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                <title>impact of the news - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर खबर का : हरकत में आया घाटोली पंचायत प्रशासन, गौ माता का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार</title>
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                        <![CDATA[ गौ माता के साथ अमानवीय  व्यवहार करने पर  कठोर कार्रवाई होगी। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---ghatoli-panchayat-administration-takes-action--respectful-last-rites-for-the-cow/article-141360"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/00332.png" alt=""></a><br /><p>रामगंजमंडी। रामगंजमंडी क्षेत्र की घांटोली पंचायत में दैनिक नवज्योति अखबार में 29 जनवरी को खबर, प्रकाशित होने के बाद पंचायत प्रशासन हरकत में आ गया। सोशल मीडिया पर मृत गौ माता को घसीटकर ले जाने का वीडियो वायरल होने और इस संवेदनशील मुद्दे को नवज्योति द्वारा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद पंचायत ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरूवार को मृत गौ माता को सम्मानपूर्वक अंतिम</p>
<p>संस्कार स्थल तक पहुंचाया। घाटोली पंचायत सचिव ने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में किसी भी गौ माता की मृत्यु होने पर इसकी सूचना तुरंत पंचायत को देना अनिवार्य है। बिना पंचायत को सूचित किए यदि कोई व्यक्ति मृत गौ माता को घसीटते हुए या अमर्यादित तरीके से ले जाता है, तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी। </p>
<p>पंचायत सचिव ने पशुपालकों से अपील की कि मृत मवेशी की सूचना समय पर पंचायत को दें, ताकि नियमानुसार और पूरी श्रद्धा के साथ अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जा सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में यदि किसी व्यक्ति द्वारा गौ माता के साथ अमानवीय या अनुचित व्यवहार किया गया, तो पंचायत स्तर पर उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि एक दिन पूर्व सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले को दैनिक नवज्योति अखबार में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। खबर का व्यापक असर देखने को मिला और गुरूवार को घाटोली पंचायत क्षेत्र में गौ माता की मृत्यु होने पर ग्राम पंचायत ने तत्परता दिखाते हुए सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार की व्यवस्था सुनिश्चित की।<br />    </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 18:10:15 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - खैराबाद में श्मशान मार्ग की पुलिया का निर्माण शुरू</title>
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                        <![CDATA[दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया प्रशासन।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--construction-of-the-crematorium-road-culvert-begins-in-khairabad/article-140113"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)39.png" alt=""></a><br /><p>रामगंजमंडी। खैराबाद में श्मशान जाने वाली पुलिया एवं सीसी रोड निर्माण कार्य को लेकर ठेकेदार की लापरवाही सामने आने के बाद अब स्थिति में सुधार देखने को मिला है। दैनिक नवज्योति में जनहित से जुड़ी खबर प्रकाशित होने के बाद श्मशान मार्ग की पुलिया का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं इसके पश्चात सीसी रोड का निर्माण कार्य भी जल्द प्रारंभ किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि श्मशान जाने वाली पुलिया एवं सीसी रोड का ठेका स्वीकृत होने के बाद ठेकेदार द्वारा पुराना सीसी रोड और पुरानी पुलिया तोड़ दी गई थी। लेकिन इसके बाद कई दिनों तक निर्माण कार्य बंद रखा गया। इससे श्मशान मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में शव को श्मशान तक ले जाना भी अत्यंत कठिन हो गया था। बंद मार्ग के कारण वार्ड क्षेत्र के लोगों की दैनिक आवाजाही भी प्रभावित हो रही थी।</p>
<p><strong>ग्रामीणों ने ली राहत की सांस</strong><br />दैनिक नवज्योति द्वारा इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद संबंधित विभाग एवं ठेकेदार ने मामले का संज्ञान लिया और श्मशान जाने वाली पुलिया एवं सीसी रोड का निर्माण कार्य पुन: प्रारंभ कर दिया गया। कार्य शुरू होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।</p>
<p><strong>दैनिक नवज्योति का जताया आभार </strong><br />ग्रामीणों ने जनहित में प्रकाशित खबर के लिए दैनिक नवज्योति का आभार जताते हुए कहा कि मीडिया की सक्रिय भूमिका से उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान संभव हो सका। साथ ही उन्होंने मांग की कि निर्माण कार्य को शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराया जाए। ताकि भविष्य में इस प्रकार की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 17:41:18 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : अरु नदी के पैदल पुल की मरम्मत, आवागमन हुआ सुचारू</title>
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                        <![CDATA[दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होते ही हरकत में आया प्रशासन ।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---repair-of-the-pedestrian-bridge-over-the-aru-river--traffic-restored/article-138425"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(20).png" alt=""></a><br /><p>कनवास। कस्बे में अरु नदी पर बने पैदल पुल की बदहाल स्थिति को लेकर दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होते ही हरकत में आते हुए प्रशासन ने पुल की मरम्मत कर दी। जिससे छह दिनों से चली आ रही गंभीर समस्या का समाधान हो गया और पैदल आवागमन पुन: शुरू हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार कनवास कस्बे में अरु नदी पर बस स्टैंड से दत्तात्रेय साधना आश्रम को कनवास कस्बे को जोड़ने वाले पैदल पुल पर लगी पत्थर की पट्टी हट जाने से ग्रामीणों,श्रद्धालुओें और विद्यार्थियों को बीते छह दिनों से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों ने इस समस्या से पंचायत को भी अवगत कराया। लेकिन गंभीर जनसमस्या के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। </p>
<p><strong>पत्थर की नई पट्टी लगाकर पूरा किया मरम्मत कार्य</strong><br />जैसे ही इस समस्या की जानकारी मिली दैनिक नवज्योति ने मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया।  खबर 3 जनवरी को प्रकाशित होते ही प्रशासन हरकत में आ गया।प्रशासनिक अमले ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पुल पर नई पत्थर की पट्टी लगाकर मरम्मत कार्य पूरा करवाया। </p>
<p><strong>दैनिक नवज्योति का जताया आभार</strong><br />पुल से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु, विद्यार्थी, दुकानदार और आम नागरिक  गुजरते हैं। जिससे लोगों को एक सप्ताह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मरम्मत के बाद आवागमन सुचारू होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।ग्रामीणों ने समय पर कार्रवाई के लिए दैनिक नवज्योति का आभार जताया और समय पर कार्रवाई के लिए दैनिक नवज्योति का आभार जताया। </p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 16:01:04 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - स्कूली मैदान में खतरा बने अनुपयोगी सूखे कुएं को मलबा डाल कर किया बंद</title>
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                        <![CDATA[ प्राचीन अनुपयोगी खुला कुआं बच्चों के लिए खतरा बना हुआ था । ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/impact-of-the-news---the-unused-dry-well-in-the-school-ground-was-closed-by-dumping-debris/article-84257"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/asar-khabar-ka---schooly-medan-me-khtra-bne-anupiyogi-sukhe-kuve-ko-malba-dal-kr-kiya-bnd...mishroli,-jhalawar-news-10-07-2024.jpeg" alt=""></a><br /><p>मिश्रोली।  निकटवर्ती ग्राम पंचायत सिलेहगढ़ के गांव झीकड़िया में राजकीय प्राथमिक स्कूल के खेल मैदान में बच्चों के लिए खतरा बना हुआ अनुपयोगी कुएं को मलबा डालकर बंद कर दिया गया। जिससे स्कूल स्टाफ और बच्चों ने राहत की सांस ली। बच्चे अब स्कूल के इस मैदान आसानी से खेल सकते है और स्कूल के कार्यक्रम के लिए भी अच्छी खासी जगह मिल गई।  गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति की खबर प्रकाशित होने के बाद पंचायती राज विभाग ने मलबा डालकर मंगलवार का कुएं को बदं कर दिया।  प्राचीन अनुपयोगी खुला कुआं बच्चों के लिए खतरा बना हुआ था जिसको लेकर ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ द्वारा ग्राम पंचायत अधिकारी को कई बार अवगत करवाया गया था </p>
<p><strong>राहत मिलने पर जताई खुशी</strong><br />समस्या पर किसी अधिकारी ने ध्यान नही दिया गया। तब इस मामले की गंभीरता को लेते हुए दैनिक नवज्योति ने 4 जुलाई के अंक में झीकड़िया स्कूल में खड़ा यमदूत...खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। खबर छपने के बाद विभाग कुंभकरण की नींद से जागा । पंचायती राज हरकत में आया। विभाग ने मंगलवार  को ग्राम पंचायत सिल्हेगड़ के गांव झीकड़िया में राजकीय प्राथमिक स्कूल में बच्चों के लिए खेलकूद मैदान में बने यमदूत अनुपयोगी कुएं को ग्रेवल डालकर मशीनरी के द्वारा भरकर बंद कर किया। इस दौरान मौके पर उपस्थित  अभिभावकों द्वारा ग्राम पंचायत का आभार जताते हुए खुशी जाहिर की है। इस दौरान </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jul 2024 17:21:04 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - स्कूल में आठ दिन से बंद पडा नलकूप आखिरकार हुआ शुरू </title>
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                        <![CDATA[दैनिक नवज्योति की खबर के बाद नलकूप ठीक करवाया। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-news---the-tube-well-in-the-school-which-was-closed-for-eight-days-finally-started/article-84255"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size-(14).png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र में रामगंज गांव में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के परिसर में लगा नलकूप आठ रोज से बंद था। शाला परिवार की इस समस्या को दैनिक नवज्योति ने  गंभीरता से लेते हुए मंगलवार के अंक में स्कूल में आठ रोज से नलकूप बंद, नौनिहाल सड़क पार कर ला रहे पानी ...के शीर्षक से खबर प्रकाशित करके शाला की मुख्य समस्या को उजागर करके जिम्मेदारों को अवगत कराया गया था। जिस पर संवेदक ने आनन-फानन में मंगलवार को नलकूप की नई मोटर डालकर सुचारू किया गया है। अब शाला परिवार को पानी की किल्लत से राहत मिलेगी। शाला परिवार ने कहा धन्यवाद दैनिक नवज्योति आज से हमे पीने का पानी परिसर में ही सुगमतापूर्वक उपलब्ध होगा। जानकारी के अनुसार रामगंज के सरकारी स्कूल में एक जुलाई से ही परिसर में लगा नलकूप बंद था। इसको चालू करवाने के लिए शाला परिवार ने काफी भागादौड़ी की। अपनी इस कठिन समस्या से संबंधित संवेदक को अवगत कराया गया था, पर जिम्मेदार समस्या को नजरअंदाज करते हुए। अलग-अलग बहाना बनाकर टालमटोल कर रहा था। स्कूल के नौनिहाल पानी के लिए मुख्य सड़क क्रॉसिंग करके खतरे से आवाजाही कर अपनी पानी की प्यास बुझाते थे। इस समस्या की जानकारी जब नवज्योति संवाददाता को मिली, तो टीम ने मोके पर पहुंचकर स्कूल की समस्या अलग-अलग छात्र-छात्राएं, पोषाहारकर्मी, शालाध्यापकों से समस्या की जानकारी जुटाई। शाला परिसर में लगा नलकूप बंद व टंकी सुखी पड़ी नजर आई। प्यास बुझाने के लिए स्कूली बच्चे सड़क क्रॉसिंग करते हुए नजर आए। शाला की समस्या को मोके पर देखा व अभिभावकों से भी बात की। यह समस्या गंभीरतापूर्वक होने से इस संबंध में दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित करके उजागर किया गया तो संबंधित विभाग के जिम्मेदार हरकत में आए। मंगलवार सुबह को मौके पर पहुंचकर बंद पडे नलकूप की मोटर को शुरू करवाया। </p>
<p><strong>दैनिक नवज्योति को मिली प्रशंसा</strong><br />मौके पर परिसर का बंद नलकूप शुरू होते ही नौनिहाल विद्यार्थियों में खुशी झलकती नजर आई।  शाला प्रधानाध्यापक विनोद कुमार नागर सहित परिवार ने दैनिक नवज्योति सहित टीम को बधाइया दी। धन्यवाद टीम जिसके माध्यम से पीने के पानी की जद्दोजहद खत्म हुई है। आठ दिन संघर्ष के बाद, अब स्कूली बच्चों को अपने परिसर में ही पानी उपलब्ध हुआ है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jul 2024 14:07:21 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - घटिया निर्माण कार्य पर बावड़ियों के जीर्णोद्धार कार्यों का किया निरीक्षण</title>
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                        <![CDATA[पुरातत्व विभाग की उपनिदेशक ने निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट तैयार की और बताया कि निर्माण कार्यों में सीमेंट का उपयोग नहीं होना चाहिए। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-news---inspection-of-the-renovation-work-of-the-stepwells-on-poor-construction-work/article-83304"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/u1rer1.png" alt=""></a><br /><p>बून्दी। बूंदी शहर में  ऐतिहासिक बावड़ियों के जीर्णोद्धार की जरूरत को देखते हुए पूर्ववर्ती सरकार द्वारा वर्ष 2022-23 की बजट घोषणा में 9.20 करोड़ रूपए की लागत से किए जा रहे 10 बावड़ियों के जीर्णोद्धार कार्य में संवेदक द्वारा की जा रही लीपापोती पर विभाग द्वारा त्वरित कार्यवाही की गई। दैनिक नवज्योति द्वारा शनिवार को बावड़ियों के कायाकल्प की आशा हुई धूमिल...शीर्षक से समाचार प्रसारित होने के बाद पुरातत्व विभाग द्वारा त्वरित गति से कार्यवाही करते हुए शनिवार को विभाग की उपनिदेशक कृष्णकांता शर्माऔर सहायक अभियंता अब्दुल बकीं को मौके पर भेज कर निर्माण कार्यों की जांच करवा कर जांच रिर्पोट तैयार करवाई गई।</p>
<p>गौरतलब हैं कि कार्यकारी एजेंसी पुरातत्व विभाग द्वारा शहर के बालचंदपाड़ा स्थित बोहरा कुंड में करवाए जा रहे कार्य की पोल पहली बारिश ने ही खोल कर रख दी थी। यहां सीढ़ियों पर लगाए गए पत्थर पहली बारिश मे ही उखड़ कर गिर गए। जिससे संवेदक द्वारा उपयोग में ली जा रही घटिया सामग्री की पोल खोल कर रख दी। वहीं क्षेत्र के लोगों द्वारा संवेदक द्वारा करवाए जा रहे घटिया कार्य की जांच हेतु उच्चाधिकारियों से निरीक्षण कर कार्यवाही करने की मांग की थी।</p>
<p><strong>कुंड व बावड़ियों की वैभवता व प्राचीनता रहे बरकरार</strong><br />पुरातत्व विभाग की उपनिदेशक कृष्ण कांता शर्मा ने निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट तैयार की और बताया कि निर्माण कार्यों में सीमेंट का उपयोग नहीं होना चाहिए। वहीं उपयोग में लिए जा रहे पत्थरों के बारे में आपत्ति जताते हुए कायार्देश की जांच करने की भी बात कही। उपनिदेशक कृष्ण कांता शर्मा ने संवेदक को कुंड व बावड़ियों की वैभवता व प्राचीनता बरकरार रखते हुए कार्य करने को कहा। इन्होंने संवेदक को गुणवत्तापूर्ण कार्य करने व पाई गई खामियों को दुरूस्त करने के निर्देश भी दिए। वहीं टीम ने निर्माण कार्यो की फोटो व वीडियोग्राफी भी की। संवेदक ने बताया कि बताई गए निदेर्शों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण कार्य किया जाएगा। जो कमियां बताई गई है उन्हें दूरस्थ किया जाएगा साथ ही सीमेंट का उपयोग कम करते हुए चुने का उपयोग ज्यादा किया जाएगा। ताकि कुंड व बावड़ियों की वैभवता व प्राचीनता बनी रहे उन्होंने ने कहा कि पुराना लगा पत्थर नहीं मिल रहा है जिसके चलते उक्त पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है जो कि अच्छा पत्थर है। बोहरा कुंड के ऊपर बने गणेश मंदिर पर कलात्मक छतरी बनवाने की मांग इस दौरान स्थानीय क्षेत्रवासियों व पर्यटन प्रेमियों ने कुंड एवं बावड़ी की प्राचीन वैभवता बनाए रखने की बात कहते हुए जीर्णोद्धार कार्य में उपयोग किए जा रहे सीमेंट व पत्थर  को लेकर आपत्ति जताई। इन्होंने बोहरा कुंड के ऊपर बने गणेश जी के मंदिर में लगे टीनशेड को हटाकर कलात्मक छतरी बनाने की भी मांग की। इस दौरान इंटेक के राजकुमार दाधीच, मनीष सिसोदिया, नारायण मंडोवरा, पीयूष पाचक सहित सहायक पर्यटन अधिकारी प्रेम शंकर सैनी सहित स्थानीय लोग मौजूद रहे।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />जीर्णोद्धार कार्य का दिए गए निर्देशानुसार निरीक्षण किया गया हैं। स्थानीय लोगों की आपत्तियों को भी सुना है। उनकी आपत्तियों को उच्चाधिकारियों तक पहुचाएंगे। संवेदक को भी उच्च गुणवत्ता के साथ नियमानुसार कार्य करने को कहा हैं। जीणोग्द्धार के बाद भी मोन्यूंट्स की मौलिक सौंदर्य व प्राचीन वैभव बरकरार रहना चाहिए।<br /><strong>- कृष्ण कांता शर्मा, उपनिदेशक, पुरातत्व विभाग</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jul 2024 12:38:46 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - हाईवे किनारे हो रहे अतिक्रमण को हटाने की हुई कार्रवाई </title>
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                        <![CDATA[ विभाग की टीम मय पुलिस जाब्ता के साथ केबल नगर में मौके पर पंहुचे। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---action-taken-to-remove-the-encroachment-happening-along-the-highway/article-83028"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/17.png" alt=""></a><br /><p>केबलनगर। केबलनगर में गुरुवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर हाईवे के किनारे हो रहे अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। सीएचआई एसओ भंवर सिंह ने बताया कि केबलनगर में हाइवे की परिधि में लोगों ने अतिक्रमण कर रखा था। जिस कारण सुप्रीम कोर्ट के आदेश होने पर एनएच आई विभाग की सूचना पर बुधवार को जगपुरा में हाइवे के किनारे से अतिक्रमण हटाया गया। वहीं  समय अधिक हो जाने पर आगे नही बढ़ पाए व दूसरे दिन गुरुवार को विभाग की टीम मय पुलिस जाब्ता के साथ केबल नगर में मौके पर पंहुचे। जहां एनएचआई विभाग की टीम ने हाईवे की सीमा को नापकर अतिक्रमण चिह्नित किया। इसके बाद सड़क से सटाकर रखी गई थड़ी, गुमटियों व उसके उपर बने छप्पर को जेसीबी व क्रेन मशीन की सहायता से अलनिया तक हाइवे से अतिक्रमण हटाया गया। साथ ही जिन लोगों द्वारा पक्के निर्माण कर बनाई गई दीवारों को तोड़कर हटाया। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग 52 से अलनिया जगपुरा के बीच हाइवे से अतिक्रमण हटा हाइवे एक दम साफ सुथरा नजर आने लग गया। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह एन एच आई विभाग के द्वारा हाइवे के किनारे से अतिक्रमण हटाया गया। उसी तरह हाइवे पर खड़े होने वाले निजी वाहनों को भी हटाया जाए तो रात के समय राहगीरी दुर्घटना के शिकार नही होगे और नाही हाइवे जाम होगा व हाइवे और भी साफ सुथरा नजर आएगा क्योंकि विभाग ने अतिक्रमण तो हटा दिया लेकिन रात में सर्विस रोड पर अपने निजी वाहनों को खड़ा करने वालो लोगों को पाबंद नही किया। विभाग को उन लोगों को भी हाइवे पर वाहन ना खड़ा करने ले लिया पाबंद करना चाइए। इस सम्बंध में गत 11 अप्रैल को दैनिक नवज्योति में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमे बताया था कि हाइवे पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है और लोगों ने अपने निजी वाहन भी हाइवे पर खड़े रखते है। जिस कारण राहगीरों में रात के समय दुर्घटना होने का भय रहता है और एनएचआई प्राधिकरण विभाग कोई कार्यवाही नहीं कर रहे थे। </p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Jun 2024 17:08:52 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - प्रतिबंधित रसायन से फल पकाने वालों पर कसा शिकंजा</title>
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                        <![CDATA[गोदामों की जांच के लिए बनाई टीमें।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---tightening-grip-on-those-who-ripen-fruits-with-banned-chemicals/article-81905"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(12)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रतिबंधित रसायन और केमिकल से फल पकाने वालों के खिलाफ कृषि उपज थोक फलसब्जी मंडी समिति ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए मंडी समिति की ओर से कुछ फल विक्रेताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा आगामी दिनों में इनके गोदामों की जांच भी की जाएगी। जांच में प्रतिबंधित रसायन और केमिकल से फल पकाना पाया गया तो सम्बंधित विक्रेता का लाइसेंस निलम्बित किया जाएगा। इसके  लिए समिति ने पूरी कार्य योजना तैयार कर ली है। गोदामों की जांच की टीमों का गठन किया गया है। जो आकस्मिक निरीक्षण कर गोदामों में वस्तुस्थिति की जांच करेगी। फल पकाने के मामले आए सामने: तरबूज व खरबूज सहित अन्य फल गर्मियों के मौसम में लोगों की पहली पसंद होती है। इसकी ठंडक और मिठास जहां एक ओर गर्मी से राहत दिलाती है, वहीं यह स्वास्थ्य के लिए भरपूर फायदेमंद भी साबित होता है। गर्मियों में इसकी बढ़ती मांग के चलते इसे जल्दी पकाने के लिए केमिकल का सहारा लिया जा रहा है। जो स्वास्थ लिए हानिकारक होता है। केमिकल के प्रयोग से यह फल तेजी से पक जाता है। गत दिनों शहर के कई गोदामों में प्रतिबंधित रसायनों से तरबूज, खरबूज, कैले, पपीता, आम सहित अन्य फलों को पकाने के मामले सामने आए थे। फल विक्रेता इसमें सैकरीन के साथ लाल कलर का इंग्जेक्शन लगाकर फल को मिठा कर रहे थे। जिससे जनता के स्वास्थ्य बुरा प्रभाव पड़ रहा था। इस सम्बंध में कोई कार्रवाई नहीं होने से प्रतिबंधित रसायनों का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा था।  </p>
<p><strong>सभी के लिए घातक होता है यह रसायन</strong><br />भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने घातक रसायनों के उपयोग पर प्रतिबंध के लिए पूर्व में निर्देश जारी कर रखे है। फलों को कृत्रिम रूप से पकाने के लिए खाद्य सुरक्षा और मानक 2011 के उप विनियम के प्रावधान के तहत कैल्शियम कार्बाइड के उपयोग पर पहले ही प्रतिबंध है। कैल्शियम कार्बाइड से निकलने वाली एसिटिलिन गैस फल पकाने में शामिल लोगों के उतनी ही हानिकारक है जितना यह फल का सेवन करने वालों के लिए है। बाजार में बिकने वाले तरबूज व खरबूजे व आम को कृत्रिम रूप से पकाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। हालांकि आजकल बाजार में मिलने वाले खरबूजे अक्सर एक समान रंग के होते हैं। उन पर किसी भी प्रकार के दाम या निशान नहीं होते। जिससे यह संदेह होता है कि इन्हें केमिकल की सहायता से एक ही रात में पकाया गया है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया मामला तो हरकत में आया विभाग</strong><br />शहर में विभिन्न स्थानों पर गर्मियों में तरबूज, खरबूज और अन्य फलों की बढ़ती मांग के चलते जल्दी पकाने के लिए कुछ फल विक्रेता केमिकल का सहारा ले रहे थे। इससे आमजन के शरीर को नुकसान पहुंच रहा था। इस सम्बंध में गत 31 मई को दैनिक नवज्योति में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें बताया था कि प्रतिबंधित रसायनों और केमिकल का उपयोग फलों को पकाने में धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है। इस सम्बंध में जिम्मेदार विभाग कोई कार्रवाई नहीं रहे हैं। मामला उजागर होने पर थोक फल सब्जीमंडी समिति ने कुछ फल विक्रेताआेंं को नोटिस जारी कर हिदायत दी। वहीं गोदामों की जांच के लिए टीमों का गठन किया।</p>
<p>प्रतिबंधित रसायन से फल पकाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले को लेकर कुछ फल विक्रेताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके बाद भी गोदामों की जांच के लिए विभाग के कर्मचारियों की टीमें बनाई गई है, जो नियमित रूप से गोदामों की औचक जांच करेगी। इस दौरान प्रतिबंधित रसायनों का उपयोग मिलने पर सम्बंधित फर्म का लाइसेंस निलम्बित किया जाएगा।<br /><strong>- शशिशेखर शर्मा, कार्यवाहक सचिव, थोक फलसब्जी मंडी समिति</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Tue, 18 Jun 2024 16:55:01 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - वाटर पार्क के शुल्क पर उठे विरोध के स्वर</title>
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                        <![CDATA[बच्चों का 300 व बडों का होगा 500 रुपए टिकट। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---voices-of-protest-raised-against-water-park-charges/article-81619"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(1)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर विकास न्यास ने शहर वासियों के लिए पर्यटन स्थल चम्बल रिवर फ्रंट बना तो दिया लेकिन उसमें प्रवेश करने से लेकर हर चीज का किराया इतना अधिक कर दिया कि वह आमजन के लिए मुश्किल होता जा रहा है। पब्लिक के पैसों से बना सरकारी पर्यटन स्थल पब्लिक को चूसने का साधन बन गया है। चम्बल रिवर फ्रंट  के पूर्वी छोर(बैराज साइड) पर वाटर पार्क का निर्माण कराया गया है। लेकिन यहां नहाने का आनंद लेने के लिए न्यास ने शुल्क इतना अधिक रखा है कि आम आदमी व परिवार के लोग इसका आनंद ही नहीं ले सकेंगे। पहले तो प्रवेश टिकट के 200 रुपए देंगे और फिर यदि वाटर पार्क जाना है तो एक जने के 300 से 500 रुपए तक देने होंगे। ऐसे में इतना अधिक शुल्क वसूलने के चलते लोगों में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। शहर वासियों अनन्त जैन, विकास शर्मा,शैलेन्द्र सिंह , अमित राज का कहना है कि वाटर पार्क पब्लिक के पैसों से बनाया गया है। यह सरकारी है। इसकी इतनी अधिक रेट रखना न्याय संगत नहीं है। इसे शहर वासियों के लिए बनाया है। लेकिन इसका लाभ अन्य लोगों को दिया जा रहा है। शहर वासियों से भारी शुल्क वसूल किया जा रहा है जो गलत है। </p>
<p><strong>अधिकारियों ने किया ट्रायल व शुल्क तय</strong><br />कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने वाटर पार्क में पानी भरकर उसका ट्रायल किया। उसे कई बार खाली किया गया। साथ ही उसमें प्रवेश का शुल्क तय करने में भी समय लगा। जिसे कमेटी के माध्यम से अंतिम मोहर लगने के बाद फाइनल कर दिया गया। शुक्रवार को वाटर पार्क में बच्चों को नहलाकर फाइनल ट्रायल कर लिया गया। उसके बाद शनिवार से इसे शुरु भी किया जा रहा है। </p>
<p><strong>यह होगा चार्ज</strong><br />केडीए अधिकारियों के अनुसार रिवर फ्रंट में प्रवेश का शुल्क तो 200 रुपए है। उसके अलावा यदि कोई वाटर पार्क का आनंद लेना चाहता है तो उसके लिए अलग से शुल्क तय किया है। 4 फीट तक के बच्चों के लिए 300 रुपए और बड़ों के लिए 500 रुपए प्रति व्यक्ति टिकट होगा। साथ ही शनिवार, रविवार व राजकीय अवकाश के दिनों में दोनों वर्ग में 100-100 रुपए अतिरिक्त यानि 400 व 600 रुपए शुल्क देना होगा।  वहीं विद्यार्थियों को आईडी दिखाने पर 50 फीसदी की छूट दी जाएगी।  अधिकारियों  के अनुसार समूह में आने वालों के लिए भी शुल्क में छूट दी गई है। समूह में 20 सदस्य एक साथ आने पर सोमवार से शुक्रवार तक 10 फीसदी का डिस्काउंट दिया जाएगा। समूह में 40 सदस्य होने पर 25 फीसदी तक की छूट दी जाएगी। जबकि शनिवार व रविवार और राजकीय अवकाशों में कोई डिस्काउंट नहीं दिया जाएगा। </p>
<p><strong>लॉकर चार्ज भी रखा</strong><br />वाटर पार्क में आने वाले लोगों के सामान सुरक्षित रखने के लिए लॉकर की भी सुविधा दी गई है। लेकिन उसके लिए भी अलग से चार्ज देना होगा। जानकारी के अनुसार सिंगल लॉकर की फीस 100 रुपए और फेमिली लॉकर की 200 रुपए  है। जिसमें से आधा चार्ज कर शेष आधी राशि वापस लौटा दी जाएगी। यानि सिंगल लॉकर के 50 रुपए व फेमिली लॉकर के 100 रुपए चार्ज लगेंगे। </p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मामला</strong><br />गौरतलब है कि अभी तक भी वाटर पार्क शुरू नहीं होने का मामला दैनिक नवज्योति ने सबसे पहले उठाया था। समाचार पत्र में 21 मई को पेज 7 पर ‘गर्मी का आधा सीजन बीता,नहीं हुआ वाटर पार्क शुरु’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें गर्मी के सीजन में भी वाटर पार्क शुरु नहीं करने से यहां आने वाले लोगों को हो रही निराशा के बारे में जानकारी दी गई थी। उसके बाद से ही केडीए अधिकारियों ने इसे शुरु करने की तैयारी प्रारम्भ कर दी थी। वाटर पार्क में पानी भरकर उसका ट्रायल करने व कमेटी के माध्यम से इसका शुल्क तय किए। सभी तय व फाइनल होने के बाद आखिरकार शनिवार को इसे शुरु किया जा रहा है। </p>
<p>रिवर फ्रंट पर वाटर पार्क तो बना हुआ था लेकिन उसे शुरु करने में सुरक्षा के इंतजाम , पानी का ट्रायल और टिकट की राशि तय करने में समय लगा। शुक्रवार को इसका फाइनल ट्रायल हो गया। टिकट की राशि भी तय हो गई है। उसके बाद अब शनिवार से वाटर पार्क शुरु किया जा रहा है। जिससे लोग इसका आनंद ले सकेंगे।  वाटर पार्क के टिकट की राशि कमेटी ने तय की  है। <br /><strong>- कुशल कोठारी, सचिव, केडीए</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Jun 2024 13:02:04 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - ठिमली वासियों को पेयजल संकट से मिली मुक्ति</title>
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                        <![CDATA[मौके पर मौजूद ग्रामीणो ने बताया कि मोटर से सप्लाई होने से गांव में पेयजल की समस्या से राहत मिलेगी।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-news---subjectively--the-city-dwellers-get-relief-from-the-drinking-water-crisis/article-79987"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/asar-khabar-ka---thimli-vasiyo-ko-peyjal-sankat-s-mili-mukti...kapren,-bundi-news-31-05-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कापरेन। लंबे समय से पेयजल समस्या से परेशान नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड 20 ठिमली वासियों को पेयजल संकट से मुक्ति मिल गई है। उपखंड अधिकारी के निर्देश और ठिमली वासियों की मांग पर पालिका प्रशासन ने गुरुवार को गांव के समीप लगे मीठे पानी के हैंडपंप में ही सबमर्सिबल डालकर ग्रामीणो के लिए पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाई है। जिससे लोगो को गर्मी में पेयजल के लिए हैंडपंप से मशक्कत नही करनी पड़ेगी और  तेज धूप में घण्टो खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार नही करना पड़ेगा। भीषण गर्मी में ठिमली वासियों को पेयजल समस्या को लेकर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। उपखंड अधिकारी दीपक महावर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीणो एवं पालिका अधिशासी मनोज मालव से चर्चा की और ग्रामीणों से ही समस्या का सरल उपाय की जानकारी ली। ग्रामीणो द्वारा गांव के समीप ही लगे मीठे पानी के हैंडपंप में मोटर डालकर जलापूर्ति करवाने का सुझाव दिया जाने पर उपखंड अधिकारी के निर्देश पर त्वरित कार्यवाही करते हुए पालिका अधिशासी अधिकारी मनोज मालव ने पालिका के कनिष्ठ अभियंता गजेंद्र नागर को शीघ्र प्रपोजल तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं जलदाय विभाग इसके लिए एनओसी मांगी गई। जलदाय विभाग की कनिष्ठ अभियंता नरगिस खान ने एनओसी जारी कर ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति के लिए सबमर्सिबल व अन्य खर्च का प्रस्ताव बनाकर  पालिका को भेजा गया। पालिका अध्यक्ष हेमराज मेघवाल ,पार्षद दीपक धाभाई, विनोद कुमार मीणा ने ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए शीघ्र कार्यवाही को पूरा करवाने में सहयोग किया और गुरुवार को ग्रामीणो के सहयोग से मोटर डालकर पेयजल आपूर्ति शुरू करवाई। पेयजल आपूर्ति होने से ग्रामीणो में खुशी की लहर दौड़ गई। मौके पर मौजूद ग्रामीण रामचरण मीणा, मुकुट बिहारी, राजाराम, मनोज मीणा आदि ने बताया कि मोटर से सप्लाई होने से गांव में पेयजल की समस्या से राहत मिलेगी। अब ग्रामीण सुबह शाम मोटर चलाकर पेयजल भर सकेंगे और आवश्यकता होने पर हैंडपंप का भी उपयोग कर सकते हैं।  पालिकाध्यक्ष हेमराज मेघवाल, पार्षद दीपक धाभाई ,विनोद मीणा ने बताया कि गांव में पेयजल के लिए  वैकल्पिक सुविधा करवाई गई है। आने वाले समय में बडी पेयजल टँकी रखवाई जाने और उसमें पानी भरने की व्यवस्था को लेकर विचार किया जा रहा है। पेयजल के लिए सुबह व शाम को मोटर चलाने का समय निर्धारित कर ग्रामीणो को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिससे लोग पेयजल का उचित उपयोग करें। मोटर का भी रखरखाव उचित तरीके से हो। गांव में जलदाय विभाग द्वारा पेयजल आपूर्ति के लिए हांडया खेडा से पाइप लाइन डाली गई थी जो अवैध कनेक्शन व पाइप लाइन के क्षतिग्रस्त होने से करीब ढाई साल स्व बन्द पड़ी हुई है। ग्रामीणो का कहना है कि कई बार अवगत कराया जाने के बाद भी पाइप लाइन से पेयजल आपूर्ति सुचारू नही होने पर पालिका द्वारा गांव के समीप हैंडपंप लगाया गया है। हैंडपंप को छोड़कर गांव में कही भी मीठे पानी की व्यवस्था नही होने से ग्रामीणो को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब सबमर्सिबल मोटर डालने से गांव में पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी।</p>
<p>ग्रामीणों की मांग पर हैंडपंप में मोटर डालकर पेयजल की वैकल्पिक सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। थोड़ी ऊंचाई पर पेयजल टंकी रखने की भी योजना है। जिससे ग्रामीणों को गर्मी में पानी उपलब्ध होगा।  <br /><strong>- मनोज मालव, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका कापरेन। </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 May 2024 16:40:38 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - वन विभाग ने रामगढ़ टाइगर रिजर्व के बफर में बनी सड़क तोड़ी</title>
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                        <![CDATA[  जांच के नाम पर केवल पीडब्ल्यूडी को पत्र ही लिखे जा रहे हैं। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---forest-department-broke-the-road-built-in-the-buffer-of-ramgarh-tiger-reserve/article-78847"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(6)19.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। वन विभाग ने रामगढ़ टाइगर रिजर्व के बफर जोन में बनी सीसी सड़क का कुछ हिस्सा सोमवार रात तोड़ दिया है।  देर रात जाखमूंड रैंजर सहित वनकर्मी मौके पर पहुंचे और जेसीबी की मदद से करीब 25 से 35 फीट तक सड़क तोड़ दी है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है, हाथी के दांत दिखाने के कुछ और खाने के कुछ, इसी तर्ज पर वन विभाग काम कर रहा है। असल में यह कार्रवाई बुधवार को अरण्य भवन जयपुर में अतिरिक्त मुख्य सचिव अर्पणा अरोड़ा की अध्यक्षता में प्रदेश के सभी डीएफओ व सीसीएफ की बैठक होनी है। जिसमें यह मुद्दा सुर्खियों में रहेगा। ऐसे में बूंदी डीएफओ ने बैठक में जवाब देने के लिए एक दिन पहले देर रात यह कार्रवाई की है। </p>
<p><strong>कितनी वनभूमि में बनी सड़क, बता नहीं पा रहा विभाग</strong><br />वनक्षेत्र में सीसी सड़क बनने का मामला उजागर होने के बाद भी वन विभाग अब तक यह नहीं बता सका कि आखिर सड़क कितनी वन भूमि पर बनी है। जांच के नाम पर केवल पीडब्ल्यूडी को पत्र ही लिखे जा रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर न तो पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम 1980 के उल्लंघन का मामला दर्ज किया और न ही कोर्ट में इस्तगासा पेश किया। </p>
<p><strong>क्या था मामला </strong><br />डाबी रेंज में स्थित जाखमूंड वनखंड करीब 2276 हैक्टेयर में फैला जंगल है, जो राज्य सरकार से नोटिफाइड है और आरवीटीआर का बफर क्षेत्र है। इसमें रामपुरिया गांव बसा है। जिसे कोटा-बूंदी हाइवे से जोड़ने के लिए पीडब्ल्यूडी ने दो से ढाई किमी लंबी सड़क बना दी। जबकि, इसके लिए विभाग ने एफसीए-1980 के तहत भूमि डायवर्जन की कार्यवाही नहीं की और न ही वाइल्ड लाइफ क्लियरनेंस ली गई, जो वन संरक्षण अधिनियम 1980 का खुला उल्लंघन है।  यदि, पीडब्ल्यूडी द्वारा एफसीए की कार्यवाही की जाती तो इसकी जानकारी मुख्य संभागीय वन संरक्षक एवं फिल्ड निदेशक व उप वनसंरक्षक बूंदी को होती लेकिन, दोनों ही अधिकारियों ने वनक्षेत्र में सड़क निर्माण की जानकारी होने से इंकार कर दिया। ऐसे में सवाल उठता है कि पीडब्ल्यूडी ने वनभूमि पर किसकी परमिशन से सड़क बना दी।</p>
<p> सड़क जितनी वन भूमि में आ रही होगी, उतनी तोड़ी जाएगी। सोमवार देर रात सड़क का कुछ हिस्सा तो तोड़ दिया है। हालांकि, रामपुरिया गांव के कुछ ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।<br /><strong>- वीरेंद्र सिंह कृष्णिया, डीएफओ बूंदी वनमंडल</strong></p>
<p>फोरेस्ट लैंड में बनी सड़क जेसीबी की मदद से तोड़ी है। चार से पांच जगहों से सड़क खोदकर खुर्द-बुर्द किया है। कार्रवाई जारी रहेगी। <br /><strong>- हेमराज, रैंजर जाखमूंड रैंज, वन मंडल बूंदी</strong></p>]]>
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                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 May 2024 13:05:38 +0530</pubDate>
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