<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/wards/tag-48250" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>wards - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/48250/rss</link>
                <description>wards RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बूंदी नगर परिषद में भाजपा का बोर्ड, 60 में 29 वार्डों पर कब्जा</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस 20 सीटों पर सिमटी, 11 वार्डों में निर्दलीयों ने मारी बाजी; जीत के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में जश्न।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/bjp-secures-the-board-in-bundi-municipal-council--winning-29-out-of-60-wards/article-165586"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(2)47.png" alt=""></a><br /><p>बूंदी। बूंदी नगर परिषद के चुनाव में सोमवार को हुई मतगणना में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिला, जबकि कांग्रेस 9 सीट से पिछड़ गई। वहीं इस बार निर्दलीय प्रत्याशी 11 वार्डों में काबिज रहे। भाजपा का बोर्ड पर बनने पर कार्यकतारओं जबरदस्त उत्साह नजर आया।  एक दूसरे को मीठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया।  <br />वार्ड 1 निर्दलीय प्रभादेवी जीती, वार्ड 2 बीजेपी पप्पू लाल, वार्ड 3 निर्दलीय आत्माराम, वार्ड4 बीजेपी नरेंद्र मीणा, वार्ड5 बीजेपी सोनिया सिंह, वार्ड6 निर्दलीय रामवीर गुर्जर, वार्ड 7 निर्दलीय सुनीता गुर्जर, वार्ड 8 भाजपा ममता भील, वार्ड 9 भाजपा आकाश सैनी, वार्ड 10 कांग्रेस प्रेम शंकर, वार्ड 11 बीजेपी छोटू लाल, वार्ड 12 कांग्रेस महादेव भील, वार्ड 13 बीजेपी बालकृष्ण सोनी, वार्ड 14 निर्दलीय मीना सैनी, वार्ड 15 बीजेपी अंजू बाला, वार्ड 16 विशाल शर्मा पत्रकार निर्दलीय, वार्ड 17 निर्दलीय जीशान अली, वार्ड 18 बीजेपी नगेंद्र शर्मा, वार्ड 19 बीजेपी रंजना जोशी, वार्ड 20 कांग्रेस समरीन (इनु), वार्ड 21भाजपा किरण हाड़ा, वार्ड 22 संजय भूटानी भाजपा, वार्ड 23 निर्दलीय अनवर हुसैन, वार्ड24 संगीता एवरग्रीन कांग्रेस, वार्ड 25 शैलेश सोनी कांग्रे, वार्ड 26 मोनिका माहेश्वरी भाजपा, वार्ड 27 भरत शर्मा भाजपा, वार्ड 28 मनोज कुमार वर्मा कांग्रेस, वार्ड 29 भाजपा अनिता सैनी, वार्ड 30 कांग्रेस ललित कुमावत, वार्ड 31 बीजेपी मोहन कराड, वार्ड 32 कांग्रेस लक्ष्मण सेनी, वार्ड 33 कांग्रेस आकांक्षा कराड, वार्ड 34 काग्रेश विजय सिंह गहलोत, वार्ड 35 कांग्रेस संपत्त मेघवाल, वार्ड 36 बीजेपी संदीप देवगन, वार्ड 37, बीजेपी प्रीति गोचर, वार्ड 38 निर्दलीय संध्या रावल, वार्ड 39 बीजेपी गौरव भट्टनागर, वार्ड 40 कांग्रेस मयंक सुवालका, वार्ड 41 कांग्रेस नसीम बानो, वार्ड 42 कांग्रेस मोहीन उन हसन, वार्ड 43 कांग्रेस शकिर अहमद, वार्ड 44 निर्दलीय अंकित बूलीवाल, वार्ड 45 मोहसिन बेग, वार्ड 46 पेंसु सिंह भाजपा, वार्ड 47 निशांत नुवाल, वार्ड 48 बिमला कांग्रेस, वार्ड 49 भाजपा हंसराज , वार्ड 50 प्रियंका भाजपा, वार्ड 51उमा भाजपा, वार्ड 52 संस्कृति भाजपा , वार्ड 53 सुरेश अग्रवाल, वार्ड 54 देवराज गुर्जर निर्दलीय, वार्ड 55 राजेंद्र सिंह हाड़ा भाजपा, वार्ड 56 दिलीप सिंह राजावत भाजपा, वार्ड 57 टीकम जेन कांग्रेस, वार्ड 58 मनोज गोचर भाजपा<br />वार्ड 59 तुषार पारीक भाजपा और वार्ड 60 मोइनुद्दीन फॉरवर्ड कांग्रेस प्रत्याशी विजयी हुए। </p>
<p><strong>हिंडोली नगरपालिका के 20 वार्र्डो में कांग्रेस विजयी</strong><br />-अर्चना (कांग्रेस), - वार्ड नंबर 2 - आरिफ मोहम्मद (कांग्रेस),वार्ड नंबर 3 - लोकेश सैनी (भाजपा),  वार्ड नंबर 4 - लीला माहेश्वरी (कांग्रेस), वार्ड नंबर 5 - ऋतुराज पारीक (कांग्रेस), वार्ड नंबर 6 - सुगना बाई (कांग्रेस) ,वार्ड नंबर 7 - मुकेश झंवर (कांग्रेस),वार्ड नंबर 8 - अंकुर खींची (कांग्रेस), वार्ड नंबर 9- राजेश (निर्दलीय),- वार्ड नंबर 10 - बसंती बाई (कांग्रेस), वार्ड नंबर 11 - रमेश चंद सैनी (भाजपा), वार्ड नंबर 12 - दिशा सैनी (भाजपा)। वार्ड नंबर 13 - महेश सोनी (निर्दलीय), वार्ड नंबर 14 - महेश सोमानी (कांग्रेस) जीते, वार्ड नंबर 15 - राम सिंह (भाजपा), वार्ड नंबर 16  - सोनिया सैनी (भाजपा),वार्ड नंबर 17 - युगल किशोर सैनी (भाजपा), वार्ड नंबर 18 - पांची बाई (भाजपा), वार्ड नंबर 19 - जगदीश कुमार (भाजपा) और वार्ड नंबर 20 - हनुमान व्यास (कांग्रेस) (निर्विरोध जीत)। यहां दो वार्डो में  निर्दलीय ने जीत दर्ज कराई है। निकाय चुनाव में कुल -8058 मतदाताओं में से 4,040 पुरुष  और 4,018 महिला मतदाताओं ने वोट डोले।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/bjp-secures-the-board-in-bundi-municipal-council--winning-29-out-of-60-wards/article-165586</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/bjp-secures-the-board-in-bundi-municipal-council--winning-29-out-of-60-wards/article-165586</guid>
                <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 13:20:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-09/111200-x-600-px%29-%282%2947.png"                         length="1121400"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>करोड़ों के दावों के बीच मूलभूत सुविधाओं को तरसते वार्ड, बारिश में नाले बन रहे आफत</title>
                                    <description><![CDATA[नालों की सफाई नहीं होने से ब्रजराज कॉलोनी, मस्जिद चौक और नेहरू कॉलोनी में जलभराव, घरों तक पहुंच रहा गंदा पानी ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/wards-deprived-of-basic-amenities-despite-claims-of-multi-crore-investments--drains-turn-into-a-menace-during-rains/article-164345"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(11).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के चार वार्डों की ऑडिट में विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। वार्ड क्षेत्र में रहने वाले लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। कहीं नालों की सफाई नहीं होने से बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या विकराल हो जाती है तो कहीं पार्क, डिस्पेंसरी और सामुदायिक भवन जैसी जरूरी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। सफाई व्यवस्था की स्थिति भी कई इलाकों में संतोषजनक नहीं है।</p>
<p><strong>नाले जाम, बारिश में घरों तक पहुंचता है गंदा पानी</strong><br />वार्ड क्षेत्र की ब्रजराज कॉलोनी और नेहरू कॉलोनी में नालों की नियमित सफाई नहीं होने की समस्या सामने आई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बारिश के दौरान नालियां और नाले जाम हो जाते हैं। पानी की निकासी नहीं होने के कारण सड़कों पर गंदा पानी भर जाता है और कई बार यह पानी घरों तक पहुंच जाता है। जलभराव के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है। लंबे समय से नालों की सफाई और स्थायी जल निकासी की मांग की जा रही है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।</p>
<p><strong>पार्क, डिस्पेंसरी और सामुदायिक भवन की दरकार</strong><br />ऑडिट के दौरान कई क्षेत्रों में लोगों ने बताया कि वार्ड में बच्चों और बुजुर्गों के लिए पर्याप्त पार्क नहीं हैं। वहीं जरूरत के बावजूद डिस्पेंसरी और सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं भी कई जगह उपलब्ध नहीं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए भी उन्हें जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सफाई व्यवस्था को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। जगह-जगह गंदगी और नियमित सफाई नहीं होने से परेशानी बढ़ रही है।</p>
<p><strong>करोड़ों के काम हुए तो नजर क्यों नहीं आते?</strong><br />क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब वे समस्याओं को लेकर पार्षद से सवाल करते हैं तो जवाब मिलता है कि वार्ड में करोड़ों रुपए के विकास कार्य करवाए गए हैं। लोगों का सवाल है कि यदि इतने बड़े स्तर पर काम हुए हैं तो वे नजर क्यों नहीं आ रहे? उनका कहना है कि पार्षद का चुनाव इसलिए होता है कि वह अपने क्षेत्र की समस्याओं को समझे और प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान करवाए। लेकिन चुनाव जीतने के बाद कई बार जनप्रतिनिधियों का व्यवहार बदल जाता है और लोगों की शिकायतों पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई देती।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद अनूप कुमार</strong><br />वार्ड में सामुदायिक भवन का अभाव है। हालांकि क्षेत्र में सुलभ कॉम्पलेक्स का निर्माण करवाया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद वार्ड की साफ-सफाई व्यवस्था बिगड़ गई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम के अधिकारी समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीरता नहीं दिखाते, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद नीलोफर</strong><br />वार्ड में करीब 25 वर्षों से अतिक्रमण की समस्या बनी हुई थी, जिसका समाधान करवाया गया। मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया गया। वर्षों पुरानी कचरा पॉइंट की समस्या खत्म कर वहां पार्क विकसित करवाया। वहीं करीब 40 वर्षों से सफाई और मरम्मत का इंतजार कर रहे नालों की रिपेयरिंग करवाकर व्यवस्था में सुधार किया गया।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद ममता कंवर</strong><br />पूर्व पार्षद ममता कंवर ने बताया कि वार्ड में पार्क की कमी है। उनके कार्यकाल के दौरान जरूरत के अनुसार नालियों का निर्माण करवाया गया। उन्होंने कहा कि वार्डवासियों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए समय-समय पर उनके समाधान का प्रयास किया जाता रहा। वर्तमान में वार्ड में कोई बड़ी समस्या नहीं है, हालांकि मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत है।</p>
<p><strong>वार्डवासी शिवा मद्रासी</strong><br />क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या नाले की है। नियमित सफाई नहीं होने से नाला जाम हो जाता है। बारिश के दौरान नाले का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर घरों तक पहुंच जाता है। वार्ड में सामुदायिक भवन भी नहीं है। इसके अलावा साफ-सफाई व्यवस्था का भी अभाव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर व क्षेत्र</strong><br />-वार्ड नंबर 21 में काली बस्ती, हनुमान बस्ती, थर्मल पावर स्टेशन, चंबल कॉलोनी, लक्ष्मी मैरिज गार्डन, समय विद्या निकेतन स्कूल, मुन्ना टेलर्स, सीनियर लेडीज टेलर्स, असगर अली का मकान, रोज ब्यूटी पार्लर, हरिजन बस्ती, कुंदकुंद आवासीय योजना, फॉरेस्ट चौकी, पंचशील कॉलोनी, समस्त दुर्गा नगर, सुभाष नगर, सगसजी महाराज, न्यू थर्मल कॉलोनी, जी-मार्ट, मस्जिद, नेवालाल मैरिज गार्डन, बजरंगपुरा एवं आरएसईबी कार्यालय क्षेत्र शामिल हैं।<br />-वार्ड नंबर 41 में हरिजन बस्ती, राजभवन क्षेत्र, जेके लोन अस्पताल, आयुर्वेदिक अस्पताल, इस्माइल चौक, बग्गी खाना, ब्रजराज कॉलोनी, नेहरू कॉलोनी, मस्जिद चौक, एमबीएस अस्पताल, सिविल लाइंस, कोलीपाड़ा का आंशिक क्षेत्र, प्रकाश क्लिनिक सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।<br />-वार्ड नंबर 42 में शीतला माता मंदिर, गोरी आश्रम, हरिजन बस्ती, बापू बस्ती, रामदेवजी का मंदिर, देवनारायण मंदिर, बीड़ के बालाजी, सरकारी स्कूल, न्यू सरस्वती विद्या मंदिर, जय अम्बे टेंट हाउस एवं राजपूत किराना स्टोर सहित आसपास का क्षेत्र शामिल है।<br />-वार्ड नंबर 43 में पुरानी कुन्हाड़ी व हवेली, चंबल पुलिया का निचला हिस्सा, रिद्धि राज टावर, बूंदी सिलिका, बिजासन माताजी का मंदिर, डी-मार्ट, विजय वीर स्टेडियम, बालापुरा का संपूर्ण क्षेत्र, सेक्टर कार्यालय, रोडवेज वर्कशॉप, कंकरेश्वर महादेव मंदिर, रजत सिटी ग्रुप मल्टी सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/wards-deprived-of-basic-amenities-despite-claims-of-multi-crore-investments--drains-turn-into-a-menace-during-rains/article-164345</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/wards-deprived-of-basic-amenities-despite-claims-of-multi-crore-investments--drains-turn-into-a-menace-during-rains/article-164345</guid>
                <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 12:31:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-09/111200-x-600-px%29-%2811%29.png"                         length="2113553"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आगरा रोड के कई वार्डों में बीसलपुर का पानी और सीवरेज नहीं, साफ-सफाई चौपट</title>
                                    <description><![CDATA[उड़ती धूल, सड़क पर बहता गन्दा पानी, गंदगी में मुंह मारते पशु ऐसा नजारा देखकर एकबारगी लगता है कि किसी बदहाल ग्राम पंचायत की गली से गुजर रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-many-wards-of-agra-road-bisalpur-there-is-no/article-164224"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)92.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उड़ती धूल, सड़क पर बहता गन्दा पानी, गंदगी में मुंह मारते पशु ऐसा नजारा देखकर एकबारगी लगता है कि किसी  बदहाल ग्राम पंचायत की गली से गुजर रहे हैं। लेकिन, यह दृश्य किसी गांव का नहीं बल्कि बगरू विधानसभा के चूलगिरी के नीचे आगरा रोड के किनारे बसी आबादी के वार्डों की स्थिति हैं।</p>
<p>बगरू विधानसभा में 13 वार्ड आते हैं। कुछ वार्ड प्रताप नगर, जगतपुरा में हैं, जिनकी स्थिति अपेक्षाकृत आगरा रोड के पास बसे वार्डों से अच्छी हैं। बहरहाल, यह कहा जा सकता है कि जयपुर शहर की अन्य विधानसभाओं की तुलना में बगरू विधानसभा के वार्ड विकास के नाम पर पिछड़े हुए हैं, जबकि आगरा रोड पर बसे वार्ड तो अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं।</p>
<p><strong>सीवरेज नहीं, कई कॉलोनियों में सड़क पर बहता पानी :</strong></p>
<p>बगरू विधानसभा के 2003 में अस्तिव में आने के साथ ही वार्ड अस्तिव में आ गए थे। करीब दो दशक का सफर तय होने के बावजूद किसी भी वार्ड में सीवरेज नहीं डाली गई। नालियों का गंदा पानी सड़क पर बहता रहता है और बारिश के दिनों में तो स्थिति काफी बदहाल हो जाती है। अंधेरा होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो जाती हैं और आवारा जानवर वाहन चालकों को टक्कर मार देते हैं।</p>
<p><strong>बीसलपुर पानी को तरसते :</strong></p>
<p>आगरा रोड के किनारे बसे वार्डों में अभी तक बीसलपुर पानी नहीं पहुंच पाया है। हालांकि, भाजपा नेताओं ने अनेक बार बीसलपुर का पानी लाने का वादा किया है, लेकिन अभी तक पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंच पाई है।</p>
<p><strong>नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी के ढेर :</strong></p>
<p>वार्डों की नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। जिनमें आवारा पशु मुंह मारते और मक्खी-मच्छर भिनभिनाते रहते हैं। नगर निगम की ओर से फोगिग और नालियों में कीटनाशक दवाई नहीं डालने से आए दिन लोग मलेरिया और मौसमी बीमारियों की चपेट में आते हैं। सामुदायिक केन्द्र बदमाशों का ठिकाना बन गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-many-wards-of-agra-road-bisalpur-there-is-no/article-164224</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-many-wards-of-agra-road-bisalpur-there-is-no/article-164224</guid>
                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 09:30:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-08/111200-x-600-px%2992.png"                         length="1828968"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समस्याओं के बीच गुजर रही जिंदगी, चुनावी वादों पर फिर सवाल, वार्डवासी बोले- जब नेताओं ने नहीं सुनी तो किससे कहें अपनी बात</title>
                                    <description><![CDATA[घंटाघर-मकबरा जैसे कंजेस्टेड इलाकों में सफाई, टूटी सड़क और नालियों की परेशानी बनी रोजमर्रा की चुनौती।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/life-amidst-persistent-problems--questions-raised-again-regarding-election-promises--residents-ask%E2%80%94%22when-leaders-don-t-listen--to-whom-can-we-voice-our-grievances-%22/article-164122"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/6622-copy114.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में आगामी पार्षद चुनावों की तैयारियों के बीच जमीनी हकीकत जानने के लिए वार्ड नंबर 44 से 49 तक की ग्राउंड रिपोर्टिंग की गई। रिपोर्टिंग के दौरान सामने आया कि कई वार्ड क्षेत्र आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कहीं सफाई व्यवस्था बदहाल है तो कहीं क्षतिग्रस्त सड़कें लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। टूटी नालियां, फैली गंदगी और अतिक्रमण की समस्या ने कई क्षेत्रों की तस्वीर बिगाड़ रखी है। लोगों का कहना है कि हर चुनाव में विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव बीतने के बाद कई वादे कागजों और भाषणों तक ही सीमित रह जाते हैं।</p>
<p><strong>कंजेस्टेड इलाकों में रोज की जद्दोजहद</strong><br />ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान घंटाघर, मकबरा और टिपटा जैसे अत्यधिक कंजेस्टेड क्षेत्रों की स्थिति सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण नजर आई। यहां संकरी गलियों, बढ़ते यातायात और अव्यवस्थित व्यवस्थाओं के कारण आमजन को रोजमर्रा की जिंदगी में काफी संघर्ष करना पड़ता है। कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, नालियां टूटी हुई हैं और सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। गंदगी के ढेर और नालियों से उठती बदबू लोगों की परेशानी को और बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कंजेस्टेड इलाकों में सफाई और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जाम और अतिक्रमण की समस्या के कारण पैदल निकलना भी कई बार मुश्किल हो जाता है। दुकानों के बाहर फैलता सामान और बढ़ते अतिक्रमण से रास्ते संकरे होते जा रहे हैं। इसका सीधा असर व्यापारियों के साथ-साथ राहगीरों और क्षेत्रवासियों पर पड़ रहा है।</p>
<p><strong>‘नेता जी के घर के बाहर की समस्या, फिर भी नहीं हुआ समाधान’</strong><br />चश्मे की बावड़ी क्षेत्र में वर्षों पुरानी नाले की समस्या आज भी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। वार्डवासियों का कहना है कि नाले की समस्या का स्थायी समाधान लंबे समय से नहीं हो पाया है। लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह समस्या ऐसे स्थान पर है, जहां से जनप्रतिनिधि भी परिचित और उनका घर भी नाले पर बना हुआ हैं। एक वार्डवासी ने दो टूक कहा, “नाले की समस्या तो नेता जी के घर के बाहर की है। जब नेता जी ने ही ध्यान नहीं दिया तो हम आखिर किसके पास जाकर अपनी बात कहें।”</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद जमुना बाई</strong><br />वर्षों से बंद पड़ी टिपटा चौकी को शुरू करवाने के साथ ही पाटनपोल क्षेत्र में स्कूल भवन का निर्माण कराया गया। मंदिरों का जीर्णोद्धार भी करवाया गया। उन्होंने कहा कि वार्ड में साफ-सफाई की समस्या बनी रहती है, जिसके समाधान के लिए प्रशासन के साथ आमजन को भी जागरूक होकर जिम्मेदारी निभानी होगी।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद नसरीन मिर्ज़ा</strong><br />वार्ड की संकरी गलियों में कचरा संग्रहण एक बड़ी चुनौती था। इस समस्या के समाधान के लिए कई कचरा पॉइंट हटवाए गए और घर-घर से कचरा एकत्रित करने के लिए हाथगाड़ियों की व्यवस्था करवाई गई।इस व्यवस्था से गलियों में फैली गंदगी को कम करने में मदद मिली। नियमित सफाई और बेहतर कचरा प्रबंधन के लिए स्थानीय लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद सोनू कुरेशी</strong><br />कार्यकाल में वार्ड में विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए कई सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं। आधुनिक सुविधाओं से युक्त सुलभ कॉम्प्लेक्स और सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया, वहीं कब्रिस्तान का भी विकास करवाया गया। वार्डवासियों को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए घर-घर तक पानी की पाइपलाइन डलवाई गई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य किए गए।</p>
<p><strong>वार्डवासी अब्दुल रहीस</strong><br />क्षेत्र की बदहाल व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वार्ड में जगह-जगह गंदगी फैली रहती है और सड़कें व नालियां टूटी पड़ी हैं। कई बार जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लोग इन समस्याओं से परेशान हैं और समाधान नहीं होने के कारण वार्डवासियों की परेशानी जस की तस बनी हुई है।</p>
<p><strong>वार्डवासी हसीना</strong><br />क्षेत्र में नाले की समस्या कई वर्षों से बनी हुई है। नाले का गंदा पानी कई बार घरों तक पहुंच जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वार्ड में गंदगी भी आम समस्या बनी हुई है। उन्होंने जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब नेताओं के घरों के आसपास की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है, तो आम लोग आखिर अपनी शिकायत लेकर किसके पास जाएं।</p>
<p><strong>वार्डवार क्षेत्र का व्यवस्थित विवरण</strong><br />वार्ड नंबर 44: संपूर्ण थर्मल कॉलोनी, कुन्हाडी थाना, संत तुकाराम सामुदायिक भवन, अंबेडकर कॉलोनी, हनुमान गढ़ी, सरकारी स्कूल, धुआंखाल, देवनारायण सामुदायिक भवन, हटाई का चौक, काली टेक हनुमानजी का मंदिर, सुलभ शौचालय, मस्जिद गली, नागर फ्लोर मिल नारायण भवन, इम्मानुएल स्कूल तथा जैन मंदिर का क्षेत्र शामिल है।<br />वार्ड नंबर 45: इमली चौक, शूजाउद्दीन चौक, भिस्तियों की मस्जिद, पुरानी हरिजन बस्ती, कुरेशियों की मस्जिद, गुले-गुलजार, उमर कॉलोनी, मकबरा थाना, एहले हदीस मस्जिद, डॉक्टर जाकिर हुसैन सामुदायिक भवन, भाण्डों की मस्जिद, राज हवेली, मामा करीम चौक, जेदी स्टूडियो, रेमण्ड शोरूम, शनि मंदिर, हम्मलों का चौक, चश्मे की बावड़ी, कुरैशी जमातखाना, देवनारायण मंदिर, हुसैन चौक, बजाजखाना, बंबोला मंदिर, तेलियों की चौकड़ी, मोमिनों की बड़ी मस्जिद, जाकिर नई तथा रघु पान की गली आदि क्षेत्र शामिल हैं।<br />वार्ड नंबर 46: आईसीआईसीआई बैंक, मेन रोड पाटनपोल, मथुराधीश जी का मंदिर, भट्जी महाराज का चौक, छोटे मथुराधीश जी, राजकीय बालिका माध्यमिक विद्यालय टिपटा, काजीपाड़ा, भूरिया गणेशजी मंदिर, सराय का स्थान, मथुरेश भवन, लालबुर्ज, काली कंकाली मंदिर, नारायण बाल निकेतन, गंधीजी का पुल, लक्ष्मी होटल, चित्तौड़ा स्कूल का क्षेत्र शामिल है।<br />वार्ड नंबर 47: गढ़ पैलेस, पादमनाभ मंदिर, नीलकंठ मंदिर, अफीम गोदाम, पट्टा बुर्ज अखाड़ा, रेतवाली, कैथूनीपोल थाना तथा सत्यनारायण मंदिर का क्षेत्र शामिल है।<br />वार्ड नंबर 48: वफ्फ नगर, गोदावरी धाम, अधरशिला कच्ची बस्ती, अधरशिला कब्रिस्तान, चंबल गार्डन, गांधी उद्यान, नगर निगम गैराज, चंबल रेस्ट हाउस, बजरंग बस्ती, गोविंद धाम तथा किशोरपुरा के आंशिक क्षेत्र शामिल हैं।<br />वार्ड नंबर 49: भीतरीय कुंड एवं शिवपुरा का संपूर्ण क्षेत्र शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/life-amidst-persistent-problems--questions-raised-again-regarding-election-promises--residents-ask%E2%80%94%22when-leaders-don-t-listen--to-whom-can-we-voice-our-grievances-%22/article-164122</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/life-amidst-persistent-problems--questions-raised-again-regarding-election-promises--residents-ask%E2%80%94%22when-leaders-don-t-listen--to-whom-can-we-voice-our-grievances-%22/article-164122</guid>
                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 13:04:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-08/6622-copy114.jpg"                         length="1314418"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बुनियादी सुविधाओं का अभाव : टूटी सड़कें, अंधेरा और कचरे के ढेर की कड़वी सच्चाई</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा ग्राउंड रिपोर्ट: वार्ड 60 से 65 में विकास के दावों की खुली पोल।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/lack-of-basic-amenities--the-harsh-reality-of-broken-roads--darkness--and-garbage-heaps/article-163730"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(3)51.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।शहर के प्रमुख इलाकों में शामिल वार्ड 60 से 65 की ग्राउंड रिपोर्ट में विकास के दावों की अलग तस्वीर सामने आई। कहीं टूटी सड़कें परेशानी बढ़ा रही हैं तो कहीं रोड लाइट और सफाई व्यवस्था लोगों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। कई जगह सड़क और नालियों का निर्माण तक नहीं हुआ है। वार्ड 63 के छावनी क्षेत्र में टूटी सड़कों और जगह-जगह बने कचरा पॉइंट की समस्या सामने आई। सफाई व्यवस्था कमजोर होने से कचरा पॉइंट भी परेशानी का कारण बने हुए हैं। लोगों ने कहा कि सड़क, सफाई और रोड लाइट जैसी सुविधाएं हर वार्ड की पहली जरूरत हैं, लेकिन इन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। वार्ड 60, 61 और 62 में भी सड़क, रोड लाइट और सफाई को लेकर लोगों की शिकायतें सामने आईं। कई जगह सड़कें खराब हैं। पर्याप्त रोशनी नहीं होने से शाम के बाद परेशानी बढ़ जाती है। सफाई व्यवस्था को लेकर भी लोगों में नाराजगी है।</p>
<p><strong>वार्ड में सड़क-नाली का इंतजार</strong><br />वार्ड नंबर 64 में स्थानीय लोगों का आरोप है कि पार्षद समस्या दूर करवाना तो दूर, उनकी समस्या पूछने तक नहीं आते। वार्डवासियों ने कहा कि चुनाव से पहले उनसे कई बड़े-बड़े वादे किए गए थे। विकास कार्य करवाने और समस्याओं का समाधान करने की बात कही गई थी, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कई वादे अधूरे रह गए। लोगों का कहना है कि अब जब वे अपनी समस्याएं बताते हैं तो सरकार के बीच में चले जाने का तर्क दिया जाता है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद लेखराज योगी ने बताया</strong><br />वार्ड का एक बड़ा हिस्सा पहले कच्ची बस्ती और डूबत क्षेत्र में आता था। मेरे कार्यकाल में इन क्षेत्रों को व्यवस्थित और विकसित करने की दिशा में काम किया गया। वार्ड की सबसे बड़ी समस्या नाले को लेकर थी, जिसके कारण जलभराव और अन्य परेशानियां बनी रहती थीं।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद शिवांगी सोनी ने बताया</strong><br />वार्ड क्षेत्र में आने वाले विशाल मार्केट में बना नाला लंबे समय से हादसों का कारण बना हुआ था। नाले को व्यवस्थित कराया गया। वार्ड में सीवरेज लाइन डलवाने के साथ बंगाली कॉलोनी के गार्डन का जीर्णोद्धार भी करवाया गया। अधिकारियों ने वार्ड के साथ भेदभाव किया, जिसके चलते कई जरूरी कार्य आज भी अधूरे पड़े हैं।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद इसरार मोहम्मद ने बताया</strong><br />वार्ड में वर्षों पुरानी सीवरेज व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई थी। कार्यकाल में पुरानी सीवरेज लाइन को हटाकर नई लाइन डलवाई गई। वार्ड में बने नालों का सीसी निर्माण करवाने के साथ पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई पानी की लाइन भी डलवाई गई।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद ऐश्वर्य श्रृंगी ने बताया</strong><br />वार्ड में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का स्थायी समाधान करवाया गया। पूरे वार्ड क्षेत्र में रोड लाइट लगवाकर अंधेरे की समस्या को भी दूर किया गया। शिकायत मिलते ही संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर उसका समाधान उसी दिन करवाया जाए। जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता के बीच रहकर समस्याओं का समाधान करना है।</p>
<p><strong>वार्डवासी आकाश कश्यप ने कहा</strong><br />वार्ड की मौजूदा स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्र में व्यवस्थाएं लगातार बिगड़ती जा रही हैं। कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हैं और सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई हुई है। वर्षों से बने कचरा पॉइंट अब तक नहीं हटाए गए, जिससे गंदगी और बदबू की समस्या बनी रहती है।</p>
<p><strong>वार्डवासी विवेक प्रजापति ने कहा</strong><br />कम से कम दिन में एक बार पूरे वार्ड का भ्रमण करने से क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सकता है। कई समस्याएं ऐसी होती हैं, जिनकी जानकारी शिकायत मिलने के बाद नहीं बल्कि मौके पर जाकर ही होती है। इसलिए जनप्रतिनिधि को सक्रिय रहकर जनता से सीधा संवाद करना चाहिए और समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों से लगातार समन्वय रखना चाहिए।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर व क्षेत्र</strong><br /><strong>वार्ड नंबर 60: </strong>न्यू पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सर्वोदय कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल, शिवाजी पार्क, गुलमोहर पार्क, गवर्नमेंट संस्कृत स्कूल, नूरी जामा मस्जिद आदि क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 61</strong>: ईएसआई हॉस्पिटल, आईटीआई कॉलेज, आयशा मस्जिद, न्यू मोटर मार्केट, मंशापूर्ण हनुमान मंदिर, मीणा छात्रावास, महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज, चमत्कारेश्वर हनुमान मंदिर, अपना घर आश्रम, कलाल सामुदायिक भवन तथा संजय नगर का आंशिक क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 62:</strong> गोविंद नगर, एसएसएफ चौराहा, सूर्य नगर तथा जेके फैक्ट्री का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 63:</strong> अहलूवालिया मॉल, पुलिस चौकी, छावनी पुलिस चौकी के पीछे का क्षेत्र, दुर्गा बस्ती, भेरू बस्ती, छावनी रामचंद्रपुरा की गली नंबर 1, 2, 3, 4 व 5, इंडस्ट्रियल एरिया, घेरवाले बाबा के पीछे का क्षेत्र, शीतला माता मंदिर के आसपास का क्षेत्र, बंगाली कॉलोनी, तिलक नगर, पालीवाल कंपाउंड तथा विशाल मार्केट का क्षेत्र आदि शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 64:</strong> शिव आश्रम के पीछे का क्षेत्र, जेपी कॉलोनी, चमड़ा फैक्ट्री के आसपास का क्षेत्र, राजपूत कॉलोनी, राधा-कृष्ण मंदिर के आसपास का क्षेत्र, शीतला माता मंदिर तथा मंगलेश्वर व्यायामशाला के आसपास का क्षेत्र आदि शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 65:</strong> गोपेश्वर महादेव मंदिर, तेलियों का मंदिर, तिलक स्कूल, सुलभ कॉम्प्लेक्स, नेशनल टेलर्स के पीछे का क्षेत्र, दुर्गा ड्राईक्लीनर्स के पीछे का क्षेत्र, गोपेश्वर महादेव मंदिर के पीछे का क्षेत्र, जमुना पान भंडार के पीछे का क्षेत्र, जगदीश माईल पूर्व पार्षद के पीछे का क्षेत्र, एक मीनार मस्जिद के पीछे का क्षेत्र, एस पी कॉलोनी का आंशिक भाग तथा शमा कॉलोनी का क्षेत्र शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/lack-of-basic-amenities--the-harsh-reality-of-broken-roads--darkness--and-garbage-heaps/article-163730</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/lack-of-basic-amenities--the-harsh-reality-of-broken-roads--darkness--and-garbage-heaps/article-163730</guid>
                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 15:18:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-08/111200-x-600-px%29-%283%2951.png"                         length="1174852"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नए वार्ड, पुरानी समस्याएं : 10 से 15 किलोमीटर में फैले वार्ड, सुविधाएं अब भी दूर</title>
                                    <description><![CDATA[चंद्रेसल का मुख्य मार्ग बदहाल व अंधेरा बना परेशानी का कारण।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/new-wards--old-problems--wards-spanning-10-to-15-kilometers--amenities-remain-out-of-reach/article-163317"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/6622-copy49.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम के नए परिसीमन के बाद वार्डों की तस्वीर भले ही बदली हो, लेकिन वार्ड नंबर 9 में कोई खास बदलाव नजर नहीं आता। पहले जितना क्षेत्र वार्ड में शामिल था, लगभग वही क्षेत्र अब भी वार्ड नंबर 9 का हिस्सा है। करीब 15 किलोमीटर के दायरे में फैले इस वार्ड में दूरी के साथ समस्याओं का दायरा भी बड़ा है। कहीं सड़कें जवाब दे रही हैं तो कहीं पानी की समस्या लोगों को परेशान कर रही है। अर्जुनपुरा क्षेत्र में सड़क की हालत खराब है और रात के समय पर्याप्त रोड लाइट नहीं होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है। सबसे गंभीर स्थिति श्मशान तक जाने वाले रास्ते की है। रास्ता खराब होने के साथ श्मशान की व्यवस्थाएं भी बदहाल बताई जा रही हैं। ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।</p>
<p>वार्डवासियों को अब उम्मीद है कि निगम प्रशासन सड़क, पानी, प्रकाश व्यवस्था और अतिक्रमण जैसी मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता से लेकर समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगा। लोगों का कहना है कि शहर का हिस्सा होने के बावजूद यदि किसी क्षेत्र में आज भी सड़क, रोशनी और बुनियादी सुविधाओं के लिए इंतजार करना पड़े, तो विकास की तस्वीर अधूरी ही मानी जाएगी।</p>
<p><strong> शिकायतों के बाद भी नहीं बदली तस्वीर</strong><br />अर्जुनपुरा क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब है। बारिश के दौरान परेशानी और बढ़ जाती है। श्मशान तक पहुंचने वाला मार्ग भी दुरुस्त नहीं होने से बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष परेशानी होती है। इसके अलावा अतिक्रमण और सड़क संबंधी शिकायतें भी लगातार सामने आती रहती हैं।</p>
<p><strong>चंद्रेसल का मुख्य मार्ग भी बदहाल, रोड लाइट भी नहीं</strong><br />वार्ड नंबर 10 में आने वाले चंद्रसाल ग्राम की स्थिति भी लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। गांव में जाने वाला मुख्य मार्ग क्षतिग्रस्त हो रहा है। सड़क की खराब हालत के साथ इस मार्ग पर रोड लाइट की सुविधा भी पर्याप्त नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम ढलने के बाद मार्ग पर अंधेरा छा जाता है। ऐसे में वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी होती है। लोगों ने बताया कि अंधेरे का फायदा उठाकर इस मार्ग पर कई बार लूटपाट की वारदातें भी हो चुकी हैं। केवल वार्डों का परिसीमन बदलने से समस्याएं खत्म नहीं होंगी। जरूरत इस बात की है कि नए दायरे के हिसाब से विकास और निगरानी भी मजबूत कि जाए।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर, क्षेत्र व जनसंख्या</strong><br />-वार्ड नंबर 6 जनसंख्या 12,951 क्षेत्र: मीरा बस्ती, मवासा पुलिया क्षेत्र, संजय नगर, भीमपुरा ग्राम, कोर्ट मोहल्ला, सम्मलेश्वर मंदिर, नयाखेड़ा मोहल्ला, वैद्ययनाथ मंदिर, गाड़ीगाल आदि।</p>
<p>-वार्ड नंबर 7 जनसंख्या 12,732 क्षेत्र: न्यू कॉलोनी, हरिजन बस्ती, कृषि उपजमंडी, किशनपुरा बस्ती, बूटा सिंह कॉलोनी, मेला बस स्टैंड, अहिरवाड़ा, आजाद नगर आदि क्षेत्र शामिल है।</p>
<p>-वार्ड नंबर 8 जनसंख्या 12,710 क्षेत्र: धाकड़खेड़ी, चण्डीन्दा, भोजपुरा, आरामपुरा, जालखेड़ा, खेड़ा रसूलपुर, चैनपुरा आदि क्षेत्र शामिल है।</p>
<p>-वार्ड नंबर 9 जनसंख्या 11,284 क्षेत्र: अर्जुनपुरा, दसलाना, झालीपुरा, जगन्नाथपुरा, बोरखंडी छोटी व बड़ी, मण्डानिया, आदि क्षेत्र शामिल है।</p>
<p>-वार्ड नंबर 10 जनसंख्या 11393 क्षेत्र: बड़ा सोगरिया, मधुबन कॉलोनी, रोटेदा ग्राम, चंदेशल ग्राम, मानसिंह बस्ती आदि शामिल है।</p>
<p>पार्षद कार्यकाल में कई क्षेत्रों में सड़क सहित विभिन्न विकास कार्य करवाए गए। निगम प्रशासन ने सीवरेज लाइन डालने के दौरान पहले से बनी सड़कों को तोड़ दिया। सीवरेज लाइन डाले हुए करीब तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कई जगह कनेक्शन नहीं दिए गए हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।<br /><strong>-मनोज सैनी ,पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>वार्ड में लगभग सभी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया गया है। वार्डवासियों की ओर से समय-समय पर सामने आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान कराया गया। उनका कहना है कि क्षेत्र के विकास और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम किया गया है।<br /><strong>- सोनम,पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>वार्ड में सामुदायिक भवन की सुविधा नहीं है और सड़क की समस्या सबसे ज्यादा बनी हुई है। कई जगह लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। समस्या को लेकर कई बार लिखित और मौखिक रूप से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। लोगों को उम्मीद है कि नगर निगम क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से लेकर सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार कराएगा।<br /><strong>-महेंद्र गुर्जर ,वार्डवासी </strong></p>
<p>वार्ड काफी बड़े दायरे में फैला हुआ है, इसलिए यहां समस्याओं का दायरा भी बड़ा है। अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग तरह की परेशानियां सामने आती हैं, लेकिन सबसे बड़ी समस्या पानी की रहती है। कई बार लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ता है। बड़े वार्ड में रहने वाले लोगों को समय पर सुविधाएं मिलें, इसके लिए प्रशासन को नियमित रूप से क्षेत्रों का निरीक्षण कर समस्याओं का समाधान करना चाहिए।<br /><strong> -विजय शर्मा,वार्डवासी</strong></p>
<p>पहले वार्ड की पार्षद ईना मीणा थीं,आमजन को छोटे-छोटे कामों के लिए भी परेशान होना पड़ा। यहां तक कि एक साइन करवाने के लिए भी लोगों को इधर-उधर दौड़ लगानी पड़ती थी। जनप्रतिनिधि से उम्मीदें थीं, लेकिन वार्ड में समस्याओं का अंबार लगा रहा और लोगों की सुनवाई तक नहीं हुई।<br /><strong>-शरद कुशवाह,वार्डवासी  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/new-wards--old-problems--wards-spanning-10-to-15-kilometers--amenities-remain-out-of-reach/article-163317</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/new-wards--old-problems--wards-spanning-10-to-15-kilometers--amenities-remain-out-of-reach/article-163317</guid>
                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 14:27:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-08/6622-copy49.jpg"                         length="254677"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नामी इलाकों में समस्याओं का अंबार, सुविधाएं बदहाल</title>
                                    <description><![CDATA[वार्डवासियों की शिकायत-चुनाव के समय नजर आते हैं जनप्रतिनिधि, बाद में मिलना मुश्किल ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/heaps-of-problems-and-poor-amenities-in-prominent-areas/article-163138"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(4)23.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर की पहचान केवल कोचिंग और शिक्षा से ही नहीं, बल्कि यहां की विकसित और नामी कॉलोनियों से भी है। श्रीनाथपुरम, आरके पुरम, रंगबाड़ी, महावीर नगर और मेडिकल कॉलेज जैसे इलाके शहर के प्रमुख क्षेत्रों में गिने जाते हैं। लेकिन इन इलाकों में जब जमीनी हकीकत जानने के लिए पड़ताल की गई तो तस्वीर कुछ अलग नजर आई। वार्ड नंबर 50 से 54 तक किए गए दौरे में लोगों ने सफाई, सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं सामने रखीं। लोगों का कहना है कि शहर के प्रमुख इलाकों में यदि बुनियादी सुविधाओं को लेकर ही परेशानी रहे तो यह चिंता का विषय है।वार्डों का क्षेत्रफल बढ़ने के साथ अब जनप्रतिनिधियों और निगम प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि बड़े क्षेत्र में समस्याओं की नियमित निगरानी के लिए मजबूत व्यवस्था जरूरी है। केवल शिकायत आने के बाद कार्रवाई करने के बजाय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को नियमित निरीक्षण करना चाहिए।</p>
<p><strong>परिसीमन के बाद बड़े हुए वार्ड, लेकिन समस्याओं का दायरा भी बढ़ा</strong><br />-वार्ड नंबर 50 में श्रीनाथपुरम स्टेडियम, जीएडी क्वार्टर्स, श्रीनाथपुरम के विभिन्न सेक्टर, हजीरा बस्ती, श्याम नगर, अकेलगढ़ और आरटीयू क्षेत्र शामिल हैं।<br />-वार्ड नंबर 51 में आरके पुरम ए, बी व ई, बॉम्बे योजना, काला बादल, सामुदायिक भवन और संपूर्ण मेडिकल कॉलेज क्षेत्र आता है।<br />-वार्ड नंबर 52 में हरिओम नगर, कच्ची बस्ती, वीर सावरकर नगर, लुहार बस्ती, पीएचईडी कार्यालय और रंगबाड़ी योजना के सेक्टर 4 व 5 शामिल हैं।<br />-वार्ड नंबर 53 में महावीर नगर तृतीय के सेक्टर 2 से 9 तक का क्षेत्र आता है।<br />-वार्ड नंबर 54 में पारिजात सेक्टर 10 व 11, महावीर नगर द्वितीय का पूरा क्षेत्र तथा महावीर नगर तृतीय का सेक्टर 1 व 4 क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>सफाई सड़क व्यवस्था को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी</strong><br />पड़ताल के दौरान कई वार्डों में लोगों ने सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। वार्डवासियों का कहना है कि कई जगह नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी की समस्या बनी रहती है। खाली जगहों और बस्तियों के आसपास सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। लोगों ने निगम से नियमित मॉनिटरिंग की मांग की है। इन वार्डों में सड़कें भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हैं तो कहीं लंबे समय से मरम्मत की जरूरत महसूस की जा रही है। लोगों का कहना है कि सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि शहर के विकास की तस्वीर भी होती हैं। नामी कॉलोनियों में सड़कों की स्थिति बेहतर होनी चाहिए। सड़क खराब होने से वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वालों को भी परेशानी होती है।</p>
<p><br /><strong>लाइट-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी</strong><br />स्ट्रीट लाइट और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी अपनी समस्याएं बताईं। उनका कहना है कि रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। वहीं पानी की व्यवस्था में कहीं भी समस्या हो तो उसका सीधा असर परिवारों पर पड़ता है। निगम और संबंधित विभागों को सुनिश्चित करना चाहिए कि पानी, सड़क, सफाई और रोशनी जैसी सुविधाएं नियमित और बेहतर तरीके से उपलब्ध हों।</p>
<p><strong>चुनाव के समय दिखते हैं, बाद में मिलना मुश्किल</strong><br />इन सभी समस्याओं के बीच वार्डवासियों की सबसे बड़ी नाराजगी जनप्रतिनिधियों की नियमित मौजूदगी को लेकर है। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय नेता और जनप्रतिनिधि घर-घर पहुंचते हैं, लोगों की समस्याएं सुनते हैं और समाधान का भरोसा देते हैं। लेकिन चुनाव के बाद वही जनप्रतिनिधि नजर नहीं आते और उनसे मिलना मुश्किल हो जाता है।</p>
<p><strong>दिन में एक बार वार्ड का दौरा करें जनप्रतिनिधि</strong><br />जनप्रतिनिधियों को अपने वार्ड में नियमित रूप से दौरा करना चाहिए। कम से कम दिन में एक बार क्षेत्र का चक्कर लगाकर सफाई, सड़क, पानी, बिजली और सुरक्षा की स्थिति देखी जाए तो काफी समस्याएं मौके पर ही सामने आ सकती हैं।<br />लोगों का कहना है कि परिसीमन के बाद वार्ड भले ही बड़े हो गए हों, लेकिन जनता की उम्मीदें भी उतनी ही बड़ी हैं। श्रीनाथपुरम, आरके पुरम, रंगबाड़ी और महावीर नगर जैसे क्षेत्रों की पहचान कोटा शहर से जुड़ी है। ऐसे में इन इलाकों में अव्यवस्थाएं शहर की छवि पर भी असर डालती हैं।</p>
<p>भाजपा सरकार बनने के बाद से कांग्रेस पार्षदों वाले वार्डों के साथ विकास कार्यों में भेदभाव किया जा रहा है। जिन इलाकों में वास्तव में विकास की जरूरत है, वहां काम नहीं करवाए जा रहे, जबकि जहां पहले से सड़कें और पार्क बने हुए हैं, उन्हें बिना जरूरत तोड़कर दोबारा निर्माण कराया जा रहा है। बनी-बनाई सड़कों को उखाड़ने और हाल ही में विकसित पार्कों को फिर से तोड़कर बनाने से जनता के पैसों की बर्बादी हो रही है।<br /><strong>- शालिनी गौतम , पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>मेरे कार्यकाल में मेने वार्ड में सड़क और सफाई के कार्यों को प्राथमिकता दी थी। बालाजी नगर में सड़क और नालियों का निर्माण करवाया गया। इसके अलावा वार्ड के अन्य क्षेत्रों में भी जरूरत के अनुसार सड़क और नाली निर्माण सहित कई विकास कार्य करवाए गए।<br /><strong>-रेखा यादव, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>वार्ड में सड़क, नाली और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने सहित कई विकास कार्य करवाए गए। वार्डवासियों की ओर से समय-समय पर बताई गई समस्याओं का भी अपने स्तर पर समाधान करवाने का प्रयास किया गया।<br /><strong>-नंदकंवर हाड़ा , पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>वार्ड में बिजली की समस्या बनी रहती है। वहीं पानी भी कम दबाव से आता है, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है। कई बार पार्षद को समस्या से अवगत करवाया, लेकिन अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है। अब लोगों को इंतजार है कि समस्या का समाधान कब होगा।<br /><strong>-हिमांशु शर्मा, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में सफाई व्यवस्था बिगड़ी हुई है। हालांकि पूर्व पार्षद के कार्यकाल में कई विकास कार्य करवाए गए, लेकिन कार्यकाल समाप्त होने के बाद समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। सफाई व्यवस्था में सुधार के साथ अन्य मूलभूत समस्याओं के समाधान की भी जरूरत है।<br /><strong>-रतन कुमारी,वार्डवासी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/heaps-of-problems-and-poor-amenities-in-prominent-areas/article-163138</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/heaps-of-problems-and-poor-amenities-in-prominent-areas/article-163138</guid>
                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 15:42:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-08/111200-x-600-px%29-%284%2923.png"                         length="1648386"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> नाम की रह गई समितियां, तीन अध्यक्ष ने पाला बदला</title>
                                    <description><![CDATA[दो साल में कई समितियों की तो एक बैठक तक नहीं हुई।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/committees-remained-only-in-name--three-chairmen-changed-sides/article-84277"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size-(1)9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा में दो नगर निगम होने के बावजूद पिछली कांग्रेस सरकार में कोटा दक्षिण निगम में ही समितियों का गठन किया गया था। लेकिन वह समितियां भी सिर्फ नाम की ही रह गई हैं। समितियों को गठित हुए दो साल का समय हो गया लेकिन न तो उनकी बैठकें हो रही हैं और न ही जनता की समस्याओं का समाधान। कोटा में पहले एक नगर निगम और वार्डों की संख्या 65 थी। पिछली कांग्रेस सरकार में वार्डों का परिसीमन किया गया। दो नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण बना दिए। वार्डों की संख्या ढाई गुना बढ़ाकर 150 कर दी गई। दोनों निगमों में कांग्रेस के बोर्ड हैं। बोर्ड गठित होने के तीन माह के भीतर निगम स्तर पर समितियों का गठन नहीं किया जा सका। ऐसे में समितियों के गठन का  अधिकार रा’य सरकार के पाले में चला गया। सरकार की ओर से भी सिर्फ कोटा दक्षिण निगम में ही समितियों का गठन किया गया। जबकि कोटा उत्तर निगम में तो समितियां ही नहीं बनी।  राज्य सरकार ने जनता से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए समितियों का गठन किया था। जिससे पार्षद समितियों में जन समस्याओं को रख उनका समाधान करवा सकेें। समितियां बना तो दी लेकिन वह जनता के काम करना तो दूर बैठकें तक नहीं कर पा रही। </p>
<p><strong>22 समितियां, गिनती की बैठकें</strong><br />राज्य सरकार द्वारा जुलाई 2022 में कोटा दक्षिण निगम में 22 समितियों का गठन किया गया था। जिनमें से 21 समितियां तो शुद्ध कोटा दक्षिण की है। जबकि एक मेला समिति दोनों निगमों की संयुक्त बनाई गई है। हालत यह है कि समितियों का गठन हुए दो साल का समय हो गया। अधिकतर समितियों की तो दो-दो बैठकें तक नहीं हुई। कई समितियों की परिचयात्मक बैठक तक नहीं हुई। जिन समितियों की बैठकें हुई भी तो वे नाम मात्र की होकर रह गई। उन समितियों की बैठकों में जो निर्णय हुए उनकी पालना हुई या नहीं यह समिति के अध्यक्षों व सदस्यों को ही पता नहीं है। </p>
<p><strong>इन समितियों का किया था गठन</strong><br />राज्य सरकार ने नगर निगम कोटा दक्षिण में जिन समितियों का गठन किया था। उनमें से हर समिति में एक पार्षद को उसका अध्यक्ष और शेष 9 पार्षदों को समिति में सदस्य मनोनीत किया गया। भवन निर्माण स्वीकृति समिति व कार्यकारी समितियों में तो महापौर को उसका अध्यक्ष मनोनीत किया। जबकि सफाई समिति में उप महापौर को अध्यक्ष मनोनीत किया गया। इनके अलावा वित्त समिति,स्वास्थ्य समिति, नियम उप नियम समिति,गंदी बस्ती सुधार समिति,सार्वजनिक रोशनी व्यवस्था समिति,जल वितरण व्यवस्था समिति,राजस्व कर वसूली समिति,गैराज वाहन समिति,स्वर्ण जयंती रोजगार समिति,गौशाला समिति, अतिक्रमण निरोधक समिति,निर्मण समिति, आपदा प्रबंधन समिति,प्रचार-प्रसार समिति,नगर आयोजन एवं सौन्दर्यीकरण समिति,उद्यान प्रबंध समिति,भूमि भवन सम्पदा समिति बनाई गई थी। </p>
<p><strong>मेला समिति में कोटा उत्तर महापौर अध्यक्ष</strong><br />राज्य सरकार द्वारा गठित समितियों में एक समिति  मेला एवं अन्य उत्सव आयोजन समिति बनाई थी। जिसमें कोटा उत्तर की महापौर को उसका अध्यक्ष मनोनीत किया गया। जबकि कोटा दक्षिण के महापौर व उप महापौर, कोटा उत्तर के उप महापौर, दोनों निगमों के नेता प्रतिपक्ष समेत अन्य पार्षदों को उस समिति में सदस्य मनोनीत किया गया है।  मेला समिति की तो दशहरा मेले के लेकर कई बैठकें हुई थी। लेकिन वह भी मेले से पहले ही होती हैं। उसके बाद समिति की कोई बैठक नहीं हुई।</p>
<p><strong>समिति कांग्रेस पार्षदों की, अध्यक्षों ने बदला पाला</strong><br />राज्य की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने कोटा दक्षिण के कांग्रेस बोर्ड में कांग्रेस पार्षदों की समितियों का गठन किया था। लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान कई समितियों के अध्यक्षों ने ही पाला बदल लिया और वे भाजपा में शामिल हो गए। भवन निर्माण स्वीकृति व कार्यकारी समिति के अध्यक्ष व महापौर राजीव अग्रवाल, गौशाला समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह, अतिक्रमण निरोधक समिति के अध्यक्ष पी.डी. गुप्ता के अलावा समितियों के कई सदस्य कांग्रेस पार्षद भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। ऐसे में समितियां काम ही नहीं कर पा रही। हालांकि गौशाला समिति के अध्यक्ष ही एक मात्र ऐसे हैं जो नियमित रूप से गौशाला जाकर  उसमें सुधार के प्रयास में जुटे हैं। जबकि कई समिति अध्यक्षों को तो निगम में आए हुए ही काफी समय हो गया। </p>
<p><strong>समिति अध्यक्षों की पीड़ा</strong><br />वित्त समिति की दो बैठकें हुई। उन समितियों में जो निर्णय किए अधिकारियों ने उनकी पालना ही नहीं की। बजट से पहले दो बार बैठकें करने का प्रयास किया लेकिन नहीं हो सकी। वित्त से संबंधित जो निर्णय व काम हो रहे हैं उसके बारे में अधिकारी जानकारी ही नहीं दे रहे। ऐसे में समिति की बैठकें करने का कोई औचित्य ही नहीं रह जाता। अधिकारी जब बोर्ड के निर्णयों की ही पालना नहीं कर पा रहे हैं तो समितियों की बैठकों के निर्णयों की पालना करना तो दूर की बात है। <br /><strong>- देवेश तिवारी, अध्यक्ष, वित्त समिति </strong></p>
<p>राज्य सरकार ने समितियों का गठन जनता के कामों को करवाने के लिए किया है। समिति की बैठकें कर उसमें जो निर्णय लिए उन निर्णयों की  पालना हुई या नहीं इस बारे में अधिकारियों ने जानकारी ही नहीं दी। नियमानुसार निर्माण से संबंधित जो भी काम होने हैं उनका अनुमोदन समिति में करवाना आवश्यक है। लेकिन अधिकारी मनमानी चला रहे हैं। ऐसे में समिति का होना न होना बराबर है। <br /><strong>- इसरार मोहम्मद, अध्यक्ष, निर्माण समिति </strong></p>
<p>शुरुआत में समिति की बैठकें की। उसमें शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार से संबंधित निर्णय लिए गए। लेकिन अधिकारियों द्वारा उन निर्णयों की पालना ही नहीं की गई। उसके बाद अधिकारियों ने बैठकों में रुचि नहीं ली। जिससे बाद में न तो बैठक हुई और न ही अधिकारियों द्वारा सफाई से संबंधित निर्णयों के बारे में समिति को कोई जानकारी दी जा रही है। ऐसे में समिति नाम की रह गई है। <br /><strong>- पवन मीणा, उप महापौर व अध्यक्ष सफाई समिति</strong></p>
<p>राज्य सरकार द्वारा गठित समितियों में से अधिकर की तो बैठकें हुई हैं। हर समिति के अपने अधिकारी नियुक्त किए हुए हैं। समिति अध्यक्ष बैठकें बुला सकते हैं। लेकिन अधिकारी बैठकों के निर्णयों की पालना ही नहीं कर रहे हैं। ऐसे में बैठकें करने का कोई मलतब नहीं निकल रहा। हालांकि पिछले 9 माह से तो पहले विधानसभा और फिर लोकसभा चुनाव के कारण ही अधिकतर समय आचार संहिता में निकल गया। भवन निर्माण स्वीकृति से सबंधित कुछ पत्रावलियां आई हैं। अब शीघ्र ही बैठक कर उन पर निर्णय किया जाएगा। <br /><strong>- राजीव अग्रवाल, महापौर, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/committees-remained-only-in-name--three-chairmen-changed-sides/article-84277</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/committees-remained-only-in-name--three-chairmen-changed-sides/article-84277</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Jul 2024 16:07:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/photo-size-%281%299.png"                         length="542081"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        