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                <title>India - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>India RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>एलजी ने लॉन्च की नई प्रीमियम होम अप्लायंसेज रेंज, फ्रेंच डोर फ्रिज और एआई वॉशिंग मशीन समेत कई उत्पाद पेश</title>
                                    <description><![CDATA[एलजी ने नोएडा में अपना नया होम अप्लायंसेज पोर्टफोलियो पेश किया है। एसेंशियल सीरीज के तहत एआई वॉशिंग मशीन और स्मार्ट रेफ्रिजरेटर जैसे आधुनिक उत्पाद लॉन्च किए गए। 'Make-in-India' विजन के साथ कंपनी इन उत्पादों को 22 देशों में निर्यात करेगी, जिससे भारतीय तकनीक वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/lg-launches-new-premium-home-appliances-range-introduces-many-products/article-153983"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। नोएडा में एल इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने वर्ष 2026 के लिए अपने होम अप्लायंसेज पोर्टफोलियो का बड़ा विस्तार करते हुए नई प्रीमियम और किफायती-प्रीमियम ‘एसेंशियल सीरीज’ बाजार में उतारी है। कंपनी ने फ्रेंच डोर रेफ्रिजरेटर, एआई डीडी वॉशिंग मशीन, कन्वर्टिबल माइक्रोवेव ओवन और ट्रू स्टीम डिशवॉशर जैसे आधुनिक उत्पाद लॉन्च किए हैं।</p>
<p>कंपनी का कहना है कि नई रेंज भारतीय ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जिससे आधुनिक तकनीक को ज्यादा से ज्यादा घरों तक पहुंचाया जा सके। एलजी ने ‘मेक-इन-इंडिया’ और ‘मेक-फॉर-इंडिया’ पहल को मजबूत करने के साथ ‘मेक-इंडिया-ग्लोबल’ रणनीति पर भी जोर दिया है। कंपनी ने बताया कि 2026 में एसेंशियल सीरीज के उत्पाद एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका के 22 देशों में निर्यात किए जाएंगे।</p>
<p>नई रेंज में 225 लीटर से 276 लीटर तक के रेफ्रिजरेटर, 8 से 12 किलोग्राम क्षमता वाली वॉशिंग मशीन, कन्वर्टिबल माइक्रोवेव ओवन और प्रीमियम फ्रेंच डोर फ्रिज शामिल हैं। कंपनी ने 574 लीटर से 610 लीटर क्षमता वाले फ्रेंच डोर रेफ्रिजरेटर भी पेश किए हैं, जिनमें ऑटो आइस मेकर और स्मार्ट कूलिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं।</p>
<p>एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर होंग जू जीयोन ने कहा कि भारत कंपनी के लिए बेहद महत्वपूर्ण बाजार है और नई रेंज भारतीय उपभोक्ताओं की जीवनशैली और जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि कंपनी हर बजट के ग्राहकों के लिए आधुनिक और भरोसेमंद तकनीक उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 10:15:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारतीय फार्मा नेटवर्क्स पर अमेरिका की सख्त कार्रवाई, फेंटानिल की आपूर्ति के लिए 13 दवा विक्रेताओं पर लगाए वीज़ा प्रतिबंध</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका ने अवैध फेंटानिल तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भारत स्थित 'केएस इंटरनेशनल ट्रेडर्स' से जुड़े 13 सहयोगियों पर वीज़ा प्रतिबंध लगा दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा फेंटानिल को 'विनाशकारी हथियार' घोषित करने के बाद यह कदम उठाया गया। दोनों देश इस जानलेवा ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/americas-strict-action-on-indian-pharma-networks-visa-ban-imposed/article-153670"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/fentalin.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका ने भारत स्थित ऑनलाइन दवा विक्रेता केएस इंटरनेशनल ट्रेडर्स से जुड़े 13 करीबी व्यावसायिक सहयोगियों पर वीज़ा प्रतिबंधों की घोषणा की है। अमेरिका ने इस नेटवर्क पर देश में घातक और अवैध फेंटानिल को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। विदेश विभाग के प्रवक्ता थॉमस 'टॉमी' पिगॉट ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि यह कार्रवाई उन अंतरराष्ट्रीय तस्करी अभियानों को ध्वस्त करने के एक आक्रामक अभियान का हिस्सा है, जो अमेरिका में परिवारों को तबाह करने वाली अवैध फेंटानिल के लिए जिम्मेदार हैं।</p>
<p>विदेश विभाग के अनुसार, केएस इंटरनेशनल ट्रेडर्स ने कथित तौर पर पूरे अमेरिका में खरीदारों को अवैध फेंटानिल युक्त लाखों जाली दवाएं बेचीं। अधिकारियों ने कहा कि इस अभियान ने देश भर में अत्यधिक मात्रा में नशीली दवाओं के सेवन से होने वाली मौतों में योगदान दिया और कंपनी ने भारी मुनाफा कमाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एक कार्यकारी आदेश के तहत फेंटानिल को 'बड़े पैमाने पर विनाश का हथियार' घोषित किए जाने के बाद, आप्रवासन और राष्ट्रीयता अधिनियम की धारा के तहत ये वीज़ा प्रतिबंध लगाए गए थे।</p>
<p>बयान में घोषणा की गई कि अमेरिकियों को जहर देने में शामिल लोगों को अमेरिका में प्रवेश से वंचित कर दिया जाएगा। अमेरिकी अधिकारियों ने इस कदम को अंतरराष्ट्रीय दवा तस्करों और उनके वित्तीय नेटवर्कों के लिए एक चेतावनी बताया और इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका और भारत फेंटानिल आपूर्ति श्रृंखलाओं को नष्ट करने और इस घातक दवा की बिक्री से लाभ कमाने वाले आपराधिक संगठनों को खत्म करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 17:13:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विदेश मंत्रालय का दावा: यूएई से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए किसी समझौते पर न​हीं हुई बात, फुजैरा के रास्ते भारतीय नागरिकों को निकालने की खबरों का किया खंड़न</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश मंत्रालय ने संयुक्त अरब अमीरात से लाखों भारतीयों को निकालने की खबरों का खंडन किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि 'फुजैरा मार्ग' वाले समझौते की रिपोर्ट पूरी तरह निराधार है और वर्तमान में ऐसी कोई योजना नहीं है। सरकार ने नागरिकों से भ्रामक सूचनाओं से बचने और आधिकारिक घोषणाओं पर भरोसा करने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/foreign-ministry-claims-no-agreement-has-been-reached-to-evacuate/article-153392"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/india-vs-uae.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने मीडिया में आई इन खबरों का खंडन किया है जिनमें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से लाखों भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए एक समझौते पर विचार विमर्श का दावा किया गया है। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अपने फैक्ट चैक हैंडल पर कहा है कि इस तरह की रिपोर्ट निराधार है और अभी भारतीय नागरिकों को यूएई से निकालने की कोई योजना नहीं है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि भारत और यूएई फुजैरा के रास्ते लाखों भारतीय नागरिकों को निकालने के समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। रिपोर्टों में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यूरोप की अपनी चार देशों की यात्रा से पहले यूएई जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 12:46:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर भाजपा का सलाम: भारत के अडिग इरादों की गूंज ; भाजपा ने वीर जवानों को किया नमन, वीरों के साहस को राष्ट्र का नमन</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारत के अडिग इरादों का ऐलान बताया है। 7 मई 2025 को पहलगाम हमले के जवाब में शुरू हुए इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दुनिया को कड़ा संदेश दिया। पार्टी ने उन पराक्रमी वीरों को नमन किया है, जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अदम्य साहस दिखाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjps-salute-on-the-first-anniversary-of-operation-sindoor-echo/article-152979"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/sinddor.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत के अडिग इरादों का ऐलान बताते हुए इसमें शामिल भारतीय सेना के जवानों को नमन किया है। भाजपा ने सोशल मीडिया एक्स पर गुरुवार को लिखा, "वो सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं था, भारत के अडिग इरादों का ऐलान था। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर उन वीरों को नमन, जिन्होंने दुश्मन को जवाब नहीं, संदेश दिया और उस संदेश की गूंज दुनिया ने सुनी। जय हिंद! गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को लेकर भारतीय सेना ने सात मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था और पाकिस्तान में स्थित आतंकवादियों के कई ठिकानों को नष्ट कर दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 17:27:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर पीएम मोदी का बड़ा बयान: आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिक्रिया, सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ पर सशस्त्र बलों के अद्वितीय साहस को सलाम किया। उन्होंने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की सटीक प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता बताया। पीएम ने जोर दिया कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता ने भारत की सैन्य शक्ति और संकल्प को और अधिक मजबूत किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modis-big-statement-on-the-first-anniversary-of-operation/article-152973"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दिखाता है। पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि पूरा राष्ट्र हमारे बलों के शौर्य को सलाम करता है। पीएम मोदी ने कहा, “एक वर्ष पहले हमारे सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अद्वितीय साहस, सटीकता और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया था। उन्होंने उन लोगों को करारा जवाब दिया जिन्होंने पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हमला करने का दुस्साहस किया था। पूरा राष्ट्र हमारे बलों के शौर्य को सलाम करता है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा. "ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाया। इसने हमारे सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमता, तैयारी और समन्वित शक्ति को भी उजागर किया। साथ ही, इसने हमारे बलों के बीच बढ़ती संयुक्तता को प्रदर्शित किया और यह रेखांकित किया कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की भारत की खोज ने हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को कितनी मजबूती प्रदान की है।" उन्होंने कहा कि आज एक वर्ष बाद भी भारत आतंकवाद को पराजित करने और उसके समर्थक तंत्र को नष्ट करने के अपने संकल्प पर पहले की तरह अडिग हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 14:42:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फ्रांस-भारत ने 'विला स्वागतम' रेजीडेंसी कार्यक्रम के चौथे संस्करण के शुरू होने की घोषणा, सांस्कृतिक और रचनात्मक आदान-प्रदान को मिलेगा बढ़ावा </title>
                                    <description><![CDATA[फ्रांसीसी दूतावास ने भारत और फ्रांस के बीच कलात्मक आदान-प्रदान के लिए 'विला स्वागतम' 2026-27 की घोषणा की है। इस कार्यक्रम के तहत कलाकार, लेखक और शोधकर्ता एक-दूसरे के देशों में रहकर नवाचार करेंगे। 31 मई 2026 तक आवेदन खुले हैं, जो द्विपक्षीय संबंधों और रचनात्मकता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/france-india-announce-the-start-of-the-fourth-edition-of-villa/article-152997"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/india-and-france.png" alt=""></a><br /><p>तिरुवनंतपुरम। भारत में फ्रांसीसी संस्थान और फ्रांसीसी दूतावास ने 'विला स्वागतम' क्रॉस-रेजीडेंसी कार्यक्रम के चौथे संस्करण की शुरुआत की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य फ्रांस और दक्षिण एशिया के बीच सांस्कृतिक और रचनात्मक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। वर्ष 2026-2027 की रेजीडेंसी के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है और आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई है। यह कार्यक्रम भारतीय और फ्रांसीसी कलाकारों, लेखकों, अनुवादकों, डिजाइनरों, विद्वानों और रचनात्मक पेशेवरों को फ्रांस और दक्षिण एशिया के विभिन्न संस्थानों में रहने और सीखने के अवसर प्रदान करता है।</p>
<p>साल 2023 में अपनी शुरुआत के बाद से, विला स्वागतम एक प्रमुख भारत-फ्रांसीसी सांस्कृतिक पहल के रूप में विकसित हुआ है, जो साहित्य, दृश्य कला, शिल्प, डिजाइन और अनुसंधान के क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ावा देता है। यह कार्यक्रम एक से तीन महीने की रेजीडेंसी प्रदान करता है और पारस्परिकता के सिद्धांत पर आधारित है, जिसके तहत दोनों देशों के प्रतिभागियों को एक साझा ढांचे के भीतर एक-दूसरे के देशों में मेजबानी प्रदान की जाती है।</p>
<p>भारत में फ्रांस के राजदूत थियरी माथु ने इस पहल को एक ऐसे मंच के रूप में वर्णित किया जो रचनाकारों को संस्कृतियों, प्रथाओं और विचारों के बीच सेतु बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि नया संस्करण ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026’ (इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026) के हिस्से के रूप में विशेष महत्व रखता है। पिछले तीन संस्करणों में, विला स्वागतम ने लगभग 100 प्रतिभागियों का समर्थन किया है और विभिन्न कलात्मक और साहित्यिक क्षेत्रों में सहयोग की सुविधा प्रदान की है। कई प्रतिभागियों ने इंडिया आर्ट फेयर, <br />कोच्चि-मुज़िरिस बिनाले और केरल साहित्य महोत्सव जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने काम का प्रदर्शन किया है।</p>
<p>चौथे संस्करण में कई नयी साझेदारियां और रेजीडेंसी प्रारूप पेश किये गये हैं। फ्रांस में, सिरेमिक रेजीडेंसी के लिए 'मुसी डी'आर्ट कंटेम्पोरेन डी लियोन' और बायो-डिज़ाइन एवं टिकाऊ रचनात्मक प्रथाओं से जुड़ी परियोजनाओं के लिए 'फोंडेशन थैली' के साथ नये सहयोग शामिल हैं। ला रीयूनियन में एक साहित्यिक रेजीडेंसी भी शुरू की गई है, जबकि 'इंस्टीट्यूट डी'एट्यूड्स एवांसी डी नान्तेस' मानविकी और समकालीन वैश्विक चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक नई शोध रेजीडेंसी की मेजबानी करेगा।</p>
<p>दक्षिण एशिया में, यह कार्यक्रम पत्थर और संगमरमर आधारित कलात्मक प्रथाओं के लिए 'स्टोनएक्स ग्लोबल', साहित्य के लिए नयी दिल्ली में 'रेड हाउस' और कला एवं शिल्प के लिए बांग्लादेश में 'कॉसमॉस फाउंडेशन' के साथ साझेदारी के माध्यम से विस्तार कर रहा है। विला स्वागतम पहली बार भूटान तक भी पहुंचेगा, जहां 'वास्ट भूटान' एक ग्राफिक उपन्यासकार रेजीडेंसी की मेजबानी करेगा। भारत के कई शहरों में एक अभिनव और भ्रमणशील साहित्यिक रेजीडेंसी भी शुरू की गई है, जिससे एक प्रतिभागी विभिन्न क्षेत्रों की यात्रा कर सकेगा और विविध समुदायों तथा सांस्कृतिक संदर्भों के साथ जुड़ सकेगा।वर्तमान में इस कार्यक्रम में भारत, श्रीलंका, बंगलादेश, भूटान और फ्रांस में 30 से अधिक भागीदार रेजीडेंसी शामिल हैं, जो साहित्य, कविता, अनुवाद, ग्राफिक उपन्यास, नृत्य, कपड़ा, सिरेमिक, कांच कला और क्यूरेटोरियल अभ्यास जैसे विषयों को कवर करते हैं। विला स्वागतम को 'इंस्टीट्यूट फ्रैंकैस' का समर्थन प्राप्त है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 13:02:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली बरसी पर पीएम मोदी ने बदली सोशल मीडिया डीपी: भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य और बहादुरी को किया नमन, पाकिस्तान को सख्त संदेश </title>
                                    <description><![CDATA['ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ पर पीएम मोदी ने एक्स (X) की डीपी बदलकर सैनिकों के अदम्य साहस को नमन किया। महाभारत के श्लोक के साथ उन्होंने संदेश दिया कि उच्च मनोबल वाली सेना की विजय निश्चित है। 7 मई 2025 को शुरू हुआ यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ भारत की ऐतिहासिक जीत का प्रतीक है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/on-the-first-anniversary-of-operation-sindoor-pm-modi-changed/article-152976"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/pm-modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी पर अपने सोशल मीडिया एक्स की डिस्प्ले तस्वीर बदलकर 'ऑपरेशन सिंदूर' कर ली है और सैनिकों के पराक्रम और देशभक्ति की सराहना की है। पीएम मोदी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य और बहादुरी को नमन करते हुए एक्स पर लिखा, "ऑपरेशन सिंदूर में भारत को मिली असाधारण विजय हमारे वीर सैनिकों के अद्भुत पराक्रम और देशभक्ति की प्रेरक मिसाल है। उनके अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और कर्तव्यनिष्ठा पर हर देशवासी को गर्व है।"</p>
<p>उन्होंने इस मौके पर महाभारत का एक श्लोक को एक्स पर पोस्ट किया, उदीर्णमनसो योधा वाहनानि च भारत। यस्यां भवन्ति सेनायां ध्रुवं तस्यां जयं वदेत्।" इस श्लोक का अर्थ है हे भरतवंशी (युधिष्ठिर)! जिस सेना के सैनिक (योद्धा) और वाहन (घोड़े, हाथी, रथ आदि) उत्साही और उच्च मनोबल वाले (उदीर्णमनस:) होते हैं, उस सेना की विजय निश्चित (ध्रुवम्) समझनी चाहिए। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को लेकर भारतीय सेना ने सात मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था और पाकिस्तान में स्थित आतंकवादियों के कई ठिकानों को नष्ट कर दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 12:27:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत ने फुजैरा में ईरानी हमले की कड़ी निंदा की, कहा-कूटनीति और बातचीत से हो मुद्दों का समाधान, तीन भारतीय नागरिक घायल</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा में ईरानी ड्रोन हमले में तीन भारतीयों के घायल होने पर भारत ने सख्त ऐतराज जताया है। विदेश मंत्रालय ने इसे अस्वीकार्य बताते हुए निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा और शांतिपूर्ण संवाद की अपील की है। भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत मुक्त व्यापार और नौवहन की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/india-strongly-condemned-the-iranian-attack-in-fujairah-said/article-152710"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/india.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत ने संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा तेल क्षेत्र में ईरान के हमले की कड़ी निन्दा करते हुए कहा है कि पश्चिम एशिया में सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति से होना चाहिए। सोमवार को किए गए इस हमले में तीन भारतीय नागरिक भी घायल हुए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस पर प्रतिक्रिया करते हुए कहा है कि भारत सभी मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए सभी तरह के प्रयासों का समर्थन करता है।</p>
<p>प्रवक्ता ने मंगलवार को अपने बयान में कहा, “ फुजैरा पर हुआ हमला, जिसमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए, पूरी तरह से अस्वीकार्य है। हम इन शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों और नागरिक बुनियादी ढांचे तथा निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने की तुरंत समाप्ति की मांग करते हैं। भारत स्थिति से निपटने के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन करता रहा है, ताकि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बहाल हो सके। हम अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप होर्मुज़ जलडमरूमध्य के माध्यम से मुक्त और निर्बाध नौवहन और व्यापार की भी अपील करते हैं। भारत सभी मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए हर संभव प्रयासों का समर्थन करने के लिए तैयार है।“ उल्लेखनीय है कि संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा ऑयल इंडस्ट्रीज ज़ोन में सोमवार को ईरान के ड्रोन हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए। इस हमले के कारण तेल डिपो में आग लग गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 15:41:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वियतनाम राष्ट्रपति टो लैम का तीन दिवसीय भारत दौरा: पीएम और राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात, रणनीतिक संबंधों की मजबूती सहित अन्य मुद्दों पर होगी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम तीन दिवसीय भारत यात्रा पर पहुंच रहे हैं। अपनी यात्रा की शुरुआत बोधगया से करते हुए, वह रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी में 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' को मजबूत करेंगे। यह दौरा भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और द्विपक्षीय संबंधों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/vietnam-president-to-lams-three-day-visit-to-india-will-meet/article-152742"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/to-lam.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर मंगलवार को भारत पहुंचेंगे। वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव टो लैम भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर रहेंगे। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों में नयी ऊर्जा भरना और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नये रास्तों को तलाशना है। राष्ट्रपति टो लैम आज गया (बिहार) पहुंचेंगे। अप्रैल में वियतनाम के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देश अपनी 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के एक दशक पूरे कर रहे हैं।</p>
<p>उनके साथ मंत्रियों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल सहित एक उच्च स्तरीय दल भी आ रहा है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक जुड़ाव को बताता है। गया के बाद वह आज देर शाम नयी दिल्ली के लिए रवाना होंगे। वियतनामी नेता का छह मई को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जायेगा। उनके प्रधानमंत्री मोदी के साथ व्यापक चर्चा करने का कार्यक्रम है, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं के साथ-साथ प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों को भी शामिल किया जायेगा।</p>
<p>अपनी यात्रा के दौरान वियतनामी राष्ट्रपति भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा भारत के अन्य वरिष्ठ नेताओं के भी उनसे भेंट करने की संभावना है। राष्ट्रपति टो लैम बोधगया और मुंबई की यात्रा भी करेंगे। भारत और वियतनाम के बीच दीर्घकालिक ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध हैं। इनकी जड़ें उपनिवेशवाद विरोधी साझा संघर्षों में निहित हैं। 1972 से दशकों के कूटनीतिक जुड़ाव ने इन रिश्तों को और मजबूती प्रदान की है। प्रधानमंत्री मोदी की 2016 में वियतनाम यात्रा के दौरान इन संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर पर ले जाया गया था और यह रिश्ता 'शांति, समृद्धि और जनता के लिए 2020 के साझा विजन' से संबंधित है। वियतनाम भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' में प्रमुख भागीदार है। वर्तमान में यह भारत का 15वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार और आसियान देशों में चौथा सबसे बड़ा भागीदार है।</p>
<p>पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार हुआ है। 2025-2026 में दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 16 अरब अमेरिकी डॉलर (1,524.8 अरब रुपये) रहा है, जिसमें ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है। नियमित विचार-विमर्श, संयुक्त अभ्यास और क्षमता निर्माण की पहल के माध्यम से रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी गहरा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टो लैम को वियतनाम के राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने पर हार्दिक बधाई दी थी। उन्होंने यह भी कहा था कि भारत और वियतनाम के बीच समय की कसौटी पर खरी उतरी यह दोस्ती लगातार और अधिक मजबूत होती रहेगी। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि वह दोनों देशों और इस क्षेत्र के लोगों की प्रगति एवं समृद्धि के लिए 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' को और गहरा करने की दिशा में मिलकर काम करने के प्रति आशान्वित हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 14:36:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुट्ठी में समंदर : 7 साल के इशांक ने रचा इतिहास, 9 घंटे 50 मिनट में Palk Strait तैरकर पार कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड के नन्हे तैराक इशांक ने मात्र 7 साल की उम्र में पाल्क स्ट्रेट तैरकर विश्व रिकॉर्ड बना दिया। उन्होंने श्रीलंका से भारत तक 29 किलोमीटर की दूरी 9 घंटे 50 मिनट में पूरी की। चुनौतियों और लहरों को मात देकर इशांक दुनिया के सबसे कम उम्र के तैराक बन गए हैं, जिससे पूरा देश गौरवान्वित है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/sea-in-fist-7-year-old-ishank-created-history-by/article-152318"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/isak.png" alt=""></a><br /><p>रांची। महज सात वर्ष की उम्र में झारखंड के नन्हे तैराक इशांक ने अद्भुत साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए Palk Strait को तैरकर पार कर इतिहास रच दिया। इशांक ने श्रीलंका के तलाईमन्नार से भारत के धनुषकोड़ी तक लगभग 29 किलोमीटर की दूरी महज 9 घंटे 50 मिनट में पूरी की।</p>
<p>यह उपलब्धि उन्होंने 30 अप्रैल 2026 को हासिल की, जिसके साथ ही इशांक दुनिया के सबसे कम उम्र के तैराक बन गए, जिन्होंने इस चुनौतीपूर्ण समुद्री मार्ग को पार किया। इस सफर के दौरान तेज धाराएं, समुद्री लहरें और बदलते मौसम जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए इशांक ने असाधारण धैर्य और अनुशासन का परिचय दिया।</p>
<p>इशांक की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को खेल जगत में बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। उनकी मेहनत और समर्पण ने न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है। इस उपलब्धि के पीछे उनके परिवार और प्रशिक्षकों का भी अहम योगदान रहा, जिन्होंने उन्हें निरंतर मार्गदर्शन और समर्थन दिया।</p>
<p>इशांक की इस सफलता पर विभिन्न क्षेत्रों से बधाइयों का सिलसिला जारी है। खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में हासिल की गई यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 12:50:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कोहिनूर हीरे पर ममदानी का बयान: किंग चार्ल्स से न्यूयॉर्क मेयर की अपील, भारत का कोहिनूर वापस करो</title>
                                    <description><![CDATA[न्यूयॉर्क के मेयर जोहऱान ममदानी ने किंग चार्ल्स की यात्रा के दौरान कोहिनूर हीरा भारत लौटाने का मुद्दा छेड़ दिया है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक न्याय और भारतीय विरासत का प्रतीक बताया। 1849 में ब्रिटिश कब्जे में गया यह बेशकीमती रत्न आज भी भारत और ब्रिटेन के बीच कूटनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/mamdanis-statement-on-kohinoor-diamond-new-york-mayors-appeal-to/article-152171"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/zohram-mamdani.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहऱान ममदानी ने कोहिनूर हीरे की वापसी को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय बहस को हवा दे दी है। हाल ही में ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स तृतीय की अमेरिका यात्रा के दौरान ममदानी ने संकेत दिया कि यदि उनसे मुलाकात होती है, तो वह औपचारिक बातचीत तक सीमित नहीं रहेंगे। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ कहा कि वह कोहिनूर हीरे को भारत लौटाने की मांग उठाएंगे।</p>
<p>ममदानी का यह बयान केवल कूटनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि ऐतिहासिक मुद्दों को दोबारा सामने लाने की कोशिश माना जा रहा है। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी भारत से जुड़ी रही है—उनकी मां मीरा नायर भारतीय मूल की हैं, जिससे उनके विचारों में भारतीय इतिहास और विरासत का असर साफ दिखाई देता है।</p>
<p>कोहिनूर हीरा भारत के लिए सिर्फ एक बहुमूल्य रत्न नहीं, बल्कि औपनिवेशिक काल की याद और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। यह हीरा मूल रूप से आंध्र प्रदेश की कोल्लूर खान से निकला था और समय के साथ मुगलों और सिख शासकों के पास रहा। लेकिन 1849 में द्वितीय एंग्लो-सिख युद्ध के बाद ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने लाहौर संधि के तहत इसे अपने कब्जे में ले लिया। उस समय सिख शासक महाराजा दलीप सिंह महज 10 साल के थे।</p>
<p>आज यह हीरा ब्रिटेन में सुरक्षित है और पूर्व में रानी एलिजाबेथ के ताज का हिस्सा रहा है। भारत लगातार इसे अपनी धरोहर बताते हुए वापसी की मांग करता रहा है, जबकि ब्रिटेन इसे कानूनी रूप से प्राप्त संपत्ति बताता है। ममदानी का बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया भर में ऐतिहासिक धरोहरों की वापसी को लेकर आवाजें तेज हो रही हैं। ग्रीस और अफ्रीकी देशों की तरह भारत में भी यह मुद्दा भावनात्मक और ऐतिहासिक दोनों स्तरों पर गहराई से जुड़ा हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 12:49:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भारत के साथ सैन्य-तकनीकी सहयोग बढ़ाने का इच्छुक है रूस, जखारोवा ने कहा-रूस ईरान के आसपास की गंभीर अंतर्राष्ट्रीय स्थिति को सुलझाने में सहायता के लिए तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[रूसी प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने भारत के साथ गहरे सैन्य संबंधों की पुष्टि की है। रूस न केवल हथियारों की आपूर्ति, बल्कि संयुक्त विकास और लाइसेंस प्राप्त निर्माण के लिए भी तैयार है। यह सहयोग भारतीय सेना के आधुनिकीकरण को नई गति देगा। साथ ही, रूस ने पश्चिम एशिया संकट को सुलझाने में सहायता की भी पेशकश की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russia-is-keen-to-increase-military-technical-cooperation-with-india-zakharova/article-152037"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/maria-zakharova.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस ने कहा है कि वह भारत के साथ सैन्य-तकनीकी सहयोग को और बढ़ाने का इच्छुक है और मिल कर काम करने तथा और लाइसेंस प्राप्त हथियार निर्माण के लिए तैयार है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने भारतीय सूचना पोर्टल 'फर्स्टपोस्ट' को दिए एक साक्षात्कार में कहा "रूस, भारत के साथ सैन्य-तकनीकी सहयोग बढ़ाना जारी रखने का इरादा रखता है। भारतीय सशस्त्र बलों की सभी शाखाओं के लिए विस्तृत श्रृंखला में सैन्य उत्पादों की आपूर्ति परस्पर सहमत समय सीमा पर की जा रही है। इसके अलावा वह संयुक्त रूप से लाइसेंस प्राप्त हथियारों के निर्माण के लिए भी तैयार है।"</p>
<p>राजनयिक ने कहा, "रूस न केवल तैयार सैन्य उत्पादों का निर्यात करने के लिए तैयार है, बल्कि संयुक्त विकास, आधुनिक हथियारों के लाइसेंस युक्त निर्माण और विभिन्न प्रकार के उपकरणों के आधुनिकीकरण एवं अन्य परियोजनाओं को लागू करने के लिए भी तैयार है।" उन्होंने उल्लेख किया कि रूसी सशस्त्र बल अपनी रणनीतिक पहल को लेकर आश्वस्त हैं और विशेष अभियान क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। जखारोवा ने कहा, "वर्तमान में, रूसी सशस्त्र बल अपनी रणनीतिक पहल को लेकर आश्वस्त हैं और आगे बढ़ रहे हैं।" पश्चिम एशिया संकट पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि रूस ईरान के आसपास की गंभीर अंतर्राष्ट्रीय स्थिति को सुलझाने में सहायता के लिए तैयार है। जखारोवा ने कहा, "हम इस गंभीर अंतर्राष्ट्रीय स्थिति को सुलझाने में सहायता के लिए हमेशा तैयार हैं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 12:31:58 +0530</pubDate>
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