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                <title>Audit Committee - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Audit Committee RSS Feed</description>
                
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                <title>ऑडिट समितियों की बैठकें समय पर हों, वित्त विभाग के सख्त निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया ने सभी विभागों को प्रतिवर्ष चार त्रैमासिक बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। गबन और वित्तीय अनियमितताओं के त्वरित निस्तारण हेतु यह कदम उठाया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इन नियमों की पालना अनिवार्य होगी, ताकि CAG रिपोर्ट में किसी भी प्रतिकूल टिप्पणी से बचा जा सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/finance-department-gives-strict-instructions-to-conduct-audit-committee-meetings/article-151502"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/secratrait9.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। वित्त विभाग ने सभी विभागों को ऑडिट समिति की बैठकें निर्धारित समयावधि में आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं। अंकेक्षण अनुभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विभागों एवं उनके अधीन बोर्ड और निगमों से जुड़े लंबित अंकेक्षण प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए नियमित बैठकें अनिवार्य हैं। विभाग ने स्पष्ट किया कि महालेखाकार के निरीक्षण प्रतिवेदन, अंकेक्षण आपत्तियां, सीएजी रिपोर्ट के अनुच्छेद, जनलेखा समिति की सिफारिशें, गबन एवं वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों की समीक्षा समय पर होनी चाहिए। इसके लिए प्रशासनिक सचिव की अध्यक्षता में गठित ऑडिट समितियों की वर्ष में चार बैठकें त्रैमासिक रूप से आयोजित करना जरूरी है। निर्देशों के अनुसार पहली बैठक जून तक, दूसरी सितंबर तक, तीसरी दिसंबर तक और चौथी मार्च तक आयोजित करना अनिवार्य रहेगा। विभाग ने यह भी कहा कि निर्धारित संख्या में बैठकें नहीं होने पर इसका उल्लेख सीएजी रिपोर्ट में किया जाता है, जिसे गंभीरता से लिया जाता है। प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया ने सभी विभागों से वित्तीय वर्ष 2026-27 में इन निर्देशों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने को कहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 17:51:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ACS Health ने दिए निर्देश... डेथ ऑडिट कमेटी की जांच के बाद ही होगी हीट स्ट्रॉक से मौतों की रिपोर्टिंग</title>
                                    <description><![CDATA[ बैठक में अवगत कराया गया कि पाली जिले के देसूरी ब्लॉक के गुडा मंगलियान गांव में मां-बेटे की मृत्यु भीषण गर्मी के कारण नहीं हुई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/acs-health-gave-instructions-to-report-deaths-due-to-heat/article-79297"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer62.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चिकित्सा संस्थानों में होने वाली मौतों की अब डेथ ऑडिट कमेटी द्वारा प्रोटोकॉल के अनुसार जांच की जाएगी। इसके बाद ही हीट स्ट्रोक से होने वाली मौतों की आईएचआईपी पोर्टल पर रिपोर्टिंग की जाएगी। इस संबंध में चिकित्सा विभाग की अतिरिक्त तुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने चिकित्सा अधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि किसी रोगी के मृत्यु के कई कारण हो सकते हैं, इसलिए डेथ ऑडिट कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही यह घोषित किया जाए कि मौत का कारण हीट स्ट्रोक है। </p>
<p>सिंह स्वास्थ्य भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मौसमी बीमारियों एवं हीटवेव प्रबंधन को लेकर समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि हीटवेव को लेकर राजस्थान रेड अलर्ट श्रेणी में है और मौसम विभाग ने आगामी समय में भी अत्यधिक गर्मी एवं लू की चेतावनी दी है। ऐसे में प्रदेश का समस्त चिकित्सा प्रबंधन संवेदनशीलता के साथ हीटवेव से बचाव एवं उपचार की पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित करे। अस्पतालों में कूलर, पंखे, एसी, वाटर कूलर आदि आवश्यक रूप से चालू रहें। जहां भी हीटवेव को लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं में गेप है, वहां तीन दिन के अंदर सम्पूर्ण व्यवस्थाएं सुचारू करें अन्यथा जिम्मेदार अधिकारी और कार्मिक के विरुद्ध सख्त एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने संयुक्त निदेशक जोन को निर्देश दिए कि मौसमी बीमारियों एवं हीटवेव संबंधी व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं। एसीएस ने निर्देश दिए कि तात्कालिक आवश्यकताओं को देखते हुए आरएमआरएस की बैठक कर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। </p>
<p><strong>नोडल अधिकारियों के साथ साप्ताहिक बैठक करें</strong><br />अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मौसमी बीमारियों की जिलेवार समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि डेंगू, मलेरिया आदि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एन्टीलार्वा एवं सोर्स रिडक्शन सहित अन्य गतिविधियां सघनता के साथ की जाएं। जहां भी केस सामने आए, वहां इन गतिविधियों को बढ़ाया जाए एवं प्रोटोकॉल के अनुसार कार्रवाई की जाए। रोकथाम गतिविधियों को लेकर स्थानीय निकाय विभाग द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारियों के साथ साप्ताहिक बैठक की जाए।</p>
<p><strong>पाली में मां-बेटे की मौत हीट स्ट्रोक के कारण नहीं</strong><br />बैठक में अवगत कराया गया कि पाली जिले के देसूरी ब्लॉक के गुडा मंगलियान गांव में मां-बेटे की मृत्यु भीषण गर्मी के कारण नहीं हुई है। गांव के 38 वर्षीय समन्दर सिंह घर पर सो रहे थे। शरीर में हलचल नहीं देखकर परिवार वाले उन्हें सादड़ी के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गए, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पोस्टमार्टम के लिए भी मना कर दिया। मृतक में हीट स्ट्रोक से संबंधित कोई लक्षण नहीं पाया गया था। इसी प्रकार समन्दर सिंह की 80 वर्षीय मां राजू कंवर पहले से ही हृदय रोगी थी। उन्हें सांस लेने में परेशानी और छाती में दर्द की शिकायत के बाद 23 मई को सादड़ी के राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। उनकी 24 मई को उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। मृत्यु का कारण चिकित्सक दल ने हृदय गति रूकना बताया है। उनकी मृत्यु भी हीट स्ट्रोक के कारण नहीं पाई गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 May 2024 12:39:27 +0530</pubDate>
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