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                <title>wholesale market - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>घरेलू थोक जिंस बाजारों में चावल, गेहूं में साप्ताहिक गिरावट: चीनी, खाद्य तेल मजबूत, दालों में घटबढ़</title>
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                        <![CDATA[घरेलू थोक बाजारों में बीते सप्ताह चावल और गेहूं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, खाद्य तेल और चीनी के दाम बढ़ गए, जबकि दालों के भाव में उतार-चढ़ाव देखा गया।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/domestic-wholesale-commodity-markets-saw-weekly-decline-in-rice-wheat/article-143241"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(11)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। घरेलू थोक जिंस बाजारों में बीते सप्ताह चावल के औसत भाव घट गये। चावल के साथ गेहूं में भी नरमी रही। चीनी और खाद्य तेलों के दाम बढ़ गये जबकि दालों में उतार-चढ़ाव का रुख रहा। सप्ताह के दौरान चावल की औसत कीमत 69 रुपये घटकर सप्ताहांत पर 3,753 रुपये प्रति क्विंटल रह गयी। गेहूं सात रुपये सस्ता हुआ और सप्ताहांत पर 2,856 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बिका। आटा चार रुपये चढ़कर 3,341 रुपये प्रति क्विंटल बोला गया।</p>
<p>बीते सप्ताह खाद्य तेलों में तेजी रही। मूंगफली तेल की औसत कीमत 319 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गयी। सूरजमुखी तेल का भाव 256 रुपये और पाम ऑयल का 222 रुपये बढ़ा। सोया तेल 105 रुपये और सरसों तेल 78 रुपये महंगा हुआ। वनस्पति में 36 रुपये की तेजी रही। </p>
<p>सप्ताह के दौरान तुअर दाल औसतन 82 रुपये प्रति क्विंटल महंगी हुई। उड़द दाल की कीमत 65 रुपये और मूंग दाल की 11 रुपये बढ़ी। मसूर दाल में 66 रुपये और चना दाल में 61 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट रही। मीठे के बाजार में सप्ताह के दौरान गुड़ के औसत भाव 18 रुपये प्रति क्विंटल गिर गये। वहीं, चीनी 17 रुपये प्रति क्विंटल महंगी हुई।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 12:24:26 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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            <item>
                <title>चावल-दालों में साप्ताहिक तेजी: गेहूं, चीनी नरम, खाद्य तेलों में घटबढ़</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[घरेलू थोक बाजार में चावल और दालों के भाव बढ़े, जबकि गेहूं, आटा और चीनी में नरमी रही। खाद्य तेलों में सप्ताहभर उतार-चढ़ाव देखा गया।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/weekly-rise-in-rice-and-pulses-decline-in-wheat-sugar/article-140781"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(4)3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। घरेलू थोक जिंस बाजारों में बीते सप्ताह चावल के औसत भाव बढ़ गये। चावल के विपरीत गेहूं और चीनी में नरमी रही। दालों के भाव बढ़ गये जबकि खाद्य तेलों में उतार-चढ़ाव का रुख रहा।</p>
<p>सप्ताह के दौरान चावल की औसत कीमत 23 रुपये बढ़कर सप्ताहांत पर 3,818 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गयी। गेहूं 28 रुपये सस्ता हुआ और सप्ताहांत पर 2,839 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बिका। आटा 12 रुपये सस्ता हुआ और 3,299 रुपये प्रति क्विंटल बोला गया।</p>
<p>बीते सप्ताह खाद्य तेलों में उतार-चढ़ाव रहा। सरसों तेल की औसत कीमत 33 रुपये प्रति क्विंटल घट गयी। वनस्पति भी 12 रुपये सस्ता हुआ। सूरजमुखी तेल  का भाव 98 रुपये और पाम ऑयल का 85 रुपये बढ़ गया। मूंगफली तेल 77 रुपये और सोया तेल 17 रुपये प्रति क्विंटल महंगा हुआ।</p>
<p>सप्ताह के दौरान तुअर दाल औसतन 83 रुपये प्रति क्विंटल चढ़ी। उड़द दाल 42 रुपये और मसूर दाल 32 रुपये प्रति क्विंटल महंगी हुई। मूंग दाल की कीमत 29 रुपये और चना दाल की 19 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गयी। मीठे के बाजार में सप्ताह के दौरान गुड़ के औसत भाव छह रुपये प्रति क्विंटल बढ़े। वहीं, चीनी सात रुपये प्रति क्विंटल सस्ती हुई।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Jan 2026 14:00:00 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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            <item>
                <title>महंगाई की मार! चावल, गेहूं में साप्ताहिक तेजी: चीनी नरम-दालों, खाद्य तेलों में उतार-चढ़ाव का रूख</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[घरेलू थोक बाजार में बीते सप्ताह चावल और गेहूं के औसत भावों में तेजी दर्ज की गई, जबकि चीनी और दालों की कीमतों में गिरावट से उपभोक्ताओं को राहत मिली।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/inflation-hit-weekly-rise-in-rice-and-wheat-sugar-soft/article-139975"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/rice.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। घरेलू थोक जिंस बाजारों में बीते सप्ताह चावल के औसत भाव बढ़ गये। चावल के साथ गेहूं में भी तेजी रही। चीनी की कीमतों में गिरावट रही जबकि दालों और खाद्य तेलों में उतार-चढ़ाव का रुख रहा। सप्ताह के दौरान चावल की औसत कीमत 39 रुपये बढ़कर सप्ताहांत पर 3,795 रुपये प्रति क्विंटल रह गयी। गेहूं 13 रुपये मजबूत हुआ और सप्ताहांत पर 2,867 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बिका। आटा आठ रुपये सस्ता हुआ और 3,311 रुपये प्रति क्विंटल रह गया।</p>
<p>बीते सप्ताह खाद्य तेलों में उतार-चढ़ाव रहा। मूंगफली तेल की औसत कीमत 186 रुपये और सरसों तेल की 103 रुपये प्रति क्विंटल घट गयी। पाम ऑयल 34 रुपये और वनस्पति 14 रुपये प्रति क्विंटल सस्ता हुआ। सूरजमुखी तेल की कीमत 67 रुपये और सोया तेल की 46 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ी।</p>
<p>सप्ताह के दौरान तुअर दाल औसतन 50 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती हुई। मसूर दाल 35 रुपये और उड़द दाल 34 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती हुई। चना दाल की कीमत चार रुपये प्रति क्विंटल घट गयी। मूंग दाल में 17 रुपये प्रति क्विंटल की मजबूती देखी गयी। मीठे के बाजार में सप्ताह के दौरान गुड़ के औसत भाव आठ रुपये प्रति क्विंटल घट गये। चीनी भी 30 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती हुई।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 18 Jan 2026 14:00:00 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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            <item>
                <title>आम आदमी की जेब पर फिर पड़ेगी मंहगाई की मार, खाद्य सामग्री के दामों में तेजी, दालों में घटबढ़</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[घरेलू थोक बाजार में बीते सप्ताह चावल और गेहूं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, खाद्य तेल, चीनी और दालों के दाम बढ़ने से रसोई का बजट प्रभावित हुआ है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/inflation-will-hit-the-common-mans-pocket-again-increase-in/article-139159"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/food-items.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। घरेलू थोक जिंस बाजारों में बीते सप्ताह चावल के औसत भाव घट गये। चावल के साथ गेहूं में भी नरमी रही। चीनी और खाद्य तेलों की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गयी जबकि दालों में उतार-चढ़ाव का रुख रहा। सप्ताह के दौरान चावल की औसत कीमत 52 रुपये टूटकर सप्ताहांत पर 3,756 रुपये प्रति क्विंटल रह गयी। गेहूं आठ रुपये कमजोर हुआ और सप्ताहांत पर 2,854 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बिका। आटा चार रुपये महंगा हुआ और 3,319 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।</p>
<p>बीते सप्ताह खाद्य तेलों में तेजी रही। मूंगफली तेल की औसत कीमत 225 रुपये और पाम ऑयल की 101 रुपये बढ़ गयी। सरसों तेल 81 रुपये और वनस्पति 76 रुपये प्रति क्विंटल महंगा हुआ। सूरजमुखी तेल के भाव में 72 रुपये और सोया तेल में 43 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गयी</p>
<p>सप्ताह के दौरान चना दाल औसतन 22 रुपये प्रति क्विंटल टूट गयी। वहीं, उड़द दाल की कीमत 887 रुपये और तुअर (अरहर) दाल की 58 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ी। मूंग दाल 14 रुपये और मसूर दाल 12 रुपये प्रति क्विंटल महंगी हुई। मीठे के बाजार में सप्ताह के दौरान गुड़ के औसत भाव 24 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गये। चीनी भी 23 रुपये प्रति क्विंटल महंगी हुई।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 Jan 2026 12:44:25 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>आम आदमी को फिर पड़ने वाली है मंहगाई की मार: चावल, गेहूं मजबूत-चीनी, दालें नरम, जानें क्या हैं खाद्य तेलों का हाल?</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[घरेलू थोक बाजारों में बीते सप्ताह चावल और गेहूं के भाव बढ़े। चावल 71 रुपये और गेहूं 10 रुपये महंगा हुआ। वहीं दालों और चीनी में गिरावट दर्ज की गई। खाद्य तेलों में उतार-चढ़ाव बना रहा।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/the-common-man-is-going-to-be-hit-by-inflation/article-136674"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/delhi-commodity-market.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। घरेलू थोक बाजारों में बीते सप्ताह चावल के औसत भाव बढ़ गये। ग्राहकी आने से गेहूं में भी तेजी रही। वहीं, चीनी और दालों में गिरावट रही जबकि खाद्य तेलों में उतार-चढ़ाव का रुख रहा। घरेलू थोक बाजारों में सप्ताह के दौरान चावल की औसत कीमत 71 रुपये बढ़कर सप्ताहांत पर 3,827 रुपये प्रति क्विंटल रही। गेहूं 10 रुपये चढ़कर 2,858.33 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। आटा 3,305.69 रुपये प्रति क्विंटल पर लगभग स्थिर रहा।     </p>
<p>बीते सप्ताह मूंगफली तेल 16 रुपये और सोया तेल 15 रुपये प्रति क्विंटल सस्ता हुआ। वहीं, वनस्पति 55 रुपये और सरसों तेल 49 रुपये मजबूत हुआ। सूरजमुखी तेल में 37 रुपये और पाम ऑयल में पांच रुपये प्रति क्विंटल की तेजी देखी गयी। सप्ताह के दौरान तुअर दाल की औसत कीमत 59 रुपये और उड़द दाल की 58 रुपये प्रति क्विंटल उतर गयी। मसूर दाल 24 रुपये और मूंग दाल 19 रुपये सस्ती हुई। चना दाल 14 रुपये प्रति क्विंटल टूट गयी। मीठे के बाजार में सप्ताह के दौरान गुड़ के औसत भाव छह रुपये प्रति क्विंटल गिर गये। चीनी भी 27 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती हुई। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Dec 2025 12:12:15 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - अब तीसरी आंख से होने लगी निगरानी, खराब पड़े 32 सीसीटीवी कैमरों को अब ठीक कर दिया गया </title>
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                        <![CDATA[मंडी परिसर की कैमरों से हो रही मॉनिटरिंग। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---now-monitoring-is-being-done-by-the-third-eye/article-116816"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(3)19.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के धानमंडी क्षेत्र स्थित थोक फल-सब्जी मंडी में फिर तीसरी आंख से निगरानी शुरू हो गई है। मंडी में काफी समय से खराब पड़े 32 सीसीटीवी कैमरों को अब ठीक कर दिया गया है और इनके माध्यम से परिसर की मॉनिटरिंग भी शुरू कर दी गई है। सीसीटीवी कैमरों को ठीक करने के लिए वित्त विभाग ने ढाई लाख का बजट मंजूर किया था। बजट स्वीक़ृत होने के बाद मंडी प्रशासन ने टैंडर प्रक्रिया कर एक फर्म को इसका कार्य सौंपा गया था। ठेकेदार फर्म ने गत दिनों कैमरों के खराब हो रहे पैनल को ठीक कर कैमरों का संचालन शुरू कर दिया गया है। इससे अब मंडी परिसर की आसानी से मॉनिटरिंग होने लगी है। कैमरों के खराब होने से आपराधिक वारदातों की आशंका बनी हुई थी। वहीं मंडी परिसर में होने वाली गतिविधियों की भी निगरानी नहीं हो पा रही थी। अब कैमरों की मरम्मत होने से राहत मिली है।</p>
<p><strong>चूहों ने खराब कर दिया था पैनल</strong><br />जानकारी के अनुसार यह शहर की प्रमुख फल सब्जीमंडी है और इससे हजारों किसान एवं कई राज्यों के व्यापारी जुड़े हुए हैं। ऐसे में थोक फलसब्जी मंडी में सुरक्षा की दृष्टि से 32 सीसीटीवी कैमरे लगा रखे हैं। इसके लिए मंडी के दुकानदारों की ओर राशि उपलब्ध कराई गई थी। कुछ माह पहले सीसीटीवी कैमरे के पैनल को चूहे ने नुकसान पहुंचा दिया था। इसके बाद सभी कैमरे बंद पड़े हुए थे। मंडी प्रशासन ने पैनल को दिखवाया तो उसके ठीक करने के लिए ढाई लाख का खर्चा बताया था। इसके बाद मंडी प्रशासन ने ढाई लाख का एस्टीमेट बनवाकर कृषि निदेशालय जयपुर को भेज दिया था, लेकिन काफी समय तक उक्त बजट को मंजूरी नहीं मिली। बाद में ढाई लाख का बजट मिलने पर खराब कैमरों को ठीक करवा उनका संचालन शुरू कर दिया गया है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />थोक फल मंडी में सभी 32 सीसीटीवी कैमरे खराब होने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति के 2 मार्च के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। जिसमें बताया था कि काफी समय से सीसीटीवी कैमरे खराब होने से दुकानदार और ग्राहक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। थोक फल सब्जी मंडी में करीब 150 दुकानें है और हर माह करोड़ों रुपए का कारोबार होता है। इसके बावजूद मंडी में सीसीटीवी कैमरों को अभी तक ठीक नहीं करवाया गया है। मंडी प्रशासन की ओर से कैमरों की मरम्मत के लिए करीब ढाई लाख के बजट की फाइल कृषि निदेशालय को भेज रखी है, लेकिन बजट को हरी झंडी नहीं मिल रही थी। समाचार प्रकाशित होने के बाद मंडी प्रशासन ने फिर से बजट के सम्बंध में रिमांइडर भेजा था। इसके बाद बजट जारी होने पर कैमरे शुरू कर दिए गए हैं।</p>
<p>सुबह के समय मंडी में काफी भीड़ रहती है। इस दौरान जेबकट भी घूमते रहते हैं। मंडी के कैमरे खराब होने से वारदात का अंदेशा ज्यादा बना रहता था। अब मंडी प्रशासन द्वारा कैमरों को शुरू करवाने से खतरा नहीं रहेगा।<br /><strong>- सुनीता देवी, ग्राहक </strong></p>
<p>थोक मंडी में सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगा रखे हैं। चूहों के कारण इसका पैनल खराब हो गया था। ठेकेदार फर्म से खराब कैमरों को ठीक करवा कर उनका संचालन शुरू कर दिया है।<br /><strong>- विश्वजीत सिंह, सचिव, थोक फल-सब्जी मंडी कोटा </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Jun 2025 14:45:07 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - थोक फल सब्जीमंडी में फिर होगी तीसरी आंख से निगरानी</title>
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                        <![CDATA[वित्त विभाग ने जारी किया ढाई लाख का बजट।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news-wholesale-fruit-vegetable-market/article-110382"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news28.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के धानमंडी क्षेत्र स्थित थोक फल-सब्जी मंडी में अब फिर से तीसरी आंख से निगरानी हो सकेगी। मंडी में काफी समय से खराब पड़े 32 कैमरों को ठीक करने के लिए वित्त विभाग ने ढाई लाख का बजट मंजूर कर दिया है। बजट स्वीक़ृत होने के बाद मंडी प्रशासन ने टैंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। अब जल्द ही खराब पैनल को ठीक कर कैमरों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इससे मंडी परिसर की आसानी से मॉनिटरिंग हो सकेगी। कैमरों के खराब होने से आपराधिक वारदातों की आशंका बनी हुई थी। वहीं मंडी परिसर में होने वाली गतिविधियों की भी निगरानी नहीं हो पा रही थी। अब कैमरों की मरम्मत होने से राहत मिलेगी। चूहों ने खराब कर दिया था पैनल: जानकारी के अनुसार यह शहर की प्रमुख फल सब्जीमंडी है और इससे हजारों किसान एवं कई राज्यों के व्यापारी जुड़े हुए हैं। ऐसे में थोक फलसब्जी मंडी में सुरक्षा की दृष्टि से 32 सीसीटीवी कैमरे लगा रखे हैं। इसके लिए मंडी के दुकानदारों की ओर राशि उपलब्ध कराई गई थी। करीब तीन माह पहले सीसीटीवी कैमरे के पैनल को चूहे ने नुकसान पहुंचा दिया था। इसके बाद सभी कैमरे बंद पड़े हुए थे। मंडी प्रशासन ने पैनल को दिखवाया तो उसके ठीक करने के लिए ढाई लाख का खर्चा बताया था। इसके बाद मंडी प्रशासन ने ढाई लाख का एस्टीमेट बनवाकर कृषि निदेशालय जयपुर को भेज दिया था, लेकिन काफी समय तक उक्त बजट को मंजूरी नहीं मिली। अब तीन माह बाद वित्त विभाग ने ढाई लाख का बजट स्वीक़ृत राशि जारी कर दी है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />थोक फल मंडी में सभी 32 सीसीटीवी कैमरे खराब होने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति के 2 मार्च के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। जिसमें बताया था कि काफी समय से सीसीटीवी कैमरे खराब होने से दुकानदार और ग्राहक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। थोक फल सब्जी मंडी में करीब 150 दुकानें है और हर माह करोड़ों रुपए का कारोबार होता है। इसके बावजूद मंडी में सीसीटीवी कैमरों को अभी तक ठीक नहीं करवाया गया है। मंडी प्रशासन की ओर से कैमरों की मरम्मत के लिए करीब ढाई लाख के बजट की फाइल कृषि निदेशालय को भेज रखी है। करीब दो माह बाद भी फाइल को बजट को हरी झंडी को नहीं मिल पाई है। इस कारण अभी तक कैमरे नहीं ठीक नहीं हो पाए हैं। समाचार प्रकाशित होने के बाद मंडी प्रशासन ने फिर से बजट के सम्बंध में रिमांइडर भेजा था। अब बजट जारी कर दिया गया है। </p>
<p>सुबह के समय मंडी में काफी भीड़ रहती है। इस दौरान जेबकट भी घूमते रहते हैं। मंडी के कैमरे खराब होने से जेबकटी का अंदेशा ज्यादा बना रहता है। अब बजट मिल गया, इसलिए मंडी प्रशासन को जल्द से जल्द से मरम्मत करवाकर कैमरों को शुरू करवाना चाहिए। <br /><strong>- सुरेश जांगिड, ग्राहक </strong></p>
<p>थोक मंडी में हर माह लाखों रुपए का कारोबार होता है। यहां तड़के साढ़े 3 बजे से माल की खरीद-फरोख्त शुरू हो जाती है। सीसीटीवी कैमरे खराब होने के कारण दुकानदारों में वारदात का अंदेशा बना हुआ था। अब कैमरों शुरू होने से राहत मिलेगी।<br /><strong>- विनोद थदानी, थोक व्यापारी</strong></p>
<p>थोक मंडी में सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगा रखे हैं। चूहों के कारण इसका पैनल खराब हो गया था। अब वित्त विभाग ने ढाई लाख का बजट मंजूर कर दिया है। टैंडर प्रक्रिया हो चुकी है। जल्द ही फर्म मरम्मत कर कैमरों को चालू कर देगी।<br /><strong>- विश्वजीत सिंह, सचिव, थोक फल-सब्जी मंडी कोटा </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Apr 2025 13:29:37 +0530</pubDate>
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                <title>थोक फल सब्जीमंडी: अतिक्रमण का दंश पड़ रहा भारी </title>
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                        <![CDATA[गर्मी में ग्राहकों और विक्रेताओं को होती है परेशानी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/wholesale-fruit-and-vegetable-market--encroachment-is-taking-a-heavy-toll/article-81046"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/thok-fal-sazbzimandi--atikraman-ka-dansh-pd-rha-bhari...kota-news-10-06-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में एरोड्राम के पास स्थित थोक फल सब्जी मंडी में अव्यवस्था के बीच कारोबार हो रहा है। माल की ज्यादा आवक होने और मंडी परिसर छोटा होने के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है। शहर के बीच में स्थित थोक फल सब्जीमंडी में सुबह से शाम तक बार-बार जाम लगता रहता है। ऐसे में फल सब्जी व्यापारियों, किसानों और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं मंडी परिसर के बाहर फल और सब्जी विक्रेताओं ने अतिक्रमण कर रखा है। जिससे माल लेकर आने वाले जाम में फंस जाते हैं। इससे मंडी का कारोबार प्रभावित होता है।   </p>
<p><strong>मंडी के अन्दर और बाहर अतिक्रमण</strong><br />कोटा की थोक फल सब्जीमंडी संभाग की सबसे बड़ी मंडी है। यहां पर विभिन्न राज्यों से फल और सब्जियों की काफी मात्रा में आवक होती है। यहां से हाड़ौती के फुटकर फल-सब्जी विक्रेता माल खरीदकर ले जाते हैं और अपने-अपने क्षेत्रों में बेचते हैं। ऐसे में यहां फल-सब्जी की आवक काफी मात्रा में होती है। मंडी में सबसे बड़ी परेशानी अतिक्रमण की है। मंडी के अन्दर व्यापारियों ने अपने कार्टन जमा करके अतिक्रमण कर रखा है तो बाहर फल और सब्जी के ठेले लगाकर विक्रेताओं ने कब्जा जमा रखा है। मंडी परिसर में टीनशेड के व्यापारियों का माल जमा होने से ग्राहकों और विक्रेताओं को गर्मी में परेशानी होती है। वहीं बाहर ठेले वालों के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है।</p>
<p><strong>माल की आवक अधिक, परिसर छोटा</strong><br />थोक फल सब्जी मंडी के व्यापारियों के अनुसार मंडी में  महाराष्टÑ, गुजरात, मध्यप्रदेश, पुणे,उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, बैंगलुरु से विभिन्न तरह के फल बिक्री के लिए आते हैं। इसके अलावा कोटा सहित हाड़ौती के जिलों से काफी मात्रा में सब्जियों की आवक होती है। माल की आवक लगातार बढ़ने के कारण अब मंडी परिसर छोटा पड़ने लगा है। मंडी में माल से भरे ट्रक, मिनी ट्रक और अन्य वाहनों के कारण दिनभर में कई बार जाम लगा रहता है। इससे एरोड्राम चौराहे के आसपास व डीसीएम रोड पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। बाहर से फलों और सब्जियों से भरे वाहन शाम को ही आना शुरू होते हैं। जो देर रात तक आते रहते हैं। सुबह फल और सब्जी बेचने का काम होता है। इसके बाद वाहन माल बेचकर वापस लौट जाते हैं।</p>
<p><strong>ठंडे बस्ते में मंडी शिफ्ट करने का मामला</strong><br />थोक फल सब्जीमंडी को दूसरी जगह शिफ्ट करने के प्रयास 2018 में हुए थे। उस समय चन्द्रेसल के पास मंडी स्थापित करने के लिए 72 बीघा जमीन चिहिन्त की गई थी, लेकिन जमीन घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में होना बताकर  वन विभाग ने स्वीकृति जारी नहीं की। इस मामले में यूआईटी ने मंडी समिति से 19 करोड़ की डिमांड राशि मांगी थी, लेकिन मंडी प्रशासन इतनी राशि जमा कराने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया। ऐसे में अव्यवस्था के बीच मंडी में कारोबार हो रहा है। </p>
<p>फल सब्जीमंडी में माल की आवक बढ़ने लगी है। जिससे मंडी परिसर छोटा पड़ने लगा है। बाहर से माल लेकर आने वाले वाहन जाम में फंस जाते हैं। इससे व्यापारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मंडी को विस्तार की दरकार है। तभी समस्या का समाधान हो सकेगा।<br /><strong>- शब्बीर वारसी, प्रमुख व्यापारी</strong></p>
<p>थोक फल सब्जीमंडी को चन्द्रसेल में शिफ्ट करने के लिए पूर्व में प्रयास हुए थे, लेकिन एनओसी नहीं मिलने से मामला अटका हुआ है। मंडी के अन्दर व्यापारियों के अतिक्रमण को हटवाया जाएगा। मंडी परिसर के बाहर हो रहे अतिक्रमण के मामले में नगर निगम ही कार्रवाई कर सकता है।<br /><strong>- शशिशेखर शर्मा, कार्यवाहक सचिव, थोक फल सब्जी मंडी कोटा</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Jun 2024 15:14:46 +0530</pubDate>
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