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                <title>Dashashwamedh Ghat - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Dashashwamedh Ghat RSS Feed</description>
                
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                <title>गंगा के बढ़ते जलस्तर से वाराणसी में हालात बिगड़े: मणिकर्णिका-अस्सी घाट तक पहुंचा पानी, गलियों में शुरू हुआ शवदाह</title>
                                    <description><![CDATA[वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर 69.90 मीटर तक पहुँच गया है, जो दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से बढ़ रहा है। मणिकर्णिका, अस्सी और हरिश्चंद्र घाट समेत कई प्रमुख घाटों का आपसी संपर्क टूट गया है। वरुणा के तटीय इलाकों और गलियों में पानी घुसने से प्रशासन अलर्ट मोड़ पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/situation-worsened-in-varanasi-due-to-rising-water-level-of/article-164257"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/varanasi.png" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। वाराणसी में गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार को नदी का जलस्तर 69.90 मीटर दर्ज किया गया जो दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। बढ़ते जलस्तर के कारण गंगा के कई घाटों का संपर्क टूट गया है। मणिकर्णिका, अस्सी और हरिश्चंद्र घाट से पानी गलियों की ओर बढ़ने लगा है, जबकि दशाश्वमेध घाट स्थित जल पुलिस चौकी तक पानी पहुंच गया है। वरुणा नदी के किनारे बसे इलाकों में भी घरों तक पानी पहुंचने लगा है। हरिश्चंद्र घाट पर पानी भर जाने के कारण शवदाह का कार्य गली में किया जा रहा है। घाट किनारे स्थित कई मंदिर जलमग्न हो गए हैं। हालांकि, बाढ़ के दौरान हर वर्ष इस तरह की स्थिति देखने को मिलती है।</p>
<p>जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 61 राहत शिविर, 21 बाढ़ चौकियां और 198 नावें तैनात की हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का चेतावनी स्तर 70.262 मीटर और खतरे का स्तर 71.262 मीटर है, जबकि उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) 73.901 मीटर दर्ज है। वर्तमान जलस्तर चेतावनी स्तर से करीब 36 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 13:22:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दशाश्वमेध घाट पर सामूहिक हनुमान चालीसा का ऐतिहासिक आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[ इस अवसर पर गोपाल शर्मा ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा मतदान मजबूत लोकतंत्र का प्रतीक है। काशी हर कालखंड में राष्ट्र जागरण का केंद्र रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/historic-event-of-mass-hanuman-chalisa-at-dashashwamedh-ghat/article-79415"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/hanuman-chalisa.png" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। वाराणसी में शत प्रतिशत मतदान के संकल्प के साथ दशाश्वमेध घाट पर विराट हनुमान चालीसा का आयोजन हुआ। जगद्गुरु शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने काशी राज परिवार के प्रतिनिधि राजकुमारी कृष्णप्रिया, काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय, डोम राजा ओम चौधरी, शहीद मंगल पांडे के प्रपौत्र रघुनाथ पांडे और शहीद भगत सिंह के भतीजे किरणजीत सिंह की उपस्थिति में  वाराणसी की जनता को राष्ट्रहित में अधिकतम मतदान करने की शपथ दिलवाई।</p>
<p>सर्व समाज काशी के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम का संयोजन जयपुर सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने किया। लगभग चार घंटे तक चले इस भव्य समारोह में करीब एक लाख लोग शामिल हुए। लाउडस्पीकर पर धार्मिक गीत वातावरण में ऊर्जा का संचार कर रहे थे। वहीं, विख्यात कवियत्री अनामिका अंबर के जोशीले गीत और काव्यपाठ ने माहौल को देशभक्तिमय बनाए रखा। प्रसिद्ध हनुमान भक्त संत अमरनाथ महाराज ने जनता को सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ करवाया।</p>
<p><strong>देश का भविष्य गढ़ती है काशी : गोपाल शर्मा</strong><br />इस अवसर पर गोपाल शर्मा ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा मतदान मजबूत लोकतंत्र का प्रतीक है। काशी हर कालखंड में राष्ट्र जागरण का केंद्र रहा है। लोग यहां अपना भविष्य गढ़ने आते हैं और काशी देश का भविष्य गढ़ती है।</p>
<p><strong>सजीव झांकियां रहीं आकर्षण</strong><br />गायत्री शक्ति पीठ नगला के 11 विद्वानों ने घाट पर गायत्री महायज्ञ करवाया। काशी में अधिकतम मतदान की कामना करते हुए आहुतियां अर्पित की गईं। भगवान राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान जी और वानर सेना की स्वरूप झांकी आकर्षण का केंद्र रहीं। भोले की बारात ने जय घोष के साथ डमरू का निनाद किया। भक्ति गीतों की स्वर लहरियों पर वानर सेना ने नृत्य किया तो उपस्थित श्रद्धालु भी थिरकने लगे। </p>
<p><strong>नावों में बैठकर कार्यक्रम देखते रहे लोग</strong><br />काशी विश्वनाथ मंदिर की प्रतिकृति के रूप में बनाए गए मंच पर राजस्थान से लाई गई हनुमान जी महाराज की 10 फीट ऊंची प्रतिमा तथा राम दरबार की साक्षी में हुए आयोजन में काशीवासी उमड़ पड़े। राजेंद्र प्रसाद घाट से दशाश्वमेध घाट तक पैर रखने की भी जगह नहीं बची थी। घाट पर जगह नहीं बचने के कारण स्थिति यह हुई कि सूर्यास्त के समय कार्यक्रम के समापन के दौरान दशाश्वमेध घाट के सामने लगभग 50 बड़े स्टीमर और 200 छोटी नावों में भी लोग बैठे हुए थे। धर्म, शिक्षा, व्यापार, समाज सहित प्रत्येक क्षेत्र के मुख्य प्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद थे। प्रमुख मंदिरों-मठों के महंत, पद्म पुरस्कार विजेता, शिक्षाविद, चिकित्सक, व्यापार जगत की हस्तियां सामूहिक हनुमान चालीसा और शत प्रतिशत मतदान संकल्प के लिए जुटीं।</p>
<p><strong>बिस्मिल्ला खान के वंशज ने बजाई शहनाई</strong><br />आयोजन की शुरुआत 101 विद्वानों द्वारा सुंदरकांड के पाठ से हुई। इसके बाद भारत रत्न बिस्मिल्लाह खान के पौत्र नासिर अब्बास की टीम ने शहनाई वादन की प्रस्तुति दी। गणेश वंदना के बाद अतिथियों का स्वागत और सम्मान किया गया। कार्यक्रम के संयोजक गोपाल शर्मा ने सभी मंचासीन अतिथियों को दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया और स्मृति चिह्न भेंट किया। इसके बाद अनामिका अंबर का काव्यपाठ हुआ। </p>
<p><strong>अनामिका अंबर के जोशीले गीतों ने किया मंत्रमुग्ध</strong><br />अनामिका अंबर ने जब अपने मशहूर गीत "रामभक्त ही राज करेगा दिल्ली के सिंहासन पर.." और "अब काशी के शिव शंभू की बारी..." का पाठ किया तो सामने मौजूद विशाल जनसमूह खड़े होकर तालियां बजाते हुए झूमने लगा। काशी की जनता वंस मोर वंस मोर कहने लगी तो अनामिका ने मतदान करने का संकल्प कराकर फिर से काव्यपाठ किया। इस दौरान लोग भी उनका साथ दे रहे थे। </p>
<p><strong>अमरनाथ महाराज ने कराया हनुमान चालीसा का ओजस्वी पाठ</strong><br />काव्यपाठ समाप्त होने पर संत अमरनाथ महाराज के नेतृत्व में हनुमान चालीसा पाठ हुआ। महाराज एक पंक्ति पढ़ते और सामने खड़ी जनता दूसरी पंक्ति के साथ चौपाई को पूरा करती। शाम के समय गंगा के तट पर खड़ी नावों में हाथ जोड़कर हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए लोगों का दृश्य देखकर ऐसा लग रहा था मानो शिव की नगरी में रामभक्तों का महाकुंभ लगा हो। सामूहिक हनुमान चालीसा के बाद हनुमान जी की आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इसके बाद गोपाल शर्मा दशाश्वमेध घाट पर सामूहिक गंगा आरती में शामिल हुए।</p>
<p><strong>सर्व समाज के विशिष्ट जन रहे मौजूद</strong><br />सामूहिक हनुमान चालीसा के भव्य समारोह के दौरान काशी के सर्व समाज से कबीरमठ मूलगादी के महंत प्रमोद दास, गुरु रविदास जन्मस्थान न्यास के महंत आचार्य भारत भूषण, पद्मश्री शोमा घोष, चिंतामणि गणेश मंदिर के महंत चेल्ला सुब्बाराव, वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा, हनुमान सेना के अध्यक्ष सुधीर सिंह, शहनाई वादक नासिर अब्बास, राजस्थान ब्राह्मण मंडल के मंत्री पं. वेदमूर्ति शास्त्री, प्रख्यात सितारवादक आचार्य देवव्रत मिश्र, मारवाड़ी समाज के अध्यक्ष प्रदीप तुलस्यान, श्रीकांत मिश्र, लघु उद्योग भारती के काशी प्रांत अध्यक्ष राजेश सिंह, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय मंत्री साक्षी सिंह, हनुमान चालीसा समिति के संयोजक मार्केंडय तिवारी सहित शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 26 May 2024 14:12:22 +0530</pubDate>
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