<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/organic-fertilizer/tag-46997" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Organic fertilizer - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/46997/rss</link>
                <description>Organic fertilizer RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जैविक खाद तो नहीं बनी, कबाड़ का लग गया अम्बार</title>
                                    <description><![CDATA[चम्बल गार्डन से पुराने कैंटीन हॉल मार्ग का है यह हाल।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/organic-fertilizer-was-not-made--but-a-pile-of-junk-was-created/article-108502"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/jevik-khad-to-nhi-bni,-kabad-ka-lg-gya-ambar...kota-news-24-05-20251.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम अधिकारियों की प्रयोगशाला बन गया है। अधिकारी आते हैं। लाखों रुपया अपनी योजनाओं पर खर्च कर देते हैं। लेकिन उनके चले जाने के बाद यह योजनाएं ढाक का तीन पात हो जाती हैं और जनता की गाड़ी कमाई का करोडों रुपया खर्च हो जाता है। ऐसा ही आर्गेनिक खाद बनाने के मामले में हुआ। दक्षिण की ओर से पूर्व में जिस जगह पर पत्तों से जैविक खाद बनाने की जगह बनाई गई थी। उस जगह पर वर्तमान में गार्डन का कचरा और कबाड़ का अम्बार लगा हुआ है। जिससे उस रास्ते से होकर निकलना अजीब सा लगता है। यह हालत है चम्बल गार्डन के पुराने कैंटीन हॉल की तरफ जाने वाले रास्ते का। पुराने कैटीन हॉल के बंद होने पर वह लम्बे समय तक बदहाल पड़ा हुआ था। लेकिन नगर निगम कोटा दक्षिण की तत्कालीन आयुक्त कीर्ति राठौड़ ने उस जगह को सही करवाया था। जहां कोटा दक्षिण निगम का अतिक्रमण कार्यालय शुरु किया। वहीं चम्बल गार्डन की तरफ बने निगम के स्टोर के पास और कैंटीन हॉल की तरफ जाने वाले रास्ते में पूर्व में गार्डन से निकले पत्तों का ढेर लगा हुआ था। उस ढेर को खत्म करने व उसका उपयोग जैविक खाद बनाने के लिए किया गया था। </p>
<p><strong>तत्कालीन आयुक्त ने शुरु की थी खाद बनाने की व्यवस्था</strong><br />तत्कालीन आयुक्त के निर्देश पर निगम की गार्डन लेबर से वहां बड़ा गड्ढ़ा खुदवाकर उसमें पत्तों का ढेर, मिट्टी व पानी डालकर उससे खाद बनाने का काम शुरु किया था। कई दिन की प्रक्रिया के बाद उन पत्तों से खाद बनकर तैयार होने पर उसका गार्डन में ही पेड़ पौधों में उपयोग किया जा रहा था।  लेकिन वर्तमान में हालत यह है कि स्टोर की तरफ से पुराने कैंटीन हॉल की तरफ जाने वाले रास्ते में पहले जहां खाद बनाई जा रही थी। वहां इतने अधिक पत्ते व अन्य सामान के साथ ही अतिक्रमण निरोधक दस्ते द्वारा जब्त कर लाया गया सामान भी पटका हुआ है। जिससे खाद वाली जगह तो खत्म हो गई है। वहां पत्तों व कचरे का अम्बार लगा हुआ है। </p>
<p><strong>रोजाना निकल रहे पत्तों का है ढेर</strong><br />नगर निगम कर्मचारियों का कहना है कि पत्तों से जैविक खाद बनाने के लिए केचुए वाली खाद के पास ही नई जगह बना दी है। इन पत्तों का उपयोग भी खाद के लिए ही किया जाना है। गार्डन से रोजाना बड़ी संख्या में निकल रहे पत्तों को यहां लाकर डालने से ढेर अधिक नजर आ रहा है। वहीं अतिक्रमण का कार्यालय यहीं होने से अतिक्रमण हटाने के दौरान जब्त किए गए सामान भी यहीं रखे जा रहे है। </p>
<p><strong>झूला जोन व वंडर पार्क की तरफ से दिख रहा दृश्य</strong><br />इतना ही नहीं उस जगह से होकर निगम के अतिक्रमण निरोेधक दस्ता कार्यालय में जाने का रास्ता है। जिससे अधिकारी व कर्मचारियों को उस जगह से होकर निकलना पड़ रहा है। इतना ही नहीं जिस जगह पर इस तरह का दृश्य बन रहा है। वह पास की चम्बल गार्डन के झूला जोन से साफ नजर आ रहा है। गार्डन की चार दीवारी यहां से टूटी हुई है। ऐसे में गार्डन में झूला झूलने आने वाले और उस झूला जोन के पास ही निगम ने वेस्ट टू वंडर पार्क बनाया हुआ है। उस वनडर पार्क में आने वाले भी जब सामने की कबाड़ का अम्बार देख रहे हैं तो उन्हें एक तरफ तो अच्छा दृश्य दिखाया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ उसके सामने ही ऐसा दृश्य देखना पड़ रहा है जहां कबाड़ के पहाड़ नजर आ रहे है। इसी यगह पर पूर्व में लाखों रुपए में क्रय किए गए हाथ ठेला रिक् शे भी पड़े-पड़े अनुपयोगी हो गए हैं। वे भी उसी जगह पर रखे हुए हैं। हालांकि नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते में शामिल&gt; कर्मचारियों को भी रोजाना उस कबाड़ वाले रास्ते से जाना पड़ रहा है लेकिन अधिकारियों के डर के कारण कोई भी इस बारे में बोलने को तैयार नहीं है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/organic-fertilizer-was-not-made--but-a-pile-of-junk-was-created/article-108502</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/organic-fertilizer-was-not-made--but-a-pile-of-junk-was-created/article-108502</guid>
                <pubDate>Mon, 24 Mar 2025 18:19:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-03/jevik-khad-to-nhi-bni%2C-kabad-ka-lg-gya-ambar...kota-news-24-05-20251.jpg"                         length="523009"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Parks में गिरे पेड़ के पत्तों से तैयार किया जा रहा है जैविक खाद</title>
                                    <description><![CDATA[पूरी तरह से जैविक प्रक्रिया अपनाने के कारण इस खाद में बाजार की खाद के मुकाबले ज्यादा मिनरल्स होते है, जिससे कि भूमि की उर्वरा शक्ति ज्यादा होती है और पौधे आसानी से जल्द पनप पाते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/organic-fertilizer-is-being-prepared-from-fallen-tree-leaves-in/article-81243"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/yy11rer-(10).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पार्को में पौधों को जैविक खाद उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम जयपुर हेरिटेज ने पेड़ों से गिरने वाले पत्तों का उपयोग जैविक खाद बनाने में किया जा रहा है। इसके लिए तीन पार्को से इसकी शुरूआत कर दी है और जल्द ही सभी पार्को में इसकी शुरूआत की जाएगी। जैबिक खाद उपलब्ध होने पर मानसून में होने वाले पौधारोपण में इसका फायदा मिलेगा। </p>
<p><strong>तीन पार्कों में चल रहा खाद बनाने का काम</strong><br />उद्यान उपायुक्त सरोज ढाका ने बताया कि आदर्श नगर के शहीद भगतसिंह पार्क, कल्पना चावला पार्क और शास्त्री नगर में राजस्थान पुलिस अकादमी स्थित पार्क में जैविक खाद तैयार की जा रही है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पूरी प्रक्रिया से खाद तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक पार्क में दस-दस महिलाओं का समूह काम कर रहा है। तीनों पार्को में अब तक करीब 2 टन के करीब खाद तैयार की जा चुकी है। निगम की ओर से जल्द ही इसे बिक्री के लिए उपलब्ध कराएगा। </p>
<p><strong>बाजार की खाद की तुलना में ज्यादा मिनरल्स</strong><br />ढाका ने बताया कि महिलाएं पार्को में गिरी हुई पेड़ की पत्तियों को इकठा करती है। इनके अलावा पास के ही अन्य छोटे पार्क से भी पत्तियां लाती है। पत्तियों में से प्लास्टिक या अन्य कचरा बाहर किया जाता है। इसके बाद शेडर मशीन से जैविक प्रक्रिया से इसे तैयार किया जाता है। उन्होंने बताया कि खाद बनाने में केमिकल की जगह दही, बेसन आदि विधि अनुसार मिलाया जाता है। इसके बाद तेज धूप में सुखाया जाता है, फिर दुबारा छानकर पैकिंग कराई जाती है। खाद को बनाने में करीब 25 से 25 दिन का समय लगता है। पूरी तरह से जैविक प्रक्रिया अपनाने के कारण इस खाद में बाजार की खाद के मुकाबले ज्यादा मिनरल्स होते है, जिससे कि भूमि की उर्वरा शक्ति ज्यादा होती है और पौधे आसानी से जल्द पनप पाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/organic-fertilizer-is-being-prepared-from-fallen-tree-leaves-in/article-81243</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/organic-fertilizer-is-being-prepared-from-fallen-tree-leaves-in/article-81243</guid>
                <pubDate>Wed, 12 Jun 2024 12:11:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-06/yy11rer-%2810%29.png"                         length="608434"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        