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                <title>राई से कंकर निकालने जैसा है वेबसाइट पर लोकपाल का नाम ढूंढ़ना</title>
                                    <description><![CDATA[ सूचना सार्वजनिक करने पर यूनिवर्सिटी के खिलाफ शिकायतें लोकपाल तक पहुंचना हो जाता है आसान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/why-are-jai-meenesh-and-career-point-university-hiding-lokpal/article-87161"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/4111u1rer-(10)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा जिले के दो निजी विश्वविद्यालय जय मीनेश यूनिवर्सिटी कोटा और कॅरियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी, यूजीसी के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं। यह विश्वविद्यालय सख्त निर्देशों के बावजूद लोकपाल की नियुक्ति को सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं। दोनों ही विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार कहते हैं कि हमने अपनी वेब साइट पर लोकपाल की जानकारी डाल दी है, लेकिन वास्तव में उसे ढूंढना राई से कंकर निकालने जैसा है। अपनी वेब साइट पर किस कॉलम में कहां पर लोकपाल संबंधी जानकारी है इसकी पुष्टि खुद रजिस्ट्रार तक नहीं कर पा रहे हैं।</p>
<p>विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमानुसार सभी विश्वविद्यालयों को लोकपाल की नियुक्ति  करनी है और इस सूचना को विश्वविद्यालय की अधिकृत वेब साइट पर भी मुख्य रूप से दर्शाना है, जिससे यूनिवर्सिटी के कामकाज में पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की गंभीर शिकायत हो तो स्टूडेंट लोकपाल तक पहुंच सकें। लोकपाल एक स्वतंत्र इकाई होते हैं। जो अपना निर्णय देते हैं। लोकपाल का निर्णय अंतिम होता है। मामले में नवज्योति ने जय मीनेश यूनिवर्सिटी कोटा तथा कॅरियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी की साइट को चेक किया तो इसमें कहीं भी लोकपाल का नाम नजर नहीं आया।</p>
<p>जब इस संबंध में जय मीनेश यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार एम.के. शर्मा तथा करियर प्वाइंट के मोहित माथुर से जानकारी चाही तो जय मीनेश के रजिस्ट्रार ने कहा कि यूजीसी के कॉलम में लोकपाल की जानकारी है। लेकिन वेब साइट पर यूजीसी का कोई कॉलम ही नहीं है। इसी तरह कॅरियर प्वाइंट के रजिस्ट्रार मोहित माथुर को कई बार फोन लगाया। मैसेज भी किया लेकिन उन्होंने फोन अटेंड नहीं किया। आखिर निदेशक प्रमोद माहेश्वरी को फोन लगाया तो उन्होंने लोकपाल का नाम तो बता दिया लेकिन जानकारी रजिस्ट्रार से लेने को कह दिया। कॅरियर प्वाइंट की वेब साइट पर भी हमने जानकारी करनी चाही लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिली। आखिर रजिस्ट्रार ने बताया कि वेबसाइट पर लोकपाल की जानकारी तो है। लेकिन कहां हैं तो कहा कि पता करता हूं। </p>
<p><br /> क्या जानकारी होना चाहिए लोकपाल के संबंध में <br />यूजीसी के नियमानुसार यूनिवर्सिटी को अपनी वेब साइट पर लोकपाल का नाम, उनका परिचय, अनुभव, पता ,फोन नम्बर, ई-मेल आईडी के साथ शिकायत कैसे की जाए। इसका पूरा प्रोसिजर मेंशन होना चाहिए। तभी आम स्टूडेन्ट्स लोकपाल तक पहुंच बना सकते हैं। यूनिवर्सिटी यदि किसी स्टूडेंट की शिकायत नहीं सुन रही है तो वह किस तरह लोकपाल तक जा सकता है। वेब साइट के सर्च विंडो में अलग व स्पष्ट रूप से लोकपाल की जानकारी होना चाहिए। <br /> क्या कहते हैं लोकपाल<br />विश्वविद्यालय को यह जानकारी वेब साइट पर देनी चाहिए। उनहोंने शायद दे भी रखी है, नहीं होगी तो रजिस्ट्रार को कहेंगे। यह तो काम यूनिवर्सिटी का है, उसे करना ही चाहिए। <br />  -प्रो.प्रहलाद दुबे <br />लोकपाल कॅरियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी।<br />विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को देखना चाहिए कि लोकपाल के संबंध में सारी जानकारी सुलभ तरीके से मिल रही है या नहीं। यूजीसी ने लोकपाल नियुक्ति इसी वर्ष की है। हो सकता है यूनिवर्सिटी की वेब साइड में परिवर्तन हो तब वह करें। <br />-प्रो.एमएल गुप्ता<br />जय मीनेश यूनिवर्सिटी के लोकपाल। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Aug 2024 11:04:51 +0530</pubDate>
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                <title>अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें विद्यार्थी</title>
                                    <description><![CDATA[विवि की ग्रिवेंस सेल में समाधान न हो तो फिर विद्यार्थी लोकपाल से सम्पर्क कर सकते हैं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/students-should-be-aware-of-their-rights/article-86179"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size-(3)24.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। विद्यार्थी अपने अधिकारों के प्रति सजग रहे। निश्चित होकर अपनी पढ़ाई पर फोकस रखे। किसी तरह की कोई समस्या हो तो वे विश्वविद्यालय में बनी ग्रिवेंसेज सेल में शिकायत दर्ज कराएं। यदि, समाधान संतोषजनक न लगे तो फिर लोकपाल से सम्पर्क कर सकते हैं। यह कहना है कॅरियर पॉइंट यूनिवर्सिटी के नवनियुक्त लोकपाल प्रहलाद दुबे का। दुबे गवर्नमेंट कॉलेज कोटा में 2004 से 2019 तक प्रोफेसर से जुलोजी विभागाध्यक्ष रहे हैं। वर्ष 2019 में विभागाध्यक्ष से रिटायर्ड हुए हैं। पेश हैं नवज्योति से उनकी बातचीत के प्रमुख अंश...</p>
<p><strong>- नवज्योति : लोकपाल के रूप में आपकी क्या प्राथमिकताएं क्या रहेंगी?</strong><br /><strong>ए दुबे :</strong> विद्यार्थियों की समस्याओं का निवारण करवाने की दिशा में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) का एक सेट प्रोसिजर होता है। उसी क्राइट एरिया के अनुसार कार्य करेंगे।<br /><strong>- नवज्योति : विवि में विद्यार्थी की कहीं सुनवाई न हो तो वे लोकपाल तक कैसे पहुंचें?</strong><br /><strong>ए दुबे :</strong> विश्वविद्यालय की वेबसाइड पर लोकपाल के बारे में आॅनलाइन जानकारी व ईमेल दिया होता है। उसके माध्यम से सम्पर्क कर सकते हैं। हालांकि, विवि की ग्रिवेंस सेल होती है। पहले विद्यार्थी वहां सम्पर्क कर अपनी शिकायत दें, यदि वहां समाधान न हो तो फिर लोकपाल से सम्पर्क कर सकते हैं। <br /><strong>- नवज्योति : विश्वविद्यालय की वेबसाइड पर लोकपाल के बारे में जानकारी नहीं दी गई है?</strong><br /><strong>ए दुबे : </strong>सभी विश्वविद्यालय लोकपाल से संबंधित जानकारी अपनी वेबसाइड पर ऑनलाइन करते हैं। प्रोसेज में होगा। विवि का अपना एक प्रोसिजर होता है। <br /><strong>- नवज्योति : छात्रहित में आप क्या कदम उठाएंगे?</strong><br /><strong>ए दुबे : </strong>छात्रों की समस्याओं के निवारण के लिए यूजीसी का एक सेट प्रोसिजर होता है। उसी के अनुसार कार्य करेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jul 2024 14:20:36 +0530</pubDate>
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                <title>यूनिवर्सिटी में नहीं हो सुनवाई तो सीधे लोकपाल से करें सम्पर्क</title>
                                    <description><![CDATA[जय मिनेश यूनिवर्सिटी के लोकपाल एमएल गुप्ता से नवज्योति की सीधी बात। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-your-complaints-are-not-heard-in-the-university--contact-lokpal-directly/article-86006"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/4111u1rer-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। विश्वविद्यालय में किसी भी स्तर पर विद्यार्थी की सुनवाई नहीं होती है, कमेटी समस्याओं का निवारण नहीं करती है तो स्टूडेंट्स परेशान न हों, वे सीधे लोकपाल से सम्पर्क कर सकते हैं। विद्यार्थी व्यक्तिगत, ई-मेल व व्हाट्स एप के माध्यम से लोकपाल को अपनी शिकायत भेज सकते हैं। विश्वविद्यालय में स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण बनाने, अनियमितताओं पर लगाम कसने और विद्यार्थियों का सर्वागिंण विकास ही पहली प्राथमिकता है। यह कहना है, जय मिनेश यूनिवर्सिटी के नवनियुक्त लोकपाल एमएल गुप्ता का। गुप्ता 25 साल से कोटा में जेडीबी कॉलेज में प्रोफेसर, विभागाध्यक्ष, प्रशासनिक अधिकारी, कोटा यूनिवर्सिटी में प्रशासनिक सचिव, अकेडमिक काउंसलिंग व बोर्ड आॅफ मैनेजमेंट में विशेष आमंत्रित सदस्य रहे हैं। इसके अलावा गुप्ता, वीएमओयू में रिसर्च कमेटी के मेम्बर रहे हैं। साथ ही राजस्थान यूनिवर्सिटी सहित जोधपुर व उदयपुर विश्वविद्यालय में रिसर्च से संबंधित कार्य किए हैं। वे कॉलेज से लेकर विश्वविद्यालयों में कई सर्वोच्चय पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। पेश है, खबर के प्रमुख अंश...</p>
<p><strong>- नवज्योति : लोकपाल के रूप में आपकी प्राथमिकताएं क्या रहेंगी?</strong><br /><strong>एमएल गुप्ता :</strong> विश्वविद्यालय में किसी भी तरह की कोई अनियमितताएं न हो। विद्यार्थियों की शिकायतों का प्रथम स्तर पर ही निवारण हो। एडमिशन, फीस, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समय पर परीक्षाएं और परिणाम जारी हो और डिग्री से संबंधित किसी भी तरह की काई समस्या न हो। <br /><strong>- नवज्योति : सुनवाई नहीं हो तो लोकपाल तक कैसे पहुंचे विद्यार्थी</strong><br /><strong>ए गुप्ता : </strong>किसी छात्र को कोई शिकायत है तो वह सबसे पहले विवि की लोकल कमेटी में दर्ज कराएं। यदि, कमेटी के निर्णय से छात्र संतुष्ठ नहीं है तो फिर लोकपाल के नाम पर रजिस्ट्रार को शिकायत दे सकता है। विद्यार्थी चाहे तो ई-मेल व व्हाट्स ऐप के माध्यम से सीधे लोकपाल से सम्पर्क कर सकता है। <br /><strong>- नवज्योति : विवि की वेबसाइड पर लोकपाल की जानकारी नहीं है, व्हाट्स ऐप नम्बर व ई-मेल आईडी भी नहीं है।</strong><br /><strong>ए गुप्ता :</strong> यूजीसी की गाइड लाइन के अनुसार विवि की वेबसाइड पर लोकपाल की सूचना अपलोड होनी चाहिए। यदि, जानकारी अपलोड नहीं की गई तो रजिस्ट्रार को कहकर आॅनलाइन करवाएंगे। वैसे विवि में एक बोर्ड लगा है, जिस पर लोकपाल  का नाम, नम्बर व ई-मेल आईडी लिखी है।<br /><strong>-  नवज्योति : लोकपाल कितने दिनों में शिकायत का निस्तारण करेंगे</strong><br /><strong>ए गुप्ता :</strong> लोकपाल के पास शिकायत आने के बाद 8 दिन में समस्या पर निर्णय देंगे। विद्यार्थी रजिस्ट्रार के माध्यम से भी लोकपाल की ई-मेल आईडी व व्हाट्सएप नम्बर प्राप्त कर सकता है। क्योंकि रजिस्ट्रार विवि का प्रशासनिक अधिकारी होता है। विद्यार्थी चाहे तो कुल सचिव को भी लोकपाल के नाम शिकायत दे सकते हैं। <br /><strong>-  नवज्योति : यदि, स्टूडेंट्स सीधे आपसे मिलना चाहे तो मिल सकता है</strong><br /><strong>ए गुप्ता :</strong> जी बिलकुल मिल सकते हैं। हम विश्वविद्यालय में व्यक्तिगत मिल सकते हैं और आॅनलाइन भी मिल सकते हैं। <br /><strong>-  नवज्योति : प्रोपर समय पर एग्जाम व क्वालिटी एजुकेशन मिले और फीस को लेकर परेशानी न हो, इसके लिए क्या कदम उठाएंगे</strong><br /><strong>ए गुप्ता  : </strong>विश्वविद्यालय प्रशासन को समय समय पर निर्देश देंगे। छात्रों के अनुपात में शिक्षकों की संख्या, परीक्षाएं कब हो रही, परिणाम कब जारी कर रहे सहित अन्य कार्यों पर सिस्टेमेटिक तरीके से नजर रखेंगे। विद्यार्थियों का सर्वागिण विकास ही हमारी पहली प्राथमिकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Sat, 27 Jul 2024 12:03:34 +0530</pubDate>
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                <title>भयमुक्त  माहौल में स्टूडेंट शिक्षा ग्रहण कर सकें ऐसा माहौल मिले</title>
                                    <description><![CDATA[शर्मा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी जोधपुर के मैनेजमेंट बोर्ड के सदस्य रहने के साथ बीकानेर, जोबनेर, दुर्गापुरा में विभिन्न उच्च पदों पर रहे हैं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/students-should-get-such-an-environment-in-which-they-can-receive-education-without-any-fear/article-85913"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/bhayamukt-mahool-mein-student-shiksha-grahan-kar-sake-aisa-mahoul-mile...kota-news-26.07.2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । छात्र समुदाय की शिकायतों के निस्तारण के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सभी विश्वविद्यालयों में लोकपाल नियुक्त कर दिए हैं। कोटा के सभी छह विश्वविद्यालयों में भी लोकपाल नियुक्त कर दिए हैं। कुलपति ने इनका अनुमोदन कर दिया है। कोटा कृषि विश्वविद्यालय ने  प्रोफेसर बी.के शर्मा फार्मर डीन एसकेएनसीएबीएम एसके एन एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी जोबनेर जयपुर को लोकपाल बनाया है। शर्मा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी जोधपुर के मैनेजमेंट बोर्ड के सदस्य रहने के साथ बीकानेर, जोबनेर, दुर्गापुरा में विभिन्न उच्च पदों पर रहे हैं। उन्हें 38 वर्ष का कृषि शिक्षा क्षेत्र में अनुभव है। कोटा कृषि विश्वविद्यालय के नव नियुक्त लोकपाल प्रोफेसर बी.के शर्मा से नवज्योति ने बातचीत की प्रस्तुत हैं उसके अंश:-</p>
<p><strong>नवज्योति-</strong>यूनिवर्सिटी के छात्रों की समस्याओं को लेकर क्या प्राथमिकता रहेगी। <br /><strong>शर्मा-</strong>यूनिवर्सिटी में छात्रों के हित को देखते हुए उनकी शिकायतों को सुनने के लिए लोकपाल की नियक्ति की गई है। प्रथम चरण में कॉलेज स्तर पर फिर यूनिवर्सिटी की ग्रीवेंसेज कमेटी के पास छात्र समुदाय शिकायत कर सकता है। वहां से भी संतुष्ट नहीं होने पर वह लोकपाल के पास आ सकता है। लोकपाल मामले को देखेगा। लोकपाल का निर्णय अंतिम होगा।</p>
<p><strong>नवज्योति-</strong>किस तरह की शिकायत आप तक आएंगी। <br /><strong> शर्मा-</strong>जैसे संस्थान की घोषित प्रवेश नीति के अनुरूप निर्धार्रित की गई योग्यता के विपरीत प्रवेश दिया जाना,प्रवेश नीति के अनुरूप होने पर भी प्रवेश नहीं दिया जाना,विवरणिका में ऐसी जानकारी देना जो झूंठी अथवा भ्रामक हो,छात्रों के जमा दस्तवेज अपने पास रख लेना। किसी कानून का उल्लंघन करना जैसे कई बिंदु हैं।</p>
<p> <strong>नवज्योति- </strong>आपकी प्राथमिकता क्या रहेंगी?<br /><strong> शर्मा-</strong> विश्वविद्यालय में माहौल अच्छा बना रहे और भयमुक्त माहौल में स्टूडेंट शिक्षा ग्रहण कर सकें। इसके साथ कैलेन्डर में वर्णित अनुसूची के अनुरूप परीक्षाओं के आयोजन हों। रिजल्ट सही समय पर निकलें। सैमेस्टर समय पर पूरे हैं। एससी,एसटी महिला आरक्षण को लेकर नीति अनुरूप कार्य हो। छात्रवृति समय पर मिले जिससे गरीब छात्रों को परेशानी नहीं हो।</p>
<p><strong> नवज्योति-</strong> एफिलेटेड कॉलेज में कैसे हालात हैं।<br /> <strong>शर्मा-</strong>एफिलेटेड कॉलेज और कृषि विज्ञान केन्द्र सब जगह पर अच्छा काम हो रहा है। लगातार नवाचार भी जारी है। </p>
<p><strong>नवज्योति-</strong>आपकी नियुक्ति की जानकारी वैब साइट की सर्च पर होनी चाहिए लेकिन यूनिवर्सिटी की वैब साइट पर वह नहीं है। <br /><strong>शर्मा -</strong> वैब साइट पर जानकारी होना चाहिए। यूजीसी की गाइड लाइन भी है। फिर भी हम मालूम करते है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Fri, 26 Jul 2024 16:12:15 +0530</pubDate>
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                <title>स्टूडेंट वीएमओयू में बिना परेशानी शिक्षा ग्रहण करें उन्हें कोई तकलीफ नहीं हो</title>
                                    <description><![CDATA[छात्रों की शिकायतों पर अब शीघ्र निर्णय हो पाएगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/students-should-receive-education-in-vmou-without-any-hassles--they-should-not-face-any-problem/article-85734"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size-(4)16.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। वीएमओयू से शिक्षा ग्रहण करने वाले किसी भी स्टूडेंट को किसी भी तरह की तकलीफ नहीं हो। वह भयमुक्त होकर अपनी शिक्षा ग्रहण करें। यूनिवर्सिटी के  कामकाज में पारदर्शिता के साथ ऐसी व्यवस्था रहेगी कि किसी स्टूडेंट को परेशान होकर भटकना नहीं पड़े। यह कहना है वर्धमान खुला  विश्वविद्यालय के नव नियुक्त लोकपाल पवन एन चन्द्रा का। पवन एन चन्द्रा कोटा के गुमानपुरा इलाके के ही निवासी हैं। चन्द्रा इससे पूर्व डिस्ट्रीक एन्ड सेशन जज रह चुके हैं। चन्द्रा 1982 से 2001 तक ज्यूडिशियल सर्विस में रहे हैं। वह धौलपुर, प्रतापगढ़ और सीकर में जिला एवं सेशन न्यायाधीश रह चुके हैं। इसके साथ बाडमेर सवाई माधोपुर में चीफ डिस्ट्रीक जज रह चुके हैं। 2016 से 2021 कर चन्द्रा बारां के उपभोक्ता मंच अध्यक्ष भी रहे। </p>
<p><strong>- नवज्योति- वीएमओयू ने आपको लोकपाल नियुक्त किया इसके लिए बधाई,क्या काम रहेगा।</strong><br /><strong>चन्द्रा- </strong>अब छात्रों की शिकायतों पर ना केवल शीघ्र निर्णय हो पाएगा अपितु उनके हित में आ रही अड़चनें भी दूर हो पाएंगी।  छात्र समुदाय की शिकायतों के निस्तारण के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सभी विश्वविद्यालयों में लोकपाल नियुक्त कर दिए हैं। कुलपति ने इनका अनुमोदन कर दिया है। लोकपाल नियुक्ति से तीन वर्ष तक अथवा 70 वर्ष की आयु पूरी होने तक के लिए यह नियुक्ति की गई है। <br /><strong>- नवज्योति-काम की क्या प्राथमिकता रहेगी। </strong><br /><strong>ए चन्द्रा-</strong>किसी बी स्टूडेंट को किसी भी तरह की तकलीफ नहीं हो। उसको परेशानी है तो वह कॉलेज  स्तर की कमेटी में जाएं। वहां से भी परेशानी का निस्तारण नहीं हो तो यूनिवर्सिटी में ग्रीवेंसेज कमेटी में जाए। यदि वहां भी उसे न्याय नहीं मिलता तो वह लोकपाल के पास आ सकता है। लोकपाल का निर्णय ही अंतिम होगा। कोशिश करेंगे कि बच्चे अच्छे माहौल में शिक्षा ग्रहण कर सकें।<br /><strong>- नवज्योति- वीएमओयू से ज्यादातर स्टूडेंट को सूचनाएं सही समय पर नहीं मिलने की रहती हैं। कब एक्जाम होने हैं? इसका पता तक नहीं चलता। </strong><br /><strong>कोविड के समय तो हालात ही खराबथे।</strong><br /><strong>ए चन्द्रा- </strong>मैं इस बारे में बात करूंगा। आज इन्टरनेट का जमाना है। सभी चीजें आॅनलाइन करवा दूंगा। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी। ऐसी व्यवस्था करवा देंगे। इसके साथ सभी परीक्षा समय पर हों। उनके रिजल्ट भी समय पर निकलें। इस पर भी हम ध्यान रखेंगे।<br /><strong>- नवज्योति- आप की नियुक्ति की सूचना भी अब तक आॅन लाइन नजर नहीं आती। जब कि यह सूचना आॅन लाइन होनी चाहिए।</strong><br /><strong>ए चन्द्रा-</strong> यूजीसी की गाइड लाइन के अनुसार लोकपाल की सूचना आॅन लाइन होनी चाहिए। यूनिवर्सिटी को अपनी वेब साइट पर इसे डालना होता है। शायद इसे डाल भी दिया है। फिर भी ऐसा है तो मैं पता करूंगा। यूनिवर्सिटी ने मुझसे इसे आॅन लाइन करने को कहा था। <br /><strong>- नवज्योति- राज्य में स्थित दूरस्थ शिक्षा केन्द्रों पर कब कक्षाएं लगेंगी, कब फार्म भरे जाएंगे। क्या अमेन्डमेन्ट हो रहा है कुछ पता नहीं चलता।</strong><br /><strong>ए चन्द्रा-</strong> मैं जो भी शिकायत आएगी उस मामले को देखूंगा। वीसी और रजिस्ट्रार से भी बात कर समस्याओं को सॉल्व करेंगे।<br /><strong>- नवज्योति- फिलहाल आप कहां निवास कर रहे हैं।अपने बारे में बताएं</strong><br /><strong>ए चन्द्रा-</strong> बाडमेर सवाईमाधोपुर में चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, लक्षमणगढ़, छबड़ा, बूंदी में एडिशनल डिस्ट्रीक एन्ड सेशन जज, अजमेर में बार्ड आॅफ रेवेन्यू मैम्बर, लेबर कोर्ट व ट्रिब्यिूनल कोर्ट जज, लोकायुक्त सचिवालय जयपुर, प्रतापगढ़,सीकर में ्िडस्ट्रीक एंड सेशन जज रहा हूं। फिलहाल वीएमओयू का लोकपाल हूं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jul 2024 16:38:47 +0530</pubDate>
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                <title>विवि समय पर परीक्षा आयोजित करे और समय पर रिजल्ट जारी करे</title>
                                    <description><![CDATA[ ज्यादातर समस्या यूनिवर्सिटी की मार्कशीट और डिग्री को लेकर आती हैं। इसे सोल्व कर दिया गया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-university-should-conduct-exams-on-time-and-release-results-on-time/article-85608"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/111u1rer-(3)14.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। छात्र समुदाय की शिकायतों के निस्तारण के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सभी विश्वविद्यालयों में लोकपाल नियुक्त कर दिए हैं। कोटा के सभी छह विश्वविद्यालयों में भी लोकपाल नियुक्त कर दिए हैं। कुलपति ने इनका अनुमोदन कर दिया है। कोटा विश्वविद्यालय में प्रोफेसर आरकेएस डाकरे(राजेश कुमार सिंह) पूर्व कुलपति ब्रिज विश्वविद्यालय को लोकपाल बनाया है। डाकरे इससे पूर्व आगरा यूनिवर्सिटी में भी रह चुके हैं। डाकरे से कोटा यूनिवर्सिटी को लेकर नवज्योति ने बाचीत की प्रस्तुत हैं उसके अंश:-</p>
<p><strong>- नवज्योति-कोटा यूनिवर्सिटी के छात्रों की समस्याओं को लेकर क्या प्राथमिकता रहेगी। </strong><br /><strong>ए डाकरे-</strong> कोटा यूनिवर्सिटी को लेकर हमने जानकारी ली है। एल्यूमिनाई में भी मैं वहां आया था। हमने वहां यूनिवर्सिटी हैड क्वार्टर पर संविधान पार्क बनाया है। ज्यादातर समस्या यूनिवर्सिटी की मार्कशीट, और डिग्री को लेकर आती हैं। इसे सोल्व कर दिया गया है। मेरा यह मानना है कि विश्व विद्यालय में समय पर परीक्षा हो और समय पर रिजल्ट जारी हो तो बहुत सी समस्याएं खत्म हो जाती हैं। <br /><strong>- नवज्योति- प्राइवेट यूनिवर्सिटीज विश्व स्तर पर जा रहे हैं ,सरकारी क्यों नहीं।</strong><br /><strong>ए डाकरे-</strong> देखिए प्राइवेट यूनिवर्सिटी का दौर 95 के बाद में आया। ज्यादातर प्राइवेट यूनिवर्सिटी इंजीनियरिंग कॉलेज से बढ़ते बढ़ते बनी हैं। इंजीनियरिंग से यह कॉलेज एलाइड मेें आई अब यह मेडिकल में घुस रही हैं। इनके पास पैसा आया तो यह नेक और एनआईए से एक्रीडेशन लेकर अब विश्व स्तर पर पहुंच रही हैं।<br /><strong>- नवज्योति-इनके सक्सेज होने का बड़ा कारण क्या है </strong><br /><strong>ए डाकरे-</strong> इनके पास पैसा आया तो यह लोग वलर्ड रेंकिंग में जा रहे हैं. इन्हें यह जानकारी है कि कौनसे पैरामीटर से रैंकिंग होती है। किसमें कितने मार्क मिलते हैं। यह उसी पैरामीटर पर काम करते हैं और वर्ल्ड रैकिंग में शामिल होते हैं। पैरा मीटर में सबसे अधिक मार्कस अच्छी फैकल्टी,अच्छी एल्यूमिनाई, रिसर्च और रिजल्ट पर मिलते हैं। स्टेट यूनिवर्सिटी में यही कमियां हैं। अच्छा रिजल्ट दें तो वह भी विश्व स्तर पर कम्पीट कर सकती हैं। हालांकि इसमें कई चीजें हैं जो प्रभाव डालती हैं। फिर भी व्यवस्था तो बनानी ही पड़ती है।<br /><strong>- नवज्योति- ज्यादातर यूनिवर्सिटीज में कमियां क्या हैं। </strong><br /><strong>ए डाकरे- </strong>ज्यादातर यूनिवर्सिटी में में फिजिकल वैरिफिकेशन पर ध्यान नहीं दिया जाता। आजकल पेपर लीक मामले सुन रहे हैं। ज्यादातर पेपर तैयार करने वाली एजेंसियां लकनऊ के आसपास हैं। इनके वास्तविक हालात देख कर आप चौंक जाएंगे। एक एजेंसी तो टीन शेड में चल रही थी। फिर बिना किसी भौतिक सत्यापन के ऐसी एजेंसी को पैपर तैयार करने का जिम्मा देना कहां तक उचित हैें्। <br /><strong>- नवज्योति-कॉलेजों में कई जगह फैकल्टी का नाम ही नहीं है। केवल प्रिंसिपल हैं। ऐसे में क्या कर रहे हैं। </strong><br /><strong>ए डाकरे-</strong>  हमने कुलपति मेडम से भी बातचीत की है। अब यह व्यवस्था की गई है कि यूनिवर्सिटी हेड क्वार्टर पर तीन लोगों की सलेक्शन कमेटी बनाई है। यह कमेटी यूनिवर्सिटी हैड क्वार्टर पर ही सबको बुलाएगी और यही सलेक्शन करेगी। इससे ऐसी दिक्कत अब नहीं आ पाएगी।पहले कागजों के आधार पर सलेक्शन कर लिए जाते थे। अब ऐसा नहीं है। <br /><strong>- नवज्योति-आप अपने बारे में बताइये। </strong><br /><strong>ए डाकरे- </strong>मेरी शिक्षा दीक्षा आगरा के राजा बलवंत सिंह कॉलेज से हुई। एसी कॉलेज से में कुलपति भी रहा। यह ऐसा कॉलेज है जो अब तक 21 वाइस चांसलर दे चुका है। मैं इक्कीसवां वाइस चांसलर था। विभिन्न विश्वविद्यालयों के साथ काम करने का लम्बा अनुभव है। एकेडमिक से ही अब तक जुड़ा रहा हूं। लोकपाल का काम भी एकेडमिक से जुड़ा ही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jul 2024 15:26:16 +0530</pubDate>
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                <title>कॉलेजों की नहीं चलेगी मनमानी, छात्रों की शिकायतें सुनेंगे लोकपाल</title>
                                    <description><![CDATA[अब छात्रों की शिकायतों पर ना केवल शीघ्र निर्णय हो पाएगा अपितु उनके हित में आ रही अड़चनें भी दूर हो पाएंगी। 
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/colleges-will-not-be-able-to-act-arbitrarily--lokpal-will-hear-the-complaints-of-students/article-85517"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/collego-me-nhi-chlegi-manmani,-chatro-ki-shikayte-sunege-lokpal...kota-news-22-07-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। छात्र समुदाय की शिकायतों के निस्तारण के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सभी विश्वविद्यालयों में लोकपाल नियुक्त कर दिए हैं। कोटा के सभी छह विश्वविद्यालयों में भी लोकपाल नियुक्त कर दिए हैं। कुलपति ने इनका अनुमोदन कर दिया है। लोकपाल नियुक्ति  से तीन वर्ष तक अथवा 70 वर्ष की आयु पूरी होने तक के लिए यह नियुक्ति की गई है। अब छात्रों की शिकायतों पर ना केवल शीघ्र निर्णय हो पाएगा अपितु उनके हित में आ रही अड़चनें भी दूर हो पाएंगी। इसी संदर्भ में नवज्योति ने कोटा तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू) को नव नियुक्त लोकपाल सत्येन्द्र मिश्रा से बातचीत की। प्रस्तुत हैं उसके अंश:-<br /><strong>- नवज्योति-आरटीयू का लोकपाल नियुक्त किए जाने पर बधाई।  आपकी प्राथमिकताएं क्या होंगी। </strong><br /><strong>मिश्रा-</strong> विश्वविद्यालयों से सम्बद्ध कॉलेजों से अक्सर फीस ज्यादा लेने संबंधी, रिजल्ट में हेरफेर,एडमिशन में कोई गड़बड़ी, एक्जाम संबंधी शिकायत अथवा अन्य कई तरह की शिकायतें हो सकती हैं जिनसे छात्र परेशान हो सकते हैं। कई प्राइवेट कॉलेज अपनी तरफ से कुछ नियम थोप देते हैं। यह मामले न्यायालय तक पहुंचते हैं।  ऐसे मामलों को सुनने के लिए एक निर्विवाद व्यक्ति के रूप में लोकपाल की नियुक्ति की गई है। आरटीयू में फिलहाल ऐसी कोई शिकायत नहीं है।<br /><strong>- नवज्योति- क्या आप आरटीयू आ चुके हैं। यहां कोई शिकायत मिली</strong><br /><strong>मिश्रा -</strong>हां मैं कोटा आरटीयू आ चुका हूं। वहां सभी लोगों से मिला। वहां इस प्रकार की कोई शिकायत फिलहाल नहीं है। अगर कोई शिकायत मेरे संज्ञान में आई तो मैं उस पर निर्णय लूंगा। <br /><strong>- नवज्योति-स्टूडेंट किस प्रकार अपनी ग्रिविंसेज आप तक पहुंचा सकते हैं। </strong><br /><strong>मिश्रा-</strong> स्टूडेंट को पहले अपनी शिकायत देनी होगी। यह शिकायत ग्रीविंसेज कमेटी के पास जाएगी।  ग्रीविंसेज कमेटी के निर्णय से छात्र या समूह सेटिस्फाई नहीं हैं तो फिर लोकपाल के पास शिकायत आती है। लोकपाल का निर्णय अंितम होता है। <br /><strong>- नवज्योति - आप की नियुक्ति से पहले की कोई शिकायत</strong><br /><strong>मिश्रा- </strong>राजस्थान के तीन कॉलेज को लेकर शिकायत थी। यह लोग ज्यादा फीस वसूली कर रहे हे। लेकिन उसके पहले ही यह कॉलेज बंद कर दिए गए। लोकपाल की नियुक्ति की खबर सबको होनी चाहिए जिससे छात्रों की ग्रीवेंसेज का पता चल सके। लोकपाल कौन हैं इसकी जानकारी विश्वविद्यालय की वेब साइट पर भी होनी चाहिए। <br /><strong>- नवज्योति- फिलहाल आप कहां रह रहे हैं। अपने बारे में भी बताएं</strong><br /><strong>मिश्रा- </strong>मैं नोयड़ा से हूं । सेवा निवृत प्रोफेसर यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट आॅफ केमिकल टेक्नोलॉजी नार्थ महाराष्ट्र जलगांव में रहा हूं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Mon, 22 Jul 2024 16:08:25 +0530</pubDate>
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