<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/drug-mafia/tag-46882" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Drug Mafia - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/46882/rss</link>
                <description>Drug Mafia RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>इश्क, गद्दारी और अमेरिकी इनपुट: पाताल से ढूंढ निकालकर मारा दुनिया का सबसे खूंखार ड्रग लॉर्ड एल मेनचो, मेक्सिकों में भड़की हिंसा की आग</title>
                                    <description><![CDATA[मेक्सिकन विशेष बलों ने एक गुप्त अभियान में कुख्यात ड्रग लॉर्ड 'एल मेंचो' को मार गिराया। प्रेमिका के करीबी से मिले सुराग और अमेरिकी खुफिया जानकारी ने इस बड़े ऑपरेशन को सफल बनाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/betrayal-of-love-and-american-input-worlds-most-dreaded-drug/article-144387"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/maxico.png" alt=""></a><br /><p>मेक्सिको। मेक्सिको के जंगलों में छिपे दुनिया के सबसे वांछित ड्रग माफिया और जालिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल के सरगना नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वेंट्स उर्फ एल मेनचो की कहानी खत्म होने के तीन किरदार रहे हैं। ये हैं प्रेम, विश्वासघात और अमेरिकी सुराग। मेक्सिकन विशेष बलों ने एक बेहद गोपनीय और साहसिक अभियान में सालों से नाक में दम करने वाले इस दुर्दांत अपराधी  एल मेनचो को अपनी गोलियों का निशाना बना ही डाला। इस घटना के अंजाम ने पूरे मेक्सिको को भले ही हिंसा की धधकती आग में झोंक दिया हो, लेकिन सुरक्षा बलों के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है। </p>
<p>दरअसल, एल मेनचो को पकडऩा किसी नामुमकिन मिशन जैसा था, लेकिन इसकी पटकथा रोमांस और धोखे की कलम से लिखी गयी। मेक्सिकन रक्षा सचिव रिकार्डो ट्रेविला ट्रेजो के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों ने एल मेनचो की प्रेमिका के बेहद खास और भरोसेमंद आदमी को तोड़ लिया था। यही प्रेम आखिर में एल मेनचो के लिए काल की कहानी लेकर आया। इसी सूत्र ने सुरक्षा बलों को तपालपा के बाहरी इलाके में स्थित एक गुप्त केबिन का पता बताया। एल मेनचो इसी केबिन में छिपा रहता था। जब एक रोज उसकी प्रेमिका वहां से निकली, तब अमेरिकी खुफिया एजेंसी के जासूसों ने मेक्सिकन वायुसेना और नेशनल गार्ड को इशारा भेजा। सुरक्षा बलों ने बिना देर किए फौरन ही वहां पर ताबड़तोड़ धावा बोल दिया।</p>
<p>तपालपा के पहाड़ी और जंगली इलाके कबानास ला लोमा में रविवार सुबह मौत का तांडव शुरू हुआ। भारी हथियारों से लैस कार्टेल के गुर्गों ने सेना पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। चश्मदीदों के वीडियो में गोलियों की गडग़ड़ाहट और आसमान में उठता गहरा काला धुआं साफ देखा जा सकता था। सैकड़ों गोलियां दाग दी गयीं। इस भयावह गोलाबारी में गैंग के आठ सदस्य मारे गए। मौत का साया मंडराता देख मेनचो अपने अंगरक्षकों के साथ घने जंगल की झाड़यिों में छिप गया, लेकिन विशेष बलों की एक टीम ने उसका पीछा नहीं छोड़ा।</p>
<p>जंगल के भीतर हुई अंतिम मुठभेड़ में एल मेनचो और उसके दो बॉडीगार्ड बुरी तरह घायल हो गए। जिंदगी की आखिरी सांसें गिन रहे इन तीनों को पकड़ लिया गया। उनको अस्पताल ले जाने की कोशिश की गयी। आनन-फानन में एक सैन्य हेलीकॉप्टर ने उन्हें लेकर ग्वाडलजारा के लिए उड़ान भरी, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही हवा में ही एल मेनचो ने दम तोड़ दिया। </p>
<p>सुरक्षा बलों को पता था कि उसकी मौत से शहर में जलजला आ जायेगा। इसलिए जवाबी हिंसा के डर से हेलीकॉप्टर का रास्ता बदलकर उसे मोरेलिया हवाई अड्डे पर उतारा गया, जहां से फाइटर जेट के जरिए उसके शव को मेक्सिको सिटी लाया गया। अपने आका की मौत की खबर सुनते ही जालिस्को कार्टेल के गुर्गों ने पूरे देश में तबाही मचा दी। सड़कों पर वाहनों को आग लगा दी गयी, सैन्य चौकियों पर हमले हुए और प्रमुख शहरों में जगह-जगह आग लगा दी। इस जवाबी हिंसा में नेशनल गार्ड के 25 जवान शहीद हो गए। गिरती लाशों और हर तरह हो रहे धमाकों के कारण कई देशों ने अपने नागरिकों को घरों में रहने की सलाह दी है और कई एयरलाइनों ने उड़ानें रद्द कर दी। </p>
<p>राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम के लिए यह अभियान एक बड़ा सियासी इम्तिहान था। एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ड्रग तस्करी रोकने के लिए भारी दबाव, तो दूसरी तरफ कुछ ही महीनों बाद होने वाला फीफा विश्व कप 2026। आगजनी, धमाकों और गुबार देख रहे ग्वाडलजारा शहर में वल्र्ड कप के मैच होने हैं।  </p>
<p>मेक्सिको सरकार ने एल मेनचो को खत्म कर दुनिया को संदेश दिया है कि मेक्सिको अब ड्रग माफियाओं के आगे नहीं झुकेगा, चाहे इसकी कीमत कितनी भी बड़ी क्यों न हो। विशेषज्ञों का मानना है कि 1.5 करोड़ डॉलर के इनामी एल मेनचो की मौत उसके गैंग के लिए एक बड़ा झटका है, लेकिन खतरा टला नहीं है। जालिस्को कार्टेल एक फ्रेंचाइजी मॉडल पर काम करता है, जिसके कई कमांडर अभी भी खुली हवा में सांसे भर रहे हैं। </p>
<p>राष्ट्रपति शीनबाम ने जनता से शांति की अपील करते हुए कहा है, हमारी प्राथमिकता सामान्य स्थिति बहाल करना है। फिलहाल, मेक्सिको की सड़कें धधक रही हैं और दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या एल मेनचो का साम्राज्य अब ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/betrayal-of-love-and-american-input-worlds-most-dreaded-drug/article-144387</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/betrayal-of-love-and-american-input-worlds-most-dreaded-drug/article-144387</guid>
                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 15:09:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/maxico.png"                         length="531769"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अजमेर के दवा विक्रेता से 1.11 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी : विदेश के लिए 7 शहरों में 11 प्रोडेक्ट रजिस्टर्ड कराने का दिया झांसा, जानें क्या है पूरा मामला  </title>
                                    <description><![CDATA[अजमेर के एक दवा विक्रेता के साथ बदमाशों ने दवाइयों के रजिस्ट्रेशन के नाम पर 1 लाख 5 हजार यूरो की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर क्रिश्चियनगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार परिवादी गुलमोहर कॉलोनी, सागर विहार, वैशाली नगर अजमेर निवासी दिनेश मुरजानी पुत्र मूलचन्द मैलिरोन फार्मा प्राइवेट लि. कंपनी के डायरेक्टर हैं। कंपनी का मुख्यालय बी-ब्लॉक पंचशील नगर में। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/ajmers-drug-dealer-cheated-of-rs-111-crore-cheated-to/article-138681"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/fraud.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। अजमेर के एक दवा विक्रेता के साथ बदमाशों ने दवाइयों के रजिस्ट्रेशन के नाम पर 1 लाख 5 हजार यूरो (लगभग 1 करोड़ 11 लाख रुपए) की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर क्रिश्चियनगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार परिवादी गुलमोहर कॉलोनी, सागर विहार, वैशाली नगर अजमेर निवासी दिनेश मुरजानी पुत्र मूलचन्द मैलिरोन फार्मा प्राइवेट लि. कंपनी के डायरेक्टर हैं। कंपनी का मुख्यालय बी-ब्लॉक पंचशील नगर में है। दिनेश ने बताया कि उनकी कंपनी साउथ अफ्रीका के विभिन्न देशों में दवाई सप्लाई करने का कार्य करती है। जिसके लिए संबंधित देश में प्रोडेक्ट बेचने से पूर्व उसे उस देश में रजिस्टर्ड करवाना पड़ता है।<br /> उसके बाद ही प्रोडेक्ट को भेजा जाता है। प्रोडेक्ट रजिस्टर्ड उस देश की स्थानीय कंपनी की मदद से ही किया जाता है। पीड़ित दिनेश मुरजानी का कहना है कि उनकी कंपनी के 11 प्रोडक्ट को 7 शहरों बुर्किना फासो, माली, नाईजर, कांगो ब्राजाविल, आइवरी कोस्ट, सेनेगल, मॉरिटानिया में रजिस्टर्ड करवाना था। </p>
<p><strong>1.5 लाख यूरो का भुगतान किया</strong><br />उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में उनसे सेनेगल की कंपनी फार्मा डिस अफ्रिका के एजेन्ट सौलेमाने म्बेंगुए ने संपर्क किया और आश्वासन दिया था कि वह उक्त 11 प्रोडेक्ट को उपरोक्त साताें देशों में रजिस्टर्ड करवा देगा। परिवादी दिनेश ने बताया कि उसके लिए उनसे सभी विधिक औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद डेबिट नोट भेजे। तब हमने उन्हें अपने आईसीआईसीआई बैंक के जरिए 1 लाख 5 हजार यूरो का भुगतान किया। </p>
<p><strong>प्रोडेक्ट रजिस्टर्ड नहीं होने पर ठगी का आभास </strong><br />दिनेश ने बताया कि करीब 18 माह बाद भी सौलेमाने म्बेंगुए ने संपूर्ण राशि प्राप्त करने के बाद भी उनकी कंपनी के एक भी प्रोडेक्ट को किसी भी देश में रजिस्टर्ड नहीं करवाया है। पूछताछ करने पर वह टालमटोल कर रहा है और 1 लाख 5 हजार यूरो लौटा भी नहीं रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/ajmers-drug-dealer-cheated-of-rs-111-crore-cheated-to/article-138681</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/ajmers-drug-dealer-cheated-of-rs-111-crore-cheated-to/article-138681</guid>
                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 14:06:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-05/fraud.png"                         length="305962"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात से गोवा और राजस्थान तक फैला तस्करी का जाल : तस्करों का नया रूट भारतमाला, नाइजीरियनों और महिलाओं के नेटवर्क से चल रहा था एमडी रैकेट</title>
                                    <description><![CDATA[भारतमाला की आड़ में चल रहा एमडी तस्करी का काला कारोबार इतना गहराई तक फैला था कि स्थानीय एजेंसियों को भी इसकी भनक तक नहीं लगी।एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने बताया कि भारतमाला मार्ग के जरिए नाइजीरियाई तस्करों और महिलाओं की मदद से बड़े पैमाने पर एमडी ड्रग की तस्करी किए जाने का खुलासा हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/smuggling-network-spread-from-gujarat-to-goa-and-rajasthan-new/article-132883"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(700-x-400-px)-(1)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतमाला की आड़ में चल रहा एमडी तस्करी का काला कारोबार इतना गहराई तक फैला था कि स्थानीय एजेंसियों को भी इसकी भनक तक नहीं लगी। नाइजीरियन गिरोह, महिला कैरियर्स, हवाला चैनल और गुजरात से आने वाले बड़े ग्राहकों के बीच तैयार हुआ यह नेटवर्क कई सालों तक बेखौफ संचालित होता रहा, लेकिन जब इस रैकेट की परतें खुलीं तो सामने आए सवाल उससे भी ज्यादा चौंकाने वाले थे, आखिर वह व्यक्तिजो 7-8 वर्षो से तस्करी में शामिल बताया जा रहा था, कभी पकड़ा क्यों नहीं गया। </p>
<p><strong>हवाला से होता था पेमेंट</strong><br />एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने बताया कि भारतमाला मार्ग के जरिए नाइजीरियाई तस्करों और महिलाओं की मदद से बड़े पैमाने पर एमडी ड्रग की तस्करी किए जाने का खुलासा हुआ है। तस्करी का पेमेंट हवाला चैनल के माध्यम से होता था, जिससे नेटवर्क को ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाता था।</p>
<p><strong>90 प्रतिशत माल गुजरात में होता था सप्लाई</strong><br />जांच में सामने आया कि एमडी ड्रग्स की 90 प्रतिशत तस्करी गुजरात में होती थी, वहीं बाकी सप्लाई गोवा से लेकर राजस्थान तक फैली हुई थी। इस बड़े रैकेट में गिरफ्तार आरोपी सुरेश कुमार को उसके चाचा ने ही अवैध धंधे में शामिल किया था। उसका चाचा वर्तमान में गोवा की जेल में बंद है। एएनटीएफ टीम ने ने सुरेश तथा गुजरात से आने वाले उसके ग्राहक को पकड़ने के लिए जाल बिछाया था, लेकिन ग्राहक मौके पर नहीं पहुंच सका, जिसके कारण टीम उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी।</p>
<p><strong>मिली भगत या संयोग</strong><br />सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि तस्करी करने वाला सुरेश कुमार करीब सात-आठ साल से तस्करी में सक्रिय था। इसके बाद भी सुरेश कुमार का नाम कभी किसी रिपोर्ट या मामले में सामने नहीं आया। अब जांच एजेंसी पता लगा रही है कि हवाला के जरिए इतनी बड़ी रकम का लेन-देन कैसे संभव हो पाया। इतनी मात्रा में एमडी की सप्लाई आखिर आती कहां से थी और सुरेश आज तक मिलीभगत से बचता रहा या फिर संयोग से उसका नाम सामने नहीं आया। </p>
<p><strong>यह था मामला </strong><br />एएनटीएफ की टीम ने एमडी ड्रग्स की सप्लाई करने वाले तस्कर सुरेश कुमार (30) निवासी करड़ा जालौर के कब्जे से करीब 2.5 करोड़ रुपए की 1 किलो 77 ग्राम एमडी व 763 ग्राम स्मैक जब्त की है। सुरेश 10वीं फेल है। हीरों की घिसाई को छोड़कर चाचा बुद्धराम के साथ एमडी, हेरोइन और स्मैक की तस्करी में जुट गया।</p>
<p>तस्कर हवाला के जरिए पेमेंट करते थे, इतनी बड़ी एमडी ड्रग्स कहां से सप्लाई होकर आती थी और आज तक सुरेश क्यों नहीं पकड़ा गया और उसका नाम क्यों सामने नहीं आया, इसकी जांच की जा रही है। <br />विकास कुमार, आईजी एएनटीएफ </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/smuggling-network-spread-from-gujarat-to-goa-and-rajasthan-new/article-132883</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/smuggling-network-spread-from-gujarat-to-goa-and-rajasthan-new/article-132883</guid>
                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 11:16:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-11/11-%28700-x-400-px%29-%281%291.png"                         length="400873"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नशा माफिया का नेटवर्क तोड़ना नारकोटिक्स के लिए दूर की कौड़ी, छोटे हैंडलर पकड़ रहा ब्यूरो</title>
                                    <description><![CDATA[सीबीएन ने सवा तीन साल में पकड़े 207 आरोपी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/breaking-the-network-of-drug-mafia-is-a-distant-dream-for-narcotics--bureau-is-catching-small-handlers/article-113066"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(1)7.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा जिले में लगातार नशे की खैप आ रही है। माफिया के नेटवर्क से होता हुआ यह छोटे छोटे हैंडलर के हाथों युवाओं तक पहुंच रहा है। सीबीएन की टीम छोटे-छोटे हैंडलर तो पकड़ रही है लेकिन माफिया तक अपनी पकड़ नहीं बना पाई है। यही कारण है कि पिछले कुछ वर्षों में एक भी बड़ा ड्रग माफिया इनके हाथ नहीं आया है।  केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने तीन साल में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ जो कार्रवाई की ,उससे साफ हो रहा है कि शहर में  भारी मात्रा में मादक पदार्थों की तस्करी हो रही है। पकड़ा गया मादक पदार्थ तो बहुत कम है। इसकी आड़ में काफी अधिक तो सप्लाई भी हो चुका होगा। सीबीएन ने सवा तीन साल में 207 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शहर में पहले जहां स्मैक व गांजे का नशा अधिक होता था। वहीं अब अफीम, पपी स्ट्रॉ, हेरोइन समेत कई तरह का नशा किया जा रहा है। इस नशे की चपेट में अधिकतर युवाओं व कोचिंग स्टूडेंट को लिया जा रहा है। शहर में बाहर से आकर बड़ी संख्या में युवा रहे हैं। घर से दूर व दोस्तों के साथ इस तरह से नशे की लत पड़ने से युवाओं के शरीर को दीमक की तरह से नशा खोखला कर रहा है। हालांकि  केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो द्वारा लगातार मादक पदार्थ सप्लाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तो की जा रही है। जिसमें छोटे-छोटे कैरियर ही पकड़े जा रहे है। जबकि मुख्य सप्लायर तक सीबीएन की टीम पहुंच ही नहीं पा रही है।</p>
<p><strong>साल दर साल लगातार बढ़ी कार्रवाई</strong><br />सीबीएन अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार टीम द्वारा जनवरी 2022 से मार्च 2025 तक  जो कार्रवाई की गई है। उसमें साल दर साल कार्रवाई बढ़ी है। इससे स्पष्ट है कि किस तेजी से शहर में नशे की खैप आ रही है।  वर्ष 2022 में मादक पदार्थ तस्करी के 26 मुकदमें दर्ज हुए थे। जिनमें 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2023 में 37 मुकदमें दर्ज हुए। जिनमें 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वर्ष 2024 में मुकदमों की संख्या अचानक से दोगुनी से अधिक हो गई। 87 मुकदमें दर्ज हुए जिनमें 107 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं इस साल जनवरी से मार्च के तीन माह में ही मादक पदार्थ तस्करी के 34 मुकदमें दर्ज हुए हैं। उनमें 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। </p>
<p><strong>सवा तीन साल में 184 कार्रवाई</strong><br />सीबीएन की टीम ने पिछले सवा तीन साल में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ 184 कार्रवाई  की है। जनवरी 2022 से लेकर मार्च 2025 तक की गई इन कार्रवाई में कुल 207 आरोपियों को भी पकड़ा गया है। जिनमें बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ भी जब्त किया गया है। </p>
<p><strong>नीचम व श्योपुर से अधिक आ रहा</strong><br />शहर में गांजा, अफीम व स्मैक, एमडी का नशा अधिकतर  बाराबंकी, गाजीपुर के साथ राजस्थान के चित्तौड़ जिले के अलावा मध्य प्रदेश के श्योपुर व नीमच से अधिक आ रहा है। राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा से लगे होने से यहां से नशा आसानी से कोटा में भी सप्लाई हो रहा है। यह नशा छोटी-छोटी पुड़ियाओं के माध्यम से जगह-जगह थड़ी और दुकानों पर बिक रहा है। </p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br /><strong>वर्ष    दर्ज मुकदमें    गिरफ्तार     आरोपी</strong><br />2022        26              26<br />2023        37              42<br />2024        87              107<br />2025        34               32</p>
<p><strong>तीन साल में चार गुना बढ़े मामले</strong><br />वर्ष 2022 में पूरे साल में जहां मात्र 26 मुकदमें दर्ज हुए और 26 ही आरोपी गिरफ्तार हुए थे। वहीं इस साल वर्ष 2025 में जनवरी से मार्च के तीन माह में ही 34 मुकदमें दर्ज कर 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।</p>
<p>सीबीएन की टीमें नशे के खिलाफ जो कार्रवाई कर रही हैं वह तो नाम मात्र की है। इनकी आड़ में न जाने कितना गुना नशा शहर में आ रहा है। जिसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता। यदि नशे को रोकना है तो मुख्य सप्लायर तक पहुंचना होगा। जब तक सप्लायर नहीं पकड़े जाएंगे नशे की खैप को शहर में आने से रोकना मुश्किल है। <br /><strong>- अनिल कारवानी, कंसुआ </strong></p>
<p><strong>बिचौलियों को पकड़ना समाधान नहीं</strong><br />शहर में मादक पदार्थ सप्लाई करने वाले लोग इतने अधिक शातिर हैं कि वे  सीबीएन के हाथ ही नहीं आते। ये दोनों विभाग जो कार्रवाई करते हैं। उनमें बिचौलिए ही पकड़े जाते हैं। ये भी उन्हें पकड़कर ही इतिश्री कर लेते हैं। लेकिन मुख्य सप्लायर तक  नहीं पहुंच पाते। युवा पीढ़ी को बचाना है तो उन्हें नशे से दूर रखने के लिए प्रभावी कार्रवाई करनी होगी। <br /><strong>- महेश नागर, गोविंद नगर</strong></p>
<p>शहर में अधिकतर मादक पदार्थ चित्तौड़ व नीमच से आ रहा है। इसकी जानकारी होने पर ही सीबीएन की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। विभाग की कार्रवाई का ही परिणाम है कि पिछले कई सालों में न केवल बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किया गया। वरन् आरोपी भी गिरफ्तार किए गए। पहले जहां आरोपी कम पकड़े जाते थे। अब उनकी संख्या भी बढ़ी है। हालांकि मादक पदार्थ सप्लाई करने वालों की चैन काफी लम्बी है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ व जांच के बाद मुख्य सप्लायरों तक पहुंचने का प्रयास किया जाता है। लेकिन वहां तक पहुंचना थोड़ा मुश्किल होता है। बिचौलियों को खुद पता नहीं होता कि उनके पास माल कहां से आया और किसने पहुंचाया।  छोटे-छोटे टुकड़ों में कई लोगों के शामिल होने से मुख्य सप्लायरों के पकड़े जाने का प्रतिशत काफी कम है। लेकिन नियमित कार्रवाई करने से सप्लायर में डर तो बना रहता है। <br /><strong>- नरेश बुंदेल, उप नारकोटिक्स आयुक्त केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/breaking-the-network-of-drug-mafia-is-a-distant-dream-for-narcotics--bureau-is-catching-small-handlers/article-113066</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/breaking-the-network-of-drug-mafia-is-a-distant-dream-for-narcotics--bureau-is-catching-small-handlers/article-113066</guid>
                <pubDate>Mon, 05 May 2025 15:24:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-05/news-%281%297.png"                         length="355282"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंफाल और गुवाहाटी में 88 करोड़ की मेथमफेटामाइन गोलियों की खेप जब्त, अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया के 4 सदस्य गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[ड्रग की यह खेप जांच के लिए अपनाए जा रहे बॉटम टु टॉप और टॉप टु बॉटम अप्रोच की शानदार सफलता का प्रमाण है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/4-members-of-international-drug-mafia-seized-a-consignment-of/article-107650"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/news-(16).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने नशा मुक्त भारत बनाने की मोदी सरकार की मुहिम को गति देते हुए इंफाल और गुवाहाटी जोन से 88 करोड़ रुपये की मेथमफेटामाइन गोलियों की एक बड़ी खेप जब्त कर अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि सरकार की ओर से ड्रग माफिया पर कोई रहम नहीं किया जाएगा। उन्होंने 88 करोड़ रुपये की मेथमफेटामाइन गोलियों की एक बड़ी खेप जब्त करने और अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल के चार सदस्यों को गिरफ्तार करने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को बधाई देते हुए कहा कि ड्रग्स की बड़े पैमाने पर हुई यह बरामदगी जांच के लिए अपनाए जा रहे बॉटम टु टॉप और टॉप टु बॉटम अप्रोच की शानदार सफलता का प्रमाण है।</p>
<p>केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि ड्रग कार्टेल के लिए कोई रहम नहीं। मोदी सरकार के नशा मुक्त भारत के निर्माण के अभियान को गति देते हुए 88 करोड़ रुपये की मेथमफेटामाइन गोलियों की एक बड़ी खेप जब्त की गई और इंफाल एवं गुवाहाटी जोन में अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। ड्रग की यह खेप जांच के लिए अपनाए जा रहे बॉटम टु टॉप और टॉप टु बॉटम अप्रोच की शानदार सफलता का प्रमाण है। ड्रग्स की हमारी तलाश जारी है। ब्यूरो की टीम को हार्दिक बधाई।</p>
<p>ब्यूरो के इम्फाल जोन के अधिकारियों ने पहली कार्रवाई में 13 मार्च को सूचना के आधार पर लिलोंग क्षेत्र के पास एक ट्रक को रोका और वाहन की पूरी तरह से टोह लेने के बाद ट्रक के पिछले हिस्से में टूल बॉक्स, केबिन से 102.39 किलोग्राम मेथमफेटामाइन की गोलियां बरामद कीं। ट्रक में सवार दो लोगों को पकड़ा भी गया। बिना किसी देरी के टीम ने तुरंत एक फॉलो अप कार्रवाई की और लिलोंग क्षेत्र से प्रतिबंधित सामग्री के संदिग्ध रिसीवर को पकड़ लिया। उसके पास से एक चार पहिया वाहन भी बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल ड्रग तस्करी के लिए किया जाता था। बाद में तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रतिबंधित सामग्री का संदिग्ध स्रोत मोरेह है। मामले में शामिल अन्य लोगों को पकडऩे के लिए आगे की जांच जारी है।</p>
<p>सूचना के आधार पर उसी दिन एक अन्य अभियान में ब्यूरो के गुवाहाटी जोन के अधिकारियों ने सिलचर के पास असम-मिजोरम सीमा पर एक एस यू वी कार को रोका और उसकी गहन तलाशी ली, जिसमें वाहन के स्पेयर टायर के अंदर छिपाई गई 7.48 किलोग्राम मेथमफेटामाइन गोलियां बरामद हुईं और वाहन सवार को भी पकड़ लिया, जिसे बाद में गिरफ़्तार कर लिया गया। तस्करी का स्रोत मणिपुर का मोरेह था और संदिग्ध गंतव्य करीमगंज था। मामले में शामिल अन्य लोगों को पकडऩे के लिए आगे की जांच जारी है।</p>
<p>एक अन्य घटनाक्रम में ब्यूरो, मिजोरम सरकार के आबकारी विभाग से एक मामले की जांच भी अपने हाथ में ले रहा है, जिसमें छह मार्च को ब्रिगेड बावंगकॉन एजल में लगभग 46 किलोग्राम क्रिस्टल मेथ जब्त किया गया था। इस मामले में ड्रग सिंडिकेट में शामिल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ड्रग तस्करी नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय संबंधों की जांच के लिए ब्यूरो द्वारा मामले की जांच की जा रही है।</p>
<p>पूर्वोत्तर क्षेत्र भौगोलिक स्थिति के कारण मादक पदार्थों की तस्करी के ²ष्टिकोण से भारत के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में से एक के रूप में उभरा है। इस संवेदनशील पहलू को पहचानते हुए गृह मंत्रालय ने क्षेत्र में ड्रग्स के खिलाफ युद्ध को और मजबूत करने के लिए वर्ष 2023 में हृष्टक्च की ताकत बढ़ाई थी। ब्यूरो अपनी पांच क्षेत्रीय इकाइयों और पूर्वोत्तर में एक क्षेत्रीय मुख्यालय के माध्यम से क्षेत्र में सक्रिय मादक पदार्थों, विशेष रूप से मेथमफेटामाइन टैबलेट जैसे ङ्क्षसथेटिक ड्रग्स की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार काम कर रहा है। मेथमफेटामाइन टैबलेट को याबा  के नाम से जाना जाता है और इसने न केवल क्षेत्र की युवा आबादी के लिए बल्कि पूरे देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/4-members-of-international-drug-mafia-seized-a-consignment-of/article-107650</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/4-members-of-international-drug-mafia-seized-a-consignment-of/article-107650</guid>
                <pubDate>Sun, 16 Mar 2025 17:37:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-03/news-%2816%29.png"                         length="309440"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>माफियाओं पर नियंत्रण होना जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[आधुनिकीकरण, प्रौद्योगिकीकरण तथा नगरीकरण के निरंकुश विस्तार के कारण यह अभ्यास पहले से अधिक बढ़ गया है और साथ ही इस अभ्यास की निगरानी इस पर नियंत्रण व अंकुश का शासकीय कर्त्तव्य कुंद पड़ चुका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/it-is-necessary-to-control-the-mafia/article-93087"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(6)13.png" alt=""></a><br /><p>प्रवर्तन निदेशालय, आतंकवाद निरोधक दल तथा अन्य जांच एजेंसियां कुछ दिनों से मादक पदार्थों को जब्त करने व इन्हें छुपाने, बेचने वालों को पकड़ने के अभियान में व्यस्त हैं। कुछ दिन पूर्व दिल्ली में जब्त मादक पदार्थों के प्रकरण पर 11 अक्टूबर को मुकदमा दर्ज करते हुए दिल्ली, मुंबई, गुरुग्राम तथा अन्य नगरों में छापामारी हुई है। छापे के दौरान ये मादक पदार्थ 2 अक्टूबर को दिल्ली स्थित महिपालपुर क्षेत्र के एक गोदाम में पाए गए। पदार्थ में 560 किलो से अधिक का कोकीन तथा 40 किलो का हाइड्रोपोनिक मारिजुआना शामिल था। इसका अनुमानित मूल्य 7000 करोड़ से अधिक है। इस प्रकरण में सात लोग पुलिस हिरासत में हैं। इस संबंध में भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक सहित छह व्यक्तियों के विरुद्ध लुकआउट सर्कुलर भी जारी हुआ है। दो अक्टूबर को पुलिस ने मादक पदार्थों का मुद्रा मूल्यांकन 5620 करोड़ किया था। इससे पहले इसी माह 5 अक्टूबर को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित एक कारखाने में 1814 करोड़ मूल्य का मेफेड्रोन मादक पदार्थ तथा इसे बनाने में प्रयुक्त होनेवाली कच्ची सामग्री जब्त की गई थी। जब्त मादक पदार्थ का कुल मूल्य 8 हजार करोड़ है। सहज कल्पना की जा सकती है कि मादक पदार्थों के धंधे में लिप्त माफियाओं की कितनी बड़ी एक पृथक अर्थव्यवस्था चल रही है।</p>
<p>मुख्यधारा के शासकीय नियम-कानूनों से छिपकर देश-दुनिया में वितरित होने वाले मादक पदार्थों के कुल मूल्य का सहज अनुमान लगाया जा सकता है कि यह कितने का होगा। बच्चों, युवक-युवतियों को पथभ्रष्ट करके देश-दुनिया में मनमानियां करने के लिए, जो सबसे सरल रास्ता सत्ता के माफियाओं को नजर आता है, वह उन्हें मादक पदार्थों के उत्पादन, वितरण व प्रसारण में ही नजर आता है। यह सामान्य घटनाएं नहीं हैं। शासन को इस ओर गंभीरतापूर्वक ध्यान देना होगा। राष्टÑ में मादक पदार्थों का विशाल जंजाल फैला हुआ है। इस जंजाल में लिप्त व्यक्ति मादक पदार्थ बनाने से लेकर बेचने तक के अपने काम को अत्यंत व्यावसायिक और प्रोद्यौगिकीय तरीके से संपन्न करते हैं। गहन दुख व ग्लानिपूर्वक कहना पड़ रहा है कि मादक पदार्थ के माफियाओं के कामधंधों को सुगमतापूर्वक संपन्न करवाने में न्यूनाधिक मात्रा में तथा गोपनीय तरीके से प्रशासन के कुछ घटक भी लिप्त हो  सकते हैं। इस कुप्रथा को गुपचुप शासकीय संरक्षण दिए जाने तक ही सीमित नहीं है।अब इस समय तो पैकेट बंद निर्मित व अर्द्धनिर्मित भोज्य उत्पादों व पेय पदार्थों में भी प्राणघातक रासायनिक मिश्रण डाले जा रहे हैं।</p>
<p>आधुनिकीकरण, प्रौद्योगिकीकरण तथा नगरीकरण के निरंकुश विस्तार के कारण यह अभ्यास पहले से अधिक बढ़ गया है और साथ ही इस अभ्यास की निगरानी इस पर नियंत्रण व अंकुश का शासकीय कर्त्तव्य कुंद पड़ चुका है। मादक पदार्थों तथा रासायनिक मिश्रण वाले गेहूं, चावल, दाल, सब्जी, फल,  मसाले, तेल, घी, पैकेट बंद पदार्थों के सेवन से अधिकतर लोगों का स्वास्थ्य बेहाल है। यह बेहाली शरीर के अंगों को क्षतिग्रस्त, निष्क्रिय ही नहीं, बल्कि मस्तिष्कीय व मनोविकारों के रूप में भी परिव्याप्त है।</p>
<p>जनता की इस स्वास्थ्य बेहाली को चिकित्सा सेवा के नाम पर प्राइवेट चिकित्सालयों के रूप में फैले हुए चिकित्सा माफिया अपनी मर्जी व मुनाफे के हिसाब से करते हैं। चिकित्सा की दुर्दशा यह है कि धनपति हों अथवा अंतरराष्ट्रीय ख्याति के नेता या अन्य व्यक्ति किसी को भी चिकित्सकीय देखभाल या एलौपैथ की ओषधियों द्वारा सौ वर्षों तक का पूर्ण स्वस्थ जीवन उपलब्ध नहीं करवाया जा सका है। हाल ही में रतन टाटा का देहांत हुआ, जो 86 वर्ष के ही थे। वे धनपति थे। उनका अपना चिकित्सालय था। उनके पास असीमित संसाधन थे। तब भी चिकित्सकीय व्यवस्था उन्हें सौ वर्ष का संपूर्ण स्वास्थ्य आधारित खुशहाल जीवन प्रदान नहीं कर सकी।</p>
<p>देश-दुनिया में माफियाओं का चहुंमुखी हस्तक्षेप केवल मादक पदार्थों की अवैध तस्करी या चिकित्सा माफियाओं के रूप में लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करके धनार्जन करने तक ही सीमित नहीं है। प्राइवेट स्कूल, बिल्डिंग मैटीरियल, खनन व आपूर्ति, पैकेट बंद भोज्य व पेय पदार्थ बनाने व बेचने का मनचाहा उपयोग व लेनदेन करने, जीवन के हर क्षेत्र व आधुनिक सुविधा पर माफियाओं का नियंत्रण हो चुका है। इस समय शासन व शासकीय व्यवस्था के समानांतर एक स्थापित माफिया अवश्य उपस्थित है, जो लोकतंत्र और इसके संसदीय नियम-कानूनों को ठेंगा दिखाकर मनमर्जी से अपने लोकघाती व लोकजीवन घाती कार्यों को बेधड़क होकर किए जा रहा है। इस परिस्थिति में जनसाधारण के जीवन व स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर कठोर से कठोर दंड का प्रावधान हो। माफिया नियंत्रित गतिविधियां रोकने के लिए कुछ निर्णय सरकार को शीघ्र ही लेने होंगे।  </p>
<p><strong>-विकेश कुमार बडोला</strong><br /><strong>यह लेखक के अपने विचार हैं।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/it-is-necessary-to-control-the-mafia/article-93087</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/opinion/it-is-necessary-to-control-the-mafia/article-93087</guid>
                <pubDate>Tue, 15 Oct 2024 11:27:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-10/630400-size-%286%2913.png"                         length="471577"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Clean Sweep में ड्रग माफिया के खिलाफ कार्रवाई, छह तस्कर गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[ भांकरोटा थाना पुलिस ने स्मैक तस्कर सतीश कुमार गुजराती 31 मूल निवासी मुकन्दपुरा कच्ची बस्ती भांकरोटा और राहुल राजपूत (20) जयसिंहपुरा थाना भांकरोटा को गिरफ्तार कर उनके पास से तीन ग्राम, 69 मिलीग्राम स्मैक और 28,110 रुपए नकद और एक दुपहिया वाहन जब्त किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/six-smugglers-arrested-in-clean-sweep-against-drug-mafia/article-80915"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/yy211rer-(4)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कमिश्नरेट की सीएसटी टीम ने ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ अभियान के तहत ड्रग्स माफिया के खिलाफ अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए छह ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से 12 ग्राम, 93 मिलीग्राम स्मैक, दो किलो गांजा और तीस हजार रुपए से अधिक की नकदी बरामद की है। पुलिस ने दो दुपहिया वाहन भी जब्त किए हैं। डीसीपी क्राइम दिगंत आनन्द ने बताया कि करणी विहार थाने में स्मैक तस्कर विक्रम सिंह उर्फ विक्की (21) निवासी कच्ची बस्ती कंदोई अस्पताल के पास भांकरोटा को गिरफ्तार कर उसके पास से पांच ग्राम, 24 मिलीग्राम स्मैक, 1250 रुपए नकद और एक दुपहिया वाहन को जब्त किया है।</p>
<p>सांगानेर पुलिस ने स्मैक तस्कर श्याम बाई 60 मूल निवासी चौथ का बरवाड़ा हाल निवास ओसवाल सर्किल के पास सीतापुरा रीको एरिया को गिरफ्तार कर उसके पास से चार ग्राम स्मैक बरामद की है। भांकरोटा थाना पुलिस ने स्मैक तस्कर सतीश कुमार गुजराती 31 मूल निवासी मुकन्दपुरा कच्ची बस्ती भांकरोटा और राहुल राजपूत (20) जयसिंहपुरा थाना भांकरोटा को गिरफ्तार कर उनके पास से तीन ग्राम, 69 मिलीग्राम स्मैक और 28,110 रुपए नकद और एक दुपहिया वाहन जब्त किया है। मुरलीपुरा थाना पुलिस ने गांजा तस्कर मोहित जांगिड़ (22) फुलेरा को गिरफ्तार कर उसके पास से दो किलो, 830 ग्राम गांजा बरामद किया है। रामनगरिया थाना पुलिस ने गांजा तस्कर पारस जैन 51 निवासी मालपुरा गेट को गिरफ्तार कर उसके पास से 105 गांजा और 1090 रुपए नकद बरामद किया है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/six-smugglers-arrested-in-clean-sweep-against-drug-mafia/article-80915</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/six-smugglers-arrested-in-clean-sweep-against-drug-mafia/article-80915</guid>
                <pubDate>Sun, 09 Jun 2024 11:50:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-06/yy211rer-%284%292.png"                         length="209526"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        