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                <title>Free Ration - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>मुफ्त का राशन लेने वाले 590 सरकारी कर्मचारी लापता</title>
                                    <description><![CDATA[कर्मचारी पांच साल से लापता हो रहे हैं। इनका पता नहीं चलने से अभी तक गेहूं की वसूली नहीं हो पाई है।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/590-government-employees-who-took-free-ration-are-missing/article-93114"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(2)14.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) में लाभार्थी बनकर गरीबों के हक का गेहूं उठाने वाले 83679 सरकारी कर्मचारियों में से 16382 से राज्य सरकार 4 साल बाद भी वसूली नहीं कर सकी है। इनमें कोटा जिले के 590   कर्मचारी शामिल हैं। सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद मुफ्त का गेहूं लेने के मामले सामने आने के बाद सरकार की ओर जांच कराई गई थी। जांच में कोटा जिले में लगभग 1180 सरकारी कर्मचारियों द्वारा लम्बे समय तक मुफ्त गेहूं लेना पाया गया था। इसके बाद सम्बंधित कर्मचारियों को वसूली के लिए नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से 500 से अधिक कर्मचारियों से गेहूं लेने की एवज में वसूली कर ली गई थी जबकि अभी भी 590 कर्मचारियों से वसूली बाकी है। यह कर्मचारी पांच साल से लापता हो रहे हैं। इनका पता नहीं चलने से अभी तक गेहूं की वसूली नहीं हो पाई है।  </p>
<p><strong>ट्रेस करने का कर रहे प्रयास</strong><br />रसद विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले के 50 प्रतिशत सरकारी कर्मचारियों से मुफ्त गेहूं लेने की एवज राशि वसूल कर ली है। शेष कर्मचारियों को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि राशनकार्ड में दर्ज नाम-पते के आधार पर सम्बंधित कर्मचारी के घर पर वसूली के नोटिस भेजे जा रहे हैं, लेकिन कहीं नाम तो कहीं पता सही नहीं होने के कारण नोटिस तामिल नहीं हो पा रहा है। इससे कर्मचारियों का पता नहीं लग पा रहा है। अब इस सम्बंध में ट्रैजरी सहित अन्य विभागों से सम्पर्क कर शेष कर्मचारियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।</p>
<p><strong>साल 2020 से शुरू  हुई थी वसूली</strong><br />दरअसल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में सरकारी कार्मिकों के पात्र बनकर गेहूं उठाने की शिकायतों के बाद साल 2020 में जिला रसद अधिकारियों से जांच कराई थी। जांच में सरकारी कार्मिकों के नाम सामने आने के बाद उठाए गए गेहूं की कीमत बाजार दर से वसूलने के निर्देश दिए थे। उस समय योजना को आधार से लिंक करने पर जांच में मामले सामने आए थे। अब तक 67297 कार्मिकों से 82 करोड़ 66 लाख रुपए की वसूली कर ली गई है। इन सरकारी कार्मिकों ने गरीब के हिस्से का गेहूं 1 से 2 रुपए किलो में लिया था, लेकिन इनसे सरकार ने वसूली गेहूं की बाजार कीमत 27 रुपए किलो के हिसाब से की है।</p>
<p><strong>दो जिलों में शत प्रतिशत वसूली</strong><br />रसद विभाग ने करौली और टोंक में कार्मिकों से शत प्रतिशत वसूली कर ली है। करौली में 2924 कार्मिकों से 4 करोड़ 33 लाख और टोंक में 1175 कार्मिकों से 1 करोड़ 40 लाख रुपए से अधिक वसूले गए हैं। वहीं, भरतपुर ग्रामीण और उदयपुर ग्रामीण में जांच में किसी कर्मचारी का नाम सामने नहीं आया था। मुफ्त का गेहूं लेने वाले कर्मचारियों में राज्य और केंद्रीय दोनों शामिल हैं। गत दिनों खाद्य आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने जिला रसद अधिकारियों (डीएसओ) को वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। </p>
<p><strong>इन जिलों में सबसे कम कर्मचारी</strong><br />- जयपुर शहर में    314<br />- बीकानेर में    494<br />- कोटा ग्रामीण में    590 <br />- राजसमंद में    733<br />- धौलपुर में    776<br />- पाली में    861<br />- अजमेर ग्रामीण में    909  <br />- अजमेर शहर में    960<br />- जालोर में    971</p>
<p><strong>इन जिलों में सर्वाधिक कर्मचारी</strong><br />- दौसा में    7702<br />- बांसवाड़ा में    6147<br />- जयपुर ग्रामीण में    6243<br />- अलवर में    6027<br />- उदयपुर शहर में    5267</p>
<p>मुफ्त का राशन लेने वाले 50 प्रतिशत सरकारी कर्मचारियों से वसूली हो गई। शेष से वसूली के प्रयास किए जा रहे हैं। राशनकार्ड में नाम-पते गलत होने के कारण दिक्कत हो रही है। अब ट्रैजरी सहित अन्य विभागों के माध्यम से इनका पता लगाया जा रहा है।<br /><strong>-कृष्ण कुमार, प्रवर्तन निरीक्षक, रसद विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Oct 2024 15:35:02 +0530</pubDate>
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                <title>बिना किसी भेदभाव के मोदी सरकार ने 80 करोड़ देशवासियों को दिया मुफ्त राशन: मुख्यमंत्री </title>
                                    <description><![CDATA[‘इंडिया’ गठबंधन हार-हताशा का प्रतीक, बीजेपी गुजरात की सभी सीट भारी मतों से जीतेगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/without-any-discrimination-modi-government-gave-free-ration-to-80/article-75216"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/transfer25.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और जातिवाद की राजनीति कर देश को नुकसान पहुंचाया है। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास कर रहा है और भारत का गौरव विश्वभर में बढ़ रहा है। </p>
<p>मुख्यमंत्री मंगलवार को गुजरात के पालनपुर में बनासकांठा लोकसभा भाजपा प्रत्याशी डाॅ. रेखा बेन के समर्थन में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास-सबका प्रयास को ध्येय बनाते हुए बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक व्यक्ति को भरपूर राहत और उनका उत्थान करने का अतुलनीय काम किया है। आज जब मोदी सरकार 80 करोड़ से अधिक देशवासियों को मुफ्त राशन देती है तो वो किसी से जाति-धर्म नहीं पूछती। </p>
<p>उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने गरीब के कल्याण और उनकी सेवा के कोई कसर नहीं छोड़ी है। सामाजिक सुरक्षा हो या सामरिक सुरक्षा, हर क्षेत्र में मोदी सरकार ने ऐतिहासिक कार्य किए हैं। वर्ष 2014 से पहले देश को आतंकवादी घटनाओं का आए दिन सामना करना पड़ता था। आतंकवादी बम फोड़ कर चले जाते थे, लेकिन आज कोई भी दुश्मन हमारे देश की ओर आंख उठाकर नहीं देख सकता। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कांग्रेस सिर्फ गरीबी हटाओ का नारा देती थी, जबकि कांग्रेस का गरीब से कोई सरोकार नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने वंचितों और किसानों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ देखा और उनकी सभी समस्याओं को समाधान कर उनका भला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राम मंदिर का निमंत्रण ठुकराया और कांग्रेसियों में से राम भी निकल गए। वहीं, सोमनाथ, महाकाल (उज्जैन) मंदिर के काॅरिडोर और अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण से भारत की सांस्कृतिक विरासत पुुनः स्थापित करने का  पुण्य प्रधानमंत्री ने किया। </p>
<p>उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी दलों का किया गया ‘इंडिया’ गठबंधन हार और हताशा का प्रतीक है। आज कांग्रेस छोटे-मोटे दलों से समझौता कर अपना अस्तित्व बचाने का प्रयास कर रही है। जबकि ये वही कांग्रेस है जिसका देश में एकछत्र राज हुआ करता था। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए गए अभूतपूर्व ऐतिहासिक कार्यों से कांग्रेस की ऐसी स्थिति बनी है। 2024 में देश की कमान पुनः मोदी के हाथ में आ रही है। बनासकांठा राजस्थान की सीमा से जुड़ता हुआ जिला है। यहां आकर मैं घर जैसा ही महसूस कर रहा हूं। उन्होंने आह्वान किया कि 2014 और 2019 की तरह 2024 में भी गुजरात की जनता बीजेपी को सभी 26 सीटों पर भारी मतों से जिताएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Apr 2024 17:45:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का -कलक्टर ने पूरे जिले में फ्री राशन वितरण पर लगाई रोक</title>
                                    <description><![CDATA[जिसमें एक्सपायरी डेट की सामग्री के पैकेट सील कर कार्रवाई की। जिला फूड इंस्पेक्टर घनश्याम ने सेंपलिंग के लिए फ्री राशन सामग्री योजना के पैकेट को सीजकर सील किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---collector-bans-distribution-of-free-ration-in-the-entire-district/article-72396"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/transfer-(7)1.png" alt=""></a><br /><p>रावतभाटा। दैनिक नवज्योति में रविवार को रावतभाटा क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की फोटो लगा फ्री राशन किट एक्सपायरी डेट होने के बावजूद भी ग्राहकों को देने वाली खबर प्रकाशित होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। तुरंत एक्शन में आते हुए जिला कलक्टर आलोक रंजन ने फ्री राशन योजना के डिस्ट्रीब्यूटर मोहन ट्रेडर्स जिला उदयपुर पर अनुशासनात्मक कार्यवाही के आदेश दिए। जानकारी के अनुसार रावतभाटा उपखंड अधिकारी महेश गोगरीया और जिला रसद अधिकारी के नेतृत्व में क्षेत्र के राशन डीलर की दुकानों पर जाकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की फोटो लगी सामग्री का निरीक्षण किया। जिसमें एक्सपायरी डेट की सामग्री के पैकेट सील कर कार्रवाई की। जिला फूड इंस्पेक्टर घनश्याम ने सेंपलिंग के लिए फ्री राशन सामग्री योजना के पैकेट को सीजकर सील किया। </p>
<p><strong>निरीक्षण में मिले पूर्व मुख्यमंत्री की फोटो लगे किट</strong><br />उपखंड अधिकारी महेश गोगरीया और जिला रसद अधिकारी ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के फोटो लगे फ्री राशन योजना के एक्सपायरी डेट के किट सीज किए। राशन डीलर को हिदायत दी कि किसी भी प्रकार से इस योजना के किटों का वितरण नहीं किया जाए।</p>
<p>कलक्टर आलोक रंजन के आदेशानुसार राशन डीलर की दुकान का रात्रि में निरीक्षण कर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के फोटो लगे एक्सपायरी डेट फ्री राशन किट को जब्त कर सीज किया गया। उच्च अधिकारियों को जानकारी भेजी गई।<br /><strong>-महेश गोगरीया, उपखंड अधिकारी</strong></p>
<p>निरीक्षण के दौरान मुख्य ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल जाटव की मौजूदगी में सामग्री को सीज कर सेंपलिंग के लिए उदयपुर भेजा जाएगा। आगे की जो भी कार्रवाई होगी वह अधिकारी के आदेशानुसार मान्य होगी।<br /><strong>-घनश्याम, जिला फूड इंस्पेक्टर</strong></p>
<p>हमारी दुकान में 674 फ्री राशन किट आए थे। जिसमें से 239 राशन किट बांट दिए गए और बाकी बचे किट को वितरण से रोक दिया गया है। इन किट का क्या करना है इसकी कोई जानकारी विभाग द्वारा अभी तक हमें नहीं दी गई है।<br /><strong>-श्याम गुलाटी, राशन डीलर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Mar 2024 12:45:54 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>75 साल बाद भी 80 करोड़ को मुफ्त राशन देने की जरूरत?</title>
                                    <description><![CDATA[देश की बड़ी आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही है। आजादी से लेकर अब तब देश से गरीबी का उन्मूलन नहीं हो सका है। यह जानकर हैरानी होती है कि 75 साल बाद भी 80 करोड़ जनसंख्या गरीब है। सरकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत देश के 80 करोड़ गरीबों को दीपावली तक मुफ्त अनाज देगी। 75 वर्षों में ऐसी स्थिति क्यों आई की देश के 80 करोड़ लोगों के लिए दो वक्त के भोजन की व्यवस्था सरकार को करनी पड़ रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/75-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%AD%E0%A5%80-80-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A5%9C-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A4%A4/article-1291"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-07/ration.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>@नरेंद्र चौधरी</strong><br /> देश की बड़ी आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही है। आजादी से लेकर अब तब देश से गरीबी का उन्मूलन नहीं हो सका है। यह जानकर हैरानी होती है कि 75 साल बाद भी 80 करोड़ जनसंख्या गरीब है। सरकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत देश के 80 करोड़ गरीबों को दीपावली तक मुफ्त अनाज देगी। 75 वर्षों में ऐसी स्थिति क्यों आई की देश के 80 करोड़ लोगों के लिए दो वक्त के भोजन की व्यवस्था सरकार को करनी पड़ रही है। इतने वर्षों में गरीबी उन्मूलन के लिए जितना धन खर्च हुआ उसका क्या हुआ? वह धन डायरेक्ट या इनडायरेक्ट रूप से आयकर दाताओं का ही था। एक ही समस्या के लिए क्या आयकरदाता जिंदगी भर पैसा देते रहेंगे उन्हें क्या हर साल पैसा देना पड़ेगा जबकि गरीबी उन्मूलन आज तक नहीं किया गया। 80 करोड़ गरीब अपने जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं रोटी, कपड़ा और मकान से वर्तमान में भी ऊपर नहीं उठ पाए हैं, इनकी आय का स्तर इतना कम है कि भौतिक आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ है। दो वक्त की रोटी जुटा पाने में इनकी जिंदगी निकल जाती है। उसी में इतने उलझे रहते हैं तो शिक्षित कैसे हो पाएंगे। <br /> <br /> जब इतनी आबादी शिक्षित नहीं हो पाएंगी तो देश का विकास कब व कैसे होगा? देश के फैसले में इनकी भागीदारी नहीं हो पाती है। बड़े मुद्दों पर निर्णय लेने में इनकी राय नहीं आ पाती है। ओपिनियन बिल्डिंग में इनका कोई सहयोग ही नहीं है। 80 करोड़ यानी 57 प्रतिशत आबादी की महत्वपूर्ण मुद्दों पर भागीदारी नहीं मिलती, कैसे तरक्की होगी देश में...? यदि 80 करोड़ शिक्षित होंगे तो देश का भविष्य और विकास की दिशा ही बदल जाएगी, क्योंकि यह अपने अधिकारों के बारे में जागरुक हो जाएंगे। अभी ये अपने अधिकारों के बारे में जानते नहीं है। सरकार एजुकेशन के नाम पर एजुकेशन सेस भी ले रही है। वह पैसा  भी कहां जा रहा है? गरीबी उन्मूलन समस्या के लिए बार-बार पैसा लिया जाता है लेकिन आज तक इतनी सरकारें आईं और गईं, किसी का भी यह एजेंडा नहीं रहा कि हम इतने समय अवधि में देश से गरीबी का उन्मूलन कर देंगे। इस बात की आज तक किसी ने गारंटी नहीं दी। यह समस्या सिर्फ अकेले ना तो केंद्र सरकार की है, और ना ही राज्य सरकारों की है। यह सबकी समस्या है। इस पर राज्य व केंद्र सरकार दोनों को मिलकर काम करना चाहिए? <br /> <br /> विश्व में बड़े-बड़े अर्थशास्त्री और बुद्धिजीवी हैं। उनसे इस मसले पर चर्चा की जानी चाहिए। वह पूरा प्लान बताएं कि इतनी समय अवधि में संपूर्ण देश से गरीबी उन्मूलन कर दिया जाएगा और उसके लिए इतना धन लगेगा। गरीबी हटाओ का नारा तो 1971 में दिया गया था इसके बावजूद आज भी गरीबी नहीं हटाई जा सकी। गरीबी देश के लिए नुकसानदायक ही है। गरीबी दूर होगी तो अपराध भी घटेंगे। भूख से जब इन्हें निजात मिलेगी तो शिक्षित होने के बारे में सोच पाएंगे क्योंकि भूखे पेट पढ़ाई भी नहीं होती है। भूख ही है जो आपराधिक गतिविधियों के दलदल में धकेलती है। वहीं दूसरी ओर देश की राजनीति भी गरीबों को अशिक्षित और गरीब बनाए रखना चाहती है जिससे राजनीति चलती रहे। जब गरीबी हटेगी और शिक्षा का स्तर बढ़ेगा तो देश उन्नति कर पाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jul 2021 17:34:53 +0530</pubDate>
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