<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/strict-action/tag-46597" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>strict action - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/46597/rss</link>
                <description>strict action RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सोशल मीडिया पर वायरल महिला उत्पीड़न मामला : पुलिस की त्वरित कार्रवाई, लापरवाही पर दो कर्मी निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर पुलिस ने गर्भवती महिला से छेड़छाड़ मामले में सख्त रुख अपनाया है। विशेष टीमों का गठन कर आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है और रूट मैप तैयार किया गया है। प्रारंभिक जांच में ढिलाई बरतने पर दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/women-harassment-case-viral-on-social-media-quick-action-by/article-150227"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/जयपुर-गर्भवती-महिला-से-छेडछाड़.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आई गर्भवती महिला से छेड़छाड़ की गंभीर घटना को लेकर पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए एक्शन मोड में कार्यवाही शुरू कर दी है। मामले में जहां एक ओर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया गया है, वहीं दूसरी ओर प्रारंभिक जांच में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।</p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></p>
<p>जांच में सामने आया कि यह घटना 25 मार्च 2026 को जयपुर के मालवीय नगर क्षेत्र के सेक्टर-9 में शाम करीब 6:10 बजे हुई थी। पीड़िता, जो कि गर्भवती महिला है, ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि एक अज्ञात युवक ने पीछे से आकर उसे पकड़ लिया, गलत तरीके से छुआ और छेड़छाड़ की। महिला के विरोध करने और चिल्लाने पर आरोपी ने पत्थर उठाकर डराने की कोशिश की और मौके से फरार हो गया। इस संबंध में 26 मार्च 2026 को थाना जवाहर सर्किल में मामला दर्ज किया गया ।</p>
<p><strong>जांच और पुलिस की कार्रवाई</strong></p>
<p>घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच को तेज करते हुए इसे थाना प्रभारी स्तर पर स्थानांतरित किया गया। साथ ही: डीएसटी (जिला स्पेशल टीम) जयपुर पूर्व और थाना स्तर की विशेष टीमों का गठन किया गया। घटनास्थल के आसपास लगे करीब 3 किलोमीटर क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।<br />फुटेज के आधार पर रूट मैप तैयार किया गया।<br />तकनीकी अनुसंधान और पूर्व में अपराध कर चुके संदिग्धों के आधार पर आरोपी की पहचान की गई।<br />आरोपी और उसे शरण देने वाले व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें रवाना की गईं।<br />पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की जल्द गिरफ्तारी कर घटना का खुलासा किया जाएगा।</p>
<p><strong>लापरवाही पर सख्त कार्रवाई</strong></p>
<p>इस गंभीर मामले में प्रारंभिक स्तर पर लापरवाही सामने आने पर ड्यूटी ऑफिसर महेशचंद (उप निरीक्षक) और जांच अधिकारी अंगदराम (हेड कांस्टेबल) को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही दोनों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/women-harassment-case-viral-on-social-media-quick-action-by/article-150227</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/women-harassment-case-viral-on-social-media-quick-action-by/article-150227</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 15:27:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AD%E0%A4%B5%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9B%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%9B%E0%A4%BE%E0%A5%9C.png"                         length="1303062"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फिर भी क्यों खतरनाक हो रहा मांझा, जानें वजह </title>
                                    <description><![CDATA[ पाबंदी के बाद भी बाजार में धड़ल्ले से बिक रहा चायनीज मांझा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/why-is-this-kite-string-so-dangerous/article-137039"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/etws-(1)7.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।चायनीज मांझा खतरनाक होने से इसका उपयोग किया जाना प्रतिबंधित है। उसके बाद भी पतंग उड़ाने में अधिकतर इसी मांझे का उपयोग किया जा रहा है। नगर निगम व पुलिस की ओर से हर बार चायनीज मांझे की जब्ती भी की जाती है। उसके बाद भी यह बाजार में बिक रहा है।चायनीज मांझा तीखा व खतरनाक होता है जिससे पतंग उड़ाने पर उड़ाने वाले के हाथ कटने के साथ ही यह राहगीरों के लिए भी घातक हैं। पतंग कटने पर सड़क पर लटका मांझा राह चलते वाहन चालकों के गर्दन पर कट लगने से यह उनके लिए खतरनाक साबित होता है। साथ ही बिजली के तारों पर उझलने पर लाइट गुल करने और आकाश में उड़ते पंछियों के पंख काटने व उन्हें घायल करने तक में घातक होता है।इस कारण से सरकार की ओर से चायनीज मांझे के उपयोग को प्रतिबंधित किया हुआ है। जिससे हर बार दिसम्बर के अंत में और जनवरी में मकर संक्रांति पर उड?े वाली पतंगों में उसका उपयोग करने पर नगर निगम व पुुलिस की ओर से कार्रवाई की जाती है।</p>
<p>नगर निगम के फायर व अतिक्रमण अनुभाग की टीमें हर साल बड़ी मात्रा में चायनीज मांझे के रोल जब्त करती हैं। पतंगों की दुकानों पर औचक जांच के दौरान जब्त मांझे के रोल को दुकानदारों के सामने ही जलाकर नष्ट भी किया गया। लेकिन उसके बावजूद इस बार भी यह बाजार में मिल रहा है। जिसके चलते गत दिनों कई लोग घायल व चोटिल हो चुके हैं।</p>
<p><strong>चोरी छिपे बिक रहा मांझा</strong><br />चायनीज मांझे के खिलाफ होने वाली कार्रवाई के डर से अब दुकानदार इसे खुलेआम तो नहीं बेचते। लेकिन चोरी छिपे यह अभी भी बाजार में बिक रहा है। सूत्रों के अनुसार दुकानदार अपने घर या अन्य जगह से इनकी बिक्री करते हैं। किराने की दुकान या घर से ही इनकी ब्रिकी कर रहे हैं। जिससे किसी को पता नहीं चल सके।<br />हालांकि गत वर्ष भी निगम की टीमों ने दुकानदारों के घर, गोदाम व टांड पर छिपाकर रखे मांझे के कई रोल जब्त कर जलाकर नष्ट किए थे।जानकारों के अनुसार चायनीज मांझा सद्दा व स्थानीय मांझे की तुलना में अधिक कारगर होता है। यह सामने वाले की पतंग काटने में बेहतर रहता है। साथ ही सस्ता भी मिलता है। इस कारण से लोग इसे पसंद करते हैं। जबकि यह पतंग उड़ाने वाले के हाथ तक काट देता है।</p>
<p><strong>आयात पर ही लगे रोक</strong><br />नयापुरा निवासी महेश विजय का कहना है कि चायनीज मांझा बाहर से आ रहा है तभी तो बाजार में बिक रहा है। यदि इसके आने पर ही रोक लगा दी जाए तो यह बिकेगा ही नहीं। साथ ही चायनीज मांझा जब्त कर नष्ट करना ही पर्याप्त नहीं है। इसका उपयोग व बिक्री करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।</p>
<p><strong>थोक व्यापारियों पर हो कार्रवाई</strong><br />खेड़ली फाटक निवासी रामचरण लोधा का कहना है कि नगर निगम व पुलिस वाले छोटे दुकानदारों पर तो कार्रवाई करते हैं। हालांकि वह भी ऊंट के मुंह में जीरे के समाान होती है। जबकि असली कार्रवाई तो चायनीज मांझे के थोक व्यापारियों व दुकानदारों पर होनी चाहिए। वही तो बाहर से यह मांझा लाकर छोटे दुकानदारों तक पहुंचाते हैं। लेकिन प्रशासन ने अभी तक किसी भी बड़े व्यापारी पर कोई कार्रवाई नहीं की। निगम व पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही बड़े व्यापारी माल को गायब कर दते हैं।</p>
<p><strong> करवाएंगे सख्त कार्रवाई</strong><br />नगर निगम कोटा के आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि वैसे तो निगम की टीम समय-समय पर चायनीज मांझे के खिलाफ कार्रवाई पहले भी करती रही है। इस बार सीएफओ की अगुवाई में टीम का गठन कर औचक जांच के आधार पर बड़े दुकानदारों पर भी कार्रवाई करवाई जाएगी। जिससे इस मांझे का उपयोग नहीं हो और आमजन व पक्षियों को घायल होने से बचाया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/why-is-this-kite-string-so-dangerous/article-137039</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/why-is-this-kite-string-so-dangerous/article-137039</guid>
                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 16:43:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/etws-%281%297.png"                         length="1970727"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल परियोजनाओं की प्रगति तेज करें, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी : सुरेश सिंह रावत</title>
                                    <description><![CDATA[जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने इंदिरा गांधी नहर भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में जल परियोजनाओं की प्रगति पर गहन मंथन किया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/strict-action-will-be-taken-on-negligence-of-water-projects/article-121525"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/212142roer5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने इंदिरा गांधी नहर भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में जल परियोजनाओं की प्रगति पर गहन मंथन किया। मंत्री रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई में राज्य सरकार ने पेयजल और सिंचाई को लेकर ऐतिहासिक घोषणाएं की हैं, जिन्हें समयबद्ध रूप से धरातल पर लाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।</p>
<p>रावत ने कार्यों में धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि लापरवाही बरतने वाले अभियंताओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने परवन वृहद बहुउद्देशीय परियोजना सहित डिग्गी, पाइपलाइन और पुनर्वास कार्यों की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए।</p>
<p>मंत्री ने जल परियोजनाओं की गुणवत्ता पर भी विशेष जोर देते हुए किसी प्रकार के समझौते को अस्वीकार्य बताया। साथ ही, वर्षा जल प्रबंधन, बांध भराव की सतर्क निगरानी और समय पर स्वीकृतियों में देरी न करने के निर्देश दिए। बैठक में जल संसाधन, सिंचित क्षेत्र विकास और ईआरसीपी समेत विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की गई। अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार और वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/strict-action-will-be-taken-on-negligence-of-water-projects/article-121525</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/strict-action-will-be-taken-on-negligence-of-water-projects/article-121525</guid>
                <pubDate>Thu, 24 Jul 2025 18:29:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/212142roer5.png"                         length="325544"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओवरलोड वाहनों पर कड़ी कार्रवाई : 1 से 11 जुलाई तक जयपुर आरटीओ प्रथम ने किए सर्वाधिक चालान</title>
                                    <description><![CDATA[सड़क एवं परिवहन विभाग की सचिव शुचि त्यागी के निर्देश पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ 1 से 11 जुलाई तक विशेष अभियान चलाया गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/strict-action-on-overload-vehicles-from-july-1-to-11/article-120357"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/rto.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सड़क एवं परिवहन विभाग की सचिव शुचि त्यागी के निर्देश पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ 1 से 11 जुलाई तक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान प्रदेशभर में आरटीओ अधिकारियों द्वारा व्यापक कार्रवाई की गई। जयपुर आरटीओ प्रथम ने सबसे अधिक 1973 चालान किए, जिनमें 256 ओवरलोड चालान शामिल हैं। वहीं, आरटीओ द्वितीय ने 1182 चालान किए, जिनमें 251 ओवरलोड चालान रहे। </p>
<p>अजमेर आरटीओ ने सर्वाधिक 2199 चालान किए, लेकिन ओवरलोड के केवल 169 प्रकरण सामने आए। कोटा रीजन में ओवरलोड के सबसे कम 17 चालान दर्ज हुए। विशेषज्ञों के अनुसार, जयपुर आरटीओ प्रथम के पास प्रदेश में सबसे अधिक परिवहन उड़नदस्ते हैं, जिससे कार्रवाई की संख्या भी अधिक रही। अन्य आरटीओ में उड़नदस्तों की संख्या सीमित होने के कारण चालानों में अंतर दिखा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/strict-action-on-overload-vehicles-from-july-1-to-11/article-120357</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/strict-action-on-overload-vehicles-from-july-1-to-11/article-120357</guid>
                <pubDate>Sun, 13 Jul 2025 17:23:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/rto.png"                         length="326431"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘लूज फास्टैग’ पर अब होगी सख्त कार्रवाई, एनएचएआई ने तेज की ब्लैक लिस्ट करने की प्रक्रिया</title>
                                    <description><![CDATA[ एनएचएआई ने कहा है कि अब ऐसे फास्टैग की पहचान होने पर तत्काल काली सूची में डाला जाएगा, जिससे टोल संचालन में व्यवधान को रोका जा सके]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/strict-action-will-be-taken-on-loose-fastag/article-120239"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news18.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल संग्रह को सुचारू बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने ‘लूज फास्टैग’ यानी ढीले अथवा गलत तरीके से लगाए गए फास्टैग को लेकर ब्लैकलिस्टिंग प्रक्रिया को और सख्त करने का फैसला किया है। एनएचएआई ने कहा है कि अब ऐसे फास्टैग की पहचान होने पर तत्काल काली सूची में डाला जाएगा, जिससे टोल संचालन में व्यवधान को रोका जा सके।</p>
<p>एनएचएआई ने एक बयान में कहा कि मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग और वार्षिक पास प्रणाली जैसे आगामी सिस्टम को ध्यान में रखते हुए फास्टैग की प्रामाणिकता और विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है, इसलिए लूज फास्टैग पर सख्ती आवश्यक है।</p>
<p><strong>कौनसे होते हैं ‘लूज फास्टैग’ </strong><br />‘लूज फास्टैग’ उन फास्टैग को कहा जाता है, जो वाहन की विंडस्क्रीन पर ठीक से चिपकाए नहीं जाते, बल्कि ड्राइवर के हाथ में होते हैं या गाड़ी में किसी ऐसे स्थान पर रखे जाते हैं जहां से उन्हें आसानी से स्कैन नहीं किया जा सकता। इससे टोल प्लाजा पर स्कैनिंग में देरी, ट्रैफिक जाम और टोल लेन में अव्यवस्था जैसी समस्याएं पैदा होती हैं।</p>
<p><strong>वाहन मालिकों से आग्रह </strong><br /> एनएचएआई ने सभी वाहन मालिकों से आग्रह किया है कि वे फास्टैग को निर्धारित स्थान पर ठीक से चिपकाएं, ताकि टोल संग्रह प्रणाली तेज, सटीक और परेशानी मुक्त बनी रह सके। बयान के मुताबिक, फास्टैग को ठीक से न लगाने से टोल प्लाजा पर परिचालन संबंधी चुनौतियां पैदा होती हैं और लेन में भीड़भाड़, झूठे चार्जबैक, इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह ढांचे में व्यवधान, टोल प्लाजा पर अनावश्यक देरी और अन्य राष्टÑीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को असुविधा होती है।</p>
<p><strong>टोल संग्रह एजेंसियों को तुरंत सूचना देने का निर्देश </strong><br />एनएचएआई ने समय पर सुधारात्मक उपाय सुनिश्चित करने के लिए अलग से ईमेल आईडी मुहैया कराई है और टोल संग्रह एजेंसियों एवं उपयोगकर्ताओं को ऐसे फास्टैग की तुरंत सूचना देने का निर्देश दिया है। प्राधिकरण ने कहा कि इस बारे में मिली सूचनाओं के आधार पर संबंधित फास्टैग को तत्काल काली सूची में डालने की कार्रवाई की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/strict-action-will-be-taken-on-loose-fastag/article-120239</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/strict-action-will-be-taken-on-loose-fastag/article-120239</guid>
                <pubDate>Sat, 12 Jul 2025 14:09:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/news18.png"                         length="198935"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रक्त तस्करी पर ब्लड बैंक सोसायटी ने दिखाया कड़ा रुख, सख्त कार्रवाई करने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान के जयपुर सहित विभिन्न शहरों से लगातार ब्लड तस्करी की खबरों को लेकर ब्लड बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/blood-bank-society-shows-tough-strict-action-on-blood-trafficking/article-102571"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/78-(10)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के जयपुर सहित विभिन्न शहरों से लगातार ब्लड तस्करी की खबरों को लेकर ब्लड बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। सोसायटी ने प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, राजस्थान सरकार तथा निदेशक राजस्थान स्टेट ब्लड ट्रांस्फ्युजन कौंसिल को पत्र लिखकर ऐसे मामलों में ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट का कडाई से पालन कराने के साथ कुकुरमुत्ते की तरह खोले जा रहे स्टेंड अलोन ब्लड बैंकों और स्तरहीन शिविर आयोजकों पर लगाम कसने का सुझाव दिया है।</p>
<p>सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. वी पी गुप्ता ने कहा है कि सरकार को चाहिए कि रक्त दान शिविरों के आयोजन से लेकर रक्त संग्रहण करने वाले केन्द्रों और ब्लड बैंकों में एकत्र रक्त की अकाउण्टेविलिटी सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि चेरिटी संस्थानों के स्थान पर व्यापारिक दृष्टि से खोले जा रहे ब्लड बैंकों और उनसे जुडे रक्तदान शिविर संचालकों की मिलीभगत का ही यह परिणाम है कि प्रदेश में आए दिन रक्त की तस्करी का खेल देखने को मिल रहा है।</p>
<p>सोसायटी के सेकेट्री डॉ. हिमांशु शर्मा का कहना है कि सरकार को चाहिए कि ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट की पालना सुनिश्चित करवाई जाए, रक्त तस्करी के मामलों में दोषी पाए जाने वाले ब्लड बैंकों और शिविर संचालकों पर कड़ी कार्रवाई हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/blood-bank-society-shows-tough-strict-action-on-blood-trafficking/article-102571</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/blood-bank-society-shows-tough-strict-action-on-blood-trafficking/article-102571</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 18:53:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-01/78-%2810%291.png"                         length="421473"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सार्वजनिक स्थानों की दशा पर पोस्टर्स ने लगाया ग्रहण </title>
                                    <description><![CDATA[फ्लाईओवर से लेकर तालाब के किनारे तक जगह-जगह चस्पा हैं फ्लेक्स पम्पलेट। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/posters-have-spoiled-the-condition-of-public-places/article-99086"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554-(2)29.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से गत दिनों  सख्त कार्रवाई करते हुए सार्वजनिक स्थानों की दशा बिगाड़ने वालों के खिलाफ थाने में मुकदमा तक दर्ज कराया गया और अदालत में चालान तक पेश किया गया। वहीं दूसरी तरफ कोटा उत्तर निगम क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर जगह-जगह विज्ञापनों के फ्लेक्स व पम्पलेट चस्पा किए हुए है। एक तरफ तो कोटा शहर को स्मार्ट सिटी बनाया जा रहा है। दूसरी तरफ पर्यटन नगरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। कोटा महोत्सव के माध्यम से कोटा में पर्यटकों को लाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन हालत यह है कि शहर को सुंदर व स्वच्छ बनाने वाले नगर निगम द्वारा शहर की सुंदरता पर ग्रहण लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई तक नहीं की जा रही है। जबकि  सार्वजनिक स्थानों पर बिना स्वीकृति के विज्ञापन लगाना  व पम्पलेट चस्पा करना गलत है। नगर निगम ऐसा  करने वालों के खिलाफ सम्पति विरूपण अधिनियम के तहत कार्रवाई कर सकता है। यहां है विज्ञापन चस्पा: कोटा उत्तर निगम क्षेत्र में छावनी फ्लाई ओवर के नीचे, तालाब की पाल पर नहर के किनारे, कोटड़ी  फ्लाईओवर, सूरजपोल दरवाजे के पास फोर्टवाल पर और शहीद स्मारक के पिलर के अलावा सार्वजनिक स्थानों की चार दीवारियों पर जगह-जगह विज्ञापन ही विज्ञापन लगे हुए हैं। कहीं पोस्टर लगे हैं तो कहीं बैनर, कहीं पम्पलेट चस्पा हैं तो  कहीं पेंट से लिखा हुआ है। ये सभी विज्ञापन ऐसी जगह पर लगे हुए हैं। जहां से रोजाना दिन में कई बार निगम अधिकारी भी निकल रहे हैं और प्रशासनिक अधिकारी भी। उसके बावजूद उन्हें वे नजर नहीं आ रहे है।  जानकारों के अनुसार कोटा महोत्सव के दौरान प्रशासन की ओर से एक तरफ तो हैरिटेज वॉक निकालकर शहर की एतिहिासिक धरोहरो से लोगों को अवगत कराया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ  सार्वजनिक स्थानों की सुंदरता को कुछ लोगों द्वारा बिगाड़ा जा रहा है। </p>
<p><strong>दक्षिण निगम की सख्ती का दिखा असर</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के राजस्व अनुभाग की ओर से गत दिनों शहर की सुंदरता बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई थी। जिसमें से आधा दर्जन शिक्षण संस्थानों समेत अन्य लोगों के  खिलाफ दादाबाड़ी थाने में मुकदमा तक दर्ज कराया गया है। वहीं कई लोगों के  खिलाफ अदालत में सीधा चालान भी पेश किया गया।  यहीकारण है कि उस सख्ती का इतना असर दिखा कि अधिकतर लोग तो नोटिस मिलते ही जुर्माना जमा करवाने निगम पहुंच गए थे और उन्होंने अपने विज्ञापन भी स्वयं ही हटवा लिए। उसके बाद उस जगह पर दोबारा विज्ञापन नहीं लगाए गए।  इधर नगर निगम कोटा उत्तर के अधिकारियों का कहना हैै कि शहर की सुंदरता से किसी को खिलवाड़ नहींकरने दिया जाएगा। यदि कहीं ऐसा हो रहा है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/posters-have-spoiled-the-condition-of-public-places/article-99086</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/posters-have-spoiled-the-condition-of-public-places/article-99086</guid>
                <pubDate>Mon, 30 Dec 2024 16:14:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-12/5554-%282%2929.png"                         length="414245"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिना टिकट यात्रा की तो लगेगा 10 गुना जुर्माना </title>
                                    <description><![CDATA[रोडवेज निरीक्षक को प्रतिमाह 36000 रुपए अधिभार राशि वसूलने का दिया लक्ष्य। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-you-travel-without-a-ticket--you-will-be-fined-10-times/article-98435"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(3)25.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजस्थान रोडवेज को घाटे से उबारने के लिए अब प्रशासन ने कमर कस ली है। आय बढ़ाने और लिकेज को रोकने के लिए  नित नए जतन किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि रोडवेज लगातार घाटे में चल रही है जिससे नई बसे खरीदने और कर्मचारियों के वेतन भुगतान में भी परेशानी हो रही है। घाटे से रोडवेज को उभारने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे है। नए नवाचार कर रोडवेज फिर से पटरी पर लाने के लिए प्रशासन सख्त कदम उठा रहा है। अब रोडवेज मुख्यालय ने रोडवेज बस में बिना टिकट यात्री के पकड़े जाने पर बस चालक व परिचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के साथ-साथ यात्री पर भी किराए का दस गुना अथवा दो हजार रुपए जुर्माना लगाने का फैसला किया है। साथ ही यात्री द्वारा जुर्माना नहीं देने पर संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए है। सरकार व रोडवेज प्रबंधन के कड़ा रुख अपनाने का उद्देश्य यही है कि इससे रोडवेज के कर्मचारियों में व्याप्त भ्रष्टाचार खत्म हो और रोडवेज घाटे से भी उबर पाए।</p>
<p><strong>निरीक्षकों को दिया गया लक्ष्य</strong><br />अब तक राजस्थान में रोडवेज बसों के निरीक्षण के दौरान बिना टिकट यात्रियों से अधिभार राशि वसूल नहीं की जाती थी, लेकिन अब रोडवेज ने इस पर भी सख्ती करते हुए बिना टिकट यात्रियों से राशि वसूलने का कड़ा निर्णय लिया है। रोडवेज प्रशासन ने बसों में निरीक्षण का कार्य करने वाले अधिकारियों का भी लक्ष्य बढ़ा दिया है। अब उन्हें प्रतिमाह 36000 रुपए अधिक अधिभार राशि वसूलने का लक्ष्य दिया गया है।</p>
<p><strong>एक माह पांच से अधिक प्रकरण पर करेंगे निलंबित</strong><br />बस चालक और परिचालकों के खिलाफ एक माह में बिना टिकट यात्रा के पांच या इससे अधिक प्रकरण पाए गए, तो उन्हें निलंबित किया जाएगा। साथ ही उनके खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />यात्री रोडवेज बस स्टैंड से टिकट लेकर यात्रा करें, ताकि निरीक्षण के दौरान होने वाली कार्रवाई से बच सकें। अन्यथा बिना टिकट पाए जाने पर 10 गुना जुर्माना वसूल किया जाएगा।  जुर्माना देने से इनकार करने पर यात्री के खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। बस में कोई परिचालक टिकट नहीं देता है, तो बस में शिकायत नंबर पर तुरंत फोन कर रोडवेज अधिकारी को सूचना दें।<br /><strong>- अजयकुमार मीणा, मुख्य प्रबंधक आगार कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-you-travel-without-a-ticket--you-will-be-fined-10-times/article-98435</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-you-travel-without-a-ticket--you-will-be-fined-10-times/article-98435</guid>
                <pubDate>Mon, 23 Dec 2024 18:34:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-12/257rtrer-%283%2925.png"                         length="560998"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिलावटखोरी में कोटा प्रदेश में पहले नंबर पर 375 नमूनों में 149 नमूने निकले अमानक</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा में मिलावट वालों पर अंकुश लगाने के लिए पूरे साल लगातार सैंपलिंग की गई। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-ranks-first-in-the-state-in-adulteration--149-out-of-375-samples-were-found-to-be-substandard/article-96455"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/milawatkhori-me-kota-pradesh-me-phle-number-pr-375-namoono-me-149-namoone-nikle-amanak...kota-news-02-12-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। दीपावली पर चलाए गए शुद्ध के लिए युद्ध अभियान में लिए गए प्रदेश भगर में खाद्य पदार्थो के नूमनों की रिपोर्ट आने लगी है। कोटा में 375 नमूने लिए जिसमें 149 नमूने अमानक पाए गए है। दीपावली पर मावा, तेल, मिठाईयों, पनीर, तेल, नमकीन,रसगुल्ले सहित कई खाद्य पदार्थो के नमूने लिए थे। जिसमें 149 नमून अमानक स्तर के पाए गए। है। विभाग की ओर से इस पर सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। वहीं प्रदेश की बात करें तो कोटा के सैंपल सबसे अधिक अमानक स्तर के पाए गए है। कोटा पहले नंबर है। </p>
<p><strong>नमूने फेल में कोटा अव्वल, धौलपुर सबसे पीछे </strong><br />कोटा जिले में लिए गए नमूनों में से 39.73 फीसदी दिन नमूने फेल हुए हैं, यानी कि लिए गए 375 में से 149 नमूने अप्रैल से अक्टूबर के बीच फेल हो गए हैं।  प्रदेश में सबसे ज्यादा फीसदी नमूने फेल होने का रिकॉर्ड कोटा के नाम ही है। दूसरे नंबर पर हाड़ौती का दूसरा जिला बारां है, जहां पर 36.46 फीसदी नमूने फेल हो गए हैं।  इसके बाद राजसमंद, डूंगरपुर और टोंक तीनों जिले 33 फीसदी नमूने फेल होने के रिकॉर्ड के आसपास हैं। जबकि धौलपुर जिले में  सब से कम 6.47, करौली में 6.53, भरतपुर में 11.7, जैसलमेर में 12.23 और चूरू में 12.86 फीसदी ही नमूने फेल हुए हैं। </p>
<p><strong>प्रदेश में 23 फीसदी नमूने हुए फेल</strong><br />खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रदेश में अप्रैल से अक्टूबर तक कुल 9100 लिए हैं।  इनमें से 2076 नमूने फेल हुए हैं।  यहां तक कि 302 नमूने अमानक पाए गए हैं। यह पूरी तरह से अनसेफ और हानिकारक थे, जिन्हें खाने से लोगों को सेहत पर नुकसान हो सकता था।  जबकि 1705 नमूने सब स्टैंडर्ड कैटेगरी में हैं और 69 नमूने मिस ब्रांड हैं। प्रदेश के लिए गए 23 फीसदी नमूने फेल हुए हैं। </p>
<p><strong>लगातार नमूने लेने से  लगा अंकुश</strong><br />कोटा में मिलावट वालों पर अंकुश लगाने के लिए पूरे साल लगातार सैंपलिंग की गई। बड़ी संख्या में नमूने फेल आए है।  विभाग की ओर से मिलावट खोरी रोकने के लिए केवल वही नमूने ज्यादा लिए जाते हैं, जहां पर मिलावटखोरी की आशंका ज्यादा थी। जिससे कारण ही इतने नमूने फेल आए।   जयपुर में दो जिले बने हुए हैं।  दोनों का मिलाकर 835 नमूने लिए हैं।  इनमें से 216 फेल हुए हैं फेलियर प्रतिशत 25.87 है, लेकिन प्रदेश में सर्वाधिक नमूने लेने और फेल होने का रिकॉर्ड जयपुर के नाम ही है।  दूसरे नंबर पर अलवर में 587 नमूने लिए हैं और इनमें 30.49 फीसदी 179 नमूने फेल हो गए हैं।  नमूने फेल होने की संख्या में सबसे नीचे धौलपुर है।  यहां पर 139 नमूने लिए हैं, जिनमें से 9 नमूने फेल हुए हैं।  इसके बाद करौली में 153 में से 10 फेल हुए हैं। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />मिलावटखोरों के खिलाफ नियमित और सख्त एक्शन लिए गए।  इसलिए भी मिलावट के केस ज्यादा आ रहे हैं और लोगों में जागरूकता भी बढ़ रही है।  इसके बाद उनके खिलाफ एडीएम और सीजेएम कोर्ट में मामले को पहुंचा कर सजा दिला रहे हैं।     <br /><strong>- संदीप अग्रवाल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-ranks-first-in-the-state-in-adulteration--149-out-of-375-samples-were-found-to-be-substandard/article-96455</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-ranks-first-in-the-state-in-adulteration--149-out-of-375-samples-were-found-to-be-substandard/article-96455</guid>
                <pubDate>Mon, 02 Dec 2024 15:43:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-12/milawatkhori-me-kota-pradesh-me-phle-number-pr-375-namoono-me-149-namoone-nikle-amanak...kota-news-02-12-2024.jpg"                         length="219433"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खुले में कचरा फेंकने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, Mayor ने ली शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[ओपन कचरा डिपो पर आयुक्त ने कहा कि अभी तक 648 में से 464 ओपन कचरा डिपो हटा दिए गए है। मुरलीपुरा जोन ओपन कचरा डिपो से मुक्त हो गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/strict-action-will-be-taken-against-those-throwing-garbage-in/article-82993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/u1rer-(5)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नगर निगम ग्रेटर महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर एवं आयुक्त रूकमणि रियाड़ ने गुरुवार को डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, नाला सफाई, बिजली के खुले तारों, ओपन कचरा डिपो, जोन की ओर से वसूले गए कैरिंग चार्ज, मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन के लिए किए गए कार्यों, सम्पर्क पोर्टल के लंबित प्रकरणों, ई-फाइल, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न बिन्दुओं पर संबंधित अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। महापौर ने शहर को स्वच्छ बनाने के लिए धरातल पर कार्य करने के निर्देश दिए। सफाई व्यवस्था की सही मॉनिटरिंग हो, इसके लिए जोन उपायुक्त एवं जोन ओआईसी सुबह 7 बजे से फील्ड में जाए। सफाई कर्मचारियों की हाजिरी चैक की जाए जो अनुपस्थित पाया जाए, उस पर सख्त कार्रवाई की जाए। मानसून में कोई जनहानि ना हो, इसके लिए बिजली के खुले तारों को ठीक करने और ओपन कचरा डिपो को उठाने के निर्देश दिए। खुले में गंदगी फैलाने वाले लोगों पर चालान करने तथा निर्माणधीन बिल्डिग पर ग्रीन नेट नहीं लगाने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। </p>
<p><strong>नालों को फेरो कवर से ढकने के निर्देश</strong><br />आयुक्त रूकमणि रियाड़ ने मानसून में आपदा प्रबंधन के लिए किए जाने वाले कार्यों के बारे में संबंधित अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बाढ़ नियत्रंण कक्ष, मडपंप सहित आवश्यक संसाधनों को सुदृढ़ करने के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। नालों को फेरो कवर से ढकने के निर्देश दिए। अभी तक 715 नालों में से 670 से भी अधिक नाले साफ हो चुके है। आयुक्त ने ई-फाईल पर चर्चा करते हुए सभी अधिकारियों को 10 घंटे से भी कम समय में फाइलों के निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीएनडी वेस्ट उठाने एवं होटल, रेस्टोरेन्ट, दुकानों आदि पर सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त करने के निर्देश दिए। </p>
<p><strong>ओपन कचरा डिपो से मुक्त मुरलीपुरा जोन</strong><br />ओपन कचरा डिपो पर आयुक्त ने कहा कि अभी तक 648 में से 464 ओपन कचरा डिपो हटा दिए गए है। मुरलीपुरा जोन ओपन कचरा डिपो से मुक्त हो गया है। इस पर उन्होंने मुरलीपुरा जोन उपायुक्त को शाबाशी भी दी। उन्होंने शेष रहे ओपन कचरा डिपो का तत्काल हटाकर उस जगह ब्यूटीफिकेशन करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने नगर निगम ग्रेटर में संचालित विभिन्न ऑनलाइन प्रकरणों के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की। ऑनलाइन सर्विसेज जैसे ट्रेड लाइसेंस, फायर एनओसी, लीज डीड, सीवर कनेक्शन, म्यूटेशन से संबंधित प्रकरणों पर चर्चा की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/strict-action-will-be-taken-against-those-throwing-garbage-in/article-82993</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/strict-action-will-be-taken-against-those-throwing-garbage-in/article-82993</guid>
                <pubDate>Fri, 28 Jun 2024 10:58:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-06/u1rer-%285%296.png"                         length="421537"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री की दो तुक- कानून को हाथ में लेने वालों पर सख्त एक्शन हो</title>
                                    <description><![CDATA[ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस अधिकारियों से दो टूक कहा  है कि कानून व्यवस्था चाक चौबंद होनी चाहिए, इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस अधिकारियों से दो टूक कहा  है कि कानून व्यवस्था चाक चौबंद होनी चाहिए, इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अपराधी चाहै कोई भी हो, उसे किसी भी तरह का संरक्षण देने वालों के खिलाफ भी एक्शन जरूरी है। </p>
<p>मुख्यमंत्री कार्यालय में शनिवार को कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आए दिन होने वाली अपराधी घटनाओं पर रोक लगाने की आपकी जिम्मेदारी है, राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। इसमें किसी तरह की अगर किसी ने कुछ गड़बड़ी करने की कोशिश की, तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जिलों के पुलिस अधीक्षकों, कई पुलिस उच्च अधिकारियों से भी हाल ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में चर्चित अपराधी घटनाओं को लेकर भी फीडबैक लिया। करीब 4 घंटे कानून व्यवस्था पर इस मैराथन मिट्टी में मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को सरकार का अपना आगे का प्लान भी दे दिया है, जिसके तहत कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने का काम होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-ministers-two-words-strict-action-should-be-taken/article-80152</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-ministers-two-words-strict-action-should-be-taken/article-80152</guid>
                <pubDate>Sat, 01 Jun 2024 19:00:04 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        