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                <title>Digital Arrest - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Digital Arrest RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>तेलंगाना पुलिस की बड़ी कामयाबी : ऑनलाइन धोख़ाधड़ी के 17 मामलों में कई राज्यों से 19 आरोपी गिरफ़्तार, पूछताछ जारी</title>
                                    <description><![CDATA[साइबराबाद पुलिस ने देशव्यापी छापेमारी कर 17 साइबर अपराधों का पर्दाफाश किया। गिरफ्तार 19 आरोपियों में ट्रेडिंग और डिजिटल अरेस्ट के जालसाज शामिल हैं। पुलिस ने पीड़ितों को 4.35 करोड़ रुपये वापस दिलाने के अदालती आदेश भी प्राप्त किए। व्हाट्सएप निवेश समूहों से सावधान रहने की चेतावनी देते हुए हेल्पलाइन 1930 जारी की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-success-of-telangana-police-19-accused-arrested-from-many/article-148857"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/arrestedd.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना के साइबराबाद की साइबर अपराध पुलिस ने 25 से 31 मार्च के बीच कई राज्यों में छापेमारी की और 17 साइबर अपराध के मामलों का खुलासा कर 19 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की ओर से गुरुवार को जारी एक बयान के अनुसार, पकड़े गए मामलों में सबसे ज्यादा धोखाधड़ी 'ट्रेडिंग' से जुड़ी थी। ट्रेडिंग धोख़ाधड़ी के 11 मामलों में 12 गिरफ्तारियां की गईं। इसके अलावा डिजिटल अरेस्ट के दो मामलों में तीन, पार्ट-टाइम जॉब धोख़ाधड़ी के दो मामलों में दो और नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के दो मामलों में दो आरोपियों को पकड़ा गया है।</p>
<p>पुलिस को एक बड़ी सफलता यह भी मिली है कि उन्होंने 125 मामलों में अदालतों से 884 'रिफंड' आदेश प्राप्त किए हैं। इसके जरिए पीड़ितों को 4.35 करोड़ रुपये वापस दिलाने की प्रक्रिया आसान हुई है। इस सप्ताह के दौरान एक बड़े मामले में पुलिस ने उस ट्रेडिंग धोखाधड़ी का भंडाफोड़ किया, जिसमें एक पीड़ित से व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए 2.93 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। जालसाजों ने निवेश सलाहकार बनकर और मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर पीड़ित को झांसे में लिया और भारी मुनाफे के नाम पर कई बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए। इस मामले में तेलंगाना के रहने वाले दो आरोपियों शेखर और तिनेश कुमार प्रजापति को गिरफ्तार किया गया है। इन पर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोप है।</p>
<p>पुलिस ने जनता को चेतावनी दी है कि वे भारी मुनाफे का वादा करने वाले ऑनलाइन निवेश समूहों पर भरोसा न करें और निवेश करने से पहले प्लेटफॉर्म की अच्छी तरह जांच कर लें। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 15:12:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हैदराबाद पुलिस ने ऑपरेशन ऑक्टोपस के तहत साइबर धोखाधड़ी गिरोह का किया भंडाफोड़; 104 लोग गिरफ्तार, नकदी एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त</title>
                                    <description><![CDATA['ऑपरेशन ऑक्टोपस' के तहत 16 राज्यों में छापेमारी। 104 जालसाज गिरफ्तार। निवेश और 'डिजिटल अरेस्ट' के जरिए ₹127 करोड़ की धोखाधड़ी। 151 बैंक खाते फ्रीज। भारी मात्रा में नकदी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/hyderabad-police-busted-cyber-fraud-gang-under-operation-octopus-104/article-144451"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/arrestedd.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना में हैदराबाद पुलिस ने ऑपरेशन ऑक्टोपस नामक एक राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत 16 राज्यों में फैले एक साइबर धोखाधड़ी गिरोह पर कार्रवाई करते हुए 104 लोगों को गिरफ्तार किया और नकदी एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किये। पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) वी अरविंद बाबू,  के नेतृत्व में चलाये गये इस अभियान में निवेश घोटालों, व्यापार धोखाधड़ी और तथाकथित डिजिटल गिरफ्तारी घोटालों में शामिल संगठित नेटवर्क को निशाना बनाया गया। पुलिस ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि गहन जांच के बाद पुलिस ने पीड़ितों के पैसे निकालने के लिए इस्तेमाल किये गये 151 बैंक खातों की पहचान की है।</p>
<p>इस अभियान के तहत 10 दिनों की अवधि में कई राज्यों में एक साथ 32 विशेष टीमें तैनात की गईं। गिरफ्तार किए गए लोगों में 86 फर्जी खाताधारक, 17 खाता आपूर्तिकर्ता/एग्रीगेटर और अंदरूनी मिलीभगत का आरोपी एक बैंक अधिकारी, बंधन बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर शामिल है। </p>
<p>आरोपियों का संबंध देश भर में दर्ज 1,055 साइबर धोखाधड़ी मामलों से है, जिनमें अनुमानित 127 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी शामिल है। छापेमारी के दौरान, पुलिस ने 36 लाख रुपये नकद, 204 मोबाइल फोन, 141 सिम कार्ड, 152 बैंक पासबुक, 234 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, 26 लैपटॉप और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है।</p>
<p>यह अभियान संयुक्त पुलिस आयुक्त एस एम विजय कुमार और डीसीपी वी. अरविंद बाबू की देखरेख में चलाया गया। हैदराबाद पुलिस आयुक्त वी सी सज्जनार ने कहा कि साइबर अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा है और उन्होंने शहर पुलिस की शून्य-सहिष्णुता नीति को दोहराते हुए कहा कि गिरोह के उच्च स्तरीय संचालकों को पकडऩे के लिए जांच जारी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 17:53:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट का आदेश : डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामलों की जांच करेगी CBI, एक नाम पर कई SIM पर रोक की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट स्कैम को गंभीर खतरा बताते हुए इसकी जांच CBI को सौंप दी है और एजेंसी को विशेष अधिकार दिए हैं। अब CBI स्कैम में उपयोग किए गए बैंक खातों व बैंकरों की जांच कर सकेगी। कोर्ट ने सभी राज्यों व आईटी अथॉरिटीज को पूर्ण सहयोग का आदेश दिया और DoT से एक नाम पर कई सिम जारी करने पर रोक के लिए प्रस्ताव मांगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/supreme-courts-order-cbi-will-investigate-cases-related-to-digital/article-134311"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/supreme-court--3.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट स्कैम को बेहद गंभीर खतरा मानते हुए इस पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि ऐसे साइबर अपराध आम लोगों को आर्थिक और मानसिक रूप से नुकसान पहुंचा रहे हैं, इसलिए इनकी जांच अब CBI करेगी। साथ ही CBI को विशेष अधिकार भी दिए गए हैं, जिनके तहत वह उन सभी बैंक खातों और संबंधित बैंकरों की जांच कर सकेगी, जिनका उपयोग डिजिटल अरेस्ट स्कैम में किया गया है।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि आईटी इंटरमीडियरी रूल्स 2021 के तहत सभी अथॉरिटीज CBI को पूरा सहयोग दें। जिन राज्यों ने अभी तक CBI को जनरल कंसेंट नहीं दी है, उन्हें भी इस मामले में अनुमति प्रदान करनी होगी, ताकि जांच पूरे देश में बिना रोकटोक के जारी रह सके। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर CBI इंटरपोल अधिकारियों से मदद ले सकती है।</p>
<p>कोर्ट ने दूरसंचार विभाग (DoT) से कहा कि एक नाम पर कई सिम कार्ड जारी करने की समस्या को रोकने के लिए ठोस प्रस्ताव तैयार कर कोर्ट में पेश किए जाएं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Dec 2025 17:06:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिजीटल अरेस्ट के नाम पर 7.80 लाख की धोखाधड़ी : दिल्ली में बम ब्लास्ट एवं मनी लॉ्ड्रिरंग का डर दिखाकर की ठगी, 30 घंटे तक वॉट्सएप कॉल रखा चालु</title>
                                    <description><![CDATA[साईबर ठग ने दिल्ली में बम ब्लास्ट एवं मनी लॉ्ड्रिरंग का डर दिखाकर जिले के एक परिवार से 7 लाख 80 हजार रुपए की ठगी कर दी। इस संबंध में सत्यनारायण दोसी निवासी नरसिंह मंदिर पैलेस रोड ने साईबर पुलिस थाने में रिपोर्ट देते बताया उसके मोबाईल पर अज्ञात व्यक्ति ने वाट्सएप कॉल कर अपने आप को मुंबई का बड़ा पुलिस अधिकारी बता अपना नाम प्रेम कुमार बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/banswara/fraud-of-rs-780-lakh-in-the-name-of-digital/article-133396"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/cyber-security.jpg" alt=""></a><br /><p>बांसवाड़ा। साईबर ठग ने दिल्ली में बम ब्लास्ट एवं मनी लॉ्ड्रिरंग का डर दिखाकर जिले के एक परिवार से 7 लाख 80 हजार रुपए की ठगी कर दी। इस संबंध में सत्यनारायण दोसी निवासी नरसिंह मंदिर पैलेस रोड ने साईबर पुलिस थाने में रिपोर्ट देते बताया कि 19 नवंबर को दोपहर 12 बजे उसके मोबाईल पर अज्ञात व्यक्ति ने वाट्सएप कॉल कर अपने आप को मुंबई का बड़ा पुलिस अधिकारी बता अपना नाम प्रेम कुमार बताया।</p>
<p>कुछ देर बाद प्रार्थी के वा्टसएप नंबर पर लगातार वीडियो कॉल कर बताया कि आपके खिलाफ दिल्ली में मनी लॉ्ड्रिरंग का केस हुआ है एवं दिल्ली बम ब्लास्ट में आपके मोबाईल नंबर का प्रयोग हुआ है। साईबर ठग ने 30 घंटे तक प्रार्थी व उसकी पत्नी के नंबरों पर वॉट्सएप कॉल चालु रखे और घर में ही डिजीटल अरेस्ट रखा।  इसके बाद 20 नवंबर को प्रार्थी व उसकी पत्नी को बैंक शाखा में जाने को बोला। जिस पर प्रार्थी अपनी पत्नी के साथ आजाद चौक स्थित बैंक शाखा में गये एवं एफडी तुड़वाकर राशि बचत बैंक खाते में जमा करवा दी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बांसवाड़ा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Nov 2025 14:04:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई साइबर क्राइम के नाम पर 80 लाख की ठगी : मुख्य खाताधारक गिरफ्तार, महिला को 8 दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' का झांसा देकर लूटा</title>
                                    <description><![CDATA[उन्होंने महिला को डिजिटल रूप से गिरफ्तार होने का झांसा दिया और कानून की कार्रवाई से बचने के नाम पर उनसे 80 लाख अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-elderly-woman-was-looted-by-the-pretense-of-digital/article-122074"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/ne1ws-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। साइबर ठगों ने अपनी शातिर चालों से अजमेर की 82 वर्षीय एक महिला को निशाना बनाया और 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर उनसे 80 लाख की भारी भरकम राशि ऐंठ ली। इस हाई-प्रोफाइल मामले में राजस्थान साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने मुख्य खाताधारक को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके बैंक खाते में ठगी की गई सारी रकम ट्रांसफर की गई थी। एसपी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि यह सनसनीखेज घटना 23 नवंबर से 30 नवंबर 2024 के बीच हुई। ठगों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए महिला से संपर्क साधा और खुद को मुंबई साइबर क्राइम का अधिकारी बताया। उन्होंने महिला को डिजिटल रूप से गिरफ्तार होने का झांसा दिया और कानून की कार्रवाई से बचने के नाम पर उनसे 80 लाख अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए।</p>
<p>प्रकरण अजमेर में दर्ज होने के बाद इसे साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन राजस्थान जयपुर को हस्तांतरित कर दिया गया, जिसके बाद जांच में तेजी आई। साइबर थाने की विशेष टीम ने ठगी गई राशि के लेन-देन का गहन विश्लेषण किया। जांच में पाया गया कि ठगी की गई पूरी 80 लाख की राशि एक ही बैंक खाते में स्थानांतरित की गई थी। यह खाता सोवन मंडल पुत्र संतोष निवासी धूलिया हावड़ा पश्चिम बंगाल का था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सोवन मंडल को गिरफ्तार कर लिया है। उससे आगे की पूछताछ जारी है।</p>
<p><strong>150 से अधिक खातों में पहुंची राशि, क्रिप्टो में बदल रहे थे पैसे</strong><br />जांच में खुलासा हुआ है कि सोवन मंडल के खाते से यह 80 लाख की राशि आगे 150 से अधिक अन्य खातों में ट्रांसफर की गई थी। सभी संदिग्ध खाताधारकों की पहचान की जा रही है। विश्लेषण से यह भी सामने आया है कि ठगी की गई रकम को विभिन्न खातों से होते हुए नकद निकासी के माध्यम से यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदला जा रहा था, जिससे पैसे को ट्रैक करना मुश्किल हो जाए।</p>
<p><strong>पहले भी 18 आरोपी गिरफ्तार, बड़ी बरामदगी</strong><br />इस मामले में पहले भी 18 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन गिरफ्तारियों से 13 लाख नकद, 27 मोबाइल फोन, 43 डेबिट कार्ड, 19 पासबुक, विभिन्न बैंकों की 15 चेकबुक, 16 सिम कार्ड, 13 पैन कार्ड/आधार कार्ड, 1 लैपटॉप और 1 स्विफ्ट वीडीआई कार बरामद की गई है। एसपी सिंह ने बताया कि ये साइबर ठग ठगी की गई राशि से मिले कमीशन का उपयोग अपने महंगे शौक पूरे करने में करते थे। आशंका जताई जा रही है कि गिरफ्तार किए गए इन ठगों का देश भर में कई अन्य साइबर ठगी के मामलों में भी हाथ हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Jul 2025 17:28:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एपीके फाइल भेजकर सेंध लगा रहे साइबर ठग, यूजर्स को एज्यूकेट और जागरुक करने के अलावा कोई रास्ता नहीं </title>
                                    <description><![CDATA[इस तरह के मामलों में यूजर्स को एज्यूकेट और जागरुक करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cyber-thugs-are-breaking-in-by-sending-apk-files/article-111756"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer-(4)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शादियों का सीजन शुरू हो चुका है और डिजिटल निमंत्रण भेजने का चलन भी जोरों पर हैं। लेकिन सावधान। आपको  किसी अनजान नंबर से शादी के निमंत्रण का डिजिटल कार्ड एपीके फाइल में मिला है तो सतर्क हो जाएं। आप साइबर ठगी या डिजिटल अरेस्ट का शिकार हो सकते हैं। साइबर ठग हर बार नए तरीके से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।  एपीके फाइल मोबाइल फोन में डाउनलोड होने के बाद रन करते ही आपकी सारी जानकारी साइबर ठगों तक पहुंच जाती है। वह आपका बैंक अकाउंट साफ कर सकते हैं या आपको डिजिटल अरेस्ट कर मोटी रकम ऐंठ सकते हैं। कई मामलों में हैकर्स व्हाट्सएप को हैक करके भी कॉन्टेक्ट लिस्ट या ग्रुप में परिचित के व्हाट्सएप नंबर से एपीके शादी के कार्ड के नाम से भेज देते हैं। लोग परिचित के वॉट्सएप नंबर से आई एपीके फाइल पर विश्वास करके ओपन कर लेते हैं। ऐसा ही एक मामला शहर में हाल ही सामने आया। ऐसे मामलों से बचने के लिए दैनिक नवज्योति ने कई साइबर एक्सपर्ट से बात की। </p>
<p><strong>साइबर ठगी का शिकार होते बाल बाल बचा</strong><br />गुरुवार 17 अप्रैल को एक व्यक्ति के व्हाट्सएप एकाउन्ट को साइबर ठग ने हैक कर लिया। हैकर्स ने एकाउन्ट के सभी नम्बर पर एपीके फाइल से शादी का कार्ड भेजा। इसमें लिखा था - "मेरे भाई की शादी है आप को जरुर आना है। आप हमारे भाई की शादी में आमंत्रित है। शादी का निमंत्रण कार्ड अभी डाउनलोड करें। इस मैसेज को यदि किसी के भी द्वारा डाउन लोड कर रन कर लिया जाता तो सम्पूर्ण जानकारी हैकर्स को मिल जाती और वह उस व्यक्ति का खाता साफ कर देते। पीड़ित ने तुरन्त पुलिस सहायता ली। बिना समय गंवाए साइबर थानाधिकारी ने  व्हाट्सएप को डिलिट किया तथा फिर दोबारा इंस्टॉल किया। इस प्रकार यह व्यक्ति साइबर ठगी से बच गया। </p>
<p><strong>किसी अनजान या गलत लिंक को न खोलें</strong><br />मोबाइल फोन पर अज्ञात नंबर, अनजान लिंक अथवा ग्रुप और परिचित के नंबर से आई हुई एपीके फाइल के नाम से कोई फाइल या एपीके मैसेज आए तो सर्तक हो जाएं। उसे भूलकर भी  कभी क्लिक नहीं करें और डाउनलोड नहीं करें। अनजान लिंक को खोलना खतरनाक हो सकता है आप फंस सकते हैं। इसलिए सावधानी बरतें। यदि गलती से डाउनलोड हो जाए, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। साइबर थाने में शिकायत करें।  <br /><strong>- विनोद कुमार, इंचार्ज साइबर थाना कोटा</strong></p>
<p><strong>यूजर्स को ही होना होगा जागरुक</strong><br />मोबाइल के अंदर जो भी वायरस आएगा वह एपीके फाइल में ही आएगा। मोबाइल में दो ही आॅपरेटिंग सिस्टम काम करते हैं,  एंड्रॉइड और आईओएस। कोई अच्छा सॉफ्टवेयर डालना है या मोबाइल को करप्ट करना है तो फाइल  एपीके में ही आएगी। अब यह समझना पडेगा कि आपके पास जो मैसेज आ रहा है  वास्तविक सोर्स से है या नहीं। गूगल अब सिक्योरिटी को लेकर बहुत ज्यादा सख्त हो गया है  जितने भी लेटेस्ट मोबाइल हैं उनमें थर्ड पार्टी एपीके यानि किसी मोबाइल पर एपीके फाइल  आ रही है तो वह उसको बायडिफॉल्ट एलाऊ नहीं करता। एलाऊ  तब करता है जब आपने उसको कन्सेंट दिया हुआ है। इनसे बचने के लिए यूजर्स को जागरूक होना पड़ेगा। सभी एपीके फाइल वायरस वाली नहीं होती। मोबाइल के अलावा मेल के केस में भी ऐसा हो सकता है। इसलिए जिन्हें आप नहीं जानते ऐसे अंजान लिंक पर नहीं जाए। इस तरह के मामलों में एज्यूकेट करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। फाइल डाउनलोड होना एक चीज है जब उस पर क्लिक करेगें तब वह रन होगा। डाउनलोड होना मुख्य नहीं है उस पर क्लिक करना इम्पोर्टेन्ट हैं। कोई भी कितना भी बड़ा वायरस है वह यदि रन नहीं कराया है तो वह डैड कंडीशन में पड़ा है। वह एक्टिव तब होता है जब उस पर क्लिक कर देते हंैं।<br /><strong>- मनोज कुमार शर्मा, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट, एक्सल नेटवर्क जयपुर</strong></p>
<p><strong>सतर्कता ही बचाव की कुंजी है</strong><br />एपीके फाइल्स से तो सावधान रहें ही, कोई भी लिंक, कोई भी कॉल , ओटीपी हो सकता है इनसे भी हमें सतर्क रहना है।  ऐसी फाइलें थर्ड पार्टी फाइल्स होती हैं  इनसे नुकसान के चांस अधिक होते हैं। ऐसी फाइल्स डाउनलोड करने से पहले वार्निंग आती है कि यह हार्मफुल फाइल है, ऐसा होने पर उसे इग्नोर ना करें। कई बार लोग डाउनलोड कर लेते हैं। इसके बाद हैकर वाट्सएप को हैक कर लेता है और फिर आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा और आर्थिक नुकसान पहुंचाने का प्रयास करता है। इसलिए सतर्कता ही बचाव की कुंजी है। ऐेसी फाइल्स को तुरंत  डीलिट कर देना चाहिए।  <br /><strong>- सतीश चंद, साइबर एक्सपर्ट एवं पुलिस निरीक्षक</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Apr 2025 14:57:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>डिजिटल अरेस्ट और साइबर अपराधों को रोकने के लिए क्या कार्रवाई की : हाईकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[अदालत ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया कंपनियां उपभोक्ता के डेटा को बेचती है और साइबर अपराध करने में इसका दुरुपयोग करते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/what-action-did-the-high-court-take-to-stop-digital/article-101777"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/court-hammer041.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट और साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि ये अपराध दुनियाभर में बढ़े हैं तथा भारत देश में भी लाखों लोग इनसे प्रभावित हुए हैं। इसके चलते हजारों निर्दोष लोगों ने ना केवल अपनी कमाई खो दी, बल्कि कई लोगों ने अपनी जान भी गंवाई है। डिजिटल अरेस्ट और साइबर क्राइम से हर क्षेत्र के लोग प्रभावित हो रहे हैं और ऐसे में इनसे हो रहे अपराधों से आमजन को बचाने तथा इनके खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की जरूरत है। वहीं, अदालत ने इस मुद्दे पर स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लेते हुए केन्द्र और राज्य सरकार, डीजीपी, आरबीआई एवं अन्य पक्षकारों से जवाब देने के लिए कहा है। अदालत ने पूछा है कि उन्होंने इससे जुडे अपराधों को रोकने के लिए क्या ठोस कार्रवाई की। जस्टिस अनूप कुमार ढंड ने यह आदेश स्वप्रेरित प्रसंज्ञान मामले में सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने कहा कि हालांकि राज्य सरकार ने इन अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाए हैं, लेकिन फिर भी इनकी रोकथाम के लिए ठोस कार्रवाई करने की जरूरत है। आरबीआई के स्तर पर भी गंभीर कदम उठाने की जरूरत है, ताकि ऐसे जालसाजी वाले लेन-देन के पैसे को ट्रांसफर ना किया जाए और धोखाधड़ी करने वाले लेन-देन पर अंकुश लगे। इसलिए आरबीआई व सरकार की शिकायत निवारण समिति को धोखाधड़ी से आमजन को बचाने के लिए भी एक सिस्टम डवलप करने की जरूरत है। अदालत ने एएसजी आरडी रस्तोगी, महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद व अधिवक्ता अनुराग कलावटिया को इस मामले में सहयोग करने के लिए कहा है। अदालत ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ओवर द टॉप प्लेटफॉर्म और डिजिटल समाचार पोर्टल की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा प्रौद्योगिकी नियम, 2021 बनाए गए हैं। अदालत ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया कंपनियां उपभोक्ता के डेटा को बेचती है और साइबर अपराध करने में इसका दुरुपयोग करते हैं। </p>
<p><strong>पांचवीं कक्षा की छात्रा से अश्लीलता करने वाले स्कूल बस चालक को सजा</strong><br />जिले की पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत ने पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा को स्कूल से घर छोड़ने के दौरान उससे अश्लीलता करने वाले बस चालक को सात साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने अभियुक्त पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। पीठासीन अधिकारी कैलाश अटवासिया ने अपने आदेश में कहा कि 57 साल के अभियुक्त ने दस साल की पीड़िता के साथ उसकी लज्जा भंग करने के उद्देश्य से अश्लीलता की। ऐसे में उसके प्रति नरमी का रुख नहीं अपनाया जा सकता। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक विजया पारीक ने 5 मई, 2023 को पीड़िता के चाचा ने अमरसर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि उसकी भतीजी निजी स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ती है। बीते दिन जब वह स्कूल से वापस आ रही थी तो सभी सवारियों के उतरने के बाद वह बस में अकेली रह गई। इस दौरान बस चालक ने उसे पानी की बोतल पकड़ाने के बहाने अपने पास बुलाया और उसके साथ अश्लीलता की। जब पीड़िता चिल्लाई तो अभियुक्त ने उसे छोड़ दिया। इस पर पीड़िता ने घर पहुंच कर परिजनों को घटना की जानकारी दी। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया। वहीं अभियुक्त की ओर से कहा गया कि पूर्व की रंजिश होने के चलते उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त को सजा सुनाई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jan 2025 11:44:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मोदी ने डिजिटल अरेस्ट पर 'मन की बात' कार्यक्रम में जताई चिंता, एक ऑडियो रिकार्डिंग सुनाकर किया सचेत</title>
                                    <description><![CDATA[ साइबर के नये अपराध द्वारा लोगों को परेशान करने पर चिंता व्यक्त करते हुए एक ऑडियो रिकार्डिंग सुनाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल अरेस्ट पर चिंता जताते हुए इससे बचने के लिये तीन चरणों 'रुको, सोचो और कार्रवाई करो' पर अमल करने का आग्रह किया। मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात में साइबर के नये अपराध द्वारा लोगों को परेशान करने पर चिंता व्यक्त करते हुए एक ऑडियो रिकार्डिंग सुनाई।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ये ऑडियो सिर्फ जानकारी के लिए नहीं है, ये कोई मनोरंजन वाला ऑडियो नहीं है, एक गहरी चिंता को लेकर के ऑडियो आया है। आपने अभी जो बातचीत सुनी, वो डिजिटल अरेस्ट के फरेब की है। यह बातचीत एक पीडि़त और धोखाधड़ी करने वाले के बीच हुई है। डिजिटल अरेस्ट के धोखाधड़ी में फ़ोन करने वाले, कभी पुलिस, कभी सीबीआई, कभी नारकोटिक्स, कभी आरबीआई, ऐसे भांति-भांति के लेबल लगाकर बनावटी अधिकारी बनकर बात करते हैं और बड़े आत्मविश्वास के साथ करते हैं। मुझे 'मन की बात' के बहुत से श्रोताओं ने कहा कि इसकी चर्चा जरूर करनी चाहिए ।''</p>
<p>उन्होंने कहा कि इसके बारे में आपको भी समझना बहुत जरूरी है औरों को भी समझना उतना ही आवश्यक है । पहला दांव - आपकी व्यक्तिगत जानकारी, वो सब जुटा करके रखते हैं  ''आप पिछले महीने गोवा गए थे, है ना ? आपकी बेटी दिल्ली में पढ़ती है, है ना'' ? वे आपके बारे में इतनी जानकारी जुटाकर रखते हैं कि आप दंग रह जाएंगे ।</p>
<p>दूसरा दांव - भय का माहौल पैदा करो, वर्दी, सरकारी दफ्तर का सेटअप, कानूनी धाराएं, वो आपको इतना डरा देंगे फ़ोन पर बातों- बातों में आप सोच भी नहीं पाएंगे । और फिर उनका तीसरा दांव, शुरू होता है, तीसरा दांव - समय का दबाव, 'अभी फैसला करना होगा वर्ना आपको गिरफ्तार करना पड़ेगा'', - ये लोग पीडि़त पर इतना मनोवैज्ञानिक दवाब बना देते हैं कि वो सहम जाता है । डिजिटल अरेस्ट के शिकार होने वालों में हर वर्ग, हर उम्र के लोग हैं । लोगों ने डर की वजह से अपनी मेहनत से कमाए हुए लाखों रुपए गवां दिए हैं ।'' </p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी भी आपको इस तरह का कोई फ़ोन आए तो आपको डरना नहीं है । आप को पता होना चाहिए कोई भी जांच एजेंसी, फ़ोन या वीडियो कॉल पर इस तरह पूछताछ कभी भी नहीं करती । मैं आपको डिजिटल सुरक्षा के तीन चरण बताता हूँ । ये तीन चरण हैं - 'रुको-सोचो-एक्शन लो'।</p>
<p>फ़ोन आते ही, 'रुको' - घबराएं नहीं, शांत रहें, जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं, किसी को अपनी व्यक्तिगत जानकारी न दें, संभव हो तो स्क्रीनशॉट लें और रिकॉर्डिंग जरूर करें । इसके बाद आता है, दूसरा चरण, पहला चरण था 'रुको', दूसरा चरण है 'सोचो'। कोई भी सरकारी एजेंसी फ़ोन पर ऐसे धमकी नहीं देती, न ही वीडियो कॉल पर पूछताछ करती है, न ही ऐसे पैसे की मांग करती है- अगर डर लगे तो समझिए कुछ गड़बड़ है । और पहला चरण, दूसरा चरण और अब मैं कहता हूँ तीसरा चरण।</p>
<p>पहले चरण में मैंने कहा- 'रुको', दूसरे चरण में मैंने कहा- 'सोचो', और तीसरा चरण कहता हूँ - 'एक्शन लो' । राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 डायल करें, साइबरक्राइम डॉट गोव डॉट इन पर रिपोर्ट करें, परिवार और पुलिस को सूचित करें, सबूत सुरक्षित रखें । 'रुको', बाद में 'सोचो', और फिर 'एक्शन' लो, ये तीन चरण आपकी डिजिटल सुरक्षा का रक्षक बनेंगे।''</p>
<p>उन्होंने कहा ''डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था कानून में नहीं है, ये सिर्फ धोखाधड़ी है, फरेब है, झूठ है, बदमाशों का गिरोह है और जो लोग ऐसा कर रहे हैं, वो समाज के दुश्मन हैं । डिजिटल अरेस्ट के नाम पर जो फरेब चल रहा है, उससे निपटने के लिए तमाम जांच एजेंसियाँ, राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रही हैं । इन एजेंसियों में तालमेल बनाने के लिए राष्ट्रीय साइबर कॉर्डिनेशन सेंटर की स्थापना की गई है । एजेंसियाँ अपना काम कर रही हैं, लेकिन डिजिटल अरेस्ट के नाम पर हो रही धोखाधड़ी से बचने के लिए बहुत जरूरी है - हर किसी की जागरूकता, हर नागरिक की जागरूकता । जो लोग भी इस तरह के धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, उन्हें ज्यादा-से-ज्यादा लोगों को इसके बारे में बताना चाहिए । आप जागरूकता के लिए हैशटैगसेफ़डिजिटलइंडिया का प्रयोग कर सकते हैं । मैं स्कूलों और कॉलेजों को भी कहूँगा कि साइबर अपराध के खिलाफ मुहिम में छात्रों को भी जोड़ें । समाज में सबके प्रयासों से ही हम इस चुनौती का मुकाबला कर सकते हैं ।''</p>
<p><strong>एनिमेशन की दुनिया में भारत नई क्रांति करने की राह पर: मोदी</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत के एनिमेशन से तैयार सामग्री दुनिया भर में पसंद की जा रही है और एनिमेशन की दुनिया में भारत नई क्रांति करने की राह पर है। मोदी ने कहा कि आपको वह दिन जरूर याद होंगे जब 'छोटा भीम' टीवी पर आना शुरू हुआ था। बच्चे तो इसे कभी भूल नहीं सकते, कितना उत्साह था 'छोटा भीम' को लेकर । आपको हैरानी होगी कि आज 'ढोलकपुर का ढोल', सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दूसरे देश के बच्चों को भी खूब आकर्षित करता है। इसी तरह, हमारे दूसरे एनिमेटेड सीरियल, 'कृष्णा', 'हनुमान', 'मोटू-पतलू' के चाहने वाले भी दुनियाभर में हैं । भारत के एनिमेशन विशेषत: यहाँ की एनिमेशन फिल्में, अपनी सामग्री और रचनात्मकता की वजह से दुनिया-भर में पसंद की जा रही हैं। आपने देखा होगा कि फोन से लेकर सिनेमा के पर्दे तक एनिमेशन हर जगह मौजूद है।''</p>
<p>उन्होंने कहा कि एनिमेशन की दुनिया में भारत नई क्रांति करने की राह पर है। भारत के गेमिंग स्पेस का भी तेजी से विस्तार हो रहा है। भारतीय खेल भी इन दिनों दुनिया-भर में लोकप्रिय हो रहे हैं । कुछ महीने पहले मैंने भारत के अग्रणी खिलाड़यिों के साथ मुलाकात की थी, तब मुझे, भारतीय खेल की अदभुत रचनात्मकता और गुणवत्ता को जानने-समझने का मौका मिला था। वाकई, देश में रचनात्मक ऊर्जा की एक लहर चल रही है । एनिमेशन की दुनिया में 'मेड इन इंडिया ' और 'मेड बाइ इंडियंस' छाया हुआ है । आपको ये जानकर खुशी होगी कि आज भारत के प्रतिभा, विदेशी उत्पादों का भी अहम हिस्सा बन रहे हैं । अभी वाली स्पाइडर मैन हो या ट्रांस्फोर्मर, इन दोनों सिनेमा में हरिनारायण राजीव के योगदान को लोगों ने खूब सराहा है। ''</p>
<p>उन्होंने कहा आज हमारे युवा भारतीय मूल सामग्री, जिसमें हमारी संस्कृति की झलक होती है, तैयार कर रहे हैं । इन्हें दुनिया-भर में देखा जा रहा है । एनिमेशन क्षेत्र आज एक ऐसे उद्योग का रूप ले चुका है कि जो दूसरे उद्योगों को ताकत दे रहा है, जैसे, इन दिनों वीआर टूरिज्म बहुत मशहूर हो रहा है। आप वर्चुअल टूर के माध्यम से अजंता की गुफाओं को देख सकते हैं, कोणार्क मंदिर के गलियारे में टहल सकते हैं, या फिर, वाराणसी के घाटों का आनंद ले सकते हैं । ये सभी वीआर एनिमेशन भारत के रचनाकारों ने तैयार किए हैं । </p>
<p>उन्होंने कहा कि मैं भारत के युवाओं से कहूँगा - अपनी रचनत्मकता को विस्तार दें । क्या पता दुनिया का अगला सर्वश्रेष्ठ एनिमेशन आपके कंप्यूटर से निकले ! अगला वायरल खेल आपकी रचना हो सकता है!  इसी 28 अक्टूबर को यानि कल 'विश्व एनिमेशन दिवस' भी मनाया जाएगा । आइए, हम भारत को वैश्विक एनिमेशन पावर हाउस बनाने का संकल्प लें ।</p>
<p><strong>फिट इंडिया जनांदोलन बन गया है: मोदी</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि फिट इंडिया अब जनांदोलन बन गया है। मोदी ने 'मन की बात' की 115वीं कड़ी में राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि देश के बड़े हिस्से में ठंड का मौसम शुरू हो गया है, लेकिन फिटनेस का जुनून, फिट इंडिया की भावना पर मौसम से फर्क नहीं पड़ता । जिसे फिट रहने की आदत होती है, वह सर्दी, गर्मी, बरसात कुछ भी नहीं देखता है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत में अब लोग फिटनेस को लेकर बहुत ज्यादा जागरूक हो रहे हैं। पार्कों में लोगों की संख्या बढ़ रही है । पार्क में टहलते बुजुर्गों, नौजवानों, और योग करते परिवारों को देखा जा सकता है। उन्होंने जम्मू कश्मीर के नगर में योग दिवस समारोह का उल्लेख करते हुए कहा कि नगर मैराथन में भी फिट रहने का उत्साह दिखाई दिया । उन्होंने कहा कि फिट इंडिया की यह भावना अब एक जनांदोलन बन रही है ।</p>
<p>मोदी ने कहा कि स्कूल में बच्चों की फिटनेस पर अब और ज्यादा ध्यान दिया जा रहा हैं। फिट इंडिया स्कूल आवर्स भी एक अनोखी पहल है। स्कूल अपने पहले घंटे का इस्तेमाल अलग-अलग फिटनेस गतिविधियों के लिए कर रहे हैं । अनेक स्कूलों में एक दिन बच्चों को योग, एयरोबिक्स , खेल - खो-खो और कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों का आयोजन किया जा रहा है। इसका लाभ भी हो रहा है और परिवार भी फिटनेस का महत्व समझ रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/modi-expressed-concern-over-digital-arrest-in-mann-ki-baat/article-93985</link>
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                <pubDate>Sun, 27 Oct 2024 14:54:06 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>Digital Arrest की बढ़ती शिकायतों पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने जारी किया अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[पीड़ित व्यक्ति तुंरत साइबर थाने और हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर करें शिकायत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/union-home-ministry-issued-alert-on-increasing-complaints-of/article-78194"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/cyber-crime.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। देश और प्रदेश में साइबर अपराधियों की ओर से सुरक्षा और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के नाम से बढ़ रहे साइबर ठगी के मामलों को देखते हुए केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने अलर्ट जारी किया है। अलर्ट में कहा गया कि यदि कोई पुलिस, ईडी समेत अन्य अधिकारी बनकर ब्लैकमेल, जबरन वसूली और डिजिटल गिरफ्तारी करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ तुंरत साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें ताकि तुंरत कार्रवाई की जा सके। यह अलर्ट राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर डिजिटल अरेस्टिंग की शिकायतों के बढ़ने के बाद जारी हुआ है। </p>
<p><strong>यह है मामला</strong><br />केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि अब साइबर अपराधी पुलिस अधिकारी, केंद्रीय जांच ब्यूरो, नारकोटिक्स विभाग, भारतीय रिजर्व बैंक, प्रवर्तन निदेशालय सहित अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के नाम का उपयोग कर लोगों को डरा धमकाकर डिजिटल अरेस्टिंग से ठग रहे हैं। ये धमकी देकर ब्लैकमेल करने के साथ ही जबरन वसूली भी कर रहे हैं। अलर्ट में कहा है कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए अन्य मंत्रालयों और उनकी एजेंसियों, भारतीय रिजर्व बैंक और अन्य संगठनों के साथ मिलकर प्रकरणों की पहचान और जांच के लिए राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस अधिकारियों को इनपुट और तकनीकी सहायता की जा रही है।</p>
<p><strong>एक हजार स्काइप आईडी किए ब्लॉक</strong><br />भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने माइक्रोसॉफ्ट से अवांछनीय गतिविधियों में शामिल एक हजार से ज्यादा स्काइप आईडी को भी ब्लॉक किया है। ठगों के उपयोग में ली जाने वाले सिम कार्ड, मोबाइल उपकरणों और यूल खातों को ब्लॉक करने की कवायद तेज कर दी है। गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘साइबरदोस्त’ पर इन्फोग्राफिक्स और वीडियो के माध्यम से अलर्ट जारी किए हैं, जिनमें एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शामिल हैं। </p>
<p><strong>ऐसे करते हैं ठगी</strong><br />साइबर ठग लोगों को फोन कर भेजे या प्राप्त हुए पार्सल में ड्रग्स, नकली पासपोर्ट समेत कई प्रतिबंधित चीज बताते हैं। इसके अलावा परिजनों को फोन कर गंभीर अपराधों में शामिल होने की धमकी देकर डराकर रुपए मांगते हैं। ये बदमाश ईडी, पुलिस, और अन्य बड़ी जांच एजेसियों का नाम लेकर ठगी करते हैं। कई बार ये वर्दी में वीडियो कॉल कर दिखाते हैं। जब पीड़ित घबरा जाता है तो उसे स्काइप सहित अन्य वीडियो कॉन्फे्रसिंग प्लेटफार्म से ऑनलाइन डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर पीड़ित से रुपए मांगते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 May 2024 12:32:51 +0530</pubDate>
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