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                <title>Democratic Party - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अमेरिकी मानवाधिकार कार्यकर्ता जेसी जैक्सन का 84 साल की उम्र में निधन, राष्ट्रपति पद के लिए भी लड़ चुके थे चुनाव</title>
                                    <description><![CDATA[मार्टिन लूथर किंग के सहयोगी और प्रमुख अमेरिकी नागरिक अधिकार नेता जेसी जैक्सन का मंगलवार को निधन हो गया। दो बार राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल रहे जैक्सन ने आजीवन समानता और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/american-civil-rights-leader-jesse-jackson-dies-at-the-age/article-143561"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/us.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के नागरिक अधिकार नेता, मार्टिन लूथर किंग के सहयोगी और डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जेसी जैक्सन का मंगलवार को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। जैक्सन परिवार के बयान में कहा गया, जैक्सन मंगलवार सुबह अपने परिवार के बीच शांति से गुजर गए। न्याय, समानता और मानवाधिकारों के लिए उनके पक्के इरादे ने आजादी और सम्मान के लिए दुनिया भर में चल रहे आंदोलन को हिला दिया। </p>
<p>जैक्सन एक जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता थे। उन्होंने 1984 और 1988 में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के लिए दो बार चुनाव लड़ा था। आठ अक्टूबर 1941 को ग्रीनविल, दक्षिण कैरोलिना में जन्मे जैक्सन कम उम्र में ही राजनीति में शामिल हो गये थे। वह 1960 के दशक में मार्टिन लूथर किंग के सदर्न क्रिश्चियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस के लीडर के तौर पर मशहूर हुए। जब किंग की 1968 में मेम्फिस, टेनेसी में हत्या हुई, तो वह उनके साथ मौजूद थे। </p>
<p>उन्होंने 1971 में ऑपरेशन पुश और 1983 में नेशनल रेनबो कोएलिशन सहित दो सामाजिक न्याय संगठन शुरू किये। जैक्सन बाद की जिंदगी में भी एक मानवाधिकार कार्यकर्ता बने रहे। उन्होंने अमेरिका और विदेशों में वंचित समूहों के लिए नागरिक अधिकारों की मांग लगातार जारी रखी। </p>
<p>जैक्सन के परिवार में उनकी पत्नी जैकलीन, उनके बच्चे सैंटिटा, जेसी जूनियर, जोनाथन, यूसेफ, जैकलीन, एश्ले जैक्सन और पोते-पोतियां हैं। परिवार ने अपने बयान में कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रम शिकागो में होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 18:01:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिकी सांसद इल्हान उमर पर संदिग्ध व्यक्ति ने फेंका तरल पदार्थ, हमलावर गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका में डेमोक्रेट सांसद इल्हान उमर पर टाउन हॉल संबोधन के दौरान अज्ञात तरल से हमला हुआ। वह सुरक्षित रहीं। पुलिस ने हमलावर को गिरफ्तार कर जांच शुरू की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/suspicious-person-throws-liquid-on-us-mp-ilhan-omar-attacker/article-141076"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(7)3.png" alt=""></a><br /><p>अमेरिका। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद इल्हान उमर पर एक अज्ञात व्यक्ति ने उस समय हमला किया जब वो एक टाउन हॉल में लोगों को संबोधित कर रहीं थीं। जानकारी के अनुसार, उन पर हमलावर ने अज्ञात पदार्थ फेंका इससे उनको कोई नुकसान नहीं पहुंचा हैं लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर एक सवाल खड़ा हो गया है। इस हादसे के बाद पुलिस ने हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।</p>
<p>दरअसल, सांसद इल्हान उमर इस महीने ट्रंप के आईसीई एजेंट ने मिनियापोलिस में एक महिला की गोली मारकर हत्या दी थी उस पर लोगों को संबोधित कर रही थी कि तभी एक अज्ञात व्यक्ति आया और उसने उन पर अज्ञात तरल पदार्थ फेंका, जिससे वो घबरा गई और पूरे माहौल में अफरा तफरी मच गई। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को इसके बारे में बताया और पुलिस ने उस हमलावर को गिरफ्तार किया। बता दें कि इस हमले से पहले सांसद इल्हान उमर आईसीई की खत्म करने और होम मिनिस्टर क्रिस्टी नोएम को अपने पद से इस्तीफा देने की मांग कर रही थी।</p>
<p>पुलिस ने जानकारी देते हुए बता कि हमलावर ने काले रंगे की जैकेट पहन रखी थी और उसके हाथ में एक सिरिंज भी थी और उसी सीरिंज से उसने सांसद इल्हान उमर पर हमला किया। बता दे कि इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे हमलावर ने संबोधन के दौरान सांसद इल्हान उमर पर हमला किया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 15:34:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दक्षिण कोरिया की संसद ने यून-उनकी पत्नी की जांच के लिए विशेष अभियोजक विधेयक को दी मंजूरी, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण कोरिया की नेशनल असेंबली ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल और उनकी पत्नी के खिलाफ मार्शल लॉ और भ्रष्टाचार की जांच के लिए नया विशेष अभियोजक विधेयक पारित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/south-koreas-parliament-approves-special-prosecutor-bill-to-investigate-yoon/article-139840"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/south-korea.png" alt=""></a><br /><p>सोल। दक्षिण कोरिया की नेशनल असेंबली ने शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल और उनकी पत्नी किम कोन-ही के खिलाफ जांच जारी रखने के लिए एक नया व्यापक विशेष अभियोजक विधेयक पारित किया। दक्षिण कोरिया की योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह विधेयक सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ कोरिया की ओर से पेश किये जाने के बाद नेशनल असेंबली के पूर्ण सत्र में पारित किया गया। इस विधेयक का उद्देश्य उन अनसुलझे मुद्दों और नये उठे संदेहों पर विचार करना है, जिनकी पिछले तीन विशेष अभियोजक टीमों ने ठीक से जांच नहीं की थी और जिनकी जांच अब समाप्त हो चुकी है।</p>
<p>बता दें कि यह विधेयक 2024 में तीन दिसंबर की आपातकालीन मार्शल लॉ घटना से संबंधित विद्रोह और बाहरी ताकतों के साथ मिलीभगत के आरोपों के साथ-साथ पूर्व राष्ट्रपति दंपति से जुड़े चुनाव में हस्तक्षेप और सत्ता के दुरुपयोग के विभिन्न संदेहों की व्यापक जांच पर केंद्रित है। यह विधेयक गुरुवार को विचार-विमर्श के लिए नेशनल असेंबली में पेश किया गया था। </p>
<p>देश की मुख्य रूढि़वादी विपक्षी पार्टी पीपल्स पावर पार्टी ने इस विधेयक की आलोचना करते हुए इसे रूढि़वादी ताकतों को दबाने के उद्देश्य से राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम बताया और इसे पारित होने से रोकने की कोशिश की। नतीजतन, यह विधेयक शुक्रवार को पारित हो गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 17:21:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजनीतिक एजेंडे का केन्द्र प्रेसिडेंशियल डिबेट</title>
                                    <description><![CDATA[यह दूसरी प्रेसिडेंशियल डिबेट थी। इससे पहले 27 जून को मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन और ट्रंप के बीच पहली डिबेट हुई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/presidential-debate-center-of-political-agenda/article-90854"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/27rtrer-(18).png" alt=""></a><br /><p>अमेरिकी गणतंत्र के 47 वें राष्ट्रपति के लिए चुनावी मुकाबला आहिस्ता-आहिस्ता अंतिम दौर की ओर बढ रहा हैं। चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से कमला हैरिस मैदान में है। कमला भारतीय मूल की नेता हैं और मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन की सरकार में उपराष्ट्रपति के पद पर कार्यरत हैं। दोनों प्रत्याशियों के बीच चुनाव को लेकर तल्खी इस कदर बढ़ चुकी है कि पिछले सप्ताह हुई दूसरी प्रेसिडेंशियल बहस में दोनों प्रत्याशियों ने एक दूसरे पर जमकर निशाना साधा। फिलाडेल्फिया की एक प्रसिद्ध विश्वविद्यालय में रखी गई डिबेट में दोनों प्रत्याशियों ने गर्भपात, गन कंट्रोल, राष्ट्रीय कर्ज, स्वास्थ्य व सामाजिक लाभ, इमिग्रेशन, अर्थव्यवस्था व विदेश नीति से संबंधित अपने-अपने दृष्टिकोण से अमेरिकी जनता को परिचित कराया। डिबेट के बाद हुए सर्वे में 63 फीसदी लोगों ने कहा कि कमला ने ट्रंप से बेहतर परफॉर्म किया जबकि 37 फीसदी लोग ही ट्रंप की परफॉर्मेंस से खुश दिखे। चुनाव का फैसला करने वाले सात राज्यों यानी स्विंग स्टेटस में भी कमला को ट्रंप के साथ या तो बराबरी की स्थिति में या उनसे थोड़ा आगे दिखाया गया है। अमेरिका की पहली महिला राष्ट्रपति बनने की दावेदारी पेश करने वाली कमला में लोगों को एक सभ्य और शालीन देश के राष्ट्रपति की छवि नजर आ रही हैं। चुनाव 5 नवंबर को होने है।<br />अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में प्रैसिडेशियल डिबेट की बड़ी अहम भूमिका होती है। चुनाव के दौरान होने वाली इस तरह कि डिबेट में प्रत्याशी अपना चार वर्ष का एजेंडा व अमेरिका के प्रति अपना विजन मतदाताओं के समक्ष रखते हैं। चुनावी घोषणा-पत्र की तरह काम करने वाली इस तरह की डिबेट पर न केवल अमेरिकी मतदाता बल्कि दुनिया के दूसरे देश भी टकटकी लगाए रखते है।  </p>
<p>यह दूसरी प्रेसिडेंशियल डिबेट थी। इससे पहले 27 जून को मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन और ट्रंप के बीच पहली डिबेट हुई। इस डिबेट में जो बाइडन कमजोर साबित हुए। उन्होंने ट्रंप को हर मोर्चे पर घेरने की कोशिश की। डिबेट के आंरभ में जब ट्रंप कमला पर भारी पड़ते दिखे तो कमला ने पूरे आत्मविश्वास के साथ दो टूक कह दिया कि वह न तो बाइडेन है और ना ही ट्रंप। वह कमला हैरिस है, जिसके पास ऐसा प्लान है जो नए अमरिका का रास्ता खोलेगा। हैरिस के इस आत्मविश्वास और बेबाकपन को दर्शकों ने खूब पसंद किया। कमला ने पूरी बहस पर अपना कंट्रोल बनाए रखा। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बहस को 6.75 करोड़ लोगों ने देखा। भले ही बाइडन के खिलाफ  बहस में ट्रंप हावी दिखे, लेकिन दूसरी बहस में कमला ने ट्रंप पर बढ़त बना ली। बहस के दौरान अमेरिका के लोगों को कमला की बाते अधिक पंसद आई। हालांकि, ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने मंगलवार को हैरिस के साथ बहस में जीत हासिल की है। उन्होंने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि जब कोई पेशेवर पहलवान लड़ाई हार जाता है तो उसे मुंह से निकलने वाले पहले शब्द होते है मैं दोबारा मुकाबला चाहता हूं।</p>
<p>बहस के दौरान ट्रंप ने दावा किया है कि वह एक दिन में रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करवा सकते हैं। लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया की युद्ध रोकने के लिए उनके पास कौनसी जादुई छड़ी है। पश्चिम एशिया भी हिंसा की गिरफ्त में है। ताइवान पर चीन के आक्रमण के हालात में ट्रंप पास क्या योजना है। यद्यपि विदेश नीति के मामले में ट्रंप के दृष्टिकोण से अमेरिकी सहमत है पर महिलाओं, अप्रवासियों व विस्थापितों के प्रति उनका नजरिया बेहद प्रतिक्रियात्मक रहा है जिसे अमेरिका जैसे मजबूत लोकतांत्रिक राष्ट्र के राष्ट्राध्यक्ष पद के अनुरूप नहीं कहा जा सकता है। कमला ने कई बार कहा कि ट्रंप के पास कोई प्लान नहीं है। वह केवल अपनी और अमीरियत की बाते करते हैं। बहस के अंत में ट्रंप ने बाइडेन को इतिहास का सबसे खराब राष्ट्रपति और कमला को सबसे खराब उपराष्ट्रपति बताया। पूर्व राष्ट्रपति ने बाइडेन-हैरिस प्रशासन पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने देश को नष्ट कर दिया है। लाखों अपराधी और मानसिक रूप से विक्षिप्त लोग पूरी तरह से अनियंत्रित और बिना जांच के अमेरिका में घुस रहे हैं और मुद्रास्फीति ने हमारे मध्यम वर्ग को दिवालिया बना दिया है। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बहस को 6.75 करोड़ लोगों ने देखा। भले ही बाइडन के खिलाफ  बहस में ट्रंप हावी दिखे, लेकिन दूसरी बहस में कमला ने ट्रंप पर बढ़त बना ली। बहस के दौरान अमेरिका के लोगों को कमला की बाते अधिक पंसद आई। कमला को बहस के बाद बने माहौल का भी फायदा मिला। बहस के 24 घंटे के अंदर ही उन्होंने 47 मिलियन अमेरिकी डॉलर का चंदा मिला। उम्मीदवारी के ऐलान के बाद से यह उनकी अब तक की सबसे मजबूत फंडरेजिंग परफॉर्मेंस है। कमला हैरिस की मजबूत उम्मीदवारी के बाद उनकी जीत का अंतराल कम होता दिख रहा है। हालांकि चुनाव सर्वे में ट्रंप अभी भी आगे दिख रहे हैं। लेकिन दोनों ही प्रत्याशियों की स्थिति ऐसी नहीं है कि भारी अंतराल से जीत की भविष्यवाणी की जा सके। चुनाव का परिणाम चाहे जो भी आए, लेकिन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और सैन्य शक्ति वाले देश में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे दुनिया के लिए निर्णायक होंगे।</p>
<p><strong>-डॉ.एन.के.सोमानी</strong><br /><strong>ये लेखक के अपने विचार हैं।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Sep 2024 11:41:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Democratic Partyके उम्मीदवार में नहीं होगा बदलाव, जो बाइडन बोले-मैं हार नहीं मानूंगा</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति जो बाइडन ने डेमोक्रेटिक प्रेसिडेंशियल प्राइमरी में जीत हासिल कर ली है। 29 जून तक उनके पास 3,894 प्रतिनिधि थे, जबकि नामांकन के लिए 1,975 प्रतिनिधियों की आवश्यकता थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/there-will-be-no-change-in-the-democratic-partys-candidate/article-83299"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/joe-biden.png1.png3.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अटलांटा में प्रेसिडेंशियल डिबेट में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के खराब प्रदर्शन के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के अंदर और अमेरिकी मीडिया में बाइडन को राष्ट्रपति पद की दौड़ से हटने की मांग बढ़ रही है। हालांकि, 81 वर्षीय जो बाइडन और उनके कैंपेनर ने कहा है कि वह हार नहीं मानने वाले। वे पांच नवंबर के राष्ट्रपति चुनावों में सफलतापूर्वक भाग लेने के लिए तैयार हैं। चुनावी अभियान का नेतृत्व करने वालों का कहना है कि बाइडन डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार हैं। उम्मीदवार में कोई बदलाव नहीं होगा।<br /><br />अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति जो बाइडन ने डेमोक्रेटिक प्रेसिडेंशियल प्राइमरी में जीत हासिल कर ली है। 29 जून तक उनके पास 3,894 प्रतिनिधि थे, जबकि नामांकन के लिए 1,975 प्रतिनिधियों की आवश्यकता थी। ये प्रतिनिधि पांच नवंबर के राष्ट्रपति चुनावों के लिए प्राइमरी के विजेता को औपचारिक रूप से नामांकित करने के लिए 19 से 22 अगस्त तक शिकागो में मिलेंगे। व्हाइट हाउस में दूसरे कार्यकाल के लिए प्रयासरत जो बाइडन अटलांटा में गुरुवार रात अपने पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान लड़खड़ाते दिखे, शीर्ष डेमोक्रेट्स के बीच खतरे की घंटी बज गई कि क्या वह ट्रंप को हरा पाएंगे। हालांकि, उनके करीबी बाइडन के पक्ष में खड़े हैं। एक सर्वे में कहा गया है कि बहस के बाद 10 प्रतिशत स्वतंत्र मतदाता बाइडन की ओर चले गए हैं। जो बाइडन ने कहा कि जैसा कि बराक (ओबामा) ने बताया, यह मेरी अब तक की सबसे अच्छी बहस नहीं थी। मैं बहस के बाद की चिंता को समझता हूं। मैं और कड़ी लड़ाई लड़ूंगा। उन्होंने कहा कि मेरी रात बहुत अच्छी नहीं रही, लेकिन ट्रंप की भी नहीं रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jul 2024 11:31:57 +0530</pubDate>
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