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                <title>भजनलाल शर्मा ने ग्रामीणों के साथ उठाया कुल्लड़ में चाय का लुत्फ : लोगों से पूछा हालचाल, क्षेत्र की समस्याओं के बारे में ली जानकारी </title>
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                        <![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भांकरोटा से लौटते समय अचानक चाय की थड़ी पर रुककर ग्रामीणों को चौंका दिया। उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ कुल्हड़ में चाय पी और उनकी समस्याओं को सुना। सड़क, बिजली और पानी जैसे मुद्दों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए, जिससे उनकी सहजता और सादगी की चर्चा हर ओर है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajanlal-sharma-enjoyed-drinking-tea-in-kullad-with/article-145169"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/cm-bhajanlal.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भांकरोटा से लौटते समय अचानक एक चाय की दुकान पर रुककर ग्रामीणों के साथ कुल्लड़ में चाय पी। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीण उत्साहित नजर आए। इस दौरान उन्होंने लोगों से हालचाल पूछा और क्षेत्र की समस्याओं के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों ने सड़क, पानी और बिजली से जुड़े मुद्दे उनके समक्ष रखे।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने का आश्वासन दिया। सहज और सादगीपूर्ण अंदाज में चाय पीते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 13:06:29 +0530</pubDate>
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                <title>केवल 12 फीसदी की जिओ टेगिंग, कागजों में भारी पौधारोपण</title>
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                        <![CDATA[पौधारोपण के बाद न कोई सुरक्षा ना देखरेख का इंतजाम।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/geo-tagging-of-only-12---heavy-plantation-on-paper/article-86516"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा में सघन पौधारोपण अभियान के दौरान सरकार की ओर से सभी विभागों को अलग अलग संख्या में लक्ष्य दिए गए थे। लेकिन अभियान के एक महीने बाद भी कई विभाग गिनती के पौधे लगा पाए हैं। साथ ही पौधों की सुरक्षा के लिए भी कहीं कोई इंतजाम नहीं है। इसके साथ ही कई विभाग अभी भी पौधारोपण के लिए जगह की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में पौधारोपण का यह अभियान केवल कागजों में ही ज्यादा चलता जा रहा है। अभियान की जमीनी हकीकत कुछ और ही है। इस स्थिति में सबसे बड़ा सवाल पौधारोपण के पूरा होने का खड़ा होता है। विभागों द्वारा स्मृति वन से लेकर बायोलॉजिकल पार्क, नगर वन और अन्य स्थानों पर लगाए गए पौधों की देखरेख का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है।</p>
<p><strong>विभागवार ये हैं आंकड़े</strong><br />विभाग                        लक्ष्य         पौधारोपण<br />पंचायती राज               217085    170385<br />चिकित्सा विभाग         17875      12998<br />खान विभाग               15000       16973<br />राजीविका                   50000      46260<br />भू संरक्षण                  20000       3680<br />पीडब्लूडी                    20000       0<br />उद्यानिकी                   10000        7600<br />सीएडी                       2825          1150<br />वन विभाग                655300       655300<br />जल संसाधन             2030           130<br />महिला बाल विकास    2490           3054<br />कृषि विभाग              10000          4215<br />शिक्षा विभाग             757162        212651<br />केडीए                       100000        20000<br />निगम उत्तर               220000        10000<br />निगम दक्षिण            220000        40000<br />रामगंजमंडी पालिका   7000            1455<br />सांगोद पालिका           5000           2231<br />इटावा पालिका           5000           1487<br />सुल्तानपुर पालिका    5000           1135<br />कैथून पालिका           5000           1570<br />सुकेत पालिका           5000           1110</p>
<p><strong>सुरक्षा के नहीं कोई इंतजाम</strong><br />अभियान के दौरान पौधारोपण में विभाग के पास सबसे बड़ी समस्या स्थान को लेकर सामने आ रही है। कई विभागों कर्मचारियों ने बताया कि पौधारोपण के लिए पर्याप्त स्थान ही नहीं है जहां पौधा लगा सकें। साथ ही पौधारोपण के दौरान एक कॉर्डिनेट पर एक ही जिओ टेगिंग हो सकती है। दूसरे पौधे की टेगिंग के लिए आपको दूसरे कॉर्डिनेट पर पौधा लगाना पड़ता है। वहीं पौधारोपण के बाद कई स्थानों पर उनकी सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। पौधारोपण के बाद उनके लिए न ट्री गार्ड की व्यवस्था की गई है और ना किसी देखभाल करने वाले की। अनंतपुरा स्थिति स्मृति वन लव कुश वाटिका, देवली अरब स्थित नगर वन बायोलॉजिकल पार्क में कई विभागों ने हजारों पौधे लगाए थे, लेकिन वहां भी पौधे सूखने लगे हैं। पौधारोपण का ये अभियान मात्र कागजों पर सिमट कर रह गया है।</p>
<p><strong>कई विभाग जिओ टेगिंग तक नहीं कर रहे</strong><br />सरकार की ओर से इस बार पौधारोपण के दौरान जिओ टेगिंग की व्यवस्था भी की गई थी। जिसके तहत पौधारोपण करने के बाद उसकी जिओ टेगिंग करके उसे मुख्यमंत्री सघन पौधारोपण अभियान के पोर्टल पर अपलॉड करना था। लेकिन कई विभागों ने अभी भी जिओ टेगिंग करना शुरू नहीं किया है। वहीं केवल वन विभाग को छोड़कर लगभग सभी विभाग पूरा महीना बीत जाने के बाद भी 20 से 30 फीसदी पौधे लगा पाए हैं। सरकारी आंकडों के अनुसार जिले के सभी विभागों ने कुल मिलाकर 12 लाख 9 हजार 192 पौधे लगे हैं। उनमें भी केवल 10 से 12 फीसदी पौधों की ही जिओ टेगिंग हो पाई है। दोनों नगर निगम की ओर से तो अभी तक एक भी पौधे की जिओ टेगिंग नहीं हो पाई है। ऐसे में पौधारोपण की तुलना में इतनी कम संख्या में जिओ टेगिंग होने से पौधारोपण अभियान केवल कागजों में पूरा होता नजर आ रहा है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Aug 2024 16:04:49 +0530</pubDate>
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