<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/arbitrariness/tag-4903" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Arbitrariness - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/4903/rss</link>
                <description>Arbitrariness RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राशन डीलर की मनमानी से उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा राशन </title>
                                    <description><![CDATA[अक्सर शराब के नशे में ही डीलर धुत्त रहता है और राशन उपभोक्ताओं से अभद्रता पूर्ण व्यवहार करता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/consumers-are-not-getting-ration-due-to-the-arbitrariness-of-ration-dealers/article-60701"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/राशन-डीलर-की-मनमानी.jpg" alt=""></a><br /><p>शाहाबाद। शाहाबाद उपखंड क्षेत्र के बेहटा ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाले किराड़ पहाड़ी गांव के कई परिवारों को राशन डीलर द्वारा नियमित रूप से राशन सामग्री का वितरण  उपभोक्ताओं को नहीं किया जा रहा है। इसके चलते राशन उपभोक्ता परेशान है। इसकी शिकायत महिलाओं में 181 टोल फ्री नंबर पर भी कर दी है। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके चलते राशन उपभोक्ताओं में डीलर के प्रति रोष बना हुआ है। राशन उपभोक्ताओं ने जिला कलक्टर को ज्ञापन भेजकर इसकी जांच कर उसके खिलाफ उचित कार्रवाई पर समय पर राशन सामग्री वितरण करवाने की मांग की है। जानकारी अनुसार अनारकली, बाई, सिया बाई, गब्बो बाई ने बताया कि राशन डीलर ने 2 महीने से कई सहरिया परिवार के राशन उपभोक्ताओं को राशन सामग्री का वितरण नहीं किया है और जब राशन लेने पहुंचते हैं तो सामग्री में देते हुए 400 और 500 नगद केस देता है। कई उपभोक्ता तो पैसा लेकर रवाना हो जाते हैं और कई अनाज राशन सामग्री मांगते हैं तो उनसे अभद्रता के साथ पेश आता है तथा यह राशन सामग्री के वितरण में गड़बड़ी करता है। इसकी शिकायत कई बार विभाग की उच्चाधिकारियों तक कर दी है लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जाता है और डीलर बोलता है कि मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता तुमको दिखे जहां शिकायत कर दीजिए और राशन की दुकान भी समय पर नहीं खोलता है। अक्सर शराब के नशे में ही डीलर धुत्त रहता है और राशन उपभोक्ताओं से अभद्रता पूर्ण व्यवहार करता है। लोगों ने राशन डीलर को हटाने की मांग करते हुए इसकी जांच करवाने की मांग और राशन सामग्री वितरण करवाने की मांग रखी है।</p>
<p>कई अनाज राशन सामग्री मांगते हैं तो राशन डीलर अभद्रता के साथ पेश आता है तथा राशन सामग्री के वितरण में गड़बड़ी करता है। <br /><strong>- रामसुखी सहरिया, राशन उपभोक्ता। </strong></p>
<p>राशन डीलर अगर मनमानी कर रहा है तो मामले को दिखवाती हूं फिर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>- पूजा मीणा, एसडीएम, शाहाबाद। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/consumers-are-not-getting-ration-due-to-the-arbitrariness-of-ration-dealers/article-60701</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/consumers-are-not-getting-ration-due-to-the-arbitrariness-of-ration-dealers/article-60701</guid>
                <pubDate>Sat, 28 Oct 2023 16:10:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-10/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80.jpg"                         length="250294"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीजेपी का विपक्षी पार्टियों पर हमला, कहा- मनमानी और प्रपंच के कारण संसद को 130 करोड़ रुपए का नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा ने संसद की कार्यवाही नहीं चलने देने के लिए विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए गुरुवार को कहा कि अहंकार एवं प्रपंच में डूबे विपक्ष की मनमानी और लोकतंत्र के अपमान किए जाने के कारण सरकारी खजाने को 130 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इससे पता चलता है कि उनके दिलोदिमाग में राष्ट्रीय हित का कोई स्थान नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A4%BE--%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A5%8B-130-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC-%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8/article-1361"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-08/e8anxsivuaezfu4.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संसद की कार्यवाही नहीं चलने देने के लिए विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए गुरुवार को कहा कि अहंकार एवं प्रपंच में डूबे विपक्ष की मनमानी और लोकतंत्र के अपमान किए जाने के कारण सरकारी खजाने को 130 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इससे पता चलता है कि उनके दिलोदिमाग में राष्ट्रीय हित का कोई स्थान नहीं है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता रवि शंकर प्रसाद ने पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संसद की कार्यवाही नहीं चलने देने के लिए कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों पर जम कर प्रहार किया। प्रसाद ने कहा कि ऐसा अनुमान है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष की मनमानी और लोकतंत्र का अपमान किए जाने के कारण मानसून सत्र के दौरान लगातार व्यवधानों से सरकारी खजाने को 130 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है।<br /> <br /> उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा सरकार के सात वर्ष पूरे हो चुके हैं लेकिन अहंकार और प्रपंच के घातक कॉकटेल ने भारत की ग्रैंड ओल्ड पार्टी कांग्रेस को अब तक नहीं छोड़ा है। 1947 के बाद से सबसे लंबे समय तक देश पर शासन करने के बावजूद यह विडंबना ही है कि कांग्रेस के आचरण में संसदीय लोकाचार और कार्यवाही के लिए सम्मान बिलकुल भी नहीं है। इसका कारण यह है कि कांग्रेस एक राजनीतिक दल की तुलना में एक निजी कंपनी की तरह अधिक कार्य कर रही है, जिसका एकमात्र उद्देश्य एक वंश के हितों की रक्षा करना है।<br /> <br /> उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति पर चर्चा करने से पहले हमें एक बार अतीत में अवश्य झांक लेना चाहिए। कांग्रेस द्वारा संसदीय प्रणाली व्यवस्था का दमन कोई नई बात नहीं है। कांग्रेस द्वारा संसदीय व्यवस्था और संसद के सम्मान पर कुठाराघात 1975 में तब चरम पर पहुंच गया था जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की कुर्सी कोर्ट के निर्णय से खतरे में थी, लेकिन तमाम लोकतांत्रिक मूल्यों को ध्वस्त करते हुए और कोर्ट के आदेश को धता बताते हुए इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लागू कर दिया था। 2008 का विश्वास मत भी हमारे संसदीय इतिहास के सबसे काले क्षणों में से एक है। <br /> <br /> प्रसाद ने कहा कि हमारे संसदीय इतिहास ने एक अलग पैटर्न देखा है- जब तक एक राजवंश के हितों की रक्षा की जाती है, तब तक संसद को काम करने की अनुमति दी जाती है- यही कांग्रेस की कार्यसंस्कृति है। संसदीय राजनीति संवाद के आधार पर चलती है। राजनीतिक दुश्मनी का मतलब कभी भी व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं था, लेकिन कांग्रेस ने उस भावना का कभी पालन ही नहीं किया। 1999 में कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव में एक अनैतिक कदम पर जोर दिया, यह अच्छी तरह से जानते हुए भी कि यह संसदीय लोकाचार के अनुरूप नहीं था। राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में हमारे पास 272 के घमंड भरे दावे बताते हैं कि कांग्रेस ने लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई वाजपेयी की सरकार को अस्थिर करने के लिए हरसंभव कोशिश क्यों की थी। <br /> <br /> उन्होंने कहा कि 2001 में कांग्रेस ने एक नया ड्रामा शुरू किया था कि जॉर्ज फर्नांडीस जब भी संसद में उठते थे तो कांग्रेस उनका बहिष्कार करने लगती थी। यह कोई संयोग नहीं था कि फर्नांडीस अब तक के सबसे कट्टर कांग्रेस विरोधी नेताओं में से एक बने रहे। हमारे संसदीय इतिहास में ऐसा मैन-टू-मैन मार्किंग अनसुना-सा था। उन्होंने मौजूदा संसदीय सत्र में कांग्रेस के रवैये के कारणों का उल्लेख करते हुए कहा कि संसदीय सत्र के दौरान कांग्रेस का शर्मनाक आचरण दो आशंकाओं से उपजा है। पहला भाजपा के हाथों बार-बार चुनावी हार की थाह लेने में असमर्थता और दूसरा अन्य विपक्षी दलों के साये में आने का डर। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं के मन में संसद के प्रति सम्मान सत्र के दौरान उनके आचरण में देखा जा सकता है। गंभीर चर्चाओं के बजाय वे आंख मारने और जबरदस्ती गले पड़ने जैसी हरकतों में लिप्त हो जाते हैं। संसद सत्र के बीच से ही गायब हो जाने के साथ-साथ सदन में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का उपस्थिति रिकॉर्ड भी काफी निराशाजनक है। <br /> <br /> रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि इस तरह का अस्तित्व-संकट, कांग्रेस नेतृत्व को बचकाने और अपरिपक्व कदम उठाने की ओर ले जा रहा है जो उनके संसदीय आचरण में परिलक्षित हो रहा है। सत्तापक्ष ने साफ तौर पर कहा है कि वे सभी विषयों पर चर्चा करने को तैयार हैं। फिर भी कांग्रेस के शीर्ष-नेतृत्व ने व्यवधान के मार्ग को चुनते हुए निम्नतम स्तर तक जाना पसंद किया है। उन्होंने कहा कि यह एक निर्विवाद सत्य है कि मोदी सरकार के दोनों कार्यकालों में संसदीय उत्पादकता लगातार उच्च रही है। इसमें राज्यसभा भी शामिल है, जहां सरकार के पास अपने कार्यकाल के शुरुआती दिनों में संख्याबल का अभाव था। फिर भी, सरकार ने नेताओं के साथ मिलकर काम किया और सुचारु सत्र सुनिश्चित किया। <br /> <br /> प्रसाद ने कहा कि मोदी सरकार हर राष्ट्रीय मुद्दों पर बहस करने के लिए तैयार रही है। चाहे सीमा मुद्दों पर चर्चा की बात हो या स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर, राजग ने व्यापक सर्वदलीय बैठकें बुलाई हैं। इन दोनों बैठकों में प्रधानमंत्री स्वयं उपस्थित रहे और उन्होंने वक्तव्य भी दिए। ताज्जुब की बात यह है कि  कांग्रेस द्वारा कोविड-19 जैसे संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा के लिए आहूत बैठक का बहिष्कार केवल क्षुद्र राजनीतिक विचारों के कारण किया गया। संख्याबल के नाम पर रचनात्मक रूप से विनाशकारी तरीके अपनाए गए। उन्होंने याद दिलाया कि सत्ता में रहते हुए संप्रग ने दर्जनों विधेयकों को या तो बिना बहस के या हंगामे के साथ पारित कर दिया। <br /> <br /> प्रसाद ने कहा कि आज देश की नजर हमारे सांसदों पर है। कड़ी मेहनत से कमाए गए करदाताओं के पैसे उन पर कानून बनाने, बहस करने और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों को उठाने के लिए खर्च किए जाते हैं। लेकिन दुर्भाग्य से राष्ट्रीय और हित ये दो शब्द हमारे कांग्रेस नेताओं के दिमाग में नहीं हैं। अभी भी समय है उनके पास देश को यह दिखाने के लिए कि वे चर्चा और मर्यादा में रुचि रखते हैं। उनके पास कई मुद्दों को उठाने का अवसर है, उसी तरह सरकार को भी विपक्ष के असत्य को उजागर करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। यही बात संसदीय लोकतंत्र को जीवंत बनाती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A4%BE--%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A5%8B-130-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC-%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8/article-1361</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A4%BE--%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A5%8B-130-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC-%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8/article-1361</guid>
                <pubDate>Thu, 05 Aug 2021 17:48:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-08/e8anxsivuaezfu4.jpg"                         length="111511"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        