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                <title>Govind DevJi - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Govind DevJi RSS Feed</description>
                
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                <title>गोविंद देवजी मंदिर में धूमधाम से हुआ गणगौर पूजन और पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ</title>
                                    <description><![CDATA[आराध्य गोविंद देवजी मंदिर में गणगौर पूजन के छठे दिन उत्सव का उल्लास दिखा। एक हजार से अधिक महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में माता पार्वती और ईसर जी की पूजा की। गायत्री परिवार द्वारा आयोजित पंच कुंडीय महायज्ञ में सुखी दाम्पत्य की कामना के साथ आहुतियां दी गईं। नव-विवाहिताओं को विशेष सुहाग सामग्री भेंट कर सम्मानित किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gangaur-puja-and-panchkundiya-gayatri-mahayagya-performed-with-great-pomp/article-145742"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/whatsapp-image-2026-03-08-at-18.06.35.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सोलह दिवसीय गणगौर पूजन के छठे दिन रविवार को आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर में  गणगौर पूजन किया गया। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी महाराज के सान्निध्य में एक हजार से अधिक महिलाओं ने अखंड सुख-सौभाग्य और सुखी दाम्पत्य जीवन की कामना के साथ पूजन किया। </p>
<p>सजी धजी महिलाओं ने माता पार्वती के स्वरूप गणगौर तथा भगवान भोलेनाथ के स्वरूप ईसर का विधिवत पूजन किया। गणगौर पूजन के लिए महिलाएं लाल रंग के पारंपरिक परिधान और राजस्थानी आभूषण पहनकर मंदिर पहुंचीं।  पारंपरिक लोकगीत गाते हुए महिलाओं ने समूह में भक्ति भाव से पूजा-अर्चना की। गणगौर माता के होली से तिलक लगाकर काजल, मेहंदी सहित अन्य सुहाग की सामग्री अर्पित की। इससे पहले दूब से माता रानी को जल के छींटे दिए। </p>
<p>इस दौरान अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से सुखी दाम्पत्य जीवन की कामना के साथ पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ किया गया। वेद माता गायत्री, ठाकुर श्री राधा गोविंद देव जी, गायत्री परिवार के संस्थापक युग ऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य   वंदनीय माताजी भगवती देवी शर्मा का षोडशोपचार पूजन किया गया।</p>
<p>गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी के दिनेश आचार्य और डॉ. अजय भारद्वाज ने विधिवत मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ कराया। भारद्वाज ने सुखद दाम्पत्य जीवन के सूत्र बताए। दस पारी में श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर परिवार और समाज के मंगल की कामना की। पहली बार गणगौर पूजन कर रही नव विवाहिताओं को गायत्री परिवार की ओर सुहाग की सामग्री भेंट की गई। शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। गणगौर पूजन में शामिल होने वाली सुहागिन महिलाओं ने आयोजन की सराहना की। इस अवसर पर गायत्री चेतना केंद्र जनता कॉलोनी की ओर से साहित्य स्टॉल लगाई गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 18:08:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गोविंद देव जी में योगिनी एकादशी 22 को, मंदिर छावन में रुकने और फोटोग्राफी की अनुमति नहीं </title>
                                    <description><![CDATA[एकादशी को किसी भी दर्शनार्थी को मंदिर छावन में रुकने और फोटोग्राफी की अनुमति नहीं होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/yogini-ekadashi-in-govind-devji-is-not-allowed-to-stop/article-117727"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer93.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रचंड गर्मी के बाद आषाढ़ माह में वर्षा ऋतु के आगमन की घड़ी में 22 जून को जयपुर के आराध्य देव गोविन्ददेव जी के मन्दिर में योगिनी एकादशी मनाई जाएगी। मंदिर में श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को देखते हुए सभी को सुलभ दर्शन के लिए मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था में आंशिक बदलाव किया है। भीड़ को रोकने के लिए एकतरफा बैरिकेड दर्शन व्यवस्था रहेगी। बिना जूते-चप्पल वाले दर्शनार्थी मंदिर के छावन में दर्शन करते हुए बिना रुके परिक्रमा कर मंदिर छावन से निकास करते हुए मंदिर के मुख्य निकास की ओर प्रस्थान कर सकेंगे। जूते-चप्पल पहन कर आने वाले दर्शनार्थी बाहर रैंप से दर्शन कर वापस उसी मार्ग से आ सकेंगे।</p>
<p>एकादशी को किसी भी दर्शनार्थी को मंदिर छावन में रुकने और फोटोग्राफी की अनुमति नहीं होगी। एकादशी की दर्शन व्यवस्था के लिए करीब सौ स्वयंसेवक सेवाएं देंगे। गोविंद देवजी मंदिर के सेवाधिकारी मानस गोस्वामी ने बताया कि सुबह महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक कर लाल रंग की नटवर पोशाक धारण कराई जाएगी। गोचारण लीला के भाव से शृंगार किया जाएगा। राजभोग झांकी के दौरान सागारी व्यंजनों और फलों का भोग लगाया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Jun 2025 12:07:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्री गोविन्ददेव जी मंदिर में रचना झांकी के साथ होली उत्सव का हुआ श्रीगणेश, होली तक रोजाना होंगे ठाकुरजी की विभिन्न लीलाओं के दर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[भजन सम्राट बाल व्यास श्रीकांत शर्मा के भजनों पर राधा-कृष्ण, गोपी-ग्वाल के स्वरूप दोपहर एक से शाम साढ़े चार बजे तक पुष्प फाग खेलेंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/holi-festival-with-composition-tableau-in-shri-govinddev-ji-temple/article-105313"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(1)68.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गोविंददेव जी मंदिर में होली उत्सव का शुभारंभ हुआ। महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में ठाकुरजी के दरबार में रचना झांकी के साथ इसका श्रीगणेश हुआ। दोपहर साढ़े बारह से पौने एक बजे तक विशेष रचना झांकी के दर्शन हुए। प्रथम दिन प्रथम पूज्य गणेश जी, रिद्धी-सिद्धी तथा अन्य मांगलिक चिन्ह बनाए गए। रचना झांकी में 25 तरह की प्राकृतिक गुलाल का उपयोग किया गया। नव निर्वाचित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, नव निर्वाचित शहर अध्यक्ष अमित गोयल, पूर्व सांसद नारायण पंचारिया ने ठाकुर जी के दर्शन किए। मंदिर सेवाधिकारी मानस गोस्वामी ने ठाकुर जी की छवि भेंट की। हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य भी मौजूद रहे। अब होली तक नित्य प्रति रंग-बिरंगी गुलाल से ठाकुर जी की विभिन्न लीलाओं के दर्शन कराए जाएंगे। ठाकुर जी की लीलाओं के साथ पर्व पर विशेष रचना झांकी भी सजाई जाएगी।  </p>
<p>छह दिनों में डेढ़ सौ से अधिक कलाकार फाल्गुनी प्रस्तुतियां देंगे। सात से नौ मार्च तक होलिकोत्सव का आयोजन होगा। मंदिर के सत्संग भवन में 10-11 मार्च को पुष्प फागोत्सव मनाया जाएगा। भजन सम्राट बाल व्यास श्रीकांत शर्मा के भजनों पर राधा-कृष्ण, गोपी-ग्वाल के स्वरूप दोपहर एक से शाम साढ़े चार बजे तक पुष्प फाग खेलेंगे। रचना झांकी का समय दोपहर 3 से 4.30 बजे तक रहेगा। इसमें प्रोफेशनल कलाकारों के साथ घरानों की बहू-बेटियां भी भाग लेती हैं। मयूर नृत्य और लठमार होली इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होता है। होली पद का विशेष कार्यक्रम 12 मार्च को होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Feb 2025 09:31:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फाल्गुन माह शुरू, छाने लगा होली का खुमार, छोटी काशी में अब धीरे-धीरे चढ़ने लगा होली का रंग</title>
                                    <description><![CDATA[जयलाल मुंशी का रास्ता चांदपोल बाजार में श्री प्रेमभाया सरकार के शाम 7.30 बजे से रात्रि 10.30 बजे तक फागोत्सव मनाया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/phalgun-month-started-to-start/article-104226"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/govind-dev-ji-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। फाल्गुन माह के शुरू होने के साथ ही मंदिरों से चंग-ढप की मधुर धुन सुनाई देने लगी है। छोटी काशी में अब धीरे-धीरे होली का खुमार छाने लग जाएगा। गोविंद देवजी मंदिर में फाल्गुन माह के मस्ती भरे भजन गाने से हर कोई मस्ती से झूमने लगा। 23 फरवरी से 9 मार्च तक रचना झांकी सजेगी। दोपहर साढ़े 12 बजे से 12.45 बजे तक ठाकुर श्रीजी की विभिन्न लीलाओं का रंग-बिरंगी गुलाल से चित्रण किया जाएगा। सुभाष चौक पानों का दरीबा स्थित श्री सरस निकुंज में ठाकुर श्री राधा सरस बिहारी सरकार को फाल्गुनी भजन सुनाए गए। शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज ने ठाकुर जी के लाड़ लड़ाए। सरस परिकर के प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि शुक संप्रदाय के आचार्यों की ओर से लिखित फाल्गुनी पदों का गायन किया गया। यह क्रम शाम के समय पूरे माह चलेगा। हालांकि, ब्रज में होली की शुरुआत वसंत पंचमी से हो चुकी है, तब से प्रतिदिन ठाकुर श्री राधा गोविंद भगवान को पांच तरह की गुलाल अर्पित की जा रही है। होली तक ठाकुरजी को राजभोग झांकी में गुलाल अर्पित की जाएगी। झांकी में ठाकुर जी भक्तों संग होली खेलेंगे। इस दौरान ठाकुरजी वसंती पोशाक धारण कर कमर में फेंटा बांधकर दर्शन देंगे। उनकी यह भंगिमा होली के लिए तैयार होने का प्रतीक है। चौड़ा रास्ता स्थित राधा दामोदर जी, पुरानी बस्ती स्थित गोपीनाथ जी, सुभाष चौक पानों का दरीबा स्थित श्री सरस निकुंज रामगंज बाजार के लाड़लीजी, चांदनी चौक स्थित आनंद कृष्ण बिहारी सहित अन्य वैष्णव मंदिरों में रंगों का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा।  </p>
<p><strong>प्रेमभाया मंडल मंदिरों में करेगा फागोत्सव </strong><br />श्री प्रेमभाया मंडल समिति की ओर से फाल्गुन माह में शहर के विभिन्न देवालयों में फागोत्सव मनाया जाएगा। सर्वप्रथम 15 फरवरी को युगल कुटीर, जयलाल मुंशी का रास्ता चांदपोल बाजार में श्री प्रेमभाया सरकार के शाम 7.30 बजे से रात्रि 10.30 बजे तक फागोत्सव मनाया जाएगा। इस मौके पर भक्तों द्वारा फूलों की होली खेली जाएगी। समिति के अध्यक्ष विजय किशोर शर्मा ने बताया कि 16 फरवरी को शिवदासपुरा रोड स्थित मंदिर श्री प्रेमभाया सरकार हरियुगल विहार चंदलाई में शाम पांच से रात्रि से आठ बजे तक फागोत्सव मनाया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Feb 2025 11:09:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आराध्य गोविन्द देवजी और मोतीडूगंरी गणेश मंदिर में दर्शनों के लिए दिनभर उमड़े श्रद्धालु</title>
                                    <description><![CDATA[अंग्रेजी नव वर्ष का स्वागत गुलाबी नगरी के लोगों ने जयपुर के आराध्य देव गोविन्द देवजी, प्रथम पूज्य मोतीडूंगरी गणेश जी सहित अन्य मंदिरों के दर्शन करके किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/devotees-gathered-throughout-the-day-for-darshan-at-the-adorable/article-99352"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/5554-(9)1.png" alt=""></a><br /><p> जयपुर। अंग्रेजी नव वर्ष का स्वागत गुलाबी नगरी के लोगों ने जयपुर के आराध्य देव गोविन्द देवजी, प्रथम पूज्य मोतीडूंगरी गणेश जी सहित अन्य मंदिरों के दर्शन करके किया। इस दौरान लोगों ने भगवान का आशीर्वाद लेकर नए साल की शुरुआत की। मंदिरों में श्रद्धालुओं का सुबह से ही पहुंचना शुरू हो गया। गोविन्द देवजी की राजभोग झांकी में तो इतने श्रद्धालु उमड़े की परकोटे में जाम के हालात बन गए। बड़ी चौपड़ से गोविन्द देवजी मंदिर में आने-जाने वाले लोगों की इस कदर भीड़ रही कि यातायात जाम हो गया। ट्रेफिक रेंग-रेंग कर चलता रहा। आलम यह रहा कि पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं ने जल्दी दर्शन कर लिए, जबकि चौपहिया वाहनों से आने वाले लोग जाम में ही फंसे रहे। </p>
<p><strong>हर झांकी में समय बढ़ाया गया :</strong></p>
<p>मंदिर के सेवाधिकारी मानस गोस्वामी ने बताया कि दर्शनार्थियों की संख्या कई गुणा बढ़ने के कारण समय बढ़ाया गया था, लेकिन इसके बाद भी श्रद्धालुओं के आने से हर झांकी में समय बढ़ाया गया। राजभोग झांकी के पट बंद होने का समय 11.45 था, लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पट एक बजे मंगल किया। ग्वाल झांकी में पट फिर से खुलने से श्रद्धालु उमड़ पड़े। चांदपोल, सांगानेरी गेट, अजमेरी गेट से गोविंद देवजी मंदिर पहुंचने में एक घंटा लग गया। गाड़ियों के बजाय पैदल चलने वाले जल्दी मंदिर पहुंच गए।</p>
<p><strong>लाल प्याऊ पर सजाई झांकी :</strong></p>
<p>लाल प्याऊ स्थित शिव-हनुमान मंदिर में भगवान शिव की फूलों से झांकी सजाई गई और पोष बड़ों का भोग लगाकर भक्तों को पोष बड़ों का प्रसाद वितरित किया गया।</p>
<p><strong>मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में लगी लम्बी लाइनें :</strong></p>
<p>मोतीडूंगरी मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की सुबह ही लम्बी लाइनें लगने शुरू हो गई। मंदिर प्रशासन ने छह लाइनों में श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था की थी, लेकिन भारी भीड़ उमड़ने से महंत निवास से भी श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था की गई। महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि मंदिर ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए छह लाइनों में दर्शन की व्यवस्था की थी, लेकिन नए साल के प्रथम दिन बुधवार होने से श्रद्धालुओं का तांता मंगला आरती से शुरू हो गया। मोटे एक अनुमान के अनुसार छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। शर्मा ने बताया कि प्रथम पूज्य को स्वर्ण मुकुट धारण कराकर सिंहासन पर विराजमान किया गया। गढ़ गणेश मंदिर में भी भारी संख्या में भक्त प्रथम पूज्य के दर्शन करने पहुंचे। मंदिर महंत प्रदीप औदीच्य के सान्निध्य में गणेश जी महाराज का विशेष पूजन किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jan 2025 10:44:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>गोविन्ददेवजी के मंदिर में मंगला आरती से कतारों में लगे भक्त, रात 12 बजे 935 किलो पंचामृत से गोविंद का अभिषेक</title>
                                    <description><![CDATA[ब्रह्मपुरी और कंवर नगर की ओर से आए श्रद्धालुओं की निकास व्यवस्था चिंताहरण हनुमानजी मंदिर होते हुए जय निवास बाग पश्चिम द्वार से किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/devotees-queued-up-for-mangala-aarti-in-the-temple-of/article-88742"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rer-(1)17.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कान्हा के जन्मोत्सव पर शहर में आनंद का उल्लास छा गया। मंदिरों में मंगला के समय से भक्त गोविंद के दर्शन करने के लिए कतारों में लग गए। जयपुर के आराध्य देव राधागोविंद देवजी मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की, आनंद उमंग भयो जय हो नंद लाल की...नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे की गूंज मंदिरों में सुनाई है। बधाई है की पताकाओं से मंदिर के साथ शहर मथुरा-वृंदावन की तरह सजा हुआ था। </p>
<p>मंगला के समय झांकी के बाद अभिषेक कर राधागोविंद को पीत वस्त्र (पीले वस्त्र)धारण कराकर मनमोहक शृंगार किया गया। ठाकुरजी के मंगला से लेकर रात्रि गोविंदाभिषेक तक विविध विधियों से पूजन अर्चन शृंगार स्वर्णाभूषण और पोशाक बदली गई। देर रात तक 11 से 12 लाख श्रद्धालु दर्शनों को पहुंचे। घरों में लड्डू गोपाल का पंचामृत अभिषेक कर नई पोशाक धारण कराई गई। लड्डू गोपाल को पालने में झुलाया गया।  गोविंद देवजी मंदिर में रात 12 बजते ही एक के बाद एक 31 हवाई तोपों की गर्जना के साथ सलामी गूंजती रही। महंत अंजन कुमार गोस्वामी ने 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा, 11 किलो शहद से निर्मित पंचामृत से ठाकुरजी का अभिषेक किया। अभिषेक के बाद ठाकुरजी को पंजीरी, लड्डू, खिरसा, रबड़ी कुल्लड़ और माखन मिश्री का भोग लगाया गया। अभिषेक के बाद सभी भक्तों में निशुल्क पंचामृत एवं पंजीरी वितरण जय निवास बाग में बने प्रसादी मंच से किया गया। इसके पूर्व शालिग्राम जी का पांच द्रव्यों से पूजन किया। गोविंद जी मिश्र ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत <br />कथा का पाठ किया। 6 पंडितों ने वेदपाठ किया।</p>
<p><strong>तीन कतारों में रही दर्शन व्यवस्था</strong><br />सुबह मंगला झांकी से ही दर्शनार्थियों को बैरिकेटिंग से दर्शन व्यवस्था प्रारंभ कर दी गई। पासधारक, आमजन प्रवेश बिना जूता चप्पल, आमजन प्रवेश जूता चप्पल वालों के लिए तीन अलग-अलग लाइनों की व्यवस्था रही। सुबह पास धारकों की लाइन में ज्यादा भीड़ रही। जलेबी चौक से आए श्रद्धालुओं का जय निवास पूर्वी बाग गेट से निकास हुआ। ब्रह्मपुरी और कंवर नगर की ओर से आए श्रद्धालुओं की निकास व्यवस्था चिंताहरण हनुमानजी मंदिर होते हुए जय निवास बाग पश्चिम द्वार से किया गया।</p>
<p><strong>राधा गोपीनाथ जी ने पहनी 2.50 लाख की घड़ी</strong><br />राधा गोपीनाथ मंदिर में महंत सिद्धार्थ गोस्वामी की मौजूदगी में ठाकुरजी को जन्माष्टमी पर 2.50 लाख की हरे डायल की घड़ी धारण कराई गई। रात 12 बजे जन्माभिषेक किया गया। सुभाष चौक पानों का दरीबा सरस निकुंज में अलबेली माधुरी शरण महाराज की मौजूदगी में ठाकुर सरस बिहारी का वेदोक्त मंत्रोच्चार के साथ पंचामृत अभिषेक कर मनोरम शृंगार किया गया। जन्माष्टमी पर पद गाकर लाड़ लड़ाए गए। माखन मिश्री के साथ पंजीरी फल आदि का भोग अर्पित किया गया।     </p>
<p><strong>तीन हजार से अधिक कार्यकर्ताओं ने लगातार 24 घंटे संभाली कमान</strong><br />गोविंद देवजी मंदिर में जन्माष्टमी पर सेवा देने वाले कार्यकर्ता रविवार को देर रात 2.30 बजे मंदिर पहुंच गए और वहां पर व्यवस्थाएं संभाली और जन्माष्टमी के दिन रात को जन्मोत्सव के बाद 2.30 बजे अपने अपने घरों में पहुंचे। अभिषेक समाप्त होने तक की सभी व्यवस्थाएं पुलिस, स्काउट के साथ संभाली। शाम से लेकर रात को जन्माभिषेक तक भीड़ का दबदबा ज्यादा रहा। स्काउट ने लोगों को पानी पिलाया। 13 एलईडी पर श्रद्धालुओं ने गोविंद देवजी को करीब से बेहद करीब से निहारा। पुलिस प्रशासन की ओर से 8 से 10 मेटल डिटेक्टर लगाए गए। इसमें से होते हुए दर्शनार्थियों को प्रवेश दिया गया। चिह्नित जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए।</p>
<p><strong>दामोदर जी, लाड़ली जी और चरण मंदिर में दोपहर में हुआ अभिषेक</strong><br />छोटीकाशी के तीन मंदिरों में दोपहर 12 बजे भगवान कृष्ण का जन्माभिषेक किया गया। चौड़ा रास्ता स्थित राधा दामोदर मंदिर में महंत मलय गोस्वामी की मौजूदगी में ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक कर पंजीरी का भोग लगाया गया। इसके बाद नंदोत्सव मनाया गया। भक्तों ने बधाइयां गाई और उछाल लूटी। नाहरगढ़ पहाड़ी स्थित चरण मंदिर में दोपहर को ठाकुर जी के चरण चिन्हों का पूजन किया गया। धार्मिक मान्यता है कि भगवान कृष्ण यहां गोचारण करते थे। रामगंज बाजार के लाड़ली जी मंदिर डॉ. संजय गोस्वामी की मौजूदगी में ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक कर बधाई उत्सव मनाया गया। भक्तों को बधाई बांटी गई। मंदिर के  मुख्य द्वार पर हो रहे शहनाई वादन के बीच से आम श्रद्धालुओं के साथ गणमान्य लोग भी गोविंद के दर्शन करने के पहुंचे। इनमें उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, मुख्य सचिव सुधांश पंत, देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत, विधायक बालमुकुन्दाचार्य, विधायक गोपाल शर्मा, पूर्व सांसद रामचंद्र बोहरा समेत अनेक विशिष्टजनों ने ठाकुरजी के दर्शन किए।</p>
<p><strong>खोले के हनुमान मंदिर</strong><br />खोले के हनुमान मंदिर में नरवर आश्रम सेवा समिति की ओर से प्रेमभाया (राधाकृष्ण) मंदिर में जन्मोत्सव मनाया। रात्रि 10 बजे से राधाकृष्ण भगवान के पंचामृत, गंगाजल से स्नान कराकर चंदन का लेप किया। सायंकाल 8 बजे से भक्ति संगीत व प्रेमभाया के पदों को गायन किया गया। रात्रि 12 बजे कृष्ण भगवान का जन्म हुआ। जन्म के साथ ही मंदिर में झालर, शंख, नगाड़ों के साथ आतिशबाजी की। समिति के महामंत्री बृजमोहन शर्मा ने बताया कि प्रेमभाया मंदिर में छह माह पूर्व राधाकृष्ण की मूर्ति स्थापित की गई। </p>
<p><strong>कृष्ण-बलराम मंदिर में नंदलाल का भव्य स्वागत</strong><br />जगतपुरा स्थित श्रीकृष्ण बलराम मंदिर में जन्माष्टमी पर यशोदानंदन का भव्य अभिनन्दन किया गया। सुबह की मंगला आरती के साथ ही मंदिर में जन्माष्टमी महोत्सव की शुरुआत हुई। मंदिर के अध्यक्ष अमितासना दास ने जन्माष्टमी महोत्सव के आयोजन के बारे में बताया कि कृष्ण बलराम मंदिर में भगवान कृष्ण का स्वागत किया गया। भगवान ने सुनहरी रेशम की पौशाक धारण की। उन्हें 108 प्रकार के राज भोग अर्पित किए गए। हर अभिषेक के बाद मिष्ठान और माखन मिसरी का भोग लगाया। उन्हें चन्दन के तेल से पंचामृत स्नान करवाया। साथ ही फलों, फूलों और औषधियों से उनका अभिषेक किया। उनके श्रृंगार के लिए दक्षिण भारत और बेंगलुरु से विशेष प्रकार के चमेली, जूही, कमल, मोगरा और गेंदा के फूल मंगवाए गए। कृष्ण बलराम ने विशेष आभूषण धारण किए। मध्यरात्रि 12 बजे यशोदानंदन का अभिषेक हुआ। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Aug 2024 10:45:37 +0530</pubDate>
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                <title>गोविंद देव जी को पोशाक धारण करवाने के लिए भक्त करते है पूरे वर्ष प्रतीक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[ यह एकमात्र मंदिर है जहां बिना कोई रसीद काटे भक्त ऑनलाइन पोशाक कराकर ठाकुर जी को धारण कर सकते हैं । पोशाक पेमेंट भी ऑनलाइन ही कटता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/devotees-wait-the-whole-year-to-get-govind-dev-ji/article-82812"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/u1rer-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर के आराध्य गोविंद देव जी मंदिर में ऑनलाइन पोशाक की बुकिंग होती है। यह एकमात्र मंदिर है जहां बिना कोई रसीद काटे भक्त ऑनलाइन पोशाक कराकर ठाकुर जी को धारण कर सकते हैं । पोशाक पेमेंट भी ऑनलाइन ही कटता है। मंदिर से मिली जानकारी के मुताबिक ठाकुर जी को मंगला और राजभोग की झांकी में पोशाक धारण करवाई जाती है । पोशाक धारण कराने के तीन दिन बाद भक्तों को लौटा दी जाती है । यहां अभी करीब सालभर की वेटिंग चल रही है।</p>
<p><strong>विभिन्न राज्यों से आई सामग्री से बनी पोशाकें धारण करते है गोविंद देवजी<br /></strong>ठाकुर जी को मौसमों के हिसाब से हल्की एवं भारी पोशाक धारण कराई जाती है। इन पोशाकों को बनाने में काम आने वाला कपड़ा सुई धागा गोटा वर्क ईत्यादि समान विभिन्न राज्यों से मंगवाया जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Jun 2024 16:49:52 +0530</pubDate>
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