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                <title>Reservation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Reservation RSS Feed</description>
                
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                <title>महिला आरक्षण से जुड़ा विधयेक पारित नहीं होना लोकतंत्र की बड़ी जीत : केंद्र सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कर रही थी साजिश, प्रियंका ने कहा- यह विपक्ष की एकता की जीत</title>
                                    <description><![CDATA[गांधी ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित न होने को “लोकतंत्र की जीत” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इसके जरिए परिसीमन में मनमानी और जातिगत जनगणना से बचना चाहती थी। विपक्ष की एकता को उन्होंने अहम बताया। साथ ही कहा, महिलाएं अब दिखावे नहीं, असली मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रही हैं।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bill-related-to-womens-reservation-not-being-passed-big-victory/article-150911"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(11)2.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधयेक लोकसभा में पारित नहीं होने को लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया है। गांधी शनिवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने और देश के संघीय ढांचे में बदलाव की साजिश कर रही थी, जिसे विपक्ष ने मिलकर विफल कर दिया। उन्होंने कहा, यह संविधान की जीत है, देश की जीत है और विपक्ष की एकता की जीत है। सत्ता पक्ष के नेताओं के चेहरों पर यह साफ दिख रहा था कि उन्हें बड़ा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने संकेत दिया था कि यदि विपक्ष सहमत नहीं होगा, तो वह कभी चुनाव नहीं जीत पाएगा। इन बयानों से ही सरकार की मंशा स्पष्ट हो जाती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर एक ऐसा बिल पास करवाना चाहती थी, जिससे उसे परिसीमन में मनमानी करने की आजादी मिल जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की रणनीति थी कि महिला आरक्षण के नाम पर विपक्ष से समर्थन लेना और उसके बाद परिसीमन प्रक्रिया में स्वतंत्रता हासिल करना। इस बहाने वह जातिगत जनगणना के आंकड़ों से भी बचना चाहती थी। उन्होंने कहा, यह सिर्फ महिला आरक्षण का मुद्दा नहीं था, बल्कि परिसीमन से जुड़ा हुआ बड़ा सवाल था। ऐसे में विपक्ष का समर्थन करना संभव नहीं था। कांग्रेस महासचिव ने भाजपा पर महिलाओं के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश की महिलाएं सब देख रही हैं। उन्होंने उन्नाव, हाथरस, महिला खिलाड़ियों के आंदोलन और मणिपुर की घटनाओं का उललेख करते हुए कहा कि सरकार ने इन मामलों में संवेदनशीलता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा, आज वही सरकार संसद में महिलाओं की हितैषी बनने की कोशिश कर रही है, लेकिन देश की महिलाएं अब जागरूक हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की एकजुटता ने यह साबित कर दिया है कि जब सभी दल साथ आते हैं, तो सरकार को चुनौती दी जा सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्रियंका ने यह भी कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को लागू करने के पक्ष में हैं, बशर्ते इसे सही तरीके से लागू किया जाए। उन्होंने सरकार द्वारा इस दिन को ब्लैक डे कहे जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सरकार के लिए झटका है और ऐसा झटका जरूरी था। उन्होंने कहा, देश की महिलाएं अब सिर्फ प्रचार और दिखावे से प्रभावित नहीं होंगी। वे वास्तविक मुद्दों को समझ रही हैं और सरकार से जवाब मांग रही हैं। </span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 14:17:40 +0530</pubDate>
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                <title>राज्यसभा में उठी 13 वर्षो से ठप पड़ी राष्ट्रीय एकता परिषद को सक्रिय करने और इसकी बैठक बुलाने की मांग, समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान ने बोला तीखा हमला</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यसभा में राष्ट्रीय एकता परिषद को 13 साल बाद सक्रिय करने, आईटी रोजगार संकट, किसानों की दिक्कतें, छावनी चुनाव, फर्जी प्रमाणपत्र और महंगे इलाज जैसे मुद्दे उठे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/demand-raised-in-rajya-sabha-to-activate-the-national-unity/article-141667"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(4)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पिछले 13 वर्षों से ठप पड़ी राष्ट्रीय एकता परिषद् को सक्रिय करने और इसकी बैठक बुलाने की मांग सोमवार को राज्यसभा में की गयी। समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान ने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने वर्ष 1961 मेंं राष्ट्रीय एकता परिषद का गठन किया था। इस परिषद का कार्य राष्ट्रीय एकता के विषयों पर सरकार को सलाह देना था। </p>
<p>उन्होंने कहा, करीब सवा सौ सदस्यों वाली इस परिषद में प्रधानमंत्री अध्यक्ष होते हैं और राज्यों के मुख्यमंत्री उसके सदस्य होते हैं । इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, पत्रकार और शिक्षाविद आदि भी इसके सदस्य होते हैं। उन्होंने कहा कि यह परिषद समान नागरिकता और धार्मिक सछ्वावना जैसे जीवन का आधार माने जाने वाले मूल्यों पर विचार विमर्श के बाद सलाह देती थी। उन्होंने कहा कि अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि आज इन मूल्यों पर हमला हो रहा है। यह परिषद इस संबंध में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है लेकिन पिछले 13 वषों से इसकी कोई बैठक नहीं हुई है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार को इस परिषद को दोबारा सक्रिय करने का निर्देश दिया जाना चाहिए जिससे कि जीवन का आधार माने जाने वाले मूल्यों की रक्षा की जा सके। काग्रेस के अशोक सिंह ने देश में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों में कर्मचारियों की भर्ती में कमी और उनके वेतन का मुद्दा उठाया । उन्होंने कहा कि इन कंपनियों में कर्मचारियों की संख्या निरंतर कम हो रही है और कालेजों में होने वाले परिसर प्लेसमेंट में भी कमी आई । उन्होंने कहा कि जिन छात्रों को नियुक्ति पत्र मिले हैं उन्हें ज्वाइन नहीं कराया जा रहा। सदस्य ने कहा कि एआई के कारण कंपनी 25 प्रतिशत कम कर्मचारियों के साथ काम कर रही हैं और वेतन ढांचा कई वर्षों से वही बना हुआ है और इसमें बढोतरी नहीं की गयी है। उन्होंने कहा कि केवल डिजिटल नारों से युवाओं का कल्याण नहीं हो सकता और सरकार को एक इस बारे में श्वेत पत्र लाना चाहिए </p>
<p>भाजपा के सतपाल शर्मा ने छावनी बोर्डों के काफी समय से लंबित चुनावों को जल्द कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि इसके कारण छावनी क्षेत्रों में विकास और बुनियादी कार्य लटके पड़े हैं। उन्होंने पारदर्शिता बढाने के लिए  छावनी बोर्ड अधिनियम में सुधार किये जाने की मांग की। भाजपा के सुमेर सिंह सोलंकी ने अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के नाम पर फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर उनके हक छीने जा रहे हैं। उनकी आरक्षण की सुविधा भी प्रभावित हो रही है। नौकरियों पर नकली लोग पदों पर कब्जा कर रहे हैं। </p>
<p>बीजू जनता दल के सस्मित पात्रा ने किसानों की समस्या का मुद्दा उठाया और कहा कि उन्हें विभिन्न तरह की दिक्कतों का सामाना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मंडियों में खरीद नहीं हो पा रही है विशेष रूप से धान की खरीद बहुत अधिक प्रभावित है जिससे किसानों को सस्ते  दाम अपनी उपज बेचनी पड़ रही है। </p>
<p>अन्नाद्रमुक के एम धनपाल ने लोगों की सेवा और समाज कल्याण में योगदान के लिए तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता को भारत रत्न दिये जाने की मांग की। आम आदमी पार्टी की स्वाति मालीवाल ने निजी अस्पतालों में दिनों दिन महंगे होते जा रहे उपचार और मरीजों की समस्याओं को उठाया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 13:22:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>उत्तराखंड में पंचायत चुनाव पर रोक : हाईकोर्ट ने आरक्षण में गड़बड़ी बताई, सरकार से जवाब तलब; जानें वजह</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने सोमवार को अपने महत्वपूर्ण निर्णय में प्रदेश में चल रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की पूरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/uttarakhand-panchayat-election-hc-stay-news-2025/article-118270"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/edit.png" alt=""></a><br /><p>नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने सोमवार को अपने महत्वपूर्ण निर्णय में प्रदेश में चल रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की पूरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी। साथ ही सरकार से जल्द से जल्द जवाब देने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश जी. नरेन्दर और न्यायमूर्ति आलोक महरा की खंडपीठ ने वीरेन्द्र सिंह बुटोला और गणेश दत्त कांडपाल की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद आज यह आदेश जारी किए।</p>
<p>याचिकाकर्ताओं की ओर से पृथक पृथक रूप से दायर याचिकाओं में कहा गया कि सरकार ने प्रदेश में चल रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए जो आरक्षण तय किया है वह गलत है। सरकार की ओर से जो आरक्षण नियमावली बनाई गई है, उसे गजट नोटिफिकेशन नहीं किया गया है। इसलिए आरक्षण की प्रक्रिया गलत है। इस बिन्दु पर खंडपीठ ने विगत 20 जून को सुनवाई करते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा था।</p>
<p>आज सरकार इस मामले में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। दूसरी ओर सरकार की तरफ से कहा गया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव घोषित हो गए हैं। उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार इसमें अदालत हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर की ओर से कहा गया कि पूरी मशीनरी चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त है। ऐसे में रोक लगाना गलत है। अधिवक्ता अनिल जोशी ने बताया कि अदालत ने अंत में पूरी चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। साथ ही सरकार से कहा है कि वह जल्द से जल्द जवाब पेश करे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव चल रहे हैं। सरकार ने दो दिन पूर्व चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 23 Jun 2025 14:11:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कॉलेज एडमिशन में लाडलियों को मिला रिजर्वेशन, ग्रामीण क्षेत्रों के कॉलेजों में होगा फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में तीन गर्ल्स कॉलेज हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कन्या महाविद्यालय नहीं हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/laadlis-get-reservation-in-college-admission/article-116845"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer52.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजकीय महाविद्यालयों में एडमिशन लेने वाली छात्राओं के लिए खुशखबरी है। कॉलेज आयुक्तालय ने सह शिक्षा (कोएड) गवर्नमेंट कॉलेजों में 30 प्रतिशत सीटें बालिकाओें के लिए आरक्षित की है। ताकि, उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ सके। यह सुविधा बालिकाओं को इसी सत्र से मिलेगी। हालांकि, तीस प्रतिशत सीटें रिर्जव रखी जाने से छात्रों को सीट मिलने के अवसर कम हो जाएंगे। क्योंकि, बालिकाएं एडमिशन के लिए आवेदन राजकीय कन्या महाविद्यालय के साथ कोएड कॉलेजों में भी करती हैं। ऐसे में गर्ल्स कॉलेज में एडमिशन नहीं होने पर उनका रुख कोएड कॉलेजों में होगा और उनकी परसेंटेज लड़कों के मुकाबले अधिक होती है। ऐसे में नियमित प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों में छात्राओं की संख्या अधिक रह सकती है। </p>
<p><strong>ग्रामीण क्षेत्रों के कॉलेजों में होगा फायदा</strong><br />हाल ही में जारी हुए 12वीं बोर्ड के परिणाम में प्रथम श्रेणी से पास होने वाले विद्यार्थियों में लड़कियों की संख्या अधिक है। ऐसे में कॉलेजों में कटऑफ का लेवल हाई रहने से एडमिशन की मारामारी बनी रहेगी। शहर में तीन गर्ल्स कॉलेज हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कन्या महाविद्यालय नहीं हैं। ऐसे में राजकीय कोएड कॉलेजों में बालिकाओं के लिए सीट मिलने के अवसर बढ़ जाएंगे।</p>
<p><strong>सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ</strong><br />कॉलेज शिक्षकों का कहना है, सह शिक्षा वाले सरकारी कॉलेजों में एडमिशन में बालिकाओं के लिए 30 प्रतिशत सीटें रिजर्व करने से उच्च शिक्षा में उनकी संख्या बढ़ेगी। शहर के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में गर्ल्स कॉलेज नहीं होने से अभिभावक छात्राओं को रेगुलर एडमिशन नहीं दिलाते। जिसकी वजह से वे सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाती हैं। ऐसे में सरकार ने एडमिशन में तीस प्रतिशत सीटें आरक्षित कर देने से अभिभावकों का रुझान बढ़ेगा। बालिकाओं को आसानी से एडमिशन मिलने से उनकी संख्या में इजाफा होने के साथ स्कॉलरशिप सहित अन्य योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।  </p>
<p><strong>शहरी कॉलेजों में हाई रहेगा कटऑफ का पारा </strong><br />जिले में राजकीय कन्या महाविद्यालय 6 हैं। इनमें दो इसी वर्ष नए खुले हैं। जिनमें कैथून व सुकेत शामिल हैं। नवीन कन्या महाविद्यालयों में इसी सत्र से एडमिशन दिए जाएंगे। हालांकि, कैथून, सुकेत व रामपुरा कॉलेज के मुकाबले जेडीबी आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स गर्ल्स कॉलेज साधन संसाधनों में मजबूत स्थिति में है। ऐसे में छात्राओं इन कॉलेजों में एडमिशन लेने में प्राथमिकता रहेगी  लेकिन कटऑफ अधिक होने के कारण छात्राओं का रुख शहर के कोएड कॉलेजों की ओर बढ़ेगा। जिससे कटऑफ का लेवल अधिक  होने से छात्रों के लिए सीटें मिलना मुश्किल हो जाता है। क्योंकि,गर्ल्स कॉलेज में छात्र आवेदन नहीं कर सकते लेकिन छात्राएं कोएड कॉलेज में एडमिशन के लिए एप्लाई कर सकतीं हैं। ऐसे में छात्राओं के लिए 30 प्रतिशत सीटें आरक्षित होने से छात्रों के अवसर कम हो जाएंगे।  </p>
<p><strong>क्या कहती हैं छात्राएं</strong><br />कॉलेजों में सीटों की संख्या के मुकाबले दोगुने आवेदन आते हैं। परसेंटेज अधिक होने के बावजूद एडमिशन नहीं मिल पाता है। ऐसे में सरकार ने कुल सीटों में से 30 प्रतिशत सीटें छात्राओं के लिए आरक्षित कर देने से एडमिशन की राह आसान कर दी है। <br /><strong>- वैशाली नागर, छात्रा, आकशवाणी </strong></p>
<p>12वीं बोर्ड आर्ट्स में मेरी 85% बनी है। रिजल्ट अच्छा रहने से कटऑफ अधिक रहेगी। ऐसे में हमारे लिए तीस प्रतिशत सीटे आरक्षित रहने से रेगुलर एडमिशन मिलने की संभावना बढ़ गई है। <br /><strong>- प्रियंका गोचर, छात्रा बोरखेड़ा</strong></p>
<p>सरकार ने बालिका शिक्षा बढ़ाने की दिशा में सराहनीय कदम उठाया है। उच्च शिक्षा में छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए राजकीय महाविद्यालयों (कोएड) में छात्राओं को प्रवेश में 30 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई है। इसका फायदा ग्रामीण अंचल के महाविद्यालयों में नजर आएगा। छात्राओं का रेगुलर एडमिशन होगा तो उन्हें सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।<br /><strong>- प्रो. रोशन भारती, प्रिंसिपल गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Jun 2025 15:51:09 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुस्लिम ठेकेदारों को 4 फीसदी आरक्षण खुलेआम तुष्टीकरण की राजनीति, भाजपा ने की कांग्रेस की आलोचना </title>
                                    <description><![CDATA[समुदायों के समर्थन से सत्ता में आए मुख्यमंत्री ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को क्यों भुला दिया और कर्नाटक में हिंदुओं के साथ हो रहे अन्याय की उपेक्षा क्यों की। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/percent-reservation-for-muslim-contractors-openly-appease%C2%A0/article-108248"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/bjp-logo2.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक प्रदेश भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकारी निविदाओं में मुस्लिम ठेकेदारों को चार फीसदी आरक्षण देने का फैसला खुलेआम तुष्टीकरण की राजनीति है। येदियुरप्पा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बार-बार कहा है कि सरकारी निविदाओं में चार प्रतिशत आरक्षण मुसलमानों को दिया जायेगा। सवाल यह है कि सिर्फ मुसलमानों को ही क्यों? सभी समुदायों के समर्थन से सत्ता में आए मुख्यमंत्री ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को क्यों भुला दिया और कर्नाटक में हिंदुओं के साथ हो रहे अन्याय की उपेक्षा क्यों की। </p>
<p>आरोप लगाया कि विदेश में पढ़ने वाले मुस्लिम छात्रों के लिए वित्तीय सहायता 20 लाख से बढ़ाकर 30 लाख कर दी गई है। साथ ही मुस्लिम महिलाओं के आत्मरक्षा प्रशिक्षण के लिए धन आवंटित किया गया है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा , कर्नाटक और पूरे देश में लव जिहाद से सबसे ज़्यादा हिंदू महिलाएं प्रभावित हैं। फिर मुस्लिम महिलाओं की आत्मरक्षा के लिए खास तौर पर पैसे क्यों आरक्षित किए जा रहे हैं। क्या मुख्यमंत्री भूल गए हैं कि वे सिर्फ मुसलमानों के नहीं बल्कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने राज्य सरकार पर बहुसंख्यक समुदाय के कल्याण की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि भाजपा भ्रष्ट और अल्पसंख्यक तुष्टिकरण से प्रेरित सरकार के ख़लिाफÞ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी।</p>
<p>समाज के हर वर्ग को वित्तीय सहायता दिये जाने की मांग की।   भाजपा नेता ने वरिष्ठ कांग्रेस विधायक एवं सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना द्वारा उल्लिखित हनी ट्रैप विवाद पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, उन्होंने खुलासा किया कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर 48 नेता इस हनी ट्रैप का शिकार हुए हैं। गृह मंत्री ने शुरू में कहा था कि मामले की जांच की जाएगी, लेकिन बाद में उन्होंने यह कहते हुए अपना बयान वापस ले लिया कि कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। इससे पता चलता है कि कांग्रेस सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। भाजपा और जनता दल (सेक्युलर)) की मांग है कि मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए या फिर उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से जांच करायी जाए। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Mar 2025 11:03:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>तेलंगाना में हमारी सरकार ने आरक्षण बढ़ाने का निभाया वादा : आरक्षण की सीमा की 50 प्रतिशत की दीवार को किया पार, राहुल गांधी ने कहा-  सामाजिक न्याय की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम </title>
                                    <description><![CDATA[तेलंगाना में हमारी सरकार ने आरक्षण बढ़ाने का निभाया वादा : आरक्षण की सीमा की 50 प्रतिशत की दीवार को किया पार, राहुल गांधी ने कहा-  सामाजिक न्याय की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/in-telangana-our-government-promised-to-increase-reservation-crossing-the/article-107808"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/rahul-gandhi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार ने तेलंगाना में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण की सीमा की 50 प्रतिशत की दीवार को पार कर ऐतिहासिक काम कर दिया है। गांधी ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने तेलंगाना में ओबीसी आरक्षण बढ़ाने का वादा पूरा कर दिया है। राज्य में वैज्ञानिक तरीके से हुई जातिगत गिनती से मिली ओबीसी समुदाय की वास्तविक संख्या स्वीकार की गई और शिक्षा, रोजगार और राजनीति में उनकी समान भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विधानसभा में 42 प्रतिशत आरक्षण का बिल पारित किया गया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम है, जिसके द्वारा राज्य में आरक्षण पर से 50 प्रतिशत की दीवार भी गिरा दी गई है। जातिगत सर्वेक्षण के डेटा से हर समुदाय के सामाजिक और आर्थिक हालात का विश्लेषण कर ऐसी नीतियां बनाई जाएंगी, जिनसे सबकी बेहतरी सुनिश्चित हो। तेलंगाना सरकार ने इसके लिए एक इंडिपेंडेंट एक्सपर्ट ग्रुप भी बनाया है। गांधी ने कहा कि मैं लगातार कह रहा हूं कि एक्सरे- यानी जातिगत जनगणना - से ही पिछड़े और वंचित समुदायों को उनका उचित हक़ मिल सकता है। तेलंगाना ने रास्ता दिखा दिया है, यही पूरे देश की जरूरत है। भारत में जाति जनगणना हो कर रहेगी, हम करवाकर रहेंगे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Mar 2025 13:28:36 +0530</pubDate>
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                <title>जानिए क्या है राजकाज में खास</title>
                                    <description><![CDATA[ आजकल आरक्षण के भूत ने सबको परेशान कर रखा है। भूत की चपेट में आए लोगों का दिन का चैन और रात की नींद गायब है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/know-what-is-special-in-governance/article-81016"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/rajkaj41.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना</strong><br />सूबे में  पिछले छह दिन से एक गाना की चर्चा जोरों पर है। गाना भी 64 साल पहले बनी फिल्म जिस देश में गंगा बहती है का है। गाने के बोल हैं बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना। दिल्ली दरबार के लिए हुई जंग में पहली बार हुआ है, जब भगवा वालों के साथ हाथ वाले भाई लोगों ने भी मंगल को पटाखे छोड़े और जमकर डांस किया। खुशी के मारे उनके जमीन पर पैर नहीं टिके। राज का काज करने वालों में चर्चा है कि सरदार पटेल मार्ग स्थित बंगला नंबर 51 में बने भगवा वालों के ठिकाने पर जश्न मनाना तो समझ की बात है, लेकिन पीसीसी के ठिकाने पर एक-दूसरे के मुंह में मीठा डाला जाए, तो बात कम ही हजम होती है। अब बेचारे हार्ड कोर वर्कर्स के सामने गाना गुनगुनाने के सिवाय कोई चारा भी तो नहीं है।</p>
<p><strong>खौफ चालू आहे</strong><br />खौफ तो खौफ ही होता है। एक बार जिसके नाम से बैठ जाता है, तो सालों तक नहीं निकलता। रातों की नींद और दिन का चैन तक काफूर हो जाता है। हाथ वाले भाई लोगों में भी एक अजीब सा खौफ बैठा हुआ है। खौफ और किसी का नहीं बल्कि मेष राशि वाले गुजराती भैया का है, जो पांच साल तक देश की खाकी को संभाल चुके हैं। हाथ वाले भाई लोगों में खौफ है, कि गुजराती भैया तोड़-फोड़ करने में मास्टर हैं, कभी भी किसी को भी तोड़कर अपने साथ ले जाता है और सामने वालों को हवा तक नहीं लगने देते। खौफ का असर यह है कि पिछले दिनों हाथ वाले दल के हाईकमान ने भी दिल्ली दरबार की जंग में जीते अपने 99 भाई-बहनों को ठोक बजाकर सौगंध दिलाई है कि चाहे कुछ भी हो, गुजराती मानष का फोन तक नहीं उठाना है। अगर ऐसा करोगे, तो मेरा मरा मुंह देखोगे। अगर यह खौफ का असर नहीं है, तो क्या है, वरना सबसे बुजुर्गवार को यह सौगंध दिलाने की जरूरत क्यों पड़ी।</p>
<p><strong>चिंता अग्नि परीक्षा की</strong><br />सूबे में दोनों दलों के नेताओं अभी भी चैन नहीं है। उनको चिंता सता रही है कि जल्द ही होने वाली अग्नि परीक्षा का सामना करना है। अग्नि परीक्षा भी पांच क्षेत्रों में होने वाले उप चुनावों की है। सबसे ज्यादा पसीने भगवा वाले भाई लोगों के आ रहे हैं। चूंकि उनको सूबे में अपनी साख बढ़ानी है, तो पांचों सीटों को अपने कब्जे में लेना है। हाथ वाले भाई लोगों पर तो जीत-हार का असर भी नहीं पड़ेगा, सो वे तो घोडेे़ बेचकर सोने में भी अपना फायदा देख रहे हैं। राज का काज करने वालों में चर्चा है कि सबसे ज्यादा पसीने तो अटारी वाले पंडितजी को बहाने हैं, चूंकि अग्नि परीक्षा तो उन्हीं की होने वाली है।</p>
<p><strong>तलाश-ए-दलालों की</strong><br />जब से भगवा वाले कुछ भाई लोगों का दलाली से नाम जुड़ा है, तब से उनके ठिकाने पर कुछ लोग दलालों की लिस्ट बनाने में रात दिन एक किए हुए हैं। लिस्ट बनाने वाले भी और कोई नहीं बल्कि ठिकाने में सालों से पानी पिलाते आ रहे भाई लोग हैं। उनकी लिस्ट है कि लंबी होती जा रही है। उनका दुखड़ा है कि जो लोग पांच-सात साल पहले हाथ में मिठाई के डिब्बे लेकर कमरों में ताक-झांक करते देखे जाते थे, वो आज करोड़ों से कम में नहीं खेलते। गुजरे जमाने में एक भाई साहब ने तो एनआरएचएम में खूब कमाल दिखाया, तो अब कुछेक देश की राजधानी तक में हाथ की सफाई में लगे हैं।</p>
<p><strong>भूत-ए-आरक्षण</strong><br />आजकल आरक्षण के भूत ने सबको परेशान कर रखा है। भूत की चपेट में आए लोगों का दिन का चैन और रात की नींद गायब है। हर कोई इससे छुटकारा पाने के लिए टोने-टोटकों का सहारा ले रहा है। कुछ भाई लोग तो तांत्रिकों से झाड़ फूंक भी करवा रहे हैं। यहां तक कि कई साहब लोगों ने सरनेम की स्पैलिंग तक बदल दी, पर पार पड़ती नजर नहीं आ रही। सबसे ज्यादा चिंता में वो लोग हैं, जिन्होंने पिछली बार हाथ वालों के राज में नुमाइंदों के रूप में अपनी चिड़िया बिठाई थी। सिंध वाले भाई साहब के सान्निध्य में गठित समिति के लोग भी तह में जाने की कोशिश की थी। उन्होंने राज का काज करने वालों का मुंह खुलवाने के अथक प्रयास भी किए थे, लेकिन काज करने वालों के पास रटा रटाया एक जवाब था कि हमने तो वो ही किया है, जो ऊपर से आदेश मिला था। माथा लगाने में कोई भलाई भी नजर नहीं आ रही थी। खासा कोठी के ऊंचे कमरों में चर्चा है कि ऐसे तो आरक्षण का भूत निकालना मुश्किल है। सो आरक्षण के भूत का तोड़ निकालने के लिए और कोई रास्ता निकालने में ही भलाई है।<br />   </p>
<p> <strong>एल एल शर्मा</strong><br /><strong>(यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Jun 2024 12:12:24 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मेरे जिंदा रहते गरीब, पिछड़ों का आरक्षण छीनना नामुमकिन : मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[पूरे देश मे एससीएसटी, दलित गरीब पिछड़ों का आरक्षण छीनकर वोट जिहाद करने वालो को देना चाहते है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/it-will-be-impossible-for-modi-to-take-away-the/article-78997"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(1)58.png" alt=""></a><br /><p>बलरामपुर। इंडिया गठबंधन के आरक्षण संबंधी बयान पर कुठाराघात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि जब तक मोदी जिंदा है, गरीब पिछड़ों आदिवसियों का आरक्षण कोई छीन नहीं सकता। श्रावस्ती लोकसभा और गैसड़ी विधानसभा में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जनसैलाब का उत्साह प्यार साफ - साफ बता रहा है कि सपा-कांग्रेस का इंडी गठबन्धन पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। पूरा देश एक ही बात कह रहा है फिर एक बार मोदी सरकार। </p>
<p><strong>इंडी गठबन्धन में भयंकर बीमारियां </strong><br />उन्होंने कहा कि इंडी गठबन्धन में भयंकर बीमारियां है। गठबंधन घोर साम्प्रदायिक, घोर जातिवादी और घोर परिवारवादी है। ये कैंसर से अधिक विनाशक बन सकती है। समाज को बांटों और वोट जिहाद करवाओ इनका लक्ष्य है। ये तुष्टिकरण के लिए नई नई स्कीम लेकर आए हैं। जनता के काम पूछने पर वोट जिहाद कर रहे हैं।</p>
<p><strong>वंचितों का जो अधिकार है मोदी उसका चौकीदार है </strong><br />मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासित राज्यों में पहले दलितों के आरक्षण पर डाका डाला। मैं गारंटी देता हूं वंचितों का जो अधिकार है मोदी उसका चौकीदार है। देश मे कर्नाटक मॉडल लागू नहीं होने दूंगा। ये कभी लागू नही होने दूंगा।</p>
<p><strong>आपकी सम्पत्ति छीनना चाहती है कांग्रेस <br /></strong>मोदी ने कहा कि कांग्रेस कहती है कि आपकी सम्पत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है। ये आपकी कमाई छीनकर मुसलमानों को बांटना चाहते हैं। पूरे देश मे एससीएसटी, दलित गरीब पिछड़ों का आरक्षण छीनकर वोट जिहाद करने वालो को देना चाहते है। ये चाहे जितना भी जोर लगा ले जब तक मोदी जिंदा है गरीब, पिछड़ों और आदिवसियों का आरक्षण कोई छीन नही सकता।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 May 2024 11:18:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>सतरंगी  सियासत</title>
                                    <description><![CDATA[देश का सबसे बड़ा सूबा उत्तर प्रदेश। उसमें भी प्रमुख विपक्षी सपा और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव का मानो सब कुछ दांव पर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/india-gate/colorful-politics/article-78641"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/india-gate.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सब कुछ दांव पर</strong><br />आम चुनाव- 2024 का परिणाम बहत कुछ संकेत और संदेश छोड़कर जाएगा। देश का सबसे बड़ा सूबा उत्तर प्रदेश। उसमें भी प्रमुख विपक्षी सपा और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव का मानो सब कुछ दांव पर। देश के दिग्गज समाजवादी नेता रहे मुलायम सिंह यादव के पुत्र अखिलेश यूपी का सीएम पद संभालने के बाद से लगातार चार बार चुनाव हार चुके। विधानसभा चुनाव 2017 और 2022 एवं लोकसभा चुनाव 2014 और 2019 में भी पिछड़ चुके। इनमें अखिलेश प्रभावशाली प्रदर्शन नहीं कर पाए। अब पांचवें चुनाव में भी कोई बहुत अवसर नजर नहीं आ रहा। कांग्रेस से गठजोड़ इसकी बानगी। फिर उनकी चाचा शिवपाल यादव से पटरी बैठती नहीं। जबकि वह सपा की मुलायम सिंह के जाने के बाद मानो रीढ़। लेकिन अखिलेश ने उन्हें पूरे समय साइड में रखा। ऐसे में यदि अखिलेश यादव लगातार पांचवां चुनाव हारे। तो क्या होगा? यह समय बताएगा।</p>
<p><strong>किस किसकी बारी?</strong><br />आम चुनाव- 2024 कई क्षेत्रीय दलों या क्षत्रपों के लिए अवसान का अवसर भी संभव। कई दल लगातार निचले पायदान पर जाते जा रहे। सो, इनकी वंशवादी, परिवारवादी एवं व्यक्तिवादी राजनीति पर खतरा। हां, राजद के तेजस्वी यादव ऐसे नेता। जिन्होंने लालू यादव की राजनीतिक विरासत को ठीक से संभाला हुआ। बाकी कई नए राजनीतिक माहौल में संघर्ष कर रहे। बात चाहे बीआरएस के केसीआर की हो या बीजेडी के नवीन पटनायक। जदयू के नीतीश कुमार, एनसीपी के शरद पवार और शिवसेना (यूबीटी) के उद्धव ठाकरे इसी संभावना से जूझ रहे। फिर जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद- 370 हटने के बाद एनसी के उमर अब्दुल्ला और पीडीपी की महबूबा मुफ्ती महबूबा के राजनीतिक भविष्य का क्या होगा? वहीं, दक्षिण के तमिलनाडु में राजनीति तेजी से करवट ले रही। जयललिता की एआईडीएमके आंतरिक झगड़े से जूझ रही। तो डीएमके को नंबर एक राजनीतिक दुश्मन भाजपा नजर आ रही।</p>
<p><strong>अपनी राह</strong><br />बसपा की अपनी राजनीति और गति। मायावती से आगे दूर तक देख रहीं। भले ही आज राजनीतिक जानकार उनका घाटा बता रहे हों। लेकिन मायावती की नजर भविष्य पर। इसीलिए भतीजे आकाश आनंद को आगे भी किया। लेकिन कुछ मामला गड़बड़ा गया। इसीलिए उन्हें फिलहाल फ्री भी कर दिया। बसपा प्रमुख मायावती की राजनीति टर्निंग पाइंट पर। यूपी में उनकी नजर कांग्रेस के दलित और सपा का मुस्लिम वोट पर। यानी त्रिकोणिय मुकाबले में भाजपा की जीत की संभावना ज्यादा। इसीलिए सपा और कांग्रेस, मायावती की बसपा पर हमलावर भी। लेकिन उनकी अपनी रणनीति और राजनीतिक गुणा भाग। जब यूपी में सपा और कांग्रेस कमजोर होंगी। तो भाजपा के सामने बसपा ही होगी। और इसी में मायावती अगली पीढ़ी के लिए अवसर देख रहीं। आकाश आनंद को उसी के लिए तैयार किया जा रहा। लेकिन प्रदेश की जनता का मूड इस चुनाव में मालूम पड़ेगा।</p>
<p><strong>संकेत और संदेश</strong><br />श्रीनगर संसदीय क्षेत्र में इस बार मतदान का 28 साल पुराना रिकार्ड टूट गया। साल 1996 में 41 तो इस बार 38 फीसदी मतदान हुआ। भाजपा इसे अनुच्छेद- 370 खत्म होने का असर बता रही। जिसे शांतिपूर्ण माहौल और अच्छी कानून व्यवस्था से भी जोड़कर देखा जा रहा। लेकिन सीमा पार गुलाम कश्मीर में हालात इसके एकदम उलट। वहां पाक फौज के खिलाफ बगावत जैसे हालात। धरना-प्रदर्शन एवं नारेबाजी भी ठीक उसी दिन। जिस दिन श्रीनगर में मतदान हो रहा था। इसकी जानकारी पूरी दुनियां तक पहंच रही। याद रहे, भारत के रक्षा और विदेश मंत्री कश्मीर को भारत में मिलाए जाने की बात एकदम स्पष्ट कह चुके। अब यह घटनाक्रम महज संयोग या फिर कुछ और? लेकिन गुलाम कश्मीर ने दुनियाभर का ध्यान जरुर खींच लिया। आनन-फानन में पाक सरकार द्वारा 700 करोड़ की मदद की घोषणा की गई। मतलब हालात काबू से बाहर।</p>
<p><strong>रूस की एंट्री</strong><br />देश के आम चुनाव में पाक का जिक्र न हो। तो चुनाव ही क्या? लेकिन अब रूस की भी एंट्री। इसका जिक्र किया अरविंद केजरीवाल ने। जो इन दिनों सुप्रीम कोर्ट की जमानत पर। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति पुतिन का जिक्र करके चुनावी तड़का तो लगा ही दिया। इससे पहले अमरीका पर आरोप। वह भारतीय चुनाव प्रक्रिया में दखलंदाजी कर रहा। इसके बाद अमरीका बैक फुट पर। वैसे बात पाक तक तो ठीक। लेकिन रूस के जिक्र से विदेशी संबंधों पर भी असर संभव। लेकिन विपक्षी नेता जिस तरह से पीएम मोदी पर हमला कर रहे। इसे क्या कहा जाए? चुनावी रस्म या अगला संदेश? और वह क्या? पीएम मोदी सभी पर भारी पड़ रहे? लेकिन एक बात। इस बार का चुनाव। कई नेताओं एवं दलों के लिए राजनीतिक अस्तित्व का सवाल। हारे तो वह मानकर चल रहे। राजनीति की रिंग से बाहर जाने का खतरा!</p>
<p><strong>विपक्ष का नजरिया!</strong><br />आम चुनाव का पांचवां चरण कल। लेकिन विपक्ष अभी भी यही दावा कर रहा कि एनडीए 400 पार नहीं करेगा। साथ में विपक्ष जोड़ रहा। यदि 400 सीटें पार हुईं। तो देश का संविधान और आरक्षण व्यवस्था को खत्म कर दिया जाएगा। इसी की काट में पीएम मोदी ने बोला। यदि कांग्रेस सत्ता में आई। तो ओबीसी का आरक्षण काटकर मुस्लिम समाज को दे दिया जाएगा। कर्नाटक इसका उदाहरण। रही सही कसर सलमान खुर्शीद की भतीजी ने वोट जेहाद का जिक्र करके कर दिया। इसके बाद कांग्रेस बैकफुट पर। इसके बावजूद विपक्ष और कांग्रेस यह नहीं बता रहे कि खुद उनकी कितनी सीटे आएंगी। अब तो ममता बनर्जी भी बोल गईं। इंडिया गठबंधन सत्ता में आया। तो टीएमसी उसे बाहर से समर्थन देगी। इसी, बीच पीओजेके में महंगाई को लेकर प्रदर्शन। तो इधर, देश में सीएए के तहत नागरिकता देने का कार्यक्रम शुरू हो गया।</p>
<p><strong>केजरीवाल मौन!</strong><br />अरविंद केजरीवाल राजनीतिक और कानूनी भंवर में। स्वाति मालीवाल के साथ सीएम आवास में मारपीट क्या हुई। केजरीवाल एकदम मौन हो गए। बाद में आप सांसद संजय सिंह नमूदार हुए। कहा, मालीवाल के साथ अभद्रता हुई। दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने मालीवाल के घर जाकर उनका हालचाल जाना। लेकिन सवाल केजरीवाल का। उनसे न उगलते बन रहा और न निगलते। फिर उनके खास सिपहसालार विभव कुमार जेल पहुंच चुके। इधर, माहौल आम चुनाव का। अभी दिल्ली और पंजाब में मतदान बाकी। कहीं, यह सब आम आदमी पार्टी में अंदरखाने की ही तो कोई खदबदाहट तो नहीं? क्योंकि केजरीवाल को वापस जेल भी जाना। उससे पहले राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा। आप सांसद राघव चढ्ढा की लंदन से अचानक स्वदेश वापसी। इसकी स्पष्ट बानगी। फिर सर्वोच्च न्यायालय भी कह चुका। अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री पद पर रहेंगे या नहीं। यह उप-राज्यपाल को तय करना।</p>
<p><strong>-दिल्ली डेस्क</strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार है)</strong><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>इंडिया गेट</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 May 2024 12:18:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>Promotion में विशेष योग्यजन को आरक्षण को लेकर एजी रखे पक्ष : हाईकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार ने विशेष योग्यजन अधिकार अधिनियम में वर्ष 2021 में संशोधन कर विशेष योग्यजन कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने का प्रावधान कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ag-sided-with-high-court-regarding-reservation-for-specially-abled/article-78423"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/rajasthan-high-court.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश की सरकारी सेवाओं में पदोन्नति में विशेष योग्यजन को आरक्षण देने के संबंध में महाधिवक्ता को अदालत में अपना पक्ष रखने को कहा है। अदालत ने महाधिवक्ता को कहा है कि वे पदोन्नति में विशेष योग्यजन को आरक्षण देने का प्रावधान कब से लागू किया जाए। इस बिंदु को तय करने में अदालत का सहयोग करें। जस्टिस पंकज भंडारी और जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने यह आदेश मनोज कुमार शर्मा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि विशेष योग्यजन अधिकार अधिनियम, 2016 में लागू हुआ था। वहीं वर्ष 2018 में इसके नियम बनाए गए थे। इनमें दिव्यांग कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण को लेकर कोई प्रावधान नहीं किया गया था। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए 30 जून, 2016 को आदेश पारित कर केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों को दिव्यांगों को पदोन्नति में आरक्षण देने का प्रावधान करने को कहा था। याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार ने विशेष योग्यजन अधिकार अधिनियम में वर्ष 2021 में संशोधन कर विशेष योग्यजन कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने का प्रावधान कर दिया। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने जून, 2016 में ऐसे कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने का आदेश दिया था। </p>
<p>इसलिए इस प्रावधान को भी वर्ष 2021 से लागू करने के बजाए जून, 2016 से ही लागू किया जाए। इस पर अदालत ने कहा कि यह महत्वपूर्ण बिंदु से जुड़ा प्रकरण है। ऐसे में महाधिवक्ता इस संबंध में अपना पक्ष रखें। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 May 2024 11:26:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>मुसलमानों को आरक्षण मिलना ही चाहिए : लालू यादव</title>
                                    <description><![CDATA[ लालू यादव ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुस्लिम आरक्षण के संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा मुसलमान को आरक्षण मिलना ही चाहिए ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/muslims-must-get-reservation-lalu-yadav/article-77070"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/lalu-yadav.png" alt=""></a><br /><p>पटना । राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने मुस्लिम आरक्षण का समर्थन किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संविधान लोकतंत्र और आरक्षण को खत्म करना चाहते हैं। लालू यादव ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुस्लिम आरक्षण के संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा मुसलमान को आरक्षण मिलना ही चाहिए। उन्होंने साथ ही एक बार फिर दोहराया कि नरेंद्र मोदी संविधान लोकतंत्र और आरक्षण को खत्म करना चाहते हैं। यह बात जनता समझ गई है ।</p>
<p> गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी लगातार अपनी चुनावी सभाओं में विपक्षी इंडी गठबंधन के नेताओं पर आरोप लगा रहे हैं कि विपक्ष दलित और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण को छीन कर मुसलमानों को देना चाहता है जबकि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है।लालू यादव ने कहा अगर इंडी गठबंधन सत्ता में आई तो देश में जंगलराज हो जाएगा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर कहा कि वह अपनी  हार तय देखकर इतना डर गए हैं कि वह सभी को भडक़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक संपन्न दो चरण के चुनाव में वोट इंडी गठबंधन की ओर ही जा रहा है ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 May 2024 13:02:47 +0530</pubDate>
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                <title>भरतपुर और धौलपुर के जाटों ने भरी आरक्षण की हुंकार </title>
                                    <description><![CDATA[महापंचायत में विश्वेन्द्र सिंह ने कहा कि  साफ तौर पर कहा कि भरतपुर और धौलपुर के जाटों को आरक्षण नहीं तो भाजपा को वोट भी नहीं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/jats-of-bharatpur-and-dholpur-shouted-for-reservation/article-66279"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/si3.png" alt=""></a><br /><p> डीग। डीग जिले के जनूथर कस्बे में रविवार को भूतेश्वर मन्दिर पर भरतपुर और धौलपुर के जाटों को केन्द्र में आरक्षण देने की मांग को लेकर जाट आरक्षण संघर्ष समिति संरक्षक पूर्व मंत्री विश्वेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में जाट समाज की महापंचायत हुई। महापंचायत में विश्वेन्द्र सिंह ने कहा कि  साफ तौर पर कहा कि भरतपुर और धौलपुर के जाटों को आरक्षण नहीं तो भाजपा को वोट भी नहीं। जाट आरक्षण संघर्ष समिति संयोजक नेमसिंह फौजदार ने कहा कि हम सरकार को 10 दिन का समय देते हैं अगर समय रहते सरकार ने हमारी बात नहीं सुनी तो हम मजबूर होकर 17 जनवरी को जयचोली (उच्चैन) में दिल्ली-बम्बई रेलवे ट्रेक को जाम करेंगे। इसके बाद बारी-बारी से बेढ़म, रारह एवं खेड़ली मोड़, पथेना पर आंदोलन की शुरूआत होगी। बयाना विधायक ऋतु बनावत ने महापंचायत में पहुंच कर आरक्षण की लड़ाई में जाटों का साथ देने का आश्वासन दिया।महापंचायत का संचालन यतेंद्र सिंह उनापुर वैर ने किया। महापंचायत को राजस्थान आजाद समाज पार्टी के प्रदेश प्रभारी सतपाल चौधरी गाजियाबाद एवं हरियाणा के जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्य सरदार मनोज सिंह दुहन रोहतक व पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष ऋषि बंसल बयाना, राहुल उवार, उदयसिंह सरपंच दांतलौठी ने सम्बोधित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>भरतपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jan 2024 09:38:48 +0530</pubDate>
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