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                <title>Amazon - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब 'Four Stars of Destiny' को लेकर लोकसभा में राहुल गांधी का बड़ा दावा: अमेजन पर बिक रही है किताब, सच्चाई छिपाने का लगाया आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की किताब का हवाला देकर सरकार पर सच्चाई छिपाने का आरोप लगाया, जबकि कथित सर्कुलेशन पर दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू की मामला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhis-big-claim-in-lok-sabha-regarding-manoj-mukund/article-142566"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(1)8.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे की किताब का हवाला देते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और 'पेंग्विन' के बहाने सच्चाई छिपाने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने किताब को लेकर दावा किया कि किताब अमेज़न पर उपलब्ध है और सरकार जो छिपाने की कोशिश कर रही है, वह सबके सामने है। इसके आगे राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, आखिर जनरल मनोज मुकुंद नरवणे जी की किताब 'Four Stars of Destiny' में ऐसा क्या लिखा है, जिससे केंद्र सरकार के लोग इतना घबरा रहे हैं कि मुझे पढ़ने ही नहीं दे रहे हैं।</p>
<p>इसके आगे विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, जनरल मनोज मुकुंद नरवणे जी ने अपनी किताब में केंद्र सरकार के बारे में साफ-साफ लिखा है। मैं उसी आर्टिकल को Quote कर रहा हूं, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है। पूरी केंद्र सरकार डरी हुई है कि अगर नरवणे जी की किताब सामने आ गई, तो उनकी असलियत देश को पता चल जाएगी कि जब चीन हमारी तरफ आ रहा था- तो 56 इंच की छाती को क्या हुआ था? </p>
<p>आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस ने अब पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे (रिटायर्ड) की किताब के कथित सर्कुलेशन की जांच के लिए केस दर्ज किया है क्योंकि पब्लिकेशन हाउस पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने ये साफ साफ कह दिया है कि किताब अभी तक पब्लिश ही नहीं हुई है तो फिर ये अमेजन पर कैसे बिक सकती है।</p>
<p>पेंग्विन इंडिया कह रहा है कि जनरल नरवणे की ‘अप्रकाशित किताब’ को प्रसारित करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करेंगे। बता दें कि दिसंबर 2023 में खुद पेंग्विन और जनरल नरवणे ने किताब पब्लिश होने की सूचना शेयर की थी, जिसमें किताब खरीदने की सिफारिश की गई थी। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:14:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>16000 कर्मचारियों की नौकरी खतरे में, आखिर क्यों अमेजन ने लिया इतनी बड़ी छंटनी का फैसला? जानें भारत पर क्या होगा असर</title>
                                    <description><![CDATA[अमेजन 16,000 कर्मचारियों की छंटनी करेगा; सीईओ एंडी जेसी ने मैनेजमेंट लेयर्स घटाने, स्टार्टअप फुर्ती लौटाने और निवेश को Generative AI व डेटा सेंटर्स पर केंद्रित करने का कारण बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/jobs-of-16000-employees-are-in-danger-why-did-amazon/article-140592"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(4)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। टेक दिग्गज अमेजन ने एक बार फिर से पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है और इसका कारण है उसका एक बड़ा फैसला जिसके तहत कंपनी करीब 16000 कर्मचारियों को नौकरी से हटाने वाली है। बता दें कि इसमें से कंपनी करीब 14000 कर्मचारियों को पिछले साल अक्टूबर में ही हटा चुकी है और बचे हुए 2000 लोगों पर अब किसी भी वक्त गाज गिर सकती है।</p>
<p>कंपनी के सीईओ एंडी जेसी इतने बड़े फैसले के पीछे दो बड़े कारण बताते हुए कहा है कि अमेजन में जरूरत से ज्यादा मैनेजमेंट लेयर्स बन गई हैं, जिसके कारण काम की रफ्तार काफी धीमी हो गई है और उसका सीधा असर कपंनी के रेवन्यू पर पड़ रहा है और अब कंपनी अपनी ‘स्टार्टअप वाली फुर्ती’ वापस चाहती है, जिसके लिए ऐसा कदम उठाना बहुत ही जरूरी है।</p>
<p>इसके आगे एंडी जेसी ने बताया कि कंपनी अब अपना ध्यान और पैसा पारंपरिक कॉर्पोरेट भूमिकाओं से हटाकर Generative AI और डेटा सेंटर्स में लगाना चाहती है। अब जबकि पूरी दुनिया एआई टूल्स का इस्तेमाल कर रही है तो ऐसे में कोडिंग, डेटा एंट्री और एचआर जैसे कई काम अब कम लोगों की मदद से तेजी से हो रहे हैं, जिससे पुराने पदों की जरूरत नहीं है। बता दें कि अमेजन के भारत में लगभग 35000 कॉर्पोरेट कर्मचारी हैं और इतनी बड़ी छटनी का असर भारत पर जरूर दिखेगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 13:08:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेजन ने अंतरिक्ष में भेजी उपग्रहों की पहली खेप : वैश्विक ब्रॉडबैंड का विस्तार करने के प्रयासों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम, उच्च गति वाली निर्बाध इंटरनेट प्रदान करना इसका उद्देश्य</title>
                                    <description><![CDATA[अमेजन के अनुसार 'केए-01 कोडनेम वाले इस मिशन की योजना पृथ्वी से 450 किलोमीटर की ऊंचाई पर 27 उपग्रहों को तैनात करने की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/amazon-provided-the-first-consignment-of-satellites-sent-to-the/article-112429"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer-(1)48.png" alt=""></a><br /><p>लॉस एंजिल्स। अमेजन ने वैश्विक ब्रॉडबैंड पहुंच का विस्तार करने के प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने प्रोजेक्ट कुइपर के लिए उपग्रहों का पहली खेप लॉन्च की। उपग्रहों को अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य में केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से यूनाइटेड लॉन्च अलायंस (यूएलए) एटलस वी रॉकेट के जरिये शाम 7:01 बजे लॉन्च किया गया।</p>
<p>अमेजन के अनुसार 'केए-01 कोडनेम वाले इस मिशन की योजना पृथ्वी से 450 किलोमीटर की ऊंचाई पर 27 उपग्रहों को तैनात करने की है। यह मिशन अमेजन के 'प्रोजेक्ट कुइपर की शुरुआत का प्रतिनिधित्व करता है, जिसके तहत पृथ्वी की निचली कक्षा में 3,000 से अधिक उपग्रहों का एक समूह तैनात किया जायेगा। इसका उद्देश्य दुनिया के ग्राहकों और समुदायों को उच्च गति वाली निर्बाध इंटरनेट पहुंच प्रदान करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Apr 2025 14:40:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेजन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ कार्रवाई की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[पत्र में अमेजन और फ्लिपकार्ट द्वारा भारत के खुदरा इकोसिस्टम पर पड़ रहे गंभीर प्रभावों और नियमों के उल्लंघन का विवरण दिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/demand-for-action-against-amazon-and-flipkart/article-92119"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(9).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की हालिया रिपोर्ट के मद्देनजर, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (एमरा) ने एक श्वेत पत्र जारी किया है। इस पत्र में अमेजन और फ्लिपकार्ट द्वारा भारत के खुदरा इकोसिस्टम पर पड़ रहे गंभीर प्रभावों और नियमों के उल्लंघन का विवरण दिया गया है।</p>
<p>श्वेत पत्र में इन कंपनियों द्वारा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति और अन्य ई-कॉमर्स नियमों का उल्लंघन स्पष्ट रूप से सामने आया है। कैट राजस्थान के अध्यक्ष सुभाष गोयल ने बताया कि छोटे व्यापारियों के हितों को ध्यान रखते हुए केन्द्र सरकार को फैसला करना चाहिए । ऑनलाइन शॉपिंग के अनावश्यक ऑफर्स से खुदरा व्यापार को गहरा धक्का लगा है।</p>
<p><strong>श्वेत पत्र की मुख्य सिफारिशें</strong><br />सांसद और कैट के राष्ट्रीय महामंत्री ने मोबाइल व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियों के अनैतिक व्यापारिक तौर-तरीके घरेलू व्यापार के लिए हानिकारक हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण के खिलाफ हैं। उन्होंने सभी व्यापारियों से इन कंपनियों के खिलाफ एकजुट होकर विरोध करने का आह्वान किया।</p>
<p><strong>केंद्रीय मंत्रियों का समर्थन</strong><br />उन्होंने बताया कि केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इन कंपनियों को अपने निहित स्वार्थ छोड़ने और देश के खुदरा व्यापार में निष्पक्षता बनाए रखने की चेतावनी दी है। सीसीआई की रिपोर्ट ने कैट द्वारा उठाए गए 4 साल पुराने मुद्दों की पुष्टि की है और अब कानून के तहत इन कंपनियों पर कार्रवाई आवश्यक है।</p>
<p><strong>श्वेत पत्र की मुख्य सिफारिशें</strong><br />कैट और एमरा ने अपने श्वेत पत्र में ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए सख्त नियम लागू करने और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इसमें निम्नलिखित सिफारिशें शामिल हैं।</p>
<ol>
<li>ई-कॉमर्स नियमों का लागू होना: उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत ई-कॉमर्स नियमों को तुरंत लागू किया जाए।</li>
<li>ऑपरेशनों का निलंबन: अमेजन और फ्लिपकार्ट के व्यापारिक संचालन को निलंबित किया जाए और उन्हें तभी बहाल किया जाए जब वे एफडीआई नियमों और कानूनों का पालन करें।</li>
<li>मजबूत नीतिगत ढांचा: नियामक खामियों को दूर करने के लिए एक मजबूत नीतिगत ढांचे की आवश्यकता है।</li>
<li>फास्ट ट्रैक शिकायत प्रणाली: उपभोक्ता शिकायतों को हल करने के लिए एक लोकपाल द्वारा संचालित फास्ट ट्रैक प्रणाली स्थापित की जाए।</li>
<li>जीएसटी इनपुट क्रेडिट छूट: बी2सी ई-कॉमर्स लेनदेन के लिए जीएसटी इनपुट क्रेडिट पर छूट दी जाए।</li>
<li>अनन्य कैशबैक पर प्रतिबंध: प्रतिस्पर्धा विरोधी कैशबैक और ग्रे मार्केट ऑपरेशनों को रोकने के लिए कैशबैक ऑफर्स पर प्रतिबंध लगाया जाए।</li>
<li>विलासिता कर: ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों के माध्यम से बेचे जाने वाले उच्च श्रेणी के उत्पादों पर विलासिता कर लगाया जाए।</li>
</ol>
<p><strong>खुदरा इकोसिस्टम को गंभीर नुकसान</strong><br />कैट और एमरा ने स्पष्ट किया है कि अमेजन और फ्लिपकार्ट के व्यापारिक तरीकों ने भारत के खुदरा इकोसिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि वह जल्द से जल्द हस्तक्षेप करे और भारतीय खुदरा विक्रेताओं के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए।</p>
<p><strong>विकलांग नहीं स्मार्ट बनें!</strong><br />अमेरिका में ऑनलाइन शॉपिंग विकलांगों के लिए शुरू हुई थी और भारत में यह आपको विकलांग बनाने के लिए इसलिए इस दिवाली कृपया घर से निकलें अपने नजदीकी बाजार में जाकर सामान खरीदें।</p>
<p><strong>दिवाली हमारा त्योहार है: अमेजन-फ्लिपकार्ट का नहीं!</strong><br />यह संदेश अखिल राजस्थान व्यापार और उद्योग संघ (आरतिया) की ओर से स्थानीय बाजार को प्रोत्साहित करने और दिवाली के अवसर पर ऑनलाइन शॉपिंग के बजाय स्थानीय बाजारों से खरीदारी करने की अपील के रूप में जारी किया गया है। आपकी नजदीकी बाजार से सामान खरीदना न केवल छोटे व्यापारियों का समर्थन करता है, बल्कि भारत के पारंपरिक उत्सवों की सच्ची भावना को भी बनाए रखता है।<br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Oct 2024 11:46:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑनलााइन शॉपिंग पर भारतीय करते हैं अपनी आय का 16 प्रतिशत व्यय</title>
                                    <description><![CDATA[शहरों में भारतीय एक सप्ताह में औसतन दो घंटे 25 मिनट ऑनलाइन शॉपिंग में लगाते हैं और इस दौरान अपनी आय का 16 प्रतिशत हिस्सा व्यय करते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indians-spend-16-of-their-income-on-online-shopping/article-50388"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-(3)24.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दूरस्थ क्षेत्रों तक स्मार्टफोन की पहुंच और सस्ते मोबाइल डेटा के बल पर महानगरों को छोड़कर छोटे शहरों के लोगों को भी ऑनलाइन शॉपिंग भाने लगा है है क्योंकि इन शहरों में भारतीय एक सप्ताह में औसतन दो घंटे 25 मिनट ऑनलाइन शॉपिंग में लगाते हैं और इस दौरान अपनी आय का 16 प्रतिशत हिस्सा व्यय करते हैं।</p>
<p>टेक्नोलॉजी मार्केट रिसर्च और एडवाइजरी फर्म साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) के एक नए उपभोक्ता अध्ययन के अनुसार टियर 2 शहरों और उससे बाद के शहरों में भारतीय एक सप्ताह में औसतन 2 घंटे और 25 मिनट ऑनलाइन शॉपिंग करने में बिताते हैं और इस पर अपनी आय का लगभग 16प्रतिशत खर्च करते हैं। ऑनलाइन शॉपिंग के लिए शीर्ष तीन प्रेरक तत्वों में आकर्षक कीमतें (57 प्रतिशत), सुविधाजनक रिटर्न और एक्सचेंज प्रोसेस (57 प्रतिशत) सहित अनूठे ऑफर (49 प्रतिशत) शामिल हैं।</p>
<p>अध्ययन के अनुसार अमेजन सबसे ज्यादा (73प्रतिशत) पसंद किया जाने वाला ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है, इसके बाद फ्लिपकार्ट (70प्रतिशत), मीशो (30प्रतिशत), जियोमार्ट (20प्रतिशत) और अन्य हैं। अमेजॉन के 63 प्रतिशत यूजर्स का संतुष्टि स्तर सबसे अधिक है, इसके बाद फ्लिपकार्ट के लिए 52प्रतिशत और रिलायंस डिजिटल के लिए 46प्रतिशत हैं।</p>
<p>सीएमआर के अनुसार ईकॉमर्स द्वारा ऑफर किए जाने वाले विकल्पों, सुविधा और आराम की विस्तृत सीरीज ने आकांक्षी भारत (टियर 2, टियर 3 शहरों और उससे बाद के शहरों  में अधिक ऑनलाइन खरीदारी करने और अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए उभरते युवा उपभोक्ताओं को सशक्त बनाया है। अमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसी प्रमुख कंपनियां, मीशो और अन्य जैसी विशिष्ट बाजार कंपनियां, और टाटा तथा रिलायंस जैसे समूह इन बाजारों में जमकर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। </p>
<p>पिछले छह महीनों में तीन में से दो उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन शॉपिंग पर 20,000 रुपये तक खर्च किए हैं। पिछले 6 महीनों में टियर 2  खरीदारों का ऑनलाइन खरीदारी पर औसत खर्च  (20,100 रुपये) टियर 1 खरीदारों के ऑनलाइन खर्च (21,700 रुपये) के लगभग बराबर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jun 2023 18:40:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रंगभेद के कारण अमेजन ने अपने सॉफ्टवेयर इंजीनियर को स्मार्ट होम डिवाइस से किया निलंबित </title>
                                    <description><![CDATA[एक ड्राइवर ने यह आरोप लगाया था कि एक पार्सल की डिलीवरी करते समय इंजीनियर के स्मार्ट डोरबेल से नस्लीय टिप्पणी की गई थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/amazon-suspends-techie-accused-of-being-racist/article-49030"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/amazon.png" alt=""></a><br /><p>अमेरिका। रंगभेद के कारण अमेजन ने अपने सॉफ्टवेयर इंजीनियर को स्मार्ट होम डिवाइस से निलंबित करने का मामला सामनेे आया है। दरअसल, एक ड्राइवर ने यह आरोप लगाया था कि एक पार्सल की डिलीवरी करते समय इंजीनियर के स्मार्ट डोरबेल से नस्लीय टिप्पणी की गई थी। रिपोर्ट मिलने के बाद से विशेषज्ञ को उसके डिवाइस से साइन आउट कर दिया गया था। इंजीनियर का दावा है कि इस कथित समय पर कोई भी घर पर नहीं था और दरवाजे की घंटी ने स्वचलित प्रतिक्रिया दी थी। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jun 2023 17:50:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Amazon पर अंकुश लगाने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[ऑनलाइन अमेजन के झूठे लुभावने ऑफर से हमारे छोटे कारोबारियों की कमर पहले से टूटी हुई है, लेकिन नशे के कारोबार को बढ़ावा मिले, ये कैट बर्दाश्त नहीं करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/amazon-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%B6-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97/article-2619"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/6.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स राजस्थान के अध्यक्ष सुभाष गोयल व महामंत्री सुरेन्द्र बज ने कहा कि अमेज़न ई-कॉमर्स पोर्टल के जरिये गांजा की बिक्री मानवता के साथ जघन्य अपराध है। केंद्र को इस संबंध में ठोस ई-कॉमर्स नीति बराकर इनकम पर अंकुश लगाना चाहिए वह राजस्थान में भी कोई भी ई-कॉमर्स कंपनी इस तरह का जघन्य  कारोबार न कर सके इस पर नजर रखी जानी चाहिए ।<br /> <br /> कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स राजस्थान प्रदेश के महामंत्री सुरेन्द्र बज ने बताया कि ऑनलाइन अमेजन के झूठे लुभावने ऑफर से हमारे छोटे कारोबारियों की कमर पहले से टूटी हुई है, लेकिन नशे के कारोबार को बढ़ावा मिले, ये कैट बर्दाश्त नहीं करेगा। राज्य सरकार से मांग की जाती हैं कि अमेजन के गैरकानूनी तरीके से किये जाने वाले कारोबार पर तुरंत रोक लगाई जाएं।<br /> <br /> जयपुर व्यापार महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष हरीश केड़िया व उपाध्यक्ष सचीन गुप्ता   ने केंद्र सरकार से बड़ी विदेशी  ई-कॉमर्स कंपनियों  के बिजनेस मॉडल की गहन  जांच करने का आग्रह किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ई-कॉमर्स पोर्टल्स पर प्रतिबंधित वस्तुओं की बिक्री या राष्ट्र विरोधी गतिविधियां नहीं की जाती हैं और इन मार्केटप्लेस की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए ! पोर्टल पर पंजीकृत होने वाले विक्रेताओं की सख्त केवाईसी की जाए और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और  तकनीक का उपयोग कर  केवल वही सेवाएं प्रदान करने की अनुमति दी जाए  जो वैध हैं।<br /> आज की प्रेस वार्ता में केट के राष्ट्रीय सचिव जे के वैष्णव व प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्र रूपानी एवं राधेश्याम गुप्ता भी मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Nov 2021 17:20:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रिलायंस-फ्यूचर ग्रुप की 24 हजार करोड़ की डील को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने अमेजन के पक्ष में सुनाया फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अंबानी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप की बहुचर्चित डील मामले में अमेजन के पक्ष में फैसला सुनाया है, जिसके बाद रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप की करीब 24 हजार करोड़ की डील पर रोक लग गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%82%E0%A4%B8-%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%9A%E0%A4%B0-%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%AA-%E0%A4%95%E0%A5%80-24-%E0%A4%B9%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%9D%E0%A4%9F%E0%A4%95%E0%A4%BE--%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AB%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A4%BE/article-1366"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-06/supreme_court.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अंबानी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप की बहुचर्चित रिटेल डील मामले में अमेजन के पक्ष में फैसला सुनाया है, जिसके बाद रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप की करीब 24 हजार करोड़ की डील पर रोक लग गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रिलायंस, फ्यूचर ग्रुप की रिटेल संपत्ति खरीदने के सौदे पर आगे नहीं बढ़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि सिंगापुर में जो इमरजेंसी आर्बिट्रेशन का फैसला है, वह भारत में भी लागू होगा।<br /> <br /> बता दें कि सिंगापुर में रिलायंस-फ्यूचर ग्रुप के फैसले पर रोक लगा दी गई थी, इसके बाद अमेजन ने भारत में भी विलय सौदे के खिलाफ याचिका दायर की थी। करीब 24 हजार करोड़ की डील के खिलाफ अमेजन ने सबसे पहले दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, हाईकोर्ट ने इस डील रोक लगाने से इनकार कर दिया था. इसी के बाद अमेजन की ओर से सुप्रीम कोर्ट का रुख किया गया था। इसी साल फरवरी में अमेजन ने सुप्रीम कोर्ट में फ्यूचर ग्रुप के खिलाफ याचिका दायर की थी। इसमें फ्यूचर ग्रुप के रिटेल असेट्स को रिलायंस रिटेल को बेचने को चुनौती दी गई।<br /> <br /> देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रचलित बिग बाजार फ्यूचर ग्रुप का ही हिस्सा है। कुछ वक्त पहले रिटेल मार्केट को लेकर 24,713 करोड़ रुपए की डील के बाद रिलायंस के पास फ्यूचर ग्रुप के मालिकाना हक आ गए थे। अमेजन ने इस डील पर विरोध जताया था, क्योंकि फ्यूचर ग्रुप की ही एक कंपनी फ्यूचर कूपन्स में अमेजन की 49 फीसदी की हिस्सेदारी थी। डील के मुताबिक अगर कंपनी बेची जाती है तो खरीद का पहला अधिकार अमेजन का ही होगा, लेकिन रिलायंस-फ्यूचर ग्रुप की डील में इसका पालन नहीं हुआ था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Aug 2021 17:27:00 +0530</pubDate>
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