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                <title>snake park - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>snake park RSS Feed</description>
                
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                <title>अभी तक पार्क में स्नैक आए ना पक्षी, सीजेडए की अनुमति के बाद भी पक्षीशाला नहीं हुई शुरु </title>
                                    <description><![CDATA[ पार्क को शुरू हुए करीब डेढ़ साल से अधिक का समय हो गया। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/till-now-neither-snakes-nor-birds-have-come-to-the-park--even-after-the-permission-of-cza-the-aviary-has-not-started/article-116147"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। पर्यटन नगरी के रूप में विकसित हो रहे कोटा शहर में एक तरफ तो लाखों-करोड़ों रुपए खर्च कर पर्यटकों को आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ सीजेड की अनुमति मिलने के बाद भी अभी तक न तो स्नेक पार्क शुरु हो सका है और न ही पक्षी शाला। तत्कालीन नगर विकास न्यास(केडीए) की ओर से शहर में करोड़ों रुपए खर्च कर स्नेक पार्क व आॅक्सीजोन पार्क में पक्षी शाला का निर्माण कराया गया है। बूंदी रोड स्थित हर्बल पार्क के पास रा’य का पहला स्नेक पार्क बनाया गया है। करीब 7 करोड़ से अधिक की राशि से इसका दो मंजिला भवन तो काफी समय पहले ही बनकर तैयार हो गया है। साथ ही करीब डेढ़ साल पहले दिसम्बर 2023 में सेन्ट्रल जू अथोरिटी आॅफ इंडिया(सीजेडए) से स्नेक पार्क को शुरु करने की अनुमति भी मिल चुकी है। उसके बाद भी अभी तक यहां न तो स्नेक आए हैं और न ही इसे शुरु किया गया है। </p>
<p><strong>केडीए आयुक्तने किया था गत दिनों दौरा</strong><br />कोटा विकास प्राधिकरण के आयुक्त रिषभ मंडल ने पदभार ग्रहण करने के बाद गत दिनों स्नेक पाक का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने वहां स्नेक लाने की सभी संभावनाओं को तलाशने के साथ ही इसे शीघ्र शुरु करने की व्यवस्थाओं को देखा था। करीब ढाई महीना होने के बाद भी अभी तक इसे शुरु नहीं किया गया है। </p>
<p><strong>पक्षी शाला का ढांचा</strong><br />इधर केडीए की ओर से आईएल परिसर में करोड़ों की लागत से आॅक्सीजोन पार्क बनाया है। उसमें विशाल पक्षी शाला का निर्माण भी कराया गया है। इस पक्षी शालाो में भी देशी विदेश प्रजातियों के कई तरह के पक्षियों को लाने की योजना है। हालत यह है कि पार्क को शुरू हुए तो करीब डेढ़ साल से अधिक का समय हो गया। साथ ही यहां पक्षी लाने के लिए सीजेड से भी अनुमति मिल चुकी है। उसके बाद भी अभी तक यहां सिर्फ पक्षी शाला का ढांचा ही नजर आ रहा है। उसमें पक्षी देखने के लिए लोग इंतजार कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि शहर में जब कोई चीज बनी है और उस पर करोड़ों रुपए का खर्चा किया गया है तो उसका लोगों को लाभ भी मिलना चाहिए। बसंत विहार  निवासी नीरज गौतम का कहना है कि केडीए हो या नगर निगम। जनता के धन से शहर में कोई विकास कार्य कराया गया है या कोई अच्छी चीज बनाई गई है तो उसे शुरु भी किया जाना चाहिए। </p>
<p><strong>29 प्रजातियों के आने हैं स्नैक</strong><br />स्नेक पार्क में देशी विदेशी 29 प्रजातियों के करीब 200 स् नेक आने हैं। जिनमें 25 देशी व 4 विदेशी प्रजातियों के स् नेक लाए जाएंगे। ये स्नेक देश के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित स्नेक पार्क से ही यहां लाने की योजना है। हालत यह है कि अभी तक भी केडीए अधिकारी यहां स्नेक लाने से लेकर इसे शुरु करने तक का काम पूरा नहीं कर सके हैं। </p>
<p>आॅक्सीजोन पार्क की शोभा है पक्षीशाला। लेकिन उसका खाली ढांचा कब तक देखते रहेंगे। जब सीजेड से अनुमति मिल ही गई है तो अन्य व्यवस्थाओं को पूरा करते हुए पक्षियों को लाना चाहिए। <br /><strong>- महेश जैन तलवंडी निवासी </strong></p>
<p>स्नेक पार्क और पक्षी शाला में  स्नेक व पक्षी  लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। व्यवस्थाओं में कुछ समय लग रहा है। शीघ्र ही इन दोनों को शुरु किया जाएगा। <br /><strong>- ऋषभ मंडल, आयुक्त, केडीए</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Jun 2025 17:09:51 +0530</pubDate>
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                <title>स्नेक पार्क और पक्षी शाला को है आबाद होने का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[पक्षियों को लाने में कुछ समस्याएं हैं उनका समाधान किया जा रहा है। उसके बाद जल्दी ही पक्षियों को यहां लाया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/snake-park-and-bird-sanctuary-are-waiting-to-be-inhabited/article-100952"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(2)17.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । शिक्षा नगरी कोटा में पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास तो किए जा रहे है लेकिन उन्हें धरातल पर उतारने में समय अधिक लग रहा है। पिछली कांग्रेस सरकार के समय में शहर में दो बड़े प्रोजेक्ट आॅक्सीजोन की पक्षीशाला व बूंदी रोड  पर स्नेक पार्क। दोनों में सीजेड से स्वीकृति  मिलने के बाद भी अभी तक न तो पक्षी आए और न ही स्नेक।  तत्कालीन नगर विकास न्यास(वर्तमान मेंकेडीए) की ओर से करीब 120 करोड़ रुपए की लागत से झालावाड़ रोड पर आईएल की जगह पर आॅक्सीजोन सिटी पार्क का निर्माण कराया गया। 71 एकड़ में बने इस पार्क में जहां करीब डेढ़ से दो लाख छोटे-बड़े विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। वहीं मनोरंजन का भी ध्यान रखा गया। कैनाल में बोटिंग, खानपान की सुविधा, झूले, ओपन जिम समेत सभी कुछ बनाया गया। साथ ही अंडाकार आकार में विशाल एविएयरी(पक्षी शाला) बनाई गई। यह इतनी बड़ी है कि सड़क से और दूर से ही नजर आ जाती है। इस पर की गई लाइटिंग रात के समय अपनी अलग ही छटा बिखेरती दिखती है। इस पक्षी शाला में देशी विदेशी पक्षियों को लाना था। उनके हिसाब से इसका आकार व अंदर का  वातावरण तैयार किया गया है। जिससे लोग यहां रखे पक्षियों को  देख सकें। लेकिन हालत यह है कि पार्क का उद्घाटन होने के सवा साल बाद और सेंट्रल जू अथोरिटी(सीजेड) से पक्षियों को लाने की  स्वीकृति मिलने के बाद भी अभी तक पक्षी नहीं आएं है। जिससे यह सुनसान पड़ी है। यहां घूमने आने वालों का कहना है कि बिना पक्षियों के पक्षी शाला का आनंद नहीं है। जब एक अच्छी चीज बनी है तो उसका उपयोग होना चाहिए। इधर केडीए अधिकारियों का कहना है कि पक्षियों को  लाने की सीजेड से अनुमति को मिल गई है। पक्षियों को लाने में कुछ समस्याएं हैं उनका समाधान किया जा रहा है। उसके बाद जल्दी ही पक्षियों को यहां लाया जाएगा।</p>
<p><strong>अब तक तो स्नेक आ जाने चाहिए थे</strong><br />सर्प विशेषज्ञ  विनीत महोबिया ने बताया कि कोटा वासियों के साथ ही सर्प पर रिसर्च करने वालों के लिए यह बहुत ही बेहतर चीज चनी है। सीजेड से स्वीकृति मिले हुए एक साल से अधिक का समय हो गया है। अब तक तो देश के कई राज्यों के स्नेक पार्क से यहां स्नेक लाने है। इस संबंध में केडीए अधिकारियों से चर्चा की जा रही है। लेकिन देरी का कारण पता नहीं चल रहा। इधर केडीए अधिकारियों का कहना है कि स्नेक पार्क में देशी विदेशी प्रजातियों के स्नेक लाने है। जिन स्नेक पार्क से स्नेक यहां लाने हैं उनके संबंध में सक्षम स्तर पर प्रयास किए जा रहे है। शीघ्र ही स्नेक को स्नेक पार्क में लाया जाएगा।  </p>
<p><strong>एक साल पहले मिल चुकी स्वीकृति</strong><br />स्नेक पार्क में स्नेक लाने और इसे शुरु करने के लिए सीजेड से करीब एक साल पहले दिसम्बर 2023 में स्वीकृति मिल चुकी है। इसके बाद संभावना जताई जा रही थी कि यहां जल्दी ही स्नेक आ जाएंगे। जिससे इसे चालू कर दिया जाएगा। लेकिन हालत यह है कि स्वीकृति मिलने के एक साल बाद भी अभी तक यहां स्नेक नहीं आने से इसे शुरु नहीं किया जा सका है। </p>
<p><strong>स्नेक पार्क को मिली सीजेड से अनुमति</strong><br />इधर नगर विकास न्यास द्वारा बूंदी रोड पर हर्बल पार्क के पास राज्य का पहला स्नेक पार्क बनाया गया है। करीब 7 करोड़ से अधिक की लागत से यह पार्क वर्ष 2021 में ही बनकर तैयार हो गया था। इस पार्क में देशी विदेशी 33 प्रजातियों के करीब 200 तरह से सर्प लाए जाने है। पार्क बनने के बाद भी अभी तक इसे चालू नहीं किया गया है। कई साल तक तो यहां स् नेक लाने के लिए सेंट्रल जू अथोरिटी(सीजेड) की अनुमति  का इंतजार किया गया। केन्द्र से इसकी अनुमति ही नहीं मिल रही थी। जबकि राज्य सरकार के वन विभाग के माध्यम से सीजेड से स्वीकृति के लिए आवेदन किया गया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jan 2025 16:14:40 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सीजेडए की अनुमति के बावजूद अभी तक स्नेक  पार्क में नहीं आए सर्प </title>
                                    <description><![CDATA[इस स्नेक पार्क को बनाने का मकसद यहां देशी विदेशी प्रजाति के सर्प लाना है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/despite-the-permission-of-cza--snakes-have-not-come-to-the-snake-park-yet/article-92655"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(4)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राज्य का पहला स्नेक पार्क कोटा में बनकर तैयार हो चुका है और केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण(सीजेडए) द्वारा इसे शुरू करने की अनुमति भी दे दी है। करीब दस माह पहले मिली अनुमति के बावजूद अभी तक स्नेक पार्क में सर्प नहीं आ सके है। नगर विकास न्यास की ओर से बूंदी रोड पर हर्बल पार्क के पास स्नेक पार्क का निर्माण किया गया है। यह रा’य का पहला स् नेक पार्क है। जिस तैयार हुए तो करीब दो साल से अधिक हो गए है। लेकिन यहां अभी तक भी विभिन्न प्रजातियों के सर्प नहीं आ सके है। </p>
<p><strong>मेडिकल, रेप्टाइल साइंस व शोधार्थियों को लाभ</strong><br />सर्प विशेषज्ञ डॉ विनीत महबिया ने बताया कि इस स्नेक पार्क को बनाने का मकसद यहां देशी विदेशी प्रजाति के सर्प लाना है। जिससे  मेडिकल, रेप्टाइल साइंस व शोधार्थियों को लाभ मिलेगा। उन्हें यहां अलग-अलग प्रजाति के सर्प के बारे में जानने व रिसर्च करने का मौका मिलेगा। इसके लिए यहां लैब व सांपों को रखने का वातावरण भी तैयार किया गया है। </p>
<p><strong>7.42 करोड़ की लागत से तैयार</strong><br />बरसों से कोटा में स्नेक पार्क बनाए जाने की मांग की जा रही थी। जिसके लिए रा’य सरकार ने 10 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया था। उसमें से 7.42 करोड़ रुपए की लागत से इस पार्क का निर्माण कराया गया। करीब 9290 वर्ग फीट में दो मंजिला इस पार्क में देशी विदेशी प्रजापति के सर्प लाने है।  शुरुआत में तो केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से पार्क शुरू करने की अनुमति नहीं मिलने से इसे शुरू नहीं किया जा सका था। लेकिन विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद दिसम्बर 2023 में सीजेडए से इसे शुरू करने की अनुमति भी मिल गई थी। उसके बाद न्यास अधिकारियों का कहना था कि नए साल में इस पार्क के शुरू होने से शहर वासियों को सौगात मिल जाएगी। लेकिन हालत यह है कि साल बीतने को है अभी तक तो यहां एक भी सांप नहीं आया है। </p>
<p><strong>33 प्रजातियों के आने हैं सर्प</strong><br />महोबिया ने बताया कि इस स् नेक पार्क में 33 प्रजातियों के सांप आने है। जिनमें से 29 देसी व 4 विदेशी प्रजाति के सर्प शामिल है। उन सर्प को देशभर के विभिन्न बायोलोजिकल व स् नेक पार्क से यहां लाया जाएगा। इसके लिए सीजेडए से अनुमति भी मिल गई है। लेकिन फिलहाल यह शुरू नहीं हो सका है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />बूंदी रोड पर हर्बल पार्क के पास स् नेक पार्क बनकर तैयार हो गया है। दिसम्बर 2023 में इसे सीजेडए की अनुमति भी मिल गई है। इसे शुरू करने के लिए यहां विभिन्न प्रजातियों के सर्प लाए जाने है। उसकी प्रक्रिया सक्षम स्तर पर चल रही है। जैसे ही वह प्रक्रिया पूरी होगी वैसे ही इसे शुरू कर दिया जाएगा। <br /><strong>- अंकित अग्रवाल, एक्सईएन कोटा विकास प्राधिकरण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Oct 2024 16:39:08 +0530</pubDate>
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                <title>31 देशी-विदेशी प्रजाति के सर्प आएंगे स्नेक पार्क में</title>
                                    <description><![CDATA[ 6 माह पहले स्नेक पार्क शुरु करने की सीजेड से मिली थी मंजूरी। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/31-indian-and-foreign-species-of-snakes-will-come-to-the-snake-park/article-81146"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/photo-size-(6)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता हटने के साथ ही अब केडीए कोटा में बने राजस्थान के पहले स्नेक पार्क में विभिन्न प्रजाति के 31 देशी विदेशी सर्प लाने की तैयारी करेगा। नगर विकास न्यास की ओर से बूंदी रोड स्थित हर्बल पार्क के पास स् नेक पार्क का निर्माण कराया गया है। हालांकि पार्क तो काफी समय पहले ही बनकर तैयार हो गया है। लेकिन सेंट्रल जू अथोरिटी(सीजेड) की मंजूरी नहीं मिलने से इसे शुरु करने में समस्या हो रही थी। पिछले साल दिसम्बर विधानसभा चुनाव की आचार संहिता हटते ही सीजेड ने इसे शुरु करने की मंजूरी भी दे दी थी। नगर विकास न्यास उसकी तैयारी करता उससे पहले ही मार्च में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लग गई। ऐसे में यह काम फिर से अटक गया था। जिससे 6 माह पहले मिली मंजूरी के बाद भी अभी तक कोटा के स्नेक पार्क में सर्प नहीं आ सके। </p>
<p><strong>33 प्रजातियों के आने हैं सर्प</strong><br />स्नेक पार्क में 33 प्रजातियों के सर्प आने हैं। जिनमें 29  भारतीय व 4  अमेरिकन प्रजातियों के सर्प शामिल हैं। इनमें मैक्सिकन किंग स् नेक, मिल्क स् नेक, कॉर्न स् नेक, बॉल पायथन स् नेक,  इंडियन कोबरा,  कॉमन इंडियन करेत, इंडियन पायथन,कीटसन केट व रेड स्पोटेड रॉयल समेत कई प्रजातियों के सर्प शामिल हैं। </p>
<p><strong>यहां से आएंगे सर्प</strong><br />सर्प विशेषज्ञ डॉ. विनीत महोबिया ने बताया कि स् नेक पार्क में यहां के वातावरण में पनपने वाली प्रजातियों के ही सर्प लाए जाएंगे। ये सर्प भी पहले से ही अन्य स्थानों पर स् नेक पार्क में रखे गए सर्प ही होंगे। वैसे देश में इंदौर, कोलकता, चैन्नई व बैंगलोर समेत कई जगह पर स्नेक पार्क हैं। जहां विभिन्न प्रजातियों के सर्प हैं। वहां से सीजेड की मंजूरी से सर्प कोटा लाए जाएंगे। इसके लिए यहां उसी तरह का वातावरण भी तैयार किया जाएगा। जिसमें ठंडे स्थान पर रहने वालों के लिए ठंडक व गर्म स्थानों पर रहने वाले सर्प के लिए गर्म वातावरण बनाया जाएगा।  </p>
<p><strong>7.42 करोड़ की लागत से तैयार हुआ है पार्क</strong><br />नगर निगम की ओर से बूंदी रोड स्थित हर्बल पार्क के पास स् नेक पार्क का निर्माण कराया गया है। इसके लिए 10 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ था। लेकिन यह 7.42 करोड़ में ही बनकर तैयार हो गया। इसे तैयार हुए करीब दो साल से अधिक का समय हो गया है। वहीं सीजेड से इसे शुरु करने की मंजूरी मिले भी 6 माह का समय हो गया है। </p>
<p><strong>सांपों पर हो सकेगा शोध</strong><br />सर्प विशेषज्ञों के अनुसार स्नेक पार्क में जहां विभिन्न प्रजातियों के सांपों को देखा जा सकेगा। वहीं यहां शोधार्थी सांपों पर रिसर्च भी कर सकेंगे। उन्हें इसके लिए अन्य प्रदेशों में नहीं जाना पड़ेगा। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />अभी लोकसभा चुनाव की आचार संहिता हटी है। स्नेक पार्क में स्नेक लाने के लिए भी अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। जहां से स्नेक आ सकते हैं वहां से लाने के प्रयास होंगे। सीजेड से मंजूरी मिल चुकी है। इस काम को जल्दी ही किया जाएगा। <br /><strong>- कुशल कोठारी, सचिव कोटा विकास प्राधिकरण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Jun 2024 15:46:39 +0530</pubDate>
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