बीमारी के मरीज भी बढ़ गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बारिश के बाद डेंगू, मलेरिया के केस तेजी से बढ़ते हैं। </p>
<p>ग्रामीण इलाकों में स्क्रब टायफस के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। इस बीच जयपुर में डेंगू अपने पैर तेजी से पसार रहा है। जयपुर जिले में इस साल अब तक 472 केस डेंगू के दर्ज हो चुके हैं। जो कि प्रदेश में किसी भी जिले में सबसे ज्यादा हैं। इनमें 236 जयपुर शहर और 236 जयपुर ग्रामीण में दर्ज हुए हैं। वहीं स्क्रब टायफस के जयपुर में 215 केस दर्ज हुए हैं। हालांकि चिकित्सा विभाग ने मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए एंटीलार्वा गतिविधियां शुरू करने का दावा किया है, लेकिन हकीकत में मौसमी बीमारियों पर लगाम नहीं लग पा रही है।</p>
<p><strong>स्वाइन फ्लू के 1085 केस पॉजीटिव मिले, 12 की मौत, जयपुर में सबसे ज्यादा 559 रोगी</strong><br /><strong>स्क्रब टायफस और डेंगू ने बढ़ाई चिंता</strong><br />चिकित्सा विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस साल एक जनवरी 2024 से अब तक डेंगू के 2802 पॉजीटिव मरीज मिले चुके हैं। डेंगू के बाद प्रदेश में इन दिनों सबसे ज्यादा प्रकोप स्क्रब टायफस का देखने को मिल रहा है। स्क्रब टायफस के अब तक 1366 मरीज मिल चुके हैं। वहीं मलेरिया के 872, चिकनगुनिया के 113 पॉजीटिव मिले हैं। इन बीमारियों से इस साल अब तक कोई मौत चिकित्सा विभाग के आंकड़ों में दर्ज नहीं है। स्वाइन फ्लू के अब तक 1085 पॉजीटिव केस दर्ज हो चुके हैं। इनमें से 12 लोगों की मौत भी हुई है। स्वाइन फ्लू के सबसे ज्यादा केस 528 जयपुर में दर्ज हुए हैं। स्वाइन फ्लू से मौतें सबसे ज्यादा उदयपुर में 4 हुई हैं। वहीं स्क्रब टायफस के सबसे ज्यादा 242 पॉजीटिव उदयपुर में, मलेरिया के 251 केस बाड़मेर में और चिकनगुनिया के सबसे ज्यादा 21 केस उदयपुर में दर्ज हुए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Sep 2024 09:37:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रोमा सेंटर में महिला नर्सिंगकर्मी से हुआ परिजनों का विवाद, थाने तक पहुंचा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष प्यारेलाल चौधरी ने इस मामले को गंभीर बताया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/family-members-dispute-with-female-nursing-worker-in-trauma-center/article-88451"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rer-(5)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एसएमएस हॉस्पिटल के ट्रोमा सेंटर में भर्ती एक मरीज के परिजन और महिला नर्सिंग स्टाफ  के बीच शुक्रवार सुबह बड़ा विवाद हो गया। महिला नर्सिंगकर्मी की ओर से काफी संख्या में वार्ड में एकत्रित होने पर परिजनों को बाहर जाने के लिए बोलने पर यह विवाद हुआ। कुछ देर में विवाद इतना बढ़ गया कि घटना की सूचना के बाद अस्पताल प्रशाासन और नर्सिंग एसोसिएशन के जुड़े पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने मरीज परिजन के खिलाफ  एसएमएस पुलिस थाना और हॉस्पिटल अधीक्षक व ट्रोमा सेंटर इंचार्ज को शिकायत दी है।</p>
<p><strong>ये है मामला<br /></strong>मामला ट्रोमा सेंटर स्थित मेल प्लास्टिक सर्जरी वार्ड का है। जहां लाडनूं से आए सुशील नाम के एक मरीज के परिजनों का महिला नर्सिंग स्टाफ पूनम कुमारी के साथ विवाद हुआ। पूनम ने बताया कि सीनियर डॉक्टर जब राउंड पर आने वाले थे तब हमने सभी मरीजों से मिलने आए उनके परिजनों को बाहर जाने के लिए कहा। इस पर सुशील के बैड पर तीन से चार लोग मौजूद थे, जब उनको बाहर जाने के लिए कहा तो वे झगड़ने लगे। महिला नर्सिंग स्टाफ ने आरोप लगाया है कि मेरे पे्रगनेंट होने के बावजूद उनमें से एक महिला ने मुझे धक्का मार दिया। तभी वहां मौजूद अन्य स्टाफ ने बीच-बचाव किया। </p>
<p><strong>सुरक्षा कानून में नर्सिंग और पैरा मेडिकल स्टाफ  भी हों शामिल</strong><br />राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष प्यारेलाल चौधरी ने इस मामले को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार जो डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर कानून बनाने की तैयारी कर रही है उसमें डॉक्टरों के साथ नर्सिंग और पैरा मेडिकल स्टाफ  को भी शामिल किया जाए। क्योंकि हॉस्पिटल में नर्सिंग स्टाफ  भी हर समय वार्डों में तैनात रहकर अपनी सेवाएं देते है।</p>
<p>मामले में हमने अधीक्षक और एसएमएस पुलिस चौकी में शिकायत दे दी है। हमने प्रशासन से मांग की है कि हॉस्पिटल में नियुक्त सभी स्टाफ  की सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम करने की जरूरत है।<br />-डॉ. अनुराग धाकड़, नोडल ऑफिसर ट्रोमा सेंटर</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Aug 2024 10:31:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अतिरिक्त मुख्य सचिव ने किया मनोचिकित्सा केंद्र का निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[सिंह ने अस्पताल में संचालित टेली मानस हेल्पलाइन सेंटर का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/additional-chief-secretary-inspected-the-psychiatry-center/article-87243"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/photo-size-(11)4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सवाई मानसिंह अस्पताल से संबद्ध मनोचिकित्सा केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। इसके लिए आईटी एवं तकनीक आधारित सेवाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही यहां प्रस्तावित सेंटर आॅफ  एक्सीलेंस का निर्माण कार्य भी शीघ्र शुरू होगा। चिकित्सा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने गुरुवार को मनोचिकित्सा केंद्र जयपुर के निरीक्षण एवं यहां आरएमआरएस की कार्यकारी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस संबंध में निर्देश दिए। सिंह ने अस्पताल में इंटीग्रेटेड हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने, हर मरीज की आभा आईडी बनाने और सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यहां जीरियाट्रिक वार्ड का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रो-एक्टिव एप्रोच के साथ मनोचिकित्सा केंद्र को रैफरल यूनिट के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।</p>
<p><strong>पीएम जनऔषधि केंद्र स्थापित करें, टेलीमानस का प्रचार-प्रसार </strong><br />सिंह ने अस्पताल में संचालित टेली मानस हेल्पलाइन सेंटर का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि इसका एक केंद्र कोटा में संचालित करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जाए, ताकि वहां अध्ययनरत युवाओं को तनाव के पलों में समुचित परामर्श मिल सके। टेली मानस हेल्पलाइन सेवा एवं मनोचिकित्सा संबंधी गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार हो। साथ ही अस्पताल परिसर में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र की स्थापना करने और रोगियों एवं उनके परिजनों की सुविधा के लिए पीपीपी मोड पर कैफेटेरिया संचालित करने के निर्देश दिए।  </p>
<p><strong>आरएमआरएस से होंगे तात्कालिक आवश्यकता के कार्य</strong><br />बैठक के दौरान अस्पताल परिसर में टॉयलेट्स की मरम्मत एवं तात्कालिक आवश्यकता से संबंधित अन्य मेंटीनेंस कार्यों के लिए आरएमआरएस से राशि का उपयोग लेने की स्वीकृति प्रदान की। साथ ही मानव संसाधन सहित अन्य अतिआवश्यक प्रकृति के कार्यों के लिए भी नियमानुसार आरएमआरएस की राशि का सदुपयोग करने के निर्देश दिए। बैठक में सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी, अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. गोरधन लाल मीणा, मनोचिकित्सा केंद्र के अधीक्षक डॉ. ललित बत्रा सहित आरएमआरएस के अन्य सदस्य उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 Aug 2024 09:15:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चांदीपुरा वायरस संक्रमण मामला, मरीज मिला तो आसपास के घरों में सर्वे-जांच होगी</title>
                                    <description><![CDATA[चिकित्सा विभाग ने जारी की एडवाइजरी डूंगरपुर में मिला था मरीज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/if-a-patient-is-found-in-chandipura-virus-infection-case/article-86357"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/chandipura-virus.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के डूंगरपुर में चांदीपुरा वायरस के मिले एक मरीज के बाद जहां गुजरात से सटे बॉर्डर जिलों में अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेशभर के लिए भी एडवाइजरी जारी कर दी है। प्रदेश में चांदीपुरा वायरस जैसे लक्षणें वाले मरीजों की जांच होगी। मरीज मिला तो उसके आसपास के पचास घरों में स्क्रीनिंग-सर्वे होगा। यह काम आशा, एएनएम, सीएचओ के द्वारा घर-घर जाकर किया जाएगा। जांच को सैंपल पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ वायरोलॉजी में भेजे जाएंगे, क्योंकि यह वायरस जानवरों में भी फैलता है। ऐसे में मरीज के घर में अगर पालतू जानवर या कोई पशु होगा तो उसकी भी जांच की जाएगी। यह जांच पशुपालन विभाग के मार्फत होगी।</p>
<p>चिकित्सा विभाग के जनस्वास्थ्य निदेशक डॉ.रविप्रकाश माथुर ने इसकी एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने निर्देश दिए गए हैं कि गुजरात में इसके मरीज ज्यादा पाए जाते हैं, ऐसे में बॉर्डर से सटे प्रदेश के जिलों में मक्खी-मच्छरों को नियंत्रित करने के लिए फोगिंग, डीडीटी छिड़काव करवाया जाएगा। एडवाइजरी में सभी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों को चांदीपुरा वायरस का कोई भी मरीज आने पर उसकी सूचना तुरंत मुख्यालय पर देने और उसके इलाज की हर संभावित व्यवस्था अभी से रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Jul 2024 11:52:03 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>SMS Hospital Plasma Case: डॉ. बगरहट्टा, डॉ. अचंल सहित 4 डॉक्टरों को नोटिस, 6 अन्य चिकित्साकर्मियों पर कार्रवाई शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[टेक्नीकल सुपरवाइजर प्रभु सिंह मण्डीवाल व अमित भारद्वाज तथा टेक्नीशियन राजकुमार जैन एवं कृष्ण गोपाल अग्रवाल पर कार्रवाई के लिए निर्देश दिए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sms-hospital-plasma-case-notice-to-4-doctors-including-dr/article-84008"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/sms.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सवाई मानसिंह अस्पताल के ब्लड बैंक में प्लाज्मा खराब होने के प्रकरण में जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने 4 चिकित्सा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जांच में दोषी 6 अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई के लिए चिकित्सा विभाग को पत्र लिखकर निर्देशित किया गया है।  </p>
<p>एसीएस शुभ्रा सिंह ने बताया कि प्रकरण को चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने गंभीरता से लेते हुए जांच करवाई थी। जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. राजीव बगरहट्टा, पूर्व अधीक्षक डॉ.अचल शर्मा, आचार्य आईएचटीएम डॉ. प्रमेन्द्र पचौरी एवं ट्रोमा सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ. अनुराग धाकड़ को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिवस में स्पष्टीकरण मांगा गया है। इन अधिकारियों को प्लाज्मा के रखरखाव में लापरवाही, अनियमितता एवं पर्यवेक्षणीय लापरवाही के लिए दोषी माना गया है। चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रकाश चंद्र गोयल एवं डॉ. अखिलेश कुमार को दोषी मानते हुए चिकित्सा विभाग में कार्रवाई शुरू भी हो गई है। <br />टेक्नीकल सुपरवाइजर प्रभु सिंह मण्डीवाल व अमित भारद्वाज तथा टेक्नीशियन राजकुमार जैन एवं कृष्ण गोपाल अग्रवाल पर कार्रवाई के लिए निर्देश दिए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sms-hospital-plasma-case-notice-to-4-doctors-including-dr/article-84008</link>
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                <pubDate>Mon, 08 Jul 2024 11:01:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दस्त से हर साल 3900 बच्चों की होती है मौत</title>
                                    <description><![CDATA[एसीएस शुभ्रा सिंह ने स्वास्थ्य भवन में स्टॉप डायरिया अभियान-2024 की पूर्व तैयारियों की समीक्षा कर रही थीं। कहा कि आगामी दो माह मौसमी एवं जलजनित बीमारियों को देखते हुए संबंधित सभी विभाग तैयारियां सुनिश्चित करें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/3900-children-die-every-year-due-to-diarrhea/article-82907"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/u1rer-(5)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। डायरिया से होने वाली मौतों को खत्म करने के लिए एक जुलाई से 31 अगस्त तक प्रदेश में स्टॉप डायरिया अभियान चलाया जाएगा। प्रदेश में वर्तमान में हर साल पांच साल से कम उम्र के 3900 बच्चों की मौत डायरिया यानी दस्त लगने से होती है। हालांकि यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से कम है। देश में हर साल 5.8 फीसदी बच्चे इसके कारण मौत का शिकार बन जाते हैं। </p>
<p>एसीएस शुभ्रा सिंह ने स्वास्थ्य भवन में स्टॉप डायरिया अभियान-2024 की पूर्व तैयारियों की समीक्षा कर रही थीं। कहा कि आगामी दो माह मौसमी एवं जलजनित बीमारियों को देखते हुए संबंधित सभी विभाग तैयारियां सुनिश्चित करें। हमारा यही लक्ष्य हो कि प्रदेश में एक भी बच्चे की मौत डायरिया से नहीं हो। अधिकांश मौतें आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों, कच्ची बस्ती, पिछडे़ क्षेत्रों, बाढ़ या सूखाग्रस्त आदि इलाकों में सामने आती हैं। ऐसे संवेदनशील वर्गों एवं क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां विशेष फोकस किया जाए। स्कूलों में शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही बच्चों को डायरिया से बचाव को लेकर जागरूक किया जाए।  पेयजल के नमूने लेकर नियमित रूप से जांच की जाए। अस्पतालों में ओआरएस एवं जिंक टेबलेट की समुचित व्यवस्था रहे। आशा एवं एनएनएम के माध्यम से घर-घर तक इनका वितरण करवाया जाए।</p>
<p>बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी, आरएमएससीएल की प्रबंध निदेशक नेहा गिरि, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव मोहनलाल यादव, अतिरिक्त आयुक्त ईजीएस जुगल किशोर मीणा सहित अन्य अफसर मौजूद रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Jun 2024 13:24:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>&quot;स्वस्थ और तंदुरुस्त राजस्थान&quot;: इस बार के बजट में चिकित्सा और स्वास्थ्य पर होगा सर्वाधिक फोकस </title>
                                    <description><![CDATA[ बैठक में विभिन्न एसोसिएशन ,मेडिकल कॉलेज ,मेडिकल विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ ने भाग लिया। खुलकर स्वास्थ्य विभाग में वेतन चिकित्सा सेवाओं के लिए अपने सुझाव दिए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%22healthy-and-healthy-rajasthan%22-this-time-the-focus-will-be/article-81932"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/bhajan-lal-sharma.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को बजट से पहले स्वास्थ्य महकमे के विशेषज्ञों के साथ बैठक की। बैठक में डिप्टी सीएम दिया कुमारी, प्रेमचंद बेरवा और चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर भी मौजूद थे।</p>
<p>स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए हो रही बैठक में बजट पूर्व परामर्श में उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी डॉ.प्रेमचंद बैरवा, मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित आला अधिकारी मौजूद थे।</p>
<p><strong>बैठक में तजुर्बेकार डॉक्टर्स, स्वास्थ्य क्षेत्र की जानी मानी विभूतियाँ</strong><br />विभिन्न एसोसिएशन, मेडिकल कॉलेज, मेडिकल विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ ने भाग लिया। खुलकर स्वास्थ्य विभाग में वेतन चिकित्सा सेवाओं के लिए अपने सुझाव दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भी देश के जाने माने डॉक्टर चर्चा में शामिल हुए और उन्होंने अपनी बात रखी।  “स्वस्थ राजस्थान- तंदुरुस्त राजस्थान” की तर्ज़ पर सुझाव दिए।<br />एलोपैथी, आयुर्वेदिक, पैरामेडिकल, फ़ार्मेसी, नर्सिंग के विषयों पर सुझाव आए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Jun 2024 19:40:50 +0530</pubDate>
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                <title>प्रशिक्षित 146 डॉक्टर करेंगे सोनोग्राफी</title>
                                    <description><![CDATA[ऐसे चिकित्सालय जहां सोनोग्राफी मशीन नहीं हैं, वहां पदस्थापित चिकित्सकों को स्थानांतरित किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/trained-146-doctors-will-do-sonography/article-81514"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(5)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के राजकीय चिकित्सालयों में सोनोग्राफी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा। इसके लिए सितम्बर-अक्टूबर माह में पीसीपीएनडीटी का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 146 चिकित्सकों को जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल, सैटेलाइट हॉस्पिटल, एफआरयू एवं आदर्श सीएचसी पर प्राथमिकता के साथ पदस्थापित किया जाएगा। साथ ही ऐसे चिकित्सालय जहां सोनोग्राफी मशीन नहीं हैं, वहां पदस्थापित चिकित्सकों को स्थानांतरित किया जाएगा। यह निर्णय एसीएस शुभ्रा सिंह की अध्यक्षता में सोनोग्राफी मशीनों की उपलब्धता एवं संचालन के संबंध में समीक्षा बैठक में लिए गए।</p>
<p><strong>रेडियो डायग्नोसिस कोर्स करने वाले पीजी छात्रों की ली जाएंगी सेवाएं</strong><br />बैठक में बताया कि रेडियो डायग्नोसिस कोर्स करने वाले स्रात्कोत्तर छात्रों को बॉण्ड के तहत राजस्थान में कार्य करना होता है। ये छात्र सहायक प्रोफेसर शिप व सीनियर रेजीडेंसी में चले जाते हैं। इनमें से कुछ चिकित्सकों को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधीन जिला एवं उप जिला अस्पतालों में पदस्थापित किया जा सकता है ताकि क्वालिटी सर्विस मिल सके। इस पर अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मिशन निदेशक, एनएचएमए चिकित्सा शिक्षा आयुक्त एवं निदेशक जनस्वास्थ्य की तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीसीपीएनडीटी कोर्स की परीक्षा समय पर कराने तथा प्रशिक्षण केंद्रों की गुणवत्ता बढ़ाने के भी निर्देश दिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 12:35:43 +0530</pubDate>
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                <title>IHMS Server में खराबी, एसएमएस सहित प्रदेश भर के अस्पतालों में दो घंटे ठप रहा काम</title>
                                    <description><![CDATA[आईएचएमएस सर्वर जब से शुरू हुआ है तब से कई बार सर्वर डाउन रहने की समस्या आ चुकी है। पिछले एक महीने की बात करें तो करीब तीन से चार बार सर्वर डाउन हो चुका है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/malfunction-in-ihms-server-halted-work-for-two-hours-in/article-80190"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/s.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चिकित्सा विभाग की ओर से एसएमएस मेडिकल कॉलेज सहित प्रदेश भर के अस्पतालों में संचालित इंटिग्रेडेट हैल्थ मैनेजमेंट सिस्टम यानी आईएचएमएस सर्वर एक बार शनिवार को ठप हो गया। सर्वर प्रदेश भर में एक साथ ही डाउन हुआ जिसके कारण सुबह आठ बजे ओपीडी शुरू होने के साथ ही मरीजों का दिक्कतों का सामना करना पड़ा। काफी देर तक मरीजों को दिक्कते होने के कारण इसकी सूचना विभाग की एसीएस शुभ्रा सिंह तक पहुंची और इसके बाद खुद एसीएस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीओआईटी के अधिकारियों बात की।</p>
<p>इसके बाद करीब दो घंटे बाद जाकर सर्वर ठीक हुआ और मरीजों ने राहत की सांस ली। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में भी मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में भी सर्वर डाउन होने के चलते मरीज परेशान होते रहे।</p>
<p><strong>पहले भी कई बार हो चुका है सर्वर डाउन</strong><br />आईएचएमएस सर्वर जब से शुरू हुआ है तब से कई बार सर्वर डाउन रहने की समस्या आ चुकी है। पिछले एक महीने की बात करें तो करीब तीन से चार बार सर्वर डाउन हो चुका है। ऐसे में मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>एसएमएस में दिखा ज्यादा असर</strong><br />सर्वर डाउन होने का असर सबसे ज्यादा जयपुर के एसएमएस अस्पताल में देखने को मिला। यहां रोजाना ओपीडी में करीब 10 से 12 हजार मरीज इलाज के लिए आते हैं लेकिन सुबह आठ बजे जैसे ही मरीज ओपीडी में रजिस्ट्रेशन के लिए तो उनकी पर्चियां सर्वर डाउन होने के कारण नहीं कट पाई।  इंतजार के बाद भी मरीज  भटकते रहे। ऐसे में रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों की भीड़ लग गई। वहीं इंडोर  मरीजों को भी भर्ती होने और डिस्चार्ज होने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यही हाल शहर के अन्य जयपुरिया, कांवटिया, गणगौरी, जनाना, महिला, जेकेलोन अस्पताल में भी देखने को मिला। कुछ अस्पतालों में मैनुअल रूप से भी पर्चियां काटी गई लेकिन इसका खास फायदा मरीजों को नहीं हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Jun 2024 11:33:23 +0530</pubDate>
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