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                <title>Election Commission - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Election Commission RSS Feed</description>
                
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                <title>केरल चुनावों पर संकट के बादल : 9 अप्रैल गरज के साथ तूफान की चेतावनी; मतदान प्रतिशत को लेकर राजनीतिक दलों में बढ़ी चिंता, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट  </title>
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                        <![CDATA[केरल में 9 अप्रैल को होने वाले मतदान पर खराब मौसम का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने भारी बारिश, बिजली कड़कने और तेज हवाओं का 'येलो अलर्ट' जारी किया है। राजनीतिक दलों को चिंता है कि प्रतिकूल मौसम के कारण मतदान प्रतिशत गिर सकता है। प्रशासन ने मतदाताओं को सतर्क रहने और चुनावी प्रक्रिया में बाधा कम करने के निर्देश दिए हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/clouds-of-crisis-over-kerala-elections-april-9-warning-of/article-149255"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/kerala-weather.png" alt=""></a><br /><p>तिरुवनंतपुरम। केरल में आगामी नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से कुछ ही दिन पहले प्रतिकूल मौसम के पूर्वानुमान ने मतदान की संभावनाओं पर असर डाला है। राजनीतिक दलों ने चिंता जताई है कि गरज के साथ और छिटपुट बारिश पूरे राज्य में मतदाता प्रतिशत प्रभावित कर सकता है। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक विस्तृत चेतावनी जारी की है जिसमें बताया गया है कि पांच और छह अप्रैल को केरल में अलग-अलग स्थानों पर बिजली कड़कने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं चलने की प्रबल अनुमान है। मौसम का यह अनिश्चित स्वरूप सात और आठ अप्रैल को भी जारी रहने की उम्मीद है, जिसमें 30-40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।</p>
<p>महत्वपूर्ण बात यह है कि मतदान के दिन नौ अप्रैल को भी मौसम विभाग ने एक या दो स्थानों पर बिजली कड़कने के साथ गरज के साथ बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इससे संकेत मिलता है कि भले ही व्यापक रूप से भारी बारिश न हो लेकिन स्थानीय स्तर पर मौसम का व्यवधान कुछ क्षेत्रों में मतदाताओं की आवाजाही और मतदान प्रतिशत में बाधा डाल सकता है। मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है, जिसमें पांच और छह अप्रैल को अलग-अलग स्थानों पर 24 घंटों के भीतर सात सेंटीमीटर से 11 सेंटीमीटर तक बारिश होने की पूर्वानुमान है। इन दोनों दिनों के लिए पतनमतिट्टा, इडुक्की, पलक्कड़ और मलप्पुरम जिलों में 'येलो अलर्ट' घोषित किया गया है, जो भारी बारिश के अनुमान के कारण सामान्य जीवन और चुनाव पूर्व की व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं।</p>
<p>मौजूदा अनुमान के मुताबिक हालोकि नौ अप्रैल तक बारिश की तीव्रता कम हो सकती है, फिर भी राजनीतिक दल सतर्क हैं। मतदान के दिन हल्की-फुल्की बारिश, गरज-चमक या बिजली गिरने की चेतावनी भी मतदाताओं के उत्साह में खलल डाल सकती हे, खासकर ग्रामीण, तटीय और पहाड़ी इलाकों में, जहां पहले से ही पहुंच एक चुनौती है। विभिन्न दलों के चुनावी रणनीतिकार मौसम के ताजा विवरणों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, क्योंकि केरल के इस कड़े मुकाबले वाले चुनाव में मतदान का प्रतिशत एक निर्णायक कारक माना जाता है। पिछले अनुभवों ने दिखाया है कि प्रतिकूल मौसम की स्थिति—भले ही वह स्थानीय स्तर पर हो-मतदाताओं की भागीदारी के रुझानों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकती है।</p>
<p>इस बीच अधिकारियों ने जनता से गरज के साथ बारिश या तूफान आने के दौरान सावधानी बरतने का आग्रह किया है, विशेष रूप से बिजली गिरने और तेज हवाओं से बचने और आधिकारिक सूचनाओं के साथ अपडेट रहने को कहा है। चुनाव अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वे मौसम संबंधी किसी भी व्यवधान के बावजूद सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए तत्पर रहें।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 13:27:16 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन: विधानसभा चुनावों से पहले जब्त किए 650 करोड़ रुपये, आदर्श आचार संहिता के सख्त अनुपालन का दिया आदेश</title>
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                        <![CDATA[चुनाव आयोग ने 2026 विधानसभा चुनावों के दौरान प्रलोभन के खिलाफ बड़ी स्ट्राइक की है। 15 मार्च से अब तक 651.51 करोड़ रुपये की नकदी, शराब और ड्रग्स जब्त किए गए हैं, जिसमें पश्चिम बंगाल 319 करोड़ के साथ शीर्ष पर है। आयोग ने 10,000 से अधिक फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए हैं ताकि आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन हो सके।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/election-commissions-big-action-seized-rs-650-crore-before-assembly/article-149189"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/ec.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने कहा है कि 2026 के विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद से कानून लागू करने वाली देश की विभिन्न एजेंसियों ने अब तक 650 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, शराब, मादक पदार्थ, कीमती धातुएं और अन्य प्रलोभन सामग्री जब्त की है। आयोग ने रविवार को आधिकारिक आंकड़े जारी करते हुए बताया कि 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों तथा छह राज्यों में उपचुनावों की घोषणा के बाद आदर्श आचार संहिता के सख्त अनुपालन को प्राथमिकता दी गयी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 26 फरवरी से पांच अप्रैल के बीच कुल 651.51 करोड़ रुपये की जब्ती हुई, जिसमें 53.2 करोड़ रुपये नकद, 79.3 करोड़ रुपये की शराब, 230 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ, 58 करोड़ रुपये की कीमती धातुएं और 231 करोड़ रुपये से अधिक की अन्य वस्तुएं शामिल हैं।</p>
<p>राज्यों में पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक 319 करोड़ रुपये की जब्ती हुई, इसके बाद तमिलनाडु में 170 करोड़ रुपये, असम में 97 करोड़ रुपये, केरल में 58 करोड़ रुपये और पुडुचेरी में 7 करोड़ रुपये की जब्ती दर्ज की गयी। आयोग ने बताया कि शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए 5,173 से अधिक उड़न दस्ते तैनात किए गए हैं, जिनके लिए 100 मिनट का प्रतिक्रिया समय निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 5,200 से अधिक स्थिर निगरानी दल भी विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं, जो औचक जांच और नाके लगा रहे हैं।</p>
<p>चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा, "आयोग ने सभी प्रवर्तन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे किसी भी तरह के प्रलोभन के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करें, साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि निरीक्षण के दौरान आम नागरिकों को किसी भी तरह की असुविधा या परेशानी न हो।" आयोग ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे प्रलोभन से जुड़े मामलों में सख्ती से कार्रवाई करें, लेकिन आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा या उत्पीड़न न हो, इसका भी ध्यान रखा जाए। इसके लिए जिला स्तर पर शिकायत निवारण समितियां भी गठित की गयी हैं। आयोग ने नागरिकों और राजनीतिक दलों से आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की सूचना ईसीआईनेट मंच के सी-विजिल मॉड्यूल के माध्यम से देने का आग्रह किया है, ताकि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 17:24:56 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>ट्रिब्यूनल का बड़ा फैसला, कांग्रेस उम्मीदवार मेहताब शेख का नाम मतदाता सूची में बहाल करने का आदेश</title>
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                        <![CDATA[एसआईआर ट्रिब्यूनल ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मुर्शिदाबाद के कांग्रेस उम्मीदवार मेहताब शेख का नाम मतदाता सूची में जोड़ने का आदेश दिया है। दस्तावेजों की जांच के बाद ट्रिब्यूनल ने चुनाव आयोग को रविवार शाम तक नाम शामिल करने का निर्देश दिया। इस फैसले से शेख के लिए 6 अप्रैल को नामांकन दाखिल करने का रास्ता साफ हो गया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-decision-of-tribunal-order-to-restore-the-name-of/article-149182"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/west-bengal1.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल में एसआईआर ट्रिब्यूनल ने अपने गठन के बाद पहले ही फैसले में कांग्रेस उम्मीदवार मेहताब शेख का नाम मतदाता सूची में बहाल करने का निर्देश दिया है। यह मामला मुर्शिदाबाद के फरक्का विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान शेख का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया था, जिसके चलते वह नामांकन दाखिल नहीं कर पा रहे थे, जबकि उन्हें कांग्रेस का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया जा चुका था। एसआईआर ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष. एस. शिवग्नानम , ने आदेश दिया कि शेख का नाम तुरंत प्रभाव से मतदाता सूची में फिर से जोड़ा जाए।</p>
<p>चुनाव आयोग ने 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की थी, जिसमें 60 लाख से अधिक मतदाताओं को शामिल किया गया था। उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर न्यायिक अधिकारियों ने विवादित प्रविष्टियों की जांच और समाधान की प्रक्रिया शुरू की थी। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा था कि जिन लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं, वे राहत के लिए ट्रिब्यूनल का रुख कर सकते हैं। मतदाता सूची से नाम हटने और ट्रिब्यूनल के कामकाज में देरी के कारण शुरुआत में वहां नहीं जा पाने पर, शेख ने तुरंत राहत के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अदालत के निर्देश पर उन्होंने बाद में बिजन भवन स्थित ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की।</p>
<p>सुनवाई के दौरान शेख ने आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और अपने बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिनमें उनका नाम दर्ज था। उनके वकील फिरदौस शमीम और सुश्री गोपा बिस्वास ने पक्ष रखा, जबकि सुश्री दिव्या मुरुगेसन ने निर्वाचन आयोग की ओर से दलीलें पेश कीं। ट्रिब्यूनल ने पाया कि शेख के पिता के विवरण से संबंधित विसंगतियों के कारण नोटिस जारी किया गया था, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि इससे शेख की पात्रता पर कोई असर नहीं पड़ता। ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिया कि रविवार शाम 8 बजे तक उनका नाम पूरक मतदाता सूची में शामिल किया जाए।</p>
<p>इससे पहले शेख ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया था, लेकिन अदालत ने एसआईआर से जुड़े मामलों पर उच्चतम न्यायालय के अधिकार क्षेत्र का हवाला देते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया था। इसके बाद उच्चतम न्यायालय ने उन्हें ट्रिब्यूनल जाने की अनुमति दी और निर्वाचन आयोग को सहयोग करने का निर्देश दिया। फरक्का में मतदान के पहले चरण की तारीख नजदीक होने और नामांकन की अंतिम तिथि 6 अप्रैल तय होने के बीच, ट्रिब्यूनल के इस आदेश से श्री शेख के लिए नामांकन दाखिल करने का रास्ता साफ हो गया है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 15:59:54 +0530</pubDate>
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                <title>कर्नाटक उपचुनाव: भाजपा का कांग्रेस पर तीखा हमला; 'वोट के बदले कैश' का लगाया आरोप, शासन-प्रशासन का काम ठप और चुनावी घबराहट का संकेत </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[कर्नाटक भाजपा ने कांग्रेस पर उपचुनावों में धनबल के इस्तेमाल का गंभीर आरोप लगाया है। विपक्ष के नेता नारायणस्वामी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले गांवों में लाखों रुपये बांटे जा रहे हैं। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस चुनावी नैतिकता को ताक पर रखकर संगठन के बजाय प्रलोभन के सहारे चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/karnataka-by-election-bjps-sharp-attack-on-congress-allegation-of-cash/article-148978"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/karnatak-bjp.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उपचुनावों से पहले कांग्रेस पर लोगों को धनराशि देने के आरोप लगाए हैं। भाजपा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि उसने ग्रामीण इलाकों में पारंपरिक चुनावी तरीकों को छोड़कर धन बांटने का तरीका अपना लिया है, जिससे चुनावी नैतिकता प्रभावित और कमजोर होती है। बेंगलुरु में भाजपा के जगन्नाथ भवन कार्यालय में विधान परिषद में विपक्ष के नेता चालवादी नारायणस्वामी ने कुछ ऐसे सबूत पेश किये जिन्हें उन्होंने 'जमीनी स्तर की रिपोर्ट' बताया। </p>
<p>इन रिपोर्टों में आरोप लगाया गया था कि 'मुख्यमंत्री के दौरे से पहले गांवों में पांच लाख से दस लाख रुपये के बीच की रकम बांटी जा रही थी।' इसका अर्थ है कि चुनावों का हिसाब-किताब सिर्फ तर्कों या संगठन के जरिए नहीं बल्कि प्रलोभन देकर किया जा रहा था। नारायणस्वामी ने कहा कि बागलकोट में मतदाता पहले ही भाजपा उम्मीदवार वीरन्ना चरंतिमठ के साथ हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का उस चुनावी क्षेत्र में लंबे समय तक मौजूद रहना, शासन-प्रशासन का काम कम और चुनावी घबराहट का संकेत अधिक था।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/karnataka-by-election-bjps-sharp-attack-on-congress-allegation-of-cash/article-148978</link>
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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 16:37:00 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कांग्रेस ने की त्रिपुरा के चुनावी एडीसी क्षेत्रों में सीएपीएफ की तैनाती की मांग: प्रदेश में राजनीतिक हिंसा में वृद्धि, कानून-व्यवस्था बिगड़ने का लगाया आरोप</title>
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                        <![CDATA[त्रिपुरा कांग्रेस अध्यक्ष आशीष कुमार साहा ने एडीसी चुनाव से पहले बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कमालपुर हिंसा का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक हमलों से मतदाताओं में डर है। साहा ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनावी क्षेत्रों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल तैनात करने की पुरजोर मांग की है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-demanded-deployment-of-capfs-in-electoral-adc-areas-of/article-148949"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/tripur-congress.png" alt=""></a><br /><p>अगरतला। त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आशीष कुमार साहा ने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि स्वायत्त जिला परिषद (एडीसी) चुनाव नजदीक आने के साथ ही हालात धीरे-धीरे अस्थिर होते जा रहे हैं। साहा ने राज्य चुनाव आयोग से चुनावी क्षेत्रों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल तैनात करने और मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने वर्तमान स्थिति का हवाला देते हुए रेखांकित किया कि लगभग हर दिन हिंसा की खबरें आ रही हैं लेकिन पुलिस उन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही है जो खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कमालपुर की एक हालिया घटना पर प्रकाश डाला, जहां कथित तौर पर टिपरा मोथा के कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक मनोज कांति देब और एडीसी उम्मीदवार अनंत देववर्मा पर हमला किया और हमले में पुलिस अधिकारी भी घायल हो गये। उन्होंने दावा किया कि ऐसी घटनाओं ने मतदाताओं के मन में डर पैदा कर दिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, प्रदेश में राजनीतिक हिंसा में वृद्धि हो रही है और सत्तारूढ़ दल चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करने की कोशिश कर रहा है।</p>
<p>आशीष कुमार साहा ने कहा, "पूरे राज्य में माहौल तनावपूर्ण है और विपक्षी दलों को दबाव का सामना करना पड़ रहा है।" उन्होंने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुये कहा कि पुलिस स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं कर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि कमालपुर की घटना कानून प्रवर्तन की प्रभावशीलता में गिरावट का प्रतीक है, जो जनता के विश्वास को कमजोर कर सकती है। उन्होंने तनाव और बढ़ने की चेतावनी देते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की गारंटी के लिये केंद्रीय बलों की पर्याप्त तैनाती की आवश्यकता पर बल दिया।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 15:58:12 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: न्यायिक अधिकारियों पर हमले को लेकर हाईकोर्ट ने लगाई अधिकारियों को फ़टकार, एसआईआर से जुड़ा है मामला</title>
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                        <![CDATA[मालदा में मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने की घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया। मुख्य न्यायाधीश ने इसे कोर्ट के अधिकार को चुनौती और मनोबल गिराने वाला 'दुस्साहसिक प्रयास' बताया। अदालत ने निर्वाचन आयोग को भविष्य में अधिकारियों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/west-bengal-assembly-election-high-court-reprimands-officials-for-attack/article-148835"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/court-hammer04.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान ड्यूटी पर तैनात न्यायिक अधिकारियों पर हुए हमले और घेराव की घटना पर कड़ा संज्ञान लेते हुए गुरुवार को इसे ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के मनोबल को प्रभावित करने का एक 'दुस्साहसिक प्रयास' और न्यायालय के अधिकार को चुनौती करार दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल पांचोली की पीठ ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के एक गाँव में न्यायिक अधिकारियों के घेराव और उन पर हुए हमले के बाद इस मामले पर तत्काल सुनवाई की, हालांकि यह मामला आज की कार्यसूची में सूचीबद्ध नहीं था।</p>
<p>न्यायालय ने राज्य में कल हुई घटनाओं के संबंध में कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से मिले खत के आधार पर इस मामले को बेहद जरूरी बताते हुए संज्ञान में लिया। पत्र के अनुसार, तीन महिला अधिकारियों सहित 7 न्यायिक अधिकारी मालदा जिले के एक गाँव में एसआईआर न्यायिक-निर्णय संबंधी कार्यों को पूरा कर रहे थे, तभी ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। इन अधिकारियों को दोपहर 3:30 बजे से आधी रात तक बंधक बनाकर रखा गया और कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा राज्य प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपील किए जाने के बाद ही उन्हें मुक्त कराया जा सका।</p>
<p>पीठ ने इस घटना पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायिक अधिकारियों की तैनाती का सभी पक्षों द्वारा स्वागत किया जाना चाहिए, क्योंकि वे तटस्थ एजेंट के रूप में कार्य करते हैं, लेकिन अब उन्हें भी हमलों से नहीं बख्शा जा रहा है। न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि वह न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की मांग करे। मुख्य न्यायाधीश ने पूर्व में यह भी टिप्पणी की थी कि पश्चिम बंगाल को छोड़कर अन्य सभी राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया पूरी तरह सुचारू रूप से संपन्न हुई है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 17:46:37 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: हटाए गए मतदाताओं के लिए ट्रिब्यूनल पोर्टल शुरू, चुनाव आयोग ने ऑनलाइन पोर्टल किया शुरू</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से कटे नामों की बहाली हेतु 23 जिलों में स्पेशल ट्रिब्यूनल गठित किए हैं। प्रभावित 14 लाख मतदाता अब ऑनलाइन पोर्टल या ऑफलाइन माध्यम से अपील कर सकेंगे। आयोग ने तीसरी अनुपूरक सूची जारी कर 2 लाख नए नाम जोड़े हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/west-bengal-assembly-elections-tribunal-portal-launched-for-deleted-voters/article-148331"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/ec.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की शिकायतों के समाधान के लिए उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद एक विशेष ट्रिब्यूनल प्रणाली और ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है, जिसके तहत प्रभावित मतदाता रविवार से अपील दर्ज कर सकेंगे। ट्रिब्यूनल जल्द ही काम करना शुरू करेंगे, जिससे जिन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उन्हें औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराने और निवारण का अवसर मिलेगा। इससे पहले आयोग ने राज्य के 23 जिलों में ट्रिब्यूनल गठित किए थे, जिनकी देखरेख के लिए 19 पूर्व न्यायाधीशों और न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की गयी है।</p>
<p>मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के अनुसार, जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, वे अब ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यमों से राहत के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए संबंधित व्यक्ति को निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर "व्यक्तियों के लिए अपील प्रस्तुत करें (निर्णयाधीन)" विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद मोबाइल नंबर या एपिक नंबर के माध्यम से लॉगिन कर हटाए गए मतदाता का विवरण, पूर्ण पता, अपील का संक्षिप्त विवरण और अपील के आधार भरकर आवेदन जमा करना होगा।</p>
<p>इसके अलावा, ऑफलाइन आवेदन के लिए जिला मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट या उपमंडल अधिकारी के कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, ट्रिब्यूनल की कार्यवाही शीघ्र शुरू होगी और शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा। यह कदम मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच उठाया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दूसरी अनुपूरक सूची से करीब 45 प्रतिशत नाम हटाए गए हैं जो लगभग 14 लाख मतदाताओं के बराबर है, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं और अल्पसंख्यक वर्ग की बताई जा रही है।हालांकि, आयोग ने अभी तक अंतिम मतदाता सूची के कुल विस्तृत आंकड़े जारी नहीं किए हैं।</p>
<p>इस बीच, शनिवार देर रात आयोग ने तीसरी अनुपूरक मतदाता सूची जारी की, जिसमें दो लाख से अधिक नए नाम जोड़े जाने की जानकारी है। इसके साथ ही प्रतिदिन अनुपूरक सूची जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और चौथी सूची रविवार को जारी किए जाने की संभावना है। तीसरी सूची में शामिल और हटाए गए नामों के विस्तृत आंकड़े अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 15:02:19 +0530</pubDate>
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                <title>असम, केरल, पुड्डुचेरी में 296 सीटों पर 2140 उम्मीदवारों के नामांकन वैध: 9 अप्रैल को होंगे चुनाव, इन दिग्गजों की साख दावं पर</title>
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                        <![CDATA[चुनाव आयोग के अनुसार, नामांकन जांच के बाद असम, केरल और पुडुचेरी की 296 सीटों के लिए 2140 प्रत्याशी वैध पाए गए हैं। इसके साथ ही गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा की 5 रिक्त सीटों पर उपचुनाव भी 9 अप्रैल को होंगे। नाम वापसी की प्रक्रिया आज पूरी होगी, जिसके बाद चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/nominations-of-2140-candidates-are-valid-on-296-seats-in/article-147954"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/west-bengal-election-2026.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। असम, केरल और केंद्र शासित पुडुचेरी विधानसभा के चुनावों में कुल 296 सीटों के लिए 2140 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। चुनाव आयोग की विज्ञप्ति के अनुसार नामांकन पत्रों की बुधवार को संपन्न हुई जांच प्रक्रिया के पूरे होने के बाद के बाद असम की 126 सीटों के लिए 789 प्रत्याशियों ,केरल की 140 सीट के लिए 985 प्रत्याशियों और पुड्डुचेरी की 30 सीटों के लिए 366 प्रत्याशियों के नामांकन सही पाए गए हैं।</p>
<p>इन राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्र पुड्डुचेरी विधानसभा के साथ-साथ चार राज्यों में विधानसभा की 5 रिक्त सीटों के लिए उपचुनाव 9 अप्रैल कराये जा रहे हैं। गोवा ,कर्नाटक नागालैंड और त्रिपुरा- इन चार राज्यों की पांच सीटों के उपचुनाव 9 अप्रैल को ही कराए जाएंगे।</p>
<p>इन उपचुनाव में गोवा की एक सीट के लिए तीन उम्मीदवार कर्नाटक की दो सीटों के लिए 50 उम्मीदवार नागालैंड की एक सीट के लिए सात उम्मीदवार और त्रिपुरा की एक सीट के लिए 6 उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए हैं। इन चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च थी। नामांकन गुरुवार शाम 3:00 बजे तक वापस लिए जा सकेंगे।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/nominations-of-2140-candidates-are-valid-on-296-seats-in/article-147954</link>
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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 12:14:06 +0530</pubDate>
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                <title>असम में मुख्यमंत्री की सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन खारिज, कारण नहीं बताया</title>
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                        <![CDATA[असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए बुरी खबर है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की जालुकबारी सीट सहित तीन सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों के नामांकन रद्द कर दिए गए हैं। चुनाव आयोग ने जांच के बाद कुल 18 नामांकन खारिज किए हैं। 126 सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि परिणाम 4 मई को आएंगे।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/nomination-of-congress-candidate-for-chief-ministers-seat-in-assam/article-147913"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/assam-cm.png" alt=""></a><br /><p>गुवाहाटी। असम में विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी के तीन उम्मीदवारों का नामांकन खारिज कर दिया गया है। इनमें जालुकबारी सीट शामिल है, जहां मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव आयोग ने मंगलवार को यह जानकारी दी। चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, शाम साढ़े चार बजे तक कुल 18 नामांकन पत्र रद किए गए हैं। लेकिन जांच की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। जिनके नामांकन खारिज हुए हैं, उनमें आनंद नराह (धकुआखाना), निर्मल लंगथासा (हाफलोंग) और बिदिशा नियोग (जालुकबारी) शामिल हैं। धकुआखाना सीट पर वर्तमान में भाजपा के पूर्व मंत्री नबा कुमार डोले का कब्जा है। हाफलोंग सीट के लिए नंदिता गालोर्सा ने कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया था।</p>
<p>नंदिता रविवार रात को विपक्षी दल में शामिल हुईं और अगले ही दिन उन्होंने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। वह भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहीं। चुनाव आयोग ने नामांकन खारिज करने के कारण नहीं बताए गए हैं। इसके अलावा, अब तक जिन अन्य उम्मीदवारों का नामांकन खारिज किया गया है, उनमें झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल के तीन-तीन उम्मीदवार, एसयूसीआइ (कम्युनिस्ट) और अपनी जनता पार्टी के एक-एक उम्मीदवार और आठ स्वतंत्र उम्मीदवार शामिल हैं। 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 815 से अधिक उम्मीदवारों ने कुल 1389 नामांकन पत्र जमा किए थे, जिनमें कई उम्मीदवारों ने एक से अधिक सेट के नामांकन पत्र दाखिल किए। चुनाव नौ अप्रैल को होंगे और मतों की गिनती चार मई को की जाएगी। उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 26 मार्च है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 09:37:23 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: चुनाव आयोग आज जारी करेगा संशोधित मतदाता सूची, 28.06 लाख लंबित मतदाताओं के डेटा का हो चुका है निपटारा, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय बैठक आज</title>
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                        <![CDATA[चुनाव आयोग आज पश्चिम बंगाल के लिए अद्यतन मतदाता सूची का दूसरा चरण जारी करेगा। इसमें 28.06 लाख लंबित प्रविष्टियों का निपटारा किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, पारदर्शी प्रक्रिया हेतु 19 न्यायाधिकरण गठित किए गए हैं। साथ ही, 31 मार्च तक केंद्रीय बलों की 300 अतिरिक्त कंपनियां तैनात होंगी ताकि निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित हो सके।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/west-bengal-assembly-elections-election-commission-will-release-revised-voter/article-147492"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/west-bengal-election-2026.png" alt=""></a><br /><p>काेलकाता। चुनाव आयोग आज अद्यतन मतदाता सूची के दूसरे चरण को जारी करेगा, जिसमें अब तक संसाधित किए गए सभी लंबित मतदाता प्रविष्टियों का विवरण प्रकाशित किया जाएगा। आयोग के सूत्रों के अनुसार, रविवार शाम तक राज्य भर में 28.06 लाख लंबित मतदाताओं के डेटा का निपटारा किया जा चुका था। अद्यतन सूचियां आज दोपहर तक जिला चुनाव अधिकारियों तक पहुंचने की उम्मीद है। शाम से मतदाता आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पूरक सूची ऑनलाइन देख सकेंगे।</p>
<p>इसके अलावा सूचियां पूरे पश्चिम बंगाल के बूथों, बीडीओ कार्यालयों, एसडीओ कार्यालयों और जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों में भी प्रदर्शित की जाएंगी। आयोग को पहले ही लगभग 40,000 बूथों से अद्यतन रिकॉर्ड प्राप्त हो चुके हैं, जो शुक्रवार तक हुई प्रगति को दर्शाते हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि यह प्रकाशन उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में किया जा रहा है।</p>
<p>अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी दायरे के भीतर की जा रही है, जिससे सूची जारी होने के बाद विवाद की बहुत कम आशंका रहेगी। अदालत के दिशानिर्देशों के अनुसार, जिन व्यक्तियों के नाम सूची में नहीं दिखेंगे, उन्हें न्यायाधिकरण में अपील करने का विकल्प मिलेगा। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पहले ही 23 जिलों के लिए 19 न्यायाधिकरण गठित किए हैं और इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए 19 सेवानिवृत्त न्यायाधीश नियुक्त किए हैं। इससे पहले 28 फरवरी को आयोग ने एक अधूरी मतदाता सूची जारी की थी, जिसमें 60.06 लाख लंबित नाम शामिल थे। अदालत के निर्देशों के बाद, सत्यापन प्रक्रिया को तेज करने के लिए 700 से अधिक कार्यरत और सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों को लगाया गया है।</p>
<p>इस बीच, रविवार को सीईओ कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती पर चर्चा करने हेतु संयुक्त बल तैनाती समिति से मुलाकात की। बैठक में बलों की संख्या, उनकी तैनाती के स्थान और संचालन रणनीतियों पर विचार किया गया। बैठक में राज्य पुलिस नोडल अधिकारी आनंद कुमार, विशेष पर्यवेक्षक एन.के. मिश्रा तथा केंद्रीय बलों के नोडल अधिकारी शलभ माथुर और गौरव शर्मा उपस्थित रहे।</p>
<p>सूची जारी होने के बाद आयोग ने पुलिस और केंद्रीय बलों दोनों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहने का निर्देश दिया है।<br />सूत्रों के अनुसार, 31 मार्च तक राज्य में केंद्रीय बलों की अतिरिक्त 300 कंपनियां पहुंचने की उम्मीद है। आयोग आज राष्ट्रीय राजधानी से शाम चार बजे जिला चुनाव अधिकारियों, जिला मजिस्ट्रेटों, पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों के साथ एक वर्चुअल समीक्षा बैठक भी करेगा। करीब दो घंटे चलने वाली इस बैठक की अध्यक्षता उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग करेंगे।</p>
<p>अन्य अधिकारियों में उप आयुक्त ज्ञानेश भारती और पवन कुमार शर्मा के साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल भी मौजूद रहेंगे। बैठक का एजेंडा चुनाव की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और मानव संसाधन की तैनाती की समीक्षा करना है। जिला अधिकारियों को अपने-अपने योजनाओं का विवरण देते हुए पावरपॉइंट प्रस्तुति संयुक्त रूप से तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें आयोग द्वारा आंका जाएगा ताकि चुनाव प्रक्रिया सुचारू और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।</p>]]>
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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 13:00:58 +0530</pubDate>
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                <title>केरल: भाजपा उम्मीदवार गोपालकृष्णन के खिलाफ विवादित बयान को लेकर मामला दर्ज, चुनाव नियमों के उल्लंघन का लगाया आरोप </title>
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                        <![CDATA[गुरुवायुर से भाजपा प्रत्याशी बी. गोपालकृष्णन के खिलाफ "हिंदू विधायक" वाले विवादित बयान पर मामला दर्ज किया गया है। चुनाव आयोग के निर्देश पर आचार संहिता उल्लंघन के तहत यह कार्रवाई हुई। उन पर धर्म के आधार पर वोट मांगने और मंदिर परिसर का राजनीतिक उपयोग करने का आरोप है। हालांकि, उन्हें नामांकन दाखिल करने से नहीं रोका गया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/case-registered-against-kerala-bjp-candidate-gopalakrishnan-for-controversial-statement/article-147498"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/b-gopalakrishnan.png" alt=""></a><br /><p>त्रिशूर। पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता एवं केरल में गुरुवायुर से पार्टी के उम्मीदवार बी. गोपालकृष्णन के खिलाफ उनके विवाद बयान को लेकर एक मामला दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई गुरुवायुर मंदिर के सामने दिए गए उनके विवादित बयान "हिंदू विधायक" को लेकर की है। यह मामला गुरुवायुर मंदिर पुलिस ने त्रिशूर की ज़िला कलेक्टर शिखा सुरेंद्रन के निर्देश पर दर्ज किया। कलेक्टर ने मुख्य चुनाव अधिकारी रतन यू. केलकर के निर्देश पर यह कदम उठाया।</p>
<p>गोपालकृष्णन के खिलाफ यह कार्रवाई कई राजनीतिक दलों की शिकायतों के बाद की गई, जिनमें चुनाव नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था। शिकायत में कहा गया था कि उम्मीदवारों को धर्म या समुदाय की भावनाओं के आधार पर वोट मांगने और चुनाव प्रचार के लिए पूजा स्थलों का उपयोग करने की मनाही है।</p>
<p>कलेक्टर के निर्देश के बाद गोपालकृष्णन द्वारा बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से हटा दिया गया। यह विवादित बयान गोपालकृष्णन ने गुरुवायुर में चुनाव प्रचार के दौरान दिया था। उन्होंने कहा था कगि इस विधानसभा क्षेत्र की 48 प्रतिशत आबादी ने पिछले 50 वर्षों में किसी भी हिंदू विधायक को नहीं चुना है। गोपालकृष्णन शनिवार को भाजपा उम्मीदवार के तौर पर गुरुवायुर से अपना नामांकन दाखिल करने वाले हैं। हालांकि, इस आदेश से उन्हें नामांकन दाखिल करने से नहीं रोका गया है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 12:26:41 +0530</pubDate>
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                <title>चुनाव आयोग ने दिया 2026 के चुनावों में सभी मतदान केंद्रों पर सुविधाओं को बेहतर बनाने का आदेश, उपचुनावों के लिए की चुनाव कार्यक्रम की घोषणा</title>
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                        <![CDATA[चुनाव आयोग ने 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए 21 लाख से अधिक मतदान केंद्रों पर न्यूनतम सुविधाएं (AMF) अनिवार्य कर दी हैं। अब हर बूथ पर पीने का पानी, शौचालय, रैंप और मोबाइल जमा करने की सुविधा मिलेगी। मतदाताओं की सहायता के लिए 'वोटर हेल्प बूथ' और सूचना पोस्टर भी लगाए जाएंगे, ताकि मतदान का अनुभव सुरक्षित और सुगम हो सके।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/election-commission-orders-to-improve-facilities-at-all-polling-stations/article-147428"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/ec.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने 2026 के विधानसभा चुनावों एवं उपचुनावों के लिए 21 लाख से अधिक मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा एवं पहुंच सुनिश्चित करने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश दिया है। चुनाव आयोग की ओर से रविवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 2,18,807 मतदान केंद्रों में से प्रत्येक में पीने का पानी, छायादार प्रतीक्षा क्षेत्र, पानी की सुविधा वाले शौचालय, पर्याप्त रोशनी, दिव्यांगजनों के लिए रैंप और मानक मतदान कक्ष जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।</p>
<p>चुनाव आयोग ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के साथ-साथ छह अन्य राज्यों में उपचुनावों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की है। आयोग ने राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को प्रत्येक मतदान केंद्र पर सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं (एएमएफ) सुनिश्चित करने का विस्तृत निर्देश जारी किया।</p>
<p>चुनाव आयोग ने कहा कि इसका उद्देश्य सभी मतदाताओं के लिए एक सहज एवं सुखद मतदान अनुभव प्रदान करना है और साथ ही यह भी कहा कि कतारों में इंतजार कर रहे मतदाताओं की सुविधा के लिए नियमित अंतराल पर बेंच भी लगाई जाएंगी। मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए, आयोग ने प्रत्येक मतदान केंद्र पर चार मानकीकृत मतदाता सुविधा पोस्टर लगाना अनिवार्य किया है। इनमें मतदान केंद्र का विवरण, उम्मीदवारों की सूची, मतदान प्रक्रिया, आवश्यक पहचान दस्तावेज और मतदान के दिन मतदाताओं को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए जैसी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल होगी।</p>
<p>मतदान प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से, प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाता सहायता बूथ स्थापित किए जाएंगे। बूथ स्तर के अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों द्वारा संचालित ये बूथ मतदाताओं को उनके मतदान बूथ नंबर की जानकारी एवं मतदाता सूची में उनके नाम की पुष्टि करने में सहायता करेंगे। चुनाव आयोग ने कहा कि ये बूथ प्रमुखता से चिह्नित होंगे और परिसर में आने वाले मतदाताओं को आसानी से दिखाई देंगे।</p>
<p>चुनाव आयोग ने आयोग ने मतदान केंद्रों के बाहर मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा भी शुरू की है। मतदाताओं को मतदान क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले अपने फोन बंद करके नामित स्वयंसेवकों के पास जमा करने होंगे और मतदान के बाद उन्हें वापस किया जाएगा।<br />चुनाव आयोग ने इन उपायों को शामिल करने एवं इनके अनुपालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए इस बात पर बल दिया कि ये उपाय अनिवार्य हैं और इनकी कड़ी निगरानी की जाएगी। आयोग ने कहा, सभी फील्ड अधिकारियों को मतदान तिथियों से काफी पहले आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने का निर्देश दिया गया है।</p>]]>
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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 16:30:28 +0530</pubDate>
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