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                <title>Indian Army - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Indian Army RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राष्ट्रीय संकट से निपटने की तैयारियों को लेकर गुवाहाटी में रेलवे एवं सेना का संयुक्त युद्धाभ्यास, दोहरे उपयोग वाले बुनियादी ढांचे के विकास पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[गुवाहाटी में भारतीय सेना की पूर्वी कमान और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने राष्ट्रीय आपात स्थितियों के लिए परिदृश्य नियोजन अभ्यास किया। इसका उद्देश्य रणनीतिक क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। दोहरे उपयोग वाले बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया गया, जिससे लॉजिस्टिक्स मजबूत होगा और सरकारी व्यय में बचत होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/exercise-between-railways-and-army-in-guwahati-regarding-preparations-to/article-147133"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/assam.png" alt=""></a><br /><p>गुवाहाटी। पूर्वोत्तर क्षेत्र को कवर करने वाली भारतीय सेना की सबसे बड़ी कमान पूर्वी कमान मुख्यालय और एरिया 101 ने गुवाहाटी में बुधवार को एक उच्च स्तरीय परिदृश्य नियोजन अभ्यास सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में भारतीय सेना के साथ पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे एनएफआर के वरिष्ठ अधिकारी थे, जिससे राष्ट्रीय आपात स्थितियों से निपटने के लिए समन्वय और तत्परता को बढ़ाया जा सके।इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों संगठनों की आपसी ताकतों को समझना और उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करना था। </p>
<p>इसका प्राथमिक लक्ष्य परिचालन तंत्रों को इस प्रकार संरेखित करना था, जिससे किसी भी राष्ट्रीय संकट के दौरान विशेष रूप से रणनीतिक रूप से संवेदनशील पूर्वी सेक्टर में एक त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने परिचालन तत्परता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न संभावित परिदृश्यों पर विचार विमर्श किया। इसमें दोहरे उपयोग वाले बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया गया, जो न केवल लॉजिस्टिक्स क्षमताओं को मजबूत करेगा, बल्कि संसाधनों के साझा उपयोग के माध्यम से सरकारी व्यय में भी उल्लेखनीय बचत सुनिश्चित करेगा। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे, पूर्वी कमान और सेना मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को बेहतर बनाने के लिए अपने विचार और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां साझा कीं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 11:32:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड के चौबट्टिया में 24 फरवरी से शुरू होगा भारत-जापान संयुक्त सैन्य अभ्यास धर्म गार्डियन 2026, शहरी युद्ध और आतंकवाद-रोधी अभियानों को मिलेगा बढ़ावा </title>
                                    <description><![CDATA[भारत और जापान के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास 'धर्म गार्डियन' का सातवां संस्करण 24 फरवरी से उत्तराखंड के चौबट्टिया में शुरू होगा। इसका उद्देश्य शहरी युद्ध और आतंकवाद-रोधी अभियानों में तालमेल बढ़ाना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/india-japan-joint-military-exercise-will-start-from-february-24-in/article-144222"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/india-and-japan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत और जापान के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास धर्म गार्डियन 2026 का सातवां संस्करण 24 फरवरी से नौ मार्च तक उत्तराखंड के चौबट्टिया में आयोजित किया जाएगा। यह अभ्यास प्रतिवर्ष बारी-बारी से भारत और जापान में किया जाता है। अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय ने एक्स पर बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त शहरी युद्ध और आतंकवाद-रोधी अभियानों के दौरान दोनों सेनाओं के बीच परस्पर संचालन क्षमता को बढ़ाना है।  </p>
<p>पोस्ट के अनुसार दो सप्ताह के दौरान सैनिक संयुक्त योजना निर्माण को परिष्कृत करेंगे, सामरिक अभ्यासों का समन्वय करेंगे और विशेष युद्ध कौशल का अभ्यास करेंगे। प्रमुख गतिविधियों में अस्थायी ऑपरेटिंग बेस की स्थापना, आईएसआर ग्रिड विकसित करना, मोबाइल चेक पोस्ट, घेराबंदी और तलाशी अभियान, हेलिबोर्न मिशन और हाउस इंटरवेंशन ड्रिल शामिल हैं।  </p>
<p>धर्म गार्डियन 2026 भारत-जापान रक्षा साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। अभ्यास का छठा संस्करण 2025 में जापान के ईस्ट फुजी मैनोवर ट्रेनिंग एरिया में आयोजित हुआ था। भारतीय दल में 120 कर्मी शामिल थे, जिनका प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से मद्रास रेजिमेंट की एक बटालियन तथा अन्य हथियारों और सेवाओं के जवानों ने किया था। </p>
<p>जापानी दल समान संख्या में था और उसका प्रतिनिधित्व जापान ग्राउंड आत्मरक्षा बल की 34वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट ने किया था। इससे पहले, पांचवां संस्करण 2024 में राजस्थान में आयोजित किया गया था। रक्षा मंत्रालय ने पहले जारी बयान में कहा था कि संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत शहरी युद्ध और आतंकवाद-रोधी अभियानों में दोनों सेनाओं की परस्पर काम करने की क्षमता बढ़ाना इस अभ्यास का प्रमुख उद्देश्य है। </p>
<p>पिछले एक दशक में भारत-जापान रक्षा सहयोग में निरंतर मजबूती आई है, जिसे उच्चस्तरीय संवाद, रक्षा नीति संवाद, 2 2 मंत्रिस्तरीय और वार्षिक रक्षा मंत्रिस्तरीय बैठक जैसे संस्थागत तंत्रों से बल मिला है। टोक्यो घोषणा और रक्षा सहयोग एवं आदान-प्रदान पर समझौता ज्ञापन ने इस साझेदारी को रणनीतिक दिशा प्रदान की है।  </p>
<p>सितंबर 2020 में हुए पारस्परिक आपूर्ति एवं सेवाओं के प्रावधान संबंधी समझौते ने सहयोग को नयी गति दी, जिसे मिलान-2022 के दौरान लागू किया गया और इससे अभ्यासों तथा जहाजों एवं विमानों की यात्राओं के दौरान लॉजिस्टिक्स सहयोग सुगम हुआ। रक्षा उपकरण, प्रौद्योगिकी और सेवा-सेवा सहयोग में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। संयुक्त कार्य समूह अब तक सात बैठकें कर चुका है, जबकि उद्योग-से-उद्योग संपर्क भी लगातार बढ़ रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 12:44:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वायु सेना को मिलेंगे 114 राफेल विमान, 3.60 लाख करोड़ के रक्षा सौदों को मंजूरी </title>
                                    <description><![CDATA[फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की अगले सप्ताह की भारत यात्रा से पहले सरकार ने वायु सेना के लिए फ्रांस से अतिरिक्त बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान राफेल की दो दशक से भी अधिक समय से लटकी पड़ी खरीद के प्रस्ताव को गुरुवार को हरी झंडी दिखा दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/air-force-will-get-114-rafale-aircraft-defense-deals-worth/article-142985"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(20).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की अगले सप्ताह की भारत यात्रा से पहले सरकार ने वायु सेना के लिए फ्रांस से अतिरिक्त बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान राफेल की दो दशक से भी अधिक समय से लटकी पड़ी खरीद के प्रस्ताव को गुरुवार को हरी झंडी दिखा दी। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में 3.60 लाख करोड़ रुपए की लागत से राफेल लड़ाकू विमानों के साथ-साथ नौसेना के लिए आठ पी- 8 आई टोही विमानों, मिसाइलों तथा स्यूडो सेटेलाइट की खरीद को भी मंजूरी दी गई।</p>
<p><strong>इन रक्षा सौदों को भी दी मंजूरी :</strong></p>
<p>उल्लेखनीय है कि रक्षा खरीद बोर्ड ने पिछले महीने ही करीब सवा तीन लाख करोड़ रुपए की लागत से फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान की खरीद को मंजूरी दी थी। अभी वायु सेना के पास 36 राफेल लड़ाकू विमान हैं। मंत्रालय ने बताया कि परिषद की बैठक में सेना के लिए टैंक रोधी सुरंगों (वैभव) और टी-72 टैंकों तथा इंफेन्ट्री के लिए युद्धक वाहनों की खरीद को भी मंजूरी दी गई है।</p>
<p><strong>विमान भारत में ही बनाए जाएंगे :</strong></p>
<p>राफेल विमान की खरीद से संबंधित प्रस्ताव को अब केन्द्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति में भी मंजूरी दी जाएगी। सूत्रों के अनुसार इस सौदे में वायु सेना को 18 विमान पूरी तरह तैयार मिलेंगे जबकि शेष 96 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे और इनमें से कुछ विमान दो सीटों वाले भी होंगे जिनका इस्तेमाल पायलटों को प्रशिक्षण में किया जाएगा।</p>
<p><strong>परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम : </strong></p>
<p> फ्रांस की डसॉल्ट एविऐशन द्वारा बनाया जाने वाला राफेल एक अत्याधुनिक बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है जो हवा से हवा और हवा से जमीनी हमलों के साथ साथ निगरानी मिशन चलाने तथा परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। इस विमान को अत्याधुनिक मिसाइलों मेटियोर तथा स्कैल्प क्रूज से लैस रहता है और दूर से ही मार करने में सक्षम है। राफेल को विमानवाहक पोत से भी संचालित किया जा सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 10:55:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब 'Four Stars of Destiny' को लेकर लोकसभा में राहुल गांधी का बड़ा दावा: अमेजन पर बिक रही है किताब, सच्चाई छिपाने का लगाया आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की किताब का हवाला देकर सरकार पर सच्चाई छिपाने का आरोप लगाया, जबकि कथित सर्कुलेशन पर दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू की मामला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhis-big-claim-in-lok-sabha-regarding-manoj-mukund/article-142566"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(1)8.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे की किताब का हवाला देते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और 'पेंग्विन' के बहाने सच्चाई छिपाने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने किताब को लेकर दावा किया कि किताब अमेज़न पर उपलब्ध है और सरकार जो छिपाने की कोशिश कर रही है, वह सबके सामने है। इसके आगे राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, आखिर जनरल मनोज मुकुंद नरवणे जी की किताब 'Four Stars of Destiny' में ऐसा क्या लिखा है, जिससे केंद्र सरकार के लोग इतना घबरा रहे हैं कि मुझे पढ़ने ही नहीं दे रहे हैं।</p>
<p>इसके आगे विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, जनरल मनोज मुकुंद नरवणे जी ने अपनी किताब में केंद्र सरकार के बारे में साफ-साफ लिखा है। मैं उसी आर्टिकल को Quote कर रहा हूं, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है। पूरी केंद्र सरकार डरी हुई है कि अगर नरवणे जी की किताब सामने आ गई, तो उनकी असलियत देश को पता चल जाएगी कि जब चीन हमारी तरफ आ रहा था- तो 56 इंच की छाती को क्या हुआ था? </p>
<p>आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस ने अब पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे (रिटायर्ड) की किताब के कथित सर्कुलेशन की जांच के लिए केस दर्ज किया है क्योंकि पब्लिकेशन हाउस पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने ये साफ साफ कह दिया है कि किताब अभी तक पब्लिश ही नहीं हुई है तो फिर ये अमेजन पर कैसे बिक सकती है।</p>
<p>पेंग्विन इंडिया कह रहा है कि जनरल नरवणे की ‘अप्रकाशित किताब’ को प्रसारित करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करेंगे। बता दें कि दिसंबर 2023 में खुद पेंग्विन और जनरल नरवणे ने किताब पब्लिश होने की सूचना शेयर की थी, जिसमें किताब खरीदने की सिफारिश की गई थी। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:14:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्तव्य पथ पर दिखी सेना की रणभूमि व्यूह रचना 'बैटल एरे' की दुर्लभ झलक, ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का मनाया जश्न  </title>
                                    <description><![CDATA[77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर भारतीय सेना ने पहली बार ‘बैटल एरे’ रणभूमि व्यूह रचना प्रदर्शित की, ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और आधुनिक युद्ध क्षमता का प्रदर्शन हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/rare-glimpse-of-armys-battlefield-formation-battle-array-seen-on/article-140883"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/parade.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में  पहली बार सेना की रणभूमि व्यूह रचना यानी 'बैटल एरे' की दुर्लभ झलक दिखी और इस दौरान भारतीय सेना ने सशक्त एवं भविष्य के किसी भी तरह के युद्ध के लिए तैयार अपने स्वरूप का प्रदर्शन किया। भारतीय सेना ने 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर सोमवार को यहां आयोजित समारोह के दौरान जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले के गुनाहगारों के खिलाफ पाकिस्तान में बैठे आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गये ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाया। इसके अंतर्गत सेना के जवान पहली बार एक विशिष्ट और अनोखी रणभूमि व्यूह रचना बैटल एरे फार्मेशन में दिखाई दिये। इस दौरान आए हुए दर्शकों को आधुनिक युद्धक्षेत्र में एकीकृत,नेटवर्क-सक्षम और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी से लैस बल के रूप में सेना की तैनाती और युद्ध प्रणाली की दुर्लभ झलक देखने को मिली।</p>
<p>इस साल कर्तव्य पथ पर सेना की झांकी में एक एकीकृत संचालन केंद्र को प्रदर्शित किया गया जिसने सुदर्शन चक्र के सुरक्षा कवच के अंतर्गत संयुक्त योजना, सटीक लक्ष्य निर्धारण और वायु रक्षा को दर्शाया, तथा यह बताया कि आधुनिक युद्धों की योजना कैसे तैयार की जाती है और क्रियान्वयन वास्तविक समय में कैसे किया जाता है।</p>
<p>परेड के इतिहास में पहली बार भारतीय सेना के मार्चिंग और यांत्रिक कॉलम को युद्ध-केंद्रित आक्रामक फार्मेशन में संगठित किया गया और दिखाया गया कि सैन्य अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों का उपयोग किस क्रम में किया जाता है। 'बैटल एरे' एक तैयार, सक्षम और त्वरित जवाबी कार्रवाई वाली भारतीय सेना को प्रतिबिंबित करता है, जिसमें खुफिया, निगरानी और टोही तत्त्व, यांत्रिक बल, विमानन संसाधन, स्पेशल फोर्स, तोपखाना, वायु रक्षा और लॉजिस्टिक्स को एक सुसंगठित संचालन ढांचे में कैसे एकीकृत किया गया है।</p>
<p>यह व्यूह रचना डेटा-केंद्रित अभियानों, लंबी दूरी की सटीक मारक प्रणालियों और स्वदेशी प्लेटफार्मों के माध्यम से शत्रु क्षेत्र में गहराई तक निगरानी, निर्णय लेने और प्रहार करने की भारतीय सेना की क्षमता को दर्शाती है। साथ ही बहुस्तरीय वायु रक्षा कवच द्वारा पूर्ण सुरक्षा भी सुनिश्चित करती है।</p>
<p>बैटल एरे ऑपरेशन सिंदूर की उल्लेखनीय सफलता का जश्न था जो भारतीय सेना की युद्ध तत्परता, सहयोगी सेवाओं के साथ एकजुटता तथा आत्मनिर्भर भारत के तहत विकसित स्वदेशी प्रणालियों पर बढ़ती निर्भरता को रेखांकित करता है। रणभूमि व्यूह रचना में टी-90 भीष्म और अर्जुन मुख्य युद्धक टैंक, बीएमपी-ढ्ढढ्ढ सारथ और नामिस-ढ्ढढ्ढ मिसाइल सिस्टम, एएलएच ध्रुव, रुद्र, अपाचे एएच-64ई और एलसीएच प्रचंड सहित विमानन संसाधन, एटैग्स, धनुष, सूर्यास्त्र, ब्रह्मोस सहित लंबी दूरी का तोपखाना तथा मिसाइल प्रणालियां और आकाश तथा मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल एम आर सैम वायु रक्षा प्रणालियां शामिल थीं।</p>
<p>इसके अलावा कई प्लेटफॉर्म और इकाइयां पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुईं जो सेना के तेजी से हो रहे आधुनिकीकरण और तकनीकी परिवर्तन को प्रदर्शित करती हैं।  इनमें भैरव बटालियन, शक्तिबाण रेजिमेंट और दिव्यास्त्र बैटरी, एडवांस्ड टोइड आर्टिलरी गन सिस्टम- 155 मिमी, लंबी दूरी की प्रहार क्षमता वाला यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम, मानव रहित जमीनी वाहन, रोबोटिक डॉग, ड्रोन और लोइटरिंग म्यूनिशन से सुसज्जित युद्धक प्लेटफॉर्म और विशेष रूप से प्रशिक्षित बैक्ट्रियन ऊँट, जांस्कर टट्टू, शिकारी पक्षी और स्वान शामिल हैं।</p>
<p>परेड में सेना की छह मार्चिंग टुकड़यिों ने हिस्सा लिया जिनमें संचालन भूमिका में मिश्रित स्काउट टुकड़ी, राजपूत रेजिमेंट, असम रेजिमेंट, जम्मू एवं कश्मीर लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट, रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी और भैरव बटालियन टुकड़ी शामिल थीं। इनके साथ नौसेना, वायुसेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और दिल्ली पुलिस की टुकड़यिां भी शामिल हुईं। इस साल परेड में कुल 6,065 सैनिक शामिल हुए और इसका नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार ने किया। परेड में 12 सैन्य बैंड और आठ पाइप बैंड भी शामिल हुए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Jan 2026 14:45:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>MI-17 हेलीकॉप्टरों के हवाई प्रदर्शन, वीरता पुरस्कार विजेताओं के साथ 77वें गणतंत्र दिवस का आगाज</title>
                                    <description><![CDATA[77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर ‘ध्वज’ हवाई फॉर्मेशन का शानदार प्रदर्शन हुआ। एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने तिरंगा और तीनों सेनाओं के ध्वज लहराए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/77th-republic-day-begins-with-gallantry-award-winners-in-aerial/article-140886"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/air.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राजधानी में कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का भव्य आगाज 'ध्वज' फॉर्मेशन के शानदार हवाई प्रदर्शन के साथ हुआ। 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार एमआई-17 वी4 हेलीकॉप्टरों ने उल्टे 'वाई' के आकार में उड़ान भरते हुए आकाश में तिरंगा और तीनों सेनाओं के ध्वज लहराए।</p>
<p>इस विशेष फॉर्मेशन का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत ने किया, जो राष्ट्रीय ध्वज लेकर चल रहे थे। उनके साथ डिप्टी फॉर्मेशन लीडर विंग कमांडर आशुतोष खंडूरी ने भारतीय सेना का ध्वज, विंग कमांडर अभिषेक मल्होत्रा ने भारतीय नौसेना और विंग कमांडर अभिषेक शुक्ला ने भारतीय वायु सेना का ध्वज थाम रखा था।</p>
<p>गणतंत्र दिवस परेड का नेतृत्व परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार, जनरल ऑफिसर कमांडिंग (दिल्ली क्षेत्र) ने संभाली। उनके साथ डिप्टी परेड कमांडर मेजर जनरल नवराज ढिल्लों, चीफ ऑफ स्टाफ (दिल्ली क्षेत्र मुख्यालय) मौजूद थे। परेड की परंपरा के अनुसार, परेड कमांडर के पीछे देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार विजेता चल रहे थे। इनमें परमवीर चक्र और अशोक चक्र से सम्मानित सैन्य अधिकारी और जवान शामिल थे।</p>
<p>परमवीर चक्र विजेताओं में सूबेदार मेजर (मानद कप्तान) योगेंद्र सिंह यादव पीवीसी और सूबेदार मेजर संजय कुमार पीवीसी ने गौरव के साथ उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं अशोक चक्र विजेताओं में मेजर जनरल सी.ए. पीठावालिया और कर्नल डी. श्रीराम कुमार शामिल थे, जिनका राष्ट्र ने तालियों की गडग़ड़ाहट के साथ स्वागत किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Jan 2026 14:22:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>77th Republic Day 2026: नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे पीएम मोदी, शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि</title>
                                    <description><![CDATA[भारत आज 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गौरव के साथ मना रहा है। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/77th-republic-day-2026-pm-modi-reached-national-war-memorial/article-140851"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(24).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत आज 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गौरव के साथ मना रहा है। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगी और परेड की सलामी लेंगी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>
<p>इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह की थीम ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ रखी गई है, जो देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को दर्शाती है। परेड में भारत की सांस्कृतिक विविधता, लोकतांत्रिक मूल्यों, ऐतिहासिक विरासत और सैन्य शक्ति का भव्य प्रदर्शन देखने को मिलेगा। विभिन्न राज्यों की झांकियां और सशस्त्र बलों की टुकड़ियां देश की विकास यात्रा की झलक पेश करेंगी।</p>
<p>इस बार गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन हैं, जो भारत-यूरोप संबंधों की मजबूती का प्रतीक हैं।</p>
<p>इसके साथ ही लाल किले पर 26 से 31 जनवरी तक ‘भारत पर्व’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश की सांस्कृतिक, कलात्मक और पर्यटन विरासत का उत्सव मनाया जाएगा। गणतंत्र दिवस का यह अवसर भारतीय संविधान और लोकतंत्र की शक्ति को स्मरण करने का दिन है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Jan 2026 10:24:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राष्ट्रपति मुर्मु, पीएम मोदी और राजनाथ सिंह ने दी सेना दिवस पर सैन्यकर्मियों तथा उनके परिजनों को शुभकामनाएं</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति मुर्मु और पीएम मोदी ने 78वें सेना दिवस पर जवानों के साहस को सलाम किया। मुख्य समारोह का आयोजन इस बार जयपुर में हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/president-murmu-pm-modi-and-rajnath-singh-greeted-military-personnel/article-139662"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/modi3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रपति और तीनों सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 78 वें सेना दिवस पर सेना के जवानों, अधिकारियों और उनके परिवारजनों को शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति मुर्मु ने गुरुवार को अपने संदेश में कहा, सेना दिवस पर हमारे बहादुर सैनिकों, सेवानिवृत  सैनिकों और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई। भारतीय सेना हमारे देश की एकता, संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करने में दृढ़ है। हमारे सैनिक हमारी सीमाओं की रक्षा करते हैं और आपदाओं और मानवीय संकटों के दौरान जरूरी मदद देते हैं। आपकी अटूट राष्ट्र प्रथम भावना हर भारतीय को प्रेरित करती रहती है।</p>
<p>पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा, सेना दिवस पर हम भारतीय सेना के साहस और दृढ़ प्रतिबद्धता को सलाम करते हैं। हमारे सैनिक निस्वार्थ सेवा का प्रतीक हैं, जो सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प के साथ देश की रक्षा करते हैं। प्रधानमंत्री ने कर्तव्य की वेदी पर सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, हम उन लोगों को गहरे सम्मान के साथ याद करते हैं जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की कर्तव्यनिष्ठा पूरे देश में विश्वास और कृतज्ञता की भावना पैदा करती है।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने सेना दिवस के गौरवशाली अवसर पर भारतीय सेना के बहादुर जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दी हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि देश भारतीय सेना के अदम्य साहस, सर्वोच्च बलिदान और देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए अटूट प्रतिबद्धता को सलाम करता है। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेना, जो सीमाओं पर हमेशा सतर्क रहती है और संकट के समय में अडिग रहती है, ने अपने पेशेवर अंदाज, अनुशासन और मानवीय सेवा के जरिए दुनिया भर में सम्मान कमाया है। उन्होंने एक आधुनिक, आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार सेना बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि एक आभारी देश अपने सैनिकों के लिए गर्व और सम्मान में एकजुट है।</p>
<p>गौरतलब है कि, फील्ड मार्शल के एम करिअप्पा के 1949 में भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बनने के उपल्क्ष में हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। इस दिन भारतीय सेना की बहादुरी और बलिदानों का सम्मान करने के लिए पूरे देश में परेड, माल्यार्पण समारोह और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष मुख्य समारोह जयपुर में आयोजित किया गया है जिसमें रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति हिस्सा ले रहे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Jan 2026 14:22:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दुश्मन देशों की उड़ने वाली है नींद, सशस्त्र बलों की क्षमता बढाने के लिए 79,000 करोड़ रुपये के रक्षा सौदों को मिली मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा खरीद परिषद (DAC) ने सशस्त्र बलों के लिए ₹79,000 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी दी। इसमें पिनाका रॉकेट सिस्टम, स्वदेशी ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम (IDDIS), अस्त्र मिसाइलें और आर्टिलरी के लिए आधुनिक हथियारों की खरीद शामिल है, जो सेना की मारक क्षमता को बढ़ाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/under-the-chairmanship-of-union-defense-minister-rajnath-singh-defense/article-137640"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/rajnaht-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाने के लिए 79,000 करोड़ रुपये के रक्षा खरीद सौदों के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को हुई रक्षा खरीद परिषद की बैठक में तीनों सेनाओं के लिए आवश्यकता के आधार पर खरीद के इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी। </p>
<p>रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस वर्ष की अंतिम बैठक में मंजूर किये गये इन खरीद सौदों की कुल अनुमानित लागत लगभग 79,000 करोड़ रुपये है और इनमें सेना की तोपखाना रेजिमेंट के लिए लॉयटर म्यूनिशन सिस्टम, लो लेवल लाइट वेट रडार, पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम के लिए लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेट एम्युनिशन तथा इंटीग्रेटेड ड्रोन डिटेक्शन एंड इंटरडिक्शन सिस्टम (IDDIS) मार्क-2 की खरीद को मंजूरी दी गई।</p>
<p>बैठक में नौसेना के लिए बोलार्ड पुल टग्स, हाई फ्रीक्वेंसी सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो मैनपैक तथा हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग रेंज रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम को लीज पर लेने के प्रस्तावों को आवश्यकता पर खरीद की स्वीकृति प्रदान की गई। वायु सेना के लिए ऑटोमैटिक टेक-ऑफ लैंडिंग रिकॉर्डिंग सिस्टम, अस्त्र मार्क-(IDDIS) मिसाइलें, फुल मिशन सिम्युलेटर तथा स्पाइस-1000 लॉन्ग रेंज गाइडेंस किट्स आदि की खरीद को आवश्यकता की स्वीकृति दी गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 16:10:08 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>2025 का लेखा-जोखा : जख्म, जवाब और जीत के बीच बदलता देश </title>
                                    <description><![CDATA[वर्ष 2025 में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए आतंकवाद पर निर्णायक प्रहार किया। 22 अप्रैल के पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए 6-7 मई की रात भारतीय सेना ने पीओके और पाकिस्तान स्थित नौ आतंकी ठिकानों को मिसाइल व ड्रोन से ध्वस्त कर दिया। यह मिशन भारत की अदम्य सैन्य शक्ति का प्रतीक बना।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/account-of-2025-a-country-changing-between-wounds-answers-and/article-137564"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/opration-sindoor.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। जाते-जाते 2025 भारत के सामने ऐसा आईना रख गया, जिसमें दर्द की परछाइयां भी हैं और आत्मविश्वास की चमक भी। यह साल आतंकी हमलों, बड़े हादसों और जलवायु चेतावनियों के जख्म देकर गया, तो वहीं निर्णायक जवाबों, राष्ट्रीय संकल्प और ऐतिहासिक उपलब्धियों की जीत भी लिख गया। 2025 ने यह साफ कर दिया कि भारत केवल संकट झेलने वाला देश नहीं, बल्कि संकटों के बीच खड़ा होकर रास्ता बनाने वाला राष्ट्र है... हालांकि कुछ सवाल और चिंताएं अगले साल भी साथ बनी रहेंगी...</p>
<p><strong>ऑपरेशन सिंदूर: सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई</strong></p>
<p>ऑपरेशन सिंदूर 6-7 मई 2025 की रात को हुआ था, जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पंजाब में आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे, जो 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में था। </p>
<p> कब: 6-7 मई 2025 की रात (लगभग 1:05 से 1:30 बजे के बीच)।<br /> क्यों: 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में, जिसमें कई भारतीय नागरिक मारे गए थे।<br /> क्या किया: भारतीय सशस्त्र बलों ने पीओके और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 9 आतंकवादी शिविरों और ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें कई ठिकानों को नष्ट कर दिया गया।<br /> उद्देश्य: सीमा पार आतंकवाद को खत्म करना और भारत की सैन्य क्षमता दिखाना।<br /> नाम का मतलब: पहलगाम हमले में कई सुहागिनों के सिंदूर उजड़ने के कारण इस ऑपरेशन को सिंदूर नाम दिया गया, ताकि आतंकवादियों को जवाब दिया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 11:39:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जम्मू के बारामूला में कई गुब्बारों से बंधा पाकिस्तानी झंडा बरामद, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[जम्मू-कश्मीर के बारामूला में सेना ने पाकिस्तान के झंडे लगे दस गुब्बारे बरामद किए हैं। मंगलवार शाम खदिनायार की पहाड़ियों पर गश्त के दौरान ये गुब्बारे मिले। सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं कि ये सीमा पार से आए हैं या स्थानीय स्तर पर उड़ाए गए थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pakistani-flag-tied-to-several-balloons-recovered-in-baramulla-jammu/article-137031"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/pakistani-ballon.png" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में सेना ने ऐसे लगभग दस गुब्बारे पकड़े हैं जिन पर पाकिस्तान का झंड़ा बंधा हुआ था। अधिकारियों ने बुधवार को इस घटना की जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार शाम बारामूला के खदिनायार क्षेत्र में एक पहाड़ी पर ये गुब्बारे पाए गए। इन्हें नियमित गश्त के दौरान सेना के जवानों ने देखा। सेना ने तत्काल गुब्बारों और झंडे को अपने कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है।</p>
<p>सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की गहनता से जांच कर रही हैं कि क्या ये गुब्बारे नियंत्रण रेखा के पार से आए हैं जो बरामदगी स्थल से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित है, या फिर इन्हें स्थानीय स्तर पर कहीं से उड़ाया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 14:17:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में भीषण हादसा, बारुदी सुरंग विस्फोट में एक जवान शहीद</title>
                                    <description><![CDATA[जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में ट्रेहगाम सेक्टर में बारुदी सुरंग विस्फोट में सेना के हवलदार जुबैर अहमद शहीद हो गए। गंभीर रूप से घायल जवान ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सेना की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/a-soldier-martyred-in-a-horrific-accident-in-a-landmine/article-136123"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/jammu-kashmir-lanmine.png" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में बारुदी सुरंग विस्फोट में सेना एक जवान के शहीद होने की खबर सामने आ रही है। इस हादसे के बारे में अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह घटना सोमवार को ट्रेहगाम सेक्टर के पुताहा खान गली में हुई, जहां 13 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के हवलदार जुबैर अहमद बारुदी सुरंग विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हो गए थे।</p>
<p>इसके आगे उन्होंने बताया कि घायल जवान को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान जवान ने दम तोड़ दिया। फिलहाल, सेना ने इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Dec 2025 13:18:51 +0530</pubDate>
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