<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/social-security-pension/tag-46344" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Social Security Pension - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/46344/rss</link>
                <description>Social Security Pension RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस में डोटासरा का सरकार पर हमला, बोले-दो साल में कोई बड़ी उपलब्धि नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में विधानसभा में गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार पर उपलब्धियों के अभाव, परिसीमन, निवेश, पेंशन, शिक्षा और भ्रष्टाचार को लेकर तीखा हमला बोला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-the-debate-on-governors-address-dotasara-attacked-the-government/article-141797"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(10)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अभिभाषण में केवल एक साल के खर्च का जिक्र है, लेकिन दो साल में सरकार की कोई बड़ी उपलब्धि सामने नहीं रखी गई। उनके अनुसार इस अवधि में प्रदेश का हर वर्ग परेशान रहा और लोगों की सुनवाई नहीं हो रही है।</p>
<p>डोटासरा ने संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पंचायत और निकायों के परिसीमन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है जब जनता द्वारा नकारे गए लोगों से परिसीमन का काम कराया गया। “वन स्टेट वन इलेक्शन” की बात करते हुए उन्होंने कहा कि दो साल गुजर गए, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आई। उन्होंने पंचायती राज परिसीमन के बाद पंचायतों को मिलने वाले 3000 करोड़ रुपए के अनुदान का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि यह राशि अब तक क्यों नहीं मिली। राइजिंग राजस्थान कार्यक्रम पर निशाना साधते हुए कहा कि घोषित निवेश में से कितने प्रोजेक्ट धरातल पर उतरे, इसका जवाब सरकार दे। आरोप लगाया कि इसके नाम पर केवल जमीनों की बंदरबांट हुई है।</p>
<p>डोटासरा ने कहा कि यदि यही हालात रहे तो भविष्य में कर्मचारियों को समय पर वेतन देना भी मुश्किल हो सकता है। उन्होंने यमुना जल समझौते, ईआरसीपी परियोजना और मनरेगा के नाम परिवर्तन पर भी सरकार से जवाब मांगा। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 22 प्रतिशत पात्र लोगों को लाभ नहीं मिलने का भी मुद्दा उठाया। कृषि, शिक्षा और जल जीवन मिशन पर भी सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की स्थिति खराब है, छापों के बाद क्या कार्रवाई हुई यह स्पष्ट नहीं है।</p>
<p>आरटीई में नामांकन प्रक्रिया अधूरी है और जर्जर घोषित स्कूलों के सुधार के लिए धन का प्रबंध कैसे होगा, इस पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए। बिजली के ठेकों में भ्रष्टाचार का मामला उठाते हुए कहा कि कोयला खरीद में क्या हुआ? पेपर लीक में जो भी शामिल है, उसे जेल में डालो हम तो शुरू से ही कह रहे हैं। 12 साल में जो पेपर लीक हुए इसकी सीबीआई जांच कर लो आपकी सरकार गिर जाएगी। बजरी खनन में क्या हो रहा है, अपराधों की क्या स्थिति है, थाने में मुकदमें दर्ज नहीं हो रहे है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-the-debate-on-governors-address-dotasara-attacked-the-government/article-141797</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-the-debate-on-governors-address-dotasara-attacked-the-government/article-141797</guid>
                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 14:39:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%2810%292.png"                         length="1207908"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पालनहार योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और खाद्य सुरक्षा योजना के प्रकरणों का निस्तारण होने पर ही लूंगा वेतन: अरुण कुमार </title>
                                    <description><![CDATA[कलक्टर अरुण हसीजा ने जिले में लंबित पेंशन और पालनहार योजनाओं के निस्तारण तक अपना वेतन रोकने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/rajsamand/arun-kumar-i-will-take-salary-only-after-the-cases/article-139965"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/arun.png" alt=""></a><br /><p>राजसमंद। अगर किसी को सुशासन, सेवा और सच्चे नेतृत्व का उदाहरण देखना हो, तो वो राजसमंद के कलक्टर अरुण कुमार हसीजा की ओर देख सकता है। उनका एक संकल्प आज प्रशासनिक हलके में चचार्ओं का विषय बना हुआ है। हसीजा ने अपनी जिम्मेदारी को इतना अहम माना कि उन्होंने यह घोषणा कर दी है कि जब तक जिले में पालनहार योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के सभी लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक वे खुद अपना वेतन नहीं लेंगे। </p>
<p><strong>कदम प्रशासनिक ईमानदारी का प्रतीक</strong></p>
<p>यह कदम न केवल प्रशासनिक ईमानदारी का प्रतीक है, बल्कि एक गहरी मानवीय संवेदनाओं से प्रेरित है। उन्होंने कहा, जब तक उस बच्चे को पालनहार योजना की राशि समय पर नहीं मिलती, जिसका पिता अब इस दुनिया में नहीं है, तब तक मैं खुद को एक जिम्मेदार अधिकारी नहीं मान सकता। इस कदम ने प्रशासनिक सेवा के सिद्धांतों को एक नए आयाम में ला खड़ा किया है, जहां अधिकारी सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि दिल से भी जनता की सेवा में तत्पर रहते हैं। हसीजा ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने इस फैसले से सिर्फ नतीजों का ही नहीं, बल्कि कार्यशैली का भी महत्व समझाया है। </p>
<p><strong>पात्र लाभार्थियों को उनका हक दिलाने का संकल्प</strong></p>
<p>28 जनवरी तक पालनहार सत्यापन का काम पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं, साथ ही बुजुर्गों, दिव्यांगों और एकल नारियों के पेंशन सत्यापन के कार्य को भी प्राथमिकता दी गई है। साथ ही, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के पात्र लाभार्थियों को इस महीने ही उनका हक दिलाने का संकल्प लिया गया है।</p>
<p><strong>शत-प्रतिशत सत्यापन तक मत बनाना वेतन बिल</strong></p>
<p>कलक्टर ने अधिकारियों को प्रेरित करने के लिए दंडात्मक कार्रवाई का रास्ता छोड़कर एक नया तरीका अपनाया है। उन्होंने कलक्ट्रेट के लेखाधिकारी को आदेश दिए हैं कि जब तक जिले के सभी एसडीएम अपने क्षेत्रों में शत-प्रतिशत सत्यापन का प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करते, तब तक जनवरी का वेतन बिल तैयार नहीं किया जाए। रविवार को अवकाश के बावजूद, जिले का पूरा प्रशासनिक अमला, तहसीलदार और विकास अधिकारी मैदान में उतरे और अपनी जिम्मेदारी निभाने में जुट गए। यह दृढ़ संकल्प न केवल प्रशासनिक दुनिया के लिए एक उदाहरण है, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए एक प्रेरणा भी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राजसमंद</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/rajsamand/arun-kumar-i-will-take-salary-only-after-the-cases/article-139965</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/rajsamand/arun-kumar-i-will-take-salary-only-after-the-cases/article-139965</guid>
                <pubDate>Sun, 18 Jan 2026 17:35:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/arun.png"                         length="830447"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कहां गए 9000 पेंशनर्स, नहीं कराया भौतिक सत्यापन</title>
                                    <description><![CDATA[ संदेह के दायरे में आ रहे पेंशनर ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/where-have-9000-pensioners-gone--physical-verification-not-done/article-99208"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554-(1)38.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रहे लाभार्थियों को भौतिक सत्यापन कराना जरूरी है। सरकार ने भौतिक सत्यापन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तय की है। इस अवधि में सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं कराने पर नए साल में पेंशनर्स की पेंशन अटक सकती है। कोटा जिले में 219606  पेंशनर्स हंै। इनमें से अब तक जिले में 210606 पेंशनर ने ही भौतिक सत्यापन करवाया है। जबकि 9000 पेंशनर अभी तक भौतिक सत्यापन से शेष है। इनमें से शहरी क्षेत्र में करीब 7000 और ग्रामीण क्षेत्र के 2000 पेंशनर्स हैं। पिछले एक साल से लगातार तिथि बढ़ाई जा रही है। इसके बावजूद इनका भौतिक सत्यापन नहीं हो पाया है। इस कारण यह पेंशनर संदेह के दायरे में आ रहे हैं। </p>
<p><strong>सत्यापन कराने में ग्रामीण क्षेत्र के  पेंशनर आगे:</strong> विभागीय अधिकारियों के अनुसार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत पेंशन को चालू रखने के लिए हर साल भौतिक सत्यापन कराना होता है। कोटा जिले में 219606 पेंशनर्स हैं। इसमें सभी श्रेणियों के पेंशनर शामिल हैं। 31 दिसंबर अंतिम तिथि होने के बावजूद अभी भी कई पेंशनरों ने भौतिक सत्यापन नहीं करवाया है। जिले के शहरी क्षेत्र से 7 हजार और ग्रामीण क्षेत्र से 2 हजार पेंशनर सत्यापन से वंचित है। यानी सत्यापन कराने में जिले के ग्रामीण क्षेत्र के पेंशनर आगे हैं। जबकि सत्यापन से वचिंत सबसे ज्यादा पेंशनर शहरी क्षेत्र के हैं। पिछले एक साल से पेंशन सत्यापन की तिथि बढ़ाई जा रही है। इसके बावजूद इनका सत्यापन नहीं हो पाया है।</p>
<p><strong>एक साल से बढ़ रही तारीख</strong><br />सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत प्रतिवर्ष पेंशनरों को पेंशन राशि प्राप्त करने के लिए विभाग के पोर्टल पर ई-मित्र के माध्यम से वार्षिक भौतिक सत्यापन कराना आवश्यक होता है। पूर्व में भौतिक सत्यापन की तिथि 31 दिसम्बर 2023 निर्धारित की गई थी। निर्धारित तिथि निकलने के बाद भी काफी संख्या में पेंशनरों ने सत्यापन नहीं करवाया था। इसके बाद तिथि बढ़ाकर 31 जनवरी और फिर 31 मार्च कर दी थी। इसके बाद भी जिले में शत-प्रतिशत पेंशनरों का सत्यापन नहीं हो पाया था। अब सत्यापन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तय की गई। इस अवधि में भी सत्यापन नहीं कराने पर पेंशन बंद कर दी जाएगी।</p>
<p><strong>विभागों को भेज दी वंचितों की सूची</strong><br />अधिकारियों के अनुसार कई बार तिथि बढ़ाने के बाद भी 9000 पेंशनरों ने अभी तक सत्यापन नहीं करवाया है। इनकी सूची नगर निगम और पंचायत समितियों में भेज रखी है। शहरी क्षेत्र के पेंशनरों के बारे में जानकारी करने के लिए नगर निगम को पत्र जारी किया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के पेंशनरों के बारे में पंचायत समितियों को लिखा गया है। अभी तक सत्यापन नहीं कराने वाले पेंशनरों के सम्बंध में इन विभागों से जानकारी जुटाने को कहा गया है। निगम को कई बार जिला कलक्टर के माध्यम से सत्यापन से वंचित पेंशनरों के बारे में सूची भेजी जा चुकी है। अब वंचित पेंशनरों का डाटा खंगालने के बाद ही इनके बारे में कुछ पता लग पाएगा। कई बार तिथि बढ़ाने के बाद भी सत्यापन नहीं करवाने के कारण अब जिले के 9000 पेंशनर संदेह के दायरे में आ रहे हैं।</p>
<p><strong>सत्यापन में दिक्कत तो यहां करें सम्पर्क</strong><br />पेंशनधारकों को वार्षिक भौतिक सत्यापन कराने के लिए ई-मित्र कियोस्क, राजीव गांधी सेवा केन्द्र, ई-मित्र प्लस आदि केन्द्रों पर फिंगर प्रिंट देना होगा। अंगुली की छाप नहीं देने वाले पेंशनर्स का भौतिक सत्यापन आइरिस स्कैन से भी कराया जा सकेगा। इस प्रक्रिया से किसी पेंशनर का वार्षिक भौतिक सत्यापन नहीं होने की स्थिति में पेंशनर को पेंशन स्वीकृतकर्ता अधिकारी (विकास या उपखंड अधिकारी) के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। अधिकारी की एसएसओ आइडी से एसएसपी पोर्टल पर संबंधित पेंशनर का पीपीओ नम्बर दर्ज करने पर उस पेंशनर के रजिस्टर्ड मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के आधार पर भौतिक सत्यापन किया जा सकेगा।फैक्ट फाइल</p>
<p><strong>कोटा जिले में पेंशनर-219606</strong><br /><strong>अब तक भौतिक सत्यापन-210606</strong></p>
<p>जिले में इतने पेंशनर वंचित-9000ं जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रहे लाभार्थियों को भौतिक सत्यापन कराना जरूरी है। सरकार ने भौतिक सत्यापन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तय की है। इस अवधि में सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं कराने पर नए साल में पेंशनर्स की पेंशन अटक सकती है। <br /><strong>-सविता कृष्णिया, संयुक्त निदेशक, सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/where-have-9000-pensioners-gone--physical-verification-not-done/article-99208</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/where-have-9000-pensioners-gone--physical-verification-not-done/article-99208</guid>
                <pubDate>Tue, 31 Dec 2024 15:24:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-12/5554-%281%2938.png"                         length="273597"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सामाजिक सुरक्षा पेंशन: कहां गए 14463 पेंशनर, कर रहे तलाश</title>
                                    <description><![CDATA[ वार्षिक भौतिक सत्यापन 30 नवम्बर तक नहीं करवाने पर आगामी माह से पेंशन राशि लाभार्थी के बैंक खाते में जमा नहीं होगी एवं उनकी पेंशन बन्द कर दी जाएगी। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/where-did-the-social-security-pension-go-14463-pensioners-are/article-96022"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/257rtrer-(4)10.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रहे लाभार्थियों को भौतिक सत्यापन कराना जरूरी है। सरकार ने भौतिक सत्यापन की अंतिम तिथि 30 नवंबर तय की है। इस अवधि में सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं कराने पर पेंशनर्स की पेंशन अटक सकती है। कोटा जिले में 219606 पेंशनर्स हैं। इनमें से अब तक जिले में 205143 पेंशनर ने ही भौतिक सत्यापन करवाया है। वर्तमान में14463 पेंशनर भौतिक सत्यापन से शेष है। कई बार तिथि बढ़ाने के बावजूद अभी इनका भौतिक सत्यापन नहीं हो पाया है। इस कारण यह पेंशनर संदेह के दायरे में आ रहे हैं। विभाग की ओर से अब इनकी तलाश की जा रही है। इस सम्बंध में नगर निगम और पंचायत समितियों के माध्यम से डाटा खंगाला जा रहा है। </p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />219606 - कोटा जिले में पेंशनर<br />2051436 - अब तक भौतिक सत्यापन<br />144636 - जिले में इतने पेंशनर वंचित</p>
<p><strong>इस तरह की जा रही तलाश</strong><br />सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में अब भी 14463 पेंशनरों ने भौतिक सत्यापन नहीं करवाया है। ऐसे में अब इनका डाटा खंगाला जा रहा है। इस सम्बंध में नगर निगम और पंचायत समितियों से जानकारी मांगी जा रही है।। आधार कार्ड और जनाधार कार्ड के माध्यम से पता लगाया जा रहा कि आखिर यह पेंशनर्स भौतिक सत्यापन क्यों नहीं करवा रहे हैं। अगर किसी पेंशनर्स की मौत हो चुकी है या फिर वह पलायन कर गया है तो डाटा खंगालने से इसकी जानकारी मिल जाएगी। वहीं इससे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पेंशन लेने वालों का भी खुलासा हो सकेगा। 30 नंवबर के बाद संदिग्ध पेंशनरों की पेंशन बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।  </p>
<p><strong>हर बार बढ़ रही तारीख पर तारीख</strong><br />सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत प्रतिवर्ष पेंशनरों को पेंशन राशि प्राप्त करने के लिए विभाग के पोर्टल पर ई-मित्र के माध्यम से वार्षिक भौतिक सत्यापन कराना आवश्यक होता है। पूर्व में भौतिक सत्यापन की तिथि 31 दिसम्बर 2023 निर्धारित की गई थी। निर्धारित तिथि निकलने के बाद भी काफी संख्या में पेंशनरों ने सत्यापन नहीं करवाया था। इसके बाद तिथि बढ़ाकर 31 जनवरी और फिर 31 मार्च कर दी थी। इसके बाद भी जिले में शत-प्रतिशत पेंशनरों का सत्यापन नहीं हो पाया था। अब सत्यापन की अंतिम तिथि 30 नवंबर तय की गई। इस अवधि में भी सत्यापन नहीं कराने पर पेंशन बंद कर दी जाएगी।</p>
<p><strong>सत्यापन के लिए कई विकल्प मौजूद</strong><br />पेंशनधारकों को वार्षिक भौतिक सत्यापन कराने के लिए ई-मित्र कियोस्क, राजीव गांधी सेवा केन्द्र, ई-मित्र प्लस आदि केन्द्रों पर फिंगर प्रिंट देना होगा। अंगुली की छाप नहीं देने वाले पेंशनर्स का भौतिक सत्यापन आइरिस स्कैन से भी कराया जा सकेगा। इस प्रक्रिया से किसी पेंशनर का वार्षिक भौतिक सत्यापन नहीं होने की स्थिति में पेंशनर को पेंशन स्वीकृतकर्ता अधिकारी (विकास या उपखंड अधिकारी) के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। अधिकारी की एसएसओ आइडी से एसएसपी पोर्टल पर संबंधित पेंशनर का पीपीओ नम्बर दर्ज करने पर उस पेंशनर के रजिस्टर्ड मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के आधार पर भौतिक सत्यापन किया जा सकेगा।</p>
<p>सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थियों का डाटा खंगाला जा रहा है। विभिन्न विभागों से सत्यापन से वंचित पेंशनरों की जानकारी जुटाई जा रही है। अब वार्षिक भौतिक सत्यापन 30 नवम्बर तक नहीं करवाने पर आगामी माह से पेंशन राशि लाभार्थी के बैंक खाते में जमा नहीं होगी एवं उनकी पेंशन बन्द कर दी जाएगी।<br /><strong>- सविता कृष्णिया, संयुक्त निदेशक, सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/where-did-the-social-security-pension-go-14463-pensioners-are/article-96022</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/where-did-the-social-security-pension-go-14463-pensioners-are/article-96022</guid>
                <pubDate>Wed, 27 Nov 2024 16:03:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-11/257rtrer-%284%2910.png"                         length="324851"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Social Security Pension अटकने पर गहलोत ने भजनलाल सरकार पर साधा निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[87 लाख बुजुर्गों, दिव्यांगों एवं विधवाओं की पेंशन ना आना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gehlot-targets-bhajanlal-government-over-social-security-pension-issue/article-79446"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/ashok1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सामाजिक सुरक्षा पेंशन अटकने की खबरों पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि पीएम मोदी की विधानसभा चुनाव में दी गारंटी की पोल खुल गई है।</p>
<p>गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान की जनता को गारंटी दी थी कि हमारी सरकार की किसी योजना को बंद या कमजोर नहीं किया जाएगा परन्तु रोज अखबारों में छप रहीं खबरें इस गारंटी की पोल खोल रही हैं।</p>
<p>87 लाख बुजुर्गों, दिव्यांगों एवं विधवाओं की पेंशन ना आना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह पेंशन ना सिर्फ इनके जीवनयापन में मदद करती है बल्कि इन्हें आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का मौका देती है। मैं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से निवेदन करता हूं कि सामाजिक सुरक्षा की इन योजनाओं को मजबूत करें जिससे राजस्थान के आमजन का सम्मान बढ़े।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gehlot-targets-bhajanlal-government-over-social-security-pension-issue/article-79446</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gehlot-targets-bhajanlal-government-over-social-security-pension-issue/article-79446</guid>
                <pubDate>Sun, 26 May 2024 15:55:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-12/ashok1.png"                         length="408965"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        