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                <title>fraudsters - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सावधान: अब वाट्सएप पर भेज रहे शादी का निमंत्रण पत्र</title>
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                        <![CDATA[साइबर ठगों ने निकाला नया तरीका। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/beware--now-sending-wedding-invitations-on-whatsapp/article-95271"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/27rtrer8.png" alt=""></a><br /><p>राजपुर। साइबर ठग लोगों से ठगी के नित नए तरीके निकाल रहे हैं। शादी-ब्याह की सीजन को देखते हुए ये साइबर ठग अब एपीके फाइल का लिंक भेजकर लोगों को निमंत्रण भेज रहे हैं। वहीं कुछ ठगों द्वारा पीएम आवास योजना के नाम पर एपीके लिंक भेजा रहा है। शाहबाद पुलिस उप अधीक्षक रिछपाल मीणा ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों की गलती के इंतजार में बैठे रहते हैं। मौका मिलते ही साइबर अपराधी बड़े ही शातिर तरीके से लोगों को मानसिक व आर्थिक तौर पर भारी क्षति पहुंचा देते हैं। मीणा ने बताया कि शादियों के सीजन में फ्राड करने वाले आपके जानकार बनकर वीडियो या एपीके फाइल का लिंक बनाकर शादी का निमंत्रण भेज सकते हैं। उन्होंने बताया कि ये एपीके ये लोग किसी अनजान वेबसाइट या फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखाई देने वाले विज्ञापन से डाउनलोड कर लेते हैं। इसके साथ हैकर्स कुछ बदलाव कर देते हैं। बाद में इस फाइल को पीएम किसान योजना, पीएम आवास योजना या कोई शादी के निमंत्रण कार्ड के नाम से आम लोगों को वॉटसएप पर भेजते हैं। जिस पर क्लिक करते ही ये डिवाइस में आॅटो इंस्टाल हो जाती है और डिवाइस का एक्सेस साइबर अपराधियों के पास चला जाता है। इसके बाद ये लोग मोबाइल के मैसेज, ओटीपी, पिन सहित अन्य गोपनीय दस्तावेजों को चुरा लेते हैं। </p>
<p><strong>सावधान रहें थोड़ी सी लापरवाही आपको पड़ सकती है भारी</strong><br /><strong>केस-1 - </strong>एक माह पूर्व केलवाड़ा निवासी धीरेंद्र कोठारी के वॉट्सएप पर मिली एपीके फाइल को  डाउनलोड कर दिया। थोड़ी  देर बाद ही उनके नंबर से अन्य लोगों को अश्लील सामग्री सेंड होने लगी। 1 महीने में उनके साथ ऐसी घटनाएं दो बार हो चुकी हैं</p>
<p><strong>केस-2 -</strong> केलवाड़ा निवासी राजेश जैन के साथ भी हो चुकी है उनके नंबर से भी असली मैसेज और वीडियो वायरल होने लगे थे। इसकी शिकायत दोनों ने साइबर पुलिस थाने में भी दर्ज कराई है। धीरेंद्र कोठारी ने बताया कि केलवाड़ा  में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। इसको लेकर लोगों को सतर्क रहना चाहिए और पुलिस प्रशासन का सहयोग लेकर कानूनी कार्रवाई करना चाहिए।</p>
<p><strong>फ्रॉड से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें</strong><br />एपीके फाइल इंस्टॉल होने पर तुरंत फोन का इंटरनेट कनेक्शन आॅफ कर बैंक खाते को फ्रिज करवाएं और फाइल को रिमूव करें। अनजान कॉल पर अपनी निजी जानकारी किसी शेयर ना करें, संदेह होने पर तुरंत फोन काट दें और नंबर ब्लॉक कर दें और घटना की जानकारी निकटवर्ती पुलिस थाने में दें।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />एक मजबूत पासवर्ड लगाकर खातों को सुरक्षित रखना चाहिए। सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति से संपर्क नहीं करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति खुद को बैंक का अधिकारी या प्रतिनिधि बताकर आपसे आपकी व्यक्तिगत जानकारी जैसे बैंक खाता नंबर, क्रेडिट/डेबिट कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट, सीवीवी नंबर, ओटीपी, आधार कार्ड नंबर व पैन कार्ड नंबर आदि मांगता है तो उस व्यक्ति के साथ उक्त जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। ठगी की शिकायत1930 पर शिकायत करें।<br /><strong>- रिछपाल मीणा, पुलिस उप अधीक्षक, शाहबाद</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Nov 2024 15:26:57 +0530</pubDate>
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                <title>RPSC ने वन टाइम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में किया बड़ा बदलाव, अब जालसाजी करने वालों पर लगेगी लगाम</title>
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                        <![CDATA[आयोग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आयोग की इस कार्यवाही से डमी अभ्यर्थियों पर लगाम के साथ ही आवेदन के दौरान गलत फोटों अपलोड होने का बहाना देने वाले अभ्यर्थियों की भी प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित हो सकेगी। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/rpsc-has-made-a-big-change-in-the-one-time/article-89857"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/rpsc-3.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर। राजस्थान लोकसेवा आयोग की परीक्षाओं में जालसाजी और फोटों टेंपरिंग कर आवेदन करने वाले व्यक्तियों पर लगाम के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। आयोग की परीक्षाओं के आवेदक अभ्यर्थियों द्वारा पूर्व में वन टाइम रजिस्ट्रेशन में लाइव फोटो कैप्चर करवा रखी है, वे अभ्यर्थी भी पूर्व की फोटो अस्पष्ट होने की स्थिति में ओटीआर में लाइव फोटो कैप्चर करवा सकते हैं। उनके लिए ये अवसर एक बार ही उपलब्ध होगा।</p>
<p>आयोग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आयोग की इस कार्यवाही से डमी अभ्यर्थियों पर लगाम के साथ ही आवेदन के दौरान गलत फोटों अपलोड होने का बहाना देने वाले अभ्यर्थियों की भी प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित हो सकेगी। संशय की स्थिति में आयोग द्वारा परीक्षा दौरान की गई वीडियोग्राफी में उपस्थित अभ्यर्थी का मिलान ओटीआर में कैप्चर की गई फोटो से किया जा सकेगा। आयोग इस हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल करेगा।</p>
<p>उन्होंने लाइव फोटो कैप्चर की प्रक्रिया के विषय में बताया कि अभ्यर्थी को अपने ओ.टी.आर. में ईकेवाईसी सेक्शन में जाकर लाइव फोटो कैप्चर लिंक पर क्लिक कर 5 सेकंड के टाइमर के बाद अपनी पलक दो-तीन बार झपकानी होगी। यदि फोटो बंद आंखों के साथ कैप्चर हो तो फोटो पुन: कैप्चर करनी होगी। फोटो कैप्चर करते समय अभ्यर्थी को सीधा कैमरे की तरफ देखना होगा। यदि अभ्यर्थी चश्में का इस्तेमाल करता है तो फोटो चश्में के साथ ही कैप्चर करानी होगी। इसमें यह विशेष ध्यान रखा जाना होगा कि चश्में के ग्लास पर रोशनी के प्रतिबिंब के कारण फोटो अस्पष्ट अथवा चमक के साथ कैप्चर न हो। फोटो कैप्चर के दौरान अभ्यर्थी को यह सुनिश्चित करना होगा कि फोटो साफ तथा सुस्पष्ट बैकग्राउंड के साथ हो। धुंधली अथवा अंधकारमय फोटो मान्य नहीं होगी।</p>
<p>खास बात ये है कि स्पष्ट फोटो कैप्चर होने तक अभ्यर्थी बार-बार सुस्पष्ट फोटो कैप्चर का प्रयास कर सकते हैं, लेकिन एक बार ओटीपी के माध्यम से वेरिफिकेशन पश्चात फाइनल सब्मिट किये जाने के उपरांत इस सबंध में अवसर देय नहीं होगा।</p>
<p>इसके बाद अभ्यर्थी द्वारा संबंधित चौक बाक्स में सही का निशान दर्ज कर यह प्रमाणित किया जाएगा कि ''मैंने उपरोक्त सारे दिशा-निर्देश पढ़ लिए हैं एवं मुझे ज्ञात है कि आवेदन-पत्र एवं प्रवेश-पत्र पर इसी फोटो का प्रयोग किया जाएगा। फोटो के साफ एवं स्पष्ट न होने के कारण यदि मेरी पहचान सुनिश्चित नहीं हो पाती है तो मुझे परीक्षा से वंचित किया जा सकता है। बिना पर्याप्त रोशनी, अस्पष्ट, धुंधली, बंद आंख अथवा आड़ी-तिरछी फोटो होने पर मेरा आवेदन निरस्त किया जा सकता है, जिसकी समस्त जिम्मेदारी मेरी स्वयं की होगी।''</p>
<p>उल्लेखनीय है कि ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज करने पर ही ऑनलाइन आवेदन फाइनल सब्मिट होता है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Sep 2024 14:01:03 +0530</pubDate>
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                <title>सावधान : आरएसए के नाम पर कार मालिकों के साथ हो रही ठगी</title>
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                        <![CDATA[नई कार खरीदने के 5 से 10 दिन में कस्टरमर के पास आ रहे फेक कॉल। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/beware--car-owners-are-being-cheated-in-the-name-of-rsa/article-86027"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/savdhan---rsa-k-naam-pr-car-maliko-k-sth-ho-rhi-thagi...kota-news-27-07-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिक्षा नगरी में नए कार मालिक जालसाजों के निशाने पर हैं। होम लोन, एफडी, इंश्योरेंस, चिटफंड, लॉटरी के नाम पर ठगी के बाद अब जालसाजों ने लोगों को ठगने का नया तरीका इख्तियार किया है। कार उपभोक्ताओं को रोड साइड असिस्टेंस सर्विस के नाम पर झांसे में लेकर लूट रहे हैं। अपराधी न केवल पैसे छीन रहे बल्कि इमोशन के साथ भी खेल रहे हैं। लोगों की शिकायतों के बाद दैनिक नवज्योति ने पड़ताल की तो कई चौंकाने वाले मामले सामने आए। सभी कार शौरूम के ब्रांच हैड, सेल्स मैनेजर, रिलेशनशिप मैनेजर ने स्वीकार किया कि कई राज्यों में ऐसे गिरोह सक्रिय हैं जो उपभोक्ताओं को कम्पनी का एम्लॉई बताते हुए कस्टमर को फेक कॉल कर आरएसए सर्विस उपलब्ध करवाने का झांसा देकर ठग रहे हैं। जबकि, यह सर्विस कम्पनी खुद 3 से 5 साल तक उपभोक्ताओं को मुफ्त में देती है। </p>
<p><strong>कार खरीदने के 5 से 10 दिन में आता है फेक कॉल</strong><br />अनंतपुरा स्थित एक कार कम्पनी के शौरूम के सेल्स मैनेजर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रोड साइड असिस्टेंट सर्विस के नाम पर फेंक कॉल किए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही है। ग्राहक के नई कार खरीदने के 5 से 10 दिन में ही उनके मोबाइल पर फेंक कॉल आता है, उन्हें पता होता है कि कस्टमर ने किस कम्पनी की कौनसे मॉडल की कार कब  खरीदी है। वे ग्राहकों को 5 या 8 साल के लिए आरएसए सुविधा किफायती दामों पर देने की बात करते हैं और घर का पता पूछते हैं। वे ग्राहक का विश्वास जीतने की पूरी कोशिश करते हैं फिर उनके एडेÑस पर नकली रोड साइड असिस्टेंट कार्ड कुरियर कर भेजते हैं। इसके बदले वे 5 से 18 हजार रुपए यूपीआई के जरिए आॅनलाइन ट्रांसफर करवाते हैं। जब कस्टमर उस कार्ड में दिए नम्बर पर फोन करते हैं तो वह बंद आता है। तब जाकर उसे ठगी का शिकार होने का अहसास होता है। </p>
<p><strong>पहले कुरियर अब यूपीआई से लगा रहे चपत</strong><br />रोडसाइड असिस्टेंस सेवा सड़क पर ब्रेकडाउन या आपातकालीन स्थिति में कार मालिकों को सहायता प्रदान करती हैं। आमतौर पर यह सुविधा कार निर्माता  कम्पनी या अन्य सेवा प्रदाताओं द्वारा दी जाती हैं। पहले, ठग ग्राहक के एड्रेस पर कुरियर के माध्यम से नकली आरएसए कार्ड भेजते थे फिर इसके बदले 5 हजार से 18 हजार रुपए फीस के रूप में यूपीआई चैनलों के माध्यम से भुगतान करने का अनुरोध करते हैं। ऐसे में नए कार मालिकों को आॅथराइज्ड  डीलर व रिलेशनशिप मैनेजर व ब्रांच मैनेजर से सम्पर्क करना चाहिए। </p>
<p><strong>क्या है रोड साइड असिस्टेंट सुविधा</strong><br />रोड साइड असिस्टेंस एक ऐसी सर्विस है, जो कार मालिकों को तब सहायता उपलब्ध करवाती है, जब उनके वाहन सड़क पर अचानक खराब हो जाते हैं या दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। यह सुविधा गाड़ी खरीदते वक्त उपभोक्ता को कार कम्पनी द्वारा 3 से 5 साल के लिए फ्री में दी जाती है। इसके तहत आॅल ओवर इंडिया में रात-बेरात गाड़ी किसी भी कारण से बंद हो जाए या खराब हो जाए तो इस आरएसए कार्ड पर दिए नम्बर पर एक फोन पर सेवा प्रदाता कम्पनी द्वारा मौके पर मैकेनिक भेज समाधान किया जाता है।  </p>
<p><strong>ठगी के शिकार होने से बचे बाल-बाल</strong><br />कुन्हाड़ी निवासी याज्ञवेंद्र सिंह ने बताया कि जनवरी 2024 को उन्होंने होंड़ा सिटी कार खरीदी थी। इसके 15 दिन बाद ही एक फेक कॉल आया। लड़की बात कर रही थी और खुद को हुंडई कम्पनी की एम्लोई बताया। उसने 10 हजार रुपए में 5 साल के लिए रोड साइड सर्विस देने की बात कही और घर का एड्रेस पर 2 दिन में आरएसए कार्ड कुरियर से भेजने की बात कही। लड़की   धाराप्रवाह अंग्रेजी बोल रही थी। उसकी बातों से विश्वास होने लगा लेकिन कम्पनी ने पहले ही गाड़ी खरीदते वक्त इस तरह के फेक कॉल आने की बात बताई थी। जैसे ही मैंने कम्पनी के सेल्स मैनेजर को कॉन्फ्रेंस पर लेने की बात कहीं तो उसने फोन कट कर दिया। </p>
<p><strong>सेल्स मैनेजर को ही ठगने का प्रयास</strong><br />अनंतपुरा स्थित एमजी कम्पनी के सेल्स मैनेजर गौरव ने बताया कि मैने मई माह में अपनी ही कम्पनी की कार खरीदी थी। इसके 18 दिन बाद ही मोबाइल पर फेक कॉल आ गया। फोन पर लड़की थी जो खुद को एमजी कम्पनी दिल्ली में एम्लोई होना बताया और 10 हजार रुपए में 5 साल के लिए रोड साइड असिस्टेंट सर्विस देने का  झांसा देने लगी। जब मैंने बताया कि मैं खुद एमजी कम्पनी में एम्लोई हूं तो उसने तुरंत फोन कट कर दिया। दोबारा नम्बर लगाया तो नोट रिचेबल आया। </p>
<p><strong>नोएडा से चल रहा रैकेट </strong><br />टोयटा कम्पनी के सीनियर एम्लोई ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस तरह के मामले बहुत आ रहे हैं। यह गिरोह नोएडा से संचालित होता है। 4 साल पहले पुलिस ने लखनऊ में रोड साइड ब्रोकर के नाम से बड़ा रैकेट पकड़ा था। जालसाज एक फ्लैट में पूरा सेटअप तैयार किया हुआ था। इनके पास बड़ी मात्रा में फर्जी सिम मिली थी। पुलिस इंवेस्टीगेशन में सामने आया था कि जालसाज धाराप्रवाह अंगे्रजी बोलने वाले युवक-युवतियों को काम पर रखते थे। प्रत्येक बंदे को 10 फर्जी सिम दी जाती थी। कोई ग्राहक को फंसाने पर इंसेटिव दिया जाना भी सामने आया था। इस तरह के फ्रॉड से जागरूकता से ही बचा जा सकता है।  </p>
<p><strong>फरअ यह देता है सुविधा</strong><br /><strong>टोइंग सर्विस - </strong>रोड साइड असिस्टेंस में टोइंग सर्विस शामिल होती है। खराबी की स्थिति में जिस कार को मौके पर ठीक नहीं किया जा सकता है, तो उसे निकटतम गैरेज या सार्विस सेंटर तक ले जाने की सुविधा मुहैया करवाई जाती है।<br />टायर बदलाव असिस्टेंस - टायर पंचर हो जाए या फट जाने की स्थिति में रोड साइड असिस्टेंस सहायता करती है। इसके लिए एक प्रोफेशनल बंदे को मौके पर भेजा जाता है, जो टायर बदलकर राहत प्रदान करता है।  <br /><strong>बैटरी जंप-स्टार्ट - </strong>बैटरी खराब हो जाने पर गाड़ी स्टार्ट न होने की स्थिति में आरएसए  कार को फिर से चालू करने के लिए बैटरी जंप-स्टार्ट सेवा प्रदान करता है। सेवा प्रदाता आवश्यक उपकरणों का उपयोग करके बैटरी को तुरंत चालू कर देते हैं। ताकि, कस्टमर यात्रा जारी रख सकें।  <br /><strong>फ्यूल डिलीवरी -</strong> कार में पेट्रोल-डीजल खत्म होने की स्थिति में निकटतम पेट्रोल स्टेशन तक पहुंचाने के लिए सीमित मात्रा में र्इंधन उपलब्ध करवाया जाता है। यह फ्यूल इतना होता है कि आसपास पेट्रोल पम्प तक पहुंचने के लिए पर्याप्त होता है। <strong>लॉकआउट असिस्टेंस - </strong>कई बार गलती से कार के अंदर ही चाबी रखकर उसे बंद कर देते हैं, ऐसी स्थिति में भी इस सेवा के जरिए अपनी चाबियां वापस पा सकते हैं। सेवा प्रदाता एक फोन पर ऐसी टेक्निक बताते हैं, जिससे कार अनलॉक हो जाती है।  <br /><strong>आॅन-साइट रिपेयरिंग - </strong>रोड साइड असिस्टेंस सर्विस में आॅन-साइट रिपेयरिंग भी शामिल होती है, जिसमें कार टोर्चन,विशेषज्ञ मैकेनिक, खराब बैटरी, ढीला कनेक्शन या मशीनरी प्रोबलम समस्याओं को मौके पर ही ठीक करवाया जाना शामिल है। </p>
<p><strong>डेटा हो रहा लीक</strong><br />आॅटो मोबाइल से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि जब कोई ग्राहक कार खरीदता है तो उसकी पूरी जानकारी की एक फाइल बनती है। जिसमें आधार कार्ड, मोबाइल नम्बर, पैन कार्ड सहित अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट लगते हैं। जब फाइल पूरी तरह से कम्पलीट हो जाती है तो उसे कम्पनी के पोर्टल पर आॅनलाइन अपलोड कर दी जाती है। इसके बाद कम्पनी से यह फाइल आरटीओ, इंश्योरेंस व फास्टैग को भेजी जाती है। डेटा शेयरिंग के वक्त  कहीं से डेटा लीक होता है। इसके बगैर यह संभव नहीं है कि किस ग्राहक ने किस शौरूम से किस कम्पनी की किस मॉडल की गाड़ी खरीदी है। जनवरी 2024 में जोधपुर में रोडसाइड ब्रोकर नाम से एक गिरोह पकड़ा था। यह नकली आरएसए कार्ड देकर लोगों को ठगता था। </p>
<p><strong>ऐसे बचें ठगी से </strong><br />- हर कम्पनी कार खरीदने के दौरान अपने ग्राहक के मोबाइल पर एप रजिस्टर करवाते हैं। जिस पर रोड साइड असिस्टेंट के नम्बर होते हैं। साथ ही सेल्स मैनेजर, सर्विस मैनेजर, शोरूम मैनेजर के रजिस्टर्ड नम्बर होते हैं, जिस पर कॉल कर क्रॉस चेक कर सकते हैं।<br />- जब कार कम्पनी 3 से 5 साल के लिए सर्विस देती है तो दूसरे के झांसे मे आने का सवाल ही नहीं बनता। ग्राहकों को ऐसे कॉल को अटैंड नहीं करना चाहिए।<br />- जब कोई फेक कॉल आए तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित कार कम्पनी के एम्लोई को दें। <br />- आरएसए का रजिस्ट्रेशन शौरूम पर ग्राहक के सामने ही कर दिया जाता है। आॅनलाइन नहीं होता और न ही इसके लिए कम्पनी द्वारा फोन किया जाता है।<br />- सजगता, जागरूकता से ही ठगी से बचा जा सकता है। </p>
<p>रोड साइड अस्टिेंट के नाम पर जालसाज लोगों को ठगने का प्रयास करते हैं। यह आज से नहीं बल्कि कई समय से चल रहा है। लेकिन, शहर में अभी इस तरह की किसी ने कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। <br /><strong>-  सैनी, एडिशनल एसपी कोटा शहर</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jul 2024 14:53:35 +0530</pubDate>
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