<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/national-honor/tag-45927" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>National Honor - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/45927/rss</link>
                <description>National Honor RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>विशेष संसद सत्र महिला सशक्तिकरण की दिशा में 'ऐतिहासिक कदम': पीएम मोदी ने कहा-माताओं और बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद के विशेष सत्र को महिला सशक्तिकरण के लिए 'ऐतिहासिक' बताया है। उन्होंने विधायिकाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व और गरिमा को राष्ट्र का सम्मान करार दिया। पीएम ने समावेशी विकास और लैंगिक समानता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए इसे राष्ट्रीय गौरव का विषय बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/special-parliament-session-is-a-historic-step-towards-women-empowerment/article-150606"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/modi-sansad.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि गुरुवार से शुरू हो रहा संसद का विशेष सत्र देश में महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने की दिशा में एक 'ऐतिहासिक कदम' है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की गरिमा और प्रतिनिधित्व को आगे बढ़ाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "संसद के आज के विशेष सत्र से हमारा देश महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। हमारी माताओं और बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और इसी भावना के साथ हम इस दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत श्लोक का आह्वान करते हुए कहा, "आप उदय हों और अपनी किरणों से विश्व को आलोकित करें। कण्व वंश के ऋषियों ने समृद्धि और प्रचुरता के लिए अपने भजनों के साथ आपका आह्वान किया है।" पीएम मोदी की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब संसद का एक दुर्लभ विशेष सत्र आयोजित हो रहा है, जिसमें विधायिकाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने से जुड़े प्रस्तावों सहित प्रमुख विधायी उपायों को उठाए जाने की व्यापक उम्मीद है। सरकार ने लगातार इस तरह की पहलों को समावेशी विकास और लैंगिक समानता सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयास के रूप में पेश किया है।</p>
<p>संसद सत्र से पहले पीएम मोदी का यह संदेश उस दृष्टिकोण को रेखांकित करता है, जो महिला सशक्तिकरण को न केवल एक नीतिगत प्राथमिकता के रूप में बल्कि राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक लोकाचार के रूप में भी स्थापित करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/special-parliament-session-is-a-historic-step-towards-women-empowerment/article-150606</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/special-parliament-session-is-a-historic-step-towards-women-empowerment/article-150606</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:20:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/modi-sansad.png"                         length="606433"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कमला बेनीवाल का अंतिम संस्कार मामला : दिल्ली से हस्तक्षेप के बाद हरकत में आई राज्य सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस के नेताओं का तर्क है कि बेनीवाल स्वतंत्रता सेनानी भी रही है, लेकिन प्रशासनिक अफसरों ने स्पष्ट किया है कि स्वतंत्रता सेनानियों की सूची में उनका नाम नहीं है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/state-government-came-into-action-after-intervention-from-delhi/article-78564"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/kamla-beniwal.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्व राज्यपाल कमला बेनीवाल का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से नहीं करने का मामला तूल पकड़ रहा है। अब दिल्ली से हस्तक्षेप के बाद राज्य सरकार भी हरकत में आई है। अब इस बात की जांच की जा रही है कि इसमें लापरवाही हुई है या और कोई कारण है। त्रिपुरा, मिजोरम और गुजरात की पूर्व राज्यपाल रही बेनीवाल का गत 15 मई को यहां निधन हो गया। 16 मई को उनका यहां लालकोठी श्मशान पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनको राजकीय सम्मान नहीं दिया गया। कांग्रेस ने इसको मुद्दा बना लिया।</p>
<p>कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्दसिंह डोटासरा ने इसे पूर्व राज्यपाल का अपमान करना बताकर केन्द्र सरकार को भी लपेट लिया। कमला बेनीवाल के बेटे और पूर्व विधायक आलोक बेनीवाल ने पिछले दिनों ही भाजपा का दामन थामा है। वैसे तो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उनके घर श्रद्धासुमन भी अर्पित किए थे। कांग्रेस के नेताओं का तर्क है कि बेनीवाल स्वतंत्रता सेनानी भी रही है, लेकिन प्रशासनिक अफसरों ने स्पष्ट किया है कि स्वतंत्रता सेनानियों की सूची में उनका नाम नहीं है। </p>
<p><strong>इनको मिल चुका है राजकीय सम्मान</strong><br />वैसे तो राजस्थान में अब से पहले कई पूर्व राज्यपालों को राजकीय सम्मान मिल चुका है। उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश और मेघालय के राज्यपाल रहे बनवारीलाल जोशी का 22 दिसम्बर 2017 को निधन हो गया था। उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया था। इसी प्रकार गुजरात के राज्यपाल रहे पंडित नवलकिशोर शर्मा का आठ अक्टूबर 2012 को निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से किया गया था। यहां तक कि राजस्थान में एक दिन का अवकाश भी घोषित किया गया था। राजस्थान में राजकीय शोक घोषित किया गया था। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आहूत कर उन्हें श्रृद्धांजलि भी दी गई थी। उनको श्रद्धासुमन करने नरेन्द्र मोदी भी जयपुर आए थे, जो उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री थे। पांडिचेरी (पुदुचेरी) के राज्यपाल रहे गोविन्दसिंह गुजर का छह अप्रैल 2009 को निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से नसीराबाद में किया गया था। </p>
<p><strong>ऐसे होता है राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार</strong><br />यदि नियम-कानून की बात करें, तो केवल वर्तमान और पूर्व प्रधानमंत्री, वर्तमान और पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान और पूर्व राज्यमंत्री ही इस तरह के अंतिम संस्कार के हकदार होते हैं, लेकिन समय के साथ लिखित रूप से नहीं, कार्यरूप से नियम बदल गए हैं। अब यह राज्य सरकार के विवेकाधिकार पर है कि किसका पूरे राष्ट्रीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसको लेकर कोई निर्धारित दिशा-निर्देश नहीं हैं। राष्ट्रीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने या तिरंगे द्वारा शव को ढकने के लिए सरकार राजनीति, साहित्य, कानून, विज्ञान और सिनेमा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में दिवंगत व्यक्ति द्वारा किए गए योगदान को ध्यान में रखती है। इसके लिए संबंधित राज्य का मुख्यमंत्री अपने वरिष्ठ कैबिनेट सहयोगियों के परामर्श के बाद निर्णय लेता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/state-government-came-into-action-after-intervention-from-delhi/article-78564</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/state-government-came-into-action-after-intervention-from-delhi/article-78564</guid>
                <pubDate>Sun, 19 May 2024 14:23:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/kamla-beniwal.png"                         length="390879"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        