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                <title>Women MPs - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Women MPs RSS Feed</description>
                
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                <title>4 फरवरी की घटना के बाद भाजपा महिला सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ की सबसे कड़ी कार्रवाई की मांग, पीएम मोदी के नाम लिखा पत्र</title>
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                        <![CDATA[भाजपा की महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समर्थन में विपक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चार फरवरी की घटना को संसद की गरिमा के खिलाफ बताया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/after-the-february-4-incident-bjp-women-mps-wrote-a/article-142664"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(11)8.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला सांसदों ने मंगलवार को चार फरवरी की घटना को लेकर विपक्षी सांसदों के खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई की मांग की है। भाजपा सांसदों का आरोप है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री के सदन में आने से पहले विपक्ष की महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री की सीट को घेर लिया था। </p>
<p>भाजपा महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा कि चार फरवरी को विपक्ष की महिला सांसदों ने न केवल प्रधानमंत्री की सीट को घेरा, बल्कि बाद में आक्रामक रुख अपनाते हुए अध्यक्ष के कक्ष तक पहुंचीं। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और खेदजनक बताते हुए कहा कि इससे संसद की गरिमा को ठेस पहुंची है। पत्र में कहा गया है कि यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं की गयी तो यह एक खतरनाक मिसाल बनेगी और लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास कमजोर होगा। </p>
<p>यह पत्र कांग्रेस की महिला सांसदों द्वारा लगाए गए आरोपों के जवाब में सामने आया है, जिसमें उन्होंने सत्तारूढ़ दल पर उनके खिलाफ झूठे, निराधार और मान हानिकारक बातें कहने का आरोप लगाया था। भाजपा सांसदों ने अपने पत्र में दावा किया कि विपक्षी सदस्य सदन के वेल में आए, मेजों पर चढ़े, कागज फाड़े और उन्हें अध्यक्ष की ओर उछाला। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं के निर्देशों का पालन करते हुए वे संयमित रहीं और इस पूरे प्रकरण को संसदीय लोकतंत्र के इतिहास के सबसे काले क्षणों में से एक बताया। </p>
<p>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इससे पहले कहा था कि उन्होंने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में न आने का अनुरोध किया था, क्योंकि उन्हें जानकारी मिली थी कि कुछ कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं। वहीं कांग्रेस की महिला सांसदों ने कहा कि उनका विरोध शांतिपूर्ण था और संसदीय परंपराओं के अनुरूप था, लेकिन उनके अनुसार उन्हें अभूतपूर्व तरीके से निशाना बनाया गया। </p>
<p>भाजपा के पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी को चार दिनों तक बार-बार बोलने का अवसर नहीं दिया गया। दूसरी ओर विपक्षी सांसद लोकसभा अध्यक्ष द्वारा राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की आत्मकथा से 2020 के भारत-चीन सीमा गतिरोध से जुड़े विवादित अंश पढऩे की अनुमति न दिए जाने के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। भाजपा सदस्यों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी सदन को गुमराह कर रहे हैं और सशस्त्र बलों का अपमान कर रहे हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने व्यवधानों को पूर्व नियोजित और संसद की गरिमा के खिलाफ बताया है। </p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 18:18:52 +0530</pubDate>
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                <title>राजस्थान में अठारह लोकसभा चुनावों में 34 महिला सांसद बनी</title>
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                        <![CDATA[इस बार 18वीं लोकसभा के लिए राजस्थान से 19 महिलाओं ने चुनाव लड़ा जिनमें तीन महिलाएं संसद पहुंची, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जयपुर लोकसभा क्षेत्र से मंजू शर्मा एवं राजसमंद से महिमा कुमारी मेवाड़ तथा कांग्रेस की भरतपुर लोकसभा सीट से संजना जाटव शामिल हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/34-women-became-mps-in-eighteen-lok-sabha-elections-in/article-80783"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/photo-size-(3)4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पच्चीस लोकसभा सीट वाले राजस्थान में अठारह लोकसभा चुनावों में अब तक 34 महिला सांसद बनी हैं जबकि दस संसदीय क्षेत्रों में महिलाएं अभी तक खाता भी नहीं खोल पाई हैं।</p>
<p>हालांकि राज्य से निर्वाचित महिला सांसदों की संख्या 34 हैं, लेकिन वास्तव में यहां से केवल 22 महिलाएं ही संसद तक पहुंची है, क्योंकि इनमें से कई एक से ज्यादा बार चुनाव जीती हैं। प्रदेश में भीलवाड़ा, बीकानेर, गंगानगर, चुरु, कोटा, पाली, जयपुर, ग्रामीण बाड़मेर, बांसवाड़ा एवं सीकर लोकसभा सीटों पर अभी तक कोई महिला सांसद नहीं बन पाई हैं।</p>
<p>इस बार 18वीं लोकसभा के लिए राजस्थान से 19 महिलाओं ने चुनाव लड़ा जिनमें तीन महिलाएं संसद पहुंची, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जयपुर लोकसभा क्षेत्र से मंजू शर्मा एवं राजसमंद से महिमा कुमारी मेवाड़ तथा कांग्रेस की भरतपुर लोकसभा सीट से संजना जाटव शामिल हैं।</p>
<p>राजस्थान में इन चुनावों में अब तक 437 सांसद संसद पहुंचे उनमें 34 महिला सांसद शामिल हैं। इन चुनावों में अब तक 4422 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा उनमें 222 महिलाएं शामिल थी, जिनकी केवल 5.02 प्रतिशत उम्मीदवारी रही। आजादी के बाद करीब 72 सालों में राजस्थान से महिलाओं की संसद में केवल 7.79 प्रतिशत भागीदारी रही। इस दौरान प्रदेश से महिलाओं की संसद में भागीदारी भले ही कम रही हो लेकिन इनमें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित ऐसी कई महिलाएं है जो एक से अधिक बार चुनाव जीतकर संसद पहुंची। इनमें राजे सर्वाधिक पांच बार संसद पहुंचकर अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।</p>
<p>अब तक हुए अठारह लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने पिछले 72 सालों में करीब 42 महिलाओं को टिकट दिया, जबकि भाजपा ने पिछले लगभग 45 वर्षों में करीब 32 महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारा। इसी तरह इस दौरान अन्य दलों ने भी महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारा।</p>
<p>अठारह लोकसभा चुनावों में अब तक भाजपा की सर्वाधिक 17 महिला प्रत्याशी संसद पहुंची जबकि कांग्रेस की 13 एवं स्वतंत्र पार्टी की तीन एवं एक निर्दलीय महिला उम्मीदवार संसद पहुंचने में कामयाब रही हैं। इस दौरान राजे ने झालावाड़ लोकसभा क्षेत्र से सर्वाधिक पांच बार वर्ष 1989, 1991, 1996, 1998 एवं 1999 में भाजपा प्रत्याशी के रुप में चुनाव जीता, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी डाॅ गिरिजा व्यास चार बार लोकसभा चुनाव जीता। डाॅ व्यास ने वर्ष 1991, 1996 एवं 1999 में उदयपुर एवं वर्ष 2009 में चित्तौडगढ़ लोकसभा क्षेत्र का संसद में प्रतिनिधित्व किया। डाॅ व्यास ने सात बार लोकसभा का चुनाव लड़ा, जिनमें तीन बार उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा।</p>
<p>इस दौरान पूर्व जयपुर राजघराने की राजमाता गायत्री देवी स्वतंत्र पार्टी के प्रत्याशी के रुप में वर्ष 1962, 1967 एवं 1971 के लोकसभा चुनाव में जयपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने राजस्थान से पहली महिला सांसद निर्वाचित होने का गौरव भी हासिल किया। इसी तरह इस दौरान प्रदेश से लोकसभा चुनाव जीतने वाली महिलाओं में निर्मला कुमारी, उषा एवं जसकौर मीणा दो बार चुनाव जीतकर संसद पहुंची।</p>
<p>पूर्व जोधपुर राजघराने की राजमाता कृष्णा कुमारी लोकसभा चुनावों में प्रदेश में एक मात्र निर्दलीय महिला प्रत्याशी के रुप में जोधपुर से चुनाव जीतकर संसद पहुंची। उन्होंने वर्ष 1971 का लोकसभा चुनाव जीता। इन चुनावों में पूर्व मुख्यमंत्री मोहन लाल सुखाड़यिां की पत्नी इंदुबाला सुखाड़िया ने भी उदयपुर से वर्ष 1984 में लोकसभा चुनाव जीता।</p>
<p>इसी तरह पूर्व जोधपुर राजघराने की बेटी चन्द्रेश कुमारी कटोच ने जोधपुर में कांग्रेस प्रत्याशी के रुप में वर्ष 2009, पूर्व जयपुर राजघराने की राजकुमारी दिया कुमारी ने वर्ष 2019 में राजसमंद से भाजपा प्रत्याशी तथा पूर्व भरतपुर राजघराने की महारानी दिव्या सिंह ने भरतपुर से वर्ष 1996 में भाजपा प्रत्याशी के रुप में लोकसभा चुनाव जीता। इसी प्रकार भरतपुर से ही भाजपा प्रत्याशी के रुप में कृष्णेन्द्र कौर (दीपा) ने वर्ष 1991, अजमेर से प्रभा ठाकुर ने वर्ष 1998 में कांग्रेस, वर्ष 2004 में उदयपुर से भाजपा की किरण माहेश्वरी एवं इसी चुनाव में जालोर से भाजपा की सुशीला, वर्ष 2014 में झुंझुनूं से भाजपा की संतोष अहलावत एवं वर्ष 2019 में भरतपुर से भाजपा की रंजीता कोली चुनाव जीतकर संसद पहुंची जबकि वर्ष 2009 में नागौर से ज्योति मिर्धा कांग्रेस उममीदवार के रुप में लोकसभा चुनाव जीता।</p>
<p>वर्ष 1952 पहली लोकसभा में जनसंघ की उम्मीदवार रानी देवी भार्गव एवं निर्दलीय उम्मीदवर शारदा बाई ने चुनाव लड़ा लेकिन चुनाव हार गई। वर्ष 1957 दूसरे एवं वर्ष 1977 के छठे लोकसभा चुनाव में प्रदेश में एक भी महिला उम्मीदवार ने चुनाव नहीं लड़ा जबकि तीसरे आम चुनाव में छह महिलाएं मैदान में उतरीं और उनमें केवल गायत्री देवी ने चुनाव जीता। इसी तरह वर्ष 1971 के लोकसभा चुनाव में चार महिलाओं ने चुनाव लड़ा, जिनमें दो महिला सांसद पहुंची। वर्ष 1980 के चुनाव में पांच महिलाओं में एक चुनाव जीत पाई। वर्ष 1984 में छह में से दो, वर्ष 1989 में फिर छह महिला चुनाव मैदान में उतरी लेकिन एक ही जीत पाई। वर्ष 1991 के चुनाव में 14 महिला चुनाव मैदान में उतरी और चार ने चुनाव जीतकर अपना कुछ दबदबा दिखाया। इसके बाद वर्ष 1996 के चुनाव में 25 महिला उम्मीदवारों में से चार संसद पहुंची। वर्ष 1998 में बीस में से तीन, 1999 में 15 में से तीन, 2004 में 17 में से दो, 2009 में 31 में से तीन, 2014 में 27 में से केवल एक तथा वर्ष 2019 में 23 महिला प्रत्याशियों में से तीन महिला उम्मीदवार चुनाव जीतकर संसद पहुंची। इन चुनावों में वर्ष 2009 के चुनाव में सर्वाधिक 31 महिलाओं ने चुनाव लड़ा।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Fri, 07 Jun 2024 17:32:54 +0530</pubDate>
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