<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/piplad-dam/tag-46414" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>piplad dam - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/46414/rss</link>
                <description>piplad dam RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>लापरवाही: पिपलाद बांध प्रदूषण का शिकार</title>
                                    <description><![CDATA[वर्तमान में पिपलाद बांध से ही नगर व आसपास के दर्जनभर गांवों को पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--piplad-dam-is-a-victim-of-pollution/article-106483"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/6622-copy65.jpg" alt=""></a><br /><p>भवानीमंडी। भवानीमंडी का पिपलाद बांध जल प्रदूषण के कारण अपना अस्तित्व खोता जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने देश की 14 प्रदूषित नदियों में पिपलाद बांध को भी शामिल किया है। आसपास की फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल अपशिष्ट और नालों की गंदगी पिपलाद बांध में मिल रही है। जिससे पानी प्रदूषित कर रहा है। भवानीमंडी में बढ़ते जल प्रदूषण के सामने सरकार, अधिकारी व राजनेता इस कदर नतमस्तक है कि नगर के सबसे बड़े जल स्त्रोत पिपलाद को प्रदूषण मुक्त करवाने की बजाय कोसो दूर से पाने लाने को तैयार है। जो नगरवासियों के लिए किसी विडंबना से कम नही है। </p>
<p><strong>24 किमी दूर राजगढ़ बांध से पानी लाने की तैयारी</strong><br />भवानीमंडी में पेयजल की समस्या को देखते हुए राजगढ़ बांध से पानी लाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। सरकार ने पिछले बजट में इसके लिए वित्तीय स्वीकृत दी थी। लगभग 22 करोड़ खर्च करके 24 किमी दूर से पानी लाने के लिए पाइपलाइन डालने का कार्य जल्द ही शुरू होगा। वही पिपलाद बांध का लगातार बढ़ रहे जल प्रदूषण के कारण दिनों दिन अस्तित्व खतरे में है। तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने करोड़ों की लागत से भवानीमंडी वासियों को लगभग 85 करोड़ की लागत से पिपलाद बांध परियोजना की सौगात दी थी, ताकि क्षेत्रवासियों व किसानों को सिंचाई और पेयजल के लिए पर्याप्त व शुद्ध पेयजल आपूर्ति हो सके।  झालावाड़ जिले में कालीसिंध नदी पर बनी यह परियोजना पचपहाड़ तहसील के 19 गांवों की कृषि को सिंचित करती है। पर उद्योगों ने बेरोकटोक छोड़े जा रहे जा रहे केमिकल्स व अपशिष्ट के कारण पिपलाद जलाशय का अस्तित्व खतरें में है। हालात यह है कि पिपलाद का नाम देश की 14 प्रदूषित नदियों में शुमार है। बावजूद इसके इसकी सुध लेने को कोई तैयार नही है।</p>
<p><strong>जलदाय विभाग कर रहा शुद्ध पेयजलापूर्ति का दावा</strong><br />वर्तमान में पिपलाद बांध से ही नगर व आसपास के दर्जनभर गांवों को पेयजल आपूर्ति की जा रही है। जबकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदूषित नदी के रूप में चिन्हित किया है। जलदाय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हम पिपलाद से मिल रहे पानी का ट्रीटमेंट करके ही आमजन को शुद्ध पेयजलापूर्ति कर रहे है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब जलदाय विभाग के अधिकारी नगर में शुद्ध पेयजल सप्लाई का दावा कर रहे,तो राजगढ़ से पानी लाने की जरूरत ही क्यो है..?</p>
<p><strong>फैक्ट्रियों का अपशिष्ट मिलने से पिपलाद नदी में हो रहा जल प्रदूषण</strong><br />नगर में उद्योगों व फैक्ट्रियों से निकलने वाले केमिकल अपशिष्ठ को पिपलाद में जाकर मिलने वाले नालों में छोड़ा जा रहा है, जिससे लगातार पिपलाद नदी प्रदूषण का शिकार हो रही है। रामटी पुलिया के पास नाले में लम्बे समय से अपशिष्ठ व केमिकल युक्त गंदे पानी की निकासी की जा रही है, जो सीधे पिपलाद में जाकर गिरता है। इसको रोकने के लिए शहरवासियों ने पूर्व में कई जनआंदोलन भी किए पर आखिर बीतते समय के साथ सभी नतमस्तक हो गए और पिपलाद का अस्तित्व खत्म होने की कगार पर है। यह सब शहरवासियों के लिए एक जंग हारने जैसा है।</p>
<p><strong>कभी हुआ करता था पिकनिक स्पॉट, आज पड़ा सुनसान</strong><br />पिपलाद डेम किसी समय पिकनिक स्पॉट के रूप में जाना जाने लगा था। पर बीतते समय, अनदेखी के अभाव व जलप्रदूषण के चलते प्रदूषित नदियों में गिना जाने लगा है। एक समय ऐसा था कि दूर-दराज से यहां लोग घूमते आते थे। पर्यटन स्पॉट के रूप में भी उभरने लगा था। यहा का प्राकृतिक सौंदर्य लोगों का मनमोह लेता है। देखरेख के  अभाव में यह सब धीरे-धीरे विलुप्त होता जा रहा है।</p>
<p><strong>क्षेत्रवासियों का दर्द</strong><br />पिपलाद बांध का पानी प्रदूषित हो रहा है। हम एक फैक्ट्री के पीछे रहते है। हमारी कुंईया के पानी भी खराब हो रहा है। चमनी से निकलने वाली चुरी भी उड़कर घरों तक आती है।<br /><strong>- प्रभुलाल मेघवाल, रहवासी </strong></p>
<p>रात को पिपलाद बांध में आसपास की फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल का गन्दा पानी छोड़ा जाता है, मेरे वार्ड में लोगों के घरों में कुआें में तक पीला व काला रंग जैसा पानी आ रहा है, नहाने-धोने में बहुत परेशानी आती है। कई बार उच्च अधिकरियों को शिकायत करी पर निस्तारण नही हुआ।<br /><strong>- राजेश मेघवाल, वार्ड पार्षद </strong></p>
<p>हमने यहां जो ट्यूबवेल लगवाई उसमें भी जमीन से इतना केमिकल निकला और आज भी ट्यूबवेल से गन्दा व दुर्गंध भरा पानी आता है। थोड़ी बहुत फसलें व सब्जियां बोई थी वो भी केमिकल की वजह से नष्ट हो गई। <br /><strong>- अरुण तंवर, शहरवासी </strong></p>
<p>गंदे पानी के फिल्टर का प्लांट तो लगवाया है, पर वास्तविकता में फिल्टर होता नही है। यह गन्दा पानी ही पिपलाद में जाकर मिल रहा और पूरे नगर ने सप्लाई किया जा रहा है। इस केमिकल के कारण कई बार तो मछलियां मरती हुई देखी है।<br /><strong>- राम बैरवा, पार्षद </strong></p>
<p>22 करोड़ से अधिक लागत से राजगढ़ बांध से भवानीमंडी में पानी लाने की योजना  पिछले बजट में स्वीकृत हुई थी। इसके लिए पाइप लाइन डालने का काम जल्द ही पूरा होगा। पिपलाद बांध में जल प्रदूषण को ट्रीटमेंट करके शुद्ध पानी की सप्लाई की जा रही है। अब साथ ही राजगढ़ बांध से पानी लाने की योजना पूरी होते ही पानी की समस्या हल हो जाएगी।<br /><strong>- रमन लाल जाटव, एक्सइएन, जलदाय विभाग </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--piplad-dam-is-a-victim-of-pollution/article-106483</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--piplad-dam-is-a-victim-of-pollution/article-106483</guid>
                <pubDate>Wed, 05 Mar 2025 15:08:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-03/6622-copy65.jpg"                         length="572956"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जलसंकट: भीषण गर्मी में ट्यूबवेलों की सांसें फूली </title>
                                    <description><![CDATA[भवानीमंडी को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल सप्लाई के लिए राजगढ़ डेम से जोड़ने की मांग कई वर्षों से चल रही है, लेकिन अब तक कोई परिणाम नहीं निकला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/water-crisis--tubewells-are-out-of-breath-in-the-scorching-heat/article-79663"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/jal-sankat-bhishan-garmi-mein-tubewells-ki-sansen-phoole...jhalawar-news-28.05.2024.jpg" alt=""></a><br /><p>भवानीमंडी। पिछले वर्ष कम बारिश के चलते इस बार भवानीमंडी शहर के ट्यूबवेल और कुओं ने मई माह के चलते साथ छोड़ दिया है, इसके चलते शहर में जल संकट गहरा गया है। पिपलाद बांध से हालांकि एकांतरे में जल सप्लाई हो रही है जो नाकाफी है, उधर भेंसोदामंडी में हर घर में कुइयां होने से अधिकतर जनता कुईयां पर ही निर्भर है, मगर गर्मी के चलते कूइयां में पानी रितने से भारी जल संकट पैदा हो गया है। जिसको देखते हुए नगर पालिका को टैंकर का सहारा लेते हुए पूर्व सरपंच व वर्तमान पार्षद श्याम गर्जर द्वारा घर घर जल सप्लाई करने पड़ रहा है। भवानीमंडी में अधिकतर घरों कुईआ और नलकूप का पानी रितने से सारा दारोमदार नल सप्लाई पर आ टिका है, एक दिन छोड़कर नल सप्लाई से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।</p>
<p><strong>नही जुड़ पाया राजगढ़ डेम से</strong><br />भवानीमंडी को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल सप्लाई के लिए राजगढ़ डेम से जोड़ने की मांग कई वर्षों से चल रही है, लेकिन अब तक कोई परिणाम नहीं निकला। हालांकि क्षेत्र के नेताओं की लिस्ट में ये मांग पहले नंबर पर है, परंतु धरातल पर मांग ये नहीं उतरी है, क्षेत्र के सांसद विधायक सभी सत्ता पक्ष के होने से उम्मीद बंधी थी, परंतु अभी तक तो राजगढ़ डेम का पानी भवानीमंडी को नहीं मिला है।</p>
<p>पेयजल की समय पर आपूर्ति नहीं होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घरेलू कामकाज में भी परेशानी आ रही है।<br /><strong>- सीमा, गृहिणी</strong></p>
<p>गर्मी के मौसम में पानी की कमी से काफी परेशानी हो रही है। पेयजल के लिए आसपास के कुएं व ट्यूबवेल पर निर्भर होना पड़ रहा है।<br /><strong>- बालाराम, स्थानीय निवासी</strong></p>
<p>भीषण गर्मी के चलते स्थानीय बांध व तालाबों में पानी की भारी किल्लत हो रही है, जिसके चलते कम मात्रा में पानी की सप्लाई हो पा रही है, जहां पानी नहीं पहुंच पा रहा है वहां टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई की जा रही है।<br /><strong>- रायसिंह जेईएन अधिकारी, जलदाय विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/water-crisis--tubewells-are-out-of-breath-in-the-scorching-heat/article-79663</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/water-crisis--tubewells-are-out-of-breath-in-the-scorching-heat/article-79663</guid>
                <pubDate>Tue, 28 May 2024 18:15:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/jal-sankat-bhishan-garmi-mein-tubewells-ki-sansen-phoole...jhalawar-news-28.05.2024.jpg"                         length="474179"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        