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                <title>jaipur traffic problem - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>jaipur traffic problem RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>यातायात नियमों की पालना में पुलिस की सख्ती : सुरक्षित सड़कों की नई दिशा, नवंबर माह में चालान काट कर 1 करोड़ 54 लाख 53 हजार की राशि राजकोष में जमा </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने पदभार ग्रहण करते ही शहर में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने व यातायात नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने हेतु  कार्य योजना बनाकर सख्त उपाय करने के निर्देश दिए। जयपुर पुलिस ने नवंबर माह में चालान काट कर 1 करोड़ 54 लाख 53 हजार रुपये की राशि राजकोष में जमा करवाई गई जबकि अक्टूबर माह में यह राशि 1 करोड़ 16 लाख थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/police-strictness-in-following-traffic-rules-new-direction-of-safe/article-134064"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/1200-x-600-px)-(3)4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने पदभार ग्रहण करते ही शहर में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने व यातायात नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने हेतु  कार्य योजना बनाकर सख्त उपाय करने के निर्देश दिए। जयपुर पुलिस ने नवंबर माह में चालान काट कर 1 करोड़ 54 लाख 53 हजार रुपये की राशि राजकोष में जमा करवाई गई जबकि अक्टूबर माह में यह राशि 1 करोड़ 16 लाख थी। मित्तल के प्रयासों से न केवल सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है, बल्कि नागरिकों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। पुलिस द्वारा किए गए प्रयासों को न्यायालय अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट से भी मजबूती मिली है। कोर्ट के पीठासीन अधिकारी गुरजोत सिंह(आरजेएस) द्वारा यातायात नियम की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए अधिकतम अभियोजन व्यय अधिरोपित किये जा रहे हैं। कोर्ट में वाहन चालकों पर दोषसिद्धि उपरांत अधिकतम अभियोजन व्यय अधिरोपित किए जाने से आयुक्त मित्तल के प्रयासों को भी मजबूती मिली है।</p>
<p>मित्तल ने बताया कि तेज गति से वाहन चलाना, हेल्मेट न पहनना, सीट बेल्ट न लगाना एवं ड्रंक एंड ड्राइव इत्यादि उल्लंघन करने वालो पर तत्काल चालान जारी किये जा रहे है। कैमरा और मोबाइल एप के माध्यम से रीयल‑टाइम मॉनिटरिंग से ट्रैफ़िक प्रवाह में सुधार हुआ है, जिससे जाम कम हुआ और यात्रा समय घटा है। इसके अलावा अभियान चलाकर आम लोगों को ट्रैफिक नियमों की पालना हेतु समझाइश भी की गई। हाई‑रिस्क क्षेत्रों में लगातार गश्त से अत्यधिक दुर्घटना वाले स्थानों की पहचान कर सुधारात्मक उपाय तुरंत लागू किए जा रहे हैं। मित्तल ने कहा कि “हमारा लक्ष्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि एक सुरक्षित परिवेश बनाना है जहाँ हर नागरिक बिना डर के सड़क पर चल सके। सख्ती के साथ साथ हम जनता के सहयोग से यह लक्ष्य हासिल कर रहे हैं।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Nov 2025 16:39:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कमिश्नर सचिन मित्तल का बड़ा निर्णय : जयपुर में अब थाना पुलिस ढूंढेगी जाम पॉइंट, पीक आवर्स में संभालेगी ट्रैफिक</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक नई रणनीति अपनाई है। जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब शहर की थाना पुलिस अपने-अपने क्षेत्र में ऐसी एक सड़क की पहचान करेगी, जहां पीक आवर्स में सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम रहता है। थाना स्तर पर यह जाम प्वाइंट पहचानने के बाद वहीं पर थाना पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और ट्रैफिक नियंत्रण का जिम्मा संभालेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-decision-of-commissioner-sachin-mittal-now-police-station-will/article-130868"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/_4500-px)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजधानी जयपुर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक नई रणनीति अपनाई है। जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब शहर की थाना पुलिस अपने-अपने क्षेत्र में ऐसी एक सड़क की पहचान करेगी, जहां पीक आवर्स में सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम रहता है। थाना स्तर पर यह जाम प्वाइंट पहचानने के बाद वहीं पर थाना पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और ट्रैफिक नियंत्रण का जिम्मा संभालेंगे। यह पहली बार होगा जब जयपुर में थाना पुलिस सीधे यातायात व्यवस्था को संभालेगी। इस कदम का उद्देश्य शहर में पीक आवर्स के दौरान यातायात को सुरक्षित, सुचारू और व्यवस्थित बनाना है।</p>
<p>कमिश्नर मित्तल ने बताया कि इस निर्णय का मकसद आम नागरिकों को राहत देना और सड़कों पर जाम की स्थिति को कम करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ट्रैफिक पुलिस बल की संख्या सीमित है, इसलिए थाना पुलिस को यातायात प्रबंधन में शामिल करना समय की जरूरत बन गया है। प्रत्येक थाना प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र में सबसे अधिक जाम लगने वाले स्थलों की पहचान कर सूची तैयार करें और वहां नियमित रूप से पुलिसकर्मी तैनात करें। सुबह और शाम के व्यस्त समय में यह टीमें यातायात को नियंत्रित करेंगी और जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय भी बनाएंगी।</p>
<p>कमिश्नर ने यह भी कहा कि इस व्यवस्था को प्रायोगिक तौर पर लागू किया जाएगा। यदि परिणाम सकारात्मक रहे तो इसका दायरा और भी बढ़ाया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि थाना पुलिस की सक्रिय भूमिका से जयपुर के प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति में सुधार आएगा और लोगों को बेहतर यातायात अनुभव मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Oct 2025 16:20:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>ट्रैफिक लाइट पर प्यार का गुलाबी संदेश : सीने में ही नहीं, ट्रैफिक सिग्नल पर भी धड़क रहा दिल</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के 20 प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल की रेड लाइट को दिल के आकार में बदला गया। यह बदलाव सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों की जागरूकता बढ़ा रहा। राहगीरों और ड्राइवरों ने इसे सकारात्मक भावनात्मक संदेश बताते हुए जिंदगी की कीमत समझने का अनुभव। यह पहल शहर की सड़कों को खास बनाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/pink-message-of-love-on-the-traffic-light-heart-is/article-129245"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/_4500-px)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर की सड़कों पर अब रेड लाइट सिर्फ रुकने का इशारा नहीं, बल्कि जिंदगी से जुड़ा एक भावनात्मक संदेश दे रही है। शहर के 20 प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल्स की रेड लाइट को गोल से बदलकर दिल के आकार में ढाला गया है। यह अनूठा बदलाव न केवल जयपुर की सड़कों को खूबसूरत बना रहा है, बल्कि ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।<br />नवज्योति की टीम ने जब इन दिल वाले सिग्नल्स के पास राहगीरों और ड्राइवर्स से बात की, तो लोगों की प्रतिक्रियाएं दिलचस्प थीं। एक स्थानीय दुकानदार गोपाल शर्मा ने कहा, पहले रेड लाइट देखकर झुंझलाहट होती थी, लेकिन अब ये दिल वाला सिग्नल देखकर लगता है कि कोई अपना कह रहा हो रुक जाओ, जिंदगी कीमती है। एक कॉलेज छात्रा प्रिया ने बताया, यह सिग्नल देखकर ऐसा लगता है जैसे शहर हमसे प्यार का इजहार कर रहा हो। रुकना अब सजा नहीं, बल्कि केयर करने का एहसास है। </p>
<p><strong>जागरूकता और सुरक्षा का संदेश</strong><br />डीसीपी ट्रैफिक सुमित मेहरडा ने इस पहल के पीछे का उद्देश्य साझा करते हुए बतायाए यह बदलाव 20 प्रमुख चौराहों पर किया गया है। दिल जिंदगी का प्रतीक है, और यह सिग्नल लोगों को याद दिलाता है कि ट्रैफिक नियमों का पालन करना सिर्फ कानून की बात नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की जिंदगी बचाने की जिम्मेदारी है। डीसीपी ने आगे कहा, अगर कोई सड़क हादसे का शिकार होता है, तो तुरंत फर्स्ट एड, सीपीआर या अस्पताल पहुंचाने जैसे कदम उठाएं। यह सिग्नल उस जागरूकता को बढ़ावा देता है। </p>
<p><strong>जयपुर में सड़क हादसे एक गंभीर समस्या</strong><br />पिछले साल शहर में भारी संख्या में सड़क हादसे दर्ज हुए, जिनमें से कई रेड लाइट जम्प से जुड़े थे। इस नए डिजाइन के जरिए न केवल ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, बल्कि यह भी संदेश दिया जा रहा है कि एक छोटा सा कदम जैसे रेड लाइट पर रुकना किसी की जिंदगी बचा सकता है। </p>
<p><strong>सड़कों पर प्यार का पैगाम </strong><br />जयपुर की सड़कें अब सिर्फ ट्रैफिक का हिस्सा नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश का माध्यम बन रही हैं। यह दिल वाला सिग्नल हर ड्राइवर और पैदल यात्री को याद दिलाता है कि रुकना सिर्फ एक नियम नहीं, बल्कि किसी की जिंदगी को बचाने का मौका है। </p>
<p><strong>प्रेरणा और भविष्य की संभावनाएं</strong><br />यह पहल अन्य शहरों से प्रेरित हो सकती है, जहां इस तरह के प्रयोग पहले हो चुके हैं। उदाहरण के लिए, चेन्नई में हार्ट-शेप्ड सिग्नल्स ने ड्राइवर्स की मानसिकता पर सकारात्मक असर डाला था। जयपुर में भी भविष्य में इन सिग्नल्स को और इंटरैक्टिव बनाया जा सकता है, जैसे हेल्पलाइन नंबर या फर्स्ट एड टिप्स के साथ क्यू आर कोड्स जोड़ना। राहगीरों का मानना है कि यह बदलाव न सिर्फ सड़कों को सुरक्षित बनाएगा, बल्कि शहर की छवि को भी नया आयाम देगा। एक टैक्सी ड्राइवर मोहन लाल ने कहाए यह सिग्नल देखकर लगता है कि जयपुर अब पिंक सिटी ही नहीं, दिल वाली सिटी भी है।</p>
<p><strong>यहां पर लगे हैं दिल के सिग्नल</strong><br />शहर के इन चौराहों पर दिल वाले सिग्नल लगे हैं-अजमेरी गेट, रामबाग, जेडीए सर्किल, गिरधरमार्ग एसएल कट, ओटीएस चौराहा, सात नम्बर चौराहा जगतपुरा, हल्दीघाटी गेट, 200 फीट चौराहा, एसएफएस मानसरोवर, सोडाला थाना चौराहा, बनीपार्क कान्हा चौराहा, न्यू गेट, सांगानेरी गेट, पांच बत्ती चौराहा, शिप्रा पथ, दुर्गापुरा, जवाहर सर्कि ल, सांगानेर, नंदपुरी, बालाजी मोड़ आदि।</p>
<p>दिल वाले सिग्नल के अलावा एक निजी अस्पताल ने जगह जगह बोर्ड लगाए हैं। जिनमें एक क्यू आर कोड दिया है, उसे स्कैन करने पर एक वीडियो चलता है। जिसमें हार्ट और हैल्थ से जुडी जानकारियां दी जा रही हैं। दिल के शेप वाला सिग्नल हमारे जीवन को  सुरक्षित रखने का संदेश देता है साथ ही दूसरों के जीवन को बचाने की प्रेरणा भी। यातायात के नियमों का पालन करें यही अपील है सभी से।<br />सुमित मेहरड़ा, पुलिस उपायुक्त यातयात जयपुर </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Oct 2025 12:00:17 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>दस हजार ई-रिक्शा का रिकॉर्ड नहीं, इनकी वजह से लगता है जाम</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर प्रथम में 39,878 और द्वितीय में 1884 ई-रिक्शा पंजीकृत।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-is-no-record-of-ten-thousand-e-rickshaws-due-to/article-86004"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/e-rickshaw.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर में कुल 41 हजार 762 ई-रिक्शा चल रहे हैं। यह आंकड़े तो वे हैं, जो राज्य सरकार के पास हैं। इसके अलावा कई ई-रिक्शों की जानकारी भी नहीं है। एक अनुमान के अनुसार बिना रिकॉर्ड के ई-रिक्शा की संख्या करीब दस हजार है। इन ई-रिक्शा की वजह से शहर की यातायात व्यवस्था अक्सर जाम रहती है। राज्य सरकार ने विधानसभा में स्वीकार किया है कि जयपुर शहर में कुल 41 हजार 762 ई-रिक्शा चल रहे हैं। यह आंकड़े तो वे हैं जो सरकार के पास हैं। इसके अलावा कई ई-रिक्शों की जानकारी भी नहीं है। एक अनुमान के अनुसार इनकी संख्या पचास हजार को भी पार जा सकती है। वर्तमान में वाहनों के पंजीयन का कार्य परिवहन विभाग के वाहन पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। जिसमें वाहन स्वामी के पते का संधारण पंजीयन अधिकारी के क्षेत्राधिकार के अनुसार किया जाता है। वर्तमान में जयपुर-प्रथम के क्षेत्राधिकार में कुल 39 हजार 878 ई-रिक्शा पंजीकृत है तथा जयपुर द्वितीय के क्षेत्राधिकार में एक हजार 884 ई-रिक्शा पंजीकृत है। इनमें परकोटे क्षेत्र के ई-रिक्शा भी सम्मिलित है।<br /><br />कंट्रोल के लिए सरकार के प्रयास ऐसा नहीं है कि ई-रिक्शा पर कंट्रोल के लिए राज्य सरकार प्रयास नहीं करती। सरकार ने कई नियम बनाए है। ई-रिक्शा का स्वामित्व लाइसेंस धारक के नाम से ही होना आवश्यक है यानी कि ई-रिक्शा का संचालन उसके पंजीकृत वाहन स्वामी द्वारा ही किया जाएगा। एक व्यक्ति के नाम से एक से अधिक ई-रिक्शा का पंजीयन नहीं किया जाएगा। यातायात परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ई-रिक्शा का विनिर्दिष्ट क्षेत्र अथवा मार्गपर संचालन निषिद्ध करेगी। जयपुर विकास प्राधिकरण के ट्रैफिक कन्ट्रोल बोर्ड की 19 जुलाई को बैठक में जयपुर शहर में ई-रिक्शा के संचालन को नियंत्रित करने के लिए छह जोन बनाने व जोनवार ई-रिक्शों की अधिकतम संख्या का निर्धारण करने का निर्णय लिया गया है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jul 2024 11:46:37 +0530</pubDate>
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