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                <title>Major Dhyan chand stadium - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Major Dhyan chand stadium RSS Feed</description>
                
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                <title>कोटा का 'मेजर ध्यानचंद स्टेडियम': 19 साल के लंबे इंतजार के बाद शुरू हुआ कायाकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[एथलेटिक्स ट्रैक, नए हॉल और बास्केटबॉल ग्राउंड से हाड़ौती की खेल प्रतिभाओं को मिलेंगे नए पंख।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-s--major-dhyan-chand-stadium---transformation-begins-after-a-long-19-year-wait/article-161818"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(2)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। देश के हॉकी जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर बना शहर का प्रतिष्ठित स्टेडियम आज अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रहा है। जिस परिसर से खिलाड़ियों की प्रतिभा निखरनी चाहिए थी, वहां अब खेल गतिविधियों की जगह गंदगी और अव्यवस्था ने कब्जा जमा लिया है। स्टेडियम का मैदान किस खेल के लिए विकसित किया गया था, यह तक स्पष्ट नहीं दिखता। टूटी और जर्जर दर्शक दीर्घाएं, चारों ओर फैली गंदगी, नदारद सुरक्षा व्यवस्था और गार्डन जैसा स्वरूप इस स्टेडियम की पहचान पर सवाल खड़े कर रहे हैं। शहर के इतने महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक खेल परिसर की यह तस्वीर खेल सुविधाओं के रखरखाव पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। हांलाकि स्थानीय निवासियों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद स्टेडियम में विकास कार्य शुरू हुआ है।</p>
<p><strong>19 वर्षों से बिना मानदेय कर रहे स्टेडियम की रखवाली</strong><br />स्टेडियम की देखरेख कर रही लक्ष्मीबाई और उनके बेटे धनराज सुमन पिछले 19 वर्षों से यहां चौकीदारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें नियमित भुगतान नहीं मिलता, फिर भी वे स्टेडियम की सुरक्षा और देखभाल में जुटे हुए हैं। उनका कहना है कि वर्षों बाद अब यहां कुछ विकास कार्य शुरू हुआ है।</p>
<p><strong>उम्मीदों पर टिकी निगाहें</strong><br />स्टेडियम में शुरू हुए विकास कार्य ने खिलाड़ियों और शहरवासियों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि वर्षों बाद शुरू हुआ यह काम मेजर ध्यानचंद स्टेडियम को उसके नाम और गौरव के अनुरूप नई पहचान दिला पाता है या नहीं।</p>
<p><strong>सुविधाएं मिलें तो निखरेंगी प्रतिभाएं</strong><br />मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन आधुनिक खेल सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ी अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि यहां अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं, मल्टीपरपज इंडोर हॉल, आधुनिक जिम, गुणवत्तापूर्ण खेल उपकरण और खिलाड़ियों के लिए बेहतर आधारभूत संसाधन विकसित किए जाएं तो यह स्टेडियम हाड़ौती क्षेत्र का सबसे बड़ा खेल प्रशिक्षण केंद्र बन सकता है। इससे ताइक्वांडो सहित कई अन्य खेलों के खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय अभ्यास का अवसर मिलेगा, नई प्रतिभाएं निखरेंगी और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाड़ौती के खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी अधिक प्रभावशाली होकर क्षेत्र का नाम रोशन करेगा।<br /><strong>-कमलेश कुमार, कोच ताइक्वांडो</strong></p>
<p><strong>राष्ट्रीय स्तर की हों खेल सुविधाएं</strong><br />अभ्यास के लिए स्टेडियम अच्छा है, लेकिन खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुरूप सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। नए हॉल, फिटनेस सेंटर और बेहतर ट्रैक बनने से हमें बड़ा लाभ मिलेगा।<br /><strong>-अदिति जैन, इंटरनेशनल खिलाड़ी</strong></p>
<p><strong>नाम के अनुरूप मिले नई पहचान</strong><br />मेजर ध्यानचंद स्टेडियम शहर की पहचान है। यदि यहां हरियाली, आधुनिक खेल सुविधाएं और बेहतर रखरखाव हो तो यह कोटा शहर का सबसे आकर्षक और आदर्श खेल परिसर बन सकता है।<br /><strong>-महेश शर्मा, स्थानीय निवासी</strong></p>
<p><strong>स्टेडियम को मिलेगा आधुनिक स्वरूप, सुविधाओं का होगा विस्तार</strong><br />स्टेडियम के व्यापक विकास कार्य तेज गति से जारी हैं और जल्द ही शहरवासियों को इसका नया एवं आधुनिक स्वरूप देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्टेडियम में दो अत्याधुनिक हॉल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही नया बास्केटबॉल ग्राउंड तैयार किया जा चुका है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नया एथलेटिक्स ट्रैक भी बनाया जाएगा। इन विकास कार्यों के पूर्ण होने के बाद स्टेडियम न केवल खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, बल्कि विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए भी एक उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित होगा।<br /><strong>-रविंद्र माथुर, निदेशक अभियांत्रिकी केडीए</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 13:08:55 +0530</pubDate>
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                <title>खेलों का बजट खिलाड़ियों के लिए नहीं, बल्कि पीडब्ल्यूडी का लगता है: अशोक चांदना</title>
                                    <description><![CDATA[चांदना ने मेजर ध्यानचंद स्टेडियम विकसित करने की योजना को आगे बढ़ने का आग्रह भी किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ashok-chandna-feels-that-the-sports-budget-is-not-for/article-85695"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/111u1rer23.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विधानसभा में युवा मामले, खेल, महिला एवं बाल विकास और उद्योग विभाग की अनुदान मांगों पर बहस के दौरान कांग्रेस विधायक अशोक चांदना ने कहा कि आज के दौर में उद्योगों से निकलने वाला वेस्ट बहुत बड़ी समस्या बनता जा रहा है। इस पर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है। जीएसटी लागू होने के बाद माइनिंग की बहुत बड़ी मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री गुजरात में शिफ्ट हो गई है, जबकि इसका राजस्व नुकसान राजस्थान को हो रहा है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि राज्य में नेचुरल स्टोन पर 28% जीएसटी वसूला जा रहा है, जबकि गुजरात में 3% पर है। ऐसे में व्यापारी सारे वहां पर शिफ्ट हो रहे हैं। बजट में खेलों के लिए 900 करोड़ का प्रावधान तो किया गया है, लेकिन इसमें बहुत सी स्कीम ऐसी हैं जो दूसरे विभागों से जुड़ी हुई है, ऐसे में यह बजट खेलों की बजाय पीडब्ल्यूडी विभाग का लगता है। मैं भी इस विभाग का मंत्री रहा हूं, खेल विभाग के पास खुद की इंजीनियरिंग विंग नहीं होने के कारण भारी नुकसान होता हैं। हमेशा डेपुटेशन पर इंजीनियरिंग लिए जाते हैं, जिसका नुकसान होता है। चांदना ने मेजर ध्यानचंद स्टेडियम विकसित करने की योजना को आगे बढ़ने का आग्रह भी किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jul 2024 16:54:27 +0530</pubDate>
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