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                <title>India - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>पहलगाम हमले की बरसी पर अमेरिकी सांसदों की पाकिस्तान को दो टूक : लश्कर-ए-तैयबा पर कार्रवाई की मांग, आतंकवाद की स्पष्ट शब्दों में की निंदा </title>
                                    <description><![CDATA[वॉशिंगटन में आयोजित प्रदर्शनी में अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान को लश्कर जैसे आतंकी संगठनों पर नकेल कसने की चेतावनी दी। पहलगाम हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देते हुए ब्रैड शेरमन ने आतंकियों को मिलने वाली पनाह की निंदा की। राजदूत क्वात्रा ने भारत के कड़े रुख और 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता को दोहराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/on-the-anniversary-of-pahalgam-attack-us-lawmakers-demand-pakistan/article-151501"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/pakistan2.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी सांसदों ने आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक एकजुटता का आह्वान करते हुए पाकिस्तान से लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों पर कठोर नकेल कसने की अपील की है। वाशिंगटन डी.सी. स्थित कैपिटल हिल में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित प्रदर्शनी 'आतंकवाद की मानवीय कीमत' के दौरान सांसदों ने 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पहलगाम हमले की पहली बरसी के अवसर पर आयोजित इस विशेष प्रदर्शनी में अमेरिकी कांग्रेस के 19 सदस्य और 60 से अधिक कांग्रेसी कार्यालयों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों, थिंक टैंक और भारतीय समुदाय के बीच आतंकवाद की स्पष्ट शब्दों में निंदा की गई।</p>
<p>कांग्रेस के सदस्य ब्रैड शेरमन ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (टीआरएफ) को लश्कर-ए-तैयबा का ही हिस्सा माना जाता है, जिसे पाकिस्तान में पनाह मिली हुई है। हमें पाकिस्तान सरकार से यह स्पष्ट मांग करनी चाहिए कि वह लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद जैसे समूहों को पूरी तरह खत्म करे।" संबोधन के दौरान राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को दोहराते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के सामने कभी नहीं झुकेगा। उन्होंने जोर दिया कि मानवता की रक्षा के लिए दुनिया भर के देशों को आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़नी होगी।</p>
<p>हाउस रिपब्लिकन कॉन्फ्रेंस की अध्यक्ष लिसा मैकक्लेन और सांसद रिचर्ड मैककॉर्मिक ने भी इस खतरे को एक 'साझा दुश्मन' बताया। मैकक्लेन ने खुफिया जानकारी साझा करने और आपसी तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया, जबकि मैककॉर्मिक ने इसे एक ऐसी "अनोखी बुराई" करार दिया जो स्वतंत्रता और एकता पर प्रहार करती है। डिजिटल और इंटरैक्टिव डिस्प्ले के माध्यम से इस प्रदर्शनी में 1993 के मुंबई बम धमाकों से लेकर 2008 के मुंबई हमलों और पिछले साल हुए पहलगाम हमले के विनाशकारी परिणामों को दिखाया गया। यह आयोजन उन परिवारों और समुदायों को समर्पित था जिन्होंने आतंकी हिंसा में अपने प्रियजनों को खोया है।</p>
<p>कार्यक्रम में भारत की रक्षा नीति के उस कड़े संदेश को भी याद किया गया, जिसके तहत 7 मई, 2025 को भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था। इस ऑपरेशन के जरिए पाकिस्तान और पीओके में स्थित लश्कर और जैश के नौ प्रमुख ठिकानों एवं ट्रेनिंग सेंटरों को ध्वस्त किया गया था। इस मिशन की विशेषता इसकी सटीक खुफिया जानकारी और नैतिक संयम रही, जिससे आम नागरिकों को कोई नुकसान नहीं पहुँचा। इस दौरान रिपब्लिकन सांसद माइकल बॉमगार्टनर, बिल हुइज़ेंगा और डेमोक्रेट नेता रो खन्ना, राजा कृष्णमूर्ति, जूली जॉनसन, और श्री थानेदार सहित कई दिग्गज नेता उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 18:23:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता पर साधा निशाना : भारत और चीन को बताया 'नरक', नागरिकता कानूनों की आलोचना की</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता नीति की आलोचना करते हुए भारत और चीन जैसे देशों के लिए विवादास्पद शब्दों का प्रयोग किया है। उन्होंने 'ट्रुथ सोशल' पर साझा पत्र में प्रवासियों पर संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। ट्रंप ने इस संवैधानिक प्रावधान को बदलने और आप्रवासन कानूनों को और सख्त करने की वकालत की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-targets-birthright-citizenship-calls-india-and-china/article-151453"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/trumpp.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता को लेकर चल रही बहस के बीच भारत और चीन सहित कुछ देशों को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की है, जिससे नयी राजनीतिक चर्चा छिड़ गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर एक पत्र साझा करते हुए इन देशों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का उपयोग किया और जन्मसिद्ध नागरिकता सहित कई अमेरिकी नागरिकता कानूनों की आलोचना की।</p>
<p>पत्र में कैलिफ़ोर्निया के प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नियुक्तियों को लेकर दावा किया गया है कि वहां भारत और चीन से आए लोगों का वर्चस्व है, हालांकि इसके समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है। पत्र का मुख्य विषय जन्मसिद्ध नागरिकता की नीति है, जिसके तहत अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को नागरिकता मिलती है। इसमें आरोप लगाया गया है कि इस प्रावधान का उपयोग कर प्रवासी अपने परिवार के अन्य सदस्यों को भी देश में लाते हैं।</p>
<p>पत्र में कहा गया, "यहां पैदा होने वाला बच्चा तुरंत नागरिक बन जाता है और फिर वे चीन, भारत या दुनिया के किसी अन्य 'नरक' से अपने पूरे परिवार को यहां ले आते हैं।" इस पत्र की भाषा ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। पत्र में यह भी कहा गया है कि इस मुद्दे पर निर्णय न्यायालयों या वकीलों के बजाय जनमत से होना चाहिए। इसमें एक सामाजिक माध्यम सर्वेक्षण का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि बहुमत इस नीति में बदलाव के पक्ष में है, साथ ही न्यायिक प्रक्रिया पर अविश्वास भी व्यक्त किया गया है। पत्र में अमेरिकी नागरिक स्वतंत्रता संघ (एसीएलयू) की भी आलोचना की गई है और उस पर ऐसी नीतियों का समर्थन करने का आरोप लगाया गया है, जो कथित रूप से अवैध प्रवासियों को लाभ पहुंचाती हैं।</p>
<p>इसके अलावा पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रवासी स्वास्थ्य सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं का दुरुपयोग करते हैं, जिससे करदाताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। इसमें कैलिफ़ोर्निया जैसे प्रांतो में कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है। पत्र में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट में चल रही कार्यवाही का भी संदर्भ दिया गया है और संवैधानिक व्याख्या को वर्तमान परिस्थितियों से असंगत बताया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 17:40:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत और मिस्र ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के लिए जताई सहमति : उन्मुख भविष्य के लिए रूपरेखा तैयार, भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने हेलियोपोलिस युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की</title>
                                    <description><![CDATA[काहिरा में आयोजित 11वीं संयुक्त रक्षा समिति की बैठक में भारत और मिस्र ने 2026-27 के लिए रक्षा सहयोग योजना पर मुहर लगाई। दोनों देश अब रक्षा विनिर्माण में सह-उत्पादन और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करेंगे। भारत ने अपनी $20 अरब की रक्षा निर्माण क्षमता का प्रदर्शन करते हुए रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-and-egypt-agree-on-plan-for-bilateral-defense-cooperation/article-151451"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/भारत-और-मिस्र.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत और मिस्र ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को प्रगाढ बनाने के लिए द्विपक्षीय रक्षा सहयोग योजना पर सहमति व्यक्त की है। भारत–मिस्र संयुक्त रक्षा समिति ने बुधवार को काहिरा में संपन्न् तीन दिन की अपनी 11वीं बैठक के दौरान द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए सार्थक चर्चा की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) अमिताभ प्रसाद ने किया और इसमें रक्षा मंत्रालय तथा सशस्त्र बलों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे। मिस्र के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा बलों और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया।</p>
<p>रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि दोनों पक्षों ने पिछली संयुक्त रक्षा समिति बैठक के बाद हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा की और रक्षा सहभागिता के लिए एक भविष्य उन्मुख रूपरेखा तैयार की। उन्होंने 2026-27 के लिए द्विपक्षीय रक्षा सहयोग योजना पर सहमति व्यक्त की, जिसमें संरचित सैन्य संपर्क तंत्र का विस्तार, संयुक्त प्रशिक्षण आदान-प्रदान को मजबूत करना, समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ाना, सैन्य अभ्यासों के दायरे और जटिलता को बढ़ाना तथा रक्षा उत्पादन और प्रौद्योगिकी में सहयोग को प्रोत्साहित करना शामिल है।</p>
<p>भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय रक्षा उद्योग की तेजी से बढ़ती विनिर्माण क्षमताओं पर प्रस्तुति दी। इसमें बताया गया कि भारत का रक्षा उत्पादन 20 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है और भारत 100 से अधिक देशों को लगभग 4 अरब डॉलर के उत्पाद निर्यात कर रहा है। दोनों पक्षों ने रक्षा उद्योग सहयोग योजना विकसित करने के लिए साथ मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की। रक्षा उद्योग सहयोग भारत–मिस्र रक्षा संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ बनकर उभर रहा है, जिसमें दोनों पक्ष रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में सह-विकास और सह-उत्पादन के अवसरों की तलाश कर रहे हैं।</p>
<p>बैठक के दौरान पहली बार नौसेना-से-नौसेना स्टाफ वार्ता भी आयोजित की गई। भारतीय नौसेना द्वारा हिंद महासागर क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता को बढ़ावा देने में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की जानकारी दी गई और समुद्री सुरक्षा को प्रोत्साहित करने में भारत के सूचना संलयन केंद्र की प्रमुख भूमिका को रेखांकित किया गया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने मिस्र वायु सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अम्र अब्देल रहमान सक्र से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच घनिष्ठ सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।</p>
<p>भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने हेलियोपोलिस युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और प्रथम तथा द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय वीरों को श्रद्धांजलि दी। भारत–मिस्र रक्षा साझेदारी में सितंबर 2022 में रक्षा मंत्री की मिस्र यात्रा के दौरान रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करना एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था। वर्ष 2023 में द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया गया। 11वीं बैठक ने दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों की पुष्टि की और क्षेत्रीय सुरक्षा तथा स्थिरता के प्रति उनकी पारस्परिक प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 15:02:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन की घटती आबादी और बढ़ती तकनीकी ताकत: भारत के लिए चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[चीन की सरकार ने टेक्नोलॉजी और शिक्षा को एक साथ जोड़ा वहां कई कंपनियों में रोबोट 24 घंटे काम करते है ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/china%E2%80%99s-declining-population-and-rising-technological-prowess--a-challenge-for-india/article-149954"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-600-px)16.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। चीन की जनसंख्या में लगातार गिरावट आ रही है, लेकिन यह उसके लिए कमजोरी नहीं बल्कि एक नई ताकत बनती जा रही है। पहले बड़ी आबादी को आर्थिक शक्ति माना जाता था, वहीं अब चीन तकनीक और ऑटोमेशन के जरिए इस कमी को पूरा कर रहा है। चीन ने समय रहते समझ लिया कि भविष्य मशीनों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है, इसलिए वह तेजी से रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीकों में निवेश कर रहा है। चीन को आबादी कम होने से काम देने की कोई दिक्कत नहीं है। चीन की कई बड़ी कंपनियों में रोबोट 24 घंटे, सातों दिन काम कर रहे हैं जब कि एक इंसान 8 घंटे ही काम करता है। शियोमी कंपनी में 50% रोबोट काम कर रहे हैंं। इससे उत्पादन क्षमता कई गुना बढ़ जाती है और लागत भी कम होती है। जनसंख्या कम होने के बावजूद चीन को श्रमिकों की कमी महसूस नहीं हो रही ।</p>
<p><strong>तकनीक के दम पर अमेरिका को चुनौती</strong><br />चीन की सरकार ने टेक्नोलॉजी और शिक्षा को एक साथ जोड़ा है। “Made in China 2025” जैसी नीतियों के तहत AI, 5G, रोबोटिक्स और सेमीकंडक्टर में भारी निवेश किया गया है, कंपनियों को सब्सिडी, जमीन और टैक्स में राहत दी जाती है। फैसले तेजी से लागू किए जाते हैं। इसी रणनीति का हिस्सा है कि बच्चों को स्कूल से ही STEM, कोडिंग, रोबोटिक्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षित किया जाता है, ताकि भविष्य के इंजीनियर और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट तैयार हों और देश की तकनीकी ताकत और मजबूत हो।</p>
<p><strong>भारत के सामने बढ़ती जनसंख्या एक चुनौती</strong><br />भारत की जनसंख्या अभी अगले 20 वर्षों तक बढ़ती रहेगी। इससे रोजगार, संसाधन और विकास को लेकर दबाव बना रहेगा। एक बड़ी चुनौती यह भी होगी कि सरकार रोजगार दे या तकनीक में निवेश करे, क्योंकि एआई और रोबोटिक्स के बढ़ने से पारंपरिक नौकरियां कम हो सकती हैं। ऐसे में भारत के सामने दोहरी चुनौती है—जनसंख्या का प्रबंधन और तकनीकी विकास में तेजी। यदि सही संतुलन नहीं बनाया गया, तो चीन से मुकाबला करना भविष्य में और भी कठिन हो सकता है। ऐसे में क्या भारत रोजगार, संसाधनों , टेक्नोलॉजी और विकास के बीच सही संतुलन बना पाएगा, या भविष्य में चीन से मुकाबला करना मुश्किल हो जाएगा? इस विषय पर शहर के प्रबुद्ध लोगों की राय ली गई।</p>
<p>चीन के लोग “नेशन फर्स्ट” को रख कर काम करते हैं, इसलिए वे तकनीक और जनसंख्या नियंत्रण में आगे हैं। युवाओं को कौशल विकास और रोजगार के प्रति जागरूक करना होगा। नई तकनीकों से तो रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। हम जिम्मेदारी, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना अपनाएँ तभी हम आगे बढ़ सकते हैं।<br /><strong>- प्रदीप दाधीच, निदेशक पार्श्वनाथ ग्रुप</strong></p>
<p>चीन से मुकाबला चुनौतीपूर्ण होगा वहां लोग बहुत मेहनती हैं। भारतीय भी मेहनती है, लेकिन नई पीढ़ी मोबाइल की लत में फंसी हुई है । भारत में भी चीन जैसी योजनाबद्ध और प्रगतिशील व्यवस्था हो, तो हम चीन को पीछे छोड़ सकते हैं। हमें अपनी नई पीढ़ी को सही दिशा में लगाना और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना होगा।<br /><strong>-महेश गुप्ता, निदेशक, शिवज्योति स्कूल</strong></p>
<p>भारत का तकनीकी और आर्थिक विकास पहले भी चुनौतीपूर्ण रहा है ,भविष्य में भी रहेगा। सुधार की सबसे बड़ी जरूरत शिक्षा व्यवस्था में है। चीन की तरह वोकेशनल प्रशिक्षण पर जोर दिया जाए, तो लोगों को कौशल आधारित बनाया जा सकता है। भारत में प्रतिभाशाली छात्र विदेश चले जाते हैं, जबकि चीन में उच्च शिक्षा लेकर लोग देश के विकास में योगदान देते हैं।<br /><strong>-डॉ. अजीत धाकड़, डायरेक्टर धाकड़ हॉस्पिटल, कुन्हाड़ी</strong></p>
<p>भारत में जनसंख्या के लिहाज से मुकाबला कठिन है। सख्त जनसंख्या नियंत्रण और मजबूत शिक्षा आवश्यक हैं। इससे तकनीक और विकास में सुधार होगा। युवाओं में जिम्मेदारी की भावना जागृत करनी होगी। मोबाइल और सोशल मीडिया में व्यस्त युवा सही कौशल नहीं सीख पाते। उच्च शिक्षा के बाद कई छात्र विदेश चले जाते हैं, जो देश के लिए चिंता का विषय है।<br /><strong>-प्रसन्न माहेश्वरी, ओनर, फूड टाउन बाय माहेश्वरी</strong></p>
<p>भारत में भी एआई और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है, और हमारा युवा निश्चित रूप से आगे बढ़ने की क्षमता रखता है। चुनौतियां बहुत हैं। भारत में भी एडवांस लर्निंग कोर्सेज और ऐसे इंस्टीट्यूट खुलने चाहिए जिससे नई तकनीकों का ज्ञान मिल सके और युवा भविष्य के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।<br /><strong>-देवेंद्र कौर नरूला, प्रिंसिपल, किड्स कैसल स्कूल</strong></p>
<p>हमारे यहाँ नीतियों में अधिक लचीलापन होने के कारण उनका सही पालन नहीं हो पाता, निष्पक्षता प्रभावित होती है। सभी के लिए समान अवसर उपलब्ध हों, तो बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। हमारे आईआईटी जैसे संस्थानों के छात्र प्रतिभाशाली हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त संसाधन और सुविधाएँ नहीं मिल पातीं। निरंतर प्रयासों से ही हम भविष्य में चीन की बराबरी कर सकते हैं।<br /><strong>-डॉ. प्रियदर्शना जैन, प्राचार्य जैन दिवाकर कमला महाविद्यालय</strong></p>
<p>भारत की जनसंख्या बोझ नहीं, बल्कि सबसे बड़ा संसाधन बन सकती है। सही दिशा, शिक्षा और प्रशिक्षण से इसे ताकत में बदला जा सकता है। भारतीयों की प्रतिभा दुनिया भर में साबित है, “मेक इन इंडिया” जैसे प्रयासों के साथ इनक्यूबेशन नवाचार और कौशल विकास बढ़ाने से देश आत्मनिर्भर बन सकता है। सबसे बड़ी चुनौती मानसिकता की है,हमें खुद पर और देश पर भरोसा करना होगा।<br /><strong>- सीए ख्याति भंडारी,सीआईसीएएसए अध्यक्ष, आईसीएआई की कोटा शाखा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 11:40:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम का किया स्वागत : पश्चिम एशिया में स्थाई शांति की जताई उम्मीद, होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने का आग्रह</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम का पुरजोर समर्थन किया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, संवाद और कूटनीति ही स्थायी शांति का एकमात्र मार्ग है। भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक सुगमता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की बहाली पर विशेष बल दिया है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/india-welcomed-the-ceasefire-between-america-and-iran-expressed-hope/article-149542"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/india.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच हुये युद्धविराम का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे पश्चिम एशिया में स्थाई शांति स्थापित होगी। विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रम पर बुधवार को एक वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि भारत पहले से ही इस विवाद के संवाद और कूटनीति से समाधान पर जोर देता रहा है। मंत्रालय ने कहा है, "हम संघर्ष विराम का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। जैसा कि हम पहले भी लगातार कहते रहे हैं, तनाव में कमी, संवाद और कूटनीति ही संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने के लिए आवश्यक हैं। इस संघर्ष ने पहले ही लोगों को अत्यधिक कष्ट पहुँचाया है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापारिक नेटवर्क को बाधित किया है। हमें उम्मीद है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के माध्यम से नौवहन की निर्वाध स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार का प्रवाह बना रहेगा।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि अमेरिका और ईरान ने बुधवार तड़के दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति व्यक्त की है। अमेरिका और इजरायल ने गत 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ हमलों की शुरुआत की थी। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में पश्चिम एशियाई देशों में अमेरिकी ठिकानों और इजरायल पर हमले किए थे। इन हमलों में जान और माल का व्यापक नुकसान हुआ है। ईरान ने इन हमलों के विरोध में और होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाले तेल और गैस टैंकरों के संचालन को बाधित कर दिया था जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल एवं गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 16:39:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजनाथ सिंह का बड़ा बयान: बोले-देश की रक्षा के लिए कंधे से कंधा मिलाकर लड़ना होगा, आजकल के युद्ध सीमाओं से परे</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सैनिक स्कूल, घोराखाल के हीरक जयंती समारोह में भविष्य के युद्धों के प्रति आगाह किया। उन्होंने सीमाओं से परे साइबर और आर्थिक युद्ध को बड़ी चुनौती बताया। राजनाथ सिंह ने एक सशक्त सेना के साथ-साथ सतर्क नागरिकों की आवश्यकता पर जोर दिया, जो डिजिटल और खाद्य सुरक्षा जैसे मोर्चों पर देश की रक्षा करें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/rajnath-singhs-big-statement-said-that-to-protect-the-country/article-147393"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/rajnath-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आजकल के युद्धों को सीमाओं से परे बताते हुए हर हाल में देश की रक्षा के लिए कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने में सक्षम नागरिकों द्वारा समर्थित एक सशक्त सेना की आवश्यकता पर जोर दिया है। सिंह ने उत्तराखंड के घोराखाल स्थित सैनिक विद्यालय के स्थापना दिवस और हीरक जयंती समारोह को शनिवार को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि संघर्षों का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है, क्योंकि आज किसी भी राष्ट्र को आर्थिक, साइबर, अंतरिक्ष और सूचना युद्ध के माध्यम से कमजोर किया जा सकता है, जिसके लिए प्रत्येक नागरिक को हर समय सतर्क और तैयार रहना आवश्यक है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा में आर्थिक, डिजिटल, ऊर्जा और यहां तक कि खाद्य सुरक्षा भी शामिल है। उन्होंने किसी भी परिस्थिति में देश की रक्षा के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने में सक्षम नागरिकों द्वारा समर्थित एक सशक्त सेना की आवश्यकता पर जोर दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 09:44:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत ने की काबुल में अस्पताल पर पाकिस्तान के हमले की कड़ी निंदा, बताया-कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य, समर्थन का किया ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने काबुल के नशा मुक्ति अस्पताल पर पाकिस्तान के हवाई हमले को "कायरतापूर्ण और अमानवीय" बताया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, नागरिकों और मरीजों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता पर हमला और क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा करार देते हुए दोषियों को जवाबदेह ठहराने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-strongly-condemned-pakistans-attack-on-the-hospital-in-kabul/article-146821"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/india-pakistan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक अस्पताल पर पाकिस्तान के हमले को कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।</p>
<p>विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि भारत सोमवार की रात काबुल के ओमिद नशा मुक्ति अस्पताल पर पाकिस्तान के बर्बर हवाई हमले की कड़ी निंदा करता है। यह हिंसा का एक कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य है, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों की जान चली गई। इस अस्पताल को किसी भी तरह से सैन्य लक्ष्य नहीं माना जा सकता है।        </p>
<p>उन्होंने कहा, पाकिस्तान अब इस नरसंहार को सैन्य अभियान का नाम देने की कोशिश कर रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा किया गया यह घृणित आक्रमण अफगानिस्तान की संप्रभुता पर एक स्पष्ट हमला है और क्षेत्रीय शांति तथा स्थिरता के लिए सीधा खतरा है। यह पाकिस्तान के लगातार लापरवाह व्यवहार और अपनी आंतरिक विफलताओं को सीमा पार हिंसा के बढ़ते हिंसक कृत्यों के माध्यम से छिपाने के बार-बार किए जाने वाले प्रयासों को दर्शाता है। </p>
<p>बयान में कहा गया है कि यह हमला रमजान के पवित्र महीने के दौरान किया गया, जो दुनिया भर के मुस्लिम समुदायों के लिए शांति, चिंतन और दया का समय होता है, जो इसे और भी निंदनीय बनाता है। ऐसा कोई धर्म, कोई कानून या कोई नैतिकता नहीं है जो किसी अस्पताल और उसके मरीजों को जानबूझकर निशाना बनाने को उचित ठहरा सके।    </p>
<p>उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस आपराधिक कृत्य के दोषियों को जवाबदेह ठहराना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा नागरिकों को निशाना बनाने का यह अंधाधुंध हमला तत्काल बंद हो। जायसवाल ने कहा कि भारत शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है और इस दुखद घड़ी में अफगानिस्तान के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। उन्होंने कहा, हम अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपने अटूट समर्थन को भी दोहराते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 14:37:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होर्मुज संकट: यूएई पर 300 मिसाइल और 1600 ड्रोन हमले; ब्रिक्स को खुद बर्बाद कर रहा ईरान, भारत पर बना रहा दबाव</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने 550 मिसाइलों से इजरायल और 298 से यूएई पर हमला कर युद्ध तेज कर दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य ब्लॉक होने से 20% तेल आपूर्ति बाधित हुई और उर्वरक लागत 30% तक बढ़ गई। हालांकि, भारत ने खरीफ 2026 के लिए पर्याप्त उर्वरक स्टॉक सुनिश्चित कर अपनी अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के ठोस कदम उठाए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/300-missile-and-1600-drone-attacks-on-uae-iran-itself/article-146772"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/us2.png" alt=""></a><br /><p>अबूधाबी। ईरान ने 28 फरवरी से युद्ध शुरू होने के बाद से इजरायल पर करीब 550 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। ईरान ने इजरायल पर करीब 1000 ड्रोन भी दागे हैं। जबकि इजरायल से उसका सीधा युद्ध चल रहा है। दूसरी तरफ ईरान ने अभी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर 298 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं और 1600 ड्रोन हमले किए हैं। यानि, इजरायल से करीब 200 मिसाइल हमले ही कम यूएई पर किए गए हैं जबकि करीब 600 ड्रोन ज्यादा यूएई पर दागे गए हैं। ईरान ने युद्ध शुरू होने के बाद सऊदी अरब पर सिर्फ 34 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है और करीब 150 ड्रोन हमले किए हैं।</p>
<p><strong>ब्रिक्स के आर्थिक सहयोग का सपना क्या टूट जाएगा?</strong></p>
<p>ईरान ने मार्च की शुरूआत से ही जहाजों पर हमले करके होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक कर दिया है। जिससे 1000 से ज्यादा जहाजों की आवाजाही में देरी हुई है या उन्हें दूसरे रास्ते से गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इस जलडमरूमध्य से आम तौर पर दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत समुद्री तेल, एलएनजी, उर्वरक, अनाज और अन्य सामानों को एक हिस्से से दूसरे हिस्से में भेजा जाता है। ईरान के इस कदम से तेल और गैस की कीमतें आसमान छू गईं हैं टैंकरों का किराया तेजी से बढ़ा है। शिपिंग कंपनियों ने जहाजों को केप आॅफ गुड होप के रास्ते से भेजना शुरू कर दिया जिससे गंतव्य तक समाना पहुंचने में 10 से 14 दिनों की देरी हो रही है। </p>
<p>भारत के लिए जो ब्रिक्स का एक अहम सदस्य है उसकी अर्थव्यवस्था के लिए ये देरी नुकसान पहुंचाने वाला है। उर्वरक बाजार इस व्यवधान से परेशान है। गैस की कीमतों में भारी उछाल और शिपिंग में देरी की वजह से वैश्विक स्तर पर उर्वरक की लागत लगभग 20-30 प्रतिशत तक बढ़ गई। हालांकि भारत ने घरेलू अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले इस प्रभाव को कम करने के लिए कदम उठाए हैं। सरकार का कहना है कि खरीफ 2026 के मौसम से पहले उर्वरक का पर्याप्त भंडार मौजूद है और यूरिया का स्टॉक पिछले साल की तुलना में अधिक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 11:30:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी ने दी देशवासियों को महाशिवरात्रि की बधाई, समृद्धि और शांति की प्रार्थना की</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाशिवरात्रि पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सुख-शांति की कामना की। उन्होंने आदि देव महादेव से भारत को खुशहाली के शिखर पर ले जाने का आशीर्वाद मांगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-congratulated-the-countrymen-on-mahashivratri-and-prayed-for/article-143236"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(10)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को महाशिवरात्रि के मौके पर देश भर के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और शांति, खुशहाली और सबके भले के लिए आदि देव महादेव का आशीर्वाद मांगा।</p>
<p>पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, देश भर में मेरे परिवार के सदस्यों को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं। मैं प्रार्थना करता हूं कि आदि देव महादेव हमेशा सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। उनके आशीर्वाद से सभी का भला हो और हमारा भारत खुशहाली के शिखर पर पहुंचे। हर हर महादेव!</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, महाशिवरात्रि हिंदू परंपरा के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है और यह भगवान शिव को समर्पित है और इसे देश भर के मंदिरों में उपवास, रात भर की प्रार्थना और खास रस्मों के साथ मनाया जाता है। भक्त शिव मंदिरों में इकत्र होते हैं, शिवलिंग पर दूध और बिल्व पत्र चढ़ाते हैं, और भोलेनाथ भजन गाते हैं। </p>
<p>प्रधानमंत्री का संदेश सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। कई लोगों ने 'हर हर महादेव' लिख कर उनकी शुभकामनाओं का जवाब दिया और भारत के अलग-अलग हिस्सों से त्योहारों की तस्वीरें शेयर कीं। महाशिवरात्रि के मौके पर कई राज्यों में शानदार जुलूस और धार्मिक सभाएं होती हैं, जो भारत के अलग-अलग तरह के सामाजिक ताने-बाने में इस त्योहार की गहरी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अहमियत को दर्शाता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 11:34:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने हैदराबाद में ओवैसी की प्राथमिकी पर दी प्रतिक्रिया, बोलें-अगर मेरे खिलाफ कोई मामला है तो मैं जेल जाने को तैयार हूं</title>
                                    <description><![CDATA[एआई-जनरेटेड वीडियो विवाद पर सीएम हिमंता सरमा ने कहा, उन्हें वीडियो की जानकारी नहीं। ओवैसी की एफआईआर पर जरूरत पड़े तो जेल जाने को तैयार हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/assam-cm-himanta-biswa-sarma-reacts-on-owaisis-fir-in/article-142671"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(14)7.png" alt=""></a><br /><p>गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर मुसलमानों को निशाना बनाने वाली हिंसक तस्वीरों वाले एक पोस्ट को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराने के परिप्रेक्ष्य में मंगलवार को कहा कि उन्हें ऐसे किसी वीडियो की जानकारी नहीं है और जरूरत पडऩे पर जेल जाने को भी तैयार हैं।</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी की असम इकाई ने एक एआई-जनरेटेड वीडियो पोस्ट किया, जिसमें मुख्यमंत्री को टोपी पहने दो लोगों पर बेहद करीब से गोली चलाते हुए दिखाया गया था, हालांकि बाद में इसे डिलीट कर दिया गया। ओवैसी ने इसी वीडियो के संदर्भ में हैदराबाद में सरमा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।</p>
<p>इस संबंध में पूछे जाने पर सीएम सरमा ने कहा, मुझे ऐसे किसी वीडियो की जानकारी नहीं है, हालांकि अगर उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कराई है, तो मैं जेल जाने को तैयार हूं। अगर मेरे खिलाफ कोई मामला है, तो पुलिस को आकर मुझे गिरफ्तार करना चाहिए। मैं इस पर आपत्ति कैसे कर सकता हूं? मैं जेल जाने को तैयार हूं। उन्होंने कहा, लेकिन मैं अपनी कही बात पर कायम हूं। मैं बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ हूं और आगे भी उनके खिलाफ खड़ा रहूंगा।</p>
<p>यहां यह उल्लेख करना जरूरी है कि इस वीडियो के कारण सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया हुई, जिसके चलते भाजपा को बाद में इसे हटाना पड़ा। वीडियो को बाद में क्यों हटाया गया, इस सवाल पर असम प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने स्पष्ट किया कि वीडियो को इसलिए हटाया गया क्योंकि इसकी गलत व्याख्या की गई थी और ऐसा लग रहा था कि इससे लोगों को असुविधा हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 18:49:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>निवेश धोखाधड़ी मामला: ईडी ने बैंकों को वापस लौटाई 20.21 करोड़ की संपत्ति, पीएमएलए के प्रावधानों के तहत कुर्क की गई थी संपत्ति</title>
                                    <description><![CDATA[ईडी ने धोखाधड़ी मामले में कुर्क की गई 20.21 करोड़ रुपये की छह अचल संपत्तियां स्टेट बैंक ऑफ पटियाला और कैथोलिक सीरियन बैंक को वापस कीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/investment-fraud-case-ed-returned-assets-worth-rs-2021-crore/article-142667"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(12)7.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने स्टेट बैंक ऑफ पटियाला और कैथोलिक सीरियन बैंक को 20.21 करोड़ रुपये मूल्य की छह कुर्क की गई अचल संपत्तियां वापस कर दी हैं। ईडी के जालंधर जोनल कार्यालय ने मंगलवार को बताया कि ये संपत्तियां मेसर्स नेचर हाइट्स इंफ्रा लिमिटेड और उसके निदेशक नीरज थतई उर्फ नीरज अरोड़ा के खिलाफ निवेशकों से धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन जांच के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत कुर्क की गई थीं।</p>
<p>कुर्क की गई अचल संपत्तियों में पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले में स्थित व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं। इन संपत्तियों को अदालत ने वापस करने का आदेश दिया था। ईडी ने नीरज थतई उर्फ नीरज अरोड़ा, उनकी कंपनी नेचर हाइट्स इंफ्रा लिमिटेड और अन्य के खिलाफ निवेशकों से कथित धोखाधड़ी के लिए पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज कई प्राथमिकी के आधार पर पीएमएलए जांच शुरू की थी।</p>
<p>जांच से पता चला कि नीरज अरोड़ा ने संपत्ति आवंटित करने के बहाने बड़ी संख्या में निर्दोष निवेशकों की गाढ़ी कमाई हड़प ली थी। यह पाया गया कि उसके द्वारा खरीदी गई संपत्तियां निवेशकों से एकत्र किए गए धन का उपयोग करके पंजीकृत की गई थीं, जबकि उन्हें न तो भूमि का आवंटन किया गया और न ही उनका पैसा वापस किया गया।</p>
<p>नीरज अरोड़ा, नेचर हाइट्स इंफ्रा लिमिटेड और इसकी समूह कंपनियों के कई बैंक खातों में निवेशकों का पैसा जमा पाया गया, जिसका उपयोग बाद में संपत्तियों की खरीद और व्यक्तिगत खर्चों के लिए किया गया।</p>
<p>जांच के दौरान, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान में स्थित बैंक बैलेंस और कृषि एवं वाणिज्यिक भूमि सहित लगभग 46.02 करोड़ रुपये की संपत्ति की अस्थायी कुर्की की गई थी। पीएमएलए के तहत न्यायनिर्णायक प्राधिकरण ने बाद में इस कुर्की की पुष्टि कर दी थी। ईडी ने अरोड़ा को 2024 में गिरफ्तार किया था और वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है। उसके खिलाफ दो अभियोजन शिकायत दाखिल की गयी हैं। इस मामले में आगे की जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 18:31:09 +0530</pubDate>
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                <title>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए केंद्र सरकार ला रही नया आईटी नियम: AI Misinfo, Deepfake जांच के दायरे में</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार ने इंटरनेट पर डीपफेक और गुमराह करने वाले AI से बने कंटेंट से निपटने के लिए एक नए कानून को नोटिफाई किया है। इसके तहत प्लेटफॉर्म और यूज़र्स को ऐसी सामग्री साफ तौर पर बतानी होगी जो असली नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/central-government-is-bringing-new-it-rules-for-social-media/article-142672"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(15)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने डीपफेक और भ्रामक एआई कंटेंट पर रोक लगाने के लिए सख्त आईटी नियम अधिसूचित किए हैं। नए कानून के तहत एआई से बने या बदले गए फोटो, वीडियो और ऑडियो को स्पष्ट रूप से लेबल करना अनिवार्य होगा। इंस्टाग्राम और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म को भी ऐसे कंटेंट पर साफ चेतावनी देनी होगी, ताकि यूजर्स गुमराह न हों। शिकायत निवारण की समयसीमा घटाकर दो घंटे में शिकायत स्वीकार और सात दिन में समाधान तय किया गया है। इन कदमों का उद्देश्य ऑनलाइन पारदर्शिता बढ़ाना, एआई के दुरुपयोग को रोकना और डिजिटल धोखाधड़ी पर तेजी से कार्रवाई करना है।</p>
<p><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>गैजेट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 18:29:34 +0530</pubDate>
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