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                <title>Panchamrit Abhishek - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Panchamrit Abhishek RSS Feed</description>
                
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                <title>भव्य अभिषेक का नजारा! मोती डूंगरी गणेश मंदिर में 151 किलो दूध से स्नान, 1001 मोदक चढ़ाए गए</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के प्रसिद्ध मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में रविवार को भव्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। महंत कैलाश शर्मा के सानिध्य में भगवान गणपति का 151 किलो दूध और पंचामृत से अभिषेक किया गया। सहस्त्रनाम पाठ के साथ 1001 मोदकों का भोग लगाया गया, जिसके बाद गजानन नवीन पोशाक में 'फूल बंगले' में विराजमान हुए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/view-of-the-grand-abhishek-bathing-with-151-kg-milk/article-145052"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/moti-dungari.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मोतीडूंगरी स्थित श्री गणेश जी मंदिर में रविवार प्रातः विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। सुबह भगवान गणपति महाराज का 151 किलो दूध, 21 किलो दही, 21 किलो बूरा, घी, शहद, केवड़ा जल, गुलाब जल, केवड़ा इत्र एवं गुलाब इत्र से अभिषेक किया गया।</p>
<p>मंदिर के महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि सबसे पहले भगवान का गंगाजल, केवड़ा जल और गुलाब जल से पवित्र स्नान कराया गया। इसके पश्चात पंचामृत से विधिवत अभिषेक सम्पन्न हुआ। तत्पश्चात पुनः गंगाजल से शुद्ध स्नान कराकर विशेष पूजा-अर्चना की गई।</p>
<p>प्रातः 11 बजे भगवान श्री गणपति के सहस्त्रनाम पाठ के साथ 1001 मोदकों का अर्पण किया गया। इस दौरान भगवान को नवीन पोशाक धारण कराई गई और विशेष खीर का भोग भी लगाया गया। अनुष्ठान के पश्चात भगवान श्री गणपति फूल बंगले में विराजमान हुए। मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 18:00:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पुष्य नक्षत्र पर गणपति का पंचामृत अभिषेक : मोती डूंगरी गणेश मंदिर में 151 किलो पंचामृत से कराया स्नान, श्रद्धालुओं की लगी भीड़</title>
                                    <description><![CDATA[पुष्य नक्षत्र के अवसर पर मोती डूंगरी गणेश मंदिर, परकोटा गणेश जी के मंदिर में पंचामृत अभिषेक किया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ganpatis-panchamrit-abhishek-moti-dungri-ganesh-temple-on-pushya-nakshatra/article-121668"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(8)9.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पुष्य नक्षत्र के अवसर पर मोती डूंगरी गणेश मंदिर, परकोटा गणेश जी के मंदिर में पंचामृत अभिषेक किया गया। मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में 151 किलो पंचामृत-दूध, दही, घी, शहद और बूरा से भगवान का अभिषेक कराया गया। मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरे वातावरण में जय श्रीगणेश के जयकारे गूंज उठे। महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि पुष्य नक्षत्र अत्यंत शुभ माना जाता है और इस शुभ दिन में भगवान को सिंदूर का चोला भी चढ़ाया गया। इसके बाद नवीन पोशाक  धारण कराई गई। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार और आरती का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने पूजा में भाग लिया और भगवान से सुख-समृद्धि तथा मंगल की कामना की।</p>
<p><strong>परकोटे गणेश मंदिर में हुआ आयोजन :</strong></p>
<p>चांदपोल परकोटा गणेश मंदिर में विशेष अभिषेक महोत्सव का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। मंदिर में 101 किलो दूध और पंचामृत से गणेश जीका अभिषेक किया गया। महंत पंडित अमित शर्मा ने बताया कि सर्वप्रथम गणेश जी महाराज का दूध, दही, शहद, गंगाजल, केवड़ा जल, गुलाब जल एवं केसर जल से अभिषेक किया गया। भगवान को सिंदूर का चोला अर्पित कर नवीन पोशाक पहनाई गई। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Jul 2025 14:21:02 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राधारानी जी का दूध, दही, घी, बूरा, शहद से होगा पंचामृत अभिषेक </title>
                                    <description><![CDATA[श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम के बाद अब ठिकाना मंदिर श्री गोविंद देवजी में राधाष्टमी का उत्सव भी उसी उल्लास और उमंग के साथ भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 11 सितंबर को मनाया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/panchamrit-abhishek-will-be-done-with-radharani-jis-milk-curd/article-89501"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/pze-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम के बाद अब ठिकाना मंदिर श्री गोविंद देवजी में राधाष्टमी का उत्सव भी उसी उल्लास और उमंग के साथ भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 11 सितंबर को मनाया जाएगा। मंदिर छावन में ठाकुर जी के समक्ष सात से ग्यारह सितंबर तक प्रतिदिन सुबह साढ़े नौ से सवा दस बजे तक तथा शाम को सात से रात्रि साढ़े आठ बजे तक उत्सव दर्शन होंगे। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी जी महाराज के सान्निध्य में राधाष्टमी महोत्सव का श्रीगणेश 07 सितंबर को शाम सात से रात्रि साढ़े आठ बजे तक गौरांग महाप्रभु संकीर्तन मंडल के हरिनाम संकीर्तन के साथ होगा। आठ सितंबर को सुबह हरिनाम संकीर्तन परिवार और शाम को श्याम भजन संध्या परिवार सेवा समिति की ओर से ठाकुरजी के दरबार में भजनों की हाजिरी दी जाएगी। नौ सितंबर को सुबह चाकर मंदिर गोविंद देवजी के भक्त गण राधा जी और श्रीजी को रिझाएंगे, वहीं शाम को माताजी वृंदावन की भजन संध्या होगी। दस सितंबर को अखंड हरिनाम संकीर्तन बंगाली महिला मंडल की सदस्याएं सुबह और शाम हरिनाम संकीर्तन के साथ भजनों से ठाकुरजी का गुणगान करेंगी। राधाष्टमी के दिन भी सुबह की वेला में अखंड हरिनाम संकीर्तन बंगाली महिला मंडल की ओर से ही भजन-कीर्तन होगा। शाम को गौर गोविंद महिला मंडल की महिलाएं किशोरी जी के जन्म की बधाइयां गाएंगी। </p>
<p><strong>मुख्य उत्सव 11 सितंबर को</strong><br />राधाष्टमी 11 सितंबर को है। मंगला झांकी दर्शन सुबह 4 बजे होंगे। इसके बाद 4.45 बजे प्रिया जी (राधारानी जी) के अभिषेक दर्शन खोले जाएंगे। राधारानी जी का दूध, दही, घी, बूरा, शहद से पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद महाआरती के दर्शन होंगे। पंचामृत का निशुल्क वितरण मंदिर परिसर में किया जाएगा। इसके बाद धूप झांकी खोली जाएगी। ठाकुर श्रीजी को नवीन पीत (पीली) पोशाक एवं विशेष अलंकार श्रृंगार धारण कराए जाएंगे। पंजीरी, लड्डू, मावा की बर्फी का भोग अर्पण किया जाएगा। धूप झांकी में महंत अंजन कुमार गोस्वामी  ठाकुर श्रीजी का अधिवास पूजन करेंगे। छप्पन भोग झांकी के दर्शन होंगे। श्रृंगार झांकी में बधाई-उछाल कर श्री राधा रानी जी का उत्सव मनाया जाएगा। संध्या काल में ठाकुर श्रीजी की विशेष फूल बंगला झांकी के दर्शन होंगे। विशेष उत्सव दर्शन झांकी शाम 7 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक होंगे। इसके बाद शयन झांकी खोली जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Sep 2024 19:00:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>गिरिराज महाराज की शरण मे मुख्यमंत्री, पूछरी का लौठा श्रीनाथजी मंदिर में किया पंचामृत अभिषेक</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गिरिराज महाराज की शरण में पहुंचे। सीएम ने परिवारजनों के साथ पूछरी का लौठा में श्रीनाथजी मंदिर में पंचामृत से अभिषेक किया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-puchhari-returned-under-the-protection-of-giriraj-maharaj/article-80116"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/t211rer-(11).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गिरिराज महाराज की शरण में पहुंचे। सीएम ने परिवारजनों के साथ पूछरी का लौठा में श्रीनाथजी मंदिर में पंचामृत से अभिषेक किया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की।  </p>
<p>सीएम ने प्रदेश में अच्छी बारिश की गिरिराज जी महाराज से प्रार्थना की। सीएम ने कहा कि देश मोदी जी पर विश्वास करता है', 'सीमाओं की सुरक्षा, नक्सलवाद का खात्मा, विदेश में भी बढ़ रहा भारत का मान। मुख्यमंत्री गिरिराज महाराज दर्शन के लिए पहले से ही नियमित जाते रहे है, मुख्यमंत्री बनने के बाद भी अब तक तीन बार मुख्यमंत्री गिरिराज महाराज की शरण में जा चुके है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने मेहंदीपुर बालाजी में मंदिर दर्शन कर प्रदेश में अमन चैन और कुशी की कामना की थी मुख्यमंत्री आज पुलिस अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Jun 2024 14:31:50 +0530</pubDate>
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