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                <title>सीनियर विद्यालय के खेल मैदान में दलदल होने से छात्र-छात्राएं परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[बरसात के दिनों में फिसलन से विद्यार्थी हो रहे चोटिल।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/students-are-troubled-due-to-swamp-in-the-playground-of-senior-secondary-school/article-119726"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/rt112ro4er-(2).png" alt=""></a><br /><p>लाखेरी। राजकीय सीनियर माध्यमिक विद्यालय आज खुद प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। यहां बरसात के दिनों में खेल मैदान में दलदल जमा होने से छात्र-छात्राओं को हर दिन जोखिम उठाकर कक्षा तक पहुंचना पड़ता है। विद्यालय के खेल मैदान में पसरी गंदगी और कीचड़ के कारण कई बार छात्र-छात्राएं फिसलने से चोटिल हुए है। शिक्षकों और कॉलेज के स्टॉफ को भी इस समस्या से रूबरू होना पड़ रहा है। कई बार कपड़े खराब होने और चोट लगने के डर से छात्राएं विद्यालय नहीं जाकर घर लौट जाती हैं। जानकारी के अनुसार, कुछ वर्ष पूर्व दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के कार्य के दौरान प्रशासन ने आमजन को भरोसा दिलाया था, कि विद्यालय मैदान में स्टेडियम का निर्माण कार्य करवाया जाएगा, लेकिन आज भी हालात जस के तस बने हुए है। न मैदान सुधरा, न स्टेडियम बना। मैदान में रिजेक्ट मिट्टी डालकर मैदान को दलदल बना दिया है। </p>
<p><strong>उच्च अधिकारियों को करवाया अगवत</strong><br />विद्यालय और महाविद्यालय के प्राचार्यों ने इस समस्या के बारे में कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। मैदान की हालत ऐसी है कि न तो बच्चे खेल सकते हैं, न सुरक्षित रूप से पढ़ने जा सकते हैं।</p>
<p>इस समस्या को उच्च अधिकारी व शहर के प्रशासनिक अधिकारी को अवगत कराया जा चुका है ताकि बारिश के दिनों में इस समस्या से निजात मिल सके।  <br /><strong>- दिनेश शुक्ला, महाविद्यालय प्राचार्य, लाखेरी</strong></p>
<p>हर वर्ष होने इस समस्या के बारे में पहले भी संबंधित विभाग को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। <br /><strong>- राजेन्द्र मीणा, प्रिंसिपल, राजकीय सीनियर विद्यालय,लाखेरी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Jul 2025 15:35:56 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> असर खबर का - सीनियर स्कूल के खेल मैदान में हैंडपंप लगाने का कार्य शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया जलदाय विभाग ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/impact-of-the-news---work-started-to-install-a-hand-pump-in-the-playground-of-the-senior-school/article-117152"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(2)36.png" alt=""></a><br /><p>छबड़ा। दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए जलदाय विभाग ने बुधवार को स्थानीय सीनियर हायर सैकंडरी विद्यालय के खेल मैदान पर बोरिंग मशीन से हैंडपंप लगाने का काम शुरू कर दिया है। जिससे अब यहां आने वाले खेल प्रेमियों, मोर्निंग वाक के लिए आने वाले लोगों एवं ग्रामीणों को पेयजल की कमी से परेशान नहीं होना पड़ेगा। गौरतलब है कि कस्बे का एकमात्र खेल मैदान जन सुविधाओं से महरुम है। जिसके चलते यहां न तो पीने के पानी की कोई व्यवस्था है और न साफ-सफाई की। जिससे चारों ओर गन्दगी फैली रहती है। जिससे स्वास्थ्य बनाने के लिए घूमने आने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर उल्टा असर पड़ता है। इसके चलते समाज सेवी एवं वरिष्ठ भाजपा नेता संजय नामदेव ने खेल मैदान पर फैली अव्यवस्थाओं के खिलाफ आवाज उठाई एवं विधायक एवं स्थानीय प्रशासन को पत्र लिखकर खेल मैदान पर तत्काल प्रभाव से ट्यूबवेल खुदवाकर वाटर कूलर लगवाने की मांग की थी। जिससे यहां रोजाना सुबह शाम घूमने आने वाले लोगों, खिलाड़ियों एवं सरकारी नौकरी के लिए फिटनेस बनाने आने वाले बेरोजगारों को पानी की समस्या से जूझना न पड़े। नामदेव की इस मांग को दैनिक नवज्योति ने समाचार के माध्यम से पुरजोर तरीके से उठाते हुए 3 जून को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। अभी समाचार छपे दस दिन भी नहीं हुए थे कि खेल मैदान पर विधायक कोष से स्वीकृत होते ही जलदाय विभाग ने तत्काल प्रभाव से हैंडपंप लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। इसके शुरू होने के बाद निश्चित ही यहां आकर सुस्ताने वाले ग्रामीणों को भी ठन्डी छांव के साथ पीने का पानी उपलब्ध हो सकेगा। बोरिंग के समय सीनियर हायर सैकंडरी स्कूल के प्रिंसिपल ओम प्रकाश गालव, जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता सोहन लाल शर्मा एवं पूर्व पार्षद रितेश शर्मा भी मौजूद थे।</p>
<p><strong>नामदेव ने की नवज्योति की सराहना</strong><br />समाजसेवी संजय नामदेव ने खेल मैदान पर पानी की समस्या का दैनिक नवज्योति द्वारा प्रमुखता से समाचार छपने पर आभार जताते हुए सराहना की। जिसके चलते अल्प समय में ही पानी की समस्या का समाधान हो गया। नामदेव ने जनहित में विधायक कोष से हैंडपंप स्वीकृत करने पर विधायक का आभार जताया। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Jun 2025 14:22:31 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - मुहाल गांव में स्कूल खेल मैदान से हटाया अतिक्रमण, विद्यार्थी अब उठा सकेंगे खेल मैदान का लाभ  </title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद सोमवार को अतिक्रमण हटने से विद्यार्थियों को खेल मैदान का लाभ मिल सकेगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/impact-of-the-news---encroachment-removed-from-school-playground-in-mahal-village/article-104661"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/pze12.png" alt=""></a><br /><p>केलवाड़ा।  गणेशपुरा ग्राम पंचायत के मुहाल गांव में लंबे समय अतिक्रमियों ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर रखा था। प्रशासन ने सोमवार को स्कूल के खेल मैदान से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। यहां पांच बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाया। खेल मैदान की जमीन पर कच्ची और पत्थर बाउंड्री के साथ-साथ पक्का निर्माण कर अतिक्रमण कर रखा था। विद्यार्थियों को खेल मैदान का नहीं मिल रहा लाभ...शीर्षक से दैनिक नवज्योति ने खबर प्रकाशित करके मामला उठाया था। जिसको लेकर केलवाड़ा नायब तहसीलदार मोहन पंकज, कानूनगो आशीष गौतम, पुष्पदयाल व पटवारी बंटी कुशवाह, चंद्रमोहन सहरिया की टीम मुहाल गांव में पहुंची और खेल मैदान की जमीन के अतिक्रमण को जेसीबी मशीन से हटवाया।</p>
<p><strong>विद्यार्थी अब उठा सकेंगे खेल मैदान का लाभ </strong><br />राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मुहाल के खेल मैदान की जमीन पर भू-माफियाओं ेने अतिक्रमण कर रखा था। जिससे विद्यार्थी खेल मैदान का लाभ उठाने के लिए वंचित हो रहे थे। स्कूल प्रशासन द्वारा की गई शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा था। वहीं अतिक्रमी खेल मैदान पर अतिक्रमण कर अपने निजी कार्य के लिए खेल मैदान का लाभ उठा रहे थे लेकिन अब नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद सोमवार को अतिक्रमण हटने से विद्यार्थियों को खेल मैदान का लाभ मिल सकेगा। </p>
<p><strong>यह रहे मौजूद</strong><br /> खेल मैदान से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान केलवाड़ा थाना पुलिस एएसआई अभिषेक शर्मा, रामवतार, कांस्टेबल गोपोश, नरेश सहरिया, महिला कांस्टेबल, भूमली बाई  विद्यालय  स्टाफ आदि मौजूद रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Feb 2025 14:26:41 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>खेल मैदान की भूमि का आवंटन करना भूले, कैसे निखरेगी प्रतिभाएं ?</title>
                                    <description><![CDATA[खेल मैदान के अभाव में खिलाड़ी अपने खेल को निखारने में वंचित है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/forgot-to-allot-the-land-of-playground--how-will-the-talents-flourish/article-97122"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(2)10.png" alt=""></a><br /><p>हरनावदाशाहजी। सेकुड़ के राजकीय स्कूल खेल मैदान की भूमि का आवंटन करके तहसील प्रशासन भूल गया। आवंटन के 6 वर्ष बाद भी सीमा-ज्ञान नहीं हो पाया।  सीमा ज्ञान नहीं करने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। खेल मैदान के अभाव में खिलाड़ी अपने खेल को निखारने में वंचित है। जिससे प्रतिभाए आगे नहीं बढ़ पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में जिला कलेक्टर ने छीपाबड़ौद तहसील के ग्राम सेकुड़ के खसरा संख्या 409 में 5 बीघा भूमि का आवंटन 10 सितंबर 2018 को स्थानीय विद्यालय के खेल मैदान के लिए आवंटन किया जा चुका है। लेकिन तहसील प्रशासन की उदासीनता के कारण स्थानीय विद्यालय प्रबंधन समिति को अभी तक यह भूमि सुपुर्द नहीं की गई। एसएमसी अध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि 24 जुलाई 2024 को आयोजित स्थानीय ग्राम पंचायत कलमोदिया में बारां जिला कलक्टर की रात्रि-चौपाल में ग्रामीणों ओर विद्यालय प्रबंधन समिति ने खेल मैदान की भूमि के सीमा ज्ञान को लेकर प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया था। मौके पर ही तहसील प्रशासन को जिला कलक्टर ने आदेशित कर दिया था। ग्रामीण शिवराज लववंशी ने बताया कि समय-समय पर विद्यालय प्रबंधन समिति और छात्र-छात्रा अभिभावक व स्थानीय ग्रामीण खेल मैदान की भूमि के सीमा ज्ञान को लेकर लगातार 6 वर्षों से मांग करते आ रहे हैं। कई बार लिखित में शिकायत दी जा चुकी हैं। राजस्थान संपर्क पोर्टल पर भी प्रकरण दर्ज किए गए लेकिन उनका निस्तारण कागजों में ही कर दिया जाता है। पिछले माह विद्यालय प्रबंधन समिति और ग्रामीणों के द्वारा जिला कलक्टर को बारां जाकर भी प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया गया। वर्तमान में भी राजस्थान संपर्क पोर्टल पर भी शिकायत क्रमांक 112407821278891 प्रक्रियाधीन है। लेकिन अभी तक छात्र-छात्राओं के खेल मैदान की भूमि का तहसील प्रशासन द्वारा सीमा ज्ञान नहीं किया गया। जिससे बालक-बालिकाओं और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। </p>
<p><strong>स्कूल में ताला बंदी करने की दी चेतावनी</strong><br />ग्रामीण मुकेश लववंशी, बालचंद लववंशी, शिवराज लववंशी, हेमराज लववंशी, सतीश लववंशी, का कहना है कि आगामी दिनों में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सेंकुड़ के खेल मैदान की भूमि का तहसील प्रशासन द्वारा सीमा ज्ञान नहीं किया गया तो स्थानीय विद्यालय में ताला लगाकर अकलेरा-हरनावदा शाहजी मार्ग पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। </p>
<p>स्कूल के लिए खेल मैदान की भूमि का सीमा ज्ञान जल्द होना चाहिए। बालक-बालिकाओं ओर खेल प्रेमियों के लिए आवश्यक है। <br /><strong>-हेमराज लववंशी - ग्रामीण</strong></p>
<p>तहसील प्रशासन से लेकर बारां जिला कलक्टर  को सेकुड़ में खेल मैदान की जमीन को लेकर बहुत बार अवगत कराया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया। <br /><strong>-मुकेश लववंशी - पूर्व वार्ड पंच</strong></p>
<p>जिस प्रकार शहरों में खेल मैदान होते हैं उसी प्रकार ग्रामीण बालक-बालिकाओं के लिए भी खेल मैदान होना चाहिए। खेल मैदान होने पर खिलाड़ियों को अभ्यास करके अपने खेल में निखार ला कर आगे बढ़ सकते है लेकिन ग्राम सेकुड़ में खेल मैदान की भूमि आवंटन होने के बाद सीमा ज्ञान में ही सालों गुजर गये।<br /><strong>-सतीश लववंशी - ग्रामीण </strong></p>
<p>एसएमसी अध्यक्ष:-स्कूल की एसएमसी बैठकों में इस मुद्दे को लेकर बहुत बार चर्चा की गई। साथ ही स्कूल प्रशासन की तरफ से भी उच्चतम अधिकारियों को लिखित में शिकायत भेजी जा चुकी है। <br /><strong>- मुकेश कुमार </strong></p>
<p>समय-समय पर विद्यालय प्रबंधन समिति और छात्र-छात्रा अभिभावक व स्थानीय ग्रामीण खेल मैदान की भूमि के सीमा ज्ञान को लेकर लगातार 6 वर्षों से मांग करते आ रहे हैं। कई बार लिखित में शिकायत दी जा चुकी हैं राजस्थान संपर्क पोर्टल पर भी प्रकरण दर्ज किए गए लेकिन उनका निस्तारण कागजों में ही कर दिया जाता है। <br /><strong>-शिवराज लववंशी - सेकुड़ निवासी</strong></p>
<p>मेरे पदभार ग्रहण करने के बाद से अभी तक मामला जानकारी में नहीं आया है, जल्द संज्ञान में लेकर खेल मैदान के लिए आवंटित भूमि का सीमाज्ञान करवाएंगे।  <br /><strong>- सुरेंद्र गुर्जर , तहसीलदार छीपाबड़ौद </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Dec 2024 16:50:49 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का -अब जेडीबी आर्ट्स को मिलेगा हाईटेक खेल मैदान, तीस लाख स्वीकृत</title>
                                    <description><![CDATA[मैदान के आसपास पार्क भी डवलप होगा। यहां बैठने के लिए बैंचे, कुर्सियां भी लगवाई जाएंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---now-jdb-arts-will-get-a-high-tech-playground--30-lakhs-approved/article-88935"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/asr-kharab-ka--jdb-arts-ko-milega-hi-tech-khel-ground,-rs-30-lakh-sveekrt...kota-news-29.08.2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजकीय कला कन्या महाविद्यालय को एक दशक बाद खुद का हाईटेक खेल मैदान मिलेगा।  अब बालिकाओं को प्रेक्टिस के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा और न ही दूसरे के ग्राउंड में खेलने के लिए इजाजत  मांगनी पड़ेगी। छात्राओं को जल्द ही अपने कॉलेज  में सुविधाओं से युक्त मैदान मिलेगा। जिससे प्रतिभाएं निखरेंगी। दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशन के बाद  लाडपुरा विधायक कल्पना सिंह ने विधायक कोष से कॉलेज परिसर में खेल मैदान निर्माण के लिए 30 लाख रुपए स्वीकृत किए। </p>
<p><strong>ग्राउंड के साथ पार्क भी डवलप होगा</strong><br />जेडीबी आर्ट्स कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार, कैम्पस में खेल ग्राउंड निर्माण के साथ सौंदर्यीकरण कार्य भी किए जाएंगे। मैदान के आसपास पार्क भी डवलप होगा। यहां बैठने के लिए बैंचे, कुर्सियां भी लगवाई जाएंगी। यह मैदान महाविद्यालय की मूल बिल्डिंग के सामने वाले एरिया में बनेगा।</p>
<p><strong>125 गुणा 90 मीटर में बनेगा ग्राउंड</strong><br />राजकीय कला कन्या महाविद्यालय में खेल प्रभारी मोहम्मद रिजवान खान ने बताया कि कैम्पस में स्पोर्ट्स ग्राउंड 125 गुणा 90 मीटर में बनाया जाना है। हालांकि, इसकी पुख्ता जानकारी वर्कआॅर्डर मिलने के बाद ही पता लग पाएगी।   बरसात के बाद काम शुरू हो जाएगा। </p>
<p><strong>संभाग का सबसे बड़ा कॉलेज फिर भी सुविधाएं नहीं</strong><br />जेडीबी आर्ट्स कॉलेज संभाग का सबसे बड़ा गर्ल्स कॉलेज है, इसके बावजूद यहां इंडोर स्टेडियम तक नहीं है। बैडमिंटन, टेबल टेनिस के लिए लड़कियों को  बाहर जाना पड़ता है। वहीं, खेल मैदान में बास्केट बॉल की प्रेक्टिस के लिए भी जेडीबी साइंस कॉलेज से परमिशन लेनी पड़ती है। हालांकि, वर्तमान में आर्ट्स और साइंस कॉलेज के प्राचार्यों के आपसी सामंजस्य से उपलब्ध सुविधाएं बालिकाओं को मिल रहीं हैं।</p>
<p><strong>सीमित संसाधनों में भी बेटियों ने हासिल किए गोल्ड</strong><br />खेल प्रभारी खान ने बताया कि महाविद्यालय प्रशासन स्पोर्ट्स को लेकर गंभीर है। कॉलेज में बैडमिंटन हॉल नहीं हैं लेकिन बालिकाओं को इसकी कमी महसूस नहीं होने दी जाती। उन्हें पे्रक्टिस के लिए जिला बैडमिंटन हॉल में नि:शुल्क प्रेक्टिस करवाते हैं। वहीं, स्वीमिंग के लिए तरणताल में व्यवस्था करते हैं। हालांकि, सीमित साधन-संसाधन के बावजूद कॉलेज की छात्राएं विभिन्न प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल हासिल कर चुकी हैं। </p>
<p><strong>छात्राएं हासिल कर चुकी यह उपलब्धियां</strong><br />राजकीय कला कन्या महाविद्यालय की छात्राएं अभावों के बीच भी कई उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं। वर्ष 2023-24 में हुए अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिता में एथलेटिक्स गेम में 7 गोल्ड मेडल हासिल किए हैं। शूटिंग में छात्रा उर्मिला राठौड़ नेशनल खेल चुकी है। वहीं, एक छात्रा कुश्ती में नेशनल टीम में सलेक्ट हुई। इसके अलावा वर्तमान में चल रही जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता में बैडमिंटन में कॉलेज की छात्रा प्रथम स्थान पर रही है। </p>
<p><strong>जेडीबी साइंस में डवलप हो रहे तीन ग्राउंड:</strong> जेडीबी साइंस कॉलेज में वर्तमान में बॉस्टकेट बॉल कोर्ट है। लेकिन अन्य गेम्स के लिए मैदान नहीं होने से बालिकाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कॉलेज प्रशासन द्वारा वॉलीबॉल, खो-खो, कबड्डी, हैंडबॉल व तीरंदाजी के लिए ग्राउंड बनवाए जा रहे हैं। जिसका काम भी चल रहा है। हालांकि, बारिश के कारण जेसीबी नहीं चल पाने से काम रुका है,जल्द ही सभी खेल मैदान डवलप हो जाएंगे। जिसका लाभ जेडीबी साइंस के साथ राजकीय कला कन्या कॉलेज की बालिकाओं को भी मिलेगा।</p>
<p>लाडपुरा विधायक कल्पना सिंह ने कॉलेज परिसर में खेल मैदान बनाने के लिए विधायक कोष से 30 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। केडीए कार्यकारी एजेंसी है।  बारिश के बाद काम शुरू हो जाएगा। जल्द ही राजकीय कला कन्या महाविद्यालय को खुद का स्पोर्ट्स ग्राउंड मिल सकेगा। <br /><strong>-प्रो. सीमा चौहान, प्राचार्य जेडीबी आर्ट्स कॉलेज</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Aug 2024 14:47:40 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>लाखेरी स्कूल: अव्यवस्था की किताबें खुली, मैदान पानी-पानी </title>
                                    <description><![CDATA[हमें प्रिंसिपल की योग्यता पर शक नहीं किंतु फिर भी विद्यालय में इन सभी अव्यवस्थाओं को देखेगा कौन?
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/lakheri-school--books-of-disorder-open--ground-water-water/article-85325"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/111u1rer-(2)11.png" alt=""></a><br /><p>लाखेरी। बूंदी जिले के लाखेरी बस स्टैंड के समीप राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बना हुआ है, जो की काफी वर्षों से संचालित हो रहा है एवं वर्तमान में आदर्श विद्यालय की श्रेणी में आता है, किंतु शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय पर ध्यान नहीं देने के कारण इस विद्यालय के अंदर कई प्रकार की अव्यवस्थाएं देखी जा सकती है। इस विद्यालय में वर्तमान में 400 के लगभग छात्र व छात्राएं अध्यनरत है, इनको पढ़ाने के लिए मात्र 14 शिक्षक लगे हुए हैं, जो पर्याप्त नहीं है। इस विद्यालय में कुल 12 क्लास संचालित होती है, इस विद्यालय में सब्जेक्ट टीचर्स की पोस्ट रिक्त चल रही हैं, जिसमें विज्ञान वर्ग में फिजिक्स के टीचर की पोस्ट रिक्त चल रही है, इसी तरह हिंदी एवं अंग्रेजी की पोस्ट भी रिक्त चल रही है, इसी तरह कॉमर्स फैकल्टी में तीनों पोस्ट रिक्त चल रही है, अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग लाखेरी के इस विद्यालय में शिक्षकों की पूर्ति कर पाता है या बच्चों के भविष्य के साथ पूरे वर्ष खिलवाड़ होता रहेगा।</p>
<p><strong>विद्यालय की अन्य समस्याओं की </strong><br />राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बिल्डिंग परिसर में बने कमरों के अंदर छत का प्लास्टर डैमेज होने से कई बच्चों के ऊपर गिर जाता है, जिससे बच्चों के चोटिल होने की संभावना बनी रहती है, जब हम इस विद्यालय के कक्षा 11 कक्ष में पहुंचे तो छात्र भेरूलाल, अजय कुमार, नवाज एवं हर्षवर्धन ने बताया कि छत का प्लास्टर कभी भी हमारे आसपास या हमारे ऊपर गिर जाता है, हमने कई मर्तबा अध्यापक गणों से कहा किंतु आज तक इसका समाधान नहीं हुआ। इसी तरह कई कमरों में हवा के लिए पंखों की भी कमी है एवं सबसे बड़ी जो कमी हमें पानी की व्यवस्था की देखने को मिली है । 400 बच्चों के पीने के पानी के लिए वाटर कूलर भी नहीं लगा हुआ है। पानी के नाम पर सिर्फ एक टंकी लगा रखी है, जिसमें नल का पानी भरा जाता है, सफाई भी साल में एक बार करवाई जाती है, जिस कारण भारी गर्मी में बच्चें गर्म पानी पीने को मजबूर रहते हैं। छात्र लविश तंवर ने बताया कि हम घर से बोतल लेकर आते हैं यहां का पानी पीने की इच्छा नहीं होती कई बार पानी बदबू मारता है एवं गर्म पानी आता है। विद्यालय परिसर में जो मुख्य कमी है वह छात्रों के विद्यालय में प्रवेश करने को लेकर है, विद्यालय के सामने बने मैदान में बिछाई गई चिकनी मिट्टी के कारण बारिश के मौसम में फिसलन हो जाती है, जिससे बच्चे विद्यालय के मुख्य गेट तक नहीं पहुंच पाते। मुख्य दरवाजे तक जाने के लिए छात्रों के साथ अध्यापकों को भी बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। विद्यालय में 12वीं बायोलॉजी के छात्र प्रियांशु तंवर ने बताया कि विद्यालय संस्था को ग्राउंड से लेकर विद्यालय के मुख्य दरवाजे तक पक्का रास्ता बनाना चाहिए, जिससे बच्चें फिसलन से बच सके एवं विद्यालय के अंदर आसानी से प्रवेश कर सके।  इस विद्यालय के अंदर काफी समय से समिति के सदस्य भामाशाह निरंतर बने हुए हैं, जो विद्यालय की इन अवस्थाओं से दूर रहते हैं एवं शिक्षा विभाग द्वारा लाखेरी के इस उच्च माध्यमिक विद्यालय में दृष्टिहीन विजय कुमार मीणा को प्रिंसिपल नियुक्त कर रखा है, हमें प्रिंसिपल  की योग्यता पर शक नहीं किंतु फिर भी विद्यालय में इन सभी अव्यवस्थाओं को देखेगा कौन?</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong> <br />विद्यालय लाखेरी में जो अव्यवस्थाएं है उनका निराकरण करेंगे, वैसे विद्यालय समस्याओं के समाधान के लिए उच्च अधिकारी को अवगत कर रखा है। <br /><strong>- विजय कुमार, प्रिंसिपल  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jul 2024 16:46:56 +0530</pubDate>
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                <title>झीकड़िया स्कूल में खड़ा ‘यमदूत’</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए बताया कि हमारे द्वारा ग्राम पंचायत सचिव को पिछले दो सालो से अवगत करवाते आ रहे है लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/-yamdoot--standing-in-jhikadia-school/article-83650"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/3.png" alt=""></a><br /><p>मिश्रौली। मिश्रौली कस्बे के निकटवर्ती ग्राम पंचायत सिलेहगढ पंचायत के गाँव झीकड़िया में राजकीय प्राथमिक विद्यालय में खेलकूद मैदान में प्राचीन कुआ ंबच्चों के लिए खतरा बना हुआ है। जानकारी अनुसार मिश्रौली के ग्राम पंचायत सिलेहगढ पंचायत के गांव झीकडियां के राजकीय प्राथमिक विद्यालय के परिसर में एक प्राचीन कुआं बना हुआ है जिसके आस पास सुरक्षा दीवार भी नहीं है । यह कुआ काफी सालों पुराना है, लेकिन विद्यालय में इस कुएं के होने से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। विद्यालय में कई बच्चें है जो पढ़ने आते है, वहीं अंतराल के दौरान खाना खाने के लिए स्कूल परिसर में खेलते है। उस समय कोई भी स्कूल का बच्चा कुएं में गिर सकता है। कई बार कई अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करवाया लेकिन समाधान नहीं हुआ। मामले को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए बताया कि हमारे द्वारा ग्राम पंचायत सचिव को पिछले दो सालो से अवगत करवाते आ रहे है लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया। वहीं  कई प्रशासनिक अधिकारी यहां आते रहते है लेकिन कोई ध्यान नहीं देते है। विद्यालय के कुएं में कभी भी कोई विद्यालय का छात्र खेलते हुए या कभी भी गिर सकता है। </p>
<p>स्कूल मैदान में ओपन कुँआ है, अगर ऊपर ढकान हो जाए , दीवारें ऊंची हो जाए तो बच्चों के लिए खतरा नहीं रहेगा। <br /><strong>- मनोहर सिंह, अध्यापक</strong></p>
<p>मामले को लेकर नाराजगी जताते हुए पांच - छह महीने पहले भी अवगत करवाया गया है लेकिन  ग्राम पंचायत द्वारा अगले सप्ताह अनुपयोगी कुएं का भी ढकान करवाने की बात कही। लेकिन छह महीने बीत जाने पर भी कोई हलचल नजर नहीं आई। <br /><strong>- मेहरबान सिंह अभिभावक</strong></p>
<p>कुआ लगभग बीस साल पुराना है अभी तक किसी ने भी इस समस्या का समाधान नहीं किया।<br /><strong>- मोहन सिंह ग्रामीण</strong></p>
<p>मामले को लेकर विद्यालय कार्यवाहक मोहन लाल से बात करनी चाही लेकिन काल रिसीव नही किया गया मेरे संज्ञान में मामला कल ही आया है, कुएं के ऊपर ढकान करवाते है। <br /><strong>- रविंद्रसिंह राठौर</strong></p>
<p> सरपंच ग्राम पंचायत सिल्हेगढ स्कूल का निरीक्षण करेंगे जो भी समस्या विद्यालय की व्यवस्थाओं में है उसका निराकरण करेंगे । साथ ही विद्यालय में कुएं की समस्या का समाधान करेंगे। <br /><strong>- कैलाश, सचिव पंचायत सिलेहगड़</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jul 2024 17:34:08 +0530</pubDate>
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                <title>National Institute of Ayurveda में स्थित फुटबॉल ग्राउंड की खराब हालत, विद्यार्थी खेलने से वंचित</title>
                                    <description><![CDATA[संस्थान में खेल मैदान पर पर्याप्त घास नहीं है, जगह-जगह मिट्टी निकल रही है। यहीं नहीं संस्थान में आ रही फैकल्टी की गाड़ियां भी इसी मैदान के एक हिस्से में पार्क की हुई हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-poor-condition-of-the-football-ground-located-at-the/article-82936"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/photo-size-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहरवासियों को अच्छी सेहत का संदेश देने वाले राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जोरावर सिंह गेट में फुटबॉल ग्राउंड के हाल स्वयं ही खराब है। एक तरफ संस्थान अच्छी सेहत रखने के खान-पान, योगाभ्यास और व्यायाम करने की सलाह दे रहा है। दूसरी तरफ संस्थान में खेल मैदान पर पर्याप्त घास नहीं है, जगह-जगह मिट्टी निकल रही है। यहीं नहीं संस्थान में आ रही फैकल्टी की गाड़ियां भी इसी मैदान के एक हिस्से में पार्क की हुई हैं।</p>
<p>इस स्थिति को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि संस्थान में मैदान होने के बावजूद यहां पढ़ रहे विद्यार्थियों को खेलने के लिए स्थाननहीं मिल पा रहा है और इसका सीधा नुकसान उनकी सेहत पर पड़ रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Jun 2024 19:10:43 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> गवर्नमेंट कॉलेज का खेल मैदान बना जंगल, कहां खेलें विद्यार्थी</title>
                                    <description><![CDATA[जहरीले जीव जंतुओं का बना रहता है खतरा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-playground-of-government-college-has-become-a-jungle--where-do-the-students-play/article-82550"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/government-college-ka-khel-medan-bna-jungle,-kha-khele-vidhyarthi...kota-news-24-06-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। गवर्नमेंट कॉलेज कोटा का खेल मैदान देखरेख के अभाव में जंगल बन गया है। मैदान में डेढ़ से दो फीट ऊंची झाड़ियां उग गई हैं। जिसमें जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। जबकि, पिछले साल कॉलेज प्रशासन ने 25 लाख रुपए की लागत से मिट्टी भरवाई थी। केडीए ने करीब 30 से 40 ट्रक मिट्टी डलवाकर उबड़-खाबड़ हो रही मैदान की भूमि को समतल किया था। लेकिन, देखरेख नहीं होने से यहां बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग गई। जिससे विद्यार्थियों को खेलने की जगह नहीं मिल पा रही। वहीं, स्पोर्ट्स एक्टिविटि में शामिल विद्यार्थियों ने इसकी शिकायत कॉलेज प्रशासन से करने के बावजूद समाधान नहीं हुआ।</p>
<p><strong>25 लाख रुपए से भरवाई थी मिट्टी</strong><br />गवर्नमेंट कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष आशीष मीणा ने बताया कि कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से स्पोर्ट्स ग्राउंड दुर्दशा का शिकार हो रहा है। गत वर्ष 25 लाख रुपए की लागत से यूआईटी के माध्यम से करीब 30 से 40 ट्रक मिट्टी डलवाकर मैदान विकसित किया गया था। इसके बावजूद कॉलेज प्रशासन ने इसके रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया। जिसका नतीजा है कि मैदान जंगल बन गया।</p>
<p><strong>सितम्बर में स्पोर्ट्स टूर्नामेंट, कहां करें प्रेक्टिस</strong><br />मीणा का कहना है कि हर साल सितम्बर में कॉलेज में स्पोर्ट्स टूर्नामेंट होते हैं। जिसमें महाविद्यालय से बड़ी संख्या में छात्र खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं। टूर्नामेंट होने में लगभग डेढ़ माह का समय बचा है। ऐसे में विद्यार्थियों को प्रेक्टिस करने का मौका तक नहीं मिल रहा। जबकि, पूर्व में कॉलेज प्रशासन से झाड़ियां हटवाने व मैदान की सफाई करवाने का आग्रह किया था। इसके बावजूद सुनवाई नहीं हुई। </p>
<p><strong>पानी निकासी के लिए नहीं बनाया ढलान</strong><br />छात्रों का कहना है कि गत वर्ष मिट्टी भराई गई थी तब बरसाती पानी की निकासी के लिए ढलान बनाने मांग उठाई गई थी। तब, कॉलेज प्रशासन व केडीए के इंजीनियरों ने जमीन का लेवल ऊंचा कर ढलान बनाने की बात कही गई थी। इसके बावजूद केडीए द्वारा जेसीबी की मदद से मिट्टी समतल कर दी गई लेकिन ढलान नहीं बनाया गया। जिससे बरसाती पानी की निकासी नहीं हो पाई और पानी भरने से मिट्टी और दब गई। छात्रा सोनम, दिव्यांशी, रेखा कुमारी ने बताया कि मैदान में झाड़ियां उगी होने से स्पोर्ट्स एक्टिविटी नहीं कर पा रहे। वहीं, जहरीले जीव जंतुओं का डर लगा रहता है। </p>
<p>खेल मैदान में उग रही झाड़ियां हटवाई जाएगी। घास को जड़ समेत उखड़वाकर सफाई करवाएंगे। अभी तीन दिन पूर्व बारिश होने से पानी जमा हुआ है। जिसके सूखने के बाद जेसीबी से सफाई करवाई जाएगी। इससे विद्यार्थियों को खेलने के लिए जगह मिल सकेगी।<br /><strong>- अरुण कुमार, कार्यवाहक प्राचार्य, गवर्नमेंट कॉलेज कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Jun 2024 17:16:56 +0530</pubDate>
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                <title>स्कूल रिपोर्ट 2: सैकडों सरकारी विद्यालयों में मौजूद नहीं खेल मैदान और लाइब्रेरी</title>
                                    <description><![CDATA[जिले के सैंकड़ों विद्यालयों में ना तो लाइब्रेरी मौजूद है और ना ही खेल का मैदान। 
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/school-report-2--playground-and-library-not-present-in-hundreds-of-government-schools/article-81147"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/photo-size-(7)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिक्षा विभाग की ओर से जारी विद्यालय रिपोर्ट में कोटा के सरकारी स्कूलों में सत्र 2021-22 की तुलना में सत्र 2022-23 में विद्यार्थियों की संख्या घट गई। इसके अलावा रिपोर्ट के अनुसार कोटा में कई विद्यालय ऐसे हैं जो या तो एक शिक्षक के भरोसे हैं या एक ही कमरे में संचालित हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कई विद्यालयों में आज भी आधारभूत सुविधाओं की कमी है या उपलब्ध ही नहीं है। जिले के सैंकड़ों विद्यालय आज भी लाइब्रेरी, सुलभघर, बिजली कनेक्शन, नल कनेक्शन, खेल मैदान और कम्प्यूटर लेब जैसी सुविधाओं से वंचित है। ऐसे में शिक्षा विभाग एक ओर तो प्रदेश के सरकारी विद्यालयों को उत्कृष्ट बनाने की बात करता है वहीं दूसरी ओर सैंकड़ों विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं करा पा रहा है।</p>
<p><strong>सबसे जरूरी खेल मैदान और लाइब्रेरी ही मौजूद नहीं</strong><br />विद्यालयों में शिक्षा के साथ विद्यार्थी का मानसिक और शारीरिक विकास होना भी आवश्यक है, ताकि विद्यार्थी भविष्य के अनुरूप खुद को ढाल सकें। लेकिन जिले के सैंकड़ों विद्यालयों में ना तो लाइब्रेरी मौजूद है और ना ही खेल का मैदान। ऐसे में इन विद्यालयों में विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होना बड़ी चुनौती है। सत्र 2021-22 में जिले के 1078 में से 707 विद्यालयों में ही खेल का मैदान मौजूद था वहीं सत्र 2022-23 में 1056 विद्यालयों में से केवल 770 विद्यालयों में ही खेल के मैदान हैं। इसी तरह सत्र 2021-22 में जिले के 1078 विद्यालयों में से 863 और सत्र 2022-23 के दौरान 1056 विद्यालयों में से केवल 852 विद्यालयों में ही लाइब्रेरी मौजूद है। ऐसे में विद्यालयों में लाइब्रेरी नहीं होने की स्थिति में विद्यार्थी शैक्षणिक शिक्षा के अलावा अन्य विषयों में जानकारी लेने के लिए अन्य स्त्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है।</p>
<p><strong>कंप्यूटर लैब और बिजली कनेक्शन की भी कमी</strong><br />वर्तमान में राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों डिजिटलाइजेशन की ओर अग्रसर हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है बावजूद इसके सत्र 2021-22 के दौरान जिले के 1078 विद्यालयों में से केवल 205 विद्यालयों में ही कंप्यूटर लैब मौजूद थी, हालांकि सत्र 2022-23 के दौरान इनकी संख्या में थोड़ा इजाफा हुआ जो बढ़कर 247 हो गई। लेकिन इसके अभी भी जिले के करीब 800 विद्यालयों में कंप्यूटर लैब मौजूद नहीं है। इसी तरह सत्र 2021-22 के दौरान कुल 1078 विद्यालयों में से केवल 941 विद्यालयों में बिजली कनेक्शन था वहीं सत्र 2022-23 के दौरान 1056 में से केवल 988 विद्यालयों में ही बिजली कनेक्शन मौजूद है। </p>
<p><strong>कई विद्यालयों में बाउंड्री वॉल नहीं </strong><br />शिक्षा विभाग ने इसी जनवरी माह में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से जिन विद्यालयों में पर्याप्त बाउंड्री वॉल मौजूद नहीं है या जिन विद्यालयों में अतिक्रमण हो रहा है उनकी जानकारी मांगी थी। लेकिन विभाग की ओर से अभी तक उस पर कोई कारवाई नहीं की गई है, और मामला अभी तक अधर में है। इसी बीच जारी हुई सरकारी रिपोर्ट के अनुसार सत्र 2021-22 में जिले के 71 विद्यालयों और 2022-23 के दौरान 54 विद्यालयों में बाउंड्री वॉल मौजूद नहीं है। जहां या तो अतिक्रमण हो रहा है, या अतिक्रमण होने की संभावना है। वहीं कोटा के 1056 विद्यालयों में से अभी भी 25 विद्यालयों में पीने का साफ पानी उपलब्ध नहीं है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />जिले के सरकारी विद्यालयों की वास्तविक विद्यालयों की रिपोर्ट विभाग को भेजी जा चुकी है। जिन विद्यालयों में समस्याएं मौजूद हैं। उन पर कोई भी उच्च स्तरीय पर ही किया जा सकता है। जिला स्तर पर जितना हो सकता है उतनी कोशिश की जाती है।<br /><strong>- के. के. शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Jun 2024 16:07:07 +0530</pubDate>
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