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                <title>Canada - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Canada RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हवाई यात्रियों के लिए खुशखबरी: 19 से 28 मार्च के बीच एयर इंडिया करेगा यूरोप, कनाडा के लिए 36 अतिरिक्त उड़ानों का परिचालन, यहां देखें पूरा शेड्यूल</title>
                                    <description><![CDATA[बढ़ती मांग को देखते हुए एयर इंडिया ने 19 से 28 मार्च के बीच 36 नई उड़ानों की घोषणा की है। दिल्ली और मुंबई से लंदन, फ्रैंकफर्ट, ज्यूरिख और टोरंटो के लिए 10,012 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी। यात्री अब अधिक विकल्पों के साथ अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्रा सुगम बना सकेंगे। टाटा समूह की यह पहल वैश्विक कनेक्टिविटी को नई मजबूती देगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/good-news-for-air-passengers-air-india-will-operate-36/article-146823"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/air-india.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। टाटा समूह की विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया ने बढ़ी मांग को देखते हुए यूरोप और कनाडा के लिए 19 से 28 मार्च के बीच 36 अतिरिक्त उड़ानों (दोनों तरफ मिलाकर) के परिचालन की घोषणा की है। एयरलाइंस ने मंगलवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि ये उड़ानें दिल्ली से लंदन (हीथ्रो), फ्रैंकफर्ट, ज्यूरिख और टोरंटो के लिए तथा मुंबई से लंदन (हीथ्रो) के लिए होंगी। इन उड़ानों के माध्यम से 10,012 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी। </p>
<p>एयर इंडिया ने बताया कि दिल्ली से लंदन के लिए चार अतिरिक्त उड़ानें 20, 22, 25 और 27 मार्च को और मुंबई से ब्रिटेन की राजधानी लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे के लिए एक मात्र उड़ान 21 मार्च को उपलब्ध होंगी। दिल्ली से जर्मनी के फ्रैंकफर्ट के लिए आठ अतिरिक्त उड़ानें 19, 20, 22, 23, 24, 25, 26 और 27 मार्च को रवाना होंगी। दिल्ली से स्विटजरलैंड के ज्यूरिख के लिए एक मात्र उड़ान 24 मार्च को उपलब्ध रहेगी। </p>
<p>दिल्ली से कनाडा के टोरंटो के लिए 19, 21, 24 और 26 मार्च को चार अतिरिक्त उड़ानों की योजना है। इससे पहले एयर इंडिया ने 10 से 18 मार्च के बीच नौ मार्गों पर 78 अतिरिक्त उड़ानों की घोषणा की थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 15:18:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कनाडा में रूसी विमान एन-124 की जब्ती का मामला अभी भी अदालतों में चल रहा है: ओलेग स्टेपनोव</title>
                                    <description><![CDATA[कनाडा की अदालत में रूसी मालवाहक विमान एन-124 की जब्ती पर कानूनी जंग जारी है। राजदूत ओलेग स्टेपनोव ने इसे अवैध बताते हुए बिना शर्त विमान की वापसी की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/the-case-of-seizure-of-russian-aircraft-an-124-in-canada/article-143408"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(20).png" alt=""></a><br /><p>ओटावा। रूसी एयर कार्गो कंपनी वोल्गा-ड्निप्र के मालवाहक विमान संबंधित एन-124  की जब्ती का मामला अभी भी कनाडा की अदालतों में सुना जा रहा है। कनाडा में रूस के राजदूत ओलेग स्टेपनोव ने रूसी संवाद समिति रिया नोवोस्ती को यह जानकारी दी स्टेपनोव ने कहा, यह मामला अभी भी कनाडा की अदालतों में सुना जा रहा है। इसका मालिक वोल्गा-ड्निप्र इसमें एक पक्ष है। हम एक देश के रूप में इस कार्यवाही में शामिल नहीं हैं और चल रहे मामले के कानूनी विवरणों पर टिप्पणी नहीं कर सकते।</p>
<p>राजदूत ने कहा कि रूस कनाडा में सभी कानूनी विकल्प समाप्त होने के बाद ही किसी विशिष्ट कदम को उठाने पर विचार करेगा। उन्होंने  कहा, साथ ही, एकतरफा जब्ती पर हमारा सैद्धांतिक रुख अपरिवर्तित है। कनाडा ने जानबूझकर वोल्गा-ड्निप्र विमान को यहाँ जब्त किया और बाद में गिरफ्तारी और जब्ती के लिए झूठे आधार तैयार किए।</p>
<p>स्टेपनोव ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की कार्रवाई अस्वीकार्य और अवैध हैं और विमान को बिना शर्त उसके मालिक को वापस किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि, रूसी एयर कार्गो कंपनी वोल्गा-ड्निप्र द्वारा संचालित एन-124 विमान कनाडा सरकार के साथ एक अनुबंध के तहत कोविड-19 रैपिड टेस्ट की खेप लेकर 27 फरवरी, 2022 को चीन से कनाडा पहुँचा था।</p>
<p>विमान को अगले दिन रवाना होना था। हालांकि, 27 फरवरी, 2022 को कनाडा ने रूसी विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया और प्रस्थान की अनुमति को खारिज कर दिया। तब से, विमान टोरंटो हवाई अड्डे पर खड़ा है। कनाडा में रूसी दूतावास ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि कनाडा को जब्त किए गए एन-124 विमान को उसके मालिकों को बिना शर्त वापस करना चाहिए। इसकी जब्ती अस्वीकार्य और अवैध होगी। राजनयिक मिशन का मानना है कि यह मामला अपनी शुरुआत से ही अत्यधिक राजनीति से प्रेरित रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 17:22:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विदेश मंत्री अनीता आनंद ने कहा, ग्रीनलैंड में अपने दूतावास के उद्घाटन पर गश्ती पोत भेजेगा कनाडा</title>
                                    <description><![CDATA[कनाडा ग्रीनलैंड के नूक में वाणिज्यिक दूतावास उद्घाटन के दौरान आर्कटिक गश्त हेतु तटरक्षक पोत तैनात करेगा, जिससे क्षेत्र में उसकी मौजूदगी मजबूत होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/foreign-minister-anita-anand-said-canada-will-send-patrol-vessel/article-140976"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(12)2.png" alt=""></a><br /><p>ओटावा। ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में अगले हफ्ते अपने वाणिज्यिक दूतावास के उद्घाटन के मौके पर कनाडा एक गश्ती पोत भेजेगा। कनाडाई मीडिया ने विदेश मंत्री अनीता आनंद के हवाले से यह जानकारी दी है।</p>
<p>आनंद ने सोमवार को एक साक्षात्कार में कहा कि तैनात किये जाने वाले पोत को विशेष रूप से आर्कटिक क्षेत्रों में गश्त के लिये तैयार किया गया है। विदेश मंत्री के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि यह एक कनाडाई तटरक्षक पोत होगा, न कि शाही कनाडाई नेवी पोत। पिछले हफ्ते आनंद ने कहा था कि कनाडा आर्कटिक में अपनी उपस्थिति बढ़ाने का इरादा रखता है और इसी सिलसिले में ग्रीनलैंड में अपना वाणिज्यिक दूतावास खोलेगा। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि ग्रीनलैंड डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा है लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के समय में कई बार उसे खरीदने या 'कब्जा' करने की मंशा जताते हुए कहा है कि यह उनके देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये जरूरी है। </p>
<p>डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों ने ही अमेरिका को कोई गलत कदम उठाने के खिलाफ चेतावनी दी है और अपनी क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने के लिये कहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 17:21:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका ने कनाडा को दी 100 प्रतिशत टैरिफ की धमकी, चीन के साथ व्यापार समझौते पर दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से व्यापार समझौते पर कनाडा को चेतावनी दी, कहा ऐसा करने पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाएंगे, जिससे आपूर्ति श्रृंखलाएं प्रभावित हो सकती हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-threatens-canada-with-100-percent-tariff-warns-on-trade/article-140776"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump2.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कनाडा को चीन के साथ व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर धमकी देते हुए कहा कि अगर कनाडा ने ऐसा किया तो उस पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति कनाडा और चीन के बीच हुए इस व्यापार समझौते को चीन द्वारा अपने निर्यात को कनाडा के रास्ते अमेरिका भेजने का एक जरिया मानते हैं।</p>
<p>ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, चीन कनाडा को पूरी तरह से निगल जाएगा, उसे पूरी तरह से नष्ट कर देगा, जिसमें उसके कारोबार, सामाजिक ताना-बाना और जीवन शैली का विनाश भी शामिल है।</p>
<p>कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने हाल ही में, बीजिंग का दौरा किया था और एक प्रारंभिक व्यापार समझौते पर सहमति जताई थी जिसके तहत कनाडा को बेची जाने वाली चीनी इलेक्ट्रिक कारों पर टैरिफ कम किया जाएगा, जिसके बदले में चीन ने कनाडाई कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम करने पर सहमति जताई थी।</p>
<p>कनाडाई उत्पादों पर इतने ऊंचे टैरिफ लगाने से अमेरिकी आपूर्ति श्रृंखलाएं, जिनमें रक्षा उत्पादन श्रृंखलाएं भी शामिल हैं, बाधित हो सकती हैं क्योंकि परंपरागत रूप से दोनों देश एक-दूसरे के उत्पादों के लिए पुर्जे और सहायक उपकरण बनाकर एक-दूसरे की आपूर्ति प्रणालियों में योगदान करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Jan 2026 13:24:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका नहीं, मैं हूं दुनिया का असली लीडर, चीन का बड़ा ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रीनलैंड पर ट्रंप की चेतावनी से यूरोपीय सहयोगी असहज हैं। चीन ने बहुपक्षवाद, मुक्त व्यापार और सहयोग की बात कर खुद को नया वैश्विक विकल्प पेश किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/i-am-not-america-i-am-the-real-leader-of/article-140438"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trunp-and-china.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुश्मनों से ज्यादा दोस्तों पर भारी पड़ रहे हैं। पहले उन्होंने टैरिफ लगाकर दुनिया की अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर दिया। अब वह ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर अमेरिका के खास कहे जाने वाले यूरोपीय सहयोगियों को हड़का रहे हैं। उन्होंने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे का विरोध करने वाले देशों पर टैरिफ की धमकी भी दी है। हालांकि, यूरोपीय देशों ने भी न झुकने की कसम खाई है। इस बीच चीन ने खुद को एक वैकल्पिक वैश्विक नेता के तौर पर पेश करना शुरू कर दिया है। बड़ी बात यह है कि अमेरिका के सहयोगी देश भी चीन के साथ अपना भविष्य देख रहे हैं और नजदीकियां बढ़ा रहे हैं।</p>
<p><strong>चीन ने खुद को बताया दुनिया का नया नेता</strong></p>
<p>ट्रंप की ग्रीनलैंड पर चेतावनी के कुछ घंटों बाद, चीनी उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग ने सालाना अल्पाइन बैठक में मंच पर जोर देकर कहा कि बीजिंग लगातार साझा भविष्य वाले समुदाय की सोच पर काम कर रहा है और बहुपक्षवाद और मुक्त व्यापार का समर्थन करने में दृढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हम सहमति और एकजुटता को बढ़ावा दे रहे हैं, और फूट और टकराव के बजाय सहयोग को प्राथमिकता दे रहे हैं। दुनिया की आम समस्याओं के लिए चीन समाधान पेश कर रहा है। यह बयान ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति के झटके और डर के मुकाबले चीन की खुद को एक शांत, तर्कसंगत और भरोसेमंद विकल्प के रूप में दिखाने की रणनीति को प्रकट करता है।</p>
<p><strong>बिना कुछ किए चीन की हो रही जय-जयकार</strong></p>
<p>चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सालों से एक ऐसी विश्व व्यवस्था को बदलने की बात कर रहे हैं जिसे वे अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा गलत तरीके से हावी मानते हैं। वे तेजी से अपनी खुद की सोच को एक विकल्प के रूप में पेश कर रहे हैं, भले ही चीन के अपने पड़ोसी देशों से सीमा विवाद हो और उस पर आक्रामकता के आरोप लगते रहे हों। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि चीन को वैश्विक शक्ति संतुलन में फायदा उठाने के लिए ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है। उसे बस अपने रास्ते पर चलते रहना है, क्योंकि अमेरिका अपने आप ही सहयोगी और विश्वसनीयता खो रहा है।</p>
<p><strong>चीन से दोस्ती बढ़ा रहे अमेरिका के सहयोगी</strong></p>
<p>चीन की बढ़ते कद का अंदाजा अमेरिका के सबसे करीबी देश कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के हाल के चीन दौरे और भाषण से लगाया जा सकता है। कार्नी ने खुलेआम अमेरिकी वर्चस्व को एक काल्पनिक अंतर्राष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था का हिस्सा बताया। कार्नी ने अमेरिका की ओर इशारा करते हुए कहा, हम जानते थे कि अंतरराष्ट्रीय नियमों पर आधारित व्यवस्था की कहानी आंशिक रूप से झूठी थी - कि सबसे ताकतवर देश सुविधा के अनुसार खुद को छूट देंगे, कि व्यापार नियमों को असमान रूप से लागू किया जाएगा। <br />हालांकि, कार्नी ने रूस की जमकर आलोचना भी की, लेकिन उनको भी ट्रंप को लेकर डर है।</p>
<p><strong>कनाडा-ब्रिटेन-फ्रांस तक ने छोड़ा साथ</strong></p>
<p>कार्नी ने पिछले हफ्ते चीन का दौरा किया। उन्होंने बीजिंग और ओटावा के बीच सहयोग के एक नए दौर की शुरूआत भी की। कनाडा ने चीन के साथ रणनीतिक साझेदारी पर सहमति जताई है। कार्नी ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर कनाडा के कड़े टैरिफ में ढील दी, जिसे अमेरिका के साथ मिलकर लागू किया गया था। अमेरिका के अन्य करीबी साझेदारों ने भी चीन के साथ संबंध सुधारने या उसके करीब जाने में दिलचस्पी दिखाई है, क्योंकि वे अमेरिका के खिलाफ बचाव कर रहे हैं। ब्रिटेन के कीर स्टारमर ने बीजिंग के साथ अधिक जुड़ाव पर जोर दिया है। मंगलवार को ब्रिटिश सरकार ने लंदन के वित्तीय जिले के पास एक नए चीनी मेगा दूतावास के विवादास्पद निर्माण को मंजूरी दे दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 11:28:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्यूबा में रहस्यमयी वायरस का हाहाकार, मरीजों के मरने से अस्पताल कनाडा ने लगाया 7 दिनों का क्वारंटाइन</title>
                                    <description><![CDATA[क्यूबा में रहस्यमय वायरस से हालात बिगड़े। अस्पतालों में मरीजों की भरमार, मौतों के आंकड़े छिपाने का आरोप। कनाडा ने स्क्रीनिंग, क्वारंटाइन लागू की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/hospital-canada-imposes-7-day-quarantine-as-patients-die-due-to/article-139249"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/cuba.png" alt=""></a><br /><p>हबाना। क्यूबा में एक रहस्यमय वायरस ने तबाही मचा दी है। देश के कई इलाकों में वायरस का खौफ पसर गया है और भारी संख्या में मरीजों के आने से अस्पताल ढहने के कगार पर पहुंच गए हैं। वहीं देश की कम्युनिस्ट सरकार ने वायरस की वजह से हो रही मौत को छिपाना शुरू कर दिया है। द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज तेज बुखार, लाल धब्बे, त्वचा का छिलना, जोड़ों में सूजन, उल्टी, दस्त जैसे लक्षण से परेशान हैं। हालांकि, अभी तक डॉक्टर पता लगाने में नाकाम रहे हैं कि ये वायरस क्या है और लोग किस बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं। द सन ने कई तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें अस्पतालों में जमीन पर लेटे मरीजों को देखा जा रहा है। तस्वीरों में देखा जा रहा है की जमीन पर लेटे मरीजों का डॉक्टर इलाज कर रहे हैं।</p>
<p><strong>एक तिहाई से ज्यादा लोग इससे संक्रमित </strong></p>
<p>इस बीच कनाडा सरकार ने इस हफ्ते क्यूबा से लौटने वाले लोगों के लिए हेल्थ स्क्रीनिंग और सात दिनों की क्वारंटाइन की घोषणा कर दी है। वहीं, स्पेन ने दिसंबर में अपने नागरिकों को गंभीर महामारी बताकर क्यूबा से दूर रहने से कहा था। कई लोग इस वायरस को द वायरस के नाम से संबोधित कर रहे हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि क्यूबा में एक तिहाई से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं। वहीं, ब्रिटिश मेडिकल जर्नल ने इस बढ़ोतरी को हाल के दशकों में देश का सबसे गंभीर संकट बताया है। क्यूबा में 17 दिसंबर तक वायरस से 52 मौतें हुई थीं, जिनमें से ज्यादातर बच्चे थे। अभी तक अधिकारियों ने 38 हजार से ज्यादा लोगों के वायरस से संक्रमित होने की आधिकारिक तौर पर सूचना दी है। </p>
<p><strong>रिपोर्ट में वायरस का जिक्र नहीं</strong></p>
<p>द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, क्यूबा के लोगों का आरोप है कि सरकार असली आंकड़ों को छिपा रही है और वास्तविक आंकड़े इससे कई गुना ज्यादा है। वहीं, हवाना के एक जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता मैनुअल कुएस्टा मोरुआ ने कहा है कि यह आउटब्रेक करीब पांच महीने पहले माटांजास में शुरू हुआ था, जहां अचानक लोगों की मौते होने शुरू हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार ने मरने वालों के जो डेथ सर्टिफिकेट बांटे हैं, उनमें वायरस का कोई जिक्र नहीं किया गया है।</p>
<p><strong>बीमारी एक तरह का कंबाइंड आबोर्वायरस </strong></p>
<p>स्वास्थ्य अधिकारियों ने पिछले साल अक्टूबर के अंत तक देश भर में एक हफ्ते में बुखार से पीड़ित 13 हजार नए मामलों की जानकारी दी थी। जबकि कैमागुए और होल्गुइन जैसे इलाकों में इतने लोगों की मौत हुई है कि कब्रिस्तान भर गए थे। द्वीप पर बीमारी फैलने के तीन महीने बाद, क्यूबा की सरकार ने इस संकट को पहली बार महामारी माना। </p>
<p>लेकिन सरकार ने फिर भी नेशनल हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने से इनकार कर दिया। इस बीमारी को एक तरह का कंबाइंड आबोर्वायरस कहा गया है। डॉक्टरों का मानना है कि इसमें डेंगू, ओरोपौचे और चिकनगुनिया, साथ ही एच1एन इन्फ्लूएंजा, रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस और कोविड-19 जैसे दूसरे इन्फेक्शियस रेस्पिरेटरी वायरस शामिल हैं। डेंगू से बुखार, तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द या दबाव और रैशेज होते हैं। वहीं ज्यादा गंभीर मामलों में, शॉक, सांस लेने में दिक्कत, गंभीर ब्लीडिंग और अंगों का फेल होना शामिल है। वहीं, माटांजास के एक क्लिनिक की एक नर्स ने बताया कि यह कहना झूठ नहीं होगा कि हम मर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 11:36:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कनाडा में खालिस्तानियों की नई साजिश : वैंकूवर में भारतीय दूतावास पर कब्जे की दी धमकी, नागरिकों से की दूतावास की नियमित यात्रा टालने की अपील </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका आधारित खालिस्तानी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस ने वैंकूवर में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर कब्जा करने की धमकी दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/khalistanis-new-conspiracy-in-canada-appeal-to-postpon-the-embassy/article-127178"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(4)3.png" alt=""></a><br /><p>ओटावा। कनाडा और भारत के बीच राजनयिक रिश्ते फिर से बहाल होने की खबरों के बीच अमेरिका आधारित खालिस्तानी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस ने वैंकूवर में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर कब्जा करने की धमकी दी है। यह संगठन दूतावास पर धावा बोलने की योजना बना रहा है और उसने भारतीय-कनाडाई नागरिकों से अपील की है कि वे उस दिन दूतावास की नियमित यात्रा टाल दें। एसएफजे ने एक पोस्टर भी जारी किया है, जिसमें भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश पटनायक को निशाना बनाया गया है। संगठन ने दावा किया कि भारतीय दूतावास कनाडा में खालिस्तानी कार्यकतार्ओं पर जासूसी और निगरानी कर रहे हैं।  एसजेएफ ने अपने बयान में कहा कि दो साल पहले, 18 सितंबर 2023 को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने संसद में बताया था कि खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की भूमिका की जांच चल रही है। संगठन का आरोप है कि इसके बावजूद भारतीय दूतावास खालिस्तान रेफरेंडम के कार्यकर्ताओं पर जासूसी और निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि खतरा इतना गंभीर है कि रॉयल कनाडाई माउंटेड पुलिस को निज्जर की मौत के बाद खालिस्तान रेफरेंडम का नेतृत्व संभालने वाले इंदरजीत सिंह गोसल को विटनेस प्रोटेक्शन देना पड़ा।</p>
<p><strong>कनाडा से मिल रही वित्तीय मदद :</strong></p>
<p>एसजेएफ का कहना है कि इस कब्जे के जरिए वे कनाडा की धरती पर जासूसी और धमकियों की जवाबदेही मांगेंगे। हाल ही में कनाडा सरकार की एक आंतरिक रिपोर्ट में स्वीकार किया गया कि खालिस्तानी उग्रवादी संगठन, जैसे बब्बर खालसा इंटरनेशनल और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन, कनाडा में रहने वाले लोगों और नेटवर्क से वित्तीय मदद ले रहे हैं। ये दोनों संगठन कनाडा के आपराधिक कोड के तहत आतंकी संगठन घोषित हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अब ये उग्रवादी समूह छोटे-छोटे गुटों के रूप में काम कर रहे हैं, जो किसी बड़े संगठन से सीधे जुड़े नहीं हैं, लेकिन खालिस्तान के समर्थन में सक्रिय हैं। इस बीच, भारत के विदेश मंत्रालय या वैंकूवर में भारतीय दूतावास की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Sep 2025 11:00:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कनाडा ने टी-20 विश्वकप के लिए क्वालीफाई किया, बहामास को सात विकेट से हराया</title>
                                    <description><![CDATA[बहामास को हराकर कनाडा टी-20 विश्वकप 2026 के लिए क्वालीफाई करने वाली 13वीं टीम बन गई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/canada-qualified-for-t20-world-cup-by-seven-wickets/article-118255"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(1)94.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। बहामास को हराकर कनाडा टी-20 विश्वकप 2026 के लिए क्वालीफाई करने वाली 13वीं टीम बन गई है। </p>
<p><strong>बहामास को 57 रनों पर ढेर किया :</strong></p>
<p>अमेरिका क्वालीफायर में खेले गए मुकाबले में कनाडा ने कलीम सना और शिवम शर्मा ने शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए बहामास की टीम को महज 57 रनों पर ढेर कर दिया था। कनाडा के लिए कलीम सना और शिवम शर्मा ने तीन-तीन विकेट लिये। इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरी कनाडा ने 5.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर आगामी टी-20 विश्वकप टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया। कनाडा के लिए दिलप्रीत बाजवा ने 14 गेंदों पर (नाबाद 36) रनों की पारी खेली। कनाडा ने यह कारनामा टूर्नामेंट में लगातार पांचवी दर्ज कर किया। यह दूसरी बार होगा जब कनाडा की टीम भारत में विश्वकप में खेलेगी। इससे पहले 2011 में एकदिवसीय विश्वकप के लिए कनाडा ने क्वालीफाई किया था। इस टूर्नामेंट में कनाडा छह लीग मैचों में से महज एक में जीत दर्ज कर पाई थी। </p>
<p><strong>क्वालीफाई करने वाली 13वीं टीम बनी :</strong></p>
<p>कनाडा टी-20 विश्वकप में हिस्सा लेने वाली 20 टीमों में से क्वालीफाई करने वाली 13वीं टीम बन गई है। टूर्नामेंट में भारत, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, पाक, न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान, अमेरिका, वेस्टइंडीज, बंगलादेश, आयरलैंड और कनाडा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Jun 2025 12:15:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बड़ा एक्शन : कनाडा में भारत का मोस्ट वांटेड अर्श दल्ला गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[गिरफ्तारियां मोहाली के स्टेट स्पेशल आॅपरेशन सेलए एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और फरीदकोट पुलिस के जॉइंट आॅपरेशन में की गईं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-action-indias-most-wanted-arsh-dalla-arrested-in-canada/article-94814"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/arrested1.jpg" alt=""></a><br /><p>ओटावा। कनाडा ने पिछले महीने देश में हुई गोलीबारी के सिलसिले में खालिस्तानी आतंकी अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श दल्ला को गिरफ्तार किया है। खुफिया सूत्रों के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया कि यह भारत का मोस्ट वांटेड अपराधियों में से एक था। साथ ही मारे गए खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर का करीबी था।</p>
<p>दल्ला को 28 अक्टूबर को मिल्टन शहर में हुई गोलीबारी में संदिग्ध संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया गया था। इस साल सितंबर में दल्ला ने कांग्रेस नेता बलजिंदर सिंह बल्ली की हत्या की जिम्मेदारी ली थी, जिनकी पंजाब के मोगा जिले में उनके आवास पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले दिन में पंजाब पुलिस ने पिछले महीने फरीदकोट जिले में सिख कार्यकर्ता गुरप्रीत सिंह हरि नौ की हत्या के मामले में दल्ला के दो प्रमुख गुर्गों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारियां मोहाली के स्टेट स्पेशल आॅपरेशन सेलए एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और फरीदकोट पुलिस के जॉइंट आॅपरेशन में की गईं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Nov 2024 13:29:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Canada जाने वाले भारतीयों के लिए अच्छी खबर</title>
                                    <description><![CDATA[ भारतीयों के लिए भी इसे एक अच्छी खबर की तरह देखा जा रहा है। एच-1बी वीजा धारक भारतीयों को भी वर्क परमिट नियमों में छूट का फायदा मिलेगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/good-news-for-indians-going-to-canada-tra-government-relaxed/article-83296"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/v.png" alt=""></a><br /><p>ओटावा। कनाडा ने यूएस एच-1बी वीजा धारकों के लिए वर्क परमिट नियमों में ढील दी है। कनाडा सरकार के इस कदम को प्रमुख आईटी डेस्टिनेशन बनने के लक्ष्य की तरह देखा जा रहा है। कनाडा के वर्क परमिट नियमों में ढील से उसके शीर्ष आईटी गंतव्य के रूप में स्थिति अच्छी हो गई है। <br />भारतीयों के लिए भी इसे एक अच्छी खबर की तरह देखा जा रहा है। एच-1बी वीजा धारक भारतीयों को भी वर्क परमिट नियमों में छूट का फायदा मिलेगा। कनाडा के फैसले से उच्च कुशल पेशेवरों, विशेष रूप से आईटी-संबंधित व्यवसायों के लिए वहां जाना आसान होगा। इससे कनाडा की वैश्विक प्रतिभा पूल में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनाए रखने की प्रतिबद्धता भी जाहिर होती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1.2% की जीडीपी वृद्धि दर के साथ कनाडा आईटी पेशेवरों के लिए कई मौके देता है। वित्तीय वर्ष 2022-2023 में 15,000 से अधिक भारतीय तकनीकी पेशेवर कनाडा गए, जो तकनीकी प्रतिभा के लिए एक विश्वव्यापी केंद्र के रूप में देश की बढ़ती स्थिति और भारतीय नागरिकों के बीच इसकी लोकप्रियता का संकेत है। अमेरिकी एच1-बी वीजा धारकों के लिए वर्क परमिट नियमों में यह छूट अमेरिका में भारतीय आईटी पेशेवरों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उन्हें स्थिर रोजगार के अवसरों के साथ नए बाजार में अपने कौशल का लाभ उठाने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान कर सकता है। विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो वर्तमान अमेरिकी आव्रजन माहौल में प्रतिबंधात्मक नीतियों या अनिश्चित नौकरी सुरक्षा से प्रभावित हैं।<br />भारतीयों की पसंद रहा है कनाडा<br />कनाडा और भारत के संबंधों में हालिया वर्षों में गिरावट दिखी है। इसके बावजूद कनाडा भारतीयों के लिए पसंदीदा जगह रहा है। कनाडा में एक बड़े भारतीय समुदाय की उपस्थिति, करियर और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए एक गंतव्य के रूप में भारतीयों के लिए कनाडा के आकर्षण को और बढ़ाती है। वैश्विक गतिशीलता में भारत की महत्वपूर्ण भागीदारी को देखते हुए हर वर्ष 25 लाख से अधिक भारतीय विदेश जाते हैं, इन नीतिगत परिवर्तनों से कनाडा की स्थिति एक वैश्विक शक्ति के रूप में फिर से स्थापित हो सकती है। कनाडा में कुशल भारतीय अक्सर सांस्कृतिक और व्यावसायिक अंतर को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे उत्तरी अमेरिकी बाजारों में काम करने की इच्छा रखने वाले भारतीय व्यवसायों के लिए सहज संक्रमण की सुविधा मिलती है। ये पेशेवर न केवल कनाडा के आर्थिक और सांस्कृतिक ताने-बाने में योगदान करते हैं, बल्कि जब वे भारत लौटते हैं तो मूल्यवान अंतर्दृष्टि और अनुभव भी लाते हैं।</p>
<p><br /> जिससे संभावित रूप से घरेलू नवाचार और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jul 2024 11:12:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>भारत एक-दूसरे की चिंताओं के सम्मान पर आधारित द्विपक्षीय संबंधों का पक्षधर: मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने राजनीतिक लाभ को खालिस्तानी तत्वों को बढ़ावा देने के लिए कनाडा को बार-बार चेतावनी दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-favors-bilateral-relations-based-on-respect-for-each-others/article-81072"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को उनके बधाई संदेश के लिए धन्यवाद दिया और साथ ही कहा कि भारत आपसी समझ तथा एक-दूसरे की चिंताओं के सम्मान के आधार पर द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के पक्ष में है।</p>
<p>मोदी ने कनाडा की ओर से खालिस्तान समर्थक तत्वों को बढ़ावा देने के संदर्भ में उक्त बातें कहीं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने लगातार तीसरी बार देश का नेतृत्व संभालने के बाद एक्स पर कहा कि बधाई संदेश के लिए ट्रूडो को धन्यवाद। भारत आपसी समझ और एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति सम्मान के आधार पर कनाडा के साथ काम करने को उत्सुक है।</p>
<p>मोदी कनाडाई प्रधानमंत्री ट्रूडो के एक बधाई संदेश का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि मानवाधिकारों, विविधता और कानून के शासन पर आधारित हमारे देशों के लोगों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए कनाडा उनकी (भारत की) सरकार के साथ काम करने के लिए तैयार है।</p>
<p>भारत ने राजनीतिक लाभ को खालिस्तानी तत्वों को बढ़ावा देने के लिए कनाडा को बार-बार चेतावनी दी है।</p>
<p>मई में तत्कालीन विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि कनाडा अपने घरेलू राजनीतिक हितों को साधने के लिए खालिस्तान समर्थक तत्वों को समर्थन देता है और इसके कारण भारत के साथ उसके द्विपक्षीय संबंध खराब हो गए हैं, और चेतावनी दी थी कि 'ऐसे लोगों को जो अपराधी हैं को आश्रय देना कनाडा के लिए ही नुकसान दायक होगा। </p>
<p>महाराष्ट्र के नासिक में एक कार्यक्रम में डॉ. जयशंकर ने कहा था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी बाहरी देश में हिंसा की वकालत करने, अलगाववाद या आतंकवाद का समर्थन करने की स्वतंत्रता नहीं हो सकती है लेकिन खालिस्तानियों का एक समूह है जिसने कनाडा में दी गई स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया है - अभी नहीं, वे वर्षों से ऐसा कर रहे हैं। कनाडा की राजनीति में ये तत्व वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा हैं, और उन्हें प्रोत्साहित किया जाता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आज मैं एक तथ्य बताऊंगा कि इन लोगों की गतिविधियों के कारण हमारे द्विपक्षीय संबंध खराब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनयिकों को खालिस्तानी तत्वों द्वारा धमकियों का सामना करना पड़ता है और एक बार राजनयिक के घर पर भी धुआं बम फेंका गया था।</p>
<p>डॉ. जयशंकर ने यह भी कहा कि जिसने भी भारत के खिलाफ अलगाववाद का समर्थन किया उसे कनाडा में 'आश्रय' दिया गया।</p>
<p>डॉ. जयशंकर की यह टिप्पणी तब आई है जब पिछले साल कनाडा में अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में चार भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था और उन पर हत्या का आरोप लगाया गया था।</p>
<p>निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की 'संभावित' संलिप्तता के पिछले साल सितंबर में कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव आ गया। भारत ने हालांकि उक्त आरोपों को खारिज कर दिया है।</p>
<p>गत आठ जून को वैंकूवर में भारत के वाणिज्य दूतावास के सामने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके गोलियों से छलनी शरीर के पुतलों तथा उनकी हत्या करने वाले सिख अंगरक्षकों के पुतले के साथ खालिस्तानी अलगाववादियों के इकठ्‌ठा होने की तस्वीरें सामने आने पर कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री डोमिनिक लेब्लांक ने कहा कि कनाडा में हिंसा को बढ़ावा देना कभी भी स्वीकार्य नहीं है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Jun 2024 16:52:34 +0530</pubDate>
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                <title>कनाड़ा में बदले नियम: अब हफ्ते में 24 घंटे कैंपस से बाहर काम कर सकेंगे विदेशी छात्र</title>
                                    <description><![CDATA[ कनाड़ा सरकार भारत समेत अन्य देशों से आने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए एक नया नियम लेकर आई है, इस नियम के तहत अब अंतरराष्ट्रीय छात्र हफ्ते में केवल 24 घंटे तक ही कॉलेज कैंपस से बाहर जाकर काम कर सकेंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rules-changed-in-canada-now-foreign-students-will-be-able/article-76631"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/canda.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कनाड़ा सरकार भारत समेत अन्य देशों से आने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए एक नया नियम लेकर आई है, इस नियम के तहत अब अंतरराष्ट्रीय छात्र हफ्ते में केवल 24 घंटे तक ही कॉलेज कैंपस से बाहर जाकर काम कर सकेंगे। यह नियम इसी साल सितंबर से लागू किया जाएगा। इससे पहले तक अंतरराष्ट्रीय छात्रों को 20 घंटे से अधिक समय तक कैंपस से बाहर काम करने की अनुमति थी, लेकिन ये अस्थाई नीति 30 अप्रैल 2024 तक के बाद खत्म कर दी जाएगी। कनाड़ा के बदले नियम का भारत सहित अन्य देशों के छात्रों को फायदा भी मिलेगा। वहीं, कनाड़ा के भारत में 2 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे है, जो अब 20 के बजाए 24 घंटे तक जॉब कर सकेंगे। विदेशी छात्र यह जॉब 24 घंटे एक सप्ताह में कर सकते है। इससे उन कई विद्यार्थी विदेश को फायदा मिलेगा, जो पढ़ाई का खर्चा जॉब करके पूरा करने में लगे रहते है। उनको अभी तक मुश्किल हो रही थी। </p>
<p><strong>भारतीयों की पसंद कनाड़ा</strong><br />कनाड़ा सरकार ने देश में श्रमिकों की कमी को दूर करने के लिए कोविड-19 महामारी के दौरान अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए काम के घंटों पर 20 घंटे की सीमा को अस्थायी रूप से माफ कर दिया था। कनाड़ा भारतीय छात्रों के लिए सबसे अधिक मांग वाला देश है। सीबीआईइ की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक, कनाड़ा में 3,19,130 भारतीय छात्र थे। कनाड़ा में स्थित कॉलेजों और विश्वविद्यालयों दोनों में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के बीच अधिकांश सीटों पर भारतीयों का कब्जा है। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार पिछले साल जुलाई से सितंबर के बीच करीब 2 लाख 8 हजार से ज्यादा भारतीय बच्चों ने कनाड़ा पढ़ाई के लिए गई। वहीं, अक्टूबर से दिसंबर के बीच यह आंकड़ा थोड़ा कम हुआ है। ऐसे में इसमें गिरावट आई है। भारत से कनाड़ा में पढ़ाई करने वाले छात्रों में राजस्थान के करीब 10 प्रतिशत छात्र है।</p>
<p><strong>पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करेंगे </strong><br />कनाडाई सरकार ने दावा किया है कि अमेरिका और कनाडा में किए गए हालिया अध्ययनों से पता चला है कि प्रति सप्ताह 28 घंटे से अधिक काम करने वाले छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन में काफी गिरावट आई है। एक्सपर्ट परिजात मिश्रा के अनुसार कैंपस से बाहर काम करने से अंतरराष्ट्रीय छात्रों को कार्य अनुभव प्राप्त करने और उनके कुछ  खर्चों उठाने में मदद मिलती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 May 2024 13:59:35 +0530</pubDate>
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