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                <title>electrical - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>मानसून की मोहलत कह रही सावधान, बारिश तेज हुई तो सड़क से लेकर बिजली तक बढ़ेगा खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[मानसून में करंट से पहले सुरक्षा का इंतजाम जरूरी, खुले ट्रांसफार्मर बन सकते हैं जानलेवा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-monsoon-s-delayed-arrival-serves-as-a-warning--if-rainfall-intensifies--risks-ranging-from-road-hazards-to-electrical-dangers-will-escalate/article-160025"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(1)52.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में मानसून दस्तक दे चुका है। आसमान में बादल छा रहे हैं, बारिश का मौसम भी बन रहा है, लेकिन अभी झमाझम बारिश का दौर शुरू नहीं हुआ है। मौसम की यह मोहलत प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए शहर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का आखिरी अवसर साबित हो सकती है। आने वाले दिनों में बारिश का दौर तेज हुआ तो शहर की कुछ बदहाल सड़कें, ब्रिजों के नीचे जलभराव और खुले विद्युत ट्रांसफार्मर लोगों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकते हैं। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर अभी से सड़क की स्थिति चिंता बढ़ा रही है। कहीं गिट्टी बिखरी पड़ी है तो कहीं छोटे-बड़े गड्ढे वाहन चालकों की राह मुश्किल कर रहे हैं। फिलहाल बारिश नहीं होने के कारण इन रास्तों से आवागमन हो रहा है, लेकिन लगातार बारिश शुरू होते ही यही छोटी खामियां बड़ी समस्या में बदल सकती हैं। गड्ढों में पानी भरने के बाद उनकी गहराई का अंदाजा नहीं रहता और दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।</p>
<p><strong>बारिश से पहले भरें गड्ढे, वरना पानी छिपा देगा खतरा</strong><br />मोहन टॉकीज रोड, नयापुरा से एरोड्रम जाने वाले मार्ग और छावनी से नयापुरा की ओर आने वाले रास्ते सहित शहर के कुछ प्रमुख मार्गों पर कहीं गिट्टी फैली हुई है तो कहीं सड़क पर गड्ढे नजर आ रहे हैं। इन मार्गों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में दोपहिया, चारपहिया और अन्य वाहन गुजरते हैं। अभी इन स्थानों की मरम्मत कर दी जाए तो लोगों को राहत मिल सकती है, लेकिन बारिश तेज होने के बाद मरम्मत कार्य करना भी मुश्किल हो सकता है।</p>
<p><strong>ब्रिज के नीचे पानी भरा तो थमेगी रफ्तार</strong><br />शहर में बने कुछ ब्रिजों के अंडरपास के नीचे बारिश के दौरान जलभराव की समस्या भी सामने आती रही है। तेज बारिश के बाद यदि पानी की निकासी समय पर नहीं हो तो कुछ ही देर में सड़क पर पानी जमा हो जाता है। इससे वाहन चालकों को रास्ता बदलना पड़ता है और यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। । नतीजा यह होता है कि कुछ घंटों की बारिश लोगों के लिए घंटों की परेशानी बन जाती है। यदि बारिश रात के समय हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में पंपिंग व्यवस्था, ड्रेनेज की सफाई और आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के इंतजाम पहले से तैयार रखना जरूरी है।</p>
<p><strong>खुले ट्रांसफार्मर पर सुरक्षा घेरा जरूरी, बारिश में बढ़ सकता है करंट का खतरा</strong><br />सड़कों और जलभराव के साथ शहर में खुले विद्युत ट्रांसफार्मर भी चिंता का विषय हैं। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर और विद्युत उपकरण खुले क्षेत्र में लगे हुए हैं। बारिश के दौरान आसपास पानी भरने या बिजली के तारों और उपकरणों में तकनीकी खराबी आने पर करंट का खतरा बढ़ सकता है। विशेष रूप से ऐसे स्थान जहां बच्चों, राहगीरों और पशुओं की आवाजाही अधिक रहती है, वहां सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है। सड़क के गड्ढे भरना, बिखरी गिट्टी हटाना, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करना और खुले ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित करना ऐसे काम हैं जिन्हें तेज बारिश से पहले पूरा किया जाना चाहिए।</p>
<p><strong>बारिश से पहले हो काम, बाद में केवल खानापूर्ति नहीं</strong><br />गड्ढे अभी दिखाई दे रहे हैं, बारिश में इनमें पानी भर जाएगा। तब वाहन चालक को पता ही नहीं चलेगा कि गड्ढा कितना गहरा है। प्रशासन को बारिश से पहले ही सड़कों की मरम्मत करनी चाहिए। सड़क पर फैली गिट्टी दोपहिया वाहन चालकों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक है। बारिश में सड़क गीली होने पर वाहन फिसलने का डर रहता है। इसे समय रहते हटाया जाना चाहिए। हर साल तेज बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव की समस्या सामने आती है। यदि नालियों और ड्रेनेज की सफाई पहले ही हो जाए तो लोगों को काफी राहत मिल सकती है। खुले ट्रांसफार्मर बारिश के दिनों में बड़ा खतरा बन सकते हैं। विद्युत विभाग को ऐसे स्थानों की पहचान कर सुरक्षा जाली और अन्य इंतजाम करने चाहिए।”<br /><strong>-राहुल शर्मा, वाहन चालक</strong></p>
<p><strong>बारिश का इंतजार क्यों?</strong><br />मानसून आ चुका है और तेज बारिश का दौर कभी भी शुरू हो सकता है। विभागों के सामने सवाल साफ हैं—क्या सड़कों के गड्ढे बारिश से पहले भरे जाएंगे? क्या बिखरी गिट्टी हटेगी? क्या ब्रिजों के नीचे जल निकासी की जांच होगी? क्या खुले ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित किया जाएगा? अभी कार्रवाई हुई तो शहर को बड़ी परेशानी से बचाया जा सकता है। यदि इंतजार तेज बारिश और शिकायतों का किया गया तो लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी और विभागों को फिर आपातकालीन मरम्मत में जुटना होगा। बारिश कब होगी, यह मौसम तय करेगा, लेकिन शहर बारिश के लिए कितना तैयार होगा, यह जिम्मेदार विभागों को तय करना है।<br /><strong>-हरपाल सिंह राणा, शहरवासी</strong></p>
<p>बारिश के मौसम को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई और संभावित जलभराव व आपात स्थितियों से निपटने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। निगम व केडीए प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रहते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।<br /><strong>-पीयूष समारिया, जिला कलक्टर कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 15:09:13 +0530</pubDate>
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                <title>गोपाल निवास बाग बदहाल : खुले बिजली बोर्ड, अंधेरा और अव्यवस्था से बढ़ा खतरा, पार्क में  लगे सोलर पैनल बने  शोपीस </title>
                                    <description><![CDATA[हरियाली और आकर्षक नर्सरी के लिए जाना जाने वाला पार्क हुआ जर्जर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/gopal-niwas-bagh--a-dilapidated-park--dangers-exacerbated-by-open-electrical-wiring--darkness--and-clutter--solar-panels-in-the-park-become-mere-showpieces/article-134953"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के नयापुरा क्षेत्र में स्थित गोपाल निवास बाग इन दिनों अपनी बदहाल व्यवस्था के कारण लोगों की चिंता का विषय बना हुआ है। कभी इस क्षेत्र का आकर्षण रहा यह पार्क अब लापरवाही और अव्यवस्था की वजह से खतरों का गढ़ बनता जा रहा है। पार्क में खुले पड़े बिजली के बोर्ड लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इस पार्क में टहलने आते हैं, ऐसे में खुले बिजली बोर्ड किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। वहीं जगह जगह फैला कचरा पार्क की सुन्दरता को दाग लगा रहा है।</p>
<p><strong>अंधेरे में डूबा पार्क, असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ा</strong><br />शाम ढलते ही पार्क में अंधेरा छा जाता है। लाइट की कोई भी सुविधा उपलब्ध न होने से पार्क पूरी तरह काला हो जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस अंधेरे का फायदा उठाकर कई बार असामाजिक तत्वों द्वारा छीना-झपटी और लूट जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं। लोग भय के कारण शाम के बाद पार्क में जाना बंद कर रहे हैं।</p>
<p><strong>बच्चों के झूले टूटे, फव्वारे बंद,नर्सरी जर्जर</strong><br />गोपाल निवास बाग में बच्चों के लिए लगाए गए झूले लंबे समय से टूटे पड़े हैं। परिवार लेकर आने वाले लोगों को यहां बच्चों के मनोरंजन की कोई सुविधा नहीं मिलती। पार्क की शोभा बढ़ाने वाले फव्वारे भी बंद पड़े हैं, जिनके कारण पार्क की सुंदरता पूरी तरह फीकी पड़ चुकी है। पहले जो पार्क हरियाली और आकर्षक नर्सरी के लिए जाना जाता था, आज जर्जरता का प्रतीक बन गया है।</p>
<p> <strong>रखरखाव में शून्य व्यवस्था</strong><br />पार्क में ऊर्जा बचत के लिए लगाए गए सोलर पैनल भी अब केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। न तो उनका रखरखाव हो रहा है और न ही उनसे पार्क को रोशनी मिल पा रही है। इससे साफ है कि पार्क की मरम्मत और देखरेख को लेकर जिम्मेदार विभाग गंभीर नहीं है।</p>
<p><strong>शहर के नागरिकों का कहना</strong><br />पार्क में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं होने से हादसों और आपराधिक गतिविधियों की आशंका लगातार बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने पार्क प्रबंधन से मरम्मत, रोशनी की व्यवस्था, सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति तथा बच्चों के खेल उपकरणों की पुनर्स्थापना की मांग की है। लोगों का कहना है, कि अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो यह पार्क अपनी उपयोगिता और पहचान दोनों खो देगा।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />विद्युत विभाग को सूचना प्रेषित कर दी गई है, जिसके अनुसार आगामी 2,3 दिनों में लाइटिंग व्यवस्था पूर्ण रूप से सुचारू का दी जाएगी । वहीं 10-15 दिनों के भीतर पार्क में संपूर्ण व्यवस्थाओं को दुरूस्त कर दिया जाएगा, ताकि आने वाले प्रत्येक आगंतुक को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।<br /><strong>- मनीष कुमार मीणा, अधिशासी अभियंता उद्यान, कोटा विकास प्राधिकरण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Dec 2025 15:20:05 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण  वार्ड 78 में पार्किंग बनी चुनौती, खुले बिजली बॉक्स दे रहे हादसों को न्यौता</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कें बनी परेशानी का सबब।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/parking-has-become-a-challenge-in-kota-south-ward-78--with-exposed-power-boxes-inviting-accidents/article-127191"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)14.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के दक्षिण नगर निगम के वार्ड 78 में पार्षद द्वारा समय-समय पर किए गए विकास कार्यों से वार्डवासियों को राहत मिली है। सीसी रोड और नालियों का निर्माण, पार्कों का जीर्णोद्धार, रेलिंग लगवाना, फुटपाथ का निर्माण, पेड़-पौधों की रोपाई और ओपन जिम की सुविधाओं की व्यवस्था जैसी सुविधाओं से वार्ड की तस्वीर बदल गई है। वार्डवासी दिनेश कुमार और देशराज ने बताया कि वार्ड में प्रतिदिन सफाई होती है और रोज कचरा गाड़ी आती है। इसके अलावा, बारिश से खराब हुई रोड लाइटों को ठीक करवा दिया गया है, जिससे अब वार्डवासियों को अंधेरे या दुर्घटना जैसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। हालांकि, वार्ड की गलियों में घरों के सामने फोर व्हीलर गाड़ियां खड़ी होने के कारण कभी-कभी आमने-सामने से गाड़ी आने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को लेकर वार्डवासियों ने उचित पार्किंग व्यवस्था की आवश्यकता जताई है।</p>
<p><strong>खुले बिजली पैनल बॉक्स से हादसे की आशंका</strong><br />गलियों के मुहाने व पार्कों में लगे बिजली के खुले पैनल बॉक्स से आने-जाने वाले राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। साथ ही पार्क में घूमने आने वाले अभिभावकों ने बताया कि बिजली का पैनल बॉक्स खुला होने के कारण हादसा होने का अंदेशा बना रहता है।</p>
<p><strong>सफाई व्यवस्था चकाचक</strong><br />वार्ड की गलियों में रोज सफाई होने व प्रतिदिन कचरा गाड़ी समय पर आने के कारण वार्डवासियों को सफाई व कचरा डालने के लिए परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।</p>
<p><strong>पार्क बदहाली के शिकार</strong><br />वार्ड में स्थित श्रीकृष्ण उद्यान पार्क में लगे बच्चों के खेलने के झूले व चकरी टूटी हुई थी। वहीं उद्यान में एक तरफ घास-फूस जमा कर रखी थी। शुभम स्पोर्ट्स क्लब में बारिश के बाद घास बड़ी-बड़ी हो रही थी। पार्क में लगी मशीनों पर बच्चे एक्सरसाइज कर रहे थे। पार्कों में पेड़ों से टूटी पत्तियां जगह-जगह बिखरी हुई थीं।</p>
<p>वार्ड में सफाई प्रतिदिन सुबह व शाम को होती है और कचरा गाड़ी भी प्रतिदिन समय पर आती है।<br /><strong>- बाबूलाल, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में सफाई व्यवस्था व रोड लाइटों की समस्याओं को लेकर समय-समय पर पार्षद को अवगत कर देते हैं व वार्ड पार्षद द्वारा भी निरीक्षण किया जाता है।<br /><strong>- मोहनलाल मालव, वार्डवासी</strong></p>
<p>पार्कों के टूटे झूले व अन्य उपकरणों के लिए टेंडर हो गया व रोड के पेचवर्क के लिए टेंडर हो गया, अभी काम चालू हो जाएगा।<br /><strong>- गोपाल राम मंडा, पार्षद 78</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Sep 2025 14:41:36 +0530</pubDate>
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                <title>बारिश में सावधानी बरतें, ना करें विद्युत तंत्र से छेड़छाड़</title>
                                    <description><![CDATA[विद्युत उपभोक्ता व आमजन कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखते हुए सावधानी बरतें तो बरसात के दौरान होने वाले विद्युत जनित हादसों से होने वाली जान-माल की हानि को टाला जा सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/be-careful-in-rain-do-not-tamper-with-the-electrical/article-83194"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/electricity-6.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बारिश के मौसम में विद्युत आपूर्ति में व्यवधान होने व अन्य तकनीकी फॉल्ट पर विद्युत उपभोक्ता व आमजन को स्वयं के स्तर पर विद्युत तंत्र से छेड़छाड़ का प्रयास नहीं करना चाहिए बल्कि डिस्कॉम के कॉल सेन्टर और अन्य ऑन लाइन माध्यम पर शिकायत दर्ज करवानी चाहिए। विद्युत उपभोक्ता व आमजन कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखते हुए सावधानी बरतें तो बरसात के दौरान होने वाले विद्युत जनित हादसों से होने वाली जान-माल की हानि को टाला जा सकता है। </p>
<p><strong>ये बरतें सावधानी</strong><br />- बिजली के खंभे, वितरण बॉक्स, अर्थिंग वायर, बिजली लाइन एवं ट्रांसफार्मर से छेड़छाड़ का प्रयास नहीं करना चाहिए। कहीं पर भी चिंगारी उठ रही हो, कोई तार टूट जाए, किसी पोल या अर्थिंग सेट में करंट आ रहा हो तो तुरन्त डिस्कॉम के अधिकारियों या कर्मचारियों को सूचना दें।<br />-  बिजली के खम्भों से पशुओं को न बांधें व बिजली की लाइनों के नीचे कोई भी वाहन खड़ा करने से बचें। पशुओं के तबेलों के आसपास बिजली आपूर्ति के लिए वायरिंग खुली नहीं हो एवं वायरिंग पीवीसी पाइप में उचित तरीके से स्थापित की गई हो।<br />-हार्वेस्टर मशीन, जेसीबी मशीन, बोरवेल मशीन, भूसा गाड़ी, ट्रेक्टर, ट्रक, बसों की छत पर बैठे व्यक्ति ऊपर से गुजर रही 33/11 एलटी लाइन से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। <br />- छत पर या आसपास से गुजरती हुई बिजली की लाइन से छेडछाड़ की कोशिश ना करें।</p>
<p><strong>यहां दर्ज कराएं शिकायत</strong><br /><strong>जयपुर डिस्कॉम: </strong>टोल फ्री नंबर 18001806507, टेलिफोन नम्बर 0141-2203000 एवं आईवीआरएस 1912 पर एवं मोबाइल नम्बर 9414037085 पर अपना सम्पूर्ण पता मय बिल में अंकित 12 अंको का के-नम्बर टाइप कर शिकायत मैसेज एवं व्हाट्सएप द्वारा भी दर्ज करवा सकते है। <br /><strong>अजमेर डिस्कॉम: </strong>अजमेर डिस्कॉम क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ता केन्द्रीकृत कॉल सेंटर के टोल फ्री नम्बर 18001806565 पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।<br /><strong>जोधपुर डिस्कॉम: </strong>जोधपुर डिस्कॉम क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ता केन्द्रीकृत कॉल सेंटर के टोल फ्री नम्बर 18001806045 पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Jun 2024 12:12:19 +0530</pubDate>
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