<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/donation-of-organs/tag-46299" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Donation of organs - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/46299/rss</link>
                <description>Donation of organs RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अंग की जंग में ‘दान’ का इंतजार : चाहिए 1075, जागरूकता की कमी से हर रोज प्रदेश में 1272 का अंतिम संस्कार</title>
                                    <description><![CDATA[परिजनों को डर रहता है कि अस्पताल वाले ऑर्गन्स बेच देंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-the-battle-for-organs-1075-people-need-to-wait/article-97074"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/9930400-sizee-(5)4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में ऑर्गन ट्रान्सप्लांट की वेटलिस्ट में हैं 1075 लोग। वहीं, ऑर्गन डोनर लिस्ट पर केवल 48 लोग ही हैं। साथ ही, प्रदेश में औसतन रोजाना 1272 से अधिक मौतें होती हैं। इनमें से कई मृतक अगर ऑर्गन डोनर हों तो वेटलिस्ट काफी छोटी हो सकती है। हार्ट, लंग्स, लीवर, किडनी, पेनक्रियाज और इंटेस्टाइन से दूसरों का जीवन बच सकता है तो कॉर्निया, स्किन, हार्ट वॉल्व, बोन्स, लिगामेंट, ब्लड वेसल्स, हाथ, चेहरा और कान तक दूसरों के लगाकर उन्हें नया जीवन दिया जा सकता है। </p>
<p><strong>प्रदेश में स्टेट ऑर्गन एण्ड टिश्यू </strong><br />ट्रान्सप्लांट ऑर्गनाइजेशन-सोट्टो की वेटलिस्ट पर 694 लोग गुर्दों, 281 लोग लिवर और 100 लोग हृदय के लिए हैं। एक दिवंगत व्यक्ति की देह से 6 अंग और कितने ही टिश्यू मिल सकते हैं।</p>
<p><strong>पुरानी तकनीकों के कारण नहीं होती अधिकतम ऑर्गन हार्वेस्टिंग</strong></p>
<p>मेडिकल साइंस में अग्रणी देशों में सब मृतकों से ऑर्गन हार्वेस्ट किये  जाते हैं। लेकिन भारत में सिर्फ ब्रेन डेड लोगों के ही ऑर्गन्स हार्वेस्ट किये जा सकते हैं। बाकी मृतकों में से सिर्फ स्किन, आंखें और कुछ टिश्यू ही हार्वेस्ट किये जा सकते हैं।</p>
<p><strong>ऑर्गन्स की कमी, तस्करी का खतरा</strong><br />लंबी वेटलिस्ट और आर्गन्स की कमी के कारण अंग तस्करी को बढ़ावा मिलता है। हाल ही में देश में इसके कई मामले सामने आ चुके हैं।</p>
<p><strong>भारत में ट्रांसप्लांटेशन दर बहुत कम</strong><br />वैसे तो भारत में चीन और अमरीका के बाद दुनिया के तीसरे सबसे ज्यादा ट्रांसप्लांट होते हैं। पर जनसंख्या के हिसाब से देश में अंग प्रत्यारोपण की दर कम है। देश में दस लाख की आबादी पर 0.65 लोगों के प्रत्यारोपित अंग हैं, जबकि अमेरीका में यह दर 123.3 है। भारत की आर्गन डॉनेशन दर प्रति दस लाख आबादी पर केवल 0.8 है। लेकिन देश में आवश्यकता 65 प्रति दस लाख की है।</p>
<p><strong>धर्म भी करता है अंगदान का समर्थन</strong></p>
<p>डॉ. पुरोहित ने यह भी बताया कि लोगों में एक प्रचलित मान्यता है कि जिस अंग का दान देंगे अगले जन्म में उस अंग के बिना पैदा होंगे। इन सब बातों का कोई धार्मिक आधार नहीं है। धर्म में तो अंगदान की एक लंबी परम्परा है, जहां महादान माना गया है। ऋषि दाधीचि ने इंद्र को वज्रास्त्र बनाने के लिए हड्डियों का दान दिया था। कर्ण ने भी अपने कवच-कुंडल दान में दे दिए। जातकों में लिखा है कि महात्मा बुद्ध ने अपने एक पिछले जन्म में राजा शिवि के रूप में एक नेत्रहीन भिक्षु को अपनी दोनों आंखों का दान दिया था।</p>
<p><strong>डोनेशन रेट को बढ़ाना ही है इलाज</strong><br />देश में सालाना सड़क दुर्घटनाओं के कारण 1.5 लाख से ज्यादा ब्रेन डेथ के केस होते हैं। इनमें से अधिकतम को ब्रेन डेथ के तौर पर पहचाना नहीं जाता। साथ ही, डोनेशन रेट भी बहुत कम है। इसके चलते 2023 में केवल 1028 मृत डोनर थे, जिनके अंगों से 3000 से अधिक ट्रांसप्लांट हुए। विशेषज्ञों का कहना है कि डोनेशन रेट को बढ़ाना ही इलाज है।</p>
<p><strong>जागरूकता की कमी सबसे बड़ी चुनौती</strong><br />राजस्थान के विशेषज्ञों ने अंग प्रत्यारोपण पर टिप्पणी करने से इनकार किया तो संवाददाता ने मध्यप्रदेश सोट्टो के नोडल ऑफिसर डॉ. मनीष पुरोहित से बात की। वे बोले- देशभर में ऑर्गन डोनेशन को लेकर आमजन में भ्रांतियां और डर हैं। परिजनों को डर रहता है कि अस्पताल वाले ऑर्गन्स बेच देंगे। </p>
<p>ऋषि दाधीचि ने देवराज इंद्र को असुरों से लड़ने के लिए अपनी अस्थियों का दान दिया था। अंगदान महादान है। धर्म इसका बिल्कुल विरोध नहीं करता।<br />-महंत पंडित कैलाश शर्मा, श्री गणेश मंदिर मोतीडूंगरी, जयपुर</p>
<p>व्रतों के पालन में गृहस्थ के लिए संकल्पपूर्वक किसी संज्ञी पंचेंद्रीय जीव की जान बचाना के लिए एक महान व्यावहारिक धर्म है। इसी आधार पर एक गृहस्थ जन कल्याण की भावना से अंगदान जैसा पुनीत कार्य कर सकता है।<br />-संयम जैन, जैन दर्शन अध्यापक, श्री टोडरमल दिगम्बर जैन सिद्धांत महाविद्यालय, जयपुर</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-the-battle-for-organs-1075-people-need-to-wait/article-97074</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-the-battle-for-organs-1075-people-need-to-wait/article-97074</guid>
                <pubDate>Mon, 09 Dec 2024 10:14:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-12/9930400-sizee-%285%294.png"                         length="318353"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात के तेजस के अंगों का महादान, 3 को मिला नया जीवन</title>
                                    <description><![CDATA[दो अलग अलग मरीजों में किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट किए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mahadan-3-of-gujarats-tejas-organs-get-new-life/article-79328"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(5)26.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गुजरात निवासी तेजस उपेंद्र ने अपने जीवन के बाद 3 मरीजों को नया जीवन दे दिया। एक निजी अस्पताल में ब्रेन डेड होने के बाद उनका अंगों का ट्रांसप्लांट किया गया। अंगों में एक किडनी और लिवर यहां एसएमएस मेडिकल कॉलेज की हिपेटोलॉजी और रीनल साइंस विभाग ने दो अलग अलग मरीजों में किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट किए। मेडिकल कॉलेज में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी और ट्रांसप्लांट करने वाले एक्सपर्ट्स ने इसकी जानकारी दी। </p>
<p>डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि पिछले दो महीने से ट्रांसप्लांट से जुड़ी गतिविधि नहीं हो सकी, लेकिन अभी राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह द्वारा गठित की गई नई कमेटी के बाद अब वापस से एसएमएस मेडिकल कॉलेज के ट्रांसप्लांट प्रोग्राम शुरू हो गया है। इसी कड़ी में दो मरीजों को ब्रेन डेड व्यक्ति के अंग प्रत्यारोपित किए गए हैं। </p>
<p><strong>12 घंटे चली ट्रांसप्लांट प्रक्रिया</strong> <br />लिवर ट्रांसप्लांट करने वाले सीनियर जीआई सर्जन डॉ. दिनेश भारती ने बताया कि ब्रेन डेड व्यक्ति का लिवर 44 वर्षीया महिला को लगाया गया है। एक निजी अस्पताल में व्यक्ति के ब्रेन डेड होने के बाद सोटो के पदाधिकारियों ने उसके परिजनों की काउंसिलिंग की। परिजनों से अंग दान की सहमति प्राप्त होने के बाद शाम 5 बजे से व्यक्ति के अंगों को रिट्रीव करने की प्रक्रिया चली। शाम सवा 8 बजे अंग एसएमएस में पहुंचे और सुबह साढ़े 6 बजे तक लिवर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया पूरी हुई। </p>
<p><strong>कोटा निवासी 32 वर्षीय पुरुष को लगी किडनी</strong> <br />किडनी ट्रांसप्लांट करने वाले सर्जन डॉ. नचिकेत व्यास ने बताया कि किडनी कोटा निवासी एक 32 वर्षीय पुरुष को लगाई गई है जो काफी समय से किडनी फेलियर की समस्या से जूझ रहा था। ट्रांसप्लांट के बाद किडनी अच्छे से काम कर रही है और घंटे 600 एमएल तक यूरीन बना रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mahadan-3-of-gujarats-tejas-organs-get-new-life/article-79328</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mahadan-3-of-gujarats-tejas-organs-get-new-life/article-79328</guid>
                <pubDate>Sat, 25 May 2024 16:17:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/t21rer-%285%2926.png"                         length="333813"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        