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                <title>Subsidies - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>इलेक्ट्रिक स्कूटर अपनाने में आई तेजी, राजस्थान इलेक्ट्रिक भविष्य की ओर अग्रसर</title>
                                    <description><![CDATA[इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के प्रति बढ़ते विश्वास और मजबूत चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर से राजस्थान में मोबिलिटी बदल रही है। चौथी तिमाही (FY26) में एथर एनर्जी का बाजार अंश बढ़कर 14% हो गया है। जयपुर सहित टियर-2 और टियर-3 शहरों में कम लागत, आधुनिक सॉफ्टवेयर फीचर्स और एथर रिज़्टा जैसे पारिवारिक स्कूटरों की मांग तेजी से बढ़ी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-is-a-rise-in-the-adoption-of-electric-scooters/article-157613"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)49.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए भारत के सबसे अधिक संभावना वाले राज्यों में से एक के रूप में उभर रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों में ग्राहकों के बढ़ते विश्वास, मजबूत होते चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बढ़ती मांग के कारण राज्य में मोबिलिटी का क्षेत्र बदल रहा है। इस परिवर्तन का मुख्य लाभ एथर एनर्जी जैसी कंपनियों को मिल रहा है, जो राज्य के शहरी और उभरते हुए बाजारों में तेजी से वृद्धि कर रही हैं।</p>
<p>वित्तवर्ष 2026 की चौथी तिमाही में राजस्थान में एथर एनर्जी का बाजार अंश बढ़कर 14 प्रतिशत तक पहुँच गया। यह पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुना है और देश में हो रही औसत वृद्धि से काफी ज्यादा है। जयपुर कंपनी का सबसे बड़ा बाजार है, जो राज्य में होने वाली सेल में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान देता है। जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा और अजमेर जैसे शहरों में भी वृद्धि की दर तेज है। उद्योग के एक्सपर्ट्स के मुताबिक इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल अब कुछ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राजस्थान के टियर 2 और टियर 3 शहरों में भी बढ़ रहा है। </p>
<p>यह वृद्धि खासतौर से इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर ग्राहकों की बदलती धारणा के कारण हो रही है। ग्राहक अब इलेक्ट्रिक स्कूटरों को पेट्रोल स्कूटरों के विकल्प के रूप में नहीं देखते हैं, बल्कि वो इन्हें टेक्नोलॉजी के मामले में आधुनिक मोबिलिटी विकल्प मानते हैं, जो उन्हें ज्यादा सुविधा, सुरक्षा और लंबे समय में अधिक बचत प्रदान करता है। इलेक्ट्रिक स्कूटरों में कनेक्टेड डैशबोर्ड, नैविगेशन, एडवांस्ड सेफ्टी सिस्टम और सॉफ्टवेयर पर आधारित राईडिंग अनुभव मिलता है, जो आधुनिक ग्राहकों द्वारा इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदे जाने के महत्वपूर्ण कारण बन रहे हैं।</p>
<p>इलेक्ट्रिक स्कूटर ज्यादा आर्थिक लाभ भी प्रदान करते हैं। राजस्थान में पेट्रोल 113 रुपये प्रति लीटर के आसपास है, जिसके कारण रोज आवागमन करने वालों को केवल पेट्रोल पर ही रोज 3 रुपये प्रति किलोमीटर से अधिक खर्च करना पड़ता है। इसके उलट, घर पर इलेक्ट्रिक स्कूटर को चार्ज करने में केवल 0.20 रुपये से 0.25 रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च आता है। यानी ग्राहक रोज के सफर में काफी मासिक बचत कर सकते हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रिक स्कूटर के मेंटेनेंस का खर्च भी काफी कम है, इसलिए यह पेट्रोल स्कूटरों के मुकाबले ज्यादा वित्तीय बचत प्रदान करता है।</p>
<p>इलेक्ट्रिक स्कूटरों को अपनाने की एक बड़ी बाधा चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर थी, जिसमें लगातार सुधार हो रहा है। वर्तमान में एथर के पास राजस्थान के 32 शहरों में 189 स्थानों पर 208 चार्जिंग पॉईंट हैं। यह नेटवर्क जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर जैसे बड़े शहरों के साथ उन छोटे शहरों में भी फैला है, जहाँ इलेक्ट्रिक स्कूटरों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। देश में कंपनी के पास 6,000 से अधिक फास्ट-चार्जिंग पॉईंट उपलब्ध हैं, जो लाईट इलेक्ट्रिक कंबाईंड चार्जिंग सिस्टम (एल.ई.सी.सी.एस) द्वारा चलाए जाते हैं। ये चार्जिंग पॉईंट लंबे सफय और दूसरे शहरों की यात्रा के दौरान चार्जिंग की फिक्र को दूर करते हैं। </p>
<p>जब परिवारों पर केंद्रित इलेक्ट्रिक स्कूटर आए, तो इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति दिलचस्पी और अधिक बढ़ गई। एथर रिज़्टा जैसे स्कूटर परिवारों को बहुत ज्यादा पसंद आए। यह स्कूटर आवागमन, स्कूल आने-जाने और घूमने के लिए जाने जैसे कई दैनिक कामों के लिए परफेक्ट है। इसमें कई प्रैक्टिकल फीचर दिए गए हैं, जिनमें बड़ी स्टोरेज क्षमता, विशाल सीट और बेहतर सुरक्षा सिस्टम शामिल हैं। यह मॉडल राजस्थान के टियर 2 और टियर 3 शहरों में काफी लोकप्रिय हुआ है क्योंकि यहाँ पर वाहन को परिवारों की जरूरतों के हिसाब से खरीदा जाता है।<br />राजस्थान के चुनौतीपूर्ण मौसम के कारण निर्माताओं ने वाहनों की ड्यूरेबिलिटी और बैटरी परफॉर्मेंस पर अधिक ध्यान देना शुरू किया। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों को भारत के मौसम के अनुकूल बनाया। एडवांस्ड बैटरी थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम, बैटरी रखने के मजबूत खाँचों और टेस्टिंग के कठोर प्रोटोकॉल्स का इस्तेमाल किया गया, ताकि भीषण गर्मी के मौसम में भी बैटरी भरोसेमंद परफॉर्मेंस दे सके।</p>
<p>इलेक्ट्रिक स्कूटर के इस्तेमाल को बढ़ावा देने में सरकारी सहयोग ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। केंद्र सरकार ने पीएम ई-ड्राईव जैसे अभियान चलाए, जिनके साथ राजस्थान के ई.वी इंसेंटिव प्रोग्राम ने इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की अग्रिम लागत को कम किया और ग्राहकों के बीच इसकी जागरुकता बढ़ाई। उद्योग के हितधारकों का मानना है कि इस गति को बनाए रखने के लिए नीति निर्माताओं और प्राईवेट सेक्टर के बीच लगातार सहयोग जरूरी होगा क्योंकि छोटे शहरों एवं कस्बों में इलेक्ट्रिक स्कूटरों का इस्तेमाल बढ़ रहा है।</p>
<p>प्रमुख निर्माताओं के बीच बढ़ती प्रतियोगिता के साथ अब इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मुख्य विशेषताएं हार्डवेयर के अलावा सॉफ्टवेयर तक बढ़ रही हैं। कंपनियाँ सॉफ्टवेयर क्षमताओं, कनेक्टेड टेक्नोलॉजी और ओवर-द-एयर अपडेट्स में भारी निवेश कर रही हैं, जिससे इलेक्ट्रिक स्कूटर में समय के साथ सुधार होता रहे। इसने इलेक्ट्रिक स्कूटर को आवागमन के साधन की बजाय एक स्मार्ट और कनेक्टेड मोबिलिटी प्लेटफॉर्म में बदल दिया है। </p>
<p>पेट्रोल की बढ़ती कीमत, बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, सहयोगपूर्ण नीतियों और ग्राहकों की बढ़ती जागरुकता के साथ राजस्थान भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने में मुख्य भूमिका निभा रहा है। राजस्थान में एक बड़ा राष्ट्रीय ट्रेंड प्रदर्शित हो रहा है कि इलेक्ट्रिक वाहन व्यावहारिकता और टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन के साथ आवागमन के मुख्य साधन बनते जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 09:49:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>“मंगलम मेगा इंडस्ट्रियल पार्क” में विकास कार्यों ने पकड़ी रफ्तार, उद्योगों की शुरुआत भी हुई </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के सीकर रोड (चोमू) में मंगलम मेगा इंडस्ट्रियल पार्क का निर्माण तेजी से जारी है। VKIA से मात्र 35 मिनट की दूरी पर स्थित इस पार्क में प्रशासनिक कार्यालय, मुख्य द्वार और 5-6 औद्योगिक इकाइयों का काम शुरू हो चुका है। यहाँ RIPS छूट, 33 KV GSS और 80 फीट चौड़ी सड़कें जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/development-works-gained-momentum-in-%E2%80%9Cmangalam-mega-industrial-park%E2%80%9D-industries/article-156016"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/manglam.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। MIC और MIC-2 की शानदार सफलता के बाद मंगलम बिल्डर्स का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट “मंगलम मेगा इंडस्ट्रियल पार्क” तेजी से आकार ले रहा है। इटावा, सीकर रोड, चोमू (जयपुर) में विकसित हो रहा यह आधुनिक इंडस्ट्रियल पार्क उद्योगों के लिए एक नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। VKIA से मात्र 35 मिनट की दूरी पर स्थित होने के कारण इसकी कनेक्टिविटी भी निवेशकों और उद्यमियों को आकर्षित कर रही है। प्रोजेक्ट के डीजीएम विजय सिंह ने बताया कि पार्क में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। प्रोजेक्ट का प्रशासनिक कार्यालय एवं मुख्य प्रवेश द्वार (Main Gate) पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 5 से 6 औद्योगिक इकाइयों का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि पार्क में 33 केवी के समर्पित GSS का कार्य प्रगति पर है तथा ओवरहेड टैंक के माध्यम से जल आपूर्ति व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके अलावा 80 फीट चौड़ी डामर सड़कें, पूर्ण औद्योगिक स्वीकृति, RIPS के तहत स्टांप ड्यूटी में छूट, लोन एवं सब्सिडी सुविधाएं, गेटेड एंट्री के साथ 24×7 सुरक्षा, EV चार्जिंग स्टेशन, ट्रक पार्किंग, हरित पार्क, स्ट्रीट लाइट्स और भव्य प्रवेश द्वार जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। मंगलम समूह के अनुसार, यह प्रोजेक्ट उद्योगों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 17:54:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>करंट लगने से मौत मामले में मंत्री ने की मुआवजे और नौकरी की अनुशंसा</title>
                                    <description><![CDATA[ गौरतलब है कि झोटवाड़ा इलाके में कालवाड़ रोड पर सिंधी कॉलोनी में बारिश के दौरान करंट लगने से ओमप्रकाश कुमावत निवासी नागौर हाथोज की करंट लगने से मौत हो गई थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/minister-recommends-compensation-and-job-in-case-of-death-due/article-83687"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/u1rer-(5)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। झोटवाड़ा थाना इलाके में बुधवार शाम को बारिश के दौरान करंट लगने से हुई बाइक सवार की मौत के मामले परिजनों और परिचितों ने गुरुवार सुबह कांवटिया अस्पताल में प्रदर्शन किया। ये लोग मृतक के आश्रित को नौकरी और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सूचना पर पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और काफी देर तक प्रदर्शन कर रहे लोगों की समझाइश शुरू की। प्रदर्शन करने के बाद भी शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।</p>
<p>इसके बाद राज्यमंत्री और नांवा के विधायक विजय सिंह चौधरी मौके पर पहुंचे और आक्रोशित भीड़ को समझाइश करने का प्रयास किया। उन्होंने उचित मुआवजा और अन्य मांगों पर आश्वासन देकर मामला शांत कराया। इसके बाद लोग मान गए और पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। मंत्री चौधरी ने 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और आश्रित को नौकरी की अनुशंसा की है। इधर, परिजनों की तरफ से पुलिस ने बिजली विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसीपी झोटवाड़ा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। गौरतलब है कि झोटवाड़ा इलाके में कालवाड़ रोड पर सिंधी कॉलोनी में बारिश के दौरान करंट लगने से ओमप्रकाश कुमावत निवासी नागौर हाथोज की करंट लगने से मौत हो गई थी। इसके बाद परिजन मुआवजे की मांग कर रहे थे। </p>
<p><strong>बिजली विभाग ने बनाई जांच कमेटी</strong><br />शहर के झोटवाड़ा इलाके में सिंधी कॉलोनी के पास सड़क पर भरे पानी से गुजरने के दौरान बाइक सवार ओमप्रकाश कुमावत की मौत हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया था। अब इस मामले में जयपुर डिस्कॉम सिटी सर्किल के अधीक्षण अभियंता अशोक रावत ने जांच कमेटी बना दी है। रावत ने बताया कि फिलहाल ये पुष्टि नहीं हो पाई है कि युवक की मौत करंट से हुई है। पोस्टमार्टम के बाद ही सच्चाई का पता चलेगा। मौके पर भी हमारी टीम ने जाकर सप्लाई और करंट चैक किया लेकिन सभी चीजें दुरस्त मिली, लेकिन फिर भी मामले की गंभीरता को देखते हुए हमनें दो लोगों की कमेटी बना दी है, जिसमें एक्सईएन सीडी-5 और एक पर्सनल ऑफिसर शामिल हैं। इस कमेटी को जल्द से जल्द रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Fri, 05 Jul 2024 10:17:05 +0530</pubDate>
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