<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/south-china-sea/tag-48809" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>South China Sea - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/48809/rss</link>
                <description>South China Sea RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>फिलीपींस ने ताइवान के पास तैनात की ब्रह्मोस मिसाइलें: टेंशन में ड्रैगन, चीन के पास ब्रह्मोस मिसाइलों की तैनाती</title>
                                    <description><![CDATA[फिलीपींस ने भारत निर्मित ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलों को रणनीतिक लूजोन स्ट्रेट (ताइवान के करीब) में तैनात कर दिया है। चीनी नौसेना की गतिविधियों पर लगाम लगाने हेतु कोस्टल डिफेंस रेजिमेंट को सक्रिय किया गया है। साथ ही, ब्रह्मोस की सुरक्षा के लिए भारत के आकाश एयर डिफेंस सिस्टम को खरीदने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/philippines-deploys-brahmos-missiles-near-taiwan-dragon-in-tension-deploys/article-146185"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(7).png" alt=""></a><br /><p>मनीला/बीजिंग। फिलीपींस ने भारत के सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को चीन की चौखट के पास तैनात कर दिया है। फिलीपींस मीडिया ने बताया है कि देश के सबसे उत्तरी इलाकों में फिलीपीन मरीन कॉर्प्स ब्रह्मोस सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल से लैस कोस्टल डिफेंस रेजिमेंट के एक हिस्से को शामिल किया जा रहा है। इस तैनाती के बाद मरीन फोर्स की नई समुद्री स्ट्राइक क्षमताओं की पहुंच रणनीतिक लूजोन स्ट्रेट तक बढ़ जाएगी।</p>
<p>नेवल न्यूज ने बताया है कि फिलीपींस मरीन कॉर्प्स ने अपनी 273वीं मरीन कंपनी को एक्टिव कर दिया है जो खास तौर से ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइल बटालियन का हिस्सा है। जिस लोकेशन पर ब्रह्मोस मिसाइलों को तैनात किया गया है वो काफी ज्यादा रणनीतिक तौर पर अहमियत रखता है। यह यूनिट कैंप केप बोजेडोर में तैनात की गई है जो लुजोन द्वीप के बिल्कुल उत्तर-पश्चिमी छोर पर स्थित है। यहां से फिलीपींस चीन और ताइवान पर नजर रखता है।</p>
<p>ब्रिगेड के सोशल मीडिया पोस्ट से कोस्टल डिफेंस रेजिमेंट की ब्रह्मोस मिसाइलों के लिए एक बेस बनाने की योजना का संकेत मिलता है। यह बेस ताइवान के काफी नजदीक है। जिससे पता चलता है कि ब्रह्मोस मिसाइलों की तैनाती का मकसद दक्षिण चीन सागर में चीनी नौसेना की गतिविधियों पर लगाम लगाना और संभावित ताइवान युद्ध के असर से अपने देश को बचाना है। नेवल न्यूज ने ये भी बताया है कि यूनिट की एयर-डिफेंस बटालियन ने अपनी ब्रह्मोस बैटरी की सुरक्षा के लिए भारत में बने आकाश सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम पर नजर रखी है। उत्तरी लुजोन में ब्रह्मोस की तैनाती से पता चलता है कि फिलीपींस ने अपनी रणनीति बदल दी है। </p>
<p>इसने चौथी ब्रिगेड को देश के दक्षिणी इलाकों से हटाकर अब उत्तरी इलाकों (ताइवान के करीब) में शिफ्ट कर दिया है। इस बेस पर खास तौर से भारत से खरीदी गई ब्रह्मोस मिसाइलों के लिए स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर और शेल्टर बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा हो सकता है कि आने वाले वक्त में फिलीपींस भारत से आकाश एयर डिफेंस सिस्टम भी खरीदे। आकाश ने पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया था जिससे फिलीपींस में इसे खरीदने पर विचार किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/philippines-deploys-brahmos-missiles-near-taiwan-dragon-in-tension-deploys/article-146185</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/philippines-deploys-brahmos-missiles-near-taiwan-dragon-in-tension-deploys/article-146185</guid>
                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 11:42:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/1200-x-60-px%29-%287%29.png"                         length="810598"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आसमान से समु्द्र तक चीन ने दिखाई ताकत : ताइवान सीमा पर चीनी सैन्य अभ्यास जारी, चीनी विमान-नौसेनिक जहाज तैनात</title>
                                    <description><![CDATA[चीन के 130 विमानों और 14 युद्धपोतों ने ताइवान की घेराबंदी की। 'जस्टिस मिशन 2025' अभ्यास के तहत चीनी सेना क्षेत्रीय सीमा में घुसी, जिसके बाद ताइवान ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/china-shows-strength-from-sky-to-sea-chinese-military-exercises/article-137753"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/china-and-taiban.png" alt=""></a><br /><p>ताइपे। ताइवान के आसपास के हवाई क्षेत्र और समुद्री क्षेत्र में मंगलवार सुबह तक चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के 130 विमान, 14 नौसैनिक जहाज और आठ 'सरकारी जहाज' देखे गये हैं। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इन विमानों में से 90 विमान ताइवान जलडमरूमध्य की मध्य रेखा को पार कर ताइवान के उत्तरी, मध्य, दक्षिण-पश्चिमी और पूर्वी वायु रक्षा पहचान क्षेत्रों (एडीआईजेड) में प्रवेश कर गये। इन गतिविधियों के मद्देनजर ताइवान के अधिकारियों ने एक आपातकालीन परिचालन केंद्र स्थापित किया है और वे 'हाई अलर्ट'पर हैं।</p>
<p>यह ताजा गतिविधि चीन द्वारा सोमवार को शुरू किये गये बड़े पैमाने के संयुक्त सैन्य अभ्यास के बीच सामने आई है। 'जस्टिस मिशन 2025' कोड नाम वाले इस अभ्यास में सेना, नौसेना और वायु सेना शामिल हैं। चीन का कहना है कि यह अभ्यास 'ताइवान की स्वतंत्रता' चाहने वाली अलगाववादी ताकतों और विदेशी हस्तक्षेप के खिलाफ एक चेतावनी है।</p>
<p>चीन के कोस्ट गार्ड ने दो अन्य क्षेत्रों पर अपना दावा किया है, जबकि ताइवानी इंटेलिजेंस के डिप्टी चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल ह्सिएह जिह-शेंग ने कहा कि चीन के पांच क्षेत्र ताइवान की 12-नॉटिकल मील (22 किमी) की क्षेत्रीय समुद्री सीमा के भीतर आते हैं। चीन जिन क्षेत्रों में अपने सैन्य अभ्यास कर रहा है, उनमें से एक ताइवान के दक्षिण-पश्चिम में समुद्री सीमा रेखा के बिल्कुल निकट एलुआनबी में स्थित है, जबकि एक अन्य अभ्यास क्षेत्र पेंगहू द्वीपों के एकदम पास में स्थित है। </p>
<p>अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार, किसी देश का समुद्र क्षेत्र उसके तट से 12 नॉटिकल मील तक फैला होता है और इस सीमा तक के क्षेत्र पर उस देश का अधिकार माना जाता है। ताइवान के 'ऑपरेशंस और प्लानिंग' के डिप्टी चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल लिएन चिह-वेई ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए कहा, यदि चीनी युद्धपोत ताइवान के क्षेत्रीय जल क्षेत्र में प्रवेश करते हैं, तो ताइवान के पास आत्मरक्षा का अधिकार है। उन्होंने कहा कि ताइवान की सेना के पास जवाबी उपाय तैयार हैं।</p>
<p>ताइवान ने पीएलए के इन युद्धाभ्यासों की क्षेत्रीय शांति को बिगाडऩे वाले उकसावे की कार्रवाई बताया और कहा कि उनकी जवाबी कार्रवाई जारी है। यह तनाव तब से और बढ़ गया है जब अमेरिका ने दिसंबर में ताइवान के लिए 11.1 बिलियन डॉलर के हथियारों के पैकेज को मंजूरी दी, जिसके जवाब में चीन ने अमेरिकी रक्षा कंपनियों और उनके अधिकारियों पर प्रतिबंध लगा दिए।</p>
<p>चीन के थिएटर कमान के प्रवक्ता शी यी ने कहा, यह अभ्यास 'ताइवान की स्वतंत्रता' चाहने वाली अलगाववादी ताकतों तथा बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ एक कड़ी चेतावनी है और चीन की संप्रभुता और राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए एक वैध और आवश्यक कार्रवाई है।</p>
<p>गौरतलब है कि पीएलए की पूर्वी थिएटर कमांड ने 29 दिसंबर, 2025 को सोशल मीडिया पर सैन्य अभ्यास के लिए एक पोस्टर जारी किया,जिसका शीर्षक एरो आफॅ जस्टिस, कंट्रोल एंड डिनायल था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/china-shows-strength-from-sky-to-sea-chinese-military-exercises/article-137753</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/china-shows-strength-from-sky-to-sea-chinese-military-exercises/article-137753</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Dec 2025 14:27:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/china-and-taiban.png"                         length="1063501"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फिलीपींस और चीन दक्षिण चीन सागर में तनाव कम करने पर सहमत</title>
                                    <description><![CDATA[फिलीपींस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि फिलीपींस और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना उन सिद्धांतों और दृष्टिकोणों की समझ पर पहुंच गए हैं, जिनका दोनों पक्षों द्वारा पालन किया जाएगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/philippines-and-china-agree-to-reduce-tension-in-south-china/article-85544"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/111u1rer-(3)11.png" alt=""></a><br /><p>मनीला। फिलीपींस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि फिलीपींस और चीन विवादित अयुंगिन शोल पर खड़े फिलीपींस के युद्धपोत तक कर्मियों और माल को पहुंचाने के लिए दक्षिण चीन सागर में तनाव कम करने के सिद्धांतों पर सहमत हुए हैं।</p>
<p>फिलीपींस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि फिलीपींस और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना उन सिद्धांतों और दृष्टिकोणों की समझ पर पहुंच गए हैं, जिनका दोनों पक्षों द्वारा पालन किया जाएगा ताकि फिलीपींस के वैध और नियमित रोटेशन और अयुंगिन शोल में बीआरपी सिएरा माद्रे को पुन: आपूर्ति मिशन के संचालन में गलतफहमी और गलत अनुमान से बचा जा सके। </p>
<p>मंत्रालय ने कहा कि दो जुलाई, 2024 को मनीला में दक्षिण चीन सागर पर 9वें द्विपक्षीय परामर्श तंत्र के दौरान दोनों देशों के बीच रचनात्मक चर्चा और परामर्श की एक श्रृंखला के बाद वर्तमान समझौता हुआ।</p>
<p>बयान में कहा गया कि मनीला समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन के अनुसार, अयुंगिन शोल सहित अपने अधिकारों और अधिकार क्षेत्र की रक्षा करना जारी रखेगा।</p>
<p>गौरतलब है कि अयुंगिन शोल, जिसे दूसरा थॉमस शोल भी कहा जाता है, एक विवादित चट्टान है जिस पर फिलीपींस, चीन, ब्रुनेई, मलेशिया और वियतनाम सभी देश दावा करते हैं। फिलीपीन नौसेना ने अमेरिका निर्मित फिलीपींस नौसेना के जहाज सिएरा माद्रे पर एक छोटी समुद्री टुकड़ी तैनात की, जिसे चीन के क्षेत्रीय दावों के जवाब में 1999 में जानबूझकर रोक लिया गया था।</p>
<p>दक्षिण चीन सागर में कई द्वीपों और चट्टानों की क्षेत्रीय संबद्धता दशकों से चीन, फिलीपींस और कई अन्य एशिया-प्रशांत देशों के बीच विवादों का विषय रही है। उन द्वीपों के महाद्वीपीय चट्टानों पर महत्वपूर्ण तेल और गैस भंडार की खोज की गई है, जिनमें पारासेल द्वीप, थिटू द्वीप, स्कारबोरो शोल और व्हिटसन रीफ हिस्सा सहित स्प्रैटली द्वीप शामिल हैं।</p>
<p>फिलीपींस द्वारा दायर एक मुकदमे के बाद जुलाई 2016 में हेग में स्थायी मध्यस्थता न्यायालय ने फैसला सुनाया कि चीन के पास दक्षिण चीन सागर में क्षेत्रीय दावों का कोई आधार नहीं है। अदालत ने फैसला सुनाया कि द्वीप विवादित क्षेत्र नहीं हैं और एक विशेष आर्थिक क्षेत्र का गठन नहीं करते हैं, लेकिन बीजिंग ने फैसले को मान्यता देने या स्वीकार करने से इनकार कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/philippines-and-china-agree-to-reduce-tension-in-south-china/article-85544</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/philippines-and-china-agree-to-reduce-tension-in-south-china/article-85544</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Jul 2024 16:19:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/111u1rer-%283%2911.png"                         length="40962"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        