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                <title>Bilateral Relations - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी पीटर मैग्यार को बधाई : भारत-हंगरी के बीच द्विपक्षीय एवं रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर, साथ मिलकर काम करने की जताई उत्सुकता</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हंगरी के चुनावों में पीटर मैग्यार और टिस्ज़ा पार्टी की ऐतिहासिक जीत पर हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने दोनों देशों के बीच साझा मूल्यों और अटूट सम्मान पर जोर देते हुए रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने का संकल्प जताया। यह सहयोग व्यापार, तकनीक और भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी को और मजबूत करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/prime-minister-narendra-modi-congratulated-peter-magyar-emphasized-on-strengthening/article-150226"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi-and-piter.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को हंगरी के चुनावों में पीटर मैग्यार और उनकी टिस्ज़ा पार्टी की शानदार जीत पर उन्हें बधाई दी और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय एवं रणनीतिक संबंधों को गहरा करने के महत्व पर जोर दिया।  पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट किए गए एक संदेश में कहा कि पीटर मैग्यार  और टिस्ज़ा पार्टी को उनकी शानदार चुनावी जीत पर हार्दिक बधाई। पीएम मोदी ने भारत और हंगरी के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दोनों देश "गहरी मित्रता, साझा मूल्यों और अटूट आपसी सम्मान से बंधे हुए हैं।"</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने भविष्य में सहयोग को लेकर आशा व्यक्त करते हुए कहा कि वह द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए श्री मग्यार के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने आगे कहा, "मैं आपके साथ मिलकर द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने और हमारे लोगों की साझा समृद्धि एवं कल्याण के लिए महत्वपूर्ण भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हूं।" भारत और हंगरी के बीच परंपरागत रूप से सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं, जिनमें व्यापार, शिक्षा, संस्कृति और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग शामिल है। हंगरी मध्य यूरोप में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार रहा है और दोनों देशों ने हाल के वर्षों में आर्थिक एवं राजनयिक संबंधों को लगातार वृद्धि की है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी के संदेश में भारत के लिए एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार के रूप में यूरोपीय संघ के व्यापक महत्व पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी ने हाल के वर्षों में तेज हुई है जो व्यापार, जलवायु कार्रवाई, डिजिटल परिवर्तन और वैश्विक शासन जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 15:54:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पीएम मोदी दो दिवसीय यात्रा पर इजरायल रवाना:  बोलें-दोनों देशों के संबंध और होंगे मजबूत, साझा विजन से भविष्य होगा खुशहाल </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री इजरायल के साथ रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार। यात्रा के दौरान वह नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय पीएम बनेंगे। विज्ञान, रक्षा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर, दोनों देश एक साझा भविष्य और खुशहाल विजन की नींव रखेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-leaves-on-two-day-visit-to-israel-says-relations/article-144516"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/pm-modi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उनकी इजरायल यात्रा से दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे तथा साझा विजन से दोनों देशों का भविष्य खुशहाल होगा। पीएम मोदी ने बुधवार को इजरायल की दो दिन की यात्रा पर रवाना होने से पहले एक वक्तव्य में कहा कि वह अपने इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के निमंत्रण पर वहां जा रहे हैं और द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर बातचीत के लिए उत्सुक हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, वह इजरायल के राष्ट्रपति से भी मिलेंगे, इजरायल की संसद को संबोधित करेंगे और वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों के साथ भी संवाद करेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इजरायल के बीच एक मजबूत और कई तरह की रणनीतिक साझेदारी है, जिसमें हाल के सालों में जबरदस्त बढ़ोतरी और तेजी देखी गई है। उन्होंने कहा, मैं प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ अपनी बातचीत का इंतजार कर रहा हूँ, जिसका मकसद विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार, कृषि , जल प्रबंधन, प्रौद्योगिकी, रक्षा और सुरक्षा, व्यापार तथा निवेश के साथ ही लोगों के बीच संबंधों सहित अलग-अलग क्षेत्रों में हमारे सहयोग को और मजबूत करना है। हम आपसी फ़ायदे क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार शेयर करेंगे।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इस दौरान इजरायल के राष्ट्रपति आइजौक हर्जोगा से भी मिलेंगे। उन्होंने कहा, मुझे इजरायली संसद, नेसेट को संबोधित करने वाले पहले प्रधानमंत्री का भी सम्मान मिलेगा, यह एक ऐसा मौका होगा जो हमारे दोनों देशों को जोडऩे वाले मजबूत संसदीय और लोकतांत्रिक संबंधों को श्रद्धांजलि होगी।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि वह भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत करने का भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जो लंबे समय से भारत और इजरायल की खास दोस्ती को बढ़ावा दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि उनकी यात्रा से दोनों देशों के बीच के पक्के रिश्तों को और मजबूती मिलेगी, रणनीतिक साझेदारी के नए लक्ष्य तय होंगे और मजबूत तथा नवाचार पर आधारित खुशहाल भविष्य के लिए हमारे साझा विजन को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 12:18:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार समझौता: अमेरिका ने बांग्लादेशी वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाकर 19% किया, द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूती पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-बांग्लादेश के बीच नए व्यापार समझौते से आयात शुल्क घटेगा। वस्त्र, कृषि, ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा, जिससे द्विपक्षीय आर्थिक संबंध मजबूत होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/us-bangladesh-trade-agreement-us-reduced-import-duty-on-bangladeshi-goods/article-142561"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)8.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका और बांग्लादेश के बीच एक पारस्परिक व्यापार समझौता हुआ है, जो बांग्लादेश वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाकर 19 प्रतिशत कर देगा और कुछ वस्त्र एवं परिधान उत्पादों पर छूट प्रदान करेगा और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय ने बताया कि यह समझौता एक ऐसा तंत्र स्थापित करेगा जिसके तहत बांग्लादेश के कुछ कपड़ों और परिधान एवं उत्पादों को शून्य पारस्परिक आयात शुल्क प्रदान किया जाएगा। इसके तहत अमेरिकी मूल की सामग्रियों का उपयोग करके बनाए गए कुछ कपड़ा और परिधान उत्पादों के लिए भी छूट दिया गया है। पात्रा आयात की मात्रा का निर्धारण बांग्लादेश द्वारा उपयोग किये गये कपास और मानव निर्मित फाइबर के साथ-साथ अमेरिकी सामग्री के इस्तेमाल के आधार पर किया जाएगा।</p>
<p>व्हाइट हाउस के बयान में बताया गया है कि बांग्लादेश लगभग 3.5 अरब डॉलर के अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद करेगा, जिसमें गेहूं, सोया, कपास और मक्का शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 15 वर्षों में लगभग 15 अरब डॉलर ऊर्जा उत्पादों की भी खरीददारी बांग्लादेश द्वारा की जाएगी। साथ ही इसमें अमेरिकी विमानों के खरीद का भी उल्लेख किया गया है।</p>
<p>यह समझौता 2013 में हस्ताक्षरित अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार और निवेश सहयोग मंच समझौते (टीआईसीएफए) पर आधारित है। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे एक-दूसरे के बाजारों तक अभूतपूर्व पहुंच के रूप में वर्णित किया है। अमेरिका और बांग्लादेश ने कहा कि इस समझौते का उद्देश्य द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को गहरा करना और दोनों देशों के निर्यातकों के लिए बाजार पहुंच का विस्तार करना है।</p>
<p>सौदे के तहत, बांग्लादेश, अमेरिकी औद्योगिक और कृषि सामानों के लिए महत्वपूर्ण तरजीही बाजार पहुंच प्रदान करेगा, जिसमें रसायन, चिकित्सा उपकरण, मशीनरी, मोटर वाहन और पुर्जे, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी उपकरण, ऊर्जा उत्पाद, सोयाबीन, डेयरी उत्पाद, गोमांस, पोल्ट्री, ट्री नट्स और फल शामिल हैं।</p>
<p>दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को प्रभावित करने वाली गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है, जिसमें बांग्लादेश, अमेरिकी वाहन सुरक्षा और उत्सर्जन मानकों को स्वीकार करने, चिकित्सा उपकरणों और फार्मास्यूटिकल्स के लिए अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) प्रमाणपत्रों को मान्यता देने और अमेरिकी पुनर्मानिर्मित वस्तुओं और पुर्जों पर प्रतिबंध हटाने के लिए सहमत हुआ है।</p>
<p>बांग्लादेश ने विश्वसनीय सीमाओं के पार डेटा के मुफ्त हस्तांतरण की अनुमति देने और विश्व व्यापार संगठन में इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण पर सीमा शुल्क पर स्थायी रोक का समर्थन करने पर भी सहमति जतायी है। साथ ही कृषि आयात के लिए विज्ञान और जोखिम-आधारित मानकों को अपनाने, बीमा क्षेत्र में बाधाओं को कम करने, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने और अच्छी नियामक प्रथाओं को लागू करने की भी प्रतिबद्धता जताई है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त बांग्लादेश ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त श्रम अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया है, जिसमें जबरन श्रम से उत्पादित वस्तुओं के आयात को प्रतिबंधित करना और श्रम कानूनों में संशोधन करके संघों की स्वतंत्रता और सामूहिक सौदेबाजी की पूरी तरह से रक्षा करना एवं प्रवर्तन को मजबूत करना शामिल है। समझौते में पर्यावरण संरक्षण, भ्रष्टाचार विरोधी उपाय, बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा और सब्सिडी तथा राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों के कारण होने वाली विकृतियों को दूर करने की प्रतिबद्धताएं भी शामिल हैं। बांग्लादेश भौगोलिक संकेतों पर महत्वपूर्ण प्रावधानों पर सहमत हुआ है, विशेष रूप से पनीर और मांस उत्पादों के लिए।</p>
<p>दोनों देशों ने यह भी कहा कि वे आपूर्ति श्रृंखला की लचीलापन बढ़ाने, शुल्क चोरी का मुकाबला करने, निर्यात नियंत्रण पर सहयोग करने और निवेश पर जानकारी साझा करने के लिए आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे। राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि अमेरिका के निर्यात-आयात बैंक और अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय विकास वित्त निगम सहित अमेरिकी संस्थान पात्रता और कानून के अधीन बांग्लादेश में महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश का समर्थन करने पर विचार करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 11:49:57 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>क्या रद्द हो सकता है भारत अमेरिका व्यापार समझौता? व्हाहट हाउस ने दी चेतावनी, कहा-रूस से तेल नहीं खरीदेगा भारत</title>
                                    <description><![CDATA[व्हाइट हाउस ने कहा, भारत ने नए समझौते में रूस से कच्चा तेल न लेने, अमेरिका से अधिक तेल खरीदने और अमेरिकी अर्थव्यवस्था में बड़े निवेश की प्रतिबद्धता जताई बताई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/can-india-us-trade-agreement-be-cancelled-white-house-warns-says/article-141924"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(8)3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। व्हाइट हाउस ने बुधवार को दावा किया कि भारत ने अमेरिका के साथ हुए नये समझौते के तहत रूस से कच्चा तेल न लेने और अमेरिका से ज्यादा तेल खरीदने का निर्णय लिया है। </p>
<p>व्हाइट हाउस की मीडिया सचिव कैरोलाइन लेविट ने संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच सीधी बातचीत के बाद भारत ने यह प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने कहा, जैसा कि आप सब ने देखा, राष्ट्रपति (ट्रंप) ने भारत के साथ एक और बेहतरीन सौदा किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सीधे बात की। उन दोनों का रिश्ता बहुत मजबूत है। लेविट ने कहा, भारत ने रूसी तेल नहीं खरीदने का वादा किया है, बल्कि अमेरिका से भी तेल खरीदने का वादा किया है, और शायद वेनेजुएला से भी। इसका सीधा फ़ायदा अमेरिका और अमेरिकी लोगों को होगा।</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में बड़े निवेश का वादा किया है। लेविट ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 500 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का वादा किया है, जिसमें परिवहन, ऊर्जा और कृषि उत्पादों जैसे सेक्टर शामिल हैं। उन्होंने कहा, यह राष्ट्रपति की वजह से एक और शानदार व्यापारिक समझौता है।</p>
<p>उन्होंने अमेरिकी विनिर्माण को मजबूत करने और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ नीति और व्यापार रणनीति को श्रेय दिया। प्रशासन की आयात नीति का बचाव करते हुए, लेविट ने कहा कि इससे पहले ही ठोस आर्थिक फ़ायदे मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, राष्ट्रपति की आयात शुल्क नीति काम कर रही है और उनका आर्थिक एजेंडा काम कर रहा है। पूरे अमेरिका में नयी फ़ैक्ट्री परियोजनाओं की वजह से निर्माण से जुड़ी नौकरियों में बढ़ोतरी हुई है। वे फ़ैक्ट्रियां यहीं अमेरिका में बन रही हैं, और हम अमेरिकियों को काम दे रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 15:59:52 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गणतंत्र दिवस पर भारत को बधाई दी, मिलकर काम करने की जताई इच्छा</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत को गणतंत्र दिवस की बधाई दी। उन्होंने रक्षा, ऊर्जा और क्वाड सहयोग सहित अमेरिका-भारत साझेदारी मजबूत करने की इच्छा जताई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-secretary-of-state-marco-rubio-congratulated-india-on-republic/article-140884"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(28).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गणतंत्र दिवस पर भारत को बधाई दी है और कहा है कि वह आने वाले वर्ष में दोनों देशों के साझा उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने के प्रति आशान्वित हैं।</p>
<p>मार्को रुबियो ने सोमवार को अपने एक संदेश में कहा कि अमेरिका और भारत एक ऐतिहासिक बंधन साझा करते हैं और विविध क्षेत्रों में यह संबंध दोनों देशों तथा ङ्क्षहद-प्रशांत क्षेत्र के लिए वास्तविक परिणाम प्रदान करता है।</p>
<p>उन्होंने कहा, रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और उभरती प्रौद्योगिकियों में हमारे सहयोग से लेकर क्वाड के माध्यम से बहुस्तरीय जुड़ाव तक, अमेरिका-भारत संबंध हमारे दोनों देशों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए वास्तविक परिणाम देते हैं। उन्होंने कहा कि वह आने वाले वर्ष में साझा उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Jan 2026 14:43:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत और पाकिस्तान ने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान किया, जानें आखिर क्यों निभाई जाती हैं ये परंपरा ?</title>
                                    <description><![CDATA[भारत और पाकिस्तान ने परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले के निषेध समझौते के तहत गुरुवार को कूटनीतिक माध्यमों से अपनी-अपनी परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का वार्षिक आदान-प्रदान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-and-pakistan-exchanged-the-list-of-nuclear-installations-know/article-138034"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/indi-vs-pakistan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान ने गुरुवार को अपने-अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान किया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के बीच सूचियों का आदान-प्रदान नई दिल्ली और इस्लामाबाद में कूटनीतिक माध्यमों से किया गया। इस सूची में भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले के निषेध संबंधी समझौते के अंतर्गत शामिल प्रतिष्ठानों को शामिल किया जाता है। </p>
<p>पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों ने पहली बार परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची साझा की है। दोनों देशों ने 31 दिसंबर 1988 को इस समझौते पर हस्ताक्षर किये थे और यह 27 जनवरी 1991 से लागू है। इसके अंतर्गत यह प्रावधान है कि भारत और पाकिस्तान प्रत्येक कैलेंडर वर्ष की पहली जनवरी को एक-दूसरे को उन परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं की जानकारी देंगे जो इस समझौते के अंतर्गत आती हैं। यह दोनों देशों के बीच इस तरह की सूचियों का 35वां लगातार आदान-प्रदान है। दोनों देशों ने पहली बार 1 जनवरी 1992 को ये सूची साझा की थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Jan 2026 16:07:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी ने सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किए जाने पर इथियोपिया सरकार का आभार व्यक्त किया, बोलें-मेरे लिए बहुत गर्व की बात</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इथियोपिया के सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ के लिए आभार जताया। उन्होंने इसे भारत-इथियोपिया की मजबूत साझेदारी का प्रतीक बताया और सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/pm-modi-expressed-gratitude-to-the-government-of-ethiopia-for/article-136272"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/pm-modi-ethopia.png" alt=""></a><br /><p>अदीस अबाबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इथियोपिया के सर्वोच्च सम्मान 'ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया' से उन्हें सम्मानित किए जाने पर बुधवार को इथियोपियाई सरकार एवं देशवासियों का आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, कल शाम मुझे' ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया' से सम्मानित करने के लिए इथियोपिया के लोगों और सरकार के साथ-साथ प्रधानमंत्री अबी अहमद अली का आभारी हूं। दुनिया की सबसे प्राचीन और समृद्ध सभ्यताओं में से एक द्वारा सम्मानित होना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। यह सम्मान उन अनगिनत भारतीयों का है जिन्होंने वर्षों से हमारी साझेदारी को मजबूत किया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत उभरती वैश्विक चुनौतियों से निपटने और नए अवसर पैदा करने के लिए इथियोपिया के साथ सहयोग को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोनों देशों के बीच समझौतों को भारत और इथियोपिया के बीच लंबे समय से चली आ रही और भरोसेमंद साझेदारी में महत्वपूर्ण कदम बताया।</p>
<p>इसके आगे पीएम मोदी ने कहा, शासन और शांति स्थापना से लेकर डिजिटल क्षमता और शिक्षा तक, हमारा ध्यान अपने लोगों को सशक्त बनाने पर है। ज्ञान, कौशल और नवाचार पर जोर कल के कर्णधारों के रूप में युवाओं में हमारे साझा विश्वास को रेखांकित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवा में सहयोग मानवीय गरिमा और सबसे कमजोर लोगों की देखभाल के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि ये परिणाम विकास और जन-केंद्रित विकास पर केंद्रित भारत-इथियोपिया साझेदारी को दर्शाते हैं। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए कई समझौते हुए। दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया, सीमा शुल्क मामलों में सहयोग और आपसी प्रशासनिक सहायता पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए और इथियोपिया के विदेश मंत्रालय में एक डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।</p>
<p>दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों के प्रशिक्षण में सहयोग के लिए एक कार्यान्वयन व्यवस्था, जी 20 कॉमन फ्रेमवर्क के तहत ऋण पुनर्गठन पर एक समझौता ज्ञापन और आईसीसीआर कार्यक्रम के तहत इथियोपियाई छात्रों के लिए छात्रवृत्ति दोगुनी करने के समझौतों को भी अंतिम रूप दिया। </p>
<p>इथियोपिया को भारत के आईटीईसी कार्यक्रम के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में विशेष अल्पकालिक पाठ्यक्रमों से लाभ होगा और भारत अदीस अबाबा में विशेष रूप से मातृ एवं शिशु देखभाल में महात्मा गांधी अस्पताल का समर्थन करेगा। प्रधानमंत्री मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में आज सुल्तान हैथम बिन तारिक के निमंत्रण पर ओमान जायेंगे। पीएम मोदी की यह ओमान की दूसरी यात्रा होगी। यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ के मौके पर हो रही है। इससे पहले दिसंबर 2023 में सुल्तान तारिक की भारत यात्रा पर आए थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 15:21:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की चार दिवसीय की यात्रा पर रवाना, इन मुद्दों पर होगी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चार दिवसीय यात्रा पर जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान वे द्विपक्षीय संबंधों, रणनीतिक साझेदारी और प्रवासी भारतीयों से संवाद करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modi-leaves-for-four-day-visit-to-jordan-ethiopia-and/article-136007"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/pm-modi-visit-japan,-ithopia.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन देशों जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की चार दिन की यात्रा पर सोमवार को जॉर्डन के लिए रवाना <br />हो चुके हैं। पीएम मोदी ने यात्रा के पहले पड़ाव के लिए रवाना होने से पहले अपने वक्तव्य में कहा कि तीनों देशों के साथ भारत के पुराने सभ्यतागत और व्यापक समकालीन द्विपक्षीय संबंध भी हैं। इस यात्रा को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सबसे पहले वह शाह अब्दुल्ला द्वितीय इब्न अल हुसैन के निमंत्रण पर जॉर्डन जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 साल पूरे होने का प्रतीक होगी। </p>
<p>पीएम मोदी, शाह अब्दुल्ला द्वितीय इब्न अल हुसैन और जॉर्डन के प्रधानमंत्री जाफर हसन के साथ विस्तार से बातचीत करेंगे और उनकी क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय के साथ भी मुलाकात की उम्मीद है। पीएम मोदी जॉर्डन में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे। उन्होंने कहा, मैं जीवंत भारतीय समुदाय से भी मिलूंगा, जिन्होंने भारत-जॉर्डन संबंधों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके आगे पीएम मोदी जॉर्डन से इथियोपिया की अपनी पहली यात्रा पर रवाना होंगे। बताया जा रहा है कि वह इथोपिया के प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर वहां जा रहे हैं। </p>
<p>इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा अफ्रीकी संघ का मुख्यालय भी है। वर्ष 2023 में, भारत की जी 20 अध्यक्षता के दौरान, अफ्रीकी संघ को जी 20 के स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया गया था। अदीस अबाबा में वह प्रधानमंत्री मोदी डॉ. अबी अहमद अली के साथ विस्तार से बातचीत करेंगे और वहां रहने वाले भारतीय प्रवासियों से मिलेंगे। इसके बाद पीएम मोदी इथियोपिया की संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा, मुझे इथियोपिया की संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करने का सौभाग्य मिलेगा, जहां मैं 'लोकतंत्र की जननी' के रूप में भारत की यात्रा और भारत-इथियोपिया साझेदारी ग्लोबल साउथ के लिए क्या मूल्य ला सकती है, इस पर अपने विचार साझा करने के लिए उत्सुक हूं।</p>
<p>यात्रा के अंतिम चरण में पीएम मोदी ओमान जाएंगे। उनकी यह यात्रा दोनों देशों के राजनीतिक संबंधों की स्थापना के 70 वर्ष पूरे होने का प्रतीक होगी। वह ओमान के सुल्तान के साथ रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा, मस्कट में मैं ओमान के सुल्तान के साथ अपनी बातचीत और हमारी रणनीतिक साझेदारी के साथ-साथ हमारे मजबूत वाणिज्यिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की उम्मीद करता हूं।</p>
<p>वह ओमान में एक सभा में भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित करेंगे। पीएम मोदी ने कहा, मैं ओमान में भारतीय प्रवासियों की एक सभा को भी संबोधित करूंगा, जिन्होंने देश के विकास और हमारी साझेदारी को बढ़ाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Dec 2025 14:40:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत एक-दूसरे की चिंताओं के सम्मान पर आधारित द्विपक्षीय संबंधों का पक्षधर: मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने राजनीतिक लाभ को खालिस्तानी तत्वों को बढ़ावा देने के लिए कनाडा को बार-बार चेतावनी दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-favors-bilateral-relations-based-on-respect-for-each-others/article-81072"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को उनके बधाई संदेश के लिए धन्यवाद दिया और साथ ही कहा कि भारत आपसी समझ तथा एक-दूसरे की चिंताओं के सम्मान के आधार पर द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के पक्ष में है।</p>
<p>मोदी ने कनाडा की ओर से खालिस्तान समर्थक तत्वों को बढ़ावा देने के संदर्भ में उक्त बातें कहीं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने लगातार तीसरी बार देश का नेतृत्व संभालने के बाद एक्स पर कहा कि बधाई संदेश के लिए ट्रूडो को धन्यवाद। भारत आपसी समझ और एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति सम्मान के आधार पर कनाडा के साथ काम करने को उत्सुक है।</p>
<p>मोदी कनाडाई प्रधानमंत्री ट्रूडो के एक बधाई संदेश का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि मानवाधिकारों, विविधता और कानून के शासन पर आधारित हमारे देशों के लोगों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए कनाडा उनकी (भारत की) सरकार के साथ काम करने के लिए तैयार है।</p>
<p>भारत ने राजनीतिक लाभ को खालिस्तानी तत्वों को बढ़ावा देने के लिए कनाडा को बार-बार चेतावनी दी है।</p>
<p>मई में तत्कालीन विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि कनाडा अपने घरेलू राजनीतिक हितों को साधने के लिए खालिस्तान समर्थक तत्वों को समर्थन देता है और इसके कारण भारत के साथ उसके द्विपक्षीय संबंध खराब हो गए हैं, और चेतावनी दी थी कि 'ऐसे लोगों को जो अपराधी हैं को आश्रय देना कनाडा के लिए ही नुकसान दायक होगा। </p>
<p>महाराष्ट्र के नासिक में एक कार्यक्रम में डॉ. जयशंकर ने कहा था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी बाहरी देश में हिंसा की वकालत करने, अलगाववाद या आतंकवाद का समर्थन करने की स्वतंत्रता नहीं हो सकती है लेकिन खालिस्तानियों का एक समूह है जिसने कनाडा में दी गई स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया है - अभी नहीं, वे वर्षों से ऐसा कर रहे हैं। कनाडा की राजनीति में ये तत्व वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा हैं, और उन्हें प्रोत्साहित किया जाता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आज मैं एक तथ्य बताऊंगा कि इन लोगों की गतिविधियों के कारण हमारे द्विपक्षीय संबंध खराब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनयिकों को खालिस्तानी तत्वों द्वारा धमकियों का सामना करना पड़ता है और एक बार राजनयिक के घर पर भी धुआं बम फेंका गया था।</p>
<p>डॉ. जयशंकर ने यह भी कहा कि जिसने भी भारत के खिलाफ अलगाववाद का समर्थन किया उसे कनाडा में 'आश्रय' दिया गया।</p>
<p>डॉ. जयशंकर की यह टिप्पणी तब आई है जब पिछले साल कनाडा में अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में चार भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था और उन पर हत्या का आरोप लगाया गया था।</p>
<p>निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की 'संभावित' संलिप्तता के पिछले साल सितंबर में कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव आ गया। भारत ने हालांकि उक्त आरोपों को खारिज कर दिया है।</p>
<p>गत आठ जून को वैंकूवर में भारत के वाणिज्य दूतावास के सामने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके गोलियों से छलनी शरीर के पुतलों तथा उनकी हत्या करने वाले सिख अंगरक्षकों के पुतले के साथ खालिस्तानी अलगाववादियों के इकठ्‌ठा होने की तस्वीरें सामने आने पर कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री डोमिनिक लेब्लांक ने कहा कि कनाडा में हिंसा को बढ़ावा देना कभी भी स्वीकार्य नहीं है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Jun 2024 16:52:34 +0530</pubDate>
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