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                <title>rainwater - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>rainwater RSS Feed</description>
                
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                <title>असर खबर का : बांडी खाली नाले पर उच्च क्षमता की नई पुलिया का निर्माण शुरू, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[लंबे समय तक बरसाती पानी बहने के कारण यह  पुलिया बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-report--construction-begins-on-new--high-capacity-culvert-over-the-bandi-khali-stream/article-147584"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(2)39.png" alt=""></a><br /><p>भंडेडा। क्षेत्र में बांसी-देई मुख्य मार्ग पर स्थित बांडी खाली नाले की क्षतिग्रस्त पुलिया के स्थान पर अब उच्च क्षमता की नई पुलिया का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। लंबे समय से खराब पड़ी इस पुलिया के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को खतरे के बीच आवागमन करना पड़ रहा था, लेकिन अब निर्माण कार्य शुरू होने से जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार भैरव बाबा के निकट स्थित इस पुलिया के ऊपर से लंबे समय तक बरसाती पानी बहने के कारण यह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बावजूद लोग जोखिम उठाकर यहां से गुजरने को मजबूर थे। कई बार वाहन चालक नाले में गिरकर घायल भी हो चुके थे और लगातार अनहोनी का डर बना रहता था। बरसात के दौरान पुलिया पर तीन-चार फीट तक पानी का बहाव रहता था, जिससे मार्ग भी कई दिनों तक बंद रहता था। पूर्व में इसी नाले में तेज बहाव के दौरान जेसीबी सहित तीन लोग बह गए थे, जिनमें एक मजदूर की मृत्यु हो गई थी। </p>
<p>इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित हुआ। जनहित को देखते हुए विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए यहां उच्च क्षमता की पुलिया निर्माण कार्य शुरू करवा दिया है। पुलिया के निर्माण के बाद इस मुख्य मार्ग से आवागमन करने वाले राहगीरों, गणेश कॉलोनी एवं बांसी क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। स्थानीय लोगों ने समस्या उठाने पर आभार व्यक्त किया है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 17:22:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 70- नालियों का ढकान व चैंबर बने परेशानी, बारिश का पानी भरा रहता है रोड पर </title>
                                    <description><![CDATA[वार्ड में कुछ खाली प्लॉट हैं जिन्हें वार्डवासियों ने कचरा स्थल बना रखा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-70---drain-covers-and-chambers-pose-a-problem--with-rainwater-accumulating-on-the-road/article-128954"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news23.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के नगर निगम दक्षिण के वार्ड 70 में पार्षद द्वारा बोर्ड की बैठकों में वार्ड में विकास करने के लिए समय-समय पर आवाज मुखर की गई। वार्ड में पिछले दिनों पार्षद द्वारा सीसी नालियों का निर्माण करवाना, रोड बनवाना सहित अन्य विकास के कार्य करवाए गए। वार्डवासियों ने बताया कि पिछले दिनों सीसी रोड निर्माण के दौरान वार्ड की नालियों पर जो ढकान किया गया है, वह बारिश के समय हमारे लिए मुसीबत बन गया है क्योंकि इनमें कहीं से नालियों में पानी जाने की व्यवस्था नहीं की गई। जिससे बारिश का पानी रोड पर ही बहता है व घरों के सामने ही इकट्ठा हो जाता है, जिससे दिक्कत आती है। वार्ड के पार्कों में बच्चों के खेलने के लगे झूले-चकरी व ओपन जिम के आइटम भी टूटे हुए हैं, जिससे बच्चों को मायूस होकर मजबूरन अन्य पार्कों में जाना पड़ता है।</p>
<p><strong>ऊंचे नीचे  चैंबर </strong><br />पिछले दिनों जब वार्ड में सीवरेज लाइन डाली गई उस दौरान ठेकेदार ने रोड की खुदाई करके सीवरेज लाइन तो डाल दी, उसके बाद सीवरेज के चैंबर रोड से कहीं नीचे तो कहीं ऊँचे हो गए, जिससे राहगीरों को अब परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>खाली प्लॉट बने परेशानी</strong><br />वार्ड में आबादी क्षेत्र के बीच में कुछ खाली प्लॉट पड़े हुए हैं, जिनमें वार्डवासियों द्वारा कचरा डाला जाता है, जो आसपास रहने वालों के लिए अब परेशानी का कारण बने हुए हैं। वार्डवासी दिलीप व नितेश ने बताया कि खाली प्लॉट में कचरा डालने से दिनभर इनमें पशु मुँह मारते हैं व कई बार इनमें से जीव-जंतु भी निकलते हैं, जिससे डर का माहौल बना रहता है।</p>
<p><strong>ढकान बना मुसीबत</strong><br />वार्ड में पिछले दिनों किया गया नालियों का ढकान अब वार्डवासियों के लिए मुसीबत का कारण बना हुआ है। वार्डवासी दिनेश व अभय कुमार ने बताया कि बीती रात को हुई बारिश का पानी नालियों पर ढकान होने के कारण अब नालियों में नहीं जा रहा है। पानी सड़क पर ही बहता है, जब बाइक सवार निकलता है तो आसपास खड़े रहने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />महावीर नगर तृतीय सेक्टर 01 व 04, पराजित सेक्टर 10 व 11 का क्षेत्र। </p>
<p>नालियों का ढकान किया गया जब नाली के गंदे पानी को पास के ही नाले में मिलाया गया, पर अधिकतर बार नाला ओवरफ्लो होने से नाले का पानी ऊपर आ जाता है, जिससे परेशानी आती है।<br /><strong>- भानू कुमार</strong></p>
<p>गली की रोड लाइट बंद होने से अंधेरा रहता है, जिससे दिक्कत आती है। रात को कुत्ते राहगीरों व बाइक सवारों के पीछे दौड़ते हैं, जिससे हादसा होने का अंदेशा बना रहता है।      <br /><strong>-   लोकेश</strong></p>
<p>पिछले दिनों नालियों का ढकान किया गया, उसमें कभी भी खुले चैंबर नहीं बनाए गए, जिससे गत रात्रि को हुई बारिश का पानी ऊपर ही बहता है, जो अब परेशानी का सबब बनी हुई है।             <br /><strong>- सोनू</strong></p>
<p>वार्ड के पराजित सेक्टर 10 व 11 के क्षेत्र में पानी नालियों में जाने के लिए व्यवस्था कर दी जाएगी। रोड को बनाने के लिए हमने फाइल केडीए में लगा रखी है। सीवरेज के चैंबर भी ठीक कर दिए जाएंगे।   <br /><strong>  - रीता सलूजा, पार्षद 70 </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Oct 2025 15:41:50 +0530</pubDate>
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                <title>कॉलोनियों के बीच खाली प्लॉट बने क्रोकोडाइल प्वाइंट, वर्द्धमान कॉलोनी के प्लॉटों में भरा 4 से 7 फीट पानी </title>
                                    <description><![CDATA[शाम ढलते ही कॉलोनियों में सन्नाटा, दहशत में कट रही  क्षेत्र के बाशिंदों की रात]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/vacant-plots-between-colonies-have-become-crocodile-hotspots--and-vardhaman-colony-s-plots-are-filled-with-4-to-7-feet-of-water/article-127217"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(2)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कुन्हाड़ी व बोरखेड़ा क्षेत्र की कॉलोनियों के बाशिंदे इन दिनों मगरमच्छ के आतंक से दहशत में हैं।  इन इलाकों में बड़ी संख्या में खाली प्लॉट पड़े हैं, जिनमें 4 से 6 फीट तक बरसात का पानी भरा हुआ है। निकासी नहीं होने से मगरमच्छों का अड्डा बन गए। बीच-बीच में पानी से बाहर निकल धूप सेंकते नजर आ रहे हैं। रात को शिकार की तलाश में कॉलोनियों की सड़कों पर दौड़ रहे हैं। हालात यह हो गए, शाम ढलते ही लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए। बच्चों को खेलना व बुजुर्गों का टहलना बंद हो गया।  क्षेत्रवासियों ने वन विभाग से मगरमच्छों का रेस्क्यू करने की गुहार लगाई लेकिन साधन संसाधनों से वंचित वनकर्मियों ने पानी में मगर से बैर लेने में असमर्थता जताई। ऐसे में रहवासी  दहशत के बीच रहने को मजबूर हैं। </p>
<p><strong>दहशत में कट रही रात </strong><br />पार्षद बलविंदर सिंह बिल्लू ने बताया कि कुन्हाड़ी क्षेत्र की वर्द्धमान कॉलोनी के आसपास बड़ी संख्या में खाली प्लॉट पड़े हैं। इनमें 4 से 6 फीट पानी भरा हुआ है, जो मगरमच्छ  छिपे हुए हैं। दोपहर को नजर आते हैं फिर वापस पानी में चले जाते हैं। रात में सड़कों पर दौड़ते हैं। शाम ढलते ही लोग घरों में कैद हो जाते हैं। रोड लाइटें खराब होने से कॉलोनी में अंधेरा पसरा रहता है। ऐसे में मगरमच्छ के घरों में घुसने व राहगीरों पर हमले का खतरा बना रहता है। </p>
<p><strong>सुबह से रात तक चलाया पम्पसेट, 2 फीट पानी निकाला</strong><br />पार्षद बिल्लू ने बताया कि खाली प्लॉटों में कमर तक पानी भरा हुआ है। जिसे निकालने के लिए एक बड़ा मड पम्प लगाया है।  सुबह 10 से रात 8 बजे तक लगातार चलाकर पानी बाहर निकाला गया। जब तक पूरा पानी नहीं निकलेगा तब तक मगरमच्छ का रेस्क्यू संभव नहीं होगा। हालांकि, क्षेत्रवासियों की सूचना पर  मंगलवार देर रात फोरेस्ट की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची थी। लेकिन मगरमच्छ के वापस पानी में चले जाने से रेस्क्यू नहीं हो सका। हालात यह हैं, पिछले 6 दिन से लोग दहशत में हैं। </p>
<p><strong>इधर, डीसीएम क्षेत्र में युवकों ने पकड़ा 5 फीट लंबा मगरमच्छ</strong><br />डीसीएम इलाके के सूर्य नगर की सड़क पर 5 फीट लंबा मगरमच्छ आ गया, जिसे स्थानीय व्यक्तियों ने पकड़कर बोरखण्डी के नाले में छोड़ दिया। घटना तड़के 4 बजे की है। रेस्क्यू के बाद एक व्यक्ति ने मगरमच्छ को कंधे पर उठाकर वीडियो-फोटो खिंचवाया। फिर नाले में रिलीज किया। व्यक्ति का फोटो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मगरमच्छ सड़क पर दौड़ता हुआ कार के टायर के पास चला गया। मौके पर मौजूद व्यक्तियों ने मगरमच्छ की आंख पर बोरी फेंककर उसे काबू किया। लाडपुरा रेंजर इंद्रेश सिंह ने बताया कि टीम ने कैथून इलाके में मगरमच्छ पकड़ा है। सूर्य नगर में मगरमच्छ आने की जानकारी नहीं है। जिस व्यक्ति ने सूर्य नगर में मगरमच्छ पकड़ा उसने विभाग को सूचना नहीं दी। उसके बारे में पता किया जा रहा है।</p>
<p><strong>बोरखेड़ा : पार्वती कॉलोनी में भी दहशत </strong><br />पार्वती कॉलोनी निवासी अरबाज ने बताया कि कॉलोनी में  खाली प्लॉटों में 3 से 4 फीट पानी भरा हुआ है। जिनमें मगरमच्छ पनप रहे हैं। रात को घर की छत से टॉर्च लगाकर देखा तो भारी-भरकम मगरमच्छ पानी से बाहर निकल सड़क पर जाता नजर आया। हाल ही में सड़क पर दौड़ता नजर आया था। इसी तरह देवली अरब, काला तलाब, नम्रता आवास सहित अन्य कॉलोनियों में आए दिन मगरमच्छ आने की घटनाएं हो रही है। </p>
<p><strong>अलग-अलग प्लॉटों में छिपे मगरमच्छ</strong><br />स्थानीय निवासी सुरेंद्र सिंह, उपेंद्र यादव, सार्थक नागर ने बताया कि वर्द्धमान कॉलोनी में ही सड़क के दोनों तरफ खाली पड़े प्लॉट पानी से लबालब हैं। यहां तीन से चार मगरमच्छ नजर आए हैं। रोड लाइटें भी खराब है, अंधेरा पसरा रहता है। ऐसे में घर से बाहर निकले के दौरान मगरमच्छ द्वारा हमला करने का डर लगा रहता है। जिसकी वजह से बच्चों का खेलना भी छूट गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Sep 2025 14:56:17 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा उत्तर वार्ड 1 - बदहाल सड़कें, खाली प्लाटों में भरा बरसाती पानी, अंधेरे में डूबा इलाका, जनता परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[स्थानीय निवासियों के बार-बार शिकायत करने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-1---bad-roads--rainwater-filled-in-empty-plots--area-immersed-in-darkness--public-troubled/article-125424"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/1ne1ws-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा शहर का उत्तर क्षेत्र स्थित वार्ड नंबर 1 समस्यों का अंबार है। वार्डवासी रोजमर्रा की बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कॉलोनियों की गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक गंदगी, अंधेरा और टूटी सड़कें लोगों की परेशानियों को बढ़ा रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।</p>
<p><strong>सड़कों पर अंधेरा, हादसों का डर</strong><br />वार्ड का बड़ा हिस्सा शहर के मुख्य हाईवे से जुड़ा हुआ है। यहां से हर समय भारी वाहन, बसें और छोटे वाहन गुजरते रहते हैं। लेकिन अफसोस की बात है कि कई हिस्सों में सड़क किनारे लगी रोड लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। अंधेरे में राहगीरों और वाहन चालकों के सामने हादसों का खतरा हर समय बना रहता है। कई बार कुत्तों के पीछे दौड़ने से लोग घायल भी हो चुके हैं।</p>
<p><strong>वार्ड का क्षेत्र</strong><br />वार्ड नंबर 1 में समस्त बड़गांव, गिरधरपुरा, गौरधनपुरा व देव नगर ग्राम,  शम्भूपुरा ग्राम, माहेश्वरी रिसोर्ट, सेन्ट जोन्स स्कूल एवं ज्ञान सरोवर कॉलोनी का क्षेत्र शामिल है। यह इलाका तेजी से विकसित हो रहा है, लेकिन सुविधाओं का हाल बदतर बना हुआ है।</p>
<p><strong>वार्ड में नहीं आती कचरा गाड़ी, गंदगी का अंबार</strong><br />सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। कॉलोनियों में गंदगी बनी रहती हैं। कहीं नालियां खुली पड़ी हैं तो कहीं ढकी हुई नालियां गंदगी से जाम हैं। परिणामस्वरूप नालियों से बदबू आती है और गंदा पानी गलियों में बहता है। बच्चों और बुजुर्गों को इसमें से गुजरना पड़ता है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा और बढ़ जाता है।</p>
<p><strong>नहीं मिला जवाब</strong><br />जब वार्ड पार्षद रवि मीणा से नवज्योति की टीम ने इन समस्याओं पर बात करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन काट दिया। इसके बाद भी कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।</p>
<p><strong>खाली प्लाट बने मच्छरों का अड्डा</strong><br />वार्ड की कॉलोनियों में कई खाली प्लॉट हैं, जिनमें बरसात का पानी भरकर हफ्तों तक जमा रहता है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है और डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडराता है। लोगों का कहना है कि जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल मानसून में हालात बिगड़ जाते हैं।<br /><strong>- रचना, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>सामुदायिक भवन का अभाव</strong><br />वार्ड में न तो कोई पार्क है और न ही सामुदायिक भवन। बच्चों को खेलकूद के लिए दूसरे इलाकों का रुख करना पड़ता है। बुजुर्गों को टहलने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं मिलता। वहीं सामाजिक और धार्मिक आयोजनों के लिए भी लोगों को मजबूरी में होटल या किराए के हॉल पर निर्भर रहना पड़ता है।<br /><strong>- सुनिता, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>समस्याएं जस की तस</strong><br />पार्षद उनकी कॉलोनियों में आते ही नहीं। उनकी समस्याओं की सुनवाई तक नहीं होती। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो सफाई सुधरी और न ही रोड लाइटें ठीक हुईं। लोगों का कहना है कि कॉलोनी में खाली पड़े प्लाटो में बारिश के पानी की निकासी का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।<br /><strong>-छोटूलाल, वार्डवासी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Sep 2025 15:57:13 +0530</pubDate>
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                <title>अतिक्रमण व निर्माण के दौरान अधिकारियों की अनदेखी पड़ रही भारी </title>
                                    <description><![CDATA[अधिकतर तालाब व नालों में बसी बस्तियों में ही भर रहा बरसाती पानी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-negligence-of-the-officials-during-encroachment-and-construction-is-proving-costly/article-121259"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/855842roer2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मानसून की शुरुआत के साथ ही कोटा शहर में हो रही लगातार व मूसलाधार बरसात से कई बस्तियां जलमग्न होने के साथ ही वहां पानी भरने से बाढ़ के हालत तक हो रहे है। जिससे वहां रहने वालों को तो परेशानी का सामना करना ही पड़ रहा है। प्रशासन के लिए यह हमेशा की समस्या हो गई है। बस्तियों में पानी भरने की समस्या भी अधिकतर ऐसी जगह पर है जो तालाब व नालों  में अतिक्रमण कर बसी हुई है। अन्य वर्षों की तुलना में इस बार मानसून की शुरुआत समय से पहले हो गई है। वह भी इतनी जोरदार हुई कि शुरुआत से अभी तक लगातार बरसार का दौर बना हुआ है। मानसून में कोटा में होने वाली बरसात का 90 फीसदी से अधिक कोटा भी पूरा हो चुका है। कभी रिमझिम तो कभी मूसलाधार बरसात होने से शहर की कई बस्तियां जलमग्न हो गई है। जिससे वहां रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह से नदी किनारे व डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगं को कई बार सरकार व प्रशासन द्वाारा पुनर्वास किया जा चुका है। लेकिन वे बार-बार वहां आकर बस जाते हैं। ऐसे लोग सरकार के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। बाढ़ में जान-माल का नुकसान होने पर परेशानी प्रशासन को भुगतनी पड़ती है। </p>
<p><strong>यहां हैं अधिक समस्या</strong><br />शहर में झालावाड़ रोड स्थित अनंतपुरा तलाब बस्ती में हर साल जरा सी बरसात में ही इतना अधिक पानी भर जाता है कि वहां बाढ़ के हालत हो जाते हैं। लोगों के घर आधे तक पानी में डूब जाते हैं। जिससे लोगों को घरों की छतों पर रात गुजारने को मजबूर होना पड़ता है। मकानों में पानी भरने से गृहस्थी के सामान खराब होने का नुकसान भी थुगतना पड़ता है। वहीं पानी भरने पर निगम प्रशासन को हमेशा लोगों को वहां से निकालने के लिए नाव चलाकर रेस्क्यू करना पड़ता है।  जानकारों के अनुसार जिस जगह पर बस्ती बसी हुई है। वह तलाब की जगह है। वहां लोग रहने लगे। मकान बना लिए। कई तो अतिक्रमण है और कई ने मकान खरीदे हैं। लेकिन तलाब होने व सड़क से नीचे बस्ती होने से सारा पानी बहकर यहां आता है। जिससे यहां पानी भरने की समस्या बनी हुई है। वहीं बरड़ा बस्ती व क्रेशर बस्ती में रहने वालों को भी इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसी तरह देवली अरब रोड स्थित कौटिल्य नगर व सुभाष विहार में भी हर साल बरसात में पानी भनरे की समस्या का लोगों को सामना करना पड़ रहा है। जानकारों के अनुसार यहां कैचमेंट एरिया होने के साथ ही पीछे से गुजर रहे नाले के ओवर फ्लो होने से बस्ती में पानी भरने की समस्या होती है।  वहीं देवली अरब रोड स्थित सरकारी स्कूल सड़क से नीचे होने से यहां भी हर बार पानी भरने की समस्या रहती है। कौटिल्य नगर में हर साल की तरह ही इस बार भी गत दिनों हुई बरसात के दौरान नावें चलानी पड़ी थी। करीब 45 लोगों को घरों से रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया था।  वहीं नयापुरा में चम्बल नदी के किनारे और कुन्हाड़ी साइड व खंड गांवड़ी समेत कई अन्य बस्तियों में भी पानी भरने व बाढ़ के हालात का सामना करना पड़ता है। </p>
<p><strong>प्रेम नगर में नाले  पर अत्क्रिमण</strong><br />लाड़पुरा विधानसभा व कोटा उत्तर निगम क्षेत्र के प्रेम नगर में भी हर साल बरसात के समय में पानी सड़क पर ही नहीं लोगों के घरों के आगे तक भर जाता है। वह भी इतना  अधिक कि लोग घरों से बाहर नहीं निकल पाते।  नाले का गंदा पानी होने से यह लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। जानकारों के अनुसार  प्रेम नगर में नाले पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण किया हुआ है। जिससे नाले की समय पर सफाई तक नहीं हो पाती है। ऐसे  में पानी का निकास नहीं होने से  क्षेत्र में पानी भरने की समस्या बनी हुई है। </p>
<p>प्रेम नगर निवासी राम नारायण नागर का कहना है कि नाले पर अतिक्रमण होने से पानी की निकासी नहीं हो पाती। जिससे बरसात के समय हर बार पानी की समस्या रहती है। कुछ लोगों के कारण अधिक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। </p>
<p><strong>बरसात में कुछ दिन समस्या</strong><br />इधर अनंतपुरा तलाब बस्ती में रहने वाले नूर मोहम्मद का कहना है कि उन्होंने यहां सस्ता मकान मिलने से खरीदा था। कई सालों से रह रहे हैं। बरसात के समय जब अधिक पानी आता है उस समय कुछ दिन की  परेशानी रहती है। जबकि साल भर कोई समस्या नहीं होती। </p>
<p><strong>समय रहते ध्यान देते तो नहीं होती समस्या</strong><br />लोगों का कहना है कि समय रहते शुरुआत में तलाब व नालों में हो रहे निर्माण व अतिक्रमण पर ध्यान दिया जाता तो यह समस्या नहीं रहती। </p>
<p>तलवंडी निवासी महेश जैन का कहना है कि शहर में इतनी जगह पर अतिक्रमण हो रहे है। उस पर प्रशासन का ध्यान नहीं है। तलाब व नालों पर अवैध निर्माण कर बड़े-बड़े मकान बनाते समय तो संबंधित अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। जिससे बरसात के समय वहां रहने वालों के साथ ही प्रशासन को भी समस्या का सामना करना पड़ता है। </p>
<p>पाटनपोल निवासी नीरज शर्मा का कहना है कि अवैध निर्माण व अतिक्रमण के लिए संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। जिससे ऐसा होते समय ही उसे रोक दिया जाए तो समस्या ही नहीं होगी।  लेकिन ऐसा नहीं होने से बरसात में कोई घटना या लोगों के  बाढ़ में फंसने पर प्रशासन को ही जिम्मेदार ठहराया जाता है। </p>
<p>बरसों पहले हुए अतिक्रमण व अवैध निर्माण का तो फिलहाल कुछ नहीं हो सकता। जो लोग बरसों से रह रहे हैं उन्हें कुछ दिन परेशानी होती है। बाढ़ आने या पानी भरने पर प्रशासन उनकी मदद के लिए रेस्क्यू करवाता है। ऐसे लोगों के रहने व खाने तक की व्यवस्था की जाती है। साथ ही उन लोगों को वहां से जाने के लिए कई बार समझाइश की गई लेकिन वे नहीं मानते। ऐसे में प्रशासन के पास उनके लिए कोई रास्ता भी नहीं है।      <br /><strong>- कृष्णा शुक्ला, एडीएम सीलिंग</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Jul 2025 16:10:00 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 73 - अब बारिश का पानी घरों तक आने लगा</title>
                                    <description><![CDATA[कचरा गाड़ी रोज नहीं आने से गंदगी रहती है वार्डवासी परेशान होते हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-73---now-rainwater-has-started-coming-to-the-houses/article-121170"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(5)13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के बीचों -बीचों स्थित कोटा दक्षिण के वार्ड 73 के  मेन रोड़ पर ही गंदगी का अंबार लगा हुआहै। साथ ही घोड़े वाले बाबा बस्ती में नालियों की चौड़ाई कम होने से नालियां कचरे से अटी पड़ी हुई हैं। घोड़े वाले बाबा बस्ती निवासी रामकिशन, सोनू  ने बताया कि यहां पर सही ढ़ग से सफाई नहीं होती हैं। और कचरा गाड़ी भी मां धनोपा मंदिर से कचरा गाड़ी हॉर्न बजाना बंद कर देती हंै जिससे हमको कचरा गाड़ी आने की पता नहीं चलता हंै जिससे कचरा घर पर ही रखा रहा जाता हैं। वहीं वार्ड में स्थित सामुदायिक भवन भी बदहाल स्थित में और उसमें जगह-जगह गंदगी पड़ी हुई हैं। आयकर कॉलोनी निवासियों ने बताया कि हमारी कॉलोनी में कचरा गाड़ी रोज नहीं आती हंै। कॉलोनी में एक कचरा प्वाईंट का निर्माण होना चाहिए। बारिश का पानी वार्ड के कुछ घरों में अंदर तक चला जाता है। जिसे वार्डवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>सामुदायिक भवन गंदगी से अटा पड़ा</strong><br />घोड़े वाले बाबा बस्ती में स्थित सामुदायिक भवन परिसर में जगह - जगह गंदगी हो रही है जिसे बदबू आ रही है वहीं भवन की दीवारें बदरंग हो रही है। </p>
<p><strong>वार्ड में बच्चों के लिए पार्क की आवश्यकता</strong><br />घोड़े वाले बाबा बस्ती के निवासियों ने बताया कि हमारी तरफ बच्चों  के खेलने के लिए पार्क का निर्माण होना चाहिए। क्योकि बच्चों को खेलने के लिए दूसरी जगह पर जाना पड़ता है। </p>
<p><strong>सीसी रोड व नालियों का निर्माण चल रहा</strong><br />वहीं दुर्गा बस्ती मेंकुछ  दिन पहले ही सीसी रोड का निर्माण करवाया गया वहीं, अभी इसमें पार्क और नालियों का निर्माण कार्य चल रहा है।  वहीं दुर्गा बस्ती के निवासियों ने बताया कि सीसी रोड निर्माण के दौरान नालियों की चौड़ाई अधिक हो गई जिसे परेशानी का सामना करना पड़ा रहा हैं। </p>
<p>हमारी तरफ प्रतिदिन कचरा गाड़ी नहीं आती हैं। जिसे कचरा घर पर ही रखा रह जाता है और कचरा गाड़ी  मां धनोपा मंदिर से ही टर्न लेकर चली जाती हैं। <br /><strong>-पप्पू लाल, वार्डवासी</strong></p>
<p>हमारे वार्ड में प्रतिदिन नालियों की सफाई नहीं होती हैं। जिसे नालियां गंदगी से अटी पड़ी इुई हैं। <br /><strong>- परमजीत मंडल, वार्डवासी</strong></p>
<p>दुर्गा बस्ती में प्रतिदिन सफाई नहीं होती है और नालियों का कचरा निकलने के बाद ऊपर ही रखा रहता है । और जगह - जगह गंदगी के ढेर लगे हुए है। <br /><strong>- सलीम मंसूरी वार्डवासी </strong></p>
<p>वार्ड में अभी सीसी रोड का निर्माण हुआ जिससे अब बारिश का पानी हमारे घरों के अंदर तक आने लग गए हैं। जिसे घर में रखा सामान खराब हो जाता हैं।<br /><strong>- मो. आमीन, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना </strong><br />मेरे वार्ड में अभी पार्क व नालियों का निर्माण कार्य चल रहा हैं।  वार्ड में जो भी समस्या उनका समाधान किया जाएगा। और सामुदायिक भवन में कुछ दिनों में जनता क्लिनिक खोलने का प्रयास किया जा रहा हैं। <br /><strong>- संजय विश्वास, बीजेपी पार्षद </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Jul 2025 14:59:23 +0530</pubDate>
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                <title>रोज 720 टीमें कर रही सर्वे, नहीं दिख रहा असर, पनप रहे मच्छर </title>
                                    <description><![CDATA[शहर के  खाली प्लॉट, पार्क के फव्वारों व ब्लैक स्पोट में पनप रहे मच्छर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/720-teams-are-conducting-surveys-every-day--no-effect-is-visible--mosquitoes-are-breeding/article-119819"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/882roer-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मानसून पूर्व  मलेरिया डेंगू, स्क्रब टाइफस जैसी बीमारियों से लड़ने के लिए जो कमर कसी थी उसकी पेटी अब खुल गई है। बारिश पूर्व विभाग ने खाली प्लॉट, गड्ढो की जो कवायद की थी वो पूरी नहीं होने से शहर में कई जगह बारिश का पानी जमा हो गया उसमें अब मच्छर पनप रहे जिससे लोग अब इसकी चपेट में आना शुरू हो गए है। विभाग की ओर से  व्यापक प्रचार प्रसार और सर्वे के बावजूद भी लोग डेंगू की चपेट में आ रहे है।  उल्लेखनीय है कि  इस बार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने घरों में सर्वे करने के साथ ही गली मोहल्लों के गड्ढो जिनमें बारिश का पानी जमा हो सकता है उनको चिहिंत करने का काम शुरू किया है।  लेकिन वो पूरी तरह मूर्तरूप नहीं ले सका। शहर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की 720 टीमें प्रतिदिन शहर के विभिन्न इलाकों में जाकर मौसमी बीमारियों का तो सर्वे लेकिन उसका असर धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। </p>
<p><strong>शहर में मच्छरों की उत्पत्ति के 50 से अधिक ब्लैक स्पॉट </strong><br />मानूसन जल्दी सक्रिय होने से विभाग को गड्ढे भरने का समय ही नहीं मिला जिससे शहर में करीब 50 से अधिक ऐस ब्लैक स्पॉट है जहां डेंगू मलेरिया के मच्छर पनप रहे है। एमबीएस अस्पताल के पीछे बने क्वॉटर पीछे पानी का तालाब बना हुआ है। वहीं शहर के विभिन्न कॉलोनियों में भी खाली प्लाट व गड्ढों में पानी जमा हो रहा है। शहर के विभिन्न पार्क में बने जलाशय और फव्वारों जमा पानी में मच्छर पनप रहे है।  इस बार  डेंगू, मलेरिया के मरीज बढ़ने  की संभावनों को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग कागजों में तो अलर्ट मोड पर चल रहा है।  लेकिन वास्तव में शहर में तेजी से मच्छर पनप रहे है। प्रतिदिन 12 हजार से अधिक घरों का सर्वे कर एंटी लार्वा गतिविधियां की जा रही है। उसके बावजूद मच्छर का आंतक बढ़ रहा है।  कोटा शहर में करीब 50 से अधिक ब्लैक स्पॉट चिहिंत किए  जहां सबसे ज्यादा मच्छर पनपते है। कोटा में पिछले साल कोटा में डेंगू काफी फैला था जिसके कारण कई लोगों की जान पर बन आई थी। इस बार इसके फैलाव से पहले विभाग इसकी रोकथाम में जुटा है।  </p>
<p><strong> जगह जगह गड्ढों में  पनप रहे लार्वा</strong><br />शहर में जगह जगह बने गड्ढो खाली प्लाट में बारिश का पानी जमा होने से मच्छर तेजी से पनप रहे है। वहीं नालों व नदियों की सफाई बेहतर तरीके से नहीं हुई जिसके कारण मच्छरों के लार्वा इनमें पनप रहे है। चिकित्सा एवं स्वास्थ विभाग की टीमे घरों का तो सर्वे कर कूलर, परिडों में एंटी लार्वा गतिविधियां कर रही है लेकिन शहर में कई ऐसे स्थान है जहां जहां मच्छरों का अड्डा बना हुआ है।   पिछले साल महावीर नगर, विज्ञान नगर, नया कोटा में डेंगू बेलगाम हो गया था। नगर निगम को नालों की सफाई कराकर यहां एंटी लार्वा गतिविधियां करानी चाहिए। नदी- नालों की सफाई के नाम कचरा निकालकर ढेर बना दिया जाता है।  वहां से संबंधित कचरे को हटाया नहीं जाता।  जिसकी वजह से मच्छरों के पनपने के अनुकूल परिस्थितियां तैयार हो गई। <br /><strong>-अजय पानेरी, विज्ञान नगर </strong></p>
<p><strong>इन इलाकों में सबसे ज्यादा आए डेंगू के मरीज</strong><br />पिछले साल मच्छर जनित बीमारियों के सबसे ज्यादा मरीज जवाहर नगर, इंद्रा विहार, तलवंडी सेक्टर ए ,सी,एसएफएस सहित महावीर नगर सैकंड से आए। इसके अलावा अनंतपुरा,भीमगंजमंडी, नयागांव,रंगबाड़ी, महावीर नगर,केशवपुरा  पुरोहित जी की टापरी, डीसीएम, विज्ञान नगर, दादाबाड़ी, बोरखेड़ा, नयापुरा, स्टेशन, काला तालाब, डकनिया, शॉपिंग सेंटर,छावनी, कुन्हाडी, नांता सहित करीब 50 से अधिक ब्लैक स्टॉप है यहां अधिक मच्छर के लार्वा पनप रहे है। इन इलाकों से पिछले साल ज्यादा लोग बीमार हुए थे। <br /><strong>-रामनारायण गुर्जर, निवासी नांता</strong></p>
<p><strong>मलेरिया और डेंगू के लक्षण</strong><br /><strong>डॉ. संजय शायर ने बताया</strong> कि  मलेरिया में सर्दी के साथ एक दिन छोड़कर बुखार आना है। उल्टी, सिरदर्द, बुखार उतरने के बाद पसीना निकलना, कमजोरी होना आदि मलेरिया के लक्षण है। वहीं, डेंगू में तेज बुखार, सिरदर्द, बदन व जोड़ों में दर्द, शरीर पर लाल दाने, चकत्ते पड़ जाना, खून की उल्टी, पेशाब और मल में खून आना, अत्याधिक घबराहट होना आदि डेंगू के लक्षण हैं।</p>
<p><strong>पानी भराव स्थानों कोकर रहे चिंहित </strong><br />शहर में रोज टीमें घरों में कूलर पानी टंकी में पनपने वाले लार्वा को नष्ट करा रही है।  साथ प्रतिदिन 720 टीमें 12 हजार घरों के साथ ही मोहल्लों में बारिश के दौरान पानी जमा होने वाले खाली प्लाट, गड्ढों को चिंहित कर उन्हें भरवाया जा रहा है। जिससे डेंगू के लार्वा नहीं पनपे। इस लार्वा मिलने पर लोगों नोटिस भी दिए जा रहे है। <strong>-डॉ. नरेंद्र नागर, सीएमएचओं</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Jul 2025 14:58:54 +0530</pubDate>
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                <title> सड़कों के गड्ढों में भरा पानी, वाहन चालक फिसल रहे</title>
                                    <description><![CDATA[वाहन धारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/water-filled-in-potholes-on-roads--drivers-slipping/article-118800"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer145.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के मुख्य मार्गो पर बारिश के कारण गड्ढे हो गए है जिनमें बारिश का पानी भर जाने से कई बार वाहन चालकों को यह दिखाई भी नहीं देते, जिससे वाहन गड्ढ़ो में फंस कर वाहन चालक चोटिल भी हो जातें है। प्रशासन गड्ढों की मरम्मत के नाम पर  गिट्टी व मिट्टी डालकर खानापूर्ति कर रहा है। जिससे वाहन धारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>गिट्टी व सीमेंट से खानापूर्ति</strong><br />वाहन चालकों का कहना है कि गड्ढ़ो को सही से भरा नहीं जा रहा है। गड्ढ़ो को भरने के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रहीं है। गिट्टीं व सीमेंट का उपयोग कर गड्ढ़ो को भर तो दिया जाता है बारिश के पानी के कारण गड्ढ़ो में भरा मसाला बह जाता है। जिससे गड्ढ़ो और भी गहरे हो जाते है।<br /><strong>-अनिकांत जैन, वाहन चालक</strong></p>
<p><strong>इन मार्गो पर है ज्यादा गड्ढ़े</strong><br />शहर के स्टेशन, मालाफाटक, नयापुरा जेडिबी रोड़, गुमानपुरा लिंक रोड़, वल्लभ नगर लिंक रोड इन क्षेत्रों में सड़को पर अधिक गड्ढ़े होने के कारण वाहन चालकों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>-शुभम मेहरा, वाहन चालक</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />अभी प्री मानसून की बारिश का दौर चल रहा है। बारिश थमने और मानसून के सक्रिय होने के पहले गड्ढे भरने का  कार्य शुरू कर दिया जाएगा। हमारी टीम तैयार है अगले सप्ताह तक शहर में हो रहे सड़कंो के सारे गड्ढ़ो को सही से भरकर ठीक कर दिया जाएगा।<br /><strong>-रविन्दÑ माथुर, निदेशक अभियांत्रकी कोटा विकास प्राधिकरण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Jun 2025 18:55:38 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>गंदगी से परेशान बस्तीवासी, जिम्मेदार बेपरवाह  </title>
                                    <description><![CDATA[कॉलोनी मे जाने के लिए एक मात्र मूल रास्ता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/residents-troubled-by-dirt--responsible-people-careless/article-90045"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/1rtrer-(1)11.png" alt=""></a><br /><p>केबलनगर। केबल नगर (जगपुरा) नगर निगम दक्षिण वार्ड 10 जगपुरा राजपूत कॉलोनी में आम रास्ते बरसात के पानी से भर गए हैं। यहां स्कूल व रहागिरो बस्तीवासी को आने जाने मे काफी परेशानी का जमकर सामना करना पड़ रहा है। बस्तीवासी ने बताया कि जगपुरा क्षेत्र विकास की राह तख रहा है। यहां राजनेता झूठी वाही वाही लुटने के लिए कुछ स्थानो व अपने कार्यकर्ताओ को खुश करने के लिए उनके बताए स्थान पर विकास कार्य करवा देते हैं हकीकत तो यह है कि नगर निगम दक्षिण वार्ड 10 जगपुरा अभी भी विकास कार्य के लिए पिछडा हुआ है। यहां के वाशिंदो ने विधायक, सांसद, पार्षद सहित स्थानीय नेताओ को भी अवगत करवाया लेकिन समस्या का समाधान नही हो सका है। कॉलोनी मे जाने के लिए एक मात्र मूल रास्ता है। जिसमें बरसात का पानी भर गया। यहां किचड हो गया। जिससे आने जाने में गिरकर घायल हो रहे हैं।</p>
<p>प्रशासन को हम कई बार इस सूचना से अवगत कर चुके हैं मगर हमें झूठा आश्वासन ही मिला है।<br /><strong>-  विजेंद्र सिंह शेखावत, कस्बानिवासी।</strong></p>
<p>हम सब बस्ती वाले सांसद को भी कई बार अवगत करा चुके हैं, मगर सांसद में हमारी समस्या को नकारा छोड़ दिया।<br /><strong>-  मानसिंह, समाजसेवी। </strong></p>
<p>हमने कहीं बार वार्ड पार्षद कमल मीणा को इस बारे में सूचना दी। नगर वार्ड पार्षद हमारी सूचना पर कोई ध्यान नहीं देते हैं।<br /><strong>- हनुमान सिंह राठौड़, वार्डवासी। </strong></p>
<p>चुनाव के समय सभी सांसद, वार्ड पार्षद आदि को समस्या को सुनते हैं। उसका समाधान करने का आश्वासन देते हैं मगर चुनाव खत्म होने के बाद समस्या जस की जस बनी हुई है। <br /><strong>-  परमार सिंह, कस्बाानिवासी। </strong></p>
<p>भरे हुए पानी से कीचड़ फैल रहा है। विद्यालय जाने के लिए कीचड़ में निकल कर व गंदा जाते हैं और फैल रहे किचड़ फिसल कर नीचे गिर जाते हैं तो उनके विद्यालय की सामग्री भी गंदी हो जाती है फिर उन्हें घर को लौटना पड़ता है। <br /><strong>-  हनुमान सिंह हाड़ा, मौहल्लावासी। </strong></p>
<p>मैंने प्रस्ताव भेज रखा है, मगर इस पर अभी कोई ध्यान नहीं दिया। आचार संहिता के पहले मैंने एक प्रस्ताव रखा था। मगर आचार संहिता के बाद यह प्रस्ताव खारिज कर दिया गया मैं फिर भी इसका प्रयास कर रहा हूं ताकि उनकी परेशानी का  समाधान कर सकूं।     <br /><strong>- कमल मीणा, वार्ड पार्षद।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Sep 2024 18:27:07 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नाला ऊंचा बनाने से गंदा पानी घरों और दुकानों के बाहर हो रहा जमा</title>
                                    <description><![CDATA[बांसी-रामगंज मार्ग के रहवासी व व्यापारी परेशान।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/dirty-water-is-getting-collected-outside-houses-and-shops-due-to-making-the-drain-high/article-86196"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/49.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र के बांसी-रामगंज मार्ग पर सावर्जनिक निर्माण विभाग के क्रॉसिंग नाले की अधिक ऊंचाई रख दी। जिससे  मोहल्ले के लगभग चालीस-पचास मकान, दुकानों के बाहर गंदा पानी एकत्रित हो जाता है। राहगीरों को बरसाती दिनों में मुख्य मार्ग पर गंदगी व जमा कीचड़ की समस्या को संबंधित पीडब्ल्यूडी विभाग लंबे समय से नजरअंदाज कर रहा है। जिसका खामियाजा आमजन सहित मौहल्लेवासी भुगत रहे है। जानकारी के अनुसार बांसी कस्बे की आधी आबादी का व्यर्थ का पानी इसी सड़क के दोनों तरफ की नालियों में आता है। जो अंत में आबादी के बाद नाले में पहुंच जाता है। इस मार्ग पर अन्तिम छोर में एक तरफ की नाली के पानी को दूसरी तरफ की नाली में सड़क क्रॉसिंग की जगह पर रखा सीमेंट के पाइप की सड़क से एक फीट ऊंचाई पर रखा हुआ है। जो इस गांव की आधी आबादी का व्यर्थ का पानी नालियों के सहारे पहुंच जाता है। बरसात के समय  अधिक पानी आने से सड़क क्रॉसिंग पर पहुंचने पर नाली में नही समा पाता है। क्रॉसिंग पाइप के टकराकर पानी सड़क पर फैलने से यह मुख्य मार्ग दरिया बन जाता है। यह पानी बरसात बंद होने पर धीरे-धीरे कम दबाव से निकलने से बरसाती पानी के साथ आए कीचड़ मकानों व दुकानों के सामने सड़क पर फैल जाता है। जो कुछ जगह कम कुछ जगह पर अधिक जमा कीचड़ से यहां से राहगीरों के वाहनों से आवागमन होने पर फिसलन भरा कीचड़ हो जाता है। पैदल चलने वाले राहगीर फिसलकर चोटिल हो जाते है। इस समस्या को संबंधित विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जायजा भी लिया है। पर समाधान को लेकर गंभीरता नही दिखाने से इस आबादी के लोगों में विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त हो चूका है। इसी मोहल्ले में रहने वाले सब्जी विक्रेता भोजराज माली का कहना है कि सड़क क्रॉसिंग नाली के पानी टकराकर वापस सड़क पर फैल जाता है। दुकान के सामने कीचड़ जमा हो जाता है। जो बरसात के जारी रहते समय बरसात में भीगते हुए फावडे चलाकर कीचड़ को पानी के साथ ही बहाना पड़ता है। नही तो दुकान के सामने सब्जी खरीदने वालों को कीचड़ में खड़ा रहने को मजबूर होना पड़ता है, पर विभाग इस समस्या को गंभीरता से नही ले रहा है। मोहल्लेवासियों की समस्या जस की तस बनी हुई है। पर जिम्मेदार समाधान को लेकर राहत नहीं दिला रहे है।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />इस समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार इस समस्या का समाधान करवाया जाएगा। <br /><strong>- रेवतीरमन शर्मा, जेईएन, सार्वजनिक निर्माण विभाग नैनवां-देई </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jul 2024 15:42:05 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>स्टेट हाइवे 70 पर अभी तक नहीं बना नाला </title>
                                    <description><![CDATA[बरसों से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं कॉलोनी वासी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/drain-has-not-been-built-on-state-highway-70-yet/article-84060"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/22.png" alt=""></a><br /><p>सुल्तानपुर। नगर से गुजर रहे स्टेट हाइवे 70 के समीप ही बनी गरीब नवाज कॉलोनी के बाहर मुख्य नाला नहीं होने के कारण बारिश का पानी लोगों के मकानों में भर जाता है। जिसके चलते कॉलोनी वासियों को पूरे बरसात के मौसम में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जानकारी के अनुसार स्टेट हाइवे से लगी इस कॉलोनी में नाला नहीं होने के कारण बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाती। मुख्य मार्ग पर पानी ही पानी हो जाता है। जिससे मुख्य सड़क से कॉलोनी का संपर्क कट जाता है। गुरुवार को दिन एवं रात्रि में हुई बारिश के बाद शुक्रवार को सुबह से तेज बारिश के दिन भर चलने से निकासी नहीं होने के कारण कॉलोनी में पानी भर गया। कॉलोनी वासियों ने बताया कि नाले के अभाव में इस कॉलोनी में हमेशा पानी भरा रहता है। जिसके चलते इस कॉलोनी के बाशिंदे बरसों से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। इस मामले में जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को कॉलोनी वासियों द्वारा कई बार अवगत कराया जा चुका है। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है। </p>
<p><strong>बीमारियां फैलने की आशंका</strong><br />कॉलोनी वासी रईस अंसारी ने बताया कि नाले का निर्माण नहीं होने के कारण बारिश का पानी कॉलोनी में भर जाता है। कई दिनों तक बारिश का पानी इकट्ठा रहने से बीमारियां फैलने का भी खतरा बना रहता है। </p>
<p><strong>नाला बने तो हो समस्या का समाधान</strong><br />कॉलोनी वासी रिजवान पठान ने बताया कि मुख्य सड़क पर जब तक नाले का निर्माण नहीं होगा, तब तक समस्या का समाधान नहीं हो सकता। पानी निकासी के लिए सुचारू व्यवस्था करने के लिए जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने समस्या समाधान की मांग की है।</p>
<p>नाला नहीं होने के कारण बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाती है। जिसके चलते पूरी कॉलोनी में पानी ही पानी हो जाता है। जिससे बड़े बुजुर्गों, बच्चों एवं महिलाओं को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। <br /><strong>- मोहम्मद वसीम, कॉलोनी वासी</strong></p>
<p>एक ओर तो सरकार बीमारियों से लड़ने के लिए लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर रही है वहीं दूसरी ओर नाले का निर्माण नहीं होने के कारण कॉलोनी वासियों को बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है<br /><strong>- रईस अंसारी, कॉलोनी वासी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />इस समस्या के बारे में कॉलोनी वासियों द्वारा अवगत कराया गया था। जिस पर इसका प्रस्ताव बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। जयपुर तक प्रस्ताव जा चुका है। जिसकी स्वीकृति आना बाकी है। स्वीकृति आने के बाद ही कार्य शुरू हो सकेगा।<br /><strong>- लक्ष्मीनारायण मीणा, एईएन, पीडब्ल्यूडी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jul 2024 15:34:26 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मानसून की पहली बारिश में ही खुली पोल</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों ने दी चक्काजाम करने की चेतावनी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-truth-came-out-in-the-first-rain-of-monsoon/article-83320"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/monsoon-ki-phli-baarish-me-hi-khuli-pol...savantgarh,-bundi-news-01-07-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>सांवतगढ़। ग्राम पंचायत सावंतगढ़ के ग्राम निमोद में बैरवा बस्ती में सीसी सड़क पर मानसून की पहली ही बरसात से पानी भर जाने से व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। दरअसल ग्राम पंचायत में गांव में नालियों का निर्माण नहीं कराया गया है। इस वजह से बरसात होने पर पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। निकासी के अभाव में पानी सड़क पर एकत्रित हो रहा है। वार्ड पंच रोशन बाई, राकेश बैरवा ने बताया कि पहली ही बरसात में पूरी बस्ती में सड़क पर इतना पानी भर गया है कि हमारा पैदल निकलना भी मुश्किल हो रहा है। बस्ती में ही बाबा रामदेव का मंदिर भी है तो वहां भी आने-जाने के लिए हमें समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गांव के दुगार्लाल बैरवा, रामनाथ बैरवा, रमेश बैरवा ने बताया कि इस समस्या को लेकर हमने सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी को को कई बार अवगत करवाया लेकिन हमारी समस्या को पंचायत प्रशासन गंभीरता से नहीं ले रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर 5 दिन के अंदर हमारी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो नैनवा-बूंदी मार्ग सावंतगढ़ बस स्टैंड पर पर चक्का जाम करेंगे।</p>
<p><strong>क्षेत्रवासियों की पीड़ा</strong><br />सड़क पर इतना पानी भर गया है कि पैदल भी निकलना हमारा मुश्किल हो गया है।ऐसे में ग्राम पंचायत को जल्द ही नालियों का निर्माण करना चाहिए। जिससे सड़कों पर पानी नहीं भरे। <br /><strong>- राकेश बैरवा, स्थानीय निवासी</strong></p>
<p>पानी की निकासी की समस्या को ग्राम पंचायत को कई बार अवगत करा चुके हैं लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ। <br /><strong>- रोशन बाई, वार्ड पंच</strong></p>
<p>ग्रामीणों की समस्या जायज है। इसके लिए वर्क आर्डर जारी कर दिया गया है। <br /><strong>- कुलदीप नागर, ग्राम विकास अधिकारी ग्राम पंचायत सावंतगढ़। </strong></p>
<p>सड़क के दोनों तरफ से अतिक्रमण को हटाकर जल्द ही नाली निर्माण करवाया जाएगा। <br /><strong>- रामसिंह मीणा, सरपंच, ग्राम पंचायत सावंतगढ़।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jul 2024 17:18:03 +0530</pubDate>
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