<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/international-tiger-day/tag-48989" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>International tiger day - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/48989/rss</link>
                <description>International tiger day RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस : बाघों की दहाड़ से गूंज रहा राजस्थान, 149 तक पहुंची बाघों की संख्या</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के पांचों टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़कर 149 पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष 135 थी। इस साल 54 बाघिनों ने 53 शावकों को जन्म दिया। रणथम्भौर में सबसे अधिक 72 और सरिस्का में 56 बाघ हैं। विशेषज्ञ इसे सफल संरक्षण का परिणाम मान रहे हैं, हालांकि बढ़ती संख्या अब नए आवास की चुनौती भी बन रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-is-resonating-with-the-roar-of-tigers-on-international/article-161260"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/111200-x-600-px)-(6)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कभी महज 18-20 बाघों तक सिमट चुके राजस्थान के जंगल आज फिर दहाड़ से गूंज रहे हैं। प्रदेश के पांचों टाइगर रिजर्व रणथम्भौर, सरिस्का, रामगढ़ विषधारी, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व और धौलपुर-करौली में बाघ, बाघिन और शावकों की कुल संख्या बढ़कर 149 हो गई है। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 135 था। </p>
<p><strong>54 बाघिनों ने 53 शावकों को दिया जन्म</strong><br />मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के.सी.ए. अरुण प्रसाद के अनुसार इस वर्ष प्रदेश के पांचों बाघ अभयारण्यों में 54 बाघिनों ने 53 शावकों को जन्म दिया है, जबकि 2025 में 52 बाघिनों से 43 शावकों का जन्म हुआ था। इस बार सरिस्का टाइगर रिजर्व में सबसे अधिक 28 शावकों का जन्म दर्ज किया गया। वर्तमान में रणथम्भौर में 72 बाघ (बाघ, बाघिन और शावक) हैं, जबकि पिछले वर्ष यहां इनकी संख्या 66 थी। सरिस्का में इनकी संख्या बढ़कर 56 हो गई है। जो पिछले वर्ष 50 थी। प्रदेश के बाघ अभयारणयों में वयस्क बाघ-बाघिनों की संख्या करीब 96 है। अकेले रणथम्भौर में लगभग 50 वयस्क बाघ-बाघिन और 22 शावक हैं। वहीं मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में 4 बाघिन, दो बाघ और एक शावक है। </p>
<p><strong>बाघों की नई आबादी बसाने में निभाई अहम भूमिका</strong><br />वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि बाघों की बढ़ती संख्या जंगलों के स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत है। करीब दो दशक पहले राजस्थान में बाघों का अस्तित्व संकट में था, लेकिन आज राज्य देश के प्रमुख टाइगर लैंडस्केप में शामिल हो चुका है। रणथम्भौर में प्रे-बेस, विकसित घासभूमियां और बेहतर संरक्षण रणनीति को प्रमुख कारण माना जाता है। यहां बाघों का सर्वाइवल रेट लगभग 80 प्रतिशत है। बाघिन मछली (टी-16) की वंश परंपरा ने सरिस्का, मुकुंदरा और रामगढ़ विषधारी जैसे क्षेत्रों में बाघों की नई आबादी बसाने में अहम भूमिका निभाई। रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के डीसीएफ मानस सिंह ने बताया कि यहां पर्यटकों को बाघों की अच्छी साइटिंग होती है। <br />यहां बाघों के लिए प्रे-बेस की कमी नहीं है। </p>
<p><strong>एक नर बाघ 40-50 वर्ग किमी की होती है आवश्यकता</strong><br />हालांकि बढ़ती संख्या अब वन विभाग के लिए नई परीक्षा भी बन रही है। लगभग 1,500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र वाले रणथम्भौर में बाघों का सक्रिय विचरण करीब 700 वर्ग किलोमीटर तक सीमित है। जबकि इसकी क्षमता 40-50 बाघों की मानी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार एक वयस्क नर बाघ को 40-50 वर्ग किलोमीटर और बाघिन को लगभग 20 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की आवश्यकता होती है। ऐसे में युवा बाघ नए क्षेत्र की तलाश में अन्य जंगलों और मानव बस्तियों की ओर बढ़ रहे हैं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-is-resonating-with-the-roar-of-tigers-on-international/article-161260</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-is-resonating-with-the-roar-of-tigers-on-international/article-161260</guid>
                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 11:26:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/111200-x-600-px%29-%286%292.png"                         length="2193976"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस : प्रदेश के चार बायोलॉजिकल पार्कों में 18 टाइगर, अकेले नाहरगढ़ में दहाड़ रहे 14 टाइगर</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर का नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क राजस्थान में सबसे अधिक 14 बाघों का घर बन गया है। यहां गोल्डन और सफेद बाघ पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण हैं। दिसंबर 2024 से जून 2026 तक 24,882 पर्यटकों ने टाइगर सफारी का आनंद लिया, जिससे 51.76 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। फिलहाल पांच शावकों को ऑफ-डिस्प्ले रखा गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/international-tiger-day-18-tigers-in-four-biological-parks-of/article-161255"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/111200-x-600-px)-(4)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के बायोलॉजिकल पार्कों में यदि सबसे अधिक बाघों का बसेरा कहीं है तो वह जयपुर का नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क है। यहां बाघ, बाघिन और शावकों को मिलाकर कुल 14 टाइगर मौजूद हैं। खास बात यह है कि यहां गोल्डन बाघों के साथ-साथ सफेद बाघ भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र हैं। </p>
<p><strong>अन्य बायोलॉजिकल पार्कों में इनकी संख्या</strong><br />जयपुर के अलावा प्रदेश के अन्य बायोलॉजिकल पार्कों में टाइगरों की संख्या काफी कम है। उदयपुर के सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में एक बाघिन, कोटा के अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में एक बाघिन है। जबकि जोधपुर के माचिया बायोलॉजिकल पार्क में एक बाघ और एक बाघिन मौजूद हैं। </p>
<p><strong>सफारी में सफेद बाघों का रोमांच</strong><br />नाहरगढ़ टाइगर सफारी में बाघ गुलाब, सफेद बाघ भीम, बाघिन भक्ति, चमेली और स्कंदी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के एसीएफ जितेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि रणथम्भौर टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू कर लाए गए बाघ रणवीर को भी ऑफ  डिस्प्ले रखा गया है। वर्तमान में पार्क में सबसे कम उम्र का टाइगर तीन माह का शावक है। जबकि सबसे अधिक उम्र का बाघ शिवाजी लगभग नौ वर्ष का है। उन्होंने बताया कि तीन माह के शावक की देखरेख बायोलॉजिकल पार्क के उपनिदेशक डॉ.अरविंद माथुर की निगरानी में की जा रही है।</p>
<p><strong>शावक ऑफ  डिस्प्ले में </strong><br />वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघ शिवाजी, बाघिन रानी तथा उनके पांच शावक विजय, सूर्या, शौर्य, वृंदा और अम्बे हैं। इन शावकों को फिलहाल ऑफ  डिस्प्ले रखा गया है। </p>
<p>नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में इस समय बाघ, बाघिन और शावकों को मिलाकर इनकी संख्या 14 है। यहां नाहरगढ़ टाइगर सफारी में दिसंबर 2024 से जून 2026 के बीच 24,882 पर्यटकों ने सफारी की है। इस अवधि में विभाग को 51 लाख 76 हजार से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। सफेद बाघ भी यहां के मुख्य आकर्षण का केन्द्र है। <br />-विजयपाल सिंह, डीसीएफ, नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/international-tiger-day-18-tigers-in-four-biological-parks-of/article-161255</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/international-tiger-day-18-tigers-in-four-biological-parks-of/article-161255</guid>
                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 10:40:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/111200-x-600-px%29-%284%296.png"                         length="1991521"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शहर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघों का संरक्षण, शावकों की अठखेलियां पर्यटकों को एलईडी स्क्रीन पर लाइव, 14 बाघों की देखरेख</title>
                                    <description><![CDATA[बाघों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से हर साल 29 जुलाई को इंटरनेशनल टाइगर डे मनाया जाता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/conservation-of-tigers-in-nahargarh-biological-park-in-the-city/article-121928"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/untitled-12.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बाघों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से हर साल 29 जुलाई को इंटरनेशनल टाइगर डे मनाया जाता है। राजस्थान जो कभी बाघों की घटती संख्या को लेकर चिंतित था, अब बाघों की सुरक्षित शरण स्थली बनता जा रहा है। हालांकि वन विभाग के सामने यहां के टाइगर रिजर्वों में बाघों की इनब्रीडिंग सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसके लिए देश के दूसरे राज्यों के टाइगर रिजर्वों से बाघों को लाने की मांग कई बार वन्यजीव प्रेमी उठा चुके हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश के अन्य बायोलॉजिकल पार्कों की तुलना में जयपुर स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल में बाघों में सफल प्रजनन हो रहा है।</p>
<p><strong>रणथम्भौर से लाया टी-79 का शावक ‘रणवीर’ स्वस्थ, सितंबर में होगा दो साल का :</strong></p>
<p>नाहरगढ़ बायोलॉजिकल में भी अब बाघों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहां पर 14 बाघों की देखरेख की जा रही है। जिनमें रेस्क्यू कर लाया गया शावक भी शामिल हैं। रणथम्भौर से लाई गई बाघिन टी-79 का शावक ‘रणवीर’ स्वस्थ है और सितंबर में दो वर्ष का हो जाएगा। उसे फिलहाल नॉन-डिस्प्ले एरिया में रखा गया है।</p>
<p><strong>एनटीसीए से मांगी गई है अनुमति :</strong></p>
<p>वन विभाग के अनुसार बाघ शावक रणवीर को कैप्टिविटी में डिस्प्ले एरिया में रखने की अनुमति के लिए नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अर्थोरिटी (एनटीसीए) को पत्र लिखा है। अगर इसके लिए एनटीसीए अनुमति देता है तो यहां बाघों में कैप्टिव जीनपूल के साथ ही वाइल्ड जीनपूल मिल सकेगा। नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क की नियो नेटल केयर यूनिट में वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक डॉ.अरविंद माथुर की देखरेख में इसका लालन-पालन किया गया था।</p>
<p><strong>बच्चे, बड़े और बुजुर्ग लाइव देख रहे अठखेलियां :</strong></p>
<p>पार्क में बाघिन ‘रानी’ और उसके शावकों की गतिविधियों को एलईडी स्क्रीन पर लाइव दिखाया जा रहा है। जिससे पर्यटक, विशेष रूप से बच्चे, बडेÞ और बुजुर्ग इन नन्हें शावकों की अठखेलियां देख आनंदित हो रहे हैं।</p>
<p><strong>प्रदेश में 150 बाघ :</strong></p>
<p>विभाग के अनुसार राजस्थान में अभी करीब 150 बाघ हैं, जो विभिन्न टाइगर रिजर्व में हैं। इनमें रणथम्भौर में 75 से 80 के बीच, सरिस्का में 48, रामगढ़ विषधारी में 7, मुकुंदरा में 5 और धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व में करीब 10 बाघ हैं।</p>
<p>नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघों का सफल प्रजनन हो रहा है। यहां बाघ शावक भीम और स्कंदी पर्यटकों के विशेष आकर्षण का केन्द्र हैं। बाघिन रानी के पांच शावकों की अटखेलियों को पर्यटक एलईडी स्क्रीन के जरिए लाइव देख रहे हैं। <br /><strong>-टी.मोहनराज</strong><br /><strong>मुख्य वन संरक्षक, </strong><br /><strong>वन्यजीव, जयपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/conservation-of-tigers-in-nahargarh-biological-park-in-the-city/article-121928</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/conservation-of-tigers-in-nahargarh-biological-park-in-the-city/article-121928</guid>
                <pubDate>Tue, 29 Jul 2025 10:41:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/untitled-12.jpg"                         length="223654"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाघों का संरक्षण हमारा सामूहिक दायित्व: जिला कलक्टर</title>
                                    <description><![CDATA[ अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर आमजन में बाघ संरक्षण हेतु जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से “बाघों को बचाएं” थीम पर बाघ संरक्षण संगोष्ठी का आयोजन सोमवार को जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव के मुख्य आतिथ्य में रणथम्भौर नेशनल रिसोर्ट में हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/conservation-of-tigers-is-our-collective-responsibility-district-collector/article-86241"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size-(2)24.png" alt=""></a><br /><p>सवाई माधोपुर। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर आमजन में बाघ संरक्षण हेतु जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से “बाघों को बचाएं” थीम पर बाघ संरक्षण संगोष्ठी का आयोजन सोमवार को जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव के मुख्य आतिथ्य में रणथम्भौर नेशनल रिसोर्ट में हुआ।</p>
<p>जिला कलक्टर ने कहा कि वन एवं वन्य जीव धरती पर प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। मानव, पर्यावरण और वन्यजीव एक-दूसरे के पूरक हैं। बदलते परिवेश में हमें वन्यजीवों के संरक्षण और जैव विविधता के लिए अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। बाघों का संरक्षण हमारा सामूहिक दायित्व है। इस दौरान उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री द्वारा “मन की बात” कार्यक्रम में रणथंभौर नेशनल पार्क से प्रारंभ हुए “कुल्हाड़ी बंद पंचायत” अभियान की सराहना के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निश्चित ही सभी पर्यावरणविदों को प्रकृति प्रेमियों में नवीन उत्साह एवं ऊर्जा का संचार करेगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान के फलस्वरूप क्षेत्र के वन पुनः हरित हो रहे हैं। साथ ही बाघों के लिए अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण हो रहा है। उन्होंने रणथम्भौर टाईगर रिजर्व में पर्यावरण एवं बाघ संरक्षण हेतु मिशन बीट प्लास्टिक एवं पथिक लोक सेवा समिति के कार्यो की सराहना की। उन्होंने मानसून के दौरन अधिक से अधिक पौधारोपण कर अपने आस पास के क्षेत्र को हरा भरा कर पर्यावरण संरक्षण करने की अपील की।</p>
<p>उप वन संरक्षक एवं उप क्षेत्र निदेशक प्रथम रणथम्भौर बाघ परियोजना डॉ. रामानन्द भाकर ने कहा कि बाघ सवाई माधोपुर में रहने वाले हजारों लोगों की आजीविका का माध्यम है। हम सभी इनके संरक्षण के लिए आगे आएं। </p>
<p>इस अवसर पर वन्य जीव विशेषज्ञ धर्मेंद्र खांडल ने बाघ संरक्षण के क्षेत्र में समय-समय पर किए गए प्रयासों, वन्यजीव सुरक्षा एवं सरंक्षण के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी प्रदान की।</p>
<p>टाईगर प्रोजेक्ट से जुड़े हरिमोहन मीना द्वारा केराबल की विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण, रणथम्भौर पार्क के विभिन्न रूटस इकोसिस्टम, प्राकृतिक संपदा वनों, पक्षियों एवं वन्यजीवों के महत्व के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया गया।</p>
<p>इस दौरान वन विभाग द्वारा प्लास्टिक मुक्त रणथम्भौर के उद्देश्य से राजीविका समूह की महिलाओं निर्मित कपड़े के थैलों का वितरण कर सभी को वन्यजीव एवं प्रकृति के संरक्षण संवर्धन की दिशा में प्रेरित करने का संदेश दिया गया। संगोष्ठी के उपरांत उपस्थित सभी को रणथम्भौर टाईगर रिजर्व का भ्रमण करवाकर बाघ संरक्षण के महत्व के बारे में बताया।</p>
<p>इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता, सहायक निदेशक पर्यटन मधुसूदन सिंह, प्रशिक्षु उप वन संरक्षक तेजस पाटिल, सहायक वन संरक्षक अरूण शर्मा, डीसीएफ लाखन सिंह, पशु चिकित्सक डॉ. सी.पी. मीना, मिशन बीट प्लास्टिक के रूपसिंह मीना, शिक्षक, वकील, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधी पर्यावरणविद उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/conservation-of-tigers-is-our-collective-responsibility-district-collector/article-86241</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/conservation-of-tigers-is-our-collective-responsibility-district-collector/article-86241</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jul 2024 18:35:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/photo-size-%282%2924.png"                         length="356540"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>International Tiger Day: प्रदेश के बायोलॉजिकल पार्कों में उम्रदराज दो बाघिन बहनें</title>
                                    <description><![CDATA[ नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघिन रानी के शावक मां के होते हुए भी बिन मां के जीना सीख रहे हैं। दोनों शावकों करीब ढाई माह के हो गए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/international-tiger-day-two-aged-tigress-sisters-in-the-biological/article-86154"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/4111u1rer-(1)5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हर साल 29 जुलाई को इंटरनेशनल टाइगर डे मनाया जाता है। प्रदेश के टाइगर रिजर्वों की बात की जाए तो रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या करीब 75 से 80 के बीच बताई जाती है। वहीं सरिस्का में इनकी संख्या बढ़कर करीब 43 हो गई है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के बायोलॉजिकल पार्कों में भी इनका संरक्षण हो रहा है। इसका नतीजा यह है कि जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में रह रही बाघिन रंभा और कोटा के अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क (कैप्टिविटी) में बाघिन महक वर्तमान में सबसे उम्रदराज हैं। कमाल की बात यह है कि चन्दा नामक बाघिन ने साल 2004 में जयपुर जू में दोनों को जन्म दिया था। वहीं दूसरी ओर रणथम्भौर टाइगर रिजर्व से लाए बाघिन टी-79 का नर शावक भी अब करीब एक साल का हो गया है। </p>
<p><strong>20 साल की हुई महक और रंभा</strong> <br />जयपुर जू में साल 2004 को जन्मी दोनों बाघिन बहनें रंभा (जयपुर स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क) और महक (कोटा स्थित अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क) वर्तमान में 20 साल की हो गर्इं हैं। अभी इनसे उम्रदराज बाघिनें प्रदेश के किसी भी बायोलॉजिकल पार्क (कैप्टिविटी) में नहीं हैं। इस दौरान रंभा का एक बार सफल प्रजनन भी हुआ था, लेकिन कोटा के अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में रह रही बाघिन महक में ऐसा नहीं हो पाया। नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में रह रही रंभा को रोजाना 8 किलो बफेलो मीट और 2 किलो चिकन डाइट में दिया जा रहा है। अपने आक्रामक रूख और दाहड़ से पर्यटकों को आकर्षित करने वाली यह बाघिन उम्र के इस पड़ाव पर आकर थोड़ी शांत रहने लगी है। रंभा के केयर टेकर गोपाल मीणा का कहना है कि इसे खाने में बोनलेस मीट दिया जा रहा है। </p>
<p><strong>दो बिना मां जीना सीख रहे तो एक सीख रहा शिकार के गुर </strong><br />नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघिन रानी के शावक मां के होते हुए भी बिन मां के जीना सीख रहे हैं। दोनों शावकों करीब ढाई माह के हो गए हैं। इन्हें रेस्क्यू सेंटर स्थित नियो नेटेल केयर में रखा गया है। जहां एक बाघ की डमी के साथ दोनों अक्सर खेलते रहते हैं। इनका वजन पहले से बढ़कर करीब 7 किलो हो गया है। वहीं रणथम्भौर टाइगर रिजर्व से 15 सितम्बर, 2023 को यहां लाया गया बाघिन टी-79 का नर शावक मां के बिना शिकार के गुर सीख रहा है। इसे एन्क्लोजर में जिन्दा मुर्गा, खरगोश और बकरा दिया जा रहा है। इनका वो शिकार करना सीख रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/international-tiger-day-two-aged-tigress-sisters-in-the-biological/article-86154</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/international-tiger-day-two-aged-tigress-sisters-in-the-biological/article-86154</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jul 2024 11:05:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/4111u1rer-%281%295.png"                         length="654410"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेकेके में छठा जयपुर टाइगर फेस्टिवल आज से</title>
                                    <description><![CDATA[इंटरनेशनल टाइगर डे के मद्देनजर राजस्थान हेरिटेज, आर्ट एंड कल्चरल फाउंडेशन की ओर से जवाहर कला केन्द्र में 27 से 30 जुलाई तक छठे जयपुर टाइगर फेस्टिवल (जेटीएफ) का आयोजन होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/6th-jaipur-tiger-festival-in-jkk-from-today/article-85995"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/international-tiger-day.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। इंटरनेशनल टाइगर डे के मद्देनजर राजस्थान हेरिटेज, आर्ट एंड कल्चरल फाउंडेशन की ओर से जवाहर कला केन्द्र में 27 से 30 जुलाई तक छठे जयपुर टाइगर फेस्टिवल (जेटीएफ) का आयोजन होगा। शनिवार शाम 4 बजे जेटीएफ का उद्घाटन होगा। फेस्टिवल के अंतर्गत अलंकार गैलरी में देश-दुनिया के वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर्स की 200 से अधिक फोटो की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। सर्वश्रेष्ठ तस्वीरों के लिए पुरस्कार भी दिए जाएंगे। तस्वीर पर क्यूआर कोड स्कैन करते ही उससे जुड़ी समस्त जानकारी दर्शकों के फोन पर होगी। </p>
<p><strong>बाघों की दुनिया में तब्दील होगी अलंकार गैलरी!</strong></p>
<p>सबसे खास बात यह है कि जेटीएफ के दौरान अलंकार गैलरी में बाघों की दुनिया साकार होगी। दरअसल आगंतुकों को जंगल का अनुभव देने के लिए वीआर तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इससे वन्यजीव प्रेमी जंगल का रोमांच उठा सकेंगे। इसी के साथ लाइव टाइगर पेंटिंग, टाइगर स्टोरी, मूवी स्क्रीनिंग, पोस्टल स्टाम्प एग्जीबिशन आदि एक्टिविटी होगी। </p>
<p><strong>टाइगर टेल्स' पर विचार रखेंगे एक्सपर्ट्स</strong><br />29 जुलाई इंटरनेशनल टाइगर डे पर शाम पांच बजे 'टाइगर टेल्स' टॉक शो होगा। इसमें 5 बार के प्रेसिडेंट अवॉर्ड विजेता और विश्व विख्यात वाइल्ड लाइफ फिल्म मेकर एस. नल्लामुथु, टाइगर मैन के नाम से प्रसिद्ध दौलत सिंह शक्तावत, महाराष्ट्र ईको टूरिज्म बोर्ड की गर्वनिंग काउंसिल के मेंबर और स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड के पूर्व सदस्य सुनील मेहता और मध्य प्रदेश के वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर मनीष कालानी (जिन्होंने बाघिन मछली की फैमिली ट्री पर किताब लिखी है) विचार रखेंगे।  </p>
<p><strong>ये रहेंगे गेस्ट ऑफ ऑनर</strong></p>
<p>पूर्व आईएएस पवन अरोड़ा, डॉ. एस.एस. अग्रवाल चेयरमैन जोधपुर, एम्स, विश्व विख्यात वाइल्ड लाइफ फिल्म मेकर और 5 बार के प्रेसिडेंट अवॉर्ड विजेता एस. नल्लामुथु, पूर्व मुख्य सचिव राजीव स्वरूप गेस्ट ऑफ ऑनर रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/6th-jaipur-tiger-festival-in-jkk-from-today/article-85995</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/6th-jaipur-tiger-festival-in-jkk-from-today/article-85995</guid>
                <pubDate>Sat, 27 Jul 2024 10:51:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/international-tiger-day.png"                         length="563201"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        