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                <title>Sports Council - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Sports Council RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>खेल परिषद की डेढ़ साल में कमाई 10 करोड़ से ज्यादा, फिर भी पेंशन के लिए भटक रहे हैं कर्मचारी, विभाग ने कहा- अपनी कमाई से करें भुगतान</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान खेल परिषद ने पिछले करीब डेढ़ साल में 10 करोड़ रुपए से अधिक का शुद्ध मुनाफा कमाया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/the-sports-council-earned-more-than-10-crores-in-one/article-123649"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oer-(1)8.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान खेल परिषद ने पिछले करीब डेढ़ साल में 10 करोड़ रुपए से अधिक का शुद्ध मुनाफा कमाया है। बावजूद इसके परिषद के 188 सेवानिवृत्त कर्मचारी पिछले दो महीनों से पेंशन से वंचित हैं, जबकि तीसरा महीना भी आधा बीत चुका है। हालात से परेशान इन कर्मचारियों ने गुरुवार को सचिवालय से लेकर खेल परिषद के दफ्तर तक अपनी पीड़ा व्यक्त की और परिषद अध्यक्ष के नाम ज्ञापन सौंपकर शीघ्र पेंशन भुगतान व स्थाई समाधान की मांग की।</p>
<p><strong>188 कर्मचारियों को होता है 78 लाख रुपए भुगतान :</strong></p>
<p>राजस्थान खेल परिषद कर्मचारी संघ के अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ के अनुसार वर्तमान में राजस्थान खेल परिषद से 188 रिटायर कर्मचारी पेंशन लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इन्हें प्रतिमाह करीब 78 लाख रुपए की राशि का भुगतान किया जाता है। मौजूदा वर्ष के अंत तक करीब 12 कर्मचारी और रिटायर होंगे और पेंशनधारियों की संख्या 200 हो जाएगी। ऐसे हुई 10 करोड़ की इनकम राजस्थान खेल परिषद ने पिछले डेढ़ साल में ही सभी खर्च निकालकर दस करोड़ से ज्यादा शुद्ध मुनाफा कमाया है। इसमें दो आईपीएल सीजन के 12 मैचों से मिली राशि के साथ स्वीमिंग पूल, एसएमएस स्टेडियम के मेन ग्राउण्ड, एकेडमी ग्राउण्ड, इंडोर स्टेडियम, बैडमिंटन इंडोर हॉल और अन्य खेल मैदानों की बुकिंग से हुई इनकम शामिल है।</p>
<p><strong>विभाग का निर्देश :</strong></p>
<p>खेल विभाग की शासन उप सचिव अनीता मीणा ने परिषद सचिव को लिखे पत्र में स्पष्ट किया कि वित्त विभाग की टिप्पणी के अनुसार सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन का भुगतान परिषद की निजी आय से किया जाए। साथ ही यह भी पूछा गया है कि पेंशन अंशदान की कटौती कब, क्यों और किन नियमों के तहत बंद की गई तथा क्या इसके लिए वित्त विभाग से सहमति ली गई थी।</p>
<p><strong>निदेशालय को लेकर आशंका :</strong></p>
<p>खेल निदेशालय बनाने की घोषणा के बाद परिषद के वर्तमान और रिटायर्ड दोनों वर्ग के कर्मचारी भविष्य को लेकर आशंकित हैं। राठौड़ का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं है कि कर्मचारियों को निदेशालय में समायोजित किया जाएगा या नहीं। यदि नहीं, तो निदेशालय बनने के बाद उनकी समस्याएं कौन सुनेगा, यह बड़ा सवाल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Aug 2025 11:02:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्टेडियम में नए निर्माण को लेकर खेल परिषद ने राजस्थान रॉयल्स को लिखा पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद ने आईपीएल-2025 के मैचों के आयोजन से पूर्व एमएमएस स्टेडियम के साउथ ब्लॉक में करवाए गए घटिया नवीनीकरण और निर्माण कार्य पर राजस्थान रॉयल्स को पत्र लिखकर सही करवाने की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/sports-council-wrote-a-letter-to-rajasthan-royals-regarding-new/article-122055"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/ne1ws-(5).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद ने आईपीएल-2025 के मैचों के आयोजन से पूर्व एमएमएस स्टेडियम के साउथ ब्लॉक में करवाए गए घटिया नवीनीकरण और निर्माण कार्य पर राजस्थान रॉयल्स को पत्र लिखकर सही करवाने की मांग की है।</p>
<p>राजस्थान राज्य क्रीडा परिषद के सचिव राजेन्द्र सिंह ने राजस्थान रॉयल्स के उपाध्यक्ष राजीव खन्ना को पत्र लिखकर निर्माण कार्यों की कमियों को उजागर किया। उन्होंने पत्र में लिखा कि ग्राउंड फ्लोर पर बने हॉल एवं खिलाड़ियों के दोनों ड्रेसिंग रूमों में डक्टिंग के  माध्यम से पानी फर्श पर भर रहा है। प्रथम तल पर बने हॉल की फॉल सीलिंग गिर चुकी है एवं उस पर लगी सभी लाइटें लटक रही है एवं वुडन फ्लोर भी पूरी तरह खराब हो चुका है।</p>
<p>साथ ही शेन वार्न गैलेरी में बनाए गए नए देर्शक स्टैंड में सीढ़ियों पर वाटर प्रूफिंग नहीं कराए जाने के कारण बारिश का पानी बिल्डिंग की नींव तक जा रहा है। जिससे पूरी बिल्डिंग को नुकसान हो रहा है। छत पर बिजली के तार खुले में पड़े हुए है। साथ ही शेन वार्न गैलेरी में पानी के निकास की कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने राजीव खन्ना को साउथ ब्लॉक में हुए नवीनीकरण एवं निर्माण कार्य की कमियों के बारे में अगाह करते हुए निर्देशित किया कि वह उक्त कमियों को अतिशीघ्र दुरुस्त करवाया जाना सुनिशिचत करे ताकि संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। इनकी अनदेखी करने की स्थिति में परिषद नियमानुसार कार्यवाही कर आर्थिक दंड अमल में लाया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Jul 2025 12:00:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खेल परिषद ने राजस्थान रॉयल्स को थमाया नोटिस : सुविधाओं के उपयोग पर मांगे डेढ़ करोड़ रुपए</title>
                                    <description><![CDATA[बिहाणी ने प्रति मैच 10 लाख रुपए के हिसाब से जयपुर में होने वाले कुल 7 मैचों के 70 लाख रुपए जमा कराने को कहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sports-council-handed-over-rajasthan-royals-to-one-and-a/article-114268"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer87.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान खेल परिषद ने जयपुर में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 18 मई को होने वाले राजस्थान रॉयल्स के आखिरी मैच से पहले ही फ्रेंचाइजी को झटका देते हुए डेढ़ करोड़ रुपए की वसूली का नोटिस भेज दिया है। परिषद के सचिव राजेन्द्र सिंह सिसोदिया की ओर से दो दिन पहले भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि सवाई मानसिंह स्टेडियम के क्रिकेट ग्राउण्ड के अलावा अन्य खेल मैदानों और परिसर के उपयोग के बदले राजस्थान रॉयल्स को एक करोड़ 49 लाख और 90 हजार रुपए का भुगतान करना होगा। दूसरी ओर राजस्थान रॉयल्स के उपाध्यक्ष राजीव खन्ना ने परिषद के पत्र पर ऐतराज जताते हुए कहा कि एमओयू के तहत पूरा स्टेडियम परिसर टीम के उपयोग के लिए दिया गया है। उन्होंने परिषद से अपने पत्र को तुरन्त वापस लेने की मांग की।</p>
<p><strong>सबसे ज्यादा एक करोड़ मुख्य भवन के</strong><br />परिषद ने सबसे ज्यादा एक करोड़ रुपए स्टेडियम के मुख्य भवन के उपयोग के बदले मांगे हैं। मुख्य भवन के प्रथम, द्वितीय और तृतीय तल के साथ लॉन, ऑफिस का बाहरी एरिया और फूड कोर्ट के बदले प्रति मैच 20 लाख रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। वॉकिंग ट्रेक पर लगाए 82 पोस्टरों और स्टेडियम के चारों ओर बनी सड़क पर लगे कुल 249 पोस्टरों के बदले साढ़े सोलह लाख रुपए शुल्क मांगा है। परिषद ने स्टेडियम में बनाए गए फूड डोम,  जगह-जगह लगी फूड स्टॉल, तीरन्दाजी और फुटबाल ग्राउण्ड पर पार्किंग, स्टेडियम के मीटिंग हॉल, आरसीए एकेडमी में बनी ग्रीन बिल्डिंग आदि के उपयोग पर भी शुल्क लगाया है। </p>
<p><strong>एडहॉक कमेटी ने परिषद से मांगे 70 लाख</strong><br />दूसरी ओर आरसीए की एडहॉक कमेटी ने आईपीएल मैचों के आयोजन में आरसीए की मशीनरी और मैन पॉवर के उपयोग के बदले 70 लाख रुपए के भुगतान की खेल परिषद से मांग की है। एडहॉक कमेटी के कन्वीनर जयदीप बिहाणी ने परिषद सचिव के नाम भेजे पत्र में कहा है कि रॉयल्स को मैदान उपलब्ध कराने और मैच आयोजन की राशि परिषद द्वारा रॉयल्स से ली जा रही है। बिहाणी ने प्रति मैच 10 लाख रुपए के हिसाब से जयपुर में होने वाले कुल 7 मैचों के 70 लाख रुपए जमा कराने को कहा है। </p>
<p>हमने राजस्थान रॉयल्स से उन सुविधाओं के उपयोग का शुल्क मांगा है, जो एमओयू में शामिल नहीं हैं। राजस्थान रॉयल्स द्वारा खेल परिषद के पूरे परिसर, अन्य खेल मैदानों और वॉकिंग ट्रेक का भी उपयोग किया जा रहा है। इसके लिए शुल्क लेना उचित है। बातचीत में रॉयल्स की ओर से पत्र में राशि की गणना की त्रुटि और एमओयू में समूचे स्टेडियम के शामिल होने की बात कही गई है। इस पर उनसे आगे बातचीत करेंगे। <br />-डॉ. नीरज कुमार पवन, अध्यक्ष, राजस्थान खेल परिषदु</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 May 2025 09:10:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> मेहनत दो स्तर के लिए, प्रोत्साहन एक पर भी नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[खिलाड़ियों का आरोप 7 साल बाद भी सिर्फ एक ही स्तर की दे रहे राशि। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/hard-work-for-two-levels--no-incentive-even-at-one-level/article-94408"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/6633-copy33.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। एक खिलाड़ी अपने देश प्रदेश के लिए पदक जीतने में पूरी जान लगा देता है। हर उस स्तर तक पहुंच जाता है जहां वो देश प्रदेश का नाम रोशन कर सके। लेकिन जब प्रदेश की सरकारें ही उसके साथ छल करें तो उसका मनोबल टूटकर बिखर जाता है। यही स्थिति कोटा के सैंकडों खिलाड़ियों की है जहां उन्हें 2017 से किसी तरह की प्रोत्साहन राशि नहीं दी जा रही है। हर बार केवल फार्म भरने की औपचारिकता पूरी कर ली जाती है। जिसके बाद किसी प्रकार का भुगतान नहीं होता। वहीं खिलाड़ियों का आरोप है कि परिषद उन्हें केवल एक ही स्तर की प्रतियोगिता की प्रोत्साहन राशि दे रहा है।</p>
<p><strong>साल 2017 से राज्य और 2019 से राष्ट्रीय की राशि बाकी: </strong>सरकार की ओर से हर साल खिलाड़ियों को राज्य, राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतने पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है। जो उनकी आर्थिक तौर पर सहायता करती है जिससे वो खेल के सामान, जिम और फिटनेस पर खर्च कर सकें। लेकिन कोटा के करीब 250 खिलाड़ियों समेत प्रदेश के हजारों खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि साल 2017 से अटकी हुई है। जिसके लिए केवल फार्म भरा लिए जाते हैं और हर बार प्रक्रिया में होने का बहाना बना देते हैं। जबकि नियमों के मुताबिक खिलाड़ियों को यह राशि प्रतियोगिता के तीन महीने बाद मिल जानी चाहिए। </p>
<p><strong>इन खिलाड़ियों की इतनी बाकी है राशि</strong><br />प्रियांशी गौतम के 4 लाख, दिव्यांशी के 7 लाख, खुशी गुर्जर के 3 लाख, यशिता कुमावत के 3.5 लाख, सौरभ गुर्जर के 4 लाख, हेमन्त गुर्जर के 4.5, नव्या शर्मा के 2.5, अरुंधती चौधरी के 17 लाख, तितिक्षा कि 2.5 लाख, सचिन गुर्जर के 1.5 लाख, निशा पालीवाल के 3 लाख, निशा गुर्जर 4 लाख, ईशा गुर्जर के 3.5, यश चौधरी के 2.5 लाख, नीलम कुमावत 4 लाख, कोमल कुमावत के 5.25 लाख, तौसीफ हसन के 5 लाख, अंजलि शर्मा के 3 लाख, अदितीय भारती के 1 लाख, ऋषि खंडाल के 2 लाख, अमित खंडाल के 3 लाख,  त्रिलोक के 1 लाख, पुरोहित के 1 लाख, शौरभ सिंह के 1.5 लाख, खुशी सिंह के 1 लाख तथा रुपल कुमावत के 50 हजार रूपए बाकि हैं। </p>
<p><strong>खिलाड़ियों का आरोप एक ही स्तर की दे रहे प्रोत्साहन राशि</strong><br />क्रीड़ा परिषद की ओर से पहले ही खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि देने में 7 साल की देरी की जा चुकी है। वहीं इसके बाद अब क्रीड़ा परिषद की ओर से जारी सूची में केवल एक ही स्तर की प्रतियोगिता की प्रोत्साहन राशि जारी की जा रही है। खिलाड़ियों ने बताया कि क्रीड़ा परिषद की ओर से मिली जानकारी के अनुसार राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगितओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को को केवल एक स्तर की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यानि ऐसे खिलाड़ियों को केवल राष्ट्रीय स्तर की ही प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />खिलाड़ियों के लिए एक बैच की प्रोत्साहन राशि जारी कर दी गई है। करीब 1200 खिलाड़ियों को और प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। एक ही स्तर ही प्रोत्साहन राशि देने की बात गलत है खिलाड़ी को उसके प्रदर्शन के अनुसार वेरीफाई करने के बाद ही प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। अगर ऐसा है तो उसे ठीक कराएंगे।<br /><strong>- डॉ. नीरज के पवन, चैयरमेन, राजस्थान क्रीड़ा परिषद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Nov 2024 14:14:38 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>खिलाड़ियों  का हक : पिछले छह साल से नहीं मिल रहा महाराणा प्रताप अवार्ड</title>
                                    <description><![CDATA[आज तक न तो अवार्ड सामारोह आयोजित हुआ और न ही विजेताओं की लिस्ट जारी की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/players--rights--maharana-pratap-award-not-being-given-for-the-last-six-years/article-93111"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(6)11.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। देश विदेश में राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सरकार की ओर से कई प्रकार से पुरस्कृत किया जाता है। जिससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है और वो आगे के लिए दोगुनी उर्जा से मेहनत करते हैं। लेकिन राजस्थान में खिलाड़ियों को दिए जाने वाले महाराणा प्रताप और गुरू वशिष्ट अवार्ड का पिछले 6 सालों से काई अता पता नहीं है। खिलाड़ियों और उनके कोचों से इन आवार्डों के लिए कई बार आवेदन लिए जा चुके हैं लेकिन आज तक न तो अवार्ड सामारोह आयोजित हुआ और न ही विजेताओं की लिस्ट जारी की गई है।</p>
<p><strong>हर चार साल में होता है आयोजन 2018 नहीं हुआ</strong><br />राजस्थान क्रीड़ा परिषद की ओर से हर चार साल में खिलाड़ियों को महाराणा प्रताप और कोचों को गुरू वशिष्ट अवार्ड दिया जाता है। लेकिन परिषद की ओर से साल 2018 से ही इस अवार्ड का आयोजन नहीं किया जा रहा है। जबकि परिषद के ही नियमों के मुताबिक हर चार साल में इन अवार्डों को दिया जाना जरूरी है। वहीं खिलाड़ियों का कहना है कि परिषद की ओर से अभी 2018 से अब तक तीन बार अवार्ड का आयोजन हो जाना चाहिए लेकिन एक बार भी नहीं हो सका है। इस दौरान कई खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्हें ये अवार्ड मिलना था, वहीं अब इनके साथ कई नए खिलाड़ी और भी जुड़ चुके हैं।</p>
<p><strong>कोटा समेत प्रदेश के सैंकडों खिलाड़ी वंचित</strong><br />महाराणा प्रताप अवार्ड उन खिलाड़ियों को दिया जाता है जो जूनियर स्तर पर एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप में खेलते हैं। कोटा से वुशू खिलाड़ी दिव्यांशी, बॉक्सर अरुणधति चौधरी, महक शर्मा, पुष्पेंद्र सिंह, ईशा गुर्जर, निशा गुर्जर और महिपाल सिंह कुमावत सहित प्रदेश के सैंकड़ों खिलाड़ी इन प्रतियोगिताओं में मेडल मार चुके हैं जिन्हें महाराणा प्रताप अवार्ड मिलना है। लेकिन इन खिलाड़ियों से हर बार अवार्ड से संबंधित औपचारिकता पूरी कराई जाती है, जहां चार साल से अवार्ड के बारे में कोई जानकारी नहीं। वुशू खिलाड़ी महक शर्मा ने बताया कि लगातार प्रोत्साहन मिलने से खेलने में मनोबल बढ़ाता है और दोगुनी मेहनत करने का चैलेंज मिलता है। लेकिन परिषद की ओर से पिछले 6 साल ना तो अवार्ड और ना ही प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।</p>
<p><strong>कोच का सम्मान भी नहीं हो रहा</strong><br />एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप खेलने वाले खिलाड़ियों की तरह ही इन प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने वाले प्रशिक्षकों को भी सरकार की ओर से गुरु वशिष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। लेकिन पिछले 6 सालों ये सम्मान भी अटका पड़ा है। परिषद की ओर से केवल आश्वासन दिया जाता है। वुशू कोच अशोक गौत्तम ने बताया कि खिलाड़ियों और कोचों का मनोबल बढ़ाने के लिए ही ये अवार्ड दिए जाते हैं लेकिन पिछले 6 साल से न सरकार और न परिषद इसके लिए सुनवाई कर रहा है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />परिषद की ओर से अवार्ड देने के लिए तैयारियां की जा रही हैं, कुछ कारणों के चलते अवार्ड प्रक्रिया को टाला गया था। जो भी खिलाड़ी या कोच अवार्ड के लिए योग्य होगा उसे वेरीफिकेशन के बाद अवार्ड प्रदान किया जएगा। परिषद की ओर से इसे लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। देरी या जानबुझकर रोकने के आरोप गलत हैं।<br /><strong>-डॉ. नीरज के पवन, चैयरमेन, राज्य क्रीड़ा परिषद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Oct 2024 15:11:17 +0530</pubDate>
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                <title>टेनिस कोच को दुष्कर्म के आरोप में सजा सुनाए जाने के बाद खेल परिषद ने किया बर्खास्त</title>
                                    <description><![CDATA[ दुष्कर्म के आरोप में दोषसिद्ध पाए गए टेनिस गोच गौरांग नलवाया को बुधवार को राजस्थान खेल परिषद की सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tennis-coach-dismissed-by-sports-council-after-being-sentenced-on/article-78949"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/photo-size-(2)10.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दुष्कर्म के आरोप में दोषसिद्ध पाए गए टेनिस गोच गौरांग नलवाया को बुधवार को राजस्थान खेल परिषद की सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। सवाई मानसिंह स्टेडियम में टेनिस कोच नलवाया को 9 नवम्बर 2023 को विशिष्ठ न्यायाधीश, जयपुर महानगर प्रथम ने दुष्कर्म के मामले में दोषसिद्ध ठहराए जाने के बाद 20 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया था। </p>
<p>राजस्थान खेल परिषद के अनुशासनिक प्राधिकारी सोहनराम चौधरी ने बुधवार को एक आदेश जारी कर गौरांग नलवाया को खेल परिषद सेवा से 9 नवम्बर 2023 से पद्च्युत कर दिया, जिस दिन उसे दोषसिद्ध ठहराया गया था। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि टेनिस कोच गौरांग नलवाया के खिलाफ उसी की एक प्रशिक्षु ने दुष्कर्म के आरोप लगाए थे। नलवाया को इस आरोप में जून 2021 में गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें राजस्थान खेल परिषद सेवा से निलंबित कर दिया गया था। नलवाया पर आरोप था कि वह अपने प्रशिक्षु को चयन के बहाने उदयपुर एक होटल में ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 May 2024 17:24:19 +0530</pubDate>
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