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                <title>Propaganda - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Propaganda RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सैलजा का केंद्र पर बड़ा हमला: जीडीपी के 60 प्रतिशत से अधिक कर्ज पर पहुंची सरकार, अर्थव्यवस्था और युवाओं के भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने की मांग </title>
                                    <description><![CDATA[सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्र पर जीडीपी से तेज कर्ज बढ़ने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 2026 तक देश का कर्ज $214$ लाख करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान है, जिससे कर्ज-जीडीपी अनुपात 60% हो गया है। उन्होंने प्रचार के बजाय रोजगार और ग्रामीण विकास पर ध्यान देने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/seljas-big-attack-on-the-center-the-government-reached-debt/article-156101"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/selja11.webp" alt=""></a><br /><p>चंडीगढ़। हरियाणा में सिरसा लोकसभा सीट से सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि देश को विकास के नाम पर कर्ज के बोझ तले दबाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार जीडीपी वृद्धि का प्रचार कर रही है, जबकि सरकारी कर्ज उससे कहीं अधिक तेजी से बढ़ रहा है। कुमारी सैलजा ने कहा कि वर्ष 2008 में भारत की जीडीपी लगभग एक लाख 20 हजार करोड़ डॉलर थी, जो 2026 तक बढ़कर चार लाख 10 हजार करोड़ डॉलर होने का अनुमान है। केंद्र सरकार का कर्ज 27 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 214 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। उनके अनुसार, 2014 में कर्ज-से-जीडीपी अनुपात करीब 45 प्रतिशत था, जो अब लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार भारी कर्ज लेकर विकास का भ्रम पैदा कर रही है तथा विज्ञापनों, प्रचार अभियानों और दिखावटी परियोजनाओं पर खर्च बढ़ा रही है जबकि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी से युवा सबसे अधिक प्रभावित हैं। लाखों सरकारी पद खाली हैं, नये रोजगार के अवसर सीमित हैं और छोटे-मध्यम उद्योग आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कर्ज के विरोध में नहीं है, बशर्ते उसका उपयोग रोजगार सृजन, उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण और आर्थिक क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाये। उन्होंने केंद्र सरकार से देश की आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने तथा रोजगार एवं उत्पादन आधारित आर्थिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित करने की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 18:52:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>झूठे प्रचार में करोड़ों रुपए फूंक रहे नीतीश कुमार, बिहार के युवाओं की आशा को निराशा में बदल : तेजस्वी</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने आरोप लगाया है कि थके हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सेवानिवृत्त अधिकारियों के साथ मिलकर बिहार के युवाओं की आशाओं को निराशाओं में बदल दिया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nitish-kumar-is-wasting-crores-of-rupees-in-false-propaganda/article-100059"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/5554-(2)10.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने आरोप लगाया है कि थके हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सेवानिवृत्त अधिकारियों के साथ मिलकर बिहार के युवाओं की आशाओं को निराशाओं में बदल दिया है। यादव लगातार कुमार की प्रगति यात्रा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञापनों के माध्यम से सैंकड़ों करोड़ झूठे प्रचार में फूंक रहे है। बिहारियों के जीवन को आबाद करने की बजाय उसे बर्बाद कर दिया है। बिहार की प्रगति को दुर्गति की अग्नि में झोंक दिया है।</p>
<p>नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बेसुध सरकार और उसके मुखिया के नेतृत्व में एक बारिश में ही सैंकड़ों पुल-पुलिया ढह जाते है। दो दशक से हर प्रकार की परीक्षाएं पेपर लीक और धांधली की भेंट चढ़ाई जा रही है। महंगाई हर घर-हर परिवार को खा रही है। छोटे बड़े व्यवसायों का व्यवसाय बर्बादी के कगार पर है। इनके शासन में गरीबी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और पलायन में बिहार अव्वल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jan 2025 17:15:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> टोल के खिलाफ आन्दोलन को मिल रहा आमजन का समर्थन, प्रचार-प्रसार जारी</title>
                                    <description><![CDATA[ मालपुरा। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की उदासीनता कहे या स्वार्थपरता राजधानी से महज 90 किमी दूरी होने के बावजूद मालपुरा शहर में वो विकास नहीं हो पाया जिसकी जरूरत क्षेत्र को है। जबकि राजधानी के पास इसी दूरी पर स्थित अन्य शहरों की स्थिति व विकास यहां से कई  यादा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/movement-against-toll-is-getting-public-support-propaganda-continues/article-11896"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/toll.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मालपुरा।</strong> क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की उदासीनता कहे या स्वार्थपरता राजधानी से महज 90 किमी दूरी होने के बावजूद मालपुरा शहर में वो विकास नहीं हो पाया जिसकी जरूरत क्षेत्र को है। जबकि राजधानी के पास इसी दूरी पर स्थित अन्य शहरों की स्थिति व विकास यहां से कई  यादा है।<br /> शिक्षा, चिकित्सा, परिवहन, सड़क मार्ग, रोजगार, औघोगिक क्षेत्र का विकास सहित अन्य तमाम ऐसे मुद्दे है जिनके पूरा होने के दिवास्वप्न को संजोए क्षेत्र का मतदाता हर बार ठगा जा रहा है।</p>
<p><br />जीतने के बाद जनप्रतिनिधि क्षेत्र व जनता को अपने हाल पर छोड़ देते हैं तथा क्षेत्र से ज्यादा खुद के विकास पर ध्यान देते है। क्षेत्र के लोगों से रियासतकालीन रेल सेवा एक झटके में छीन ली गई लेकिन किसी के कान पर जूं तक नहीं रैंगी ना ही क्षेत्र की जनता ने कोई आन्दोलन ही किया। नतीजा यह हुआ कि क्षेत्र के लोगों के पास राजधानी तक पहुंचने का कम खर्चे का माध्यम रेल हमसे छिन गया। कमोबेश यही हाल शिक्षा के क्षेत्र का है जहां मालपुरा-टोडारायसिंह विधानसभा क्षेत्र के विद्यार्थियों के पास आज भी उच्च शिक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। आज भी अभिभावक अपने बेटे-बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए महंगे खर्चों पर महानगरीय व्यवस्थाओं में झोंक रहे हैं।</p>
<p>बालिका शिक्षा के प्रचार-प्रसार की कहानी भी एकमात्र महाविद्यालय की शिक्षा पर आकर ही रूक जाती है तथा बेटियों को अकेले महानगरों में छोड़ने के मामले में अधिकतर अभिभावकों की ना ही होती है जिससे उनकी स्रातक की शिक्षा ही पूरी हो पाती है। इसके बाद वे महज प्राइवेट विद्यार्थी के रूप में अपने आगे का सफर तय करने को मजबूर है। क्षेत्र में बढ़ते अपराध व साम्प्रदायिक मामलों की एक बड़ी वजह निठगापन मानी जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। आज शहर में औघोगिक क्षेत्र में रोजगार की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। शहर के लोग अब सयाने हो रहे है। इसी दौरान टोल नाके के लिए होने वाले संघर्ष को अपना भरपूर समर्थन दे रहे हैं तथा आगामी दिनों में होने वाले आन्दोलन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं।</p>
<p>इधर आन्दोलन की अगुवाई के लिए भाजपा व कांगे्रस ने भले ही अलग-अलग योजना बनाई हो लेकिन पहली बार शहर की किसी बड़ी समस्या के लिए एकजुटता नई कहानी गढ़ रही है। शहर के लोग विकास को मुद्दा मानकर एकजुट होंगे तो जनप्रतिनिधियों को भी मजबूर होकर लोगों की आवश्यकताओं व सुविधाओं पर ध्यान देने के लिए मजबूर होना पडेÞगा। लोगों की जेब काटने के लिए जबरन थोपे गए टोल नाके के खिलाफ आन्दोलन की सुगबुगाहट तेज हो चली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>टोंक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jun 2022 14:14:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बीस एंटी इंडिया यूट्यूब चैनल बैन, दो वेबसाइट पर भी एक्शन, पाक से हो रहे थे ऑपरेट</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तानी दुष्प्रचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B8-%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%AC-%E0%A4%9A%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A4%B2-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A8--%E0%A4%A6%E0%A5%8B-%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%AC%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%9F-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8--%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%A5%E0%A5%87-%E0%A4%91%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%9F/article-3419"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/youtube.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। इंटरनेट के जरिए भारत में दहशत फैलाने की कोशिश में जुटे पाकिस्तान की नापाक हरकत पर सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सरकार के फरमान पर एक्शन लेते हुए गूगल के स्वामित्व वाले वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म यूट्यूब ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारत विरोधी प्रोपोगैंडा फैलाने वाले दो समाचार वेबसाइट और 20 यूट्यूब चैनलों पर बैन लगा दिया है। यह  एक्शन इंटेलीजेंस एजेंसियों और सूचना प्रसारण मंत्रालय की रिपोर्ट्स के बाद लिया गया है। सरकार के मुताबिक, पाकिस्तान से ऑपरेट किए जा रहे ये चैनल्स और वेबसाइट भारत से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर फेक न्यूज फैला रहे थे।</p>
<p><strong><br /> झूठे दावे किए जा रहे थे</strong><br /> सरकार ने जिन यूट्यूब चैनल को बैन किया है उनमें द पंच लाइन, इंटरनेशनल वेब न्यूज, खालसा टीवी, द नेकेड ट्रुथ अहम हैं। सूत्रों ने कहा कि इन चैनल पर प्रसारित वीडियो और फोटोग्राफिक सामग्री में जिस तरह के दावे शामिल हैं, उनमें पीएम मोदी इंपोज इमरजेंसी, अनुच्छेद 370 फिर से बहाल, तालिबान सेना और भारत के रिश्ते जैसे कई झूठे दावे किए गए हैं। इस तरह के दावे कर भारत में अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही हैं। सरकार की ओर से हटाए जाने के लिए जिन पोर्टलों की पहचान की गई है उनमें ‘नया पाकिस्तान समूह’ शामिल है, जो यूट्यूब पर 15 से अधिक चैनल चलाता है और इसके साथ एक मिलियन से अधिक लोग जुड़े हैं।</p>
<p><strong><br /> चैनल्स के 35 लाख सब्सक्राइबर्स 55 करोड़ वीडियो व्यूज</strong><br /> केंद्र सरकार के मुताबिक, पाकिस्तान से ऑपरेट किए जा रहे नया पाकिस्तान ग्रुप के पास यूट्यूब चैनल्स का एक नेटवर्क है। इसके अलावा कुछ अन्य यूट्यूब चैनल भी हैं, हालांकि इनका एनपीजी से कोई संबंध नहीं है। इन चैनल्स के पास  करीब 35 लाख सब्सक्राइबर और 55 करोड़ वीडियो व्यूज हैं। कुछ यट्यूब चैनल्स को पाकिस्तानी न्यूज चैनल्स के एंकर्स भी चला रहे थे। इस मामले में दो अलग ऑर्डर जारी किए गए हैं। पहला ऑर्डर 20 यूट्यूब चैनल और दूसरा दो वेबसाइट्स के लिए हैं। डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकॉम से कहा गया है कि वो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स से इन चैनल्स और वेबसाइट को ब्लॉक कराए।<br /> <br /> <br /> स्पेशल पावर का इस्तेमाल करते हुए की कार्रवाई<br /> नए आईटी कानून के तहत पहली बार आपातकालीन स्थिति में स्पेशल पावर का इस्तेमाल करते हुए यह बड़ी कार्रवाई हुई है। सरकार ने कहा कि इंटरनेट पर कश्मीर, भारतीय सेना, भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति, राम मंदिर और जनरल बिपिन रावत के हेलिकॉप्टर क्रैश जैसे मुद्दों पर ये यूट्यूब चैनल्स और वेबसाइट फेक न्यूज पोस्ट कर रहे थे।<br /> <br /> द पंच लाइन, इंटरनेशनल वेब न्यूज, खालसा टीवी, द नेकेड ट्रुथ, न्यूज24, काल्पनिक, हिस्टोरिकल फैक्ट, पंजाब वायरल, नया पाकिस्तान ग्लोबल, कवर स्टोरी, गो ग्लोबल, ई-कामर्स,  जुनैद हलीम ऑफिशियल, तैयब हनीफ, 48 न्यूज और जेन अली ऑफिशियल।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Dec 2021 11:52:31 +0530</pubDate>
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                <title>बीजेपी का विपक्षी पार्टियों पर हमला, कहा- मनमानी और प्रपंच के कारण संसद को 130 करोड़ रुपए का नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा ने संसद की कार्यवाही नहीं चलने देने के लिए विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए गुरुवार को कहा कि अहंकार एवं प्रपंच में डूबे विपक्ष की मनमानी और लोकतंत्र के अपमान किए जाने के कारण सरकारी खजाने को 130 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इससे पता चलता है कि उनके दिलोदिमाग में राष्ट्रीय हित का कोई स्थान नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A4%BE--%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A5%8B-130-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC-%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8/article-1361"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-08/e8anxsivuaezfu4.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संसद की कार्यवाही नहीं चलने देने के लिए विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए गुरुवार को कहा कि अहंकार एवं प्रपंच में डूबे विपक्ष की मनमानी और लोकतंत्र के अपमान किए जाने के कारण सरकारी खजाने को 130 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इससे पता चलता है कि उनके दिलोदिमाग में राष्ट्रीय हित का कोई स्थान नहीं है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता रवि शंकर प्रसाद ने पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संसद की कार्यवाही नहीं चलने देने के लिए कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों पर जम कर प्रहार किया। प्रसाद ने कहा कि ऐसा अनुमान है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष की मनमानी और लोकतंत्र का अपमान किए जाने के कारण मानसून सत्र के दौरान लगातार व्यवधानों से सरकारी खजाने को 130 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है।<br /> <br /> उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा सरकार के सात वर्ष पूरे हो चुके हैं लेकिन अहंकार और प्रपंच के घातक कॉकटेल ने भारत की ग्रैंड ओल्ड पार्टी कांग्रेस को अब तक नहीं छोड़ा है। 1947 के बाद से सबसे लंबे समय तक देश पर शासन करने के बावजूद यह विडंबना ही है कि कांग्रेस के आचरण में संसदीय लोकाचार और कार्यवाही के लिए सम्मान बिलकुल भी नहीं है। इसका कारण यह है कि कांग्रेस एक राजनीतिक दल की तुलना में एक निजी कंपनी की तरह अधिक कार्य कर रही है, जिसका एकमात्र उद्देश्य एक वंश के हितों की रक्षा करना है।<br /> <br /> उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति पर चर्चा करने से पहले हमें एक बार अतीत में अवश्य झांक लेना चाहिए। कांग्रेस द्वारा संसदीय प्रणाली व्यवस्था का दमन कोई नई बात नहीं है। कांग्रेस द्वारा संसदीय व्यवस्था और संसद के सम्मान पर कुठाराघात 1975 में तब चरम पर पहुंच गया था जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की कुर्सी कोर्ट के निर्णय से खतरे में थी, लेकिन तमाम लोकतांत्रिक मूल्यों को ध्वस्त करते हुए और कोर्ट के आदेश को धता बताते हुए इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लागू कर दिया था। 2008 का विश्वास मत भी हमारे संसदीय इतिहास के सबसे काले क्षणों में से एक है। <br /> <br /> प्रसाद ने कहा कि हमारे संसदीय इतिहास ने एक अलग पैटर्न देखा है- जब तक एक राजवंश के हितों की रक्षा की जाती है, तब तक संसद को काम करने की अनुमति दी जाती है- यही कांग्रेस की कार्यसंस्कृति है। संसदीय राजनीति संवाद के आधार पर चलती है। राजनीतिक दुश्मनी का मतलब कभी भी व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं था, लेकिन कांग्रेस ने उस भावना का कभी पालन ही नहीं किया। 1999 में कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव में एक अनैतिक कदम पर जोर दिया, यह अच्छी तरह से जानते हुए भी कि यह संसदीय लोकाचार के अनुरूप नहीं था। राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में हमारे पास 272 के घमंड भरे दावे बताते हैं कि कांग्रेस ने लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई वाजपेयी की सरकार को अस्थिर करने के लिए हरसंभव कोशिश क्यों की थी। <br /> <br /> उन्होंने कहा कि 2001 में कांग्रेस ने एक नया ड्रामा शुरू किया था कि जॉर्ज फर्नांडीस जब भी संसद में उठते थे तो कांग्रेस उनका बहिष्कार करने लगती थी। यह कोई संयोग नहीं था कि फर्नांडीस अब तक के सबसे कट्टर कांग्रेस विरोधी नेताओं में से एक बने रहे। हमारे संसदीय इतिहास में ऐसा मैन-टू-मैन मार्किंग अनसुना-सा था। उन्होंने मौजूदा संसदीय सत्र में कांग्रेस के रवैये के कारणों का उल्लेख करते हुए कहा कि संसदीय सत्र के दौरान कांग्रेस का शर्मनाक आचरण दो आशंकाओं से उपजा है। पहला भाजपा के हाथों बार-बार चुनावी हार की थाह लेने में असमर्थता और दूसरा अन्य विपक्षी दलों के साये में आने का डर। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं के मन में संसद के प्रति सम्मान सत्र के दौरान उनके आचरण में देखा जा सकता है। गंभीर चर्चाओं के बजाय वे आंख मारने और जबरदस्ती गले पड़ने जैसी हरकतों में लिप्त हो जाते हैं। संसद सत्र के बीच से ही गायब हो जाने के साथ-साथ सदन में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का उपस्थिति रिकॉर्ड भी काफी निराशाजनक है। <br /> <br /> रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि इस तरह का अस्तित्व-संकट, कांग्रेस नेतृत्व को बचकाने और अपरिपक्व कदम उठाने की ओर ले जा रहा है जो उनके संसदीय आचरण में परिलक्षित हो रहा है। सत्तापक्ष ने साफ तौर पर कहा है कि वे सभी विषयों पर चर्चा करने को तैयार हैं। फिर भी कांग्रेस के शीर्ष-नेतृत्व ने व्यवधान के मार्ग को चुनते हुए निम्नतम स्तर तक जाना पसंद किया है। उन्होंने कहा कि यह एक निर्विवाद सत्य है कि मोदी सरकार के दोनों कार्यकालों में संसदीय उत्पादकता लगातार उच्च रही है। इसमें राज्यसभा भी शामिल है, जहां सरकार के पास अपने कार्यकाल के शुरुआती दिनों में संख्याबल का अभाव था। फिर भी, सरकार ने नेताओं के साथ मिलकर काम किया और सुचारु सत्र सुनिश्चित किया। <br /> <br /> प्रसाद ने कहा कि मोदी सरकार हर राष्ट्रीय मुद्दों पर बहस करने के लिए तैयार रही है। चाहे सीमा मुद्दों पर चर्चा की बात हो या स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर, राजग ने व्यापक सर्वदलीय बैठकें बुलाई हैं। इन दोनों बैठकों में प्रधानमंत्री स्वयं उपस्थित रहे और उन्होंने वक्तव्य भी दिए। ताज्जुब की बात यह है कि  कांग्रेस द्वारा कोविड-19 जैसे संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा के लिए आहूत बैठक का बहिष्कार केवल क्षुद्र राजनीतिक विचारों के कारण किया गया। संख्याबल के नाम पर रचनात्मक रूप से विनाशकारी तरीके अपनाए गए। उन्होंने याद दिलाया कि सत्ता में रहते हुए संप्रग ने दर्जनों विधेयकों को या तो बिना बहस के या हंगामे के साथ पारित कर दिया। <br /> <br /> प्रसाद ने कहा कि आज देश की नजर हमारे सांसदों पर है। कड़ी मेहनत से कमाए गए करदाताओं के पैसे उन पर कानून बनाने, बहस करने और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों को उठाने के लिए खर्च किए जाते हैं। लेकिन दुर्भाग्य से राष्ट्रीय और हित ये दो शब्द हमारे कांग्रेस नेताओं के दिमाग में नहीं हैं। अभी भी समय है उनके पास देश को यह दिखाने के लिए कि वे चर्चा और मर्यादा में रुचि रखते हैं। उनके पास कई मुद्दों को उठाने का अवसर है, उसी तरह सरकार को भी विपक्ष के असत्य को उजागर करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। यही बात संसदीय लोकतंत्र को जीवंत बनाती है। </p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 05 Aug 2021 17:48:03 +0530</pubDate>
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